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  • दिल्ली SIR: फाइनल वोटर लिस्ट के लिए 2.12 लाख Form-6 आवेदन, 43 लाख नाम ASDD सूची में

    दिल्ली SIR: फाइनल वोटर लिस्ट के लिए 2.12 लाख Form-6 आवेदन, 43 लाख नाम ASDD सूची में

    नई दिल्ली
     राजधानी दिल्ली में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत फाइनल वोटर लिस्ट में शामिल होने के लिए क्लेम और ऑब्जेक्शन की प्रक्रिया जारी है। ड्राफ्ट रोल में नाम न आने के बाद लोग फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर रहे हैं। सभी 13 जिलों में 9 सितंबर तक 2,12,400 फॉर्म-6 के आवेदन दाखिल मिनट पते हुए है। जबकि ड्राफ्ट रोल में करीब 43 लाख लोगों के नाम अबसेंट, शिफ्टेड, डेड, डप्लीकेट (ASDD) लिस्ट में शामिल किए गए हैं। उसके अनुपात में यह आंकड़ा अभी काफी कम है। हालांकि, 30 सितंबर तक आवेदन का वक्त है और उम्मीद की जा रही है कि यह आंकड़ा और बढ़ेगा।

    35,495 और नए आवेदन प्राप्त हुए
    31 अगस्त से 9 सितंबर की अवधि के दौरान 35,495 और नए आवेदन प्राप्त हुए हैं। नए आवेदनों के मामले में वेस्ट दिल्ली जिला सबसे आगे रहा, जहां इस अवधि में 4,387 आवेदन मिले। इसके बाद नॉर्थ वेस्ट में 3,586, ईस्ट में 3,583, साउथ ईस्ट में 3,400 और नॉर्थ ईस्ट में 3,150 आवेदन दर्ज किए गए। साउथ वेस्ट में 3,025, साउथ में 3,030, नॉर्थ में 2,604, सेंट्रल नॉर्थ में 2,488, आउटर नॉर्थ में 2,433, ओल्ड दिल्ली में 1,529, सेंट्रल में 1,518 और नई दिल्ली जिले में 762 नए आवेदन फॉर्म-6 के तहत प्राप्त हुए।
    30 अगस्त तक 1,351 आवेदन मिले थे

    प्रवासी या ओवरसीज भारतीय वोटर्स के लिए भरे जाने वाले फॉर्म-6A के तहत 30 अगस्त तक 1,351 आवेदन मिले थे, जबकि 31 अगस्त से 9 सितंबर के बीच 83 अतिरिक्त आवेदन दर्ज हुए। वोटर लिस्ट से नाम हटाने या किसी प्रविष्टि पर ऑब्जेक्शन दर्ज कराने के लिए भरे जाने वाले फॉर्म-7 की संख्या में भी बढ़ोतरी देखी गई है। 30 अगस्त तक जहां 51,471 फॉर्म-7 प्राप्त हुए थे, वहीं 31 अगस्त से 9 सितंबर के बीच 374 नए आवेदन मिले।

    वोटर लिस्ट में एड्रेस के बदलाव, सुधार या नया फोटो पहचान पत्र (EPIC) जारी करने के लिए भरे जाने वाले फॉर्म-8 के आवेदनों की संख्या सबसे ज्यादा दर्ज की गई है। 30 अगस्त तक दिल्ली भर में 2.60,768 फॉर्म 8 प्राप्त हुए थे, जबकि 31 अगस्त से 9 सितंबर के बीच 14,538 नए फॉर्म-8 मिले हैं। 29 अक्टूबर तक सभी भेजे गए क्लेम और ऑब्जेक्शन का निपटारा किया जाएगा।

  • बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से कामकाज ठप, ग्राहकों को हो रही भारी परेशानी

    बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से कामकाज ठप, ग्राहकों को हो रही भारी परेशानी

    बठिंडा.

