Category: उत्तर प्रदेश

  • यूपी में मौसम को लेकर योगी सरकार अलर्ट, जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता के निर्देश

    यूपी में मौसम को लेकर योगी सरकार अलर्ट, जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता के निर्देश

    लखनऊ

    प्रदेश में बदलते मौसम और भारी बारिश, आंधी-वज्रपात की चेतावनी को देखते हुए योगी सरकार ने आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट कर दिया है। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर मौसम की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने, स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने और किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में 27 सितंबर तक मौसम प्रभावित रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 27 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 25 से 27 सितंबर तक भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।

    राहत आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के जान-माल की सुरक्षा प्रशासन का दायित्व है। जिलाधिकारी स्वयं फील्ड में रहकर स्थिति का जायजा लें और आमजन से लगातार संवाद बनाए रखें। मौसम संबंधी चेतावनियों और जरूरी सावधानियों की जानकारी पब्लिक एड्रेस सिस्टम, स्थानीय संचार माध्यमों और अन्य उपलब्ध संसाधनों के जरिए व्यापक रूप से लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

    रेड अलर्ट वाले जिलों में विशेष सतर्कता

    लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में रेड अलर्ट को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, संत कबीर नगर, महाराजगंज, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं समेत अन्य क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए अधिकारी सक्रिय रहेंगे।

    बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में  तैयारी

    आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, अंबेडकर नगर, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, श्रावस्ती, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, अमेठी, फतेहपुर, कानपुर नगर, बांदा, कौशांबी और चित्रकूट के कुछ वाटरशेड क्षेत्रों में अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए सुरक्षा और राहत एजेंसियों को आवश्यकतानुसार तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

    आंधी-वज्रपात से बचाव पर जोर

    राहत आयुक्त ने निर्देश दिए कि तेज आंधी और वज्रपात के दौरान लोगों को खुले स्थान, पेड़, बाग और पार्क में जाने से रोका जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई व्यक्ति खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर न हो। राहत और बचाव से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं सक्रिय रखी जाएं तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

    निर्देशों के अनुसार जिलाधिकारी नागरिकों की सुरक्षा के दृष्टिगत अपने विवेकाधिकार का प्रयोग करते हुए स्कूल, कॉलेज और कम आवश्यक सेवाओं को बंद कर सकते हैं।

  • पार्टनर कंट्रीज के प्रतिनिधियों से सीएम योगी ने की राउंड टेबल मीटिंग

    पार्टनर कंट्रीज के प्रतिनिधियों से सीएम योगी ने की राउंड टेबल मीटिंग

    ग्रेटर नोएडा

    उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को पार्टनर कंट्रीज के प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल मीटिंग कर उत्तर प्रदेश में निवेश और कारोबार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। पार्टनर कंट्रीज सिंगापुर, वियतनाम, रूस, बेलारूस, जापान और ऑस्ट्रिया के प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री ने प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश के अवसर और विभिन्न सेक्टरों में उपलब्ध संभावनाओं को साझा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य होने के साथ ही बड़ा बाजार, युवा मानव संसाधन, उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधनों वाला प्रदेश है। ऐसे में पार्टनर देशों की कंपनियों के लिए यहां निवेश और कारोबार विस्तार की व्यापक संभावनाएं हैं।

    वियतनाम की कंपनियों को एविएशन सेक्टर में निवेश का अवसर

    वियतनाम के डेलिगेशन के साथ चर्चा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वियतनामी कंपनियों के लिए उत्तर प्रदेश में निवेश की अच्छी संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने वियतनाम की कंपनियों को यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट फंक्शनल करने में सफलता मिली है और शीघ्र ही यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन शुरू होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव रखा कि लखनऊ, वाराणसी और नोएडा से हनोई तथा वियतनाम के अन्य प्रमुख शहरों के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू होने से दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल होने के लिए वियतनाम के प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त किया।

    रूस की कंपनियों को डिफेंस, फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर में निवेश का न्योता

    रूसी प्रतिनिधिमंडल के साथ राउंड टेबल मीटिंग में मुख्यमंत्री ने रूसी संघ के बिजनेस कमिश्नर को उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल होने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि रूस की ओर से जिन मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया गया है, उत्तर प्रदेश सरकार उन सुझावों से सहमत है और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में काम किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है और यहां करीब 25 करोड़ की आबादी निवास करती है। प्रदेश में भारत का डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर स्थापित हो रहा है। रूस की कंपनियां पहले से ही उत्तर प्रदेश में अपनी इकाइयां स्थापित कर रही हैं। लखनऊ नोड में ब्रह्मोस की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कानपुर में भी रूसी डिफेंस कंपनियों को अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि रूस की एके-203 राइफल का निर्माण भी उत्तर प्रदेश में हो रहा है। यह रूस की कंपनियों के लिए प्रदेश में उपलब्ध अवसरों का उदाहरण है और उन्हें इन अवसरों का लाभ उठाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर को भी रूस के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि नोएडा एयरपोर्ट के पास मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित किया जा रहा है, जहां रूसी निवेशक निवेश के साथ अपने रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर स्थापित कर सकते हैं। बुंदेलखंड क्षेत्र में भी फार्मा पार्क विकसित किया जा रहा है। ललितपुर में बनने वाले बल्क ड्रग पार्क में भी रूस की कंपनियों को रिसर्च एंड डेवलपमेंट क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया।

