Category: news

  • जालंधर में वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़, चोरी की मोटरसाइकिलों समेत 2 आरोपी गिरफ्तार

    जालंधर में वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़, चोरी की मोटरसाइकिलों समेत 2 आरोपी गिरफ्तार

    जालंधर.

    जालंधर के थाना भोगपुर पुलिस ने क्षेत्र में बढ़ते चोरी के मामलों पर संज्ञान लेते हुए वाहन चोर गिरोह के दो सदस्यों को चोरी के मोटरसाइकिल सहित गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार पकड़े गए दोनों आरोपित वाहन चोरी की वारदातों में शामिल रहे हैं और चोरी किए गए मोटरसाइकिल को बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहे थे।

    पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी का मोटरसाइकिल भी बरामद की है। जांच में सामने आया है कि आरोपितों के और भी साथी हैं, जो गिरोह में शामिल हैं‌। पुलिस के मुताबिक एएसआइ सरबजीत सिंह पुलिस टीम के साथ संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच के संबंध में नाकाबंदी कर मौजूद थे। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि अवतार सिंह निवासी गांव बूनदड़ा, थाना भोगपुर और उसका साथी अलीशा मसीह निवासी गांव ऊटर, थाना भोगपुर वाहन चोरी करने के आदी हैं।

    चोर चोरी का माल बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे थे
    दोनों आरोपी चोरी किए गए मोटरसाइकिल के साथ इलाके में मौजूद हैं और उसे बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहे हैं। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की और कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी का मोटरसाइकिल भी बरामद किया है। पुलिस अब आरोपितों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि दोनों ने अब तक कितने वाहन चोरी किए हैं और चोरी के वाहनों को किन लोगों को बेचा जाता था। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह में इनके अलावा और कितने लोग शामिल हैं। एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने बताया कि आरोपितों से पूछताछ के बाद वाहन चोरी की अन्य वारदातों के संबंध में भी वारदातें हल होने की संभावना है।

  • बिहार बाढ़: CM सम्राट चौधरी ने लिया जायजा, पीड़ितों को हरसंभव मदद का निर्देश

    बिहार बाढ़: CM सम्राट चौधरी ने लिया जायजा, पीड़ितों को हरसंभव मदद का निर्देश

    पटना
     बिहार में कई जिलों में बाढ़ से काफी तबाही हुई है। इस बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ प्रभावित लोगों को हर तरह की सहूलियत मुहैया कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, इलाज, पढ़ाई एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। आगे स्थिति सामान्य होने के बाद एक-एक घर की जांच कर बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा। साथ ही प्रभावित लोगों को हरसंभव राहत प्रदान की जाएगी। बाढ़ के कारण हुई फसल क्षति का आकलन कर प्रभावित किसानों को समुचित मुआवजा भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सोमवार को वैशाली एवं सारण जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। साथ ही हाजीपुर तथा सोनपुर में संचालित राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई का निरीक्षण भी किया। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि लोगों को आपदा से निजात दिलाने की व्यवस्था और बाढ़ प्रभावित लोगों को हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

    शिविर में रह रहे लोगों से बात की
    मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों में रह रहे लोगों से बातचीत की और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। राहत शिविर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया और बच्चों से बातचीत की। वहीं, शैक्षणिक शिविर में भी बच्चों से उनकी पढ़ाई, शैक्षणिक गतिविधियों और खान-पान के बारे में जानकारी ली। स्वास्थ्य शिविर के निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि बीमार होने की स्थिति में बाढ़ पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। पशुओं के लिए पर्याप्त दवा उपलब्ध रखने के भी निर्देश दिये। बाढ़ के पानी में डूबने से हुए मृत्यु के मामलों में मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाए।

    लोगों ने व्यवस्थाओं के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया
    मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान सामुदायिक रसोई की व्यवस्था देखी। हाजीपुर में बाढ़ पीड़ितों को अपने हाथों से भोजन परोसा। वहीं, सोनपुर में शिविर में रह रहे लोगों से बातचीत कर भोजन एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही बाढ़ पीड़ितों के साथ उन्होंने भोजन भी किया। लोगों ने शिविर में की गई व्यवस्थाओं के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया और कहा कि यहां खाने-पीने से लेकर रहने तक की बहुत अच्छी व्यवस्था की गई है। निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, विधायक जनक सिंह, संजय सिंह, सिद्धार्थ पटेल के अलावा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार आदि उपस्थित थे।

