Category: उत्तर प्रदेश

  • जीरो कमीशन पर चलेगी भारत टैक्सी, चालक को पांच लाख की सामाजिक सुरक्षा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    जीरो कमीशन पर चलेगी भारत टैक्सी, चालक को पांच लाख की सामाजिक सुरक्षा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    जीरो कमीशन पर चलेगी भारत टैक्सी, चालक को पांच लाख की सामाजिक सुरक्षा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया भारत टैक्सी एवं मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ
     
    लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में संचालन शुरू, टैक्सी के साथ टू और थ्री व्हीलर चालक भी जुड़ेंगे
     
    भारत टैक्सी की तर्ज पर ग्रामीण बस सेवा को आगे बढ़ाने के निर्देश, लाखों युवाओं के लिए खुलेगा रोजगार का रास्ता
     
    महाकुंभ में रैपिडो की सेवा का दिया उदाहरण, बोले- यात्रियों को सुविधा मिली और यातायात भी नहीं हुआ बाधित
     
    मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत एलडीबी के ऋण की ब्याज दर 11 से घटाकर छह प्रतिशत
     
    पांच लाख लघु और सीमांत किसानों को ऋण देने का लक्ष्य, खेती और मशीनरी के लिए मिलेगा दीर्घकालिक कर्ज
     
    लखनऊ

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को भारत टैक्सी और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ करते हुए टैक्सी चालकों और किसानों के लिए दो बड़े कदम उठाए। भारत टैक्सी से टैक्सी, टू व्हीलर और थ्री व्हीलर चालक रजिस्ट्रेशन के साथ जीरो कमीशन पर जुड़ सकेंगे। उन्हें पांच लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा भी मिलेगी। वहीं मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत एलडीबी से किसानों को मिलने वाले ऋण की ब्याज दर 11 से घटाकर छह प्रतिशत कर दी गई है।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सहकारिता की कमान किन हाथों में है, उसी पर उसकी सफलता निर्भर करती है। अच्छा नेतृत्व सहकारिता को समृद्धि का माध्यम बनाता है, जबकि गलत नेतृत्व इसे अराजकता की ओर ले जा सकता है। आजादी के बाद पहली बार देश में अलग सहकारिता मंत्रालय बना और अब इसके परिणाम सामने आ रहे हैं।
     
    भारत की गति को प्रगति में बदलेगी भारत टैक्सी
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि टैक्सी, टू व्हीलर और थ्री व्हीलर चालकों के बारे में पहले कोई नहीं सोचता था। अब वे रजिस्ट्रेशन के साथ जीरो कमीशन पर भारत टैक्सी का हिस्सा बनेंगे और पांच लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा पाएंगे। सामाजिक सुरक्षा मिलने से चालक निश्चिंत होकर जिम्मेदारी के साथ अपना काम कर सकेगा।
     
    उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी केवल यात्रियों को ढोने वाली टैक्सी नहीं है। यह पूरे भारत की टैक्सी है, जो भारत की गति को प्रगति में बदलने का काम करेगी। लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में इसका संचालन शुरू किया गया है। लखनऊ एयरपोर्ट, लखनऊ मेट्रो और लखनऊ पुलिस समेत विभिन्न संस्थाओं के साथ एमओयू भी हुए हैं।
     
    महाकुंभ में देखा था रैपिडो का सफल प्रयोग
    मुख्यमंत्री योगी ने प्रयागराज महाकुंभ 2025 का जिक्र करते हुए कहा कि वहां लाखों नौजवान रैपिडो के माध्यम से अपनी बाइक पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित संगम तक पहुंचा रहे थे। संगम से रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तक पहुंचाने में भी उनका योगदान रहा। इससे यातायात बाधित नहीं हुआ और लोगों को आसानी से आवागमन की सुविधा मिली।
     
    उन्होंने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से ग्रामीण बस सेवा को भी भारत टैक्सी की तर्ज पर आगे बढ़ाने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मॉडल को आगे बढ़ाया गया तो लाखों नौजवानों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
     
    पांच लाख किसानों को छह प्रतिशत पर ऋण
    मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक से किसानों को 11 प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलता था। इसे अब घटाकर छह प्रतिशत कर दिया गया है। खेती-बाड़ी और मशीनरी के लिए किसानों को पैसे की कमी न हो, इसके लिए दीर्घकालिक ऋण की व्यवस्था की गई है। आगामी कुछ वर्षों में पांच लाख लघु और सीमांत किसानों को इसका लाभ देने का लक्ष्य है।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अन्नदाता किसान खुशहाल होगा तो भारत खुशहाल होगा। अन्नदाता किसान समृद्ध होगा तो भारत समृद्ध होगा। सहकारिता क्षेत्र जितना मजबूत होगा, देश भी उतना ही मजबूत होगा।
     
    86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ का ऋण माफ किया

    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद 86 लाख लघु और सीमांत किसानों के 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक के ऋण माफ किए गए। दशकों से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा किया गया। सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना को पूरा होने में करीब 50 वर्ष लगे। अर्जुन सहायक, बाणसागर और मध्य गंगा जैसी परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया गया।
     
    उन्होंने कहा कि पिछले करीब साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में 24 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया है। 16 लाख से अधिक निजी ट्यूबवेल वाले किसानों को मुफ्त बिजली दी जा रही है। नहर और सरकारी ट्यूबवेल से सिंचाई भी मुफ्त है।
     
    3.30 लाख करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 122 चीनी मिलें चल रही हैं। इनमें 100 से अधिक मिलें चौथे दिन गन्ना मूल्य का भुगतान कर रही हैं। पिछले नौ वर्षों में किसानों को 3.30 लाख करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने 29 चीनी मिलें बंद की थीं और इनमें से 21 को औने-पौने दाम पर बेच दिया था।
     
    उन्होंने कहा कि किसानों को बीज से बाजार तक सुविधा देने के लिए काम किया गया है। पैक हाउस बने, फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगीं और एफपीओ के गठन के साथ कृषि विज्ञान केंद्रों से तकनीकी सहयोग दिया गया। सहकारिता के माध्यम से प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर 50 हजार मीट्रिक टन क्षमता के वेयरहाउस भी तैयार किए जा रहे हैं।
     
    54 लाख नए सदस्य, 15 सहकारी बैंक मुनाफे में
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के 16 सहकारी बैंक निष्क्रिय हो चुके थे और उनके लाइसेंस जब्त हो गए थे। इनमें किसानों के हजारों करोड़ रुपये जमा थे। अब 16 में से 15 बैंक फिर मुनाफे में आ चुके हैं। एक अन्य बैंक को भी बेहतर करने पर काम चल रहा है।
     
    उन्होंने बताया कि पैक्स को पहले 10 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त कैश क्रेडिट की सुविधा दी गई थी, जिसे बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दिया गया है। सहकारिता से 54 लाख नए सदस्य जुड़े हैं। किसानों को समय पर खाद, कीटनाशक और दूसरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।
     
    कृषक समृद्धि पोर्टल लॉन्च, भारत टैक्सी को किया रवाना
    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बटन दबाकर मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि पोर्टल ऐप यूपीसीडीसी लॉन्च किया। उर्वरक के लिए मोबाइल ऐप और सहकारिता की सेवाओं को आसानी से उपलब्ध कराने के लिए कोऑपरेटिव डाटा सेंटर तथा मोबाइल ऐप की भी शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री ने पांच सारथियों को भारत टैक्सी के शेयर प्रमाण पत्र और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के पांच लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र सौंपे।
     
    भारत टैक्सी के सीईओ कर्नल हिमांशु और अडानी एयरपोर्ट लखनऊ के चीफ कमर्शियल ऑफिसर शिव मोहन ने विभिन्न संस्थाओं के साथ हुए एमओयू का आदान-प्रदान किया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल समेत अतिथियों ने फ्लैग ऑफ कर भारत टैक्सी को रवाना किया।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सहकारिता राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार जेपीएस राठौर, परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह, उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के सभापति डॉ. विवेक कुमार सिंह तोमर, सहकारिता मंत्रालय के अपर सचिव पंकज कुमार बंसल, भारत टैक्सी के उपाध्यक्ष रोहित गुप्ता मौजूद रहे।