    कृषि और फर्टिलाइजर सप्लाई चेन में सहयोग की बड़ी संभावनाएं

    मुख्यमंत्री ने कहा कि रूसी कंपनियों के लिए कृषि और फर्टिलाइजर की सप्लाई चेन भी महत्वपूर्ण क्षेत्र हो सकता है। उत्तर प्रदेश को भारत का फूड बास्केट बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी मात्रा में उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधन उपलब्ध हैं। कृषि आधारित उद्योग और फर्टिलाइजर सप्लाई चेन के क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में एमएसएमई का बड़ा केंद्र है। प्रदेश में ऐसे प्लेटफॉर्म विकसित किए जा सकते हैं, जहां यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन से जुड़े देशों के साथ आर्थिक एवं व्यापारिक संवाद को आगे बढ़ाया जा सके। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है, जहां विभिन्न देशों को उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और निर्यात क्षमता को देखने-समझने का अवसर मिल रहा है।

    बेलारूस की एडवांस मशीनरी और ट्रैक्टर कंपनियों को यूपी में निवेश का न्योता

    बेलारूस के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में उनकी सहभागिता का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि चार वर्ष पहले शुरू की गई पहल के क्रम में बेलारूस ने इस बार भी अपने पवेलियन के माध्यम से उत्तर प्रदेश की औद्योगिक एवं विनिर्माण क्षमता को समझने का अवसर प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बेलारूस के लिए निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। प्रदेश की बड़ी आबादी, उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधन इसे कृषि एवं कृषि आधारित उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण बनाते हैं। उन्होंने बेलारूस की एडवांस और हेवी मशीनरी कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। विशेष रूप से बेलारूस ट्रैक्टर कंपनियों को यहां असेंबलिंग यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव दिया।

    वुड टेक्नोलॉजी और ओडीओपी के बीच सहयोग की संभावनाएं

    मुख्यमंत्री ने बेलारूस के प्रतिनिधियों को उत्तर प्रदेश के वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) की ताकत से भी परिचित कराया। उन्होंने कहा कि सहारनपुर और बिजनौर जैसे जिलों में लकड़ी एवं उससे जुड़े उत्पादों की प्रोसेसिंग का बेहतरीन कार्य हो रहा है। यदि बेलारूस की आधुनिक वुड टेक्नोलॉजी को उत्तर प्रदेश के इन क्लस्टर्स से जोड़ा जाता है तो यहां के उत्पादों को वैश्विक बाजार में और मजबूत पहचान दिलाई जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की करीब 56 प्रतिशत आबादी युवा है। प्रदेश सरकार युवाओं की शिक्षा, कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण पर लगातार काम कर रही है। उत्तर प्रदेश में आईटी और तकनीकी संस्थानों की मजबूत व्यवस्था है। ऐसे में बेलारूस की कंपनियां प्रदेश में हेवी टेक्नोलॉजी से जुड़े तकनीकी संस्थान स्थापित कर सकती हैं और युवाओं को आधुनिक तकनीक के अनुरूप प्रशिक्षित करने में सहयोग कर सकती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश और बेलारूस मिलकर इन संभावनाओं को आगे बढ़ा सकते हैं। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक और निवेश के नए रास्ते खोलने का प्रभावी मंच बन रहा है।

    25 देशों के प्रतिनिधियों के साथ ग्रुप फोटो

    राउंड टेबल मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न पार्टनर देशों के प्रतिनिधियों के साथ ग्रुप फोटोशूटभी कराया। ट्रेड शो में विभिन्न देशों की सहभागिता को उत्तर प्रदेश की वैश्विक व्यापारिक और औद्योगिक पहुंच के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

  • रूस-भारत संवाद में व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग की नई संभावनाओं पर मंथन

    रूस-भारत संवाद में व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग की नई संभावनाओं पर मंथन

    ग्रेटर नोएडा

    इंटरनेशनल ट्रेड शो के पहले दिन अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक गतिविधियों को नई दिशा देने वाले कई महत्वपूर्ण सत्र आयोजित हुए। रूस और भारत के बीच व्यापार, निवेश एवं आर्थिक सहयोग को विस्तार देने के उद्देश्य से विशेष रूस-भारत बिजनेस डायलॉग आयोजित किया गया। वहीं वियतनाम ने अपने पवेलियन और विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से व्यापार, तकनीक, पर्यटन, खानपान और संस्कृति का व्यापक संगम प्रस्तुत किया। दोनों देशों की भागीदारी ने यूपीआईटीएस के अंतरराष्ट्रीय स्वरूप को और मजबूत किया।

    रूस-भारत : व्यापार और निवेश के नए अवसरों पर चर्चा

    यूपीआईटीएस-2026 में ‘रूस-भारत : व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग के नए अवसर’ विषय पर विशेष संवाद आयोजित किया गया। इसमें दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने, निवेश के नए अवसर तलाशने तथा औद्योगिक और तकनीकी सहयोग को विस्तार देने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। रूस की ओर से भारत स्थित रूसी व्यापार प्रतिनिधित्व के ट्रेड कमिश्नर आंद्रेई सोबोलेव और डिप्टी ट्रेड कमिश्नर डॉ. येवगेनी ग्रिवा समेत वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया। संवाद के दौरान दोनों देशों के उद्योगों के बीच प्रत्यक्ष संपर्क बढ़ाने और कारोबारी सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान पर विशेष जोर रहा। रूसी प्रतिनिधिमंडल ने यूपीआईटीएस को उत्तर प्रदेश के उद्योग एवं कारोबारी पारिस्थितिकी तंत्र को समझने और प्रदेश के उद्यमियों के साथ संभावित व्यापारिक साझेदारी तलाशने के अवसर के रूप में देखा। इस दौरान औद्योगिक तकनीक, गैस एवं संबंधित क्षेत्र, प्रयोगशाला और निदान समाधान, मेडिकल ऑक्सीजन सिस्टम तथा व्यावसायिक सेवाओं जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं सामने आईं।