    अगले दो-तीन दिनों में बाढ़ से राहत मिलेगी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा नदी के जलस्तर में लगभग 17 से 18 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। फरक्का बराज से अभी लगभग 15 लाख क्यूसेक पानी का लगातार डिस्चार्ज हो रहा है। अगले दो-तीन दिनों में स्थिति में और राहत मिलने की संभावना है। गंगा नदी के स्ट्रेच को एक सीमा में बांधने के संबंध में केंद्रीय जल आयोग से भी बातचीत की गई है, ताकि प्रत्येक वर्ष बाढ़ से उत्पन्न होने वाली समस्या से लोगों को स्थायी रूप से निजात दिलाई जा सके।

    मुख्यमंत्री ने अफसरों को कई निर्देश दिए
    ● बाढ़ प्रभावित परिवारों को हर सहूलियत मुहैया कराई जाए

    ● फसल क्षति का आकलन कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा

    ● बीमार होने की स्थिति में बाढ़ पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएं

    ● मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाए

  • LPG Cylinder Booking: 45 दिन का इंतजार खत्म! अब गांव में भी 25 दिन बाद बुक कर सकेंगे दूसरा सिलेंडर

    LPG Cylinder Booking: 45 दिन का इंतजार खत्म! अब गांव में भी 25 दिन बाद बुक कर सकेंगे दूसरा सिलेंडर

     पटना
     गांव में रसोई गैस जल्दी खत्म हो जाए तो अगला सिलेंडर बुक कराने के लिए 45 दिन का इंतजार… यह परेशानी अब दूर होगी।ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी रिफिल बुकिंग का अंतर अब एक समान 25 दिन कर दिया गया है। यानी पिछली रिफिल की डिलीवरी के 25 दिन बाद ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता भी अगला सिलेंडर बुक करा सकेंगे।

    अब तक ग्रामीण वितरकों से जुड़े उपभोक्ताओं के लिए रिफिल बुकिंग का अंतर 45 दिन था। ऐसे में चार-पांच सदस्यों वाले परिवार में गैस जल्दी खत्म होने पर उपभोक्ताओं को बुकिंग की निर्धारित अवधि पूरी होने तक इंतजार करना पड़ता था। कई उपभोक्ताओं को इस दौरान परेशानी का सामना करना पड़ता था। नई व्यवस्था से ऐसे परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।

    गांव में भी शहर जैसी सुविधा
    एलपीजी उपभोक्ताओं के बीच लंबे समय से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बुकिंग अंतर को लेकर सवाल उठते रहे हैं। शहरी क्षेत्र में 25 दिन बाद रिफिल बुक कराने की सुविधा थी, जबकि ग्रामीण उपभोक्ताओं को 45 दिन इंतजार करना पड़ता था। अब दोनों के लिए 25 दिन का समान अंतराल होने से यह अंतर समाप्त हो गया है।
    उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस की खपत परिवार के आकार और खाना पकाने की जरूरत पर निर्भर करती है, क्षेत्र पर नहीं। ऐसे में ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए भी समान बुकिंग व्यवस्था होने से उन्हें समय पर रिफिल मिल सकेगा।

    पटना में घरेलू सिलेंडर 1031.50 रुपये
    पटना में 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1031.50 रुपये है। सितंबर में घरेलू सिलेंडर की कीमत में बदलाव नहीं किया गया है। वहीं, 19 किलोग्राम के व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत 3034.50 रुपये बताई गई है।

    उपभोक्ताओं के लिए बदलाव एक नजर में
    व्यवस्था
    पहले
    अब
    ग्रामीण क्षेत्र में रिफिल बुकिंग
    45 दिन
    25 दिन
    शहरी क्षेत्र में रिफिल बुकिंग
    25 दिन
    25 दिन
    पटना में घरेलू सिलेंडर
    14.2 किलो
    1031.50
    कमर्शियल सिलेंडर
    19 किलो
    3034.50

