भोपाल
 मध्य प्रदेश में पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में गैस पाइपलाइन का काम पूरा होने के बाद अब उन क्षेत्रों के एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए अहम चेतावनी जारी की गई है, जहां PNG सुविधा उपलब्ध है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की सचिव रश्मि अरुण शमी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के कलेक्टरों और संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में निर्देश दिए गए कि जिन क्षेत्रों में गैस पाइपलाइन का कार्य पूरा हो चुका है, वहां अधिकतम 10 दिनों के भीतर PNG सप्लाई शुरू करना सुनिश्चित किया जाए।

PNG नहीं लेने पर 3 महीने बाद बंद होगी LPG सप्लाई
विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जिन घरों में PNG कनेक्शन की सुविधा उपलब्ध है और उपभोक्ता फिर भी इसे नहीं लेते हैं, तो ऐसे मामलों में 3 महीने बाद उनकी LPG गैस सप्लाई बंद कर दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य लोगों को PNG की ओर तेजी से शिफ्ट करना है।

बड़े शहरों में तेज़ी से चल रहा अभियान
सरकार ने अगले तीन महीनों में करीब 2 लाख नए PNG कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन जैसे प्रमुख शहरों में तेजी से काम किया जा रहा है। जिन कॉलोनियों में पहले से पाइपलाइन मौजूद है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कनेक्शन दिए जाएंगे।

सरकारी विभागों और संस्थानों को भी प्राथमिकता
अभियान के तहत पुलिस विभाग, सरकारी आवास, ऑफिसर्स कॉलोनियों और सुधार गृह जैसे संस्थानों में पहले चरण में PNG कनेक्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे सरकारी स्तर पर भी स्वच्छ और सुरक्षित ईंधन को बढ़ावा मिलेगा।

जनप्रतिनिधियों को शिविर लगाने के निर्देश
नगर निगम, नगर पालिका और जनप्रतिनिधियों को अपने-अपने क्षेत्रों में शिविर आयोजित कर लोगों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए हैं। इससे कनेक्शन प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया जा सकेगा। साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में भी PNG के उपयोग को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

मजदूरों और छात्रों के लिए मिनी सिलेंडर की सुविधा
सरकार ने बाहर से आए मजदूरों और छात्रों के लिए भी विशेष व्यवस्था की है। उन्हें पहचान पत्र और पते के प्रमाण के आधार पर 5 किलो का मिनी LPG सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। इसकी कीमत ₹1529 और रिफिल की कीमत ₹585 तय की गई है। प्रदेश में PNG कनेक्शन को बढ़ावा देने के इस अभियान के साथ सरकार का लक्ष्य स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाना और पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम करना है।