  • यूपी ट्रेड शो: अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में चमकेगा रुहेलखंड, बरेली की जरी से मेंथा-फार्मा को मिलेगा बड़ा बाजार

    यूपी ट्रेड शो: अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में चमकेगा रुहेलखंड, बरेली की जरी से मेंथा-फार्मा को मिलेगा बड़ा बाजार

    यूपी ट्रेड शो: अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में चमकेगा रुहेलखंड, बरेली की जरी से मेंथा-फार्मा को मिलेगा बड़ा बाजार

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप स्थानीय हुनर को मिलेगा बड़ा बाजार

    बरेली की सबसे बड़ी भागीदारी, जरी से मेंथा तक दिखेगा दम

    पीलीभीत की नक्काशी, शाहजहांपुर की जरी और रुहेलखंड का स्वाद

    बरेली
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप स्थानीय हुनर और उत्पादों को देश-दुनिया के बाजार तक पहुंचाने की मुहिम में रुहेलखंड बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। यूपी अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला-2026 में बरेली की जरी-जरदोजी, मेंथा, दवा, बांस-बेंत और खाद्य उत्पादों की चमक दिखाई देगी। पीलीभीत की लकड़ी की नक्काशी और शाहजहांपुर की जरी कारीगरी भी खरीदारों के सामने होगी। नए निर्यातकों से लेकर पहले से विदेशों में कारोबार कर रही इकाइयों तक को अलग-अलग मंडप में जगह दी गई है। मंडलायुक्त बरेली शंभू कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा स्थानीय उत्पादों और छोटे उद्यमों को बड़ा बाजार उपलब्ध कराने की रही है। इसी दिशा में यूपी अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और निर्यातकों के लिए बड़ा मंच बन रहा है। बरेली मंडल से पारंपरिक जरी-जरदोजी और लकड़ी की नक्काशी के साथ दवा, मेंथा, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग और बांस-बेंत से जुड़े उद्यम भी इसमें शामिल हो रहे हैं। 

    बरेली की जरी-जरदोजी दिखाएगी अपना जलवा

    एक जिला-एक उत्पाद में बरेली की छह इकाइयों को जगह मिली है। मनीषा ज्वेलरी सुनारी उद्योग के हस्तशिल्प उत्पाद लेकर पहुंचेगी। कमल ट्रेडर्स, पिंकी जरी आर्ट्स, शिखा जरी आर्ट, ज्योत्सना जरी वर्क और कृष्णा गारमेंट्स बरेली की जरी-जरदोजी की कारीगरी प्रदर्शित करेंगे। पीलीभीत से राशिद हैंडीक्राफ्ट और फाइजाह मलिक लकड़ी की नक्काशी के उत्पाद लेकर पहुंचेंगे। 

    मसालों से रेजिन कला तक, छोटे उद्योग दिखाएंगे ताकत

     बरेली के छोटे और मझोले उद्योगों की विविधता भी दिखाई देगी। सृष्टिपूर्ति मसाले और मसाला मिश्रण, जबकि नंदू शेफ खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित करेगा। शील कलाकृति हाथ से तैयार रेजिन कला और ग्लिट्ज एंड थ्रेड्स आभूषण लेकर पहुंचेगा। हंकरी आर्ट एंड एसेंस सुगंधित मोमबत्तियां, रेजिन उत्पाद और धागे की चूड़ियां प्रदर्शित करेगा। फार्म टैब हेल्थ केयर दवा उत्पाद लेकर पहुंचेगा। इसके अलावा राजेश जरी गुड्स और रूबी जरी फैशन जरी-जरदोजी, हाथ की कढ़ाई और कृत्रिम आभूषणों के जरिए बरेली की कारीगरी दिखाएंगे। 

    नए निर्यातकों को बड़ा मौका, बरेली की तीन इकाइयों के पांच स्टॉल

    स्टॉल 14 नए निर्यातकों के लिए रखा गया है। इसमें बरेली की तीन इकाइयों को कुल पांच स्टॉल मिले हैं। एचएनवी फार्मा लिमिटेड (हम्बल हेल्थकेयर) दवा उत्पादों के लिए दो स्टॉल लगाएगी। दस्तकार बैम्बू केन डेवलपमेंट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड बांस और बेंत से तैयार उत्पाद लेकर पहुंचेगी। सिरमौर सोप्स एंड एलाइड प्रोडक्ट्स साबुन, कपड़े धोने के उत्पाद और झाड़ू के साथ दो स्टॉल लगाएगी। पीलीभीत की पीटीआर ग्लोबल एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड भारतीय लकड़ी से तैयार उत्पादों के साथ यहां मौजूद रहेगी। इसे एक स्टॉल मिला है। 

    मेंथा की खुशबू से कपड़ों और पैकेजिंग तक बरेली की पहुंच

    नियमित निर्यातकों के लिए निर्धारित मंडप 15 में बरेली की तीन इकाइयां शामिल हैं। एसए इंटरनेशनल परिधान लेकर पहुंचेगी। केल्विन नेचुरल मिंट प्राइवेट लिमिटेड मेंथा तेल, पुदीना तेल, मेंथॉल क्रिस्टल और स्पीयरमिंट तेल जैसे उत्पाद प्रदर्शित करेगी। अंजनिनंदन प्रीमियर पैकेजिंग प्राइवेट लिमिटेड पॉलीप्रोपाइलीन के थैले पेश करेगी। तीनों इकाइयों को एक-एक स्टॉल मिला है। वहीं पीलीभीत की राशिद हैंडीक्राफ्ट लकड़ी की नक्काशी के उत्पाद प्रदर्शित करेगी। दारक्षा मलिक और सुभुही जरी-जरदोजी के उत्पाद लेकर पहुंचेंगी। शाहजहांपुर से कुमकुम जरी वर्क्स जरी और उससे तैयार वस्तुओं के जरिए जिले की कारीगरी को खरीदारों के सामने रखेगी। 

    कारोबार के साथ बदायूं का पेड़ा और बरेली की बर्फी का स्वाद

    व्यापार मेले में सिर्फ उत्पादों का कारोबार नहीं होगा, रुहेलखंड का स्वाद भी लोगों को अपनी ओर खींचेगा। बरेली की अजंता स्वीट्स, रामपुर गार्डन और किप्स की बर्फी को पैकेज्ड खाद्य काउंटर में जगह मिली है। वहीं मोहित शर्मा नाश्ता कॉर्नर के छोले-भटूरे सीधे तैयार कर परोसे जाएंगे। वहीं बदायूं के हब्बू हलवाई का मशहूर पेड़ा भी व्यापार मेले में पहुंचेगा। पीलीभीत का पवन स्वीट हाउस खोया आधारित मिठाइयां और लौंज पेश करेगा। शाहजहांपुर से लोंजे को जगह मिली है। बदायूं के सूरज मिष्ठान भंडार, ककराला को भी स्थानीय व्यंजन के लिए स्टॉल संख्या 33 दिया गया है।  

    जरी के धागे से निर्यात की उड़ान तक

    रुहेलखंड की कारोबारी तस्वीर अब सिर्फ पारंपरिक हुनर तक सीमित नहीं है। एक तरफ बरेली की जरी-जरदोजी और पीलीभीत की लकड़ी की नक्काशी है तो दूसरी ओर दवा, मेंथा, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग और बांस-बेंत जैसे उद्योग भी हैं। यूपी अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में इन सभी को एक मंच मिलने जा रहा है। सबसे ज्यादा भागीदारी बरेली की दिखाई दे रही है, जिससे देश-विदेश से आने वाले खरीदारों के सामने जिले के पारंपरिक हुनर के साथ बदलती औद्योगिक तस्वीर भी रखी जाएगी।

  • CM योगी आज भारत टैक्सी और कृषक समृद्धि योजना का करेंगे शुभारंभ

    CM योगी आज भारत टैक्सी और कृषक समृद्धि योजना का करेंगे शुभारंभ

    सीएम योगी बुधवार को भारत टैक्सी और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का करेंगे शुभारंभ

