Category: उत्तर प्रदेश

  • यूपीआईटीएस में युवाओं की भागीदारी को नया आयाम दे रही योगी सरकार, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के विद्यार्थी बनेंगे आयोजन का हिस्सा

    यूपीआईटीएस में युवाओं की भागीदारी को नया आयाम दे रही योगी सरकार, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के विद्यार्थी बनेंगे आयोजन का हिस्सा

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश में आयोजित होने वाले उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2026 को केवल व्यापार और निवेश का मंच ही नहीं, बल्कि युवाओं और विद्यार्थियों के लिए सीखने, संवाद करने और वैश्विक कारोबारी वातावरण को समझने का अवसर बनाने पर भी जोर दे रही है। इसी क्रम में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की आयोजन में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। विद्यार्थियों को आयोजन की विभिन्न गतिविधियों में उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप जिम्मेदारियां दी जा रही हैं। यह पहल विद्यार्थियों को कक्षा और परिसर से बाहर निकलकर वास्तविक कारोबारी, उद्यमिता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के माहौल को समझने का अवसर देगी।

    आयोजन प्रबंधन से लेकर बी2बी बैठकों तक निभाएंगे भूमिका
    योजना के अनुसार 25 से 29 सितंबर के दौरान विद्यार्थियों की भागीदारी शटल संचालन, स्कैनिंग, सांस्कृतिक गतिविधियों, नॉलेज सेशन, इंफॉर्मेशन डेस्क और बी2बी मीटिंग्स सहित विभिन्न कार्यों में रहेगी। विद्यार्थियों को केवल दर्शक के रूप में नहीं, बल्कि आयोजन की व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाने वाले वालेंटियर्स के रूप में जोड़ा गया है।इसके लिए वालेंटियर्स की चार टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों के माध्यम से विद्यार्थियों को आयोजन से जुड़ी अलग-अलग जिम्मेदारियों का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। छात्र सहभागिता के लिए फैकल्टी सुपरविजन और नोडल संपर्क की व्यवस्था भी की गई है।

    स्टार्टअप और उद्यमिता से सीधे जुड़ेंगे विद्यार्थी
    योगी सरकार की ओर से युवाओं को उद्यमिता और नवाचार से जोड़ने की दिशा में यूपीआईटीएस में विद्यार्थियों के लिए कई विशेष गतिविधियां प्रस्तावित हैं। इनमें यंग एंटरप्रेन्योर हंट के साथ स्टार्टअप/फाउंडर जोन प्रमुख है। स्टार्टअप और फाउंडर जोन में विद्यार्थियों को उद्यमियों एवं फाउंडर्स के साथ 15 मिनट की इंटरैक्शन का अवसर मिलेगा।इसके अलावा करियर कॉर्नर में इंटर्नशिप और लाइव प्रोजेक्ट से संबंधित अवसरों की जानकारी दी जाएगी। इससे विद्यार्थी उद्योग जगत की अपेक्षाओं, रोजगार के अवसरों और वास्तविक प्रोजेक्ट्स की कार्यप्रणाली को करीब से समझ सकेंगे।

    इंटरनेशनल पासपोर्ट’ से सीखेंगे वैश्विक व्यापार की बारीकियां
    छात्रों की सहभागिता को सीखने की गतिविधियों से जोड़ने के लिए इंटरनेशनल पासपोर्ट की भी व्यवस्था की गई है। इसमें विद्यार्थियों को 10 से 15 स्टांप अर्जित करने होंगे। इसके साथ फोटो इंस्टॉलेशन और अलग-अलग देशों को प्रदर्शित करने वाली कंट्री वॉल्स भी विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगी। कॉलेज एक्सपो एंबेसडर्स के माध्यम से भी विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने की योजना है। इसके तहत प्रत्येक कॉलेज से प्रस्तावित रूप से 5 से 10 विद्यार्थी एंबेसडर के तौर पर जोड़े जा सकते हैं।

    एक्सपो पासपोर्ट से 8-10 डिस्कवरी टास्क
    छात्रों के लिए तैयार लर्निंग एंड रिकॉग्निशन एंड फ्रेमवर्क में एक्सपो पासपोर्ट को विशेष स्थान दिया गया है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को 8 से 10 डिस्कवरी टास्क्स पूरे करने होंगे। इसके अलावा 45 से 60 मिनट की गाइडेड थीम्ड ट्रेल्स भी आयोजित की जाएंगी। निर्धारित गतिविधियां पूरी करने वाले विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट्स ऑन कंप्लीशन दिए जाएंगे। इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों की यूपीआईटीएस में मौजूदगी को केवल भ्रमण तक सीमित न रखकर उसे अनुभवात्मक सीख से जोड़ना है।

    युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ने की दिशा में कदम
    गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की यह भागीदारी यूपीआईटीएस को व्यापार, निवेश और शिक्षा के बीच सेतु बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। एक ओर विद्यार्थी आयोजन प्रबंधन और स्वयंसेवा का व्यावहारिक अनुभव हासिल करेंगे, वहीं दूसरी ओर उन्हें स्टार्टअप, फाउंडर्स, उद्योग, करियर अवसरों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की गतिविधियों को नजदीक से देखने का अवसर मिलेगा। इस तरह योगी सरकार के नेतृत्व में यूपीआईटीएस में व्यापार और निवेश के साथ युवा सहभागिता, कौशल, उद्यमिता और अनुभवात्मक शिक्षा को भी आयोजन का हिस्सा बनाया जा रहा है।