    चिकित्सा और औद्योगिक तकनीक में सहयोग की संभावनाएं

    रूस की प्रदर्शनी में विभिन्न औद्योगिक और तकनीकी क्षमताओं को प्रमुखता दी गई। इसमें औद्योगिक तकनीक एवं गैस, प्रयोगशाला एवं डायग्नोस्टिक समाधान, मेडिकल ऑक्सीजन सिस्टम तथा बिजनेस सर्विसेज से जुड़े उत्पाद एवं समाधान शामिल रहे। यूपीआईटीएस में इन क्षेत्रों की मौजूदगी ने उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य, विनिर्माण और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों के लिए अंतरराष्ट्रीय कारोबारी संपर्क का अवसर उपलब्ध कराया। रूस-भारत संवाद के माध्यम से तकनीक, उत्पादों और सेवाओं के आदान-प्रदान के साथ-साथ भविष्य में संयुक्त कारोबारी अवसरों की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ।

    वियतनाम ने कारोबार के साथ दिखाई संस्कृति की विविधता

    यूपीआईटीएस-2026 में वियतनाम की भागीदारी भी पहले दिन विशेष आकर्षण का केंद्र रही। वियतनाम ने अपने पवेलियन को केवल उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित न रखते हुए उसे व्यापार, निवेश, पर्यटन, संस्कृति और खानपान के समग्र अनुभव के रूप में प्रस्तुत किया। वियतनाम के पवेलियन में विमानन, पर्यटन, स्वास्थ्य, कृषि, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, वस्त्र एवं परिधान, इलेक्ट्रिक वाहन और पुनर्चक्रित फाइबर जैसे विभिन्न क्षेत्रों को प्रदर्शित किया गया। इससे भारतीय और विदेशी खरीदारों को वियतनाम के कारोबारी एवं औद्योगिक क्षेत्रों की विविधता को करीब से जानने का अवसर मिला।

    ‘इनोवेशन टेक्नोलॉजीज एंड टूरिज्म’ पर विशेष कार्यक्रम

    वियतनाम की ओर से ‘वियतनाम : इनोवेशन टेक्नोलॉजीज एंड टूरिज्म’ विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें तकनीकी नवाचार और पर्यटन क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं को व्यापारिक अवसरों से जोड़कर प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में भारत और वियतनाम के बीच पर्यटन, विमानन, स्वास्थ्य, कृषि, विनिर्माण तथा अन्य कारोबारी क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर संवाद हुआ। वियतनाम के राजदूत त्रिन्ह मिन्ह मान्ह के साथ विभिन्न वियतनामी कंपनियों और संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। इनमें वियतनाम एयरलाइंस, वियतजेट और विंग्रुप सहित अन्य प्रमुख कारोबारी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल रहे।

    फूड फेस्टिवल और सांस्कृतिक कार्यक्रम ने बढ़ाई रौनक

    वियतनाम की भागीदारी का एक महत्वपूर्ण पक्ष उसका फूड फेस्टिवल और सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा। वियतनामी व्यंजनों के माध्यम से देश की खाद्य संस्कृति को प्रदर्शित किया गया, वहीं सांस्कृतिक दल की प्रस्तुतियों ने दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर संपर्क और सांस्कृतिक संवाद को भी मंच दिया। इस पहल के जरिए व्यापारिक प्रदर्शनी को पर्यटन और संस्कृति से जोड़ा गया। इससे यूपीआईटीएस में आने वाले आगंतुकों को वियतनाम के उत्पादों के साथ उसकी खानपान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं को जानने का अवसर मिला।

    वैश्विक कारोबार का केंद्र बन रहा यूपीआईटीएस

    रूस और वियतनाम की भागीदारी ने यूपीआईटीएस-2026 को केवल उत्पादों की प्रदर्शनी से आगे बढ़ाकर व्यापार, निवेश, तकनीक, पर्यटन और सांस्कृतिक संवाद के अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में स्थापित किया। एक ओर रूस के साथ औद्योगिक एवं तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई, तो दूसरी ओर वियतनाम ने व्यापार को पर्यटन और संस्कृति से जोड़ते हुए अपनी व्यापक आर्थिक क्षमता प्रदर्शित की। यूपीआईटीएस में साझेदार देशों के लिए तैयार किए गए विशेष कार्यक्रमों का उद्देश्य विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और उत्तर प्रदेश के उद्यमियों के बीच सीधे संपर्क को बढ़ाना है। बी2बी बैठकें, बिजनेस डायलॉग, देश विशेष सत्र और राउंडटेबल चर्चाएं इस अंतरराष्ट्रीय भागीदारी को कारोबारी परिणामों से जोड़ने का माध्यम बन रही हैं। इससे प्रदेश के एमएसएमई, निर्यातकों, स्टार्टअप, युवा उद्यमियों और बड़े उद्योगों को वैश्विक बाजारों में नए साझेदार और कारोबारी अवसर तलाशने का मंच मिल रहा है।

  • चार साल में 60 से 90 देशों तक पहुंचा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो

    चार साल में 60 से 90 देशों तक पहुंचा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो

    ग्रेटर नोएडा

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर वर्ष 2023 में शुरू हुआ यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो चार साल में 60 से 90 देशों तक पहुंच गया है। पहले संस्करण में 1,914 प्रदर्शक आए थे, इस बार संख्या 2,400 के पार है। 90 देशों के 600 से अधिक विदेशी खरीदार भी इसमें शामिल हो रहे हैं। डेढ़ लाख से ज्यादा बी2बी विजिटर्स के पहुंचने की उम्मीद है।
     
    चार साल के आंकड़े ट्रेड शो के बढ़ते दायरे की तस्वीर भी साफ करते हैं। वर्ष 2024 के दूसरे संस्करण में प्रदर्शकों, बी2बी विजिटर्स और विदेशी खरीदारों की संख्या बढ़ी। वर्ष 2025 में 2,228 प्रदर्शकों के साथ 85 देशों के खरीदार आए। कुल 5.07 लाख से अधिक लोगों ने ट्रेड शो देखा, इनमें 1.40 लाख से ज्यादा बी2बी विजिटर्स थे। इस बार 4.5 लाख से अधिक सामान्य विजिटर्स के आने का अनुमान है।
     