    मुख्यमंत्री करेंगे ई-पोर्टल व मोबाइल ऐप की लॉन्चिंग, किसानों और ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म

    मुख्यमंत्री आवास पर होगा एमओयू और ऋण स्वीकृति पत्र का वितरण

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार (23 सितंबर) को भारत टैक्सी एवं मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ करेंगे। लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर कार्यक्रम आयोजित होगा। इस दौरान मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के ई-पोर्टल mkksylb.in, सहकारिता विभाग के उर्वरक सेतु मोबाइल ऐप एवं उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव डेटाबेस सेंटर के मोबाइल ऐप यूपीसीडीसी की लॉन्चिंग की जाएगी। 

    इस दौरान एयरपोर्ट अथॉरिटी, लखनऊ मेट्रो रेल, लखनऊ पुलिस एवं भारत टैक्सी के मध्य एमओयू होगा। साथ ही भारत टैक्सी के सारथियों को शेयर प्रमाण पत्र वितरित किया जाएगा। सीएम योगी मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र भी वितरित करेंगे। इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयेंद्र प्रताप सिंह राठौर, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह मौजूद रहेंगे।

  • राजकीय महिला शरणालय भवन का बुधवार को लोकार्पण करेंगे मुख्यमंत्री

    राजकीय महिला शरणालय भवन का बुधवार को लोकार्पण करेंगे मुख्यमंत्री

    राजकीय महिला शरणालय भवन का बुधवार को लोकार्पण करेंगे मुख्यमंत्री

    8 करोड़ रुपये की लागत से 100 महिलाओं की क्षमता का बना है शरणालय

    निर्माणाधीन राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) का निरीक्षण भी करेंगे सीएम योगी

    गोरखपुर
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को गोरखपुर में, महिला कल्याण विभाग की तरफ से संचालित होने वाले राजकीय महिला शरणालय के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर वह निर्माणाधीन राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) का भी निरीक्षण करेंगे।

    चरगांवा में कृषि विभाग के बीज गोदाम के समीप 8 करोड़ 5 लाख 42 हजार रुपये की लागत से राजकीय महिला शरणालय के भवन का निर्माण कराया गया है। इस भवन की क्षमता 100 महिलाओं के रहने की है। इसमें आवासीय सुविधा के साथ आवश्यक सहायक सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त 10 डारमेट्री कक्ष, 4 अध्ययन कक्ष, रोगी कक्ष, क्रेच रूम, डाइनिंग हॉल, किचन, स्टोर, शौचालय एवं स्नानघर जैसी आवश्यक सुविधाओं का निर्माण किया गया है। प्रशासनिक एवं संचालन संबंधी कार्यों के लिए वर्कशॉप, वार्डन कक्ष एवं कार्यालय की व्यवस्था की गई है। संवासनियों के अध्ययन एवं ज्ञानवर्धन हेतु पुस्तकालय भी बना है।

    राजकीय महिला शरणालय, महिला कल्याण विभाग के अधीन संचालित एक संरक्षणात्मक एवं आवासीय संस्था है। इन शरणालयों की स्थापना का प्रमुख उद्देश्य घरेलू हिंसा, जरूरतमंद, संकटपूर्ण परिस्थितियों, भटकाव अथवा अन्य सामाजिक एवं पारिवारिक कठिनाइयों से प्रभावित महिलाओं को सुरक्षित आश्रय, संरक्षण एवं आवश्यक सहयोग प्रदान करना है। 

    राजकीय महिला शरणालय का लोकार्पण करने से पहले मुख्यमंत्री, किशोरों के लिए निर्माणाधीन संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण करेंगे। चरगांवा में कृषि विभाग के बीज गोदाम के समीप ही राजकीय संप्रेषण गृह (किशोर) का निर्माण 14 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है। इसकी क्षमता 100 किशोरों के रहने की होगी। इसी परिसर में किशोर न्याय बोर्ड के लिए पृथक ब्लॉक का प्रावधान किया गया है। इसका निर्माण फरवरी 2027 तक पूर्ण होने की उम्मीद है। राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) का मुख्य उद्देश्य कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चों को सुरक्षित, संरक्षित, बाल-अनुकूल एवं सुधारात्मक वातावरण उपलब्ध कराते हुए उनकी समुचित देखभाल, संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, मनोसामाजिक सहयोग, कौशल विकास एवं पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करना है। इस गृह में ऐसे बालकों को रखा जाता है जिन्हें किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया हो तथा जिनके संबंध में बोर्ड द्वारा विधि के अनुरूप आवश्यक आदेश पारित किए गए हों।  

    गोरखनाथ मंदिर में होने वाले सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में सम्मिलित होंगे मुख्यमंत्री
    बुधवार (23 सितंबर) को गोरखपुर दौरे पर आ रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर में सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ कार्यक्रम में भी सम्मिलित होंगे। यह कथा ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 57वीं और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही है। प्रख्यात कथावाचक वृंदावन के मलूकपीठाधीश्वर राजेंद्रदास श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा सुनाएंगे।

  • यूपीआईटीएस 2026 : डेयरी और मत्स्य क्षेत्र को मिलेगा वैश्विक बाजार

    यूपीआईटीएस 2026 : डेयरी और मत्स्य क्षेत्र को मिलेगा वैश्विक बाजार

    यूपीआईटीएस 2026 : डेयरी और मत्स्य क्षेत्र को मिलेगा वैश्विक बाजार

    निवेशकों और खरीदारों से सीधे जुड़ेंगे उत्तर प्रदेश के उद्यमी

    ग्रामीण अर्थव्यवस्था को वैश्विक बाजार से जोड़ने का सशक्त मंच बनेगा यूपीआईटीएस

    मछली पालन से दुग्ध उत्पादन तक दिखेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई तस्वीर

    देश-विदेश के खरीदारों से रूबरू होंगे डेयरी क्षेत्र से जुड़े 14 प्रमुख स्टेकहोल्डर्स और मत्स्य क्षेत्र से जुड़ीं आठ प्रमुख कंपनियां

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 में प्रदेश के डेयरी व मत्स्य क्षेत्र की उपलब्धियों, संभावनाओं और उद्यमिता की नई तस्वीर देखने को मिलेगी। 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय ट्रेड शो में मत्स्य एवं डेयरी को प्रमुख फोकस सेक्टर के रूप में शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य इन क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश की विविध क्षमताओं को देश-विदेश के खरीदारों, निवेशकों और कारोबारियों के सामने प्रस्तुत करना है।

    बड़े बाजार से जुड़ेंगे डेयरी और मत्स्य क्षेत्र के स्टेकहोल्डर्स
    डेयरी और मत्स्य क्षेत्र प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार और स्वरोजगार से सीधे जुड़े हैं। ट्रेड शो में इन क्षेत्रों से संबंधित सरकारी योजनाओं, उत्पादों, सेवाओं, तकनीकों और उद्यमिता के अवसरों को व्यापक मंच मिलेगा। इससे किसानों, दुग्ध उत्पादकों, मत्स्य पालकों, स्वयं सहायता समूहों व उद्यमियों को अपने कार्य और उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने का अवसर मिलेगा।

    प्रसंस्करण, कोल्ड चेन, पैकेजिंग और विपणन में विकसित होंगे उद्यमिता के अवसर
    मत्स्य क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने के साथ आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन, प्रसंस्करण और विपणन की संभावनाओं को भी सामने लाया जाएगा। यूपीआईटीएस 2026 में मछली पालन, इससे जुड़े उत्पादन, फीड, प्रसंस्करण, कोल्ड चेन, पैकेजिंग और विपणन जैसे क्षेत्रों में उद्यमिता के अवसरों को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे मत्स्य पालकों और उद्यमियों को नए बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है।

    इसी तरह पशुधन, पशु स्वास्थ्य, दुग्ध उत्पादन और इससे जुड़े व्यवसायों की पूरी श्रृंखला ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करती है। ट्रेड शो के माध्यम से इन गतिविधियों में उपलब्ध संभावनाओं और कारोबार के अवसरों को भी व्यापक बाजार के सामने रखने का प्रयास किया जाएगा।