  • यूपी MLC चुनाव: माध्यमिक शिक्षक संघ ने घोषित किए 7 प्रत्याशी, ध्रुव त्रिपाठी की सीट पर फैसला बाकी

    यूपी MLC चुनाव: माध्यमिक शिक्षक संघ ने घोषित किए 7 प्रत्याशी, ध्रुव त्रिपाठी की सीट पर फैसला बाकी

    लखनऊ
    यूपी विधान परिषद चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। 11 विधान परिषद सीट के लिए 23 अक्टूबर को वोटिंग होगी और 27 अक्टूबर को नतीजे आएंगे। वहीं नामांकन की आखिरी तारीख 6 है। वहीं, विधान परिषद की खंड स्नातक और शिक्षक सीटों पर चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने सोमवार को सात प्रत्याशी घोषित किए। फैजाबाद-गोरखपुर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से तीन बार चुनाव जीतने वाले ध्रुव कुमार त्रिपाठी की सीट पर अभी निर्णय नहीं लिया गया है। सुरेश त्रिपाठी ने अध्यक्ष पद छोड़ दिया है और प्रमोद मिश्रा को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है।

    बता दें कि 23 अक्टूबर को होने वाले विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक कोटे की 11 सीटों के चुनाव के लिए भाजपा ने पांच कैंडिडेट के नाम पहले ही घोषित कर दिए हैं। भाजपा ने इन पांचों सीटों पर मौजूदा एमएलसी को ही दोबारा टिकट दिया है। 11 सीटों में फिलहाल छह भाजपा, तीन सपा, एक शिक्षक दल और एक निर्दलीय के पास है।

    इन्हें मिला टिकट
    उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ की राज्य परिषद की बैठक में वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉक्टर प्रमोद कुमार मिश्रा, लखनऊ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जगजीवन प्रसाद शुक्ला, बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डा. सुनीत गिरि, आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डा. दिलीप कुमार अमौरिया, मेरठ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉक्टर सुशील कुमार पुंडीर, वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चौधरी दिनेश चंद्र रॉय और मेरठ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉक्टर अमित जैन को प्रत्याशी बनाया गया है।

    इस सीट से अभी किसी को नहीं मिला टिकट
    उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ से फैजबाद-गोरखपुर खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी की सीट पर अभी किसी को टिकट नहीं दिया गया है। यह सीट अभी छोड़ दी गई है। प्रदेशीय उपाध्यक्ष व प्रवक्ता डा. आरपी मिश्रा ने बताया कि इस सीट पर चुनाव लड़ने के लिए किसी भी प्रत्याशी ने अभी तक दावा नहीं किया गया। ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने भी टिकट नहीं मांगा है। सूत्रों की मानें तो ध्रुव कुमार त्रिपाठी सत्ताधारी दल से टिकट मिलने की आस में अभी इंतजार कर रहे हैं।

    वहीं इलाहाबाद-झांसी खंड शिक्षक सीट पर उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ से चुनाव हार चुके सुरेश कुमार त्रिपाठी ने संगठन के अध्यक्ष का पद छोड़ दिया है। अब उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ का कार्यकारी अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा को बनाया गया है। सुरेश कुमार त्रिपाठी भी सत्ताधारी दल से खंड स्नातक चुनाव में टिकट की चाह रखते हैं और यही कारण है कि व्यक्तिगत कारणों से उन्होंने अध्यक्ष पद छोड़ दिया है। कभी विधान परिषद में उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के शर्मा गुट का दबदबा हुआ करता था। शिक्षक और खंड स्नातक की ज्यादातर सीटों पर उनके प्रत्याशी ही चुनाव जीतते रहे हैं।

  • यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026: ग्लोबल मंच पर चमकेगा आगरा, 36 उद्यमी लगाएंगे 60 स्टाल

    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026: ग्लोबल मंच पर चमकेगा आगरा, 36 उद्यमी लगाएंगे 60 स्टाल

    आगरा

    ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले 'उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो' (यूपीआईटीएस) 2026 में ताजनगरी के उद्यमी अपनी व्यापारिक क्षमता और हुनर की धमक दिखाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार की इस शानदार पहल से आगरा के स्थानीय उद्यमियों, हस्तशिल्पियों और नवाचारियों को एक बड़ा ग्लोबल मंच उपलब्ध हो रहा है। इस वृहद आयोजन में आगरा जनपद की भागीदारी हर साल बढ़ रही है। इस वर्ष जिले के 36 उद्यमी यूपीआईटीएस में हिस्सा लेंगे, जिनके लिए 60 स्टाल आरक्षित किए गए हैं। 

    नवोदित और महिला उद्यमियों को बड़ा मंच

    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में इस बार आगरा के विभिन्न वर्गों के उद्यमियों को अवसर दिया गया है। मेले में ओडीओपी ( एक जनपद एक उत्पाद) श्रेणी के तहत 8 इकाइयों के 10 स्टाल लगेंगे। इसके अलावा महिला उद्यमी, एमएसएमई और युवा उद्यमियों की श्रेणी में 7 इकाइयों के 7 स्टाल लगाए जा रहे हैं। इनमें 4 महिला उद्यमी और 3 युवा उद्यमी शामिल हैं, जो अपने नवाचार को वैश्विक खरीदारों के सामने पेश करेंगे। वहीं व्यापार को निर्यात के स्तर पर ले जाने के लिए 'नवोदित निर्यातक' श्रेणी में 17 इकाइयों के 25 स्टाल और 'नियमित निर्यातक' श्रेणी में 9 इकाइयों के 10 स्टाल लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत भी एक इकाई पूरे उत्साह के साथ प्रतिभाग कर रही है।

