Category: उत्तर प्रदेश

  • केंद्रीय गृह मंत्री ने सीएम योगी के साथ ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ (ओडीओसी) पोर्टल का भी किया शुभारंभ

    केंद्रीय गृह मंत्री ने सीएम योगी के साथ ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ (ओडीओसी) पोर्टल का भी किया शुभारंभ

     ग्रेटर नोएडा
    उत्तर प्रदेश के परंपरागत हुनर से लेकर आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग तक की ताकत शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में दुनिया के सामने दिखी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के चौथे संस्करण का शुभारंभ किया। इस बार 90 देशों से 600 से अधिक विदेशी खरीदार पहुंचे हैं, जबकि 2,400 से अधिक एग्जीबिटर्स अपने उत्पादों के साथ ट्रेड शो में हिस्सा ले रहे हैं। अपने संबोधन में सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के उत्पादों की गुणवत्ता, मजबूत सप्लाई चेन और यहां के उद्यमियों की विश्वसनीयता पर आज पूरी दुनिया को भरोसा है। आज प्रदेश दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात कर रहा है।
     
    बढ़ता फुटफॉल वैश्विक भरोसे का प्रतीक
    मुख्यमंत्री ने कहा कि चार वर्षों में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश में तैयार होने वाले उत्पादों को दुनिया के सामने रखने का बड़ा मंच बन गया है। पिछले वर्ष 72 देशों के 550 बायर्स इसमें शामिल हुए थे। इस बार 90 देशों से 600 से अधिक बायर्स पहुंचे हैं और करीब डेढ़ लाख बी2बी विजिटर्स के आयोजन में शामिल होने की संभावना है। यह बढ़ती भागीदारी उत्तर प्रदेश के कारीगरों के हुनर, युवाओं के इनोवेशन, एमएसएमई सेक्टर और अन्नदाता किसानों की मेहनत के प्रति बढ़ते वैश्विक भरोसे को दिखाती है।
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि जो अपनी जड़ों से जुड़कर दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलता है, दुनिया उसे फॉलो करती है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो इसका उदाहरण है। यह ट्रेडिशन और टेक्नोलॉजी, हेरिटेज और इनोवेशन के साथ हुनर और बाजार की ताकत को एक साथ देखने का अवसर है। यहां यूपी की लोकल स्ट्रेंथ ग्लोबल मार्केट के सामने अपनी पहचान बना रही है। यह डबल इंजन सरकार की क्षमता को संभावना और संभावना को समृद्धि में बदलने की कार्यसंस्कृति है।
     
    अमित शाह ने पहचानी थी परंपरागत उद्यमों की ताकत
    मुख्यमंत्री ने अमित शाह को प्रदेश के परंपरागत उद्यमों को नई पहचान देने की सोच का प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए अमित शाह जी ने उत्तर प्रदेश के लोक कल्याण संकल्प पत्र के निर्माण के दौरान प्रदेश के परंपरागत उद्यमों की ताकत को पहचाना था। उनका मानना था कि जिस दिन उत्तर प्रदेश अपनी इस ताकत को पहचान लेगा, उसे मैन्युफैक्चरिंग के नए हब के रूप में आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक पाएगा। सरकार बनने के बाद इसी सोच को ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ के रूप में ब्रांड दिया गया।
     
    गांव के हुनर को मिला दुनिया का बाजार
    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में संभावनाओं की कभी कमी नहीं थी। जरूरत उस क्षमता को पहचानने, सही माहौल देने और उसे बड़े बाजार तक पहुंचाने की थी। आजादी के बाद दशकों तक कारीगरों को जरूरी संसाधन, सही दिशा, बाजार और मंच नहीं मिला। इसका असर यह हुआ कि नई पीढ़ी अपने पुश्तैनी हुनर से दूर होने लगी। सरकार ने जिलों, गांवों और स्थानीय क्लस्टर में मौजूद हुनर को पहचानकर आगे बढ़ने का अवसर दिया।
     
    उन्होंने कहा कि टैलेंट और ट्रेडिशन को टेक्नोलॉजी से जोड़ा गया। गुणवत्ता, डिजाइन, पैकेजिंग, सर्टिफिकेशन, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के जरिए स्थानीय उत्पादों को देश-दुनिया के बाजार के अनुरूप तैयार किया गया। विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर के रूप में एक्सप्रेसवे, हाईवे, एयरपोर्ट, फ्रेट कॉरिडोर और औद्योगिक ढांचे के विस्तार ने स्थानीय उत्पादों के लिए बड़े एवं वैश्विक बाजारों तक पहुंच आसान की है।
     
    79 उत्पादों को जीआई टैग, 75 और कतार में
    मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र के 79 उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है और 75 नए उत्पादों के लिए आवेदन किया गया है। भदोही के कालीन, मुरादाबाद के पीतल, कन्नौज के इत्र और वाराणसी की सिल्क साड़ियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत अब करोड़ों रुपये के कारोबार वाले ब्रांड में बदल चुकी है। ओडीओपी, पीएम विश्वकर्मा और विश्वकर्मा श्रम सम्मान जैसी योजनाओं से कारीगरों को प्रशिक्षण, टूलकिट, ऋण, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ा गया है। ट्रेड शो में कारीगर और उद्यमी सीधे ग्लोबल बायर्स तक पहुंच रहे हैं।
     
    छह देशों के पवेलियन, कारोबार के नए रास्ते
    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस पार्टनर कंट्री के रूप में जुड़े हैं। इनके विशेष पवेलियन भी लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन देशों की भागीदारी से द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई मिलेगी। रणनीतिक साझेदारी, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और ज्वाइंट वेंचर के रास्ते भी खुलेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में दुनिया के कई बड़े देशों के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का लाभ उठाकर उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को यहां उत्पादन करने और यहीं से वैश्विक बाजार तक पहुंचने का अवसर दे रहा है।