    छह देशों के विशेष पवेलियन

    इस बार ऑस्ट्रिया, बेलारूस, जापान, रूस, सिंगापुर और वियतनाम को पार्टनर देशों के रूप में जोड़ा गया है। इनके विशेष पवेलियन भी बनाए गए हैं। यहां प्रदेश के कारोबारी विदेशी कंपनियों और खरीदारों से सीधे बात कर सकेंगे। कारोबार के साथ तकनीकी सहयोग और संयुक्त उद्यम पर भी बातचीत होगी।
     
    1,882 करोड़ के एमओयू, 11,200 करोड़ की इन्क्वायरी

    पिछले साल के आंकड़े बताते हैं कि ट्रेड शो अब सिर्फ उत्पाद दिखाने तक सीमित नहीं है। वर्ष 2025 में यहां 1,882 करोड़ रुपये के 2,400 से अधिक एमओयू हुए थे। 11,200 करोड़ रुपये से अधिक की बिजनेस इन्क्वायरी भी मिली थी। ओडीओपी पवेलियन में लगे 466 स्टॉल से 20.77 करोड़ रुपये की बिजनेस लीड और डील सामने आई थीं।
     
    एक करोड़ से अधिक एमएसएमई को मिल रहा बाजार

    उत्तर प्रदेश में एक करोड़ से अधिक एमएसएमई इकाइयां हैं। प्रदेश के कुल निर्यात में इनकी हिस्सेदारी करीब 45 प्रतिशत है। ट्रेड शो में इन छोटे और मध्यम उद्यमों को देश-विदेश के खरीदारों के सामने अपने उत्पाद रखने का मौका मिल रहा है। भदोही के कालीन, मुरादाबाद के ब्रासवेयर समेत अलग-अलग जिलों के ओडीओपी उत्पाद भी यहां पहुंचे हैं।
     
    80 हजार करोड़ से करीब दो लाख करोड़ पहुंचा निर्यात

    प्रदेश का निर्यात वर्ष 2017 में करीब 80 हजार करोड़ रुपये था, जो मार्च 2025 तक करीब दो लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। अब एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी 2025-30 में वस्तु एवं सेवा निर्यात को वित्त वर्ष 2024 के 21 अरब डॉलर से बढ़ाकर 2030 तक 50 अरब डॉलर करने का लक्ष्य है। इसमें एमएसएमई, स्टार्टअप, ओडीओपी और पहली बार निर्यात करने वाले उद्यमियों पर खास जोर है। सभी जिलों को निर्यात से जोड़ने की भी तैयारी है।
     
    निर्यात बढ़ाने की यह कवायद प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य का भी हिस्सा है। इसके लिए उत्पादन बढ़ाने के साथ यूपी में बने उत्पादों के लिए देश और विदेश में नए बाजार तैयार करने पर जोर है।
     
    हस्तशिल्प के साथ एआई और ईवी भी

    ट्रेड शो में यूपी के उद्योगों का बदलता चेहरा भी नजर आ रहा है। हस्तशिल्प, हैंडलूम और परंपरागत उत्पादों के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्रेड और फूड प्रोसेसिंग से जुड़े उत्पाद भी यहां हैं। एक तरफ भदोही का कालीन और मुरादाबाद का ब्रासवेयर है तो दूसरी तरफ एआई, ईवी और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग। चार साल में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का दायरा इसी तरह परंपरागत हुनर से नई तकनीक तक फैल गया है।

  • योगी सरकार संवार रही यूपी के शहर, पेयजल-सीवरेज परियोजनाओं को मिली रफ्तार

    योगी सरकार संवार रही यूपी के शहर, पेयजल-सीवरेज परियोजनाओं को मिली रफ्तार

    लखनऊ

     उत्तर प्रदेश में शहरी विकास को नई गति देने के लिए योगी सरकार के प्रयासों के तहत अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत बड़े पैमाने पर विकास कार्य संचालित किए जा रहे हैं। पेयजल, सीवरेज, जल संरक्षण और हरित क्षेत्रों के विस्तार पर केंद्रित इस मिशन से प्रदेश के शहरों की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में काम हो रहा है। लगभग 29,716 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की स्वीकृति शहरी विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

    भारत सरकार की अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत 2.0) योजना वर्ष 2021 से 2026 तक संचालित है। इसके तहत प्रदेश के 762 नगरीय निकायों और 60 अमृत शहरों को शामिल किया गया है। योजना का उद्देश्य शहरी परिवारों को नल से शुद्ध पेयजल, सीवर कनेक्शन और बेहतर पर्यावरणीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

    637 परियोजनाओं को मिली मंजूरी

    प्रदेश में अमृत 2.0 के तहत कुल 637 परियोजनाओं के लिए 29,716.29 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इनमें से 114 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि453 परियोजनाओं पर कार्य जारी है। अब तक 612 परियोजनाओं को वित्तीय स्वीकृति और 567 की निविदाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं।

    पेयजल और सीवरेज पर विशेष जोर

    योजना में सबसे बड़ा हिस्सा पेयजल और सीवरेज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निर्धारित किया गया है। इसके तहत 18,829 करोड़ रुपये की 437 पेयजल परियोजनाएं और 10124 करोड़ रुपये की 41 सीवरेज परियोजनाएं शामिल हैं। इन कार्यों से शहरों में पेयजल आपूर्ति और स्वच्छता संबंधी सुविधाओं के विस्तार का लक्ष्य है।