  • पंजाब की 27 जेलों में लगेगा साहित्य का मंच, बंदी लिखेंगे अपनी कहानी और कविताएं

    पंजाब की 27 जेलों में लगेगा साहित्य का मंच, बंदी लिखेंगे अपनी कहानी और कविताएं

     चंडीगढ़
     जेल की सलाखें भले ही बंदियों की बाहरी दुनिया से दूरी तय करती हों, लेकिन अब उनकी कलम को अभिव्यक्ति की आजादी देने की तैयारी है। पंजाब की 27 जेलों में बंद कैदियों और बंदियों को अपनी भावनाओं, अनुभवों और कल्पनाओं को शब्दों में ढालने का अवसर देने के लिए जेल साहित्य उत्सव आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। अक्टूबर के पहले सप्ताह में प्रस्तावित इस उत्सव में प्रदेश की सभी 27 जेलों के बंदी हिस्सा ले सकेंगे।

    इस पहल का उद्देश्य बंदियों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें सकारात्मक दिशा देना और पुनर्वास की प्रक्रिया को मजबूत करना है। बंदियों को रचनात्मक रूप से व्यस्त रखना इस पहल के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।

    जेल में रहने के दौरान बंदियों के पास अपनी भावनाओं और अनुभवों को व्यक्त करने के सीमित अवसर होते हैं। ऐसे में लेखन उनके लिए अपनी बात कहने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। कहानी, कविता और अन्य रचनात्मक विधाओं के माध्यम से बंदी अपने भीतर चल रहे विचारों और भावनाओं को कागज पर उतार सकेंगे।

    ‘गुलदस्ता’ परियोजना से मिलेगा साहित्यिक माहौल
    इस पहल को ‘गुलदस्ता’ परियोजना के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है। बेल्बा फाउंडेशन के सहयोग से संचालित इस परियोजना के माध्यम से जेलों में साहित्यिक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। बंदियों को विभिन्न प्रकार की साहित्यिक सामग्री पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें अपनी रचनाएं लिखने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। जेल प्रशासन का मानना है कि पढ़ने और लिखने की आदत बंदियों को सकारात्मक गतिविधि से जोड़ सकती है।

    जेल में खाली समय का इस्तेमाल केवल समय बिताने के बजाय रचनात्मक कार्यों में किया जा सकेगा। बंदी अपने जीवन की घटनाओं, अनुभवों, यादों, सपनों और भविष्य की उम्मीदों को कहानी या कविता का रूप दे सकेंगे। इससे उन्हें अपने जीवन और परिस्थितियों को नए नजरिये से देखने का अवसर मिल सकता है।

    पुनर्वास की दिशा में अलग तरह का प्रयोग
    जेल साहित्य उत्सव को केवल साहित्यिक आयोजन के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। इसे बंदियों के सुधार और पुनर्वास से जोड़कर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लेखन व्यक्ति को अपने विचारों और भावनाओं पर आत्ममंथन करने का अवसर देता है। बंदी अपने अतीत की घटनाओं को शब्दों में व्यक्त करते हुए भविष्य को लेकर नई सोच विकसित कर सकते हैं।

    इस पहल की खास बात यह है कि इसमें बंदियों को अपनी कहानी खुद लिखने का मंच दिया जाएगा। जेल में बंद व्यक्ति के लिए यह अवसर इसलिए भी अहम है क्योंकि समाज से दूरी के बीच उसकी आवाज अक्सर सीमित हो जाती है। साहित्य उस आवाज को अभिव्यक्ति देने का माध्यम बन सकता है।

    कलम के जरिये दूसरी तरह की आजादी
    पंजाब की सभी 27 जेलों को इस साहित्यिक पहल से जोड़ना इसे व्यापक स्वरूप देता है। जेल प्रशासन के लिए यह प्रयोग बंदियों को अनुशासन और रचनात्मकता के साथ जोड़ने का अवसर भी है। वहीं बंदियों के लिए यह अपनी प्रतिभा को पहचानने और उसे सामने लाने का माध्यम बन सकता है।

    सलाखों के पीछे बाहरी दुनिया की आजादी भले सीमित हो, लेकिन विचारों और कल्पनाओं पर कोई पहरा नहीं होता। ऐसे में एक कलम बंदी को उसकी यादों, कल्पनाओं और आत्ममंथन की दुनिया तक पहुंचाने का रास्ता खोल सकती है। जेल साहित्य उत्सव इसी सोच के साथ बंदियों को शब्दों की दुनिया से जोड़ने की एक नई पहल के रूप में सामने आ रहा है।