    एक मंच पर प्रदर्शित होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की विविधता
    यूपीआईटीएस में अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, घरेलू बी2बी खरीदारों, घरेलू बी2सी ग्राहकों के माध्यम से मत्स्य व डेयरी क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों के लिए अपने उत्पादों और सेवाओं को नए खरीदारों तक पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ेंगी। डेयरी और मत्स्य विभाग की सरकारी योजनाओं एवं नीतियों के साथ निजी क्षेत्र, उद्यमियों, निवेशकों, निर्यातकों और खरीदारों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। मत्स्य और पशुपालन जैसे कृषि-संबद्ध क्षेत्रों की भागीदारी से प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की ताकत और विविधता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इससे उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण, पैकेजिंग, विपणन और बाजार तक पूरी वैल्यू चेन में नए कारोबारी संपर्क विकसित होने की संभावनाएं बनेंगी।

     

    यूपीआईटीएस में मत्स्य विभाग की ओर से इन्हें मिलेगा मंच

    👉पीवीआर एक्वा – गाजियाबाद
    👉 ग्रोवेल फीड – लखनऊ
    👉 देवी फीड्स – बाराबंकी
    👉 फिश व्हाइट – वाराणसी
    👉 मणि एग्रो हब – मुरादाबाद
    👉 एबिस ग्रुप – अयोध्या
    👉 दयाल ग्रुप – लखनऊ
    👉 एडवांस फिश फार्म – मेरठ

    डेयरी क्षेत्र की देश-प्रदेश की 14 कंपनियों की रहेगी मौजूदगी

    👉 नमस्ते इंडिया
    👉 गंगोल सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड
    👉 भारत एसकेवाईआर एंड दूध प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड
    👉 सिंहानिया मिल्क प्रोडक्ट्स प्रा. लि. (मलाई धारा)
    👉 वीआरएस फूड्स लिमिटेड
    👉 क्रीमी फूड्स लिमिटेड
    👉 सीपी मिल्क एंड फूड प्रोडक्ट्स प्रा. लि. (ज्ञान डेयरी)
    👉 भोले बाबा मिल्क
    👉 अमूल (गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड)
    👉 न्यू एरा डेयरी इंजीनियर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
    👉 ज्यूड्स मिल्क
    👉 अल्फा मिल्क फूड
    👉 श्याम डेयरी
    👉 पराग डेयरी

    वर्जन 
    उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के चतुर्थ संस्करण (25 से 29 सितंबर) के आयोजन में डेयरी व मत्स्य विभाग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। अतिथि व आगंतुक दुग्ध-मत्स्य क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की प्रगति से रूबरू होंगे। आयोजन में दुग्ध उत्पादकों, मत्स्य पालकों, स्टेक होल्डर्स, कंपनियों आदि की भी सहभागिता रहेगी। दोनों विभागों की तैयारी पूरी हो गई है।
    धनलक्ष्मी के. 
    दुग्ध आयुक्त/महानिदेशक, मत्स्य
    उत्तर प्रदेश

  • यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनावी बिसात, BJP-NDA को 7 सीटों का दावा

    यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनावी बिसात, BJP-NDA को 7 सीटों का दावा

    लखनऊ
    यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों और विधान परिषद की 11 सीटों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. अगले दो महीने में इन सीटों के लिए चुनाव और चयन की पूरी प्रक्रिया पूरी होगी. राज्यसभा की इन 10 सीटों का कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म हो रहा है, जिनमें बीजेपी की 8, सपा की 1 और बसपा की 1 सीट शामिल है. बसपा के राज्यसभा से पूरी तरह खाली होने के बीच अब सबकी नजर बीजेपी और एनडीए के अतिरिक्त वोटों पर टिकी है, जबकि सपा के खाते में 2 सीटों का गणित बनता दिख रहा है। 

    लखनऊ से मिली जानकारी के मुताबिक, अक्टूबर और नवंबर में त्योहारों के साथ-साथ सियासी समीकरण भी तेजी से बदलेंगे. जिन बीजेपी सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, उनमें पूर्व डीजीपी बृजलाल, सीमा द्विवेदी, नीरज शेखर, गीता शाक्य, हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह और बीएल वर्मा शामिल हैं. डॉ. दिनेश शर्मा का कार्यकाल भी 25 नवंबर तक था, लेकिन अंडमान-निकोबार के एलजी बनने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया, इसलिए उनकी सीट पर भी अब चुनाव होगा. इसके अलावा सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव और बसपा के रामजी गौतम का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। 

    सूत्रों की मानें तो अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में राज्यसभा चुनाव का कार्यक्रम घोषित हो सकता है. आमतौर पर अधिसूचना जारी होने से लेकर मतगणना तक पूरी प्रक्रिया में करीब 20 दिन का समय लगता है. यूपी विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं, लेकिन पिछले एक साल में 6 विधायकों के निधन के बाद अभी विधायकों की संख्या 397 रह गई है. मौजूदा गणित के हिसाब से राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए करीब 37 विधायकों के वोट चाहिए होंगे। 

    बसपा विधानसभा में पहले ही शून्य हो चुकी है और रामजी गौतम का कार्यकाल खत्म होते ही पार्टी राज्यसभा में भी शून्य हो जाएगी. सपा के पास 101 विधायक हैं, जिससे उसे 2 सीटें मिलने का रास्ता बनता है और करीब 7 वोट अतिरिक्त बच जाएंगे. वहीं बीजेपी के पास 256 विधायक हैं और सहयोगी दलों को जोड़कर एनडीए का आंकड़ा करीब 289 बताया जा रहा है। 

    तीन निर्दलीय विधायकों और राजा भैया की पार्टी के 2 विधायकों के समर्थन से यह आंकड़ा 294 तक पहुंच जाता है, हालांकि सुभासपा के 2 विधायकों के सपा की तरफ झुकाव के चलते एनडीए की असल ताकत करीब 292 ही मानी जा रही है. इस हिसाब से बीजेपी और उसके सहयोगी दल 7 सीटें आसानी से जीत सकते हैं, लेकिन उसके बाद भी एनडीए के पास वोट बचेंगे जिससे दूसरी पसंद के वोट 10वीं सीट का फैसला कर सकते हैं। 

  • यूपी बिजली विभाग के महाअभियान में बड़ा खेल, मीटर में 16 हजार यूनिट की हेराफेरी पकड़ी

    यूपी बिजली विभाग के महाअभियान में बड़ा खेल, मीटर में 16 हजार यूनिट की हेराफेरी पकड़ी

    लखनऊ
    यूपी के विद्युत वितरण क्षेत्र देवीपाटन मंडल में बकाया वसूली और लाइन लॉस घटाने के महा अभियान में बड़ी गड़बड़ी पकड़ी गई है। गोंडा जिले में बड़गांव खण्ड प्रथम के परसोनी बनवारा में 16853 यूनिट की स्टोर रीडिंग पकड़ी गई। रीडिंग में 16 हजार यूनिट की हेराफेरी सामने आई है। बडगांव उपखण्ड अधिकारी भरत सिंह ने संबंधित मीटर रीडर और कार्यदायी संस्था टेरासॉफ्ट के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की है।

    मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ के निर्देश पर उत्तरी, खरगूपुर, चांदपुर, शिवपुरा, चरचरी, चौधरीडीह और रहवा जैसे हाई लॉस फीडरों पर 10 से 15 टीमें तैनात की गई हैं। ये टीमें घर-घर जाकर बकाया जमा करा रही हैं और नेवर पेड उपभोक्ताओं को नोटिस दे रही हैं। नोटिस के बाद भी भुगतान न करने पर संयोजन काटे जाएंगे। जांच में गोण्डा में 15, बहराइच में 12 और बलरामपुर-श्रावस्ती में 14 कुल 41 जगह बिजली चोरी पकड़ी गई, जिन पर एफआईआर की कार्रवाई की जा रही है। सोमवार को गोंडा जिले में 743 नोटिस पर 44.47 लाख, बहराइच में 790 नोटिस पर 65.17 लाख और बलरामपुर-श्रावस्ती में 939 नोटिस पर 55.13 लाख की वसूली हुई। मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने कहा कि बकाया बिलों का समय से भुगतान कर उपभोक्ता विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में सहयोग करें। उन्होंने दो टूक कहा कि विभागीय कार्यों में लापरवाही बरतने, स्टोर रीडिंग करने वाले को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा और उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

