बीजिंग
चीनी सेना पर एक बड़े संकट ने दस्तक दे दी है। हाल ही में सामने आई कुछ रिपोर्ट्स में उसे लेकर चौंकाने वाले दावे किए गए हैं। इस दावे के मुताबिक चीन की सेना में चल रही भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई से उसकी सैन्य कमान व्यवस्था में दरार आ रही है और इससे उसकी तेजी से आधुनिक हो रही सैन्य ताकत की तैयारी प्रभावित हो सकती है।

यह दावा लंदन स्थित इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज (IISS) ने अपनी वार्षिक ‘मिलिट्री बैलेंस’ रिपोर्ट में किया है। रिपोर्ट के मुताबिक व्यापक जांच के कारण पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के वरिष्ठ स्तर पर गंभीर कमियां पैदा हो गई हैं और जब तक खाली पद नहीं भरे जाते, तब तक संगठनात्मक स्तर पर दिक्कत बनी रहेगी।

चीन की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई
रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की कार्रवाई के कारण यह दरार सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC), क्षेत्रीय थिएटर कमांड, हथियार खरीद एजेंसियों और रक्षा अकादमिक संस्थानों तक फैल चुकी है और यह प्रक्रिया अभी पूरी भी नहीं हुई है। यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब हाल ही में चीन के दो सबसे वरिष्ठ जनरल भी अनुशासनात्मक जांच के घेरे में आए हैं। इसे कई दशकों में चीन की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई माना जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक इस तरह की कार्रवाई का निकट भविष्य में असर लगभग तय है। हालांकि IISS ने यह भी कहा है कि यह प्रभाव अस्थायी हो सकता है और सैन्य आधुनिकीकरण की प्रक्रिया तेज गति से जारी रहने की संभावना है।

चीन का रक्षा बजट बढ़ा लेकिन चुनौती बरकरार
IISS के मुताबिक चीन का रक्षा खर्च एशिया के अन्य देशों की तुलना में तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं। 2025 में एशिया के कुल रक्षा खर्च में चीन की हिस्सेदारी करीब 44 प्रतिशत पहुंच गई। रिपोर्ट में इस बात के संकेत है कि जहां चीन अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने की रणनीति जारी रखे हुए है, लेकिन कमान ढांचे में आई कमी उसकी संचालन क्षमता को प्रभावित कर सकती है।