सलकनपुर 
जिले के सलकनपुर स्थित प्रसिद्ध विजयासन देवी मंदिर में आगामी चैत्र नवरात्रि मेले को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं। मौजूदा गैस संकट को देखते हुए मेला स्थल और मंदिर परिसर में घरेलू गैस सिलिंडर के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। वहीं कमर्शियल गैस सिलिंडर की सीमित उपलब्धता के कारण मेले में दुकान लगाने वाले व्यापारियों की मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही हैं। 

जिला कलेक्टर बालागुरू के. ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मेला क्षेत्र में किसी भी होटल, दुकान या प्रतिष्ठान में घरेलू गैस सिलिंडर का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन का कहना है कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में ज्वलनशील पदार्थों से दुर्घटना की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। यदि किसी दुकान या होटल में घरेलू गैस सिलिंडर का उपयोग पाया गया तो उसे जब्त कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही दुकानों में अग्नि सुरक्षा के मद्देनजर छोटे अग्निशमन यंत्र रखना भी अनिवार्य किया जाएगा।

गैस संकट से बढ़ी परेशानी
वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण एलपीजी आपूर्ति पर भी असर देखने को मिल रहा है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि एलपीजी की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर घरेलू उपभोक्ताओं को दी जाए। इसके चलते कमर्शियल सिलिंडरों की उपलब्धता सीमित हो गई है।

इस स्थिति का असर नवरात्रि मेले में दुकान लगाने वाले व्यापारियों पर भी पड़ रहा है। खाना बनाने और अन्य कार्यों के लिए उन्हें वैकल्पिक ईंधन की तलाश करनी पड़ रही है। बाजार में इन दिनों डीजल भट्टी की मांग बढ़ गई है, जिसकी कीमत करीब 12 से 15 हजार रुपये तक बताई जा रही है। कई व्यापारी इंडक्शन चूल्हा, इलेक्ट्रिक हीटर और लकड़ी की भट्टी जैसे विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं।

स्थानीय व्यापारी अरविंद मालवीय और पंकज शर्मा का कहना है कि गैस सिलिंडर की कमी के कारण मेले में कारोबार करना मुश्किल हो सकता है। उनका कहना है कि पहले से ही बाजार में मंदी का माहौल है और ऐसे में गैस संकट से मेले का व्यापार प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

मेले की तैयारियां तेज
चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू हो रही है। इस दौरान सलकनपुर स्थित विजयासन देवी मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने मेले की तैयारियां तेज कर दी हैं।

कलेक्टर बालागुरू के. और पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने सलकनपुर पहुंचकर अधिकारियों की बैठक ली और मेला व्यवस्था को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में प्रवेश और निकास के अलग-अलग मार्ग, पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की तैनाती की योजना बनाई गई है।

इसके साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में हेल्थ कैंप लगाए जाएंगे, जहां डॉक्टर और चिकित्सा स्टाफ मौजूद रहेगा। आपात स्थिति के लिए एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए प्रमुख स्थानों पर हेल्प डेस्क और कंट्रोल रूम भी स्थापित किए जाएंगे।