    रामापुर में 40 कनेक्शन काटे :
    अधिशासी अभियंता रणबीर सिंह के निर्देश पर विद्युत दुबहा गांव में सघन विद्युत चेकिंग अभियान एवं राजस्व वसूली कैंप का आयोजन किया गया। इस कार्रवाई से बकायादारों और बिजली चोरी करने वालों में हड़कंप मचा रहा। अभियान के दौरान विद्युत विभाग की टीम ने बड़े पैमाने पर जांच की। बकाया भुगतान न करने पर लगभग 40 उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन मौके पर ही काट दिए गए। वहीं, 15 उपभोक्ताओं ने कार्रवाई से बचते हुए मौके पर ही 65,000 रुपये का राजस्व जमा कराया। जांच के दौरान 5 उपभोक्ताओं के मीटर में रीडिंग स्टोर पाई गई, जिसे टीम ने मौके पर ही अपडेट कर नया बिल जारी किया। अवर अभियंता अर्जुन कुमार पाल ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति ने बिना बकाया जमा किए चोरी से दोबारा केबल जोड़ने का प्रयास किया, तो उसके खिलाफ विद्युत अधिनियम की धारा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    छोटे फाल्ट को ठीक करने में लग रहे 14 से 20 घंटे, लोग परेशान
    परसपुर में नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी है। नगर के गिरीश नारायण सिंह सहित अन्य उपभोक्ताओं का कहना है आए दिन रात करीब 9-10 बजे लाइन में फाल्ट होने से बिजली कट जाती है। छोटे फाल्ट को ठीक करने में भी 14 से 20 घंटे तक का समय लग जा रहा है। गर्मी में रातभर बिजली न रहने से वृद्धों, बीमारों और छोटे बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बताते हैं कुछ प्रभावशाली लोगों के कनेक्शन को दूसरे फेस से जोड़कर आपूर्ति बहाल कर दी जाती है, जबकि उड़े वाले फेस से जुड़े सैकड़ों परिवार पूरी रात बिजली के इंतजार में रात काटनी पड़ रही हैं। कुछ सक्षम लोग मजबूरी में जनरेटर चलाते हैं, जिससे ध्वनि और वायु प्रदूषण की समस्या भी बढ़ती है। उपभोक्ताओं ने अधिकारियों से मांग की है कि फाल्ट होने पर तत्काल मरम्मत की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और विद्युत आपूर्ति शीघ्र बहाल हो। साथ ही चेतावनी दी है कि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो नगरवासी उच्च अधिकारियों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि से शिकायत करेंगे।

  • नियुक्ति पाने वालों से पैसे मांगने वाले को जेल में सड़ना पड़ेगा: सीएम योगी

    नियुक्ति पाने वालों से पैसे मांगने वाले को जेल में सड़ना पड़ेगा: सीएम योगी

    नियुक्ति पाने वालों से पैसे मांगने वाले को जेल में सड़ना पड़ेगा: सीएम योगी

    अब कोई सैफई सिंडिकेट प्रतिभावान छात्रों के हितों पर डकैती डालने का दुस्साहस नहीं कर सकता: मुख्यमंत्री

    पिछले एक सप्ताह में 5297 युवाओं को नियुक्ति पत्र मिले, हम नियुक्ति पत्र देते जाएंगे, सैफई सिंडिकेट गिनती रहे: सीएम योगी

    जिनके कारनामों से प्रदेश थर्राता था और दुनिया शक की निगाहों से देखती थी, वे आज उपदेश देते फिर रहे: मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित 3567 अभ्यर्थियों को वितरित किए नियुक्ति पत्र

    चयनितों में प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता (पीजीटी) और सहायक अध्यापक (टीजीटी) के पद शामिल

    2015-16 में जिस अभ्यर्थी से मांगे गए थे आठ लाख रुपये, उसी अभ्यर्थी का सपना हुआ साकार: मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री ने कहा- शिक्षक केवल नौकरी नहीं, नए भारत के निर्माण की आधारशिला तैयार करने का दायित्व संभालें

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए कहा कि अब कोई सैफई सिंडिकेट प्रतिभावान छात्रों के हितों पर डकैती डालने का दुस्साहस नहीं कर सकता। इसीलिए उत्तर प्रदेश पुलिस में अच्छा काम करने वाले अधिकारियों को आयोग और बोर्डों की दिशा-दशा सुधारने का दायित्व दिया गया है। पहले युवाओं को उनके अधिकार से वंचित कर दिया जाता था। लेकिन, अब नियुक्ति पाने वाले किसी भी अभ्यर्थी से पैसे की मांग करने वाले को जेल में सड़ना पड़ेगा। आज का कार्यक्रम केवल नियुक्ति पत्र वितरण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा से जुड़े चारों स्तंभ, सहायक अध्यापक, प्रवक्ता, प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्य को एक साथ जोड़ने वाला विशेष अवसर है। यहां 3,567 लोगों का चयन कर उनके हाथों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने का महत्वपूर्ण दायित्व दिया गया है। 

    हम नियुक्ति पत्र देते जाएंगे, वे गिनते जाएं
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज 3,567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं और पिछले एक सप्ताह में वह 5,297 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित कर चुके हैं। पिछले नौ वर्ष में 9.5 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। हमने सैफई सिंडिकेट से कहा है कि हम नियुक्ति पत्र देते जाएंगे, वे गिनते जाएं। सीएम ने तंज कसा कि यदि गिनती नहीं आती हो तो शिवपाल जी के सानिध्य में बैठ जाएं, बहुत अच्छी गिनती सीख जाएंगे। 

    2015-16 में घूसखोरी का शिकार बने युवा का सपना साकार
    मुख्यमंत्री ने हाल में नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले एक नौजवान के इंटरव्यू का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस युवक की आंखों में आंसू भरे थे और उसने बताया कि 2015-16 में भी उसने इस पद के लिए आवेदन किया था। उससे आठ लाख रुपये की मांग की गई थी। वह खेत बेचकर पैसा लेकर आया, लेकिन तब तक उससे अधिक पैसा देने वाला दूसरा व्यक्ति आ गया और वह नौकरी से वंचित रह गया। आज उसका सपना साकार हुआ है और जिस पद के लिए उसने आवेदन किया था, उसी पद पर उसे नियुक्ति मिल गई है। पूरी प्रक्रिया निरस्त की गई और उस युवा को नियुक्ति पत्र प्राप्त हुआ। 

    किसी ने लेनदेन की बात की तो जेल में सड़ेगा
    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा सभी शिक्षकों को दी है। यह सुविधा शासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी दी गई है। बेसिक शिक्षा में रसोइयों, शिक्षामित्रों और अन्य संबंधित कर्मियों को भी इसका लाभ दिया गया है, जिससे वे निश्चिंत होकर कार्य कर सकें। किसी भी शिक्षक को ज्वाइनिंग में दिक्कत नहीं होनी चाहिए। यदि किसी प्रबंधक की कोई जिज्ञासा है तो वह शासन के समक्ष उपलब्ध कराए, लेकिन नियुक्ति पत्र प्राप्त होने के बाद यदि किसी प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता या शिक्षक से किसी ने लेनदेन की बात की तो उसे जेल में सड़ना पड़ेगा। हमें सख्त सख्त कार्रवाई पर मजबूर होना पड़ेगा।

    अगले छह महीने में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि नौ साल में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। अगले छह महीने के अंदर एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने जा रहे हैं। जब लोग परिणाम पूछते हैं तो मैं कहता हूं कि परिणाम यह है कि जो उत्तर प्रदेश नौ वर्ष पहले बीमारू राज्य कहा जाता था, आज भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बना हुआ है। बॉटम फाइव से टॉप-थ्री में आया है। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तीन गुना करने और प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना करने में सफलता मिली है। यही युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा है।