    आगरा के शिल्प और हुनर की दिखेगी व्यापक रेंज

    ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में सजने वाले इस ट्रेड शो में आगरा के उत्पादों की शानदार रेंज देखने को मिलेगी। स्टॉलों पर मुख्य रूप से आगरा का विश्व प्रसिद्ध लेदर उत्पाद, मार्बल स्टोन उत्पाद, फुटवियर, लेदर फुटवियर, होम डेकोर, कारपेट, हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम साड़ियां, गारमेंट्स, जरी जरदोजी और इमीटेशन ज्वेलरी का भव्य कलेक्शन प्रदर्शित किया जाएगा। विदेशी मेहमान और बड़े खरीदार आगरा की इस समृद्ध शिल्प कला और हुनर से सीधे रूबरू होंगे।

    लाइव किचन और लजीज व्यंजनों की रहेगी धूम

    यूपीआईटीएस में न केवल शिल्प बल्कि ताजनगरी के जायके की भी विशेष धूम रहेगी। ओडीओसी श्रेणी के तहत 5 इकाइयां हिस्सा ले रही हैं। ट्रेड शो में आने वाले देशी-विदेशी खरीदार आगरा के विश्व प्रसिद्ध पेठे का स्वाद चख सकेंगे। इसके साथ ही आगरा की पारंपरिक मिठाइयों व नमकीन का बेहतरीन डिस्प्ले किया जाएगा। एक विशेष 'लाइव किचन' भी यहां का प्रमुख आकर्षण होगी, जहां ताजे और स्वादिष्ट व्यंजन परोसे जाएंगे।

    वर्जन-
    उ.प्र. सरकार के प्रयासों से यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो स्थानीय उद्यमियों के लिए व्यापार विस्तार का एक बेहतरीन मंच बन चुका है। इस वृहद आयोजन से हमारे नवोदित और युवा उद्यमियों, विशेषकर महिला उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय खरीदारों से सीधा संवाद करने, बी2बी मीटिंग करने और अपने व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का सुनहरा अवसर मिलेगा। विभाग द्वारा सभी प्रतिभागियों को हर संभव सहयोग व मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। शैलेंद्र कुमार, उपायुक्त उद्योग

  • 75 आश्रमों में हर सप्ताह स्वास्थ्य जांच, निःशुल्क दवाएं; पेयजल, टीवी, पुस्तकालय और योग-ध्यान की भी सुविधा

    75 आश्रमों में हर सप्ताह स्वास्थ्य जांच, निःशुल्क दवाएं; पेयजल, टीवी, पुस्तकालय और योग-ध्यान की भी सुविधा

    लखनऊ
     वृद्धावस्था में बुजुर्गों को सुरक्षित आश्रय के साथ स्वस्थ और सम्मानजनक जीवन मिले, इसके लिए योगी सरकार की ओर से वृद्धाश्रमों में सुविधाओं को लगातार बेहतर किया जा रहा है। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित प्रदेश के सभी 75 वृद्धाश्रमों में नियमित साप्ताहिक स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन शिविरों में चिकित्सकों की टीम आश्रम पहुंचकर बुजुर्गों की बीपी, शुगर, नेत्र और सामान्य स्वास्थ्य की जांच करती है। जरूरत के अनुसार उन्हें आवश्यक दवाएं भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।

    हर सप्ताह डॉक्टरों की टीम, स्वास्थ्य पर विशेष निगरानी
    वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को साप्ताहिक स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। डॉक्टरों की टीम आश्रमों में पहुंचकर संवासियों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का परीक्षण करती है। बीपी, शुगर और नेत्र जांच के साथ सामान्य स्वास्थ्य की भी जांच की जाती है। आवश्यकता पड़ने पर जरूरी दवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य बुजुर्गों को नियमित स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना और समय पर चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराना है।

    पेयजल से पुस्तकालय तक, दैनिक जीवन की सुविधाओं पर जोर
    समाज कल्याण विभाग की ओर से बुजुर्गों के दैनिक जीवन को सुविधाजनक बनाने के साथ उनके मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जा रहा है। वृद्धाश्रमों में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था के साथ मनोरंजन के लिए टीवी और पुस्तकालय की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। बुजुर्गों को सक्रिय और सकारात्मक दिनचर्या से जोड़ने के लिए योग और ध्यान के सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं। विभाग की ओर से आश्रमों के बुनियादी ढांचे और दैनिक जीवन स्तर में सुधार की भी निरंतर निगरानी की जा रही है।

    आश्रय के साथ पेंशन और आयुष्मान का भी सहारा
    समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि वृद्धाश्रमों में सुविधाओं के विस्तार के साथ बुजुर्गों को आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ने पर भी सरकार का जोर है। प्रदेश के 75 वृद्धाश्रमों में वर्तमान में 6,607 बुजुर्ग रह रहे हैं। इनमें 4,901 पात्र वृद्धजनों को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिल रहा है, जबकि 2,551 बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 में 1,073 नए बुजुर्गों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा गया है।