  • हरियाणा में शिक्षा-स्वास्थ्य पर बड़ा फैसला, 5 लाख टैबलेट और 59 एडवांस एंबुलेंस को मंजूरी

    हरियाणा में शिक्षा-स्वास्थ्य पर बड़ा फैसला, 5 लाख टैबलेट और 59 एडवांस एंबुलेंस को मंजूरी

    चंडीगढ़
    हरियाणा सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में सोमवार को कई अहम फैसले लिए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर्ड परचेज कमेटी (एचपीपीसी) की बैठक में विद्यार्थियों को पांच लाख टैबलेट देने और उनके लिए डाटा सिम की खरीद को मंजूरी दी गई। वहीं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत प्रदेश में 59 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली।

    बैठक में उच्चतर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, सहकारिता एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के अलावा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

    सरकार ने कक्षा 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए पांच लाख टैबलेट उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इनके लिए डाटा सिम की खरीद की जाएगी।

    हरियाणा सरकार का फोकस विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने पर है, ताकि वे वर्तमान समय और रोजगार की बदलती जरूरतों के अनुरूप दक्ष हो सकें। बैठक में हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड के लिए 220 वोल्ट की ट्यूबलर टाइप लीड एसिड बैटरियों की खरीद प्रक्रिया को मंजूरी दी गई। इसमें 100 एएच, 200 एएच और 120 एएच समेत पांच प्रकार की बैटरियां शामिल हैं।

    स्वास्थ्य सेवाओं और शुगर मिल के लिए भी महत्वपूर्ण फैसले
    स्वास्थ्य क्षेत्र में एनएचएम के तहत दक्षिण जोन के लिए 33 और उत्तर जोन के लिए 26 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस, यानी कुल 59 एंबुलेंस की खरीद को मंजूरी दी गई। इनसे गंभीर मरीजों को आपात स्थिति में बेहतर और समयबद्ध चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

    कमेटी ने हैफेड द्वारा संचालित असंध शुगर मिल के वार्षिक ओवरहालिंग, मरम्मत, रखरखाव और सामान सहित एक वर्ष तक संचालन के लिए 11.90 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दी। बैठक में कुल मिलाकर 90 करोड़ रुपये से अधिक के सेवा कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई।

  • पंजाब में सितंबर से 2027 की चुनावी जंग का आगाज, दिग्गजों के जमावड़े से गरमाएगी सियासत

    पंजाब में सितंबर से 2027 की चुनावी जंग का आगाज, दिग्गजों के जमावड़े से गरमाएगी सियासत

    चंडीगढ़ 
    पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सितंबर सियासी तौर पर बेहद अहम रहने वाला है। प्रदेश में एक के बाद एक बड़े केंद्रीय नेताओं के दौरे से चुनावी माहौल गरमाने के आसार हैं। 

    नशे के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी की यात्रा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पहुंचने की चर्चा है, वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी 19 सितंबर के बाद पंजाब का दौरा कर सकते हैं।कांग्रेस ने चुनावी तैयारियों को धार देने के लिए सचिन पायलट को प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है। ऐसे में सितंबर पंजाब की सियासत में शक्ति प्रदर्शन और चुनावी रणनीति के लिहाज से बेहद अहम होगा। 

    17 से भाजपा की चार यात्राएं
    भाजपा 17 सितंबर से नशे की समस्या और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर चार यात्राएं आयोजित करेगी। इसकी शुरुआत भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन कर सकते हैं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इसके समापन कार्यक्रम के दौरान जालंधर में शामिल होने की संभावना है।

    दो यात्राएं मालवा क्षेत्र में होंगी जहां पंजाब की 117 विधानसभा सीटों में से 69 हैं जबकि एक-एक यात्रा माझा और दोआबा क्षेत्रों में होगी। पंजाब विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने हैं जिसके लिए अभी से भाजपा ने तैयारी शुरू कर दी है। इन यात्राओं में शाह के अलावा अन्य केंद्रीय मंत्रियों की भी ड्यूटी लगाई जा रही है इसलिए चार यात्राओं के दौरान आधे से ज्यादा केंद्रीय मंत्रियों का कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है।