    कार्यक्रम में ये गणमान्य रहे मौजूद
    उद्घाटन समारोह में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक,  कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, भूपेंद्र चौधरी, राकेश सचान, डॉ. संजय निषाद, राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, बृजेश सिंह, सांसद डॉ. महेश शर्मा, सुरेंद्र नागर, विधायक पंकज सिंह, धीरेंद्र सिंह, तेजपाल नागर, विधानपरिषद सदस्य श्रीचंद शर्मा, नरेंद्र भाटी, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर, नोएडा जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा, महानगर अध्यक्ष महेश चौहान समेत जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। जापान के राजदूत ओनो केईची, भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त सायमन वोंग और बेलारूस के राजदूत मिखाइल कास्को समेत विभिन्न देशों के प्रतिनिधि, विदेशी खरीदार, एग्जीबिटर्स और उद्यमी भी इस समारोह में शामिल हुए।

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    ई-कार्ट से केंद्रीय गृह मंत्री व मुख्यमंत्री ने देखा ट्रेड शो
    कार्यक्रम की शुरुआत केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की। मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को फिरोजाबाद के ओडीओपी के तहत ओपल ग्लास से बनी राधा-कृष्ण की प्रतिमा भेंट की। इसके बाद दोनों नेता एक साथ ई-कार्ट से ट्रेड शो में लगे स्टॉल देखने पहुंचे। अलग-अलग स्टॉल पर रुककर उत्पाद देखे और उद्यमियों से उनकी जानकारी ली। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘एक जनपद एक व्यंजन’ ओडीओसी पोर्टल का शुभारंभ भी किया।
     
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    एक करोड़ से अधिक एमएसएमई दे रहीं तीन करोड़ से अधिक को रोजगार
    एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उत्तर प्रदेश का ब्रांड बन चुका है। यहां विभिन्न देशों के खरीदारों के साथ बी2बी बैठकें होंगी और प्रदेश के छोटे उत्पादों को ग्लोबल एक्सपोजर मिलेगा। प्रदेश में एक करोड़ से अधिक एमएसएमई इकाइयां तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार दे रही हैं। कृषि के बाद यह सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है। ओडीओपी और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से अब तक छह लाख से अधिक हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण और उन्नत टूलकिट का लाभ मिला है। 14 नए ट्रेड जोड़कर अब 25 ट्रेड्स को प्रशिक्षण और उन्नत टूलकिट से जोड़ा गया है। उद्यमियों को बिना ब्याज और गारंटी के ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

  • 4030 आंबेडकर प्रतिमा स्थलों का होगा विकास, योगी सरकार ने जारी किए 403 करोड़ रुपये

    4030 आंबेडकर प्रतिमा स्थलों का होगा विकास, योगी सरकार ने जारी किए 403 करोड़ रुपये

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सामाजिक समरसता और महान राष्ट्रीय विभूतियों के सम्मान से जुड़े सार्वजनिक स्थलों के संरक्षण और विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में डॉ. बीआर आंबेडकर मूर्ति स्थल विकास योजना के तहत सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में स्थापित आंबेडकर प्रतिमा स्थलों का विकास और सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। योजना के प्रथम चरण में 403 विधानसभा क्षेत्रों में 10-10, यानी कुल 4,030 प्रतिमा स्थलों को विकसित किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 403 करोड़ रुपये की धनराशि जिलाधिकारियों के निवर्तन पर आवंटित कर दी है।

    योजना का उद्देश्य सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित आंबेडकर और अन्य महान विभूतियों की प्रतिमाओं को सुरक्षित, संरक्षित और सम्मानजनक स्वरूप प्रदान करना है। शासन के दस्तावेज के अनुसार अनेक प्रतिमाएं छत और बाउंड्री वॉल जैसी आवश्यक सुविधाओं से रहित हैं, जिसके कारण वे मौसम, अतिक्रमण और उपेक्षा के प्रति संवेदनशील रहती हैं। ऐसे प्रतिमा स्थलों का संरक्षण करते हुए आसपास के क्षेत्र का भी सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

    403 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित
    योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 40300 लाख रुपये यानी 403 करोड़ रुपये की धनराशि प्राविधानित की गई थी। शासन के सितंबर 2026 के पत्र के अनुसार यह धनराशि अवमुक्त कर निदेशक, समाज कल्याण, उत्तर प्रदेश के निवर्तन पर उपलब्ध करा दी गई। इसके बाद 22 सितंबर 2026 को निदेशालय स्तर से प्रदेश की 403 विधानसभाओं में स्थापित 4,030 प्रतिमा स्थलों के विकास के लिए 403 करोड़ रुपये जिलाधिकारियों के निवर्तन पर आवंटित कर दिए गए हैं।

    इससे प्रत्येक प्रतिमा स्थल के विकास के लिए औसतन 10 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध होगी। हालांकि शासनादेश में स्थल विकास की अधिकतम लागत 40 लाख रुपये प्रति मूर्ति स्थल निर्धारित की गई है और वास्तविक कार्य का आकलन स्थल की आवश्यकता के अनुसार किया जाएगा।

    प्रतिमा स्थल बनेंगे सुरक्षित और आकर्षक
    योजना के तहत प्रतिमा स्थलों पर रैलिंगयुक्त स्टील की सीढ़ी, प्रतिमा की छत, बाउंड्री, फिनिशिंग, हरियाली और प्रकाश व्यवस्था जैसे कार्य कराए जाएंगे। इसके साथ ही स्वच्छ, व्यवस्थित और सम्मानजनक वातावरण तैयार किया जाएगा।
      प्रतिमा के नाम और उसके इतिहास को संक्षिप्त रूप में प्रदर्शित करने वाला 3×2.5 फीट आकार का सूचना बोर्ड भी लगाया जाएगा, जिसे जिलाधिकारी द्वारा अनुमोदित किया जाएगा। योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य नागरिकों, विशेषकर नई पीढ़ी में डॉ. आंबेडकर और अन्य महान राष्ट्रीय विभूतियों के प्रति सम्मान एवं गौरव की भावना को मजबूत करना भी है।

    शासन के अनुसार ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व वाली प्रतिमाओं का दीर्घकालीन संरक्षण सुनिश्चित करने के साथ प्रतिमा स्थलों को बेहतर सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।

    पुरानी या क्षतिग्रस्त प्रतिमाओं के स्थान पर नई प्रतिमा
    योजना में यह भी प्रावधान किया गया है कि सार्वजनिक स्थल पर स्थापित पुरानी अथवा क्षतिग्रस्त प्रतिमा के स्थान पर संगमरमर की नई प्रतिमा स्थापित की जा सकेगी। इस तरह योजना केवल स्थल के सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आवश्यकतानुसार प्रतिमाओं के संरक्षण और प्रतिस्थापन को भी इसमें शामिल किया गया है।

    मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी
    योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी गठित की गई है। इसमें न्याय, संस्कृति, पर्यटन, वित्त, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, नगर विकास और समाज कल्याण समेत संबंधित विभागों के मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
      इसके अलावा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अंतरविभागीय समन्वय समिति भी बनाई गई है। इससे योजना के क्रियान्वयन में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और नियमित निगरानी की व्यवस्था की गई है।

    विधानसभा क्षेत्र स्तर से होगा विकास कार्य
    योजना के तहत विकास कार्य के लिए आवेदन खंड विकास अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी अथवा जिलाधिकारी को दिया जा सकता है। स्थल विकास से संबंधित आगणन जिलाधिकारी द्वारा चिन्हित कार्यदायी संस्था से तैयार कराया जाएगा। निर्माण एवं सौंदर्यीकरण के सभी कार्य निर्धारित इंजीनियरिंग और सुरक्षा मानकों के अनुरूप कराए जाएंगे।

    योजना का क्रियान्वयन संबंधित विभाग, नगरीय निकाय, जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत अथवा ग्राम पंचायत के माध्यम से किया जा सकता है। कार्य पूरा होने के बाद प्रतिमा स्थल का लोकार्पण जनप्रतिनिधियों द्वारा किया जाएगा।

    दिसंबर तक परियोजना पूरी करने का लक्ष्य
    शासन ने योजना के त्वरित क्रियान्वयन के लिए समय-सारिणी भी निर्धारित की है। परियोजना स्थलों के प्रस्ताव/आवेदन प्राप्त करने, स्थल निरीक्षण और आगणन तैयार करने तथा निविदा संबंधी प्रक्रिया के लिए अलग-अलग समयसीमा तय की गई है। परियोजना को 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सितंबर में जिलों को धनराशि आवंटित किए जाने के बाद अब जिला स्तर पर कार्यदायी संस्था का चयन, निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों के प्रशासनिक एवं वित्तीय अनुमोदन तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी है।

    प्रतिमा स्थलों के विकास के साथ सामाजिक स्मृति का संरक्षण
    योगी सरकार की इस योजना का व्यापक उद्देश्य केवल निर्माण और सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है। शासन दस्तावेज में स्पष्ट किया गया है कि महान समाज सुधारकों और सांस्कृतिक विभूतियों की प्रतिमाएं देश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक हैं। इनके माध्यम से सार्वजनिक स्मृति, सामाजिक मूल्यों तथा राष्ट्रीय एवं स्थानीय योगदानकर्ताओं के प्रति सम्मान प्रदर्शित होता है।

     

  • यूपी में अब कट्टा उद्योग की जगह डिफेंस कॉरिडोर और वाहन चोरी की जगह वाहन निर्माण: गृह मंत्री

    यूपी में अब कट्टा उद्योग की जगह डिफेंस कॉरिडोर और वाहन चोरी की जगह वाहन निर्माण: गृह मंत्री

    ग्रेटर नोएडा
    केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कभी अपराध की इंडस्ट्री चलती थी, शहर-शहर वाहन चोरी के कुटीर उद्योग लगते थे और अवैध कट्टे बनाए जाते थे, लेकिन आज उसी उत्तर प्रदेश में कट्टा उद्योग की जगह डिफेंस कॉरिडोर, वाहन चोरी की जगह वाहन निर्माण और चेन स्नैचिंग की जगह मेडिकल डिवाइस पार्क बन रहा है। यह परिवर्तन डबल इंजन की सरकार में आया है और उत्तर प्रदेश देश-दुनिया के निवेश का प्रमुख केंद्र बन रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री गुरुवार को ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) के चौथे संस्करण के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

    देश का विकास इंजन बनने की दिशा में यूपी
    अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2013 में उत्तर प्रदेश का हाल यह था कि लखनऊ में औद्योगिक निवेश सम्मेलन कराने की स्थिति नहीं थी। अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए दिल्ली में आयोजन किया था। आज वही उत्तर प्रदेश निवेश का केंद्र बनकर देश का विकास इंजन बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। निवेश के लिए कानून-व्यवस्था, अनुकूल औद्योगिक नीति, सक्रिय सरकार और उद्योगों को सुविधा देने की आवश्यक है और उत्तर प्रदेश में ये सभी स्थितियां मौजूद हैं। इसी का परिणाम है कि प्रदेश ने वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य तय किया है।

    यूपी के डिफेंस कॉरिडोर में बढ़ रहा निवेश
    केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के झांसी, चित्रकूट, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ और कानपुर में डिफेंस कॉरिडोर के छह नोड विकसित किए जा रहे हैं। इन क्षेत्रों में रक्षा उपकरणों के निर्माण के लिए निवेश आ रहा है। देश का रक्षा उत्पादन अब करीब 1.78 लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है और 2013-14 की तुलना में रक्षा उत्पादों के निर्यात में 56 गुना वृद्धि हुई है। आज भारत के रक्षा उत्पाद करीब 80 देशों को निर्यात किए जा रहे हैं, जिसमें उत्तर प्रदेश का भी महत्वपूर्ण योगदान है। उत्तर प्रदेश सरकार ने डिफेंस कॉरिडोर के साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर और अनुकूल नीतियों के जरिए निवेश को सुगम बनाने का काम किया है। अमेठी में निर्मित एके-203 राइफल और उत्तर प्रदेश में बन रहे रक्षा उत्पाद देश की नई औद्योगिक क्षमता को दर्शाते हैं।

    ओडीओपी ने बदली रोजगार की तस्वीर
    अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) की महत्वपूर्ण भूमिका है। परंपरागत उद्योगों और हस्तशिल्प को बढ़ावा देकर स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया गया है। कभी रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाने वाले प्रदेश के युवाओं को आज अपने ही राज्य में रोजगार और उद्यम के अवसर मिल रहे हैं। भदोही का कालीन, फिरोजाबाद का कांच, सहारनपुर की काष्ठ कला, कन्नौज का इत्र और बनारस की रेशमी साड़ी ने देश-दुनिया में पहचान बनाई है। उन्होंने विश्वास जताया कि यूपी के पारंपरिक उत्पादों के साथ वाराणसी की मलाईयो, तिरंगा बर्फी, आगरा के पेठा, मथुरा के पेड़ा और मेरठ की गजक जैसे उत्पादों को भी व्यापक बाजार मिलेगा।

