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  • पांच दिवसीय आयोजन में 50 से अधिक बी2बी बैठकें, पहली बार यूपीआईटीएस में शामिल हुई नोएडा की कंपनी

    पांच दिवसीय आयोजन में 50 से अधिक बी2बी बैठकें, पहली बार यूपीआईटीएस में शामिल हुई नोएडा की कंपनी

    ग्रेटर नोएडा

    उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 प्रदेश में निर्मित उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने और स्थानीय उद्यमों के लिए अंतरराष्ट्रीय कारोबारी अवसर सृजित करने का प्रभावी मंच साबित हुआ। यूपीआईटीएस-2026 में पहली बार शामिल हुई नोएडा स्थित सिंगारी इंडस्ट्रीज ने पांच दिवसीय आयोजन के दौरान 15 देशों के प्रतिनिधियों के साथ 201 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के एमओयू किए। कंपनी ने इस दौरान 50 से अधिक बी2बी बैठकें कर अपने उत्पादों और विनिर्माण क्षमता को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के समक्ष प्रस्तुत किया।

    हॉल नंबर-14, स्टॉल 01/61 पर सिंगारी इंडस्ट्रीज ने अपने यहां निर्मित एयर कूलर और वॉशिंग मशीनों का प्रदर्शन किया। कंपनी का विनिर्माण संयंत्र नोएडा के सेक्टर-80 में स्थापित है। पहली बार यूपीआईटीएस में भाग लेने वाली कंपनी के लिए यह आयोजन घरेलू बाजार के साथ-साथ वैश्विक बाजार में अपनी उपस्थिति मजबूत करने और नए कारोबारी साझेदारों से सीधे संवाद का महत्वपूर्ण अवसर बना।

    15 देशों के प्रतिनिधियों से कारोबारी संवाद

    सिंगारी इंडस्ट्रीज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि ट्रेड शो के दौरान विभिन्न देशों से आए संभावित खरीदारों और कारोबारी प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की। इनमें नाइजीरिया, इथियोपिया, बोत्सवाना, श्रीलंका, दुबई, केन्या, तंजानिया, ओमान, ब्रिटेन, भूटान, कैमरून और युगांडा सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधि शामिल रहे। इन बैठकों में एयर कूलर और वॉशिंग मशीनों की गुणवत्ता, डिजाइन, कीमत, उत्पादन क्षमता, आपूर्ति व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय बाजार की आवश्यकताओं जैसे विषयों पर बातचीत हुई। पांच दिनों में हुई 50 से अधिक बी2बी बैठकों के परिणामस्वरूप कंपनी को विभिन्न देशों में अपने उत्पादों के लिए कारोबारी संभावनाएं तलाशने का अवसर मिला।

    ‘मेड इन यूपी’ उत्पादों की वैश्विक बाजार में दस्तक

    प्रबंध निदेशक डॉ. योगेंद्र सिंह ने बताया कि सिंगारी इंडस्ट्रीज के उत्पादों का यूपीआईटीएस में प्रदर्शन इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रहा कि नोएडा में निर्मित उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने सीधे प्रस्तुत किया गया। कंपनी ने अपने ‘मेड इन इंडिया’ और ‘मेड इन यूपी’ उत्पादों की गुणवत्ता, आधुनिक डिजाइन और प्रतिस्पर्धी मूल्य को प्रदर्शित किया। कंपनी के प्रतिनिधियों के अनुसार, विदेशी खरीदारों ने उत्पादों में विशेष रुचि दिखाई और कई देशों के प्रतिनिधियों के साथ कारोबारी बातचीत को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के साथ हुए संवाद ने कंपनी को विभिन्न देशों की बाजार आवश्यकताओं को समझने और उसी अनुरूप अपने उत्पादों तथा आपूर्ति रणनीति को विकसित करने का अवसर भी दिया।

    ‘मेड इन यूपी’ उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थापित करने का अवसर

    सिंगारी इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध कराया गया यूपीआईटीएस जैसा मंच प्रदेश के उद्यमियों को वैश्विक बाजार से सीधे जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रहा है। पहली बार यूपीआईटीएस में भाग लेने वाली कंपनी को पांच दिनों में 15 देशों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद और 201 करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू का अवसर मिला। प्रतिनिधियों के अनुसार, इस प्रकार के आयोजन ‘मेड इन यूपी’ उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थापित करने तथा प्रदेश के विनिर्माण क्षेत्र को वैश्विक व्यापार से जोड़ने में सहायक हैं।