  • CM योगी की दो टूक: नियुक्ति के बाद पैसे मांगे तो जेल जाएंगे, 3,567 शिक्षकों को मिले नियुक्ति पत्र

    CM योगी की दो टूक: नियुक्ति के बाद पैसे मांगे तो जेल जाएंगे, 3,567 शिक्षकों को मिले नियुक्ति पत्र

    लखनऊ
    सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से चयनित अभ्यर्थियों को मंगलवार को नियुक्ति पत्र दिए। इस मौके पर उन्होंने दो टूक कहा कि यदि नियुक्ति पत्र पाने वालों से किसी ने पैसे मांगे तो उसे जेल में सड़ना पड़ेगा। सीएम ने कहा कि किसी भी शिक्षक को ज्वाइनिंग में दिक्कत नहीं होनी चाहिए। यदि किसी प्रबंधक की कोई जिज्ञासा है तो वह शासन के सामने अपनी बात रखे, लेकिन नियुक्ति पत्र प्राप्त होने के बाद यदि किसी प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता या शिक्षक से किसी ने लेनदेन की बात की तो उसे जेल में सड़ना पड़ेगा। हमें सख्त सख्त कार्रवाई पर मजबूर होना पड़ेगा।

    लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि आज 3,567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं और पिछले एक सप्ताह में वह 5,297 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित कर चुके हैं। पिछले नौ वर्ष में 9.5 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। हमने सैफई सिंडिकेट से कहा है कि हम नियुक्ति पत्र देते जाएंगे, वे गिनते जाएं। सीएम ने तंज कसा कि यदि गिनती नहीं आती हो तो शिवपाल जी के सानिध्य में बैठ जाएं, बहुत अच्छी गिनती सीख जाएंगे।

    सीएम योगी ने पूर्ववती सपा सरकार पर सियासी वार करते हुए कहा कि अब कोई सैफई सिंडिकेट प्रतिभावान छात्रों के हितों पर डकैती डालने का दुस्साहस नहीं कर सकता। इसीलिए उत्तर प्रदेश पुलिस में अच्छा काम करने वाले अधिकारियों को आयोग और बोर्डों की दिशा-दशा सुधारने का दायित्व दिया गया है। पहले युवाओं को उनके अधिकार से वंचित कर दिया जाता था। लेकिन, अब नियुक्ति पाने वाले किसी भी अभ्यर्थी से पैसे की मांग करने वाले को जेल में सड़ना पड़ेगा।

    सीएम योगी का आरोप, 2015-16 में घूसखोरी का शिकार बने युवा
    सीएम योगी ने हाल में नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले एक नौजवान के इंटरव्यू का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस युवक की आंखों में आंसू भरे थे और उसने बताया कि 2015-16 में भी उसने इस पद के लिए आवेदन किया था। उससे आठ लाख रुपये की मांग की गई थी। वह खेत बेचकर पैसा लेकर आया, लेकिन तब तक उससे अधिक पैसा देने वाला दूसरा व्यक्ति आ गया और वह नौकरी से वंचित रह गया। आज उसका सपना साकार हुआ है और जिस पद के लिए उसने आवेदन किया था, उसी पद पर उसे नियुक्ति मिल गई है। पूरी प्रक्रिया निरस्त की गई और उस युवा को नियुक्ति पत्र प्राप्त हुआ।

    अगले छह महीने में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी
    सीएम योगी ने कहा कि नौ साल में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। अगले छह महीने के अंदर एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने जा रहे हैं। जब लोग परिणाम पूछते हैं तो मैं कहता हूं कि परिणाम यह है कि जो उत्तर प्रदेश नौ वर्ष पहले बीमारू राज्य कहा जाता था, आज भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बना हुआ है। बॉटम फाइव से टॉप-थ्री में आया है। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तीन गुना करने और प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना करने में सफलता मिली है। यही युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा है।

    एक शिक्षक 100 छात्रों से संवाद करे
    सीएम योगी ने कहा कि यदि एक शिक्षक प्रतिवर्ष 100 छात्रों के साथ इंटरेक्शन करता है तो 3,567 शिक्षक एक वर्ष में 3.5 लाख से अधिक बच्चों के साथ संवाद और उनका मार्गदर्शन करेंगे। बच्चों को गाइड करना, उनका मार्गदर्शन करना ही नए भारत की आधारशिला है। भारत तब विश्वगुरु था, जब वह दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों का संचालन करता था। तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्व प्रसिद्ध विश्वविद्यालय भारत की धरोहर रहे हैं। यह धरोहर पहले से मौजूद है, केवल उसे पहचानने और जानने की आवश्यकता है। सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर दे सकती है, लेकिन उस इंफ्रास्ट्रक्चर पर गति कैसे होनी चाहिए, यह शिक्षक द्वारा प्रशिक्षित विद्यार्थी तय करेगा। सरकार उद्योग लगाने का माहौल दे सकती है और उद्योग लगाने में मदद कर सकती है, लेकिन वह उद्योग इनोवेशन और रोजगार का आधार बनेगा या नहीं, यह प्रशिक्षित छात्र तय करेंगे। सरकार लैब बना सकती है, लेकिन वह लैब बेहतरीन शोध का आधार बने और छात्र उसके योग्य बनें, यह शिक्षक द्वारा प्रशिक्षित विद्यार्थी तय करेंगे। जब यह प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, तभी आत्मनिर्भर और विकसित भारत की संकल्पना पूरी होगी।

