संत समिति का अखिलेश यादव पर तीखा हमला : CM योगी के वीडियो को बताया सनातन पर कुठाराघात

संत समिति का अखिलेश यादव पर तीखा हमला : CM योगी के वीडियो को बताया सनातन पर कुठाराघात

– स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा- चुनाव प्रचार करें लेकिन सनातन संस्कृति और परंपराओं पर प्रहार स्वीकार नहीं

वाराणसी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से जारी AI वीडियो पर संत समाज की नाराजगी बढ़ती जा रही है। अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने इस वीडियो की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे सनातन धर्म, संत परंपरा और संस्कृति पर कुठाराघात बताते हुए कहा कि इस तरह का प्रचार समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को राजनीतिक रूप से भारी पड़ सकता है।

स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि AI तकनीक का इस्तेमाल चुनाव प्रचार और राजनीतिक विरोध के लिए किया जा सकता है, लेकिन इसकी आड़ में सनातन संस्कृति, परंपरा और धार्मिक प्रतीकों का अपमान नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने वीडियो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिखाधारी ब्राह्मण के रूप में नोट गिनते और कथित तौर पर गांजा-चिलम का सेवन करते दिखाए जाने पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि योगी आदित्यनाथ केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि संत परंपरा से भी जुड़े हैं। ऐसे में उनकी छवि को इस तरह प्रस्तुत करना राजनीतिक आलोचना की सीमा से आगे जाकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है।

'सनातन पर प्रहार का परिणाम भुगतना पड़ेगा'
स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि समाजवादी पार्टी को राजनीतिक और चुनावी प्रचार करने का पूरा अधिकार है, लेकिन सनातन परंपरा और संस्कृति पर प्रहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रचार का राजनीतिक नुकसान अखिलेश यादव को उठाना पड़ सकता है।

उन्होंने अखिलेश यादव पर अपने पिता के अपमान का आरोप लगाते हुए कहा कि उसका हिसाब भी अभी बाकी है। अब यदि देश की सनातन परंपरा पर प्रहार किया जाता है तो इसका परिणाम समाजवादी पार्टी के साथ कांग्रेस को भी भुगतना पड़ सकता है।

संत समिति ने की माफी की मांग
अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महासचिव ने मांग की कि विवादित AI वीडियो को वापस लिया जाए और इसके लिए माफी मांगी जाए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध और आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन इसके लिए धर्म, संस्कृति और संत परंपरा को निशाना बनाना उचित नहीं है।

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