इंफाल
मणिपुर के उखरूल जिले में बढ़ती हिंसा के बीच सुरक्षाबलों ने बड़ा अभियान चलाया है. पुलिस के मुताबिक, लितान इलाके में सक्रिय सशस्त्र समूहों द्वारा बनाए गए 6 अवैध बंकरों को ध्वस्त कर दिया गया है. ये बंकर हाल ही में हुई गोलीबारी में इस्तेमाल हो रहे थे, जिसमें कई लोग घायल हुए थे. इस कार्रवाई के बाद इलाके में तनाव तो बना हुआ है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। 

गुरुवार को पुलिस ने जानकारी दी कि उखरूल जिले के लितान और मोंगकट चेपू अपर गांवों में सुरक्षाबलों ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया. इस ऑपरेशन के दौरान कुल छह अवैध बंकरों को ढहा दिया गया. ये बंकर सशस्त्र समूहों द्वारा बनाए गए थे और इन्हें रणनीतिक रूप से ऐसे स्थानों पर बनाया गया था जहां से हमले करना आसान हो. सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई को इलाके में शांति बहाल करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। 

पुलिस के बयान के मुताबिक, यह ऑपरेशन  चलाया गया और यह कार्रवाई पिछले दिन शुरू हुए अभियान का ही हिस्सा थी. सुरक्षाबलों ने व्यवस्थित तरीके से बंकरों को चिन्हित किया और फिर उन्हें ध्वस्त किया. इन बंकरों का इस्तेमाल हाल ही में हुई गोलीबारी के दौरान किया गया था, जिससे इलाके में भय का माहौल बना हुआ था. इस कार्रवाई के बाद कई बंकर अब पूरी तरह निष्क्रिय हो चुके हैं। 

लितान इलाके में हाल ही में सशस्त्र समूहों के बीच हुई गोलीबारी में कम से कम तीन लोग घायल हो गए थे. यह घटना स्थानीय लोगों के लिए काफी डरावनी रही, क्योंकि गोलीबारी रिहायशी इलाकों के आसपास हो रही थी. सुरक्षाबलों ने इस घटना के बाद तुरंत इलाके में अपनी मौजूदगी बढ़ा दी थी और लगातार निगरानी रखी जा रही थी। 

यह पूरा घटनाक्रम लितान सारेइखोंग इलाके में कुकी और तंगखुल नागा समुदायों के बीच बढ़ते तनाव के बीच सामने आया है. फरवरी में दोनों समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़पों में 30 से ज्यादा घरों को आग के हवाले कर दिया गया था. इस घटना के बाद से ही इलाके में तनाव बना हुआ है और छोटी-छोटी घटनाएं भी बड़े संघर्ष का रूप ले रही हैं। 

फरवरी की घटना के बाद आसपास के गांवों जैसे मोंगकोट चेपू और शार्काफुंग में भी कई बार गोलीबारी की घटनाएं सामने आई हैं. इन घटनाओं ने पूरे इलाके को संवेदनशील बना दिया है. लोग डर के साये में जी रहे हैं और रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित हो रही है. सुरक्षाबलों की लगातार तैनाती के बावजूद हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। 

हाल ही में हुई घटनाओं में मंगलवार को कामजोंग जिले के शार्काफुंग इलाके में फायरिंग के दौरान तंगखुल नागा समुदाय के दो लोग घायल हो गए. वहीं सोमवार को मोंगकोट चेपू में एक कुकी महिला भी गोलीबारी में घायल हुई थी. ये घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि इलाके में तनाव अभी भी चरम पर है और किसी भी समय हालात बिगड़ सकते हैं। 

पुलिस ने बताया कि सुरक्षाबल अब भी इलाके में सर्च ऑपरेशन और एरिया डोमिनेशन अभियान चला रहे हैं. संवेदनशील और सीमावर्ती इलाकों में जवानों की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की हिंसा को रोका जा सके. अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर और कड़े कदम उठाए जाएंगे।