  • यूपी राइज 2026: इन्वर्टिस में युवाओं के विचारों को मिला मंच, ब्रह्माबाइट इनोवेशंस ने मारी बाजी

    यूपी राइज 2026: इन्वर्टिस में युवाओं के विचारों को मिला मंच, ब्रह्माबाइट इनोवेशंस ने मारी बाजी

    यूपी राइज 2026: इन्वर्टिस में युवाओं के विचारों को मिला मंच, ब्रह्माबाइट इनोवेशंस ने मारी बाजी

    युवाओं को नौकरी खोजने के बजाय रोजगार देने वाला बनने के लिए किया गया प्रेरित

    ‘संवाद, संकल्प, सफलता’ थीम पर विद्यार्थियों ने पेश किए नए कारोबारी विचार

    ‘ट्रैवल देखो’ दूसरे और ‘एसएस पार्ट्स प्लैनेट प्राइवेट’ लिमिटेड तीसरे स्थान पर रही

    बरेली
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के विजन को युवाओं तक पहुंचाने के लिए इन्वर्टिस विश्वविद्यालय में ‘यूपी राइज-2026’ का आयोजन किया गया। संवाद, संकल्प, सफलता’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और अपने स्टार्टअप व नए व्यावसायिक विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में ‘ब्रह्माबाइट इनोवेशंस एंड टेक प्राइवेट लिमिटेड’ ने पहला स्थान हासिल किया। कार्यक्रम में युवा उद्यमिता, नवाचार और स्वरोजगार पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि बदलते दौर में युवाओं को केवल सरकारी या निजी नौकरी की तलाश तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें अपने विचारों को व्यावसायिक मॉडल में बदलकर दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करने चाहिए।
    मुख्य अतिथि अध्ययन फाऊंडेशन फॉर पॉलिसी एंड रिसर्च के सीईओ शशांक सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने विद्यार्थियों से सीधा संवाद करते हुए उन्हें नए भारत की मजबूत नींव बताया। कहा कि युवाओं में नए विचारों और नवाचार की कमी नहीं है। आवश्यकता अपने विचार पर विश्वास करने, सही मार्गदर्शन लेने और उसे धरातल पर उतारने की है।

    शक्ति क्षेत्र में युवाओं ने लिखे आत्मनिर्भर यूपी के सपने

    विद्यार्थियों की रचनात्मकता को मंच देने के लिए आयोजन स्थल पर विशेष ‘शक्ति क्षेत्र’ बनाया गया। यहां छात्र-छात्राओं ने पर्चियों पर आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश को लेकर अपने विचार और सपने लिखकर साझा किए। युवाओं ने बताया कि वे अपने कौशल और नवाचार के माध्यम से प्रदेश के विकास में किस तरह योगदान देना चाहते हैं।
    कार्यक्रम में घूमते पहिये पर आधारित मनोरंजक गतिविधि भी आकर्षण का केंद्र रही। तत्काल तस्वीर निकालकर देने की व्यवस्था को लेकर विद्यार्थियों में खास उत्साह दिखाई दिया। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम के दौरान 300 से अधिक तस्वीरें निकालकर छात्र-छात्राओं को दी गईं।

    सक्रिय भागीदारी करने वाले 200 विद्यार्थियों को मिले उपहार

    कार्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन और सक्रिय भागीदारी करने वाले करीब 200 विद्यार्थियों को विशेष उपहार देकर प्रोत्साहित किया गया। इनमें डायरी, कपड़े के थैले, टी-शर्ट और डेटा सुरक्षित रखने वाले छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल रहे। विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने वाले मेंटर्स और प्रतियोगिता के निर्णायकों को भी स्मृति चिह्न, कॉफी मग और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। आयोजन स्थल को 12 प्रचार पट्टिकाओं, छह बड़े प्रचार पटों, 10 दिशा-सूचक पट्टों और भव्य प्रवेश द्वार से सजाया गया था।

    मिष्टी, आशु, अन्नू और सचिन ने संभाली आयोजन की कमान
    आयोजन में विद्यार्थियों के नेतृत्व कौशल को विकसित करने पर भी जोर दिया गया। विश्वविद्यालय के चार विद्यार्थियों मिष्टी, आशु गुप्ता, अन्नू गंगवार और सचिन गंगवार को महाविद्यालय प्रतिनिधि बनाया गया। चारों विद्यार्थियों ने पंजीकरण से लेकर अतिथियों के प्रबंधन, मंच के आसपास की व्यवस्था और कार्यक्रम संचालन तक में सक्रिय भूमिका निभाई। 

    ब्रह्माबाइट इनोवेशंस ने जीता खिताब

    प्रतियोगिता में विद्यार्थियों और युवा उद्यमियों के कारोबारी विचारों का नवाचार, उपयोगिता और रोजगार सृजन की संभावनाओं के आधार पर मूल्यांकन किया गया। ‘ब्रह्माबाइट इनोवेशंस एंड टेक प्राइवेट लिमिटेड’ ने निर्णायकों को प्रभावित करते हुए विजेता का खिताब हासिल किया। ‘ट्रैवल देखो’ ने दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि ‘एसएस पार्ट्स प्लैनेट प्राइवेट लिमिटेड’ तीसरे स्थान पर रही। आयोजन के माध्यम से युवाओं को अपने विचारों को कारोबार में बदलने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।

