साहीवाल, गिर, गंगातीरी, सिंधी नस्लों के संरक्षण पर फोकस, डेयरी सेक्टर में बड़ा विस्तार

उच्च गुणवत्ता एवं उत्पादकता वाली स्वदेशी नस्ल की गाय पालने के लिए मिल रहा प्रोत्साहन

15 फीसदी निवेश, 35 फीसदी ऋण और 50% मिल रही सब्सिडी

लखनऊ

 उत्तर प्रदेश में स्वदेशी गायों के संरक्षण और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए योगी सरकार ने बड़ा डेयरी मास्टर प्लान तैयार किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में चार बड़ी योजनाओं को लागू किया गया है, जिनके जरिए स्वदेशी नस्ल की गायों को बढ़ावा देने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जा रही है।
योगी सरकार की इस रणनीति को ‘ऑपरेशन-4’ के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इसके केंद्र में चार प्रमुख योजनाएं हैं। इनमें मुख्यमंत्री स्वदेशी गो संवर्धन योजना, मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना, नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना और मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना शामिल हैं। इन योजनाओं के जरिए 2 गाय से लेकर 25 गाय तक की डेयरी इकाइयों पर लाखों रुपये का अनुदान दिया जा रहा है।

50 फीसदी तक सब्सिडी, किसानों को बड़ा सहारा
पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि योगी सरकार उन्नत स्वदेशी नस्ल की गायों को पालने के लिए भारी सब्सिडी दे रही है। नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना और मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना में डेयरी स्थापना और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए 50 फीसदी तक अनुदान दिया जा रहा है।
योजनाओं का वित्तीय मॉडल भी खास है। इसमें 15 फीसदी लाभार्थी निवेश, 35 फीसदी बैंक ऋण और 50 फीसदी सरकारी सब्सिडी तक का प्रावधान किया गया है। इससे छोटे और मध्यम किसानों के लिए डेयरी व्यवसाय शुरू करना आसान हो रहा है।

2 गाय पर 80 हजार तक अनुदान
मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के तहत दो गायों की इकाई पर अधिकतम 80 हजार रुपए तक अनुदान दिया जा रहा है। इससे प्रदेश में बड़े स्तर पर आधुनिक डेयरी नेटवर्क विकसित होगा।
मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के तहत उच्च गुणवत्ता एवं अधिक दूध देने वाली स्वदेशी नस्ल की गायों को पालने वाले पशुपालकों को 10 हजार से 15 हजार तक प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इससे बेहतर नस्लों के संरक्षण और दुग्ध उत्पादन दोनों को बढ़ावा मिल रहा है।

गिर, साहीवाल और गंगातीरी नस्ल पर विशेष फोकस
योगी सरकार का फोकस गिर, साहीवाल और गंगातीरी जैसी उन्नत स्वदेशी नस्लों के संरक्षण और संवर्धन पर है।
इन योजनाओं से गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। महिलाओं और युवाओं को डेयरी सेक्टर से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की रणनीति पर तेजी से काम हो रहा है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।

योजनाओं ने पकड़ी रफ्तार, गांव-गांव बढ़ रहा डेयरी नेटवर्क
पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि योगी सरकार की स्वदेशी गो आधारित योजनाओं का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-संवर्धन योजना के तहत डेढ़ हजार से अधिक इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं, जबकि प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना में सवा सात हजार से ज्यादा पुरस्कार वितरित किए गए हैं। वहीं नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना में 72 और मिनी नन्दिनी योजना में 245 डेयरी इकाइयों की स्थापना कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी जा रही है।