    19 से गरजेंगे राहुल
    इसी तरह 19 सितंबर के बाद विपक्ष के नेता राहुल गांधी पंजाब आएंगे जो हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने जाएंगे। साथ ही वह पंजाब कांग्रेस की तरफ से आयोजित की जाने वाली यात्रा में भी शामिल होंगे। जानकारी के अनुसार 150 किलोमीटर की यह यात्रा चार दिन चल सकती है। अमृतसर के बाद यह यात्रा करीब 20 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगी जिसके जरिये पार्टी सूबे में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए काम करेगी।

    कांग्रेस के नए प्रभारी भी आएंगे पंजाब
    इसी तरह पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट भी अगले सप्ताह से पहले पंजाब आ सकते हैं जिनका कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। 7 और 8 सितंबर को पूर्व प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल का यहां आना तय था लेकिन इससे ठीक पहले ही कांग्रेस नेतृत्व ने प्रभारी बदल दिया। अब पार्टी जल्द पायलट का दौरा आयोजित करवाने की तैयारी कर रही है क्योंकि पंजाब कांग्रेस को पहले ही गुटबाजी का सामना करना पड़ रहा है।

    पूर्व सीएम एवं सांसद चरणजीत चन्नी के समर्थक इससे पहले खुलकर पार्टी कार्यक्रमों के दौरान चन्नी के समर्थन में आवाज बुलंद कर सकते हैं। अब पायलट के सामने प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी को खत्म करने की बड़ी चुनौती है। इससे पहले राजस्थान के तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री के बीच चल रही खींचतान के दौरान पंजाब से सुखजिंदर सिंह रंधावा को 2022 में राजस्थान कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया था और अब जब पंजाब कांग्रेस के मौजूदा प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और सांसद चरणजीत चन्नी के बाद खींचतान की चर्चाओं का बाजार गर्म है तो सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस के प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।

    आप पंजाब ने भी बढ़ाई सूबे में गतिविधियां 
    आम आदमी पार्टी (आप) ने भी विधानसभा चुनाव से पहले ग
    तिविधियां बढ़ा दी हैं। सीएम भगवंत सिंह मान खुद भी अलग-अलग हलकों में जाकर लोक मिलनी कर रहे हैं। साथ ही मंत्रियों और पार्टी के नेताओं को भी इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। आने वाले दिनों आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल के भी प्रदेश में बड़े कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी चल रही है। इस तरह शिअद ने भी सभी हलकों में रैलियों और बैठकों का दौर शुरू कर दिया है।

     

  • टाटा पिगमेंट्स में 7 साल का वेतन समझौता फाइनल, 95 कर्मचारियों की सैलरी में ₹15 हजार तक बढ़ोतरी

    टाटा पिगमेंट्स में 7 साल का वेतन समझौता फाइनल, 95 कर्मचारियों की सैलरी में ₹15 हजार तक बढ़ोतरी

    जमशेदपुर
     टाटा स्टील की अनुषंगी इकाई, 'टाटा पिगमेंट्स' में प्रबंधन और यूनियन नेतृत्व के बीच सात वर्षों (1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2031) के नए वेतन समझौते पर अंतिम मुहर लग गई है।

    कंपनी परिसर स्थित इंद्रधनुष भवन में आयोजित बैठक के दौरान 28 महीनों से लंबित चल रहे वेतन संशोधन पर निर्णायक सहमति बनी।

    इस नए समझौते का सीधा लाभ कंपनी के 95 कर्मचारियों को मिलेगा, जिससे उनके मासिक वेतन में न्यूनतम ₹8,600 से लेकर अधिकतम ₹15,000 तक का इजाफा होगा।

    सितंबर से मिलेगा बढ़ा बेसिक, नवंबर में एरियर
    कर्मचारियों को नए बेसिक का मौद्रिक लाभ सितंबर माह के वेतन से ही मिलना शुरू हो जाएगा, जबकि पिछले 28 महीनों (अप्रैल 2024 से अगस्त 2026) के लंबित एरियर का भुगतान प्रबंधन द्वारा नवंबर माह में सीधे उनके बैंक खातों में कर दिया जाएगा।

    पिगमेंट्स यूनियन नेतृत्व के अनुसार, कंपनी के इतिहास में पहली बार औसत रेट ऑफ इंक्रीमेंट (ग्रेड स्ट्रक्चर) में रिकॉर्ड 400 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।