    सरोवरों के पुनर्जीवन से पर्यावरण संरक्षण

    शहरी पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए 403.45 करोड़ रुपये की लागत से 190 सरोवर पुनर्जीवन परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इसके अतिरिक्त 89.76 करोड़ रुपये की 1777 हरित भूमि एवं पार्क परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है। एक एकड़ से अधिक क्षेत्रफल वाले सरोवरों का पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण भी मिशन का हिस्सा हैं। योगी सरकार के नेतृत्व में संचालित इन परियोजनाओं से प्रदेश के शहरों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, जल सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को गति मिलने की उम्मीद है।

    अमृत 2.0 के तहत प्रदेश के शहरों में पेयजल और सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ जल संरक्षण और पर्यावरण सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वीकृत परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने पर विभाग का जोर है। सरोवरों के पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन और हरित क्षेत्रों के विकास से शहरी क्षेत्रों में जल सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन को मजबूती मिलेगी। मिशन के माध्यम से प्रदेश के नगरीय निकायों में नागरिक सुविधाओं के विस्तार को नई गति मिल रही है।

     

  • योगी सरकार की चार सदस्यीय टीम परखेगी आयुष्मान अस्पताल की सुविधाओं की हकीकत

    योगी सरकार की चार सदस्यीय टीम परखेगी आयुष्मान अस्पताल की सुविधाओं की हकीकत

    लखनऊ

    योगी सरकार ने आयुष्मान के कार्ड धारकों को बेहतर और सुरक्षित इलाज देने के लिए योजना से जुड़े अस्पतालों की निगरानी बढ़ा दी है। योजना के नियमों और तय मानकों का पालन नहीं करने वाले अस्पतालों पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिये स्टेट हेल्थ एजेंसी (साचीज) द्वारा चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। टीम ने योजना से जुड़े अस्पतालों का औचक निरीक्षण भी शुरू कर दिया है।  

    चार सदस्यीय टीम ने लखनऊ के आयुष्मान के अस्पतालों का किया औचक निरीक्षण 

    साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि योगी सरकार आयुष्मान के लाभार्थियों को योजना का लाभ गुणवत्तापूर्ण उपलब्ध कराने के लिए लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। ऐसे में सीएम योगी के निर्देश पर योजना से जुड़े अस्पतालों में सुविधाओं को परखने के लिए औचक निरीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि चार सदस्यीय टीम ने लखनऊ में आयुष्मान भारत योजना से जुड़े चिकित्सालयों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान चिकित्सालयों में उपलब्ध इंफ्रास्ट्रक्चर, मानव संसाधन, चिकित्सालय के कर्मचारियों के व्यवहार, स्वच्छता व्यवस्था तथा बायोमेडिकल वेस्ट के उचित प्रबंधन एवं निस्तारण की स्थिति का परीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अस्पतालों में मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली गई। टीम ने अस्पतालों के ऑपरेशन थिएटर (ओटी) और आईसीयू में साफ-सफाई और संक्रमण से बचाव के लिए अपनाई जा रही व्यवस्था की भी जांच की। यह देखा गया कि इन जगहों पर तय नियमों के अनुसार साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है या नहीं।निरीक्षण के दौरान अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना से जुड़ी जानकारी भी देखी गई। अस्पताल में योजना के बारे में जानकारी देने वाली सामग्री लगी है या नहीं और मरीजों को योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं के बारे में सही जानकारी दी जा रही है या नहीं, इसकी भी जांच की गई।

    मरीजों से अच्छा व्यवहार जरूरी

    साचीज की सीईओ ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना से जुड़े सभी अस्पतालों को योजना के नियमों का पालन करना जरूरी है। यह योगी सरकार की प्राथमिकताओं में है। अस्पताल में आने वाले लाभार्थियों के साथ अच्छा व्यवहार करना, उन्हे साफ और सुरक्षित वातावरण देना अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान अगर किसी अस्पताल में तय मानकों का पालन नहीं पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सभी आयुष्मान से जुड़े अस्पतालों को योजना के नियमों और तय मानकों का पूरी तरह पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों को साफ-सफाई, मरीजों के साथ व्यवहार, कर्मचारियों की उपलब्धता, बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण, ओटी और आईसीयू की व्यवस्था तथा आयुष्मान योजना की जानकारी मरीजों तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

  • कौशल से कारोबार और नवाचार तक, यूपीआईटीएस में दिखा युवाओं के हुनर का नया चेहरा

    कौशल से कारोबार और नवाचार तक, यूपीआईटीएस में दिखा युवाओं के हुनर का नया चेहरा

    ग्रेटर 

    हुनर जब प्रशिक्षण की चौखट से निकलकर बाजार में पहुंचता है तो वह सिर्फ कला नहीं रहता, कारोबार और रोजगार की ताकत बन जाता है। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में शुक्रवार को कौशल विकास मिशन के पवेलियन में इसी बदलाव की तस्वीर दिखाई दी। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज पोर्टल का शुभारंभ किया। इसके साथ ही 16 कौशलों के लाइव प्रदर्शन, ‘स्किल मंच’, उद्योग-शिक्षण संस्थानों के संवाद और प्रशिक्षित युवा उद्यमियों की सफलता की कहानियों ने पवेलियन को कौशल से रोजगार और नवाचार तक की यात्रा का मंच बना दिया। पोर्टल पर युवा, विद्यार्थी, स्टार्टअप और इनोवेटर नए समाधान प्रस्तुत कर सकेंगे।

    पिछले वर्ष 200 वर्गमीटर में सजा पवेलियन इस बार 360 वर्गमीटर में विस्तार पा चुका है। यहां पारंपरिक कारीगरी के साथ आधुनिक और उभरते कौशलों का लाइव प्रदर्शन हो रहा है। पहली बार बनाए गए स्किल मंच पर शिक्षाविद, कौशल विशेषज्ञ, उद्योग प्रतिनिधि और साफ्ट स्किल विशेषज्ञ युवाओं को करियर और रोजगार की बदलती संभावनाओं से रूबरू करा रहे हैं। आगंतुक कई गतिविधियों में स्वयं हिस्सा लेकर कौशल की बारीकियां भी समझ सकते हैं।