    उत्तर प्रदेश के औद्योगिक इकोसिस्टम को मिला नया आयाम

    नोएडा स्थित सिंगारी इंडस्ट्रीज की यूपीआईटीएस में भागीदारी प्रदेश के औद्योगिक विकास और निर्यात क्षमता के विस्तार की दिशा में भी महत्वपूर्ण संकेत देती है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र पहले से ही इलेक्ट्रॉनिक्स, विनिर्माण और उपभोक्ता उत्पादों के लिए प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर निर्मित एयर कूलर और वॉशिंग मशीनों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के समक्ष प्रस्तुत किए जाने से प्रदेश के विनिर्माण क्षेत्र को नए बाजारों से जोड़ने की संभावनाएं बढ़ी हैं। इस दौरान कंपनी के निदेशक गजेंद्र सिंह तथा निदेशक-वित्त नीरज गर्ग भी उपस्थित रहे।

  • मादक पदार्थों के विरुद्ध मध्य प्रदेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई

    मादक पदार्थों के विरुद्ध मध्य प्रदेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, परिवहन एवं अवैध खेती के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत पांच दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में की गई कार्रवाई में स्मैक, डोडाचूरा, गांजा, एमडी ड्रग्स एवं ब्राउन शुगर सहित 3 करोड़ 91 लाख रुपये से अधिक कीमत के अवैध मादक पदार्थ एवं संपत्ति जब्‍त की हैं। इन कार्रवाइयों में खरगोन पुलिस द्वारा ऑपरेशन ‘प्रहार’ के तहत की गई कार्रवाई विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।

    खरगोन—दुर्गम एवं नो-नेटवर्क क्षेत्र में ऑपरेशन ‘प्रहार’, करीब 3 करोड़ रुपये की गांजा फसल पर बड़ी कार्रवाई

    खरगोन पुलिस ने ऑपरेशन ‘प्रहार’के तहत अवैध गांजे की खेती के विरुद्ध जिले की अब तक की बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम जामली एवं ग्राम गुवाड़ा ठाटा फलिया में दो अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी। दोनों स्थानशेडो एरिया (नो-मोबाइल-नेटवर्क जोन)में स्थित थे। पुलिस टीमों ने ड्रोन की मदद से खेतों की सर्चिंग की तथा नदी, पहाड़ी एवं दुर्गम रास्तों से होकर खेतों तक पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया।

    ग्राम जामली से पुलिस ने 9,391 गांजे के पौधे, 3,765 किलोग्राम वजन, कीमत 1 करोड़ 88 लाख 25 हजार रुपयेतथा ग्राम गुवाड़ा ठाटा फलिया से 5,800 गांजे के पौधे, 2,209 किलोग्राम वजन, कीमत 1 करोड़ 10 लाख 45 हजार रुपयेके जब्त किए। इस प्रकार दोनों स्थानों से कुल 15,191 गांजे के पौधे, 5,974 किलोग्राम (59.74 क्विंटल) वजन एवं लगभग 2 करोड़ 98 लाख 70 हजार रुपये कीमतके गांजे के पौधे जब्त किए गए। दोनों मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिए गए हैं।

     मंदसौर

    मंदसौर थाना दलौदा पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर 40 ग्राम अवैध स्मैक कीमत 4 लाख एवं 1.5 किलोग्राम डोडाचूरा कीमत 3 हजार सहित हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल कीमत 70 हजार एवं एंड्रॉयड मोबाइल कीमत 15 हजार जब्त किया। थाना भानपुरा पुलिस ने ग्राम धनकपुरा में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर मक्का के कट्टों के बीच छिपाकर ले जाया जा रहा 481 किलोग्राम 592 ग्राम डोडाचूरा कीमत 10 लाख रुपये तथा 30 लाख कीमत का टाटा ट्रक जब्त किया है । इसी थाना क्षेत्र में दूसरी कार्रवाई में 120 ग्राम एमडी ड्रग्स कीमत 12 लाख रुपये, 4 किलो 700 ग्राम डोडाचूरा कीमत 9 हजार 400 रुपये, हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल कीमत 70 हजार एवं एंड्रॉयड मोबाइल कीमत 15 हजार जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। वहीं थाना गरोठ पुलिस ने बिना नंबर के पावरट्रेक ट्रैक्टर-ट्रॉली से 221 किलोग्राम डोडाचूरा कीमत 4 लाख 42 हजार  रुपये बरामद कर एक विधि-विरुद्ध बालक को पुलिस अभिरक्षा में लिया। कार्रवाई में ट्रैक्टर-ट्रॉली कीमत 8 लाख रुपये एवं दो मोबाइल फोन कीमत 20 हजार भी जब्त किए गए। मंदसौर जिले की इन सभी कार्रवाइयों में कुल 70 लाख 44 हजार 400 कीमत के अवैध मादक पदार्थ एवं सपंत्ति जब्‍त की है।

    इंदौर

    इंदौर पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए थाना लसूड़िया पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दो अलग-अलग कार्रवाइयों में 65 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिसकी अनुमानित कीमत 6 लाख 50 रुपये  है। थाना छत्रीपुरा पुलिस ने गंगवाल बस स्टैंड क्षेत्र में चेकिंग के दौरान 12 ग्राम अवैध ब्राउन शुगर, कीमत लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये, बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया। वहीं इंदौर क्राइम ब्रांच ने चेकिंग के दौरान 12 ग्राम ब्राउन शुगर सहित एक बाइक जिसकी कीमत 1 लाख 70 हजार रुपये है जब्‍त की है । इन कार्रवाइयों में कुल 9 लाख 40 हजार रुपये के मादक पदार्थ एवं संपत्ति जब्‍त की है।