    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो बनेगा वैश्विक व्यापार का मंच
    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण में देश-दुनिया से आए खरीदारों और उद्यमियों की भागीदारी प्रदेश में निवेश, उत्पादन और बिक्री की संभावनाओं को बढ़ाएगी। पहले संस्करण में राष्ट्रपति, दूसरे में उपराष्ट्रपति और तीसरे संस्करण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति रही, जबकि चौथे संस्करण के उद्घाटन में शामिल होकर उन्हें प्रसन्नता हो रही है। 2025 के ट्रेड शो में पांच लाख से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया था और 2,400 से अधिक एमओयू हुए थे। इस वर्ष के आयोजन से पिछले सभी रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद है। केंद्रीय गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश सरकार को ट्रेड शो के आयोजन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश इसी प्रकार विकास की दिशा में आगे बढ़ता रहेगा।

  • सपा सरकार को यूपी से बाहर करना पड़ा था निवेश का कार्यक्रम, योगी ने यूपी को बनाया निवेश का केंद्र: केंद्रीय गृह मंत्री शाह

    सपा सरकार को यूपी से बाहर करना पड़ा था निवेश का कार्यक्रम, योगी ने यूपी को बनाया निवेश का केंद्र: केंद्रीय गृह मंत्री शाह

    सपा सरकार को यूपी से बाहर करना पड़ा था निवेश का कार्यक्रम, योगी ने यूपी को बनाया निवेश का केंद्र: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
     
    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का शुभारंभ

    योगी सरकार में ऐसा बदला यूपी कि आज एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य तय कर सकता है प्रदेश
     
    अमित शाह बोले- सपा-बसपा के शासन में कट्टा-बम बनाने की इंडस्ट्री लगती थी, आज यूपी में बन रहे रक्षा उत्पाद
     
    वाहन चोरी की जगह वाहन मैन्युफैक्चरिंग और चेन स्नैचिंग की जगह बन रहे मेडिकल डिवाइस पार्क: अमित शाह
     
    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण तोड़ेगा पिछले सभी रिकॉर्ड, निवेश, उत्पादन और बिक्री में होगी बड़ी बढ़ोतरी
     
    ग्रेटर नोएडा

     केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में आए बदलाव के बहाने पूर्ववर्ती सपा सरकार पर निशाना साधा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना की। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण के शुभारंभ पर उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था, जब उत्तर प्रदेश सरकार को निवेश का कार्यक्रम प्रदेश से बाहर करना पड़ा था। तब अधिकारी कहते थे कि कानून-व्यवस्था की हालत ऐसी है कि निवेशक यहां आने को तैयार नहीं हैं। आज तस्वीर बदल चुकी है। वही उत्तर प्रदेश भयमुक्त होकर निवेश का केंद्र बन रहा है और देश के विकास के इंजन के रूप में आगे बढ़ रहा है।
     
    शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जमीन पहले भी थी, 24 करोड़ से अधिक की आबादी और मेहनती कारीगर भी थे। कमी उद्योगों के लिए अच्छे माहौल की थी। 2017 में भाजपा की सरकार बनी और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने तो माफिया के खिलाफ कार्रवाई हुई और कानून-व्यवस्था बदली। इसी का नतीजा है कि आज निवेशक उत्तर प्रदेश आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बदलाव इतना बड़ा है कि उत्तर प्रदेश अब एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।
     
    कट्टा-बम की इंडस्ट्री की जगह बन रहे रक्षा उत्पाद: शाह
    पूर्ववर्ती सपा और बसपा सरकारों पर तीखा हमला करते हुए अमित शाह ने कहा कि उस दौर में उत्तर प्रदेश में अपराध की इंडस्ट्री चलती थी। कट्टा-बम बनाने की इंडस्ट्री लगती थी, वाहन चोरी का कुटीर उद्योग चलता था और चेन स्नैचिंग में युवाओं को हुनर प्राप्त करने का मौका मिलता था। आज करीब 10 साल बाद तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। कट्टा-बम की इंडस्ट्री की जगह रक्षा उत्पाद बन रहे हैं, वाहन चोरी की जगह वाहन मैन्युफैक्चरिंग हो रही है और चेन स्नैचिंग की जगह मेडिकल डिवाइस पार्क बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने सपा-बसपा के समय की गुंडागर्दी को नेस्तनाबूद कर प्रदेश में उद्योग और निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाया है।
     
    शाह ने उत्तर प्रदेश के बदलाव को चार चरणों में समझाया। कहा, पहले दुनिया ने देखा कि यूपी बदल रहा है। फिर लोगों ने यहां आने की इच्छा जताई। इसके बाद निवेशक उत्तर प्रदेश आए और अब वे प्रदेश के विकास में भागीदार बनने जा रहे हैं। यही भागीदारी उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की यात्रा को आगे बढ़ाएगी।
     
    डिफेंस कॉरिडोर का जिक्र कर योगी सरकार को सराहा
    अमित शाह ने कहा कि कार्यक्रम में आते समय उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ डिफेंस कॉरिडोर का स्टॉल देखा। झांसी, चित्रकूट, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ और कानपुर के छह नोड में रक्षा उपकरणों की मैन्युफैक्चरिंग के लिए निवेश आ रहा है। इसके लिए योगी सरकार ने अनुकूल नीतियां बनाने से लेकर जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने तक बड़ा काम किया है।
     
    उन्होंने कहा कि देश का रक्षा उत्पादन आज करीब 1.78 लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है। उत्तर प्रदेश भी इसमें अपनी भूमिका तेजी से बढ़ा रहा है। ब्रह्मोस मिसाइल का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि यह पाकिस्तान की नींद उड़ा रही है। वहीं अमेठी में बनी एके-203 असॉल्ट राइफल नक्सलियों की नींद उड़ा चुकी है। कभी जिस उत्तर प्रदेश में उद्योग लगाने का साहस नहीं होता था, आज वही रक्षा उत्पादन में अपनी पहचान बना रहा है।
     