    वाराणसी की लकड़ी, आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी और फर्रुखाबाद की जरदोजी
    पवेलियन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों की कारीगरी एक ही छत के नीचे नजर आ रही है। वाराणसी से सह सहयोग सेवा समिति लकड़ी के उत्पाद और आकर्षक मूर्तियां लेकर आई है। वुडन वर्क उत्पादक निर्मल का कहना है कि ऐसे बड़े मंच से स्थानीय कारीगरों को अपने उत्पाद सीधे नए ग्राहकों और कारोबारियों तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है। उनके अनुसार योगी सरकार ने हुनरमंदों को ऐसा मंच दिया है, जहां पारंपरिक काम को बाजार की नई जरूरतों के साथ आगे बढ़ाया जा सकता है।

    आजमगढ़ से ई हरेक्स समूह ब्लैक पॉटरी लेकर पहुंचा है। गोरखपुर से नॉर्दर्न एजुकेशनल एंड डेवलपमेंट संस्थान के टेराकोटा उत्पाद लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। बुलंदशहर की स्टडी मैट्रिक्स स्किल डेवलपमेंट मिशन ने सिरेमिक पॉटरी प्रदर्शित की है। इन उत्पादों के जरिए पारंपरिक मिट्टी और शिल्पकला को आधुनिक बाजार से जोड़ने की कोशिश दिखाई दे रही है।

    फर्रुखाबाद की कल्कि इंडिया की जरदोजी कारीगरी भी पवेलियन में अपनी अलग पहचान बना रही है। चिकनकारी वस्त्र निर्माता जरीना कहती हैं कि पारंपरिक कारीगरी को आगे बढ़ाने के लिए उसे बड़े बाजार तक पहुंचाना जरूरी है। उनके अनुसार सरकार की ओर से मिले ऐसे मंच से कारीगरों को अपने उत्पादों की पहचान बढ़ाने और नए ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है। इससे नई पीढ़ी भी पारंपरिक हुनर को रोजगार के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित हो सकती है।

    आगरा से एसआरएस रूरल एंड स्किल डेवलपमेंट सोसाइटी पर्स, बेल्ट सहित चमड़े के उत्पाद लेकर आई है। फिरोजाबाद से ओम विजय चैरिटेबल ट्रस्ट हैंडीक्राफ्ट और कांच के उत्पाद प्रदर्शित कर रहा है। हैंडीक्राफ्ट उत्पादक आदित्य के अनुसार योगी सरकार ने स्थानीय उत्पादकों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने अपनी पहचान बनाने के लिए अच्छा मंच दिया है। उनका कहना है कि ऐसे आयोजनों से उत्पादों की बिक्री के साथ नए बाजार और व्यापारिक संपर्क बनाने की संभावनाएं भी बढ़ती हैं।

    प्रशिक्षण से उद्यमिता तक सरकार का जोर
    मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में प्रदेश के युवाओं के विकास को कौशल, स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना और कौशल विकास मिशन की विभिन्न योजनाओं से युवाओं में स्वरोजगार की ललक बढ़ी है। आज का युवा नौकरी तलाशने के साथ रोजगार देने वाला बनना चाहता है। युवाओं के स्टार्टअप और उद्यमिता से प्रदेश में निवेश के अवसर भी बढ़ रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के माध्यम से प्रदेश के उत्पादकों को अपने उत्पाद बेचने और निवेश आकर्षित करने के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर का मंच एक ही छत के नीचे मिल रहा है। सरकार की मंशा है कि प्रदेश का हुनर स्थानीय बाजार तक सीमित न रहे, बल्कि उसे देश-दुनिया के खरीदारों तक पहुंच मिले।

    मिशन निदेशक पुलकित खरे के मुताबिक इस बार पवेलियन में कौशल प्रदर्शन के साथ संवाद, नवाचार और रोजगार की संभावनाओं को जोड़ा गया है। प्रशिक्षित युवा उद्यमी अपनी सफलता की कहानी साझा कर रहे हैं, जबकि उद्योगों और शिक्षण संस्थानों के बीच संवाद से नए सहयोग की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं।

    कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद महेश शर्मा तथा उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री सुरेश राणा भी उपस्थित रहे। इस तरह पवेलियन में एक तरफ वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर, बुलंदशहर, फर्रुखाबाद, आगरा और फिरोजाबाद का पारंपरिक हुनर बाजार से जुड़ता दिखाई दिया, तो दूसरी तरफ सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज के जरिए नई सोच रखने वाले युवाओं को नवाचार का मंच मिला।

  • जौनपुर में कारोबारियों के अपहरण-लूट का आरोपी थानेदार फरार, ₹25 हजार का इनाम

    जौनपुर में कारोबारियों के अपहरण-लूट का आरोपी थानेदार फरार, ₹25 हजार का इनाम

    जौनपुर
    यूपी के जौनपुर में दो कारोबारियों को अगवा कर लूटने वाले सुरेरी थाने पर तैनात रहे थानेदार दिव्य प्रकाश सिंह पर 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया गया है। सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले दो सिपाहियों समेत तीन लोगों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। वारदात में सहयोग करने वाले थानेदार के दो सगे भाइयों विकास सिंह और संकीत सिंह ने अदालत में सरेंडर कर दिया है। थानेदार और सिपाहियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। अब थानेदार व्हाट्स स्टेटस के जरिए धमकी दे रहा है। उसने यहां तक लिखा कि जल्द वापसी करूंगा। सभी की पोल खुलेगी। अपने पर्सनल फोन का स्टेटस लगातार बदल रहा है और ऐसी बातें लिख रहा है जिसे अधिकारियों को धमकी माना जा रहा है।