  • योगी सरकार 41,424 हजार होमगार्ड अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण के लिए खरीदेगी 10 लाख से अधिक कारतूस

    योगी सरकार 41,424 हजार होमगार्ड अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण के लिए खरीदेगी 10 लाख से अधिक कारतूस

    योगी सरकार 41,424 हजार होमगार्ड अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण के लिए खरीदेगी 10 लाख से अधिक कारतूस

    – 3 करोड़ 55 लाख रुपये की कीमत से 5.56 एमएम एसएलआर राइफल के लिए खरीदे जाएंगे कारतूस

    – ट्रेनिंग के लिए कारतूस के साथ 1 करोड़ 44 लाख की कीमत से खरीदी जाएंगी 5.56 एमएम की 155 एसएलआर राइफल

    – सितंबर के अंत तक जारी हो जाएगा 41,424 हजार होमगार्ड भर्ती का रिजल्ट, नवंबर से होगी ट्रेनिंग

    – रिजल्ट जारी होने के बाद अक्टूबर में पूरी कर ली जाएगी मेडिकल और पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया

    -नव चयनित होमगार्ड अभ्यर्थियों की फरवरी में फील्ड में कर दी जाएगी तैनाती

    लखनऊ,
    योगी सरकार 41,424 होमगार्ड अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के दौरान हथियार संचालन और फायरिंग अभ्यास के लिए 5.56 एमएम राइफल के 10 लाख से अधिक कारतूस खरीदने जा रही है। यह खरीदारी एसटीएफ के माध्यम से होमगार्ड विभाग करेगा। इसके लिए 3 करोड़ 55 लाख रुपये खर्च किये जाएंगे। यह उत्तर प्रदेश में पहली बार है, जब होमगार्ड अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण के लिए 10 लाख से अधिक कारतूस खरीदे जा रहे हैं। वर्तमान में होमगार्ड के 41,424 रिक्त पदों पर एनरोलमेंट की प्रक्रिया चल रही है। इन सभी की शारीरिक दक्षता परीक्षा अंतिम चरण में है। वहीं होमगार्ड के 41,424 रिक्त पदों का रिजल्ट जारी होने के बाद 7,600 रिक्त पदों पर एनरोलमेंट की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। 

    अंतिम दौर में शारीरिक दक्षता परीक्षा  
    डीजी होमगार्ड ध्रुवकांत ठाकुर ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। इसके तहत पुलिस और सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ विभिन्न स्तरों पर मानव संसाधन और प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि योगी सरकार के मिशन रोजगार के तहत होमगार्ड विभाग में 41,424 होमगार्ड अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। वर्तमान में अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) चल रही है, जो अंतिम दौर में है। सितंबर के अंत तक भर्ती का परिणाम जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद सफल अभ्यर्थियों की मेडिकल और पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया अक्टूबर में पूरी करने का लक्ष्य है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को नवंबर में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।

    1 करोड़ 44 लाख रुपये की लागत से खरीदी जाएंगी 155 एसएलआर राइफल  
    डीजी होमगार्ड डीके ठाकुर ने बताया कि नवचयनित 41,424 होमगार्ड अभ्यर्थियों की ट्रेनिंग नवंबर से शुरू किए जाने की तैयारी है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें होमगार्ड की जिम्मेदारियों, अनुशासन, कानून-व्यवस्था में सहयोग, आपदा एवं आपात परिस्थितियों में भूमिका के साथ-साथ हथियार संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नवचयनित होमगार्ड अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था भी शुरू कर दी है। प्रशिक्षण के दौरान हथियार संचालन और फायरिंग अभ्यास के लिए 10 लाख से अधिक कारतूस खरीदे जाएंगे। इसके लिए करीब 3 करोड़ 55 लाख रुपये की लागत से एसटीएफ के माध्यम से 5.56 एमएम एसएलआर राइफल के कारतूस खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि विभाग एसटीएफ के माध्यम से कारतूस के साथ करीब 1 करोड़ 44 लाख रुपये की लागत से 155 एसएलआर राइफल भी खरीदेगा। नवचयनित 41,424 होमगार्ड अभ्यर्थियों को 90 दिनों की ट्रेनिंग दी जाएगी, जो नवंबर से शुरू करने की तैयारी है। वहीं अभ्यर्थियों की ट्रेनिंग को जनवरी में पूरा कर लिया जाएगा और फरवरी में नवचयनित होमगार्ड अभ्यर्थियों को फील्ड में तैनाती दे दी जाएगी।

    बॉक्स
    जल्द होमगार्ड स्वयंसेवकों के 7,600 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए जारी किया जाएगा विज्ञापन

    डीजी होमगार्ड ने बताया कि होमगार्ड के 41,424 रिक्त पदों पर एनरोलमेंट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद होमगार्ड स्वयंसेवकों के 7,600 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई। प्रदेश में होमगार्ड स्वयंसेवकों के कुल 1,18,348 पद हैं। वर्तमान में 69,324 कार्यरत हैं। वर्तमान में भर्ती बोर्ड की ओर से 41,424 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। इसके बाद भी निर्धारित पदों के अनुसार 7,600 पद रिक्त हैं।