    एक्सप्रेसवे ने बढ़ाई रफ्तार, ओडीओपी बना विकास की रीढ़
    शाह ने कहा कि एक्सप्रेसवे और चौतरफा विकास ने उत्तर प्रदेश को प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ाया है। इसके साथ ही योगी सरकार ने प्रदेश के परंपरागत हुनर को सहेजने और आगे बढ़ाने का काम किया। यही हुनर आज वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के रूप में दिखाई दे रहा है और प्रदेश के विकास की रीढ़ बन चुका है।
     
    उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के उत्पादों ने देशभर में अपनी पहचान बनाई है। आने वाले समय में कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामाख्या तक लोगों के लिए उत्तर प्रदेश के उत्पाद आसानी से उपलब्ध होंगे।
     
    पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ेगा चौथा संस्करण
    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो को प्रदेश के लिए बड़ा कारोबारी अवसर बताते हुए अमित शाह ने कहा कि यहां देश-दुनिया से सैकड़ों व्यापारी आए हैं। कई व्यापारिक समझौते होने वाले हैं। इसका सीधा असर निवेश, उत्पादन और बिक्री पर पड़ेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार का ट्रेड शो पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ेगा।
     
    शाह ने कहा कि 2025 का संस्करण प्रभाव का वर्ष साबित हुआ था। पांच लाख से अधिक लोग इसमें पहुंचे थे और 2,400 से अधिक समझौते हुए थे। हजारों करोड़ रुपये के निवेश और व्यापारिक समझौतों का रास्ता खुला था। इस बार की भागीदारी को देखकर लग रहा है कि चौथा संस्करण उससे भी आगे जाएगा।
     
    मेक इन इंडिया की राह को आगे बढ़ा रहा यूपीआईटीएस
    अमित शाह ने कहा कि 12 वर्ष पहले इसी दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मेक इन इंडिया मिशन की घोषणा की थी। इन 12 वर्षों में केंद्र और राज्यों ने मिलकर भारत को उत्पादन, डिजाइन और इनोवेशन का केंद्र बनाने के लिए काम किया है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उसी मेक इन इंडिया की राह को आगे बढ़ाने वाला आयोजन है।
     
    पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के बाद दीनदयाल उपाध्याय ने मुक्त व्यापार और मुक्त खेती की अवधारणा सामने रखी थी। आगे चलकर यही सोच पहले अटल बिहारी वाजपेयी और फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास का आधार बनी।
     
    शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास जमीन और मेहनती कारीगरों के साथ अब उद्योगों के लिए अच्छा वातावरण भी है। ट्रेड शो में जुटे कारोबारी और यहां होने वाले समझौते आने वाले दिनों में निवेश, उत्पादन और कारोबार को और गति देंगे। उत्तर प्रदेश के विकास में दुनिया के निवेशक अब भागीदार बनने की ओर बढ़ रहे हैं।

  • प्रयागराज से अमेरिका रवाना हुआ पहला पावर ट्रांसफॉर्मर, 600 करोड़ के निर्यात का लक्ष्य

    प्रयागराज से अमेरिका रवाना हुआ पहला पावर ट्रांसफॉर्मर, 600 करोड़ के निर्यात का लक्ष्य

     प्रयागराज
    यूपी में प्रयागराज के नैनी से पहली बार अमेरिका के लिए पावर ट्रांसफॉर्मर भेजा गया है। शिरडी साईं इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (एसएसईएल) के नैनी स्थित विनिर्माण संयंत्र में तैयार 175 एमवीए, 345 केवी क्षमता का ईएचवी पावर ट्रांसफॉर्मर अमेरिका के लिए रवाना किया गया। कंपनी के मुताबिक यह नैनी संयंत्र से अमेरिका को भेजा गया पहला ईएचवी पावर ट्रांसफॉर्मर है। इसे कंपनी के अंतरराष्ट्रीय कारोबार के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया है। अगले 12-18 महीने में 500-600 करोड़ के निर्यात का लक्ष्य भी तय किया गया है।

    कंपनी मैनेजर अरुण यादव ने बताया कि अमेरिका को पहली सप्लाई के साथ कंपनी ने उच्च क्षमता वाले ईएचवी पावर ट्रांसफॉर्मरों के वैश्विक बाजार में अपनी क्षमता का विस्तार किया है। एसएसईएल के सीईओ शरत चंद्र कोल्ला ने कहा कि अमेरिका को पहले ईएचवी ट्रांसफॉर्मर की सफल सप्लाई कंपनी की वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बिजली पारेषण उपकरण निर्माता बनने की यात्रा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। अमेरिका को भेजा गया यह ट्रांसफार्मर अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता, इंजीनियरिंग और प्रदर्शन संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

    एसएसईएल के अध्यक्ष सुधीर वेन्त्रम ने कहा कि नैनी से अमेरिका के लिए पहले 175 एमवीए, 345 केवी क्लास ट्रांसफॉर्मर की रवानगी कंपनी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। ईस्टर्न यूपी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष विनय टंडन ने इस उपलब्धि पर बधाई दी और कहा कि प्रयागराज के उद्यमी बहुत कुछ कर सकते हैं। सरकार जो सहयोग देने की बात करती है, बशर्ते उसे धरातल पर लागू करें। प्रयागराज से लगभग 600 करोड़ रुपये के ट्रांसफार्मर भेजे जाएंगे। कंपनी यूरोप में पावर और डिस्ट्रीब्यूशन दोनों श्रेणियों के ट्रांसफार्मरों के लिए स्वीकृति हासिल करने की दिशा में भी काम कर रही है।

