जिले के सभी विद्यालयों एवं छात्रावासों में पेयजल गुणवत्ता की जांच कराई जाए – कलेक्टर झा

सभी छात्रावासों एवं आश्रमों में प्रमुख दूरभाष नंबर किए जाएं प्रदर्शित- कलेक्टर

जिले के शासकीय संसाधनों का स्मार्ट एवं प्रभावी उपयोग किया जाए -कलेक्टर

मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत अधिकारी नियमित भ्रमण कर जनसमस्याओं का करें निराकरण- कलेक्टर 

कलेक्टर ने समय सीमा की बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश 

अनूपपुर 
कलेक्टर रत्नाकर झा ने निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी विद्यालयों, छात्रावासों एवं आश्रमों में विद्यार्थियों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए तथा शुद्ध एवं स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर झा ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिले के सभी विद्यालयों एवं छात्रावासों में पेयजल गुणवत्ता की जांच कराई जाए तथा प्राथमिकता के आधार पर पानी के नमूनों का परीक्षण कराया जाए।उन्होंने कहा कि पेयजल गुणवत्ता परीक्षण की यह प्रक्रिया निरंतर जारी रखी जाए। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों के सभी हैंडपंप सुचारु रूप से चालू रहें तथा पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन एवं विद्यार्थियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके। कलेक्टर रत्नाकर झा ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित नर्मदा सभागार में आयोजित समय-सीमा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे।

कलेक्टर झा ने सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के समस्त छात्रावासों एवं आश्रमों में जिले के प्रमुख एवं महत्वपूर्ण दूरभाष नंबर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किए जाएं। उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की समस्या या परेशानी का सामना करना पड़े, तो वे इन दूरभाष नंबरों पर संपर्क कर अपनी समस्या से अवगत करा सकें, जिससे उनका निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि छात्रावासों एवं आश्रमों का नियमित रूप से निरीक्षण किया जाए तथा वहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, व्यवस्थाओं एवं आवश्यक सेवाओं का समय-समय पर जायजा लेकर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

कलेक्टर झा ने नगरीय क्षेत्रों में साफ-सफाई, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट तथा नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने डिवाइडरों पर पौधरोपण एवं उनके रंग-रोगन का कार्य प्राथमिकता से कराने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर झा ने कहा कि जिले के सभी नगरीय निकायों के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में सकारात्मक सोच के साथ छोटे-छोटे नवाचार एवं प्रयास करें, जिससे नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों और नगरीय क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में उपलब्ध शासकीय संसाधनों का स्मार्ट एवं प्रभावी ढंग से उपयोग करते हुए अधिकतम जनहितकारी परिणाम सुनिश्चित किए जाएं।

कलेक्टर रत्नाकर झा ने मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों का नियमित भ्रमण कर आमजन की समस्याएं सुनने एवं उनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभियान के दौरान प्राप्त होने वाली शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश अपर कलेक्टर को भी दिए। कलेक्टर झा ने नल-जल योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण कर वहां कुपोषण की स्थिति, पोषण आहार वितरण तथा उपलब्ध कराई जा रही अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लेने के निर्देश दिए।

कलेक्टर झा ने स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत जिले के सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता, आवश्यक संसाधनों तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का विशेष रूप से परीक्षण करने के लिए कहा। कलेक्टर ने विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शिक्षकों, प्राध्यापकों तथा विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में नियमित मॉनिटरिंग कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं अनुशासन सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में कलेक्टर रत्नाकर झा ने जिले में किसानों के लिए खाद एवं बीज की उपलब्धता तथा उनके वितरण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं किसानों को समय पर वितरण किए जाने के संबंध में जानकारी प्राप्त की। बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की भी समीक्षा की गई। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में कुल 305 उचित मूल्य की राशन दुकानें संचालित हैं, जिनमें 282 ग्रामीण एवं 23 शहरी क्षेत्रों में स्थित हैं। इन केंद्रों के माध्यम से जिले के 1 लाख 51 हजार 887 परिवारों को नियमित रूप से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि खाद्य विभाग द्वारा समय-समय पर राशन दुकानों का निरीक्षण एवं भ्रमण भी किया जाता है।

कलेक्टर झा ने सभी विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के नियमित भ्रमण हेतु रोस्टर एवं मासिक कैलेंडर तैयार कर उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे शासन की योजनाओं की सतत निगरानी एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। कलेक्टर ने जिले में विभिन्न सड़कों के पेचवर्क कार्यों, आगामी 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों, पंचायतों से संबंधित विषयों सहित शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी, अपर कलेक्टर बलवीर रमन, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पुष्पराजगढ़ वसीम अहमद भट्ट, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व जैतहरी कमलेश पुरी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनूपपुर सुप्राशी अग्रवाल, डिप्टी कलेक्टर सुशीतल ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।