    यूपी के सामने पहचान का संकट खड़ा किया गया था
    सीएम योगी ने कहा कि आज यूपी के नौजवानों के लिए पूरी दुनिया खुली है। जिन लोगों ने उनके सामने पहचान का संकट खड़ा किया था, वे यहां नौकरी देते नहीं थे और दुनिया ‘यूपी वाला’ कहकर हमारे युवाओं को शक की निगाहों से देखती थी। जिनके कारनामों से प्रदेश थर्राता था, वही लोग आज उपदेश देते फिर रहे हैं। आज नियुक्ति पाने वालों में बहुत से ऐसे होंगे जिन्होंने पहली बार प्रतियोगी परीक्षा दी होगी। कई ऐसे भी होंगे जिन्हें पहले अवसर नहीं मिला होगा। यदि किसी ने पहली बार प्रतियोगी परीक्षा दी है तो स्वाभाविक रूप से दस वर्ष पहले उसकी उम्र 13 से 16-17 वर्ष के बीच रही होगी। उस उम्र में बच्चा मां-बाप पर ज्यादा आश्रित रहता है और माता-पिता उसकी हर जरूरत पूरी करने में योगदान देते हैं। ऐसे बच्चों को यह बताने की आवश्यकता है कि 2017 के पहले क्या होता था। परीक्षा कोई देता था और नियुक्ति पत्र उसे दिया जाता था, जिसने फॉर्म तक नहीं भरा होता था। यह अराजकता, बेईमानी और भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा थी।

    एक शिक्षक 100 छात्रों से संवाद करे तो 3,567 शिक्षक 3.5 लाख से अधिक बच्चों का मार्गदर्शन करेंगे
    मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि एक शिक्षक प्रतिवर्ष 100 छात्रों के साथ इंटरेक्शन करता है तो 3,567 शिक्षक एक वर्ष में 3.5 लाख से अधिक बच्चों के साथ संवाद और उनका मार्गदर्शन करेंगे। बच्चों को गाइड करना, उनका मार्गदर्शन करना ही नए भारत की आधारशिला है। भारत तब विश्वगुरु था, जब वह दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों का संचालन करता था। तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्व प्रसिद्ध विश्वविद्यालय भारत की धरोहर रहे हैं। यह धरोहर पहले से मौजूद है, केवल उसे पहचानने और जानने की आवश्यकता है। सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर दे सकती है, लेकिन उस इंफ्रास्ट्रक्चर पर गति कैसे होनी चाहिए, यह शिक्षक द्वारा प्रशिक्षित विद्यार्थी तय करेगा। सरकार उद्योग लगाने का माहौल दे सकती है और उद्योग लगाने में मदद कर सकती है, लेकिन वह उद्योग इनोवेशन और रोजगार का आधार बनेगा या नहीं, यह प्रशिक्षित छात्र तय करेंगे। सरकार लैब बना सकती है, लेकिन वह लैब बेहतरीन शोध का आधार बने और छात्र उसके योग्य बनें, यह शिक्षक द्वारा प्रशिक्षित विद्यार्थी तय करेंगे। जब यह प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, तभी आत्मनिर्भर और विकसित भारत की संकल्पना पूरी होगी।

    श्रीराम, कृष्ण, चाणक्य से लेकर मालवीय और कलाम तक, गुरु की भूमिका रही विशिष्ट
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नियुक्ति पाने वाले सभी लोग एक बड़े और पवित्र अभियान के साथ जुड़ रहे हैं। उन्होंने श्रीराम के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके जीवन में पग-पग पर ऐसी परिस्थितियां आईं, जहां गुरु की भूमिका महत्वपूर्ण रही। पहले गुरु वशिष्ठ का सानिध्य मिला। गुरुकुल में रहकर भगवान राम ने अपने अनुजों के साथ जीवन के बारे में जाना और गुरु विश्वामित्र के सानिध्य में आने पर जीवन का उद्देश्य समझा तथा दिव्य अस्त्र-शस्त्र का ज्ञान प्राप्त किया। राम मर्यादा के आदर्श हैं और आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं। जब यही गुरुतर दायित्व महर्षि वाल्मीकि के हाथों में आया तो उन्होंने वाल्मीकि रामायण के माध्यम से इसे आगे बढ़ाया। उत्तर और दक्षिण को जोड़ने का दायित्व जब महर्षि अगस्त्य के सामने आया तो उन्होंने भी उस कार्य को पूरा किया। चाणक्य का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह तक्षशिला विश्वविद्यालय के आचार्य थे, लेकिन भारत के सामने मौजूद संकटों और विभाजित राजनीतिक ताकतों को देखकर उन्हें लगा कि केवल इससे काम नहीं चलेगा। किसी चंद्रगुप्त को तैयार करना होगा और उन्होंने पाटलिपुत्र में वह साम्राज्य खड़ा कर दिया।

    धरनारत बच्चों के लिए एनसीटीई को पत्र लिखने का निर्देश
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति का समाज में योगदान है, लेकिन शिक्षक की भूमिका अन्य से भिन्न है। एक प्रशासनिक अधिकारी अपने प्रशासनिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन कर सकता है, लेकिन वह अच्छा शिक्षक नहीं हो सकता। पुलिस अधिकारी अपने कार्यों के माध्यम से लोगों के मन में सुरक्षा का भाव पैदा कर सकता है, लेकिन शिक्षक होने के लिए उसे भी सीखना पड़ता है। मैंने माध्यमिक शिक्षा मंत्री से कहा है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) को पत्र लिखा जाए। प्रयागराज में कुछ युवा धरने पर बैठे हैं। एक बार के लिए उन बच्चों के लिए रिलैक्सेशन किया जाए अथवा ऐसी व्यवस्था बनाई जाए कि एक समय के बाद वे बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं में अपीयर हो सकें। कोई एक सिस्टम तैयार किया जाना चाहिए। जड़ता की शिकार व्यवस्था नौजवानों के हौसलों को रोकने का काम करती है।

    9 साल में शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन
    सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा दोनों की स्थिति बहुत बदहाल थी। बेसिक शिक्षा में जर्जर भवन थे, टॉयलेट की व्यवस्था नहीं थी, पेयजल की व्यवस्था नहीं थी। स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी की बात तो दूर थी। बच्चों के लिए यूनिफॉर्म की भी व्यवस्था नहीं थी। ऑपरेशन कायाकल्प और निपुण भारत के तहत बेसिक शिक्षा परिषद में अभूतपूर्व कार्य हुआ है। सैचुरेशन के टारगेट को 36 प्रतिशत से बढ़ाकर 96 प्रतिशत करने में सफलता मिली है। माध्यमिक शिक्षा में प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत अब तक 2,300 से अधिक विद्यालयों के नए भवन बने हैं और नया इंफ्रास्ट्रक्चर आया है। अच्छी लैब, लाइब्रेरी और क्लासरूम बनाए गए हैं।

    स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी व अटल टिंकरिंग लैब से बच्चों को मिलेगा नया वातावरण
    मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और अच्छी लैबोरेटरी होगी तो बच्चे उससे प्रभावित होंगे। विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब बन रही हैं। औद्योगिक घरानों के साथ मिलकर स्किल डेवलपमेंट के नए-नए कार्यक्रम भी आगे बढ़ाए जा रहे हैं। यह काम 2017 के पहले भी हो सकता था, लेकिन रुचि का अभाव था। सरकार का विजन नहीं था और करने की इच्छाशक्ति नहीं थी। अपना एक सीमित एजेंडा था और उस सीमित एजेंडे के साथ यूपी के युवाओं के जीवन के साथ खिलवाड़ होता था।