    विभिन्न बैंक कर्मचारी यूनियनों की ओर से अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को देशव्यापी हड़ताल की गई। हड़ताल का असर बठिंडा में भी सरकारी बैंकों की कई शाखाओं के कामकाज पर देखने को मिल रहा है।

    बैंक कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण शाखाओं में पहुंचने वाले ग्राहकों को कई बैंकिंग सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि डिजिटल बैंकिंग, एटीएम और अन्य ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध रहने के कारण नियमित बैंकिंग से जुड़े कुछ काम इन माध्यमों से किए जा सकेंगे।

    पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग
    हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन के समक्ष लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने की मांग उठाई। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करना, परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव से संबंधित मांगों पर कार्रवाई करना सहित अन्य मांगें शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि बैंकिंग क्षेत्र में काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन कर्मचारियों से जुड़ी कई मांगों पर अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं हो रही है। हड़ताल के चलते सरकारी बैंकों की शाखाओं में सामान्य दिनों की तरह कामकाज नहीं हो सकेगा। शाखाओं में नकदी लेन-देन, चेक जमा और भुगतान, विभिन्न दस्तावेज जमा करवाने, खातों से जुड़े कार्य तथा अन्य शाखा स्तर की बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी। जिन ग्राहकों को बैंक शाखा में जाकर ही काम करवाना जरूरी था, उन्हें हड़ताल समाप्त होने तक इंतजार करना पड़ेगा।

    ग्राहकों को हो रही परेशानी
    शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित सरकारी बैंकों की शाखाओं के बाहर कुछ ग्राहकों को हड़ताल के कारण वापस लौटना पड़ा रहा है ।विशेषकर चेक संबंधी कार्य और दस्तावेज जमा करवाने जैसे कार्यों के लिए शाखा में पहुंचे लोगों को परेशानी हो रही है ।बैंक कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में हड़ताल को जरूरी बताते हुए कहा कि मांगों पर सकारात्मक पहल होने तक कर्मचारियों का संघर्ष जारी रहेगा। बैंकिंग सेवाओं पर हड़ताल का असर हालांकि शाखा स्तर पर अधिक रहा। ऑनलाइन ट्रांसफर, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाओं के माध्यम से किए जाने वाले काम सामान्य रूप से जारी रहेगे।

  • गंगा का जलस्तर घटा, लेकिन बढ़ी दियारा की मुश्किलें; 836 हेक्टेयर फसल बर्बाद

    गंगा का जलस्तर घटा, लेकिन बढ़ी दियारा की मुश्किलें; 836 हेक्टेयर फसल बर्बाद

    बख्तियारपुर
    प्रखंड के दियारा क्षेत्र में गंगा के जलस्तर में धीरे-धीरे कमी के साथ ही स्थानीय लोगों की समस्याएं भी बढ़ती जा रही हैं। रूपस महाजी दियारा के निवासी विशाल सिंह के अनुसार, कीचड़ और बदबू के बीच टोले से टोले में जाना कठिन हो गया है।

    चिरैया रूपस के पूर्व मुखिया नवल यादव ने बताया कि गंगा के किनारे के हिस्से अभी भी गीले हैं, जिससे वहां से गुजरना मुश्किल हो रहा है। जलजमाव के कारण दिवालों के पास घर गिरने का खतरा बना हुआ है।

    बटाई या नगदी खेती करने वाले भी प्रभावित
    खरीफ फसल के मौसम में जलस्तर बढ़ने से खेतों में लगे मकई और सब्जियों को भारी नुकसान हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 836 हेक्टेयर फसल का नुकसान हुआ है, जिससे दियारा के किसान पूरी तरह टूट चुके हैं। गंगा के दूसरी ओर के किसान और बटाई या नगदी खेती करने वाले भी प्रभावित हुए हैं।

    बेनीपुर दियारा और मकसूदपुर दियारा में लगे मिर्च और गोभी की फसल बर्बाद हो गई है। लखनपुरा और करौटा के बटाईदारों ने बताया कि उन्होंने किसी तरह पैसे का जुगाड़ कर उधार लेकर उर्वरक खरीदा और सब्जी की खेती की, जो अब गंगा में विलीन हो गई है। अब किसानों को सरकारी अनुदान का ही भरोसा है, जिससे कुछ भरपाई हो सके, अन्यथा रोजगार बदलने की मजबूरी उत्पन्न हो जाएगी।