    क्या है पूरा मामला
    जौनपुर के जलालपुर थाना इलाके में 15 सितंबर को कारोबारी विजय राजभर को अगवाकर लूटपाट की गई थी। दो लोग उसे पुलिस की धमकी देकर अपने साथ ले गए। एक गाड़ी में पहले से मौजूद चार लोगों ने उसे अगवा कर लिया। उसे सुरेरी थाना ले जाकर मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी देकर रुपए मांगे गए। उसका मोबाइल छीनकर यूपीआई के जरिए कई खातों से दो लाख से ज्यादा ट्रांसफर कर लिए गए। उसने 17 सितंबर को इसकी शिकायत अधिकारियों से की। मामला दर्ज कर जांच शुरू हुई। जांच शुरू होते ही एक अन्य कारोबारी सुशील कुमार पांडेय भी सामने आया। उसके साथ भी इसी तरह की घटना हुई थी। उसे भी इसी तरह से सुरेरी थाने में ले जाकर लूटा गया था। एक ही तरह की दो घटनाओं और थाने लाकर लूट की खबर से खलबली मच गई। मामला डीआईजी तक पहुंच गया।

    22 सितंबर को एसआईटी गठित हुई थी
    वाराणसी परिक्षेत्र के डीआईडी वैभव कृष्ण ने 22 सितंबर को पांच सदस्यीय एसआईटी का गठन कर दिया। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आतिश कुमार सिंह की टीम मामले के खुलासे में लगी। सुरेरी थाने में पुलिस वालों की परेड हुई तो लूट को अंजाम देने वाले सिपाहियों की पहचान हो गई। पता चला कि थानेदार ही लूट सिपाहियों और अपने सगे भाइयों के जरिए वारदातों को अंजाम दिला रहा हैं। कारोबारी को बुलाकर ले जाने वाले कोई और नहीं थानेदार के भाई संकीत सिंह और विकास सिंह थे। एसआईटी ने रिपोर्ट दर्ज कर धरपकड़ शुरू की तो थानेदार फरार हो गया।

    थाने में असलहे के साथ फोटो भी खिंचवाया
    कारोबारियों ने अधिकारियों को बताया कि चार पहिया वाहन से अपहरण करने और सुरेरी थाने में ले जाकर धमकाने के साथ ही असलहा के साथ फोटो और वीडियो बनाया गया। सादे कागज पर हस्ताक्षर कराया गया था। सुशील पांडेय ने बताया कि पहले पांच लाख की मांग की गई। फिर एक लाख पांच हजार रुपये नगद और साठ हजार दो सौ 99 रुपये ऑनलाइन वंशनारायण गिरी के खाते में ट्रांसफर करा लिए।

    थानेदार का व्हाट्स स्टेटस लगातार हो रहा अपडेट
    पुलिस फरार थानेदार को खोज रही है और उसके फोन में व्हाट्स स्टेटस लगातार अपडेट हो रहा है। इसमें एक तरह से धमकी दी जा रही है। उसने एक स्टेटस में लिखा है कि आज आपने इज्ज़त ली हो मैं जल्द ही वापसी करूंगा, अपने तरीक़े से सभी की पोल खुलेंगी, आप को जो कराना था करा दिए। सम्मान के साथ जिया हूं, सम्मान के साथ जिएंगे। जिसने भी ऐसा किया है, वो बस अपना सोचे, सभी कहानी और खुलासे के साथ जल्द ही सामने आएंगे।

    एक अन्य स्टेटस में मरने की धमकी भी दी। लिखा कि इसकी कीमत मेरी जान है जो मुझे अब दिल से अनुभव हो गया है, जल्द वीडियो बनाने के साथ मर जाऊंगा, लेकिन आज मुझे जो बताया जा रहा है वो आप भी हैं। यह भी लिखा कि जिस स्थान पर मैं जाऊंगा, वहां पर आप भी रहेंगे। CBI जांच के साथ सभी EVIDENCES मेरे पास हैं। इन स्टेटस से माना जा रहा है कि वह अपने ही अधिकारियों को धमका रहा है।

  • यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो वैश्विक बाजार में यूपी के उत्पादों की पहचान बनाने का सशक्त मंच : भूपेंद्र चौधरी

    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो वैश्विक बाजार में यूपी के उत्पादों की पहचान बनाने का सशक्त मंच : भूपेंद्र चौधरी

    ग्रेटर नोएडा
    प्रदेश के एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश के उद्यमियों, कारीगरों और हस्तशिल्पियों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का सशक्त मंच बन चुका है। देश-दुनिया से बड़ी संख्या में क्रेताओं और प्रतिनिधियों की सहभागिता से ये साफ है कि उत्तर प्रदेश नए भारत के निर्माण में अपनी अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

    उन्होंने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के चतुर्थ संस्करण के शुभारंभ अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले तीन आयोजनों की सफलता के बाद अब यूपीआईटीएस का चौथा संस्करण आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन में देश-विदेश के क्रेताओं द्वारा दिखाई गई रुचि के कारण इस बार इसे और अधिक व्यापक एवं भव्य स्वरूप प्रदान किया गया है।

    भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि आयोजन में रक्षा, कृषि, उद्योग, ई-कॉमर्स, आईटी, शिक्षा, अवसंरचना, चिकित्सा, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, डेयरी, हैंडलूम, टेक्सटाइल तथा विभिन्न प्राधिकरणों एवं जीआई उत्पादों से जुड़े क्षेत्रों के 2400 से अधिक स्टॉल प्रमुख आकर्षण हैं। आयोजन के दौरान विभिन्न विषयों पर नॉलेज सेशन भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें ई-कॉमर्स, हेल्थकेयर, वित्त, एफपीओ, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बेस्ट मैनेजमेंट और फार्मा जैसे विषय शामिल हैं। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस के सहयोग से विभिन्न देशों के क्रेताओं के साथ बी2बी बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों को अपने उत्पादों के संबंध में वैश्विक क्रेताओं से सीधे विचार-विमर्श करने, नए बाजार तलाशने तथा अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने का व्यापक अवसर मिलेगा।