    सात दशक में बदली कंपनी, कायम रहा प्रयागराज का औद्योगिक रिश्ता
    1954 में जीईसी से शुरू हुई यह यात्रा 2026 तक आते-आते कई स्वामियों और नामों से गुजर चुकी है। जीईसी से अरेवा, अरेवा से अल्स्टॉम, अल्स्टॉम से जीई और फिर जीई से शिरडी साईं इलेक्ट्रिकल्स तक पहुंची यह इकाई एक समय बंदी के दौर में भी गई। लेकिन 2022 में दोबारा उत्पादन शुरू होने के बाद अब वही संयंत्र अमेरिका के लिए पावर ट्रांसफॉर्मर तैयार कर रहा है। इस लिहाज से 1954 से 2026 तक का यह सफर प्रयागराज के औद्योगिक क्षेत्र में बदलाव, संकट और पुनर्जीवन की एक लंबी कहानी है।

  • दीनदयाल जी ने अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को दी सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री

    दीनदयाल जी ने अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को दी सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री

    दीनदयाल जी ने अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को दी सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री

    शुक्रवार को मनाई गई पं. दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती 

    मुख्यमंत्री ने 'अंत्योदय' के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर किया पुष्पार्चन

    उपाध्याय जी का चिंतन आज भी समावेशी, आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण का प्रेरणास्रोत: मुख्यमंत्री

    लखनऊ
     'अंत्योदय' के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती शुक्रवार को मनाई गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा निवेदित की। 

    मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट कर पं. दीनदयाल उपाध्याय के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने लिखा कि 'एकात्म मानववाद' एवं 'अंत्योदय' के प्रणेता, प्रखर राष्ट्रचिंतक एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य, श्रद्धेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि।

    पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों पर आधारित विकास की ऐसी अवधारणा प्रस्तुत की, जिसमें समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। मुख्यमंत्री ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के चिंतन को आज भी समावेशी, आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण का प्रेरणास्रोत बताया।

  • गोरखपुर नक्षत्रशाला का काम पूरा, नवंबर में CM योगी करेंगे उद्घाटन

    गोरखपुर नक्षत्रशाला का काम पूरा, नवंबर में CM योगी करेंगे उद्घाटन

    गोरखपुर
     महंत अवेद्यनाथ ज्ञान-विज्ञान पार्क और वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के पुनरुद्धार का काम पूरा होने के बाद अब उद्घाटन की तैयारियां तेज हो गई हैं। नवंबर के पहले सप्ताह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नक्षत्रशाला के उद्घाटन की तैयारी है।

    उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री नक्षत्रशाला का पहला शो भी देखेंगे। इससे पहले गुरुवार को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार ने दोनों परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यदायी संस्था गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) और निर्माण में लगी तीनों फर्मों को तय समय में काम पूरा करने के निर्देश दिए।मंत्री ने स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि में सभी कार्य पूरे होने चाहिए, गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।

    महंत अवेद्यनाथ ज्ञान-विज्ञान पार्क के निर्माण पर 18.60 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मंत्री ने प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पंधारी यादव और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उत्तर प्रदेश के निदेशक-सचिव रमेश चंद्र के साथ पार्क के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया।

    उन्होंने एन्सिएंट इंडियन साइंस गैलरी, इनोवेशन लैब, फन साइंस और स्पेस साइंस गैलरी के निर्माण की प्रगति देखी। इसके अलावा आउटडोर साइंस माडल, एंट्रेंस प्लाजा, कैफेटेरिया, पाथवे, ओपन एयर थिएटर, बस पार्किंग और डायनोटोरियम के माडल स्थापना कार्य का भी जायजा लिया।

    मंत्री ने एस्ट्रोनामी एंड इंडियन स्पेस प्रोग्राम गैलरी तथा एल्युमिनियम डोम की स्थापना की प्रगति भी देखी। कहा कि पार्क में इंटरैक्टिव साइंस माडल और आधुनिक वैज्ञानिक प्रदर्शनियों के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया है।

    46.88 करोड़ से नक्षत्रशाला का आधुनिकीकरण
    वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के आधुनिकीकरण पर 46.88 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। निरीक्षण के बाद मंत्री ने जीडीए और निर्माण में लगी मेसर्स चंद्र इवेंट्स एंड प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स खुशी इंटरप्राइजेज तथा मेसर्स इंफोविजन टेक्नोलाजीज प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। शेष कार्यों की समीक्षा करते हुए समयसीमा के भीतर उन्हें पूरा करने के निर्देश दिए।

    मंत्री ने कहा कि आधुनिकीकृत नक्षत्रशाला में खगोल एवं अंतरिक्ष विज्ञान को नई तकनीक के माध्यम से सरल और रोचक ढंग से समझने का अवसर मिलेगा। निरीक्षण के दौरान जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल, मुख्य अभियंता किशन सिंह, सहायक अभियंता राजबहादुर सिंह, नक्षत्रशाला के वैज्ञानिक अधिकारी महादेव पांडेय समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

     

  • यूपी के उत्पादों पर बढ़ा दुनिया का भरोसा, निर्यात दो लाख करोड़ के पार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    यूपी के उत्पादों पर बढ़ा दुनिया का भरोसा, निर्यात दो लाख करोड़ के पार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    यूपी के उत्पादों पर बढ़ा दुनिया का भरोसा, निर्यात दो लाख करोड़ के पार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का शुभारंभ

    एक ही ई-कार्ट से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया ट्रेड शो का अवलोकन
     
    मुख्यमंत्री बोले- जो अपनी जड़ों से जुड़कर दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलता है, दुनिया उसे फॉलो करती है
     
    यूपी में संभावनाओं की कभी कमी नहीं थी, सही माहौल देकर हुनर को बाजार से जोड़ा: मुख्यमंत्री योगी
     
    टैलेंट और ट्रेडिशन को टेक्नोलॉजी से जोड़कर स्थानीय उत्पादों को बनाया ग्लोबल ब्रांड: मुख्यमंत्री योगी
     
    यूपी के उत्पादों की गुणवत्ता, मजबूत सप्लाई चेन और उद्यमियों की विश्वसनीयता पर दुनिया को भरोसा: मुख्यमंत्री योगी
     
    79 उत्पादों को मिला जीआई टैग, 75 और नये उत्पादों के लिए किया गया आवेदन: मुख्यमंत्री योगी
     
    90 देशों से 600 से अधिक बायर्स पहुंचे, डेढ़ लाख बी2बी विजिटर्स के शामिल होने की संभावना