    2047 के भारत का नेतृत्व करने वाली पीढ़ी को तैयार करेंगे शिक्षक
    सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों के सामने 2047 का लक्ष्य रखा है। आज जो नौजवान 13, 14 या 15 वर्ष का है, उसकी उम्र तब 33 से 38 वर्ष के बीच होगी। यही वर्ग उस समय भारत को नेतृत्व देने वाला होगा। कोई डॉक्टर बनेगा, कोई इंजीनियर, कोई सोशल वर्कर, कोई शिक्षक और कोई साइंटिस्ट। अलग-अलग क्षेत्रों में जाने वाले ये छात्र भारत को नेतृत्व देंगे और आगे बढ़ाने में योगदान करेंगे। कभी उन्हें स्मरण करना हो तो उनकी स्मृति में शिक्षक की तस्वीर होनी चाहिए। छात्र को यह भाव होना चाहिए कि आप उसके निर्माता हैं और आपके प्रति उसके मन में श्रद्धा हो। यह गुरुतर दायित्व शिक्षक को निभाना होगा। एक प्रिंसिपल का काम केवल विद्यालय का अनुशासन बनाए रखना नहीं है, बल्कि विद्यालय को छात्र की जिज्ञासा का केंद्र बनाना भी है। इसके लिए सकारात्मक वातावरण और परिस्थितियां पैदा करनी होंगी।

    छात्रों को नकारात्मकता से बचाना और महापुरुषों से परिचित कराना भी शिक्षक का दायित्व
    मुख्यमंत्री ने कहा कि एक शिक्षक को सदैव शिक्षक की भूमिका में रहना चाहिए। समाज को बांटने वाले बहुत लोग होंगे। ऐसे लोगों से छात्रों को सावधान कराना भी शिक्षा का दायित्व होना चाहिए। बच्चों को पाठ्यक्रम के अलावा महापुरुषों की जीवनी के बारे में भी बताया जाए। देश और दुनिया में प्रतिदिन घटित होने वाली घटनाओं की जानकारी से अपडेट किया जाए। यह उनके जनरल नॉलेज के लिए भी उपयोगी होगा।

    इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग प्रशांत कुमार, सचिव माध्यमिक शिक्षा किंजल सिंह एवं माध्यमिक शिक्षा के अधिकारीगण उपस्थित रहे। 

    योग्यता और मेरिट के आधार पर चयन: ब्रजेश पाठक
    उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने नवनियुक्त शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षक केवल बच्चों को पढ़ाने का कार्य नहीं करते, बल्कि समाज को दिशा देने की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं। भारत में गुरु-शिष्य परंपरा का गौरवशाली इतिहास रहा है और शिक्षकों ने हमेशा ज्ञान के साथ जीवन-मूल्यों की शिक्षा देने का काम किया है। नवनियुक्त शिक्षकों पर समाज और राष्ट्र के भविष्य के निर्माण की बड़ी जिम्मेदारी है। शिक्षक प्रदेश की वर्तमान स्थिति और पूर्व की स्थिति का तुलनात्मक अध्ययन करते हुए समाज को सही दिशा देने का कार्य करें। 2017 से पहले प्रदेश में कानून-व्यवस्था, सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में अनेक चुनौतियां थीं, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में इन क्षेत्रों में व्यापक बदलाव हुए हैं। प्रदेश में सड़कों का विस्तार हुआ है, बिजली की उपलब्धता में सुधार हुआ है और मेडिकल कॉलेजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में गरीब कल्याण की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। वर्तमान सरकार में नियुक्तियां पारदर्शी और मेरिट के आधार पर हो रही हैं और आज का कार्यक्रम इसका उदाहरण है।

     

    शिक्षकों की जिम्मेदारी चरित्र निर्माण की भी: गुलाब देवी
    माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि आज योग्यता, परिश्रम और लगन के बल पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल रही है। अब उनकी वास्तविक जिम्मेदारी शुरू हो रही है। शिक्षक और विद्यार्थी का संबंध भावनात्मक होता है और अभिभावक अपने बच्चों को शिक्षकों को इस विश्वास के साथ सौंपते हैं कि वे उन्हें ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन, चरित्र निर्माण, देशभक्ति और अच्छे व्यक्तित्व का विकास प्रदान करेंगे। शिक्षक स्वयं बच्चों के लिए आदर्श बनें, क्योंकि विद्यार्थी शिक्षक के व्यवहार, आचरण और कार्यशैली से सीखते हैं। नई शिक्षा नीति-2020 की भावना भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की है। सरकार शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता, पारदर्शिता और तकनीक के उपयोग पर विशेष ध्यान दे रही है तथा शिक्षकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए भी अनेक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने चयनित शिक्षकों से निष्ठा, सजगता, उमंग और उत्साह के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

     

    इन्हें मंच पर मिला नियुक्ति पत्र

    प्रधानाचार्य

    राम सिंह, कानपुर नगर
    राघवेंद्र प्रताप सिंह, वाराणसी

    प्रवक्ता (पीजीटी)

    आंचल शुक्ला, वाराणसी
    अनुराग श्रीवास्तव, बरेली
    प्रज्ञा सिंह, प्रयागराज
    गोपाल प्रजापति, आजमगढ़
    मोहम्मद शादाब, मुजफ्फरनगर

    सहायक अध्यापक (टीजीटी)

    कु. ऊषा सिंह, गोरखपुर
    आकाश कुमार, संभल
    रीना यादव, लखनऊ
    सोनम त्रिपाठी, झांसी
    अमन कुमार, कुशीनगर

  • यूपी में अपराधियों पर और कसेगा शिकंजा, ‘स्पेशल 32’ संभालेंगे क्राइम सीन मैनेजमेंट

    यूपी में अपराधियों पर और कसेगा शिकंजा, ‘स्पेशल 32’ संभालेंगे क्राइम सीन मैनेजमेंट

    यूपी में अपराधियों पर और कसेगा शिकंजा, ‘स्पेशल 32’ संभालेंगे क्राइम सीन मैनेजमेंट

    योगी सरकार के जीरो टॉलरेंस को वैज्ञानिक जांच की धार, मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर 75 जिलों की पुलिस होगी अपग्रेड

    छह बैच में प्रशिक्षित 600 अफसरों में से चुने गए 32 विशेषज्ञों को फॉरेंसिक साइंस और क्राइम सीन मैनेजमेंट की मास्टर ट्रेनिंग

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ अब और सख्ती की तैयारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को अब वैज्ञानिक जांच की धार देने की कवायद शुरू की गई है। अपराध के बाद घटनास्थल पर छूटे साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और वैज्ञानिक तरीके से जांच को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस के ‘स्पेशल 32 अफसर’ तैयार किए जा रहे हैं। छह बैच में 100-100 अफसरों को 40 दिन का प्रशिक्षण दिए जाने के बाद चयनित इन 32 अधिकारियों को अब फॉरेंसिक साइंस और क्राइम सीन मैनेजमेंट में मास्टर ट्रेनिंग दी जा रही है। आगे इनकी विशेषज्ञता का इस्तेमाल सभी 75 जिलों में पुलिस की क्राइम सीन मैनेजमेंट क्षमता को मजबूत करने में किया जाएगा।

    अब वैज्ञानिक तरीके से घटनास्थल को सुरक्षित कर छोटे से छोटे साक्ष्य की पहचान के जरिए जांच को मजबूत आधार मिलेगा। इसके साथ ही अपराधियों के खिलाफ तेजी से सख्त कार्रवाई की जा सकेगी। इसी सोच के साथ उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट आफ फॉरेंसिक साइंस (UPSIFS), लखनऊ में 32 अधिकारियों को मास्टर ट्रेनिंग के जरिए विशेष रूप से तैयार कर रहा है। प्रशिक्षण में कृत्रिम घटनास्थल तैयार कर अधिकारियों की व्यावहारिक दक्षता भी परखी जाएगी।

    600 की ट्रेनिंग से चुने गए ‘स्पेशल अफसर’

    छह बैच में 100-100 पुलिस अधिकारियों को पहले ही 40 दिन का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इन अधिकारियों ने अपने-अपने जिलों में अन्य पुलिसकर्मियों को भी प्रशिक्षित किया। अब इन्हीं प्रशिक्षित अधिकारियों में से चयनित टॉप 32 अफसरों को फॉरेंसिक और क्राइम सीन मैनेजमेंट में विशेषज्ञता के अगले स्तर तक ले जाया जा रहा है। यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने बताया कि यह स्पेशल ट्रेनिंग उन पुलिस अधिकारियों को दी जा रही है, जो प्रशिक्षण के दौरान टॉप पर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस बार पुलिस अधिकारियों की व्यावहारिक दक्षता को और बेहतर किया जाएगा। इसके लिए कृत्रिम घटनास्थल तैयार कर उनकी क्षमता का परीक्षण भी किया जाएगा।