    नरसिंहपुर

    नरसिंहपुर पुलिस द्वारा अवैध स्मैक के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 60.04 ग्राम अवैध स्मैक, अनुमानित कीमत 6 लाख रुपये, बरामद की गई। कार्रवाई में स्मैक तस्करी में संलिप्त दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा तस्करी में प्रयुक्त काले रंग की मोटरसाइकिल, अनुमानित कीमत 2 लाख रुपये, भी जब्त की गई। इस प्रकार कुल लगभग 8 लाख रुपये की संपत्ति जब्‍त की है।

     ग्वालियर

    ग्वालियर पुलिस द्वारा डबरा सिटी थाना क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थ की तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 13 किलो 128 ग्राम अवैध गांजा, कीमत लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये, बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपियों द्वारा गांजा उड़ीसा से लाकर डबरा में बेचने की बात सामने आई।

    पन्ना

    पन्ना पुलिस द्वारा थाना गुनौर क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 3.048 किलोग्राम अवैध गांजा अनुमानित कीमत 60 हजार रुपये बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। वहीं थाना कोतवाली क्षेत्र में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 2 किलो 120 ग्राम अवैध गांजा एवं मोटरसाइकिल सहित कुल 86 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। दोनों कार्यवाहियों में कुल 1 लाख 46 हजार रुपये के मादक पदार्थ एवं संपत्ति जब्‍त की है।

    दमोह

    दमोह पुलिस द्वारा थाना तेजगढ़ क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 4 किलो 140 ग्राम अवैध गांजा, अनुमानित कीमत 1 लाख रुपये, बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई में एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई।

    शिवपुरी

    शिवपुरी पुलिस द्वारा थाना बैराड़ क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी के कब्जे से 1 किलो 138ग्राम अवैध गांजा एवं 3 हजार 730 रुपये नगद सहित कुल 23 हजार 730 रुपये का संपत्ति  बरामद की है। वहीं थाना कोलारस पुलिस ने ग्राम सरजापुर में आरोपी के बाड़े से लगभग 40 किलोग्राम वजन के 9 हरे गांजे के पौधे जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया। दोनों कार्रवाइयों में कुल 63 ह‍जार 730 रुपये की संपत्ति जब्‍त की है।

    मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, परिवहन एवं अवैध खेती के विरुद्ध लगातार कार्यवाही जारी है। 

  • मंदसौर में साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश, 6 आरोपी गिरफ्तार

    मंदसौर में साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश, 6 आरोपी गिरफ्तार

    मंदसौर.

    मंदसौर जिले की शामगढ़ पुलिस ने देश के अलग-अलग कोनों में बैठकर ठगी का व्यवसाय करने वाले गिरोह को पकड़ा है।

    एसपी विनोद कुमार मीना ने बताया कि मुख्य सरगना सहित 6 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह 11 करोड़ रुपये से अधिक की राशि की ठगी कर चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस गिरोह के तार जुड़े हैं। 100 से अधिक साइबर ठगी कर चुका है गिरोह।

    देशभर में फैला गिरोह का नेटवर्क
    पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से अन्य मामलों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ में अन्य वारदातों का भी खुलासा होने की संभावना है। पुलिस ने बताया कि साइबर ठगों का गिरोह का नेटवर्क देशभर में फैला हुआ था। ये लोग देश के अलग-अलग कोनों में बैठकर साइबर ठगी को अंजाम दे रहे थे।

  • सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम करने मिशन मोड में करें काम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम करने मिशन मोड में करें काम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में परिवहन विभाग के कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए प्रदेश में सुरक्षित, सुगम और आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को न्यूनतम करने के लिए सभी संबंधित विभाग मिशन मोड में समन्वित रूप से कार्य करें।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल दुर्घटनाओं की संख्या कम करना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली प्रत्येक संभावित जनहानि को रोकना होना चाहिए। इसके लिए दुर्घटना से पहले रोकथाम और दुर्घटना के बाद त्वरित सहायता एवं उपचार—दोनों स्तरों पर व्यवस्था मजबूत करनी होगी। उन्होंने ‘जीरो फेटेलिटी’ के लक्ष्य की दिशा में परिवहन, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग और नगरीय निकायों सहित सभी संबंधित विभागों को विस्तृत और परिणामोन्मुखी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयास से जुड़ा विषय है। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान, सुरक्षित सड़क संरचना, यातायात नियमों का प्रभावी पालन, वाहनों की तकनीकी फिटनेस, प्रशिक्षित चालक और दुर