     
     ग्रेटर नोएडा
     उत्तर प्रदेश के परंपरागत हुनर से लेकर आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग तक की ताकत शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में दुनिया के सामने दिखी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का शुभारंभ किया। इस बार 90 देशों से 600 से अधिक विदेशी खरीदार पहुंचे हैं, जबकि 2,400 से अधिक एग्जीबिटर्स अपने उत्पादों के साथ ट्रेड शो में हिस्सा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के उत्पादों की गुणवत्ता, मजबूत सप्लाई चेन और यहां के उद्यमियों की विश्वसनीयता पर आज पूरी दुनिया को भरोसा है। आज प्रदेश दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात कर रहा है।
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि चार वर्षों में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश में तैयार होने वाले उत्पादों को दुनिया के सामने रखने का बड़ा मंच बन गया है। पिछले वर्ष 72 देशों के 550 बायर्स इसमें शामिल हुए थे। इस बार 90 देशों से 600 से अधिक बायर्स पहुंचे हैं और करीब डेढ़ लाख बी2बी विजिटर्स के आयोजन में शामिल होने की संभावना है। यह बढ़ती भागीदारी उत्तर प्रदेश के कारीगरों के हुनर, युवाओं के इनोवेशन, एमएसएमई सेक्टर और अन्नदाता किसानों की मेहनत के प्रति बढ़ते वैश्विक भरोसे को दिखाती है।
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि जो अपनी जड़ों से जुड़कर दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलता है, दुनिया उसे फॉलो करती है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो इसका उदाहरण है। यह ट्रेडिशन और टेक्नोलॉजी, हेरिटेज और इनोवेशन के साथ हुनर और बाजार की ताकत को एक साथ देखने का अवसर है।
     
    अमित शाह ने पहचानी थी परंपरागत उद्यमों की ताकत
    मुख्यमंत्री ने अमित शाह को प्रदेश के परंपरागत उद्यमों को नई पहचान देने की सोच का प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के लोक कल्याण संकल्प पत्र के निर्माण के दौरान प्रदेश के परंपरागत उद्यमों की ताकत को पहचाना था। उनका मानना था कि जिस दिन उत्तर प्रदेश अपनी इस ताकत को पहचान लेगा, उसे मैन्युफैक्चरिंग के नए हब के रूप में आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक पाएगा। सरकार बनने के बाद इसी सोच को वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के रूप में ब्रांड दिया गया। 
     
    गांव के हुनर को मिला दुनिया का बाजार
    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में संभावनाओं की कभी कमी नहीं थी। जरूरत उस क्षमता को पहचानने, सही माहौल देने और उसे बड़े बाजार तक पहुंचाने की थी। आजादी के बाद दशकों तक कारीगरों को जरूरी संसाधन, सही दिशा, बाजार और मंच नहीं मिला। इसका असर यह हुआ कि नई पीढ़ी अपने पुश्तैनी हुनर से दूर होने लगी। सरकार ने जिलों, गांवों और स्थानीय क्लस्टर में मौजूद हुनर को पहचानकर आगे बढ़ने का अवसर दिया।
     
    उन्होंने कहा कि टैलेंट और ट्रेडिशन को टेक्नोलॉजी से जोड़ा गया। गुणवत्ता, डिजाइन, पैकेजिंग, सर्टिफिकेशन, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के जरिए स्थानीय उत्पादों को देश-दुनिया के बाजार के अनुरूप तैयार किया गया। एक्सप्रेसवे, हाईवे, एयरपोर्ट, फ्रेट कॉरिडोर और औद्योगिक ढांचे के विस्तार ने स्थानीय उत्पादों के लिए बड़े बाजार तक पहुंच आसान की है।
     
    79 उत्पादों को जीआई टैग, 75 और कतार में
    मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र के 79 उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है और 75 नए उत्पादों के लिए आवेदन किया गया है। भदोही के कालीन, मुरादाबाद के पीतल, कन्नौज के इत्र और वाराणसी की सिल्क साड़ियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत अब करोड़ों रुपये के कारोबार वाले ब्रांड में बदल चुकी है। ओडीओपी, पीएम विश्वकर्मा और विश्वकर्मा श्रम सम्मान जैसी योजनाओं से कारीगरों को प्रशिक्षण, टूलकिट, ऋण, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ा गया है। ट्रेड शो में कारीगर और उद्यमी सीधे ग्लोबल बायर्स तक पहुंच रहे हैं।
     
    छह देशों के पवेलियन, कारोबार के नए रास्ते
    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस पार्टनर कंट्री के रूप में जुड़े हैं। इनके विशेष पवेलियन भी लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन देशों की भागीदारी से द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई मिलेगी। रणनीतिक साझेदारी, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और ज्वाइंट वेंचर के रास्ते भी खुलेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया के कई बड़े देशों के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का लाभ उठाकर उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को यहां उत्पादन करने और यहीं से वैश्विक बाजार तक पहुंचने का अवसर दे रहा है।

    एक ही ई-कार्ट से शाह और योगी ने देखा ट्रेड शो
    कार्यक्रम की शुरुआत अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की। मुख्यमंत्री ने अमित शाह को फिरोजाबाद के ओडीओपी के तहत ओपल ग्लास से बनी राधा-कृष्ण की प्रतिमा भेंट की। इसके बाद दोनों नेता ई-कार्ट से ट्रेड शो में लगे स्टॉल देखने पहुंचे। अलग-अलग स्टॉल पर रुककर उत्पाद देखे और उद्यमियों से उनकी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अमित शाह की मौजूदगी में ‘एक जनपद एक व्यंजन’ ओडीओसी पोर्टल का शुभारंभ भी किया।
     

    एक करोड़ से अधिक एमएसएमई दे रहीं तीन करोड़ से अधिक को रोजगार
    एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उत्तर प्रदेश का ब्रांड बन चुका है। यहां विभिन्न देशों के खरीदारों के साथ बी2बी बैठकें होंगी और प्रदेश के छोटे उत्पादों को ग्लोबल एक्सपोजर मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एक करोड़ से अधिक एमएसएमई इकाइयां तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार दे रही हैं। कृषि के बाद यह सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है। ओडीओपी और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से अब तक छह लाख से अधिक हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण और उन्नत टूलकिट का लाभ मिला है। 14 नए ट्रेड जोड़कर अब 25 ट्रेड को प्रशिक्षण और उन्नत टूलकिट से जोड़ा गया है। उद्यमियों को बिना ब्याज और गारंटी के ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
     