  • नियुक्ति पत्र पाकर बोले चयनित शिक्षक, पारदर्शी प्रक्रिया से मिला रोजगार, मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

    नियुक्ति पत्र पाकर बोले चयनित शिक्षक, पारदर्शी प्रक्रिया से मिला रोजगार, मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

    नियुक्ति पत्र पाकर बोले चयनित शिक्षक, पारदर्शी प्रक्रिया से मिला रोजगार, मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

    पहले की सरकारों में रद्द हो जाती थीं परीक्षाएं, योगी सरकार में मिला नियुक्त पत्र: ममता मौर्या

    योगी सरकार में महिलाओं को बिना भेदभाव मिल रहे रोजगार के अवसर: आंचल शुक्ला

    पूर्व की सरकारों में होने वाली अव्यवस्था को योगी सरकार ने किया खत्म: गोपाल प्रजापति

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से चयनित अभ्यर्थियों के चेहरे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति-पत्र पाकर खिल उठे। पारदर्शी और त्वरित चयन प्रक्रिया के लिए उन्होंने योगी सरकार की खुलकर सराहना की। अभ्यर्थियों ने कहा कि निष्पक्ष प्रक्रिया के जरिए युवाओं को यह अवसर मिला है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी प्रकट किया।

    आंचल शुक्ला ने बताया कि उनकी नियुक्ति अग्रसेन कन्या इंटर कॉलेज टाउनहॉल वाराणसी में कला विषय, प्रवक्ता (पीजीटी) के पद पर हुई है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति-पत्र मिलने पर उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि उनका बड़ा सपना पूरा हुआ है। योगी सरकार में महिलाओं को बिना भेदभाव रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है। योगी सरकार ने महिला सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया है। इसी सुरक्षा के माहौल से महिलाओं की प्रदेश में भागीदारी बढ़ी है।

    पिछली सरकारों में रद्द हो जाती थी परीक्षाएं
    ममता मौर्या ने बताया कि उनका चयन टीजीटी संस्कृत के पद पर हुआ है। वह 2005 में एमए करने के बाद से इसके लिए प्रयास कर रही थीं। पहले बार-बार परीक्षाएं रद्द हो जाती थीं या लंबे समय तक परिणाम नहीं आता था। आज योगी सरकार की पारदर्शी व्यवस्था का नतीजा है कि परीक्षा में सफल होने के साथ ही नियुक्ति-पत्र भी मिल गया। इतने लंबे इंतजार के बाद चयनित होने पर खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। इसके लिए वह योगी सरकार का आभार व्यक्त करना चाहती हैं।

    टीजीटी गणित के पद पर चयनित मऊ के शिवम बरनवाल ने नियुक्ति-पत्र मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि योगी सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। बिना रिश्वतखोरी, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से युवाओं को रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं।

    योगी सरकार ने खत्म की अव्यवस्था
    गोपाल प्रजापति ने बताया कि उनका चयन श्री वैष्णव हरिहर दास इंटर कॉलेज, आजमगढ़ में प्रवक्ता (पीजीटी) रसायन विज्ञान के पद पर हुआ है। योगी सरकार की त्वरित प्रक्रिया से उनका पूरा परिवार उत्साहित और खुश है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व की सरकारों में होने वाली अव्यवस्था को खत्म कर व्यवस्था को सुदृढ़ किया है। इससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर स्पष्ट और पारदर्शी तरीके से मिल रहे हैं।

    कुमारी ऊषा सिंह ने बताया कि उनका चयन पं. दीनदयाल इंटर कॉलेज, गोरखपुर में गृह विज्ञान सहायक अध्यापक (टीजीटी) के पद पर हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से चयन प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से पूरी हो सकी है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति-पत्र पाकर वह और उनका पूरा परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है। मुख्यमंत्री की अपेक्षानुसार वह अपने सेवाकाल में पूरी निष्ठा के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगी।

    हजारों अभ्यर्थियों को मिला सीधा लाभ
    अमेठी के शिव प्रसाद मिश्रा ने बताया कि उनका चयन टीजीटी संस्कृत के पद पर हुआ है। उन्होंने योगी सरकार और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की निष्पक्ष चयन प्रक्रिया की सराहना की। कहा कि चयन प्रक्रिया त्वरित गति से पूरी हुई, जिससे हजारों अभ्यर्थियों को सीधे लाभ मिला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों से जिस ईमानदारी की अपेक्षा की है, उसे वह पूरी निष्ठा से पूरा करेंगे।

  • छह महीने में एक लाख सरकारी नौकरी देने के महाभियान के तहत चार दिन में तीसरा बड़ा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम

    छह महीने में एक लाख सरकारी नौकरी देने के महाभियान के तहत चार दिन में तीसरा बड़ा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम

    लखनऊ
     छह महीने में एक लाख सरकारी नौकरियां देने के लक्ष्य के साथ योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महज चार दिन में तीन बड़े नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रमों के जरिए 5,297 युवाओं को सरकारी सेवा से जोड़ा है। 19 सितंबर को स्वास्थ्य, आयुष और कौशल विकास विभाग से शुरू हुआ नियुक्तियों का सिलसिला अगले दिन पुलिस और मंगलवार को शिक्षा विभाग तक पहुंचा। तीनों कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री योगी ने खुद नवचयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे।
     