    दियारा क्षेत्र की भूमि असर्वेक्षित होने की चिंता
    हालांकि, मुआवजे को लेकर किसानों के मन में दियारा क्षेत्र की भूमि असर्वेक्षित होने की चिंता बनी हुई है। इस बीच, प्रभावित क्षेत्र में प्रशासन की टीम प्लास्टिक शीट और दवा वितरण का कार्य कर रही है। ब्लीचिंग के छिड़काव की भी तैयारी चल रही है।

    इस स्थिति ने किसानों के लिए चिंता का विषय बना दिया है, और उन्हें उम्मीद है कि सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करेगी।

  • हरियाणा में सनसनीखेज वारदात, दुकान में झाड़ू लगा रहे युवक की रॉड मारकर हत्या

    हरियाणा में सनसनीखेज वारदात, दुकान में झाड़ू लगा रहे युवक की रॉड मारकर हत्या

    करनाल.

    करनाल के घरौंडा में एक युवक के सिर में रॉड से हमला कर हत्या कर दी गई। आरोपित ने दुकान पर सफाई कर रहे युवक के सिर में 9 बार हमला किया, इससे युवक की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपित ने बाद में भागने की कोशिश की, लेकिन बाहर खड़े लोगों ने उसको पकड़ लिया और उसके पिटाई की।

    बाद में आरोपित को पुलिस के हवाले कर दिया गया। वारदात शुक्रवार सुबह की है। पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। बालीनगर निवासी 30 वर्षीय तेजबीर सिंह पुत्र सुभाष एक दुकान पर नौकरी करता था। सुबह वह दुकान पर सफाई कर रहा था। इसी दौरान आरोपित नेपाल निवासी उत्तम कुमार वहां पर आया और रॉड से हमला शुरू कर दी।

    तेजबीर गिर गया और लगातार उसके सिर पर 9 बार रॉड से हमला किया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपित ने भागने की कोशिश की, लेकिन बाहर खड़े लोगों ने उसको पकड़ा लिया और उसके साथ मारपीट की। बाद में पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया है। पुलिस परिजनों की शिकायत पर केस दर्ज करने में जुटी है।

  • बहबल कलां गोलीकांड: सुखबीर बादल आज फिर SIT के सामने होंगे पेश, होगी पूछताछ

    बहबल कलां गोलीकांड: सुखबीर बादल आज फिर SIT के सामने होंगे पेश, होगी पूछताछ

    चंडीगढ़.

    बहबल कलां गोलीकांड मामले में शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल आज चंडीगढ़ में विशेष जांच दल (SIT) के सामने पेश होंगे। वर्ष 2015 में बरगाड़ी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं के बाद हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान बहबल कलां में पुलिस फायरिंग हुई थी।

    कृष्ण भगवान सिंह और गुरजीत सिंह की इस घटना के दौरान मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पंजाब की राजनीति में काफी विवाद हुआ और पुलिस कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठे। मामले की जांच अलग-अलग समय पर विभिन्न जांच दलों और आयोगों ने की। बाद में पंजाब पुलिस के विशेष जांच दल ने भी इसकी जांच शुरू की।

    सुखबीर बादल की भूमिका पर सवाल
    जांच में उस समय के पुलिस प्रशासन से जुड़े फैसलों और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री एवं गृह विभाग संभाल रहे सुखबीर बादल की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी अदालत में साबित होना अलग कानूनी प्रक्रिया है।

    20 जुलाई को हुई थी पूछताछ
    इससे पहले 20 जुलाई 2026 को सुखबीर बादल चंडीगढ़ में एसआइटी के सामने पेश हुए थे। उनसे करीब दो घंटे तक पूछताछ की गई थी। पूछताछ के बाद सुखबीर बादल ने जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई बताया था। इसके बाद एसआइटी ने उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए 11 सितंबर को पेश होने का समन भेजा। जानकारी अनुसार एसआइटी के सामने उनकी पांचवीं पेशी होगी। इस दौरान उनसे वर्ष 2015 की घटनाओं, पुलिस कार्रवाई और उस समय लिए गए फैसलों से जुड़े सवाल पूछे जाने की संभावना है।