    PLR स्कीम लॉन्च और NPS कैश भत्ता की सौगात  
    समझौते के तहत कर्मचारियों के प्रदर्शन, उत्पाद की गुणवत्ता और सेफ्टी रिकॉर्ड को बेहतर बनाए रखने के उद्देश्य से परफॉर्मेंस लिंक्ड रिवार्ड (PLR) स्कीम लॉन्च की गई है।

    इसके तहत पात्र कर्मचारियों को ₹550 का लाभ मिलेगा, जिसकी राशि में अप्रैल 2027 में और वृद्धि की जाएगी। इसके अलावा, कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय अतिरिक्त आर्थिक सुरक्षा देने हेतु नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत ₹500 का कैश भत्ता भी प्रदान किया जाएगा।

    समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले प्रतिनिधि
    प्रबंधन पक्ष: प्रबंध निदेशक सरोज कुमार बनर्जी, मुख्य कारखाना प्रबंधक मानित कुमार, प्लांट हेड केएम महाराज, सीएफओ दिनेश अग्रवाल, सीएचआरओ अंकिता केविन नटाल, हेड एचआर अतुल कुमार शर्मा, चीफ ऑफ मार्केटिंग एंड सेल्स विजेन पटनायक, हरेंद्र कुमार राय व एचआर ऑफिसर विवेक कुमार।  

    यूनियन पक्ष: अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह, उपाध्यक्ष कुलबीर सिंह व सत्यनारायण राव, सह सचिव कमलेश कुमार शर्मा व अनिल प्रसाद, कोषाध्यक्ष भुनेश्वर राम तथा पायो।

  • हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: सोनीपत सहकारी चीनी मिल के MD की अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश रद्द

    हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: सोनीपत सहकारी चीनी मिल के MD की अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश रद्द

    चंडीगढ़
     सहकारी संस्थाओं में सरकारी हिस्सेदारी या किसी अधिकारी का पद उसे संस्था के वैधानिक अधिकारों से अधिक शक्ति नहीं देता। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने सोनीपत सहकारी चीनी मिल के प्रबंध निदेशक के खिलाफ हुई विभागीय कार्रवाई को रद करते हुए यह महत्वपूर्ण टिप्पणी की है।

    जस्टिस संदीप मौदगिल ने कहा कि किसी सहकारी चीनी मिल के प्रबंध निदेशक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का अधिकार मिल की अपनी प्रबंधन समिति के पास है। केवल उपयुक्त पद पर बैठे अधिकारी या हरियाणा राज्य सहकारी चीनी मिल संघ के प्रबंध निदेशक के पत्र के आधार पर ऐसी कार्रवाई नहीं की जा सकती।

    मामला सोनीपत सहकारी चीनी मिल के तत्कालीन प्रबंध निदेशक अश्वनी कुमार से जुड़ा है। वह हरियाणा सिविल सेवा के अधिकारी हैं और तीन सितंबर 2019 को उन्हें मिल का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया था।

    मिल के विस्तार से जुड़ी एक परियोजना में ठेकेदार को भुगतान किए जाने के बाद तकनीकी सलाहकार ने काम और उपकरणों की आपूर्ति को लेकर आपत्तियां उठाई थीं। इसके बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू हुई।

    अश्वनी कुमार को 13 फरवरी 2023 को आरोपपत्र जारी किया गया। विभागीय जांच पूरी होने के बाद उन पर 25 जुलाई 2025 को अनिवार्य सेवानिवृत्ति की बड़ी सजा लगा दी गई। आरोप था कि काम में कमियां सामने आने और सक्षम अधिकारियों के निर्देशों के बावजूद उन्होंने ठेकेदार को भुगतान जारी कर दिया, जिससे सहकारी संस्था को आर्थिक नुकसान हुआ।

    अश्वनी कुमार ने हाई कोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू करने का अधिकार उपयुक्त प्रबंधन समिति के पास था, लेकिन ऐसा कोई प्रस्ताव रिकॉर्ड में नहीं है।

    हाई कोर्ट ने हरियाणा सहकारी समितियां अधिनियम की धारा 25, 31 और 39 तथा संबंधित उपनियमों का उल्लेख करते हुए कहा कि सहकारी संस्था की अंतिम सत्ता उसके सदस्यों की सामान्य सभा में निहित होती है और संस्था का संचालन उसके निदेशक मंडल के माध्यम से होता है। प्रबंध निदेशक भी समिति के नियंत्रण और अधीक्षण में काम करता है।

    कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हरियाणा राज्य सहकारी चीनी मिल संघ और सोनीपत सहकारी चीनी मिल दो अलग-अलग सहकारी संस्थाएं हैं। शुगरफेड सदस्य मिलों को सलाह, तकनीकी सहायता और मार्गदर्शन दे सकता है, लेकिन उसके प्रबंध निदेशक को किसी सदस्य चीनी मिल के प्रबंध निदेशक पर अनुशासनात्मक नियंत्रण हासिल नहीं है।

    कोर्ट ने कहा कि उपायुक्त यदि पदेन अध्यक्ष भी हों, तब भी अध्यक्ष का पद उन्हें प्रबंधन समिति की सामूहिक शक्तियां अकेले इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं देता। रिकॉर्ड में ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं मिला, जिसमें मिल की प्रबंधन समिति ने भुगतान
    रोकने या प्रबंध निदेशक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्णय लिया हो।

    हाई कोर्ट ने माना कि कार्रवाई की पूरी नींव ही अधिकार क्षेत्र की गलती पर आधारित थी। अदालत ने 25 जुलाई 2025 का अनिवार्य सेवानिवृत्ति आदेश और उससे जुड़ी पूरी विभागीय कार्रवाई रद कर दी। अश्वनी कुमार को कानून के अनुसार सभी परिणामी सेवा लाभ देने के भी निर्देश दिए गए। फैसला 20 अगस्त 2026 को सुनाया गया।ो

     

  • LPG Booking: गांवों में अब 45 दिन नहीं करना होगा इंतजार, 25 दिन बाद बुक होगा अगला सिलेंडर

    LPG Booking: गांवों में अब 45 दिन नहीं करना होगा इंतजार, 25 दिन बाद बुक होगा अगला सिलेंडर

     पटना
     गांव में रसोई गैस जल्दी खत्म हो जाए तो अगला सिलेंडर बुक कराने के लिए 45 दिन का इंतजार… यह परेशानी अब दूर होगी।

    ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी रिफिल बुकिंग का अंतर अब एक समान 25 दिन कर दिया गया है। यानी पिछली रिफिल की डिलीवरी के 25 दिन बाद ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता भी अगला सिलेंडर बुक करा सकेंगे।

    अब तक ग्रामीण वितरकों से जुड़े उपभोक्ताओं के लिए रिफिल बुकिंग का अंतर 45 दिन था। ऐसे में चार-पांच सदस्यों वाले परिवार में गैस जल्दी खत्म होने पर उपभोक्ताओं को बुकिंग की निर्धारित अवधि पूरी होने तक इंतजार करना पड़ता था। कई उपभोक्ताओं को इस दौरान परेशानी का सामना करना पड़ता था। नई व्यवस्था से ऐसे परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है

    गांव में भी शहर जैसी सुविधा
    एलपीजी उपभोक्ताओं के बीच लंबे समय से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बुकिंग अंतर को लेकर सवाल उठते रहे हैं। शहरी क्षेत्र में 25 दिन बाद रिफिल बुक कराने की सुविधा थी, जबकि ग्रामीण उपभोक्ताओं को 45 दिन इंतजार करना पड़ता था। अब दोनों के लिए 25 दिन का समान अंतराल होने से यह अंतर समाप्त हो गया है।

    उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस की खपत परिवार के आकार और खाना पकाने की जरूरत पर निर्भर करती है, क्षेत्र पर नहीं। ऐसे में ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए भी समान बुकिंग व्यवस्था होने से उन्हें समय पर रिफिल मिल सकेगा।

    पटना में घरेलू सिलेंडर 1031.50 रुपये
    पटना में 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1031.50 रुपये है। सितंबर में घरेलू सिलेंडर की कीमत में बदलाव नहीं किया गया है। वहीं, 19 किलोग्राम के व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत 3034.50 रुपये बताई गई है।