    आंकड़े भी जॉब कैलेंडर की रफ्तार बता रहे हैं। 19 सितंबर को 818 नियुक्तियां हुईं। अगले ही दिन पुलिस के मिनिस्टीरियल कैडर में चयनित 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिले। एक दिन के अंतराल के बाद मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में एक साथ 3,567 प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों, प्रवक्ताओं और सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इसके साथ चार दिन में नियुक्तियों का आंकड़ा 5,297 पहुंच गया।
     
    पहले 818, अगले दिन 912 को नियुक्ति
    19 सितंबर को लोकभवन में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इनमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा विभाग के एक्स-रे टेक्नीशियन, आयुष विभाग के होम्योपैथिक फार्मासिस्ट, प्रोफेसर, रीडर और प्रवक्ता के अलावा एमएसएमई और व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के विभिन्न पदों पर चयनित युवा शामिल रहे।
     
    अगले ही दिन पुलिस के मिनिस्टीरियल कैडर में 912 नियुक्तियां हुईं। इनमें 259 पुलिस उपनिरीक्षक गोपनीय, 449 पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लिपिक और 204 पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लेखा शामिल हैं।
     
    तीसरे कार्यक्रम में 5,297 पहुंचा आंकड़ा
    मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीसरा और चार दिनों का सबसे बड़ा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम हुआ। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से चयनित 3,567 अभ्यर्थियों को अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्ति मिली।
     
    इनमें 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता पीजीटी और 2,372 सहायक अध्यापक टीजीटी हैं। चयनित अभ्यर्थियों में 1,090 महिलाएं और 2,477 पुरुष शामिल हैं।
     
    नौकरी के साथ पारदर्शी भर्ती का संदेश
    लगातार हो रहे नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रमों के जरिए सरकार निष्पक्ष, पारदर्शी और योग्यता आधारित भर्ती का संदेश भी दे रही है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा कि नियुक्ति मिलने के बाद किसी शिक्षक से पैसे मांगने की शिकायत मिली तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर नौकरी मिलनी चाहिए।
     
    5,297 के बाद अब एक लाख पर नजर
    सरकार के मुताबिक पिछले नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। अब अगले छह महीने में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य रखा गया है। पुलिस और होमगार्ड समेत विभिन्न विभागों की भर्तियां भी इसी रोजगार महाभियान का हिस्सा हैं।
     
    चार दिन में तीन बड़े कार्यक्रम और 5,297 नियुक्तियां जॉब कैलेंडर की शुरुआती तस्वीर हैं। अब अगले छह महीने में अलग-अलग विभागों की भर्तियों और नियुक्ति पत्र वितरण के जरिए एक लाख सरकारी नौकरियों के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जाएगा।

  • 2017 से अब तक अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में 48,018 को मिली नियुक्ति

    2017 से अब तक अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में 48,018 को मिली नियुक्ति

    लखनऊ
     प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को मंगलवार को 3,567 नए शिक्षक और संस्था प्रधान मिले। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए। इनमें से 12 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने मंच पर नियुक्ति पत्र सौंपे।
     
    नियुक्ति पाने वालों में 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता पीजीटी और 2,372 सहायक अध्यापक टीजीटी हैं। इन सभी का चयन आयोग की ओर से पूर्व में विज्ञापित रिक्त पदों के लिए किया गया है।
     
    नौ वर्षों में 48 हजार से अधिक को नियुक्ति
    माध्यमिक शिक्षा विभाग के मुताबिक वर्ष 2017 से 22 सितंबर 2026 तक अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में संस्था प्रधान और शिक्षक के विभिन्न पदों पर 48,018 अभ्यर्थियों का चयन और नियुक्ति हुई है। कार्यक्रम में चयनित अभ्यर्थियों और माध्यमिक शिक्षा विभाग की उपलब्धियों पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।
     
    इन 12 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र
    मुख्यमंत्री से मंच पर नियुक्ति पत्र पाने वालों में डीएवी इंटर कॉलेज कानपुर नगर के प्रधानाचार्य राम सिंह और इंटर कॉलेज बीरा पट्टी वाराणसी के प्रधानाध्यापक राघवेंद्र प्रताप सिंह शामिल रहे।
     
    प्रवक्ता पद पर चयनित अग्रसेन कन्या कॉलेज वाराणसी की आंचल शुक्ला, केडीईएम इंटर कॉलेज बरेली के अनुराग श्रीवास्तव, जिला पंचायत इंटर कॉलेज उग्रसेन प्रयागराज की प्रज्ञा सिंह, वैष्णव हरिहर दास इंटर कॉलेज आजमगढ़ के गोपाल प्रजापति और दीप चंद ग्रेन चैंबर इंटर कॉलेज मुजफ्फरनगर के मोहम्मद शादाब को भी मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र दिए।
     
    सहायक अध्यापक के पद पर चयनित पंडित दीनदयाल इंटर कॉलेज गोरखपुर की उषा सिंह, जनता राष्ट्रीय इंटर कॉलेज संभल के आकाश कुमार, लाला राम स्वरूप शिक्षण संस्थान लखनऊ की रीना यादव, नगर पालिका कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झांसी की सोनम त्रिपाठी और नेहरू इंटर कॉलेज कुशीनगर के अमन कुमार ने मुख्यमंत्री से नियुक्ति पत्र प्राप्त किए।