  • पंजाब में BJP की नशामुक्त यात्रा को धार, पूनिया ने कार्यकर्ताओं संग की बैठक; संगठन मजबूती पर मंथन

    पंजाब में BJP की नशामुक्त यात्रा को धार, पूनिया ने कार्यकर्ताओं संग की बैठक; संगठन मजबूती पर मंथन

    चंडीगढ़

    पंजाब भाजपा के नए प्रभारी एवं राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सतीश पूनिया ने गुरुवार को पार्टी नेताओं के साथ प्रस्तावित ‘नशामुक्त पंजाब यात्रा’ की तैयारियों को लेकर बैठक की। बैठक में यात्रा के आयोजन और इसकी रूपरेखा के साथ पंजाब में संगठन को और मजबूत करने को लेकर चर्चा हुई। पूनिया ने पार्टी की चुनावी तैयारियों को गति देने और संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया।

    बैठक में पंजाब के सह-प्रभारी डॉ. नरेंद्र रैना और प्रदेश महासचिव (संगठन) मंत्री श्रीनिवासुलु समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक के दौरान पंजाब से जुड़े राजनीतिक और संगठनात्मक विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

    117 सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा
    पूनिया के पंजाब प्रभारी बनने के बाद पार्टी ने राज्य में संगठन को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को तेज किया है। वह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि भाजपा पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। साथ ही उन्होंने नशे को पंजाब के प्रमुख मुद्दों में शामिल करते हुए इसके खिलाफ पार्टी की ओर से एक सुव्यवस्थित अभियान चलाने की बात कही है।

    भाजपा की प्रस्तावित नशामुक्त पंजाब यात्रा को इसी अभियान की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का फोकस नशे के मुद्दे को चुनावी स्तर पर प्रमुखता से उठाने के साथ-साथ संगठन को मजबूत करने पर है। पूनिया ने हालिया बैठकों में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और पुराने अनुभवी नेताओं तथा नए कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया है।

    पूनिया के सामने पंजाब में भाजपा के संगठनात्मक विस्तार के साथ चुनावी आधार मजबूत करने की चुनौती है। ऐसे में नशामुक्त पंजाब यात्रा को लेकर हुई बैठक को पार्टी की आगामी राजनीतिक गतिविधियों की तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।  

  • राजस्थान में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल जल्द, 18 RAS अफसर बनेंगे IAS; 23 सितंबर को UPSC बैठक

    राजस्थान में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल जल्द, 18 RAS अफसर बनेंगे IAS; 23 सितंबर को UPSC बैठक

    जयपुर
    राजस्थान के प्रशासनिक ढांचे और ब्यूरोक्रेसी में जल्द ही बड़ा बदलाव दिखने वाला है। दरअसल, राज्य प्रशासनिक सेवा (RAS) के 18 वरिष्ठ अधिकारियों की भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के पदों पर पदोन्नति होने जा रही है। इस पदोन्नति प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने 23 सितंबर को नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक बुलाई है। इस बैठक में राज्य से भेजे गए 54 RAS अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड, वरिष्ठता और गोपनीय रिपोर्ट पर गहन मंथन किया जाएगा। इस बैठक में शामिल होने के लिए राजस्थान के मुख्य सचिव, राज्य सरकार की ओर से नामित एक वरिष्ठ अधिकारी और कार्मिक विभाग के सचिव खुद दिल्ली पहुंचेंगे, जहां आयोग के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर अंतिम 18 नामों पर मोहर लगाई जाएगी।