    उपभोक्ताओं के लिए बदलाव एक नजर में
    व्यवस्था
    पहले
    अब

    ग्रामीण क्षेत्र में रिफिल बुकिंग
    45 दिन
    25 दिन

    शहरी क्षेत्र में रिफिल बुकिंग
    25 दिन
    25 दिन

    पटना में घरेलू सिलेंडर
    14.2 किलो
    1031.50

    कमर्शियल सिलेंडर
    19 किलो
    3034.50

  • उदयपुरवासियों के लिए अलर्ट! 6 साल में सबसे प्रदूषित हुई शहर की हवा, सांस लेना हुआ मुश्किल

    उदयपुरवासियों के लिए अलर्ट! 6 साल में सबसे प्रदूषित हुई शहर की हवा, सांस लेना हुआ मुश्किल

     उदयपुर
    उदयपुर शहर की आबोहवा छह साल में इस अगस्त जितनी जहरीली कभी नहीं रही। एयर क्वालिटी इंडेक्स के आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2021 से 2025 तक शहर की हवा ज्यादातर दिन मॉडरेट यानी सामान्य श्रेणी में दर्ज हुई थी। पिछले साल अगस्त में पूरे 31 दिन सामान्य रहे, 2023 और 2024 में भी 90 फीसदी से ज्यादा दिन मॉडरेट में गुजरे। पर, बीते अगस्त ने रुझान पूरी तरह तोड़ दिया। यही नहीं सितंबर के पहले सप्ताह में भी हवा गुणवत्ता खराब बनी हुई है। आमतौर पर दिवाली के आसपास प्रदूषण का जो स्तर होता है, वह इन दिनों है।

    इस साल के अगस्त के 31 दिनों में से 23 दिन खराब और सात दिन सीधे हानिकारक श्रेणी में रहे हैं। यानी हर तीसरा दिन ऐसा रहा, जब सांस लेना सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हुआ। इसके उलट, अच्छी श्रेणी का एक भी दिन बीते अगस्त में दर्ज नहीं हुआ, जबकि 2024 में तीन और 2022 में एक दिन इस श्रेणी में मिला था। 2021 में भी 25 दिन खराब श्रेणी में रहे थे, लेकिन उस साल एक भी दिन हानिकारक स्तर तक नहीं पहुंचा था। जबकि इस साल सात दिन इस निशान को पार कर गए।

    इसलिए मनाया जाता है इंटरनेशनल डे
    संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2019 में यह दिवस घोषित किया था, जो पहली बार 7 सितंबर 2020 को मनाया गया। इसका उद्देश्य वायु प्रदूषण के प्रति जागरुकता बढ़ाना और साफ हवा के लिए प्रेरित करना है। ऐसी हवा, जिसमें प्रदूषण का स्तर इतना कम हो कि इंसान स्वस्थ हवा में सांस ले सके। इस बात पर जोर दिया जाता है कि साफ दिखाई देने वाला आसमान हमेशा साफ हवा की गारंटी नहीं है।

    सबसे भारी रहे ये दिन
    बीते अगस्त में 28 तारीख को सबसे ज्यादा (168 एक्यूआई) दर्ज हुआ, जो महीने का सबसे प्रदूषित दिन रहा। इसके अलावा 20 से 24 अगस्त के बीच लगातार 5 दिन शहर हानिकारक श्रेणी में झेलता रहा। पिछले पांच सालों में ऐसा कोई लगातार दौर सामने नहीं आया है।

    ऐसे समझें AQI कितना खराब और कितना अच्छा
        0-50 तक अच्छा
        51-100 तक सामान्य
        101-150 तक खराब
        151-200 हानिकारक
        201-300 तक बेहद खराब
        301 से ऊपर खतरनाक

    वर्षवार अगस्त में एक्यूआई (दिनों की संख्या)
    वर्ष        अच्छा    सामान्य    खराब    हानिकारक
    2021    00            05           25         01
    2022    01              23         07         00
    2023    00              30           01       00
    2024    03              28           01        00
    2025    00             31           00          00
    2026    00            01           23           07

    नोट: बेहतर खराब और खतरनाक श्रेणी के दिनों को शामिल नहीं किया गया है।

    इनका कहना है…
    इस साल बरसात नहीं होना सबसे बड़ा कारण है, जिससे प्रदूषक तत्व वातावरण में देर तक टिके हुए हैं। साथ ही पूर्व में हुई बरसात के बाद सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से उड़ने वाली धूल भी वजह रहती है। शहर में बड़े निर्माण कार्य भी चल रहे हैं।
    -विनय कट्टा, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण मंडल