    क्राइम सीन मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान देने की जरूरत : डॉ. जीके गोस्वामी 

    डॉ. गोस्वामी ने कहा कि आपराधिक जांच में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए क्राइम सीन मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इसी उद्देश्य से यूपीएसआईएफएस ने हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग की पहल की है। फॉरेंसिक साइंस और क्राइम सीन मैनेजमेंट की मास्टर ट्रेनिंग में व्यावहारिक अनुभव यानी एक्सपीरिएंशियल लर्निंग पर जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों के लेक्चर के साथ हैंड्स-ऑन सेशन के जरिए अधिकारियों को विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जा रही है।

    हर सुराग की होगी वैज्ञानिक पड़ताल

    प्रशिक्षण में घटनास्थल से तलाशी और जब्ती के नियम, क्राइम सीन नोट्स, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, पहचान और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया पर फोकस किया जा रहा है। फिंगरप्रिंट और खून के नमूने जैसे साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से पहचानने और सुरक्षित रूप से एकत्र करने की बारीकियां भी सिखाई जा रही हैं। इसका उद्देश्य यह है कि घटनास्थल पर मौजूद महत्वपूर्ण साक्ष्य अनदेखे न रह जाएं और उन्हें सही तरीके से संरक्षित कर आगे की विवेचना में इस्तेमाल किया जा सके। इससे जांच को साक्ष्य आधारित मजबूत आधार मिलने की संभावना बढ़ेगी।

    दिन हो या रात, हर क्राइम सीन की तैयारी

    प्रशिक्षण में दिन और रात के अलग-अलग समय तथा विभिन्न स्थानों पर क्राइम सीन समेत व्यावहारिक जानकारी भी दी जा रही है। इसके अलावा वास्तविक घटनास्थल पर आने वाली चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को फील्ड वर्क का महत्व समझाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों को ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए भी तैयार किया जा रहा है, जहां अपराध के साक्ष्य नष्ट करने, साक्ष्य छिपाने या गलत जानकारी देने का प्रयास किया जा सकता है। इसके जरिए घटनास्थल को सुरक्षित रखने और वैज्ञानिक जांच की प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने पर जोर है।

    ‘स्पेशल 32’ बनेंगे विशेषज्ञ कड़ी

    छह बैच में प्रशिक्षित 600 अफसरों के बाद अब 32 अधिकारियों को मास्टर ट्रेनिंग देने से प्रशिक्षण व्यवस्था को अगले स्तर पर ले जाने की तैयारी है। इनकी विशेषज्ञता का लाभ आगे जिलों में क्राइम सीन मैनेजमेंट से जुड़े अन्य पुलिस अधिकारियों की क्षमता बढ़ाने में लिया जा सकेगा। इस पूरी कवायद का बड़ा उद्देश्य अपराध की जांच में घटनास्थल, सुराग, वैज्ञानिक साक्ष्य और विवेचना के बीच की कड़ी को मजबूत करना है। साक्ष्यों का बेहतर संरक्षण और वैज्ञानिक तरीके से संग्रह जांच को बेहतर आधार देगा और न्यायिक प्रक्रिया में तथ्य प्रस्तुत करने की गुणवत्ता को भी मजबूत करेगा।

    जीरो टॉलरेंस को मिलेगी वैज्ञानिक जांच की धार

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ पुलिस की जांच व्यवस्था को भी लगातार मजबूत करने पर जोर है। प्रदेशवासियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाली व्यवस्था में गंभीर अपराधों के घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने और उनकी वैज्ञानिक जांच की क्षमता महत्वपूर्ण है। ‘स्पेशल 32’ इसी व्यवस्था की विशेषज्ञ कड़ी होंगे। इनका प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इनके अनुभव और विशेषज्ञता का इस्तेमाल व्यापक पुलिस प्रशिक्षण में किया जाएगा, जिससे 75 जिलों में क्राइम सीन मैनेजमेंट और वैज्ञानिक विवेचना की क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में काम आगे बढ़ सकेगा।

  • मीरजापुर के कालीन कारोबार को मिलेगी वैश्विक पहचान

    मीरजापुर के कालीन कारोबार को मिलेगी वैश्विक पहचान

    मीरजापुर

    योगी सरकार की ओर से उद्योग एवं व्यापार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नोएडा में 25 सितंबर से उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश सरकार की यह पहल मीरजापुर के कालीन उद्योग को वैश्विक बाजार में नई पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी। इस ट्रेड शो में जनपद के 10 कालीन कारोबारी व 2 मिष्ठान कारोबारी हिस्सा लेकर अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। इस आयोजन में देश-विदेश से आने वाले कारोबारियों और 86 देशों के आयातकों को मीरजापुर में तैयार होने वाले आकर्षक कालीन, दरी और अन्य हस्तशिल्प उत्पादों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय कालीन कारोबारियों को नए बाजार और विदेशी खरीदारों से जुड़ने का मंच मिलेगा।

    जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त संदीप कुमार ने बताया कि इंटरनेशनल ट्रेड शो मीरजापुर के कालीन उद्योग को नई उड़ान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय कारोबार के बदलते परिदृश्य में स्थानीय कालीन कारोबारियों को नए विदेशी खरीदारों और कारोबारियों से संपर्क स्थापित करने का अवसर मिलेगा। इससे निर्यात के नए रास्ते खुलने की संभावना है। उन्होंने बताया कि ट्रेड शो में मेसर्स रमाशंकर कारपेट, मेसर्स शबनूर कारपेट, मेसर्स इस्तेखार कारपेट तथा मेसर्स बृजेश दरी एवं कारपेट हाल नंबर-9 में अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे। वहीं मेसर्स परी हैंडीक्राफ्ट, मेसर्स आरएस हैंडीक्राफ्ट, मेसर्स नंदिनी हैंडीक्राफ्ट तथा मेसर्स चैंपियन ट्रेडर्स हाल नंबर-10 में उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। मेसर्स वन पैलेस ऑफ रग्स हाल नंबर-14 और मेसर्स आर्टलाइन क्रिएशन हाल नंबर-15 में अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे।

    उपायुक्त ने बताया कि प्रदेश सरकार की एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना मीरजापुर के कालीन उद्योग के लिए 'संजीवनी' साबित हुई है। ओडीओपी के माध्यम से मिलने वाली सुविधाओं और आर्थिक सहायता से कालीन कारोबार को प्रोत्साहन मिला है। कारोबार में वृद्धि का सकारात्मक असर कालीन बुनकरों की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ा है। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ही पारंपरिक कालीन निर्माण से जुड़े परिवारों को भी इसका लाभ मिल रहा है।

    विदेशी मेहमान चखेंगे लाल पेड़ा और बालूशाही का स्वाद

    उन्होंने बताया कि एक जिला, एक व्यंजन (ओडीओसी) के तहत मीरजापुर के लाल पेड़ा और बालूशाही जैसे प्रसिद्ध स्थानीय उत्पादों को भी इंटरनेशनल ट्रेड शो में वैश्विक मंच मिलेगा। ओम मिष्ठान भंडार और गुरुकृपा स्वीट्स हाल नंबर-16 में अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे। ट्रेड शो में शामिल होने वाले विदेशी मेहमान मीरजापुर के प्रसिद्ध लाल पेड़े और बालूशाही का स्वाद भी चख सकेंगे। उपायुक्त ने बताया कि स्थानीय कालीनों के साथ मीरजापुर की पारंपरिक मिठाइयों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुति से जिले के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध होने की उम्मीद है। इंटरनेशनल ट्रेड शो के माध्यम से मीरजापुर की हस्तशिल्प और खाद्य उत्पादों की पहचान देश वैश्विक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे स्थानीय कारोबारियों, बुनकरों और कारीगरों को नए ग्राहक और बाजार मिलने के साथ ही जिले की पारंपरिक कला एवं उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलेगी।