Wednesday 23 September, 2026

छत्तीसगढ़

निजी स्कूलों की मनमानी खत्म: SCERT की मुफ्त किताबें देने का आदेश

दुर्ग. निजी स्कूलों की मनमानी पर सरकार ने नकेल कसना शुरू कर दी है। निजी विद्यालयों द्वारा एनसीईआरटी की पुस्तक

पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु

राज्य में नहीं है खाद की कमी, पंजीकृत रकबे के मुताबिक सभी किसानों को मिलेगी समय पर खाद: कृषि मंत्री रामविचार नेताम

राज्य में नहीं है खाद की कमी, पंजीकृत रकबे के मुताबिक सभी किसानों को मिलेगी समय पर खाद: कृषि मंत्री

जनगणना 2027 को लेकर ग्रामसभा में जागरूकता अभियान तेज, ग्रामीणों ने लिया भागीदारी का संकल्प

जनगणना 2027 को लेकर ग्रामसभा में जागरूकता अभियान तेज, ग्रामीणों ने लिया भागीदारी का संकल्प घर-घर पहुंचेगी जनगणना टीम, ग्राम

भीषण गर्मी में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

भीषण गर्मी में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आंगनबाड़ी संचालन समय में बदलाव: बच्चों की उपस्थिति सुबह

रायपुर : पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ से मिल रही बड़ी राहत, उपभोक्ता बन रहे ऊर्जा उत्पादक

रायपुर : पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ से मिल रही बड़ी राहत, उपभोक्ता बन रहे ऊर्जा उत्पादक डबल सब्सिडी

हरियाली से महका मनेन्द्रगढ़ न्यायालय परिसर, फलदार वृक्ष बने आकर्षण का केंद्र

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिला मुख्यालय स्थित मनेन्द्रगढ़ न्यायालय परिसर इन दिनों अपनी हरियाली और फलदार वृक्षों के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र

जिले में परिवहन सुविधा केंद्र खोलने का सुनहरा मौका, 15 मई तक आवेदन आमंत्रित

जिले में परिवहन सुविधा केंद्र खोलने का सुनहरा मौका, 15 मई तक आवेदन आमंत्रित "एक ही स्थान पर ड्राइविंग लाइसेंस

महासमुंद : ई-ऑफिस से फाइल ट्रैकिंग आसान, काम में तेजी और जवाबदेही सुनिश्चित

महासमुंद  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की डिजिटल इंडिया पहल और विष्णुदेव साय के सुशासन एवं पारदर्शिता के संकल्प को साकार करते

रायपुर : राज्यपाल ने कोसा वस्त्रों के नवाचार और बुनकरों के आर्थिक सशक्तिकरण पर दिया जोर

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक कोसा साड़ी, शाल और गमछा का अवलोकन किया तथा