    राजस्थान सरकार की ओर से 54 अधिकारियों के नामों की सूची पहले ही जुलाई के महीने में UPSC को भेजी जा चुकी है। इस सूची में मुख्य रूप से वर्ष 2001 बैच और उसके बाद के वरिष्ठ आरएएस अधिकारियों के नाम शामिल हैं।

    पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी होते ही राज्य में नए आईएएस अधिकारियों की कमी दूर होगी और प्रशासनिक कामकाज में तेजी आएगी। हालांकि, दूसरी तरफ गैर-प्रशासकीय सेवा (Non-RAS) से आईएएस बनने की प्रक्रिया पिछले 9 महीनों से अटकी हुई है, जिससे संबंधित विभागों के अधिकारियों में निराशा भी देखने को मिल रही है।

    नियमों के मुताबिक, जितने पदों पर प्रमोशन होना होता है, उससे तीन गुना अधिकारियों के नाम का पैनल UPSC को भेजा जाता है। राजस्थान सरकार ने 18 आईएएस पदों के सापेक्ष 54 वरिष्ठ आरएएस अफसरों का पूरा डोजियर संघ लोक सेवा आयोग को सौंप दिया था।

    इस पदोन्नति प्रक्रिया में साल 2001 बैच और उसके आसपास के बैच के अधिकारियों की किस्मत चमकने वाली है। लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे इन अधिकारियों का सेवा रिकॉर्ड साफ-सुथरा होने पर उन्हें आईएएस कैडर अलॉट कर दिया जाएगा। 23 की बैठक के बाद जल्द ही इसका नोटिफिकेशन जारी होने की उम्मीद है।

    चयन समिति में कौन-कौन?
    दिल्ली स्थित संघ लोक सेवा आयोग के मुख्यालय में आयोजित होने वाली यह चयन समिति की बैठक बेहद महत्वपूर्ण है। इस बैठक में जो अधिकारी भाग लेंगे, उनमें :

    संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के प्रतिनिधि या सदस्य

    राज्य सरकार द्वारा मनोनीत वरिष्ठ आईएएस अधिकारी

    कार्मिक विभाग (DOP) राजस्थान के सचिव

    यह समिति 54 अधिकारियों के एपीआर (APR) और विजिलेंस क्लीयरेंस की जांच कर 18 योग्य अधिकारियों के नाम की सिफारिश करेगी।

    9 महीने से अटका 4 IAS पदों पर प्रमोशन
    एक तरफ जहां RAS से IAS बनने की राह आसान हो गई है, वहीं गैर-प्रशासकीय सेवा के अधिकारियों का इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। गैर-प्रशासकीय सेवा से आईएएस के 4 पदों पर पदोन्नति को लेकर यूपीएससी ने पिछले साल दिसंबर में ही मंथन पूरा कर लिया था।

    इसके बावजूद राज्य सरकार के स्तर पर अभी तक इस पर अंतिम मंजूरी नहीं मिल पाई है। राज्य के विभिन्न विभागों (जैसे शिक्षा, वाणिज्यिक कर, सहकारिता आदि) के 20 वरिष्ठ अधिकारियों के नाम इन पदों के लिए विचाराधीन थे। सरकार के स्तर पर अंतिम फैसला न होने से 1 और पद पर होने वाली पदोन्नति की प्रक्रिया भी अधर में लटकी हुई है।

    IAS अधिकारियों की कमी होगी दूर
    राजस्थान में 18 नए आईएएस अधिकारियों के मिलने से राज्य सरकार को प्रशासनिक स्तर पर बड़ा संबल मिलेगा। पदोन्नत होने वाले इन अधिकारियों को राज्य के विभिन्न जिलों में कलेक्ट्रेट, संभागीय आयुक्त कार्यालयों या फिर राज्य स्तरीय विभागों में प्रबंध निदेशक और सचिव स्तर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।

    प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि राजस्थान में नए जिलों के गठन और विकास योजनाओं को गति देने के लिए वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों की आवश्यकता है। ऐसे में आरएएस से आईएएस बनने वाले इन अधिकारियों का लंबा मैदानी अनुभव राज्य सरकार के लिए बेहद फायदेमंद साबित

  • हरियाणा में 50 लाख से ज्यादा लोगों को बड़ा तोहफा, 1890 करोड़ रुपये की योजनाओं की किस्त जारी

    हरियाणा में 50 लाख से ज्यादा लोगों को बड़ा तोहफा, 1890 करोड़ रुपये की योजनाओं की किस्त जारी

    चंडीगढ़
    हरियाणा में बुजुर्गों और दिव्यांगों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन तथा दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की 11वीं किस्त जारी कर दी गई है।

    इसके अलावा गृहिणियों को गैस सब्सिडी, किसानों को भावांतर भरपाई तथा दयालु योजना के लाभार्थियों को आर्थिक सहायता भी जारी की गई है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की सात योजनाओं के तहत लाभार्थियों को 311 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि बैंक खातों में डाली गई है।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को विभिन्न योजनाओं के तहत 50 लाख 28 हजार 208 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में 1890 करोड़ 16 लाख रुपये जारी किए।

    दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 10 लाख 10 हजार लाभार्थी महिलाओं के खातों में 212 करोड़ 16 लाख रुपये डाले गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि 17 सितंबर से 1.80 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों को भी इस योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

    सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के साथ राशि जारी करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 15 सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत 35 लाख 6 हजार 841 लाभार्थियों के खातों में 1129 करोड़ ट्रांसफर किए। इनमें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, दिव्यांग भत्ता सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन शामिल हैं।

    एक और बजट घोषणा हुई पूरी
    मुख्यमंत्री की एक और बजट घोषणा वीरवार को पूरी हो गई। एमएसएमई एवं उद्योग निदेशालय की विभिन्न सात योजनाओं के तहत 670 लाभार्थियों को 311 करोड़ 25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी की गई है।

    इसमें एमएसएमई विभाग की हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति के तहत 539 लाभार्थियों को 45.44 करोड़ रुपये, लाजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और रिटेल नीति के तहत चार लाभार्थियों को 9.29 करोड़ रुपये और हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति के तहत 16 लाभार्थियों को 144.16 करोड़ रुपये शामिल हैं।

    इसके अलावा प्लग एंड प्ले योजना के तहत 10 लाभार्थियों को 24.53 करोड़ रुपये, आत्मनिर्भर टेक्सटाइल नीति के तहत 98 लाभार्थियों को 65.18 करोड़ रुपये, पदमा के तहत दो लाभार्थियों को 20.54 करोड़ रुपये और एमएसई क्लस्टर विकास कार्यक्रम के तहत एक क्लस्टर विकास के लिए 2.11 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

  • लालू यादव पर फिर उठे सवाल, रांची के BNR होटल की 60 साल की लीज पर सीबीआई जांच

    लालू यादव पर फिर उठे सवाल, रांची के BNR होटल की 60 साल की लीज पर सीबीआई जांच

     रांची
    रांची रेलवे स्टेशन के समीप स्थित इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) के होटल बीएनआर को तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने अपने करीबी हर्ष कोचर को 60 साल के लीज पर दे दिया था।

    यह रेलवे का हेरिटेज होटल था। इतना ही नहीं, पुरी में भी रेलवे के होटल को लालू प्रसाद ने लीज पर दिया था। हर्ष कोचर पटना के प्रसिद्ध होटल चाणक्य के संचालक हैं।

    बताया जा रहा है कि इसके बदले में लालू परिवार को बेनामी संपत्ति मिली थी। लालू प्रसाद वर्ष 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री थे। इसी कार्यकाल में उन्होंने लीज दिया था। सीबीआई ने केस दर्ज करने के बाद उक्त होटल में छापेमारी भी की थी और जांच में उपरोक्त आरोपों को सत्य पाया था।

    सीबीआई ने जांच में पाया था कि होटल बीएनआर रेलवे की संपत्ति थी, जिसे निजी कंपनी को संचालन का जिम्मा दे दिया गया था।