    कार्यक्रम में ये गणमान्य रहे मौजूद
    उद्घाटन समारोह में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी, राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, बृजेश सिंह, सांसद डॉ. महेश शर्मा और सुरेंद्र नागर समेत मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। जापान के राजदूत ओनो केईची, भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त सायमन वोंग और बेलारूस के राजदूत मिखाइल कास्को समेत विभिन्न देशों के प्रतिनिधि, विदेशी खरीदार, एग्जीबिटर्स और उद्यमी भी समारोह में शामिल हुए।

  • अयोध्या-लखनऊ-वाराणसी में होंगे 3 बड़े कला आयोजन, नई पीढ़ी जुड़ेगी संस्कृति से

    अयोध्या-लखनऊ-वाराणसी में होंगे 3 बड़े कला आयोजन, नई पीढ़ी जुड़ेगी संस्कृति से

    लखनऊ
    प्रदेश में कला और संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ने के लिए पर्यटन व संस्कृति विभाग की ओर से अयोध्या, लखनऊ और वाराणसी में तीन बड़े कला आयोजन होंगे।

    अयोध्या में राम और रामायण की सांस्कृतिक परंपरा, लखनऊ में देश की लोक एवं पारंपरिक कला शैलियों और वाराणसी में गंगा-काशी की विरासत को कलाकार अपनी रचनाओं के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे। इन आयोजनों में देशभर के वरिष्ठ कलाकारों के साथ युवा कलाकार और कला विद्यार्थी भी हिस्सा लेंगे।

    अयोध्या में 22 से 26 अक्टूबर तक डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के सहयोग से राम की पैड़ी और गुप्तार घाट पर राम, रामायण और अयोध्या राष्ट्रीय कार्यशाला एवं व्याख्यान श्रृंखला होगी। इसमें 25 कलाकार और 10 विशेषज्ञ शामिल होंगे। कार्यशाला में राम, रामायण और अयोध्या की सांस्कृतिक परंपरा को कला के माध्यम से समझने और प्रस्तुत करने पर जोर रहेगा।

    लखनऊ में 18 से 22 नवंबर तक राज्य ललित कला अकादमी की ओर से लोकधारा लोक एवं पारंपरिक कला शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से करीब 35 से 40 लोक एवं पारंपरिक कला साधक हिस्सा लेंगे।

    लखनऊ और आसपास के संस्थानों के 25 चयनित वरिष्ठ कला विद्यार्थी भी शिविर में शामिल होंगे। शिविर में गोंड, भील, गोदना, पिथौरा, राजस्थानी, कोहबर और मधुबनी जैसी कला शैलियों को एक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।

    वाराणसी में दिसंबर के दूसरे सप्ताह में गंगा तट पर चार दिवसीय काशी फ्लो अंतरराष्ट्रीय कला शिविर एवं प्रदर्शनी होगी। इसका आयोजन गंगा महासभा और राज्य ललित कला अकादमी के संयुक्त सहयोग से किया जाएगा।

  • ‘दलित-पिछड़ों को अछूत मानते हैं अखिलेश’, ओमप्रकाश राजभर ने सपा की रथयात्रा पर साधा निशाना

    ‘दलित-पिछड़ों को अछूत मानते हैं अखिलेश’, ओमप्रकाश राजभर ने सपा की रथयात्रा पर साधा निशाना

    ‘दलित-पिछड़ों को अछूत मानते हैं अखिलेश’, ओमप्रकाश राजभर ने सपा की रथयात्रा पर साधा निशाना

    अखिलेश के रथ पर राजभर का तंज- ‘दलित-पिछड़ों को अछूत मानते हैं, सत्ता में जनता स्पेस नहीं देगी’

    ‘फाइव स्टार रथ में घूम रहे, दलित-पिछड़ों से हाथ नहीं मिलाते’, अखिलेश पर ओमप्रकाश राजभर का हमला

    ‘2027 का सपना देखिए, 2032 तक संघर्ष कीजिए’, अखिलेश की रथयात्रा पर राजभर का तीखा तंज

    'संघर्ष के नाम पर लग्जरी का पूरा इंतजाम', अखिलेश की रथयात्रा पर राजभर का तंज

    लखनऊ
    सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की रथयात्रा पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव के रथ को लेकर तंज कसा और दलितों-पिछड़ों से उनके जुड़ाव पर सवाल उठाए।

    'रथ में कितने दलितों-पिछड़ों से हाथ मिलाया?'

    ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा, 'महाराज, आपका रथ तो एकदम फाइव स्टार है। ये बताइए कल रथ में बैठकर कितने दलितों और कितने पिछड़ों से आपने हाथ मिलाया?'उन्होंने आगे तंज कसते हुए लिखा कि अखिलेश यादव दलितों और पिछड़ों से हाथ नहीं मिलाना चाहते और उन्हें अछूत मानते हैं।

    'संघर्ष के नाम पर लग्जरी का पूरा इंतजाम'

    राजभर ने अखिलेश यादव के रथ को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि अखिलेश यादव रथ के नाम पर 'हॉलीवुड वाली वैनिटी वैन' या 'पहियों पर बने फाइव स्टार सुइट' में घूम सकते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश की दलित, अति पिछड़ी और गरीब जनता उन्हें सत्ता में कोई 'स्पेस' नहीं देने वाली।

    उन्होंने आगे लिखा कि उन्होंने अखिलेश यादव को रथयात्रा के दौरान देखा कि वह 'लग्जरी रथ' में सवार थे और हाइड्रोलिक ट्रॉली से निकलकर हाथ हिला रहे थे। राजभर ने इसे लेकर तंज किया कि संघर्ष के नाम पर लग्जरी का पूरा इंतजाम था, लेकिन सत्ता में स्पेस का इंतजाम नहीं हो पा रहा।

    '2027 का सपना देखिए, 2032 तक संघर्ष कीजिए'

    ओमप्रकाश राजभर ने अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा, '2027 का सपना देखिए, 2032 तक संघर्ष कीजिए। उसके बाद भी कुछ होने नहीं वाला है।'