    उत्तर प्रदेश के छोटे उद्यमों को वैश्विक एक्सपोजर मिलेगा
    एमएसएमई मंत्री ने बताया कि आयोजन में 5 लाख से अधिक फुटफॉल की संभावना है। साथ ही, 90 से अधिक देशों के 600 से अधिक क्रेताओं की सहभागिता प्रदेश के उद्यमियों के लिए नए व्यावसायिक अवसर सृजित करेगी। उन्होंने कहा कि निर्यातकों, युवा उद्यमियों, इनोवेटर्स, तकनीकी संस्थानों, ओडीओपी उद्यमियों, खाद्य क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों, महिला उद्यमियों तथा विभिन्न सरकारी विभागों की भागीदारी से उत्तर प्रदेश के छोटे उद्यमों को वैश्विक एक्सपोजर मिलेगा।

    उत्तर प्रदेश में पूंजी निवेश को आकर्षित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा विभिन्न सेक्टरों के लिए नीतियां लागू की गई हैं। निवेश मित्र के माध्यम से विभिन्न सेक्टर आधारित नीतियों का लाभ ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जा रहा है।
    प्रदेश की जीडीपी, प्रति व्यक्ति आय, निर्यात तथा युवाओं के लिए रोजगार सृजन के क्षेत्र में हुई प्रगति यह दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश आर्थिक विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।

    एमएसएमई मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक करोड़ से अधिक पंजीकृत एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। इन इकाइयों में 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है और कृषि क्षेत्र के बाद एमएसएमई क्षेत्र प्रदेश में रोजगार उपलब्ध कराने वाला प्रमुख क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि ओडीओपी, विश्वकर्मा श्रम सम्मान, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान और प्लेज पार्क योजना जैसी पहलों के माध्यम से प्रदेश के छोटे उद्यमियों, कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों को ऋण, प्रशिक्षण, विपणन तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

    विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत परंपरागत कारीगरों और हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण तथा उन्नत टूल किट उपलब्ध कराकर उन्हें अपने हुनर को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने का अवसर दिया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 6 लाख से अधिक कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों को लाभान्वित किया जा चुका है।कारीगरों और युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस बार विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में 14 नई ट्रेडों को जोड़ते हुए कुल 25 ट्रेडों में प्रशिक्षण एवं उन्नत टूल किट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही स्वरोजगार स्थापित करने के लिए बिना गारंटी और बिना ब्याज ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

  • सीएम योगी के नेतृत्व में तेजी से शिखर पर पहुंचा गन्ना व चीनी उद्योग

    सीएम योगी के नेतृत्व में तेजी से शिखर पर पहुंचा गन्ना व चीनी उद्योग

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शिखर पर पहुंचे गन्ना व चीनी उद्योग ने नई सफलता अर्जित की है। राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लि. (एनएफसीएसएफ) नई दिल्ली की ओर से डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित ’राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कार समारोह’ में उत्तर प्रदेश की 08 सहकारी चीनी मिलों को सम्मानित किया गया। संघ की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर देश की सहकारी चीनी मिलों को गन्ना विकास, तकनीकी दक्षता, वित्तीय प्रबंधन और समग्र प्रदर्शन आदि क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं विशिष्ट योगदान के लिए प्रत्येक वर्ष दक्षता पुरस्कार दिए जाते हैं, जिससे सहकारी क्षेत्र की चीनी मिलों की कार्यक्षमता एवं दक्षता में सुधार के साथ-साथ वृद्धि हो सके।

    वर्ष 2024-25 के लिए घोषित पुरस्कारों में प्रदेश की दि किसान सहकारी चीनी मिल, स्नेह रोड, नजीबाबाद (बिजनौर) को सभी मानकों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए समग्र रूप से सर्वश्रेष्ठ सहकारी चीनी मिल का प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला। सरजू सहकारी चीनी मिल, बेलरायां (लखीमपुर खीरी) को गन्ना विकास, दि किसान सहकारी चीनी मिल, गजरौला (अमरोहा) को चीनी परता (शुगर रिकवरी) में सुधार एवं बागपत को-ऑपरेटिव शुगर मिल्स लिमिटेड, बागपत को वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कार प्रदान किया गया है।

    इसी प्रकार वर्ष 2025-26 के लिए घोषित पुरस्कारों में भी प्रदेश की चार अन्य सहकारी चीनी मिलों ने परचम लहराया है। इसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश की दि गंगा किसान सहकारी चीनी मिल, मोरना (मुजफ्फरनगर) को गन्ना विकास, रमाला सहकारी चीनी मिल, रमाला (बागपत) तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश की दि किसान सहकारी चीनी मिल, सठियांव (आजमगढ़) को उत्कृष्ट तकनीकी दक्षता से पुरस्कृत किया गया। दि किसान सहकारी चीनी मिल, पुवायां (शाहजहांपुर) को उत्कृष्ट वित्तीय प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कार से नवाजा गया।

    इस उपलब्धि पर चीनी उद्योग व गन्ना विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण, राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार, अपर मुख्य सचिव वीना कुमारी मीना, गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस., सहकारी चीनी मिल्स संघ के प्रबंध निदेशक मंगला प्रसाद सिंह, संयुक्त प्रबंध निदेशक अमृत पाल कौर ने सहकारी चीनी मिलों के प्रबंध तंत्र एवं कार्मिकों को बधाई दी है।