    ये बने थे आरोपित
    इसके बाद सीबीआई ने आईआरसीटीसी के तत्कालीन एमडी के अलावा तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटों तेजस्वी यादव और तेजप्रताप प्रताप यादव व सहयोगी प्रेमचंद गुप्ता को भी आरोपित बनाया था।

    सीबीआई जांच में यह पता चला था कि यह गड़बड़ी कर तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने अपने सहयोगी झारखंड के राज्यसभा सदस्य प्रेमचंद गुप्ता की कंपनी को फायदा पहुंचाया था।

    यह भी जानकारी सामने आई थी कि लीज पहले 30 साल के लिए दिया गया था। बाद में आरोपितों को लाभ पहुंचाने के लिए लीज की अवधि को 30 साल से बढ़ाकर 60 साल कर दिया गया था।

  • अमृतसर बार एसोसिएशन चुनाव: कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान शुरू, 3050 वकील करेंगे फैसला

    अमृतसर बार एसोसिएशन चुनाव: कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान शुरू, 3050 वकील करेंगे फैसला

    अमृतसर.

    अमृतसर बार एसोसिएशन (एबीए) के चुनाव के लिए कचहरी परिसर पूरी तरह तैयार है। आज होने वाले चुनाव में 3050 से अधिक मतदाता 52 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। मतदान के लिए एबीए कार्यालय में 10 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

    चुनाव को लेकर प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने पूरी ताकत झोंक दी है। अब आज मतदान के साथ ही प्रत्याशियों की मेहनत और उनके समर्थकों की सक्रियता का फैसला मतपेटियों में बंद हो जाएगा।

    प्रधान पद के लिए इन प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर
    प्रधान पद पर गुरप्रीत सिंह पनेसर और एएल सयाली के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है। वहीं तीसरे प्रत्याशी पीएस वालिया भी अपने स्तर पर वोट बैंक मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में प्रधान पद का मुकाबला काफी रोचक रहने की संभावना है। उपाध्यक्ष पद पर राजदीप सिंह घुमन, अमृतपाल सिंह मोमी और पुनीत शर्मा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। राजदीप घुमन दोबारा जीत के लिए जोर लगा रहे हैं, जबकि अमृतपाल सिंह मोमी और पुनीत शर्मा भी अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटे हैं। महिला उपाध्यक्ष पद पर वरिष्ठ वकील प्रकाशदीप कौर और डीके बेदी के बीच जोरदार भिड़ंत होगी। इनके अलावा शरणपाल कौर संधू और नरेश बाला भी मैदान में हैं।

    सचिव पद के लिए हरसिमरन सिंह और सनप्रीत सिंह मान के बीच कड़ा मुकाबला है। वहीं गुरमीत मान भी दोनों प्रत्याशियों को चुनौती दे रहे हैं। सह सचिव पद पर सौरभ शर्मा, अक्षय जैन, धीरज आनंद, रजनी जोशी और सुनील कुमार के बीच मुकाबला होगा। कोषाध्यक्ष पद पर कपिल शर्मा और राकेश शर्मा आमने-सामने हैं। राकेश शर्मा पहले भी कोषाध्यक्ष रह चुके हैं। लाइब्रेरियन पद पर नरिंदर कौर और सुनैना सोनी के बीच मुकाबला है। वरिष्ठ कार्यकारी पद के लिए सतिंदर छीना, रमन मोंगा, अनुराधा अरोड़ा, गीतांजलि, गगन भाटिया और हरप्रीत ग्रोवर मैदान में हैं। कार्यकारी पदों के लिए अमित अरोड़ा, जतिंदर बेदी, आरके भारद्वाज, आकाश गेंदा, नितिश जैन और अमन कपूर सहित कई प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

    सुबह नौ से शाम पांच बजे तक मतदान
    रिटर्निंग अफसर राजीव जोशी ने बताया कि आज सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक मतदान होगा। चुनाव के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन को सूचित किया गया है। कचहरी परिसर में 250 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। मतदान के लिए 60 मतपेटियां मंगवाई गई हैं। एबीए कार्यालय में कुल 10 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां मतदाता मताधिकार का प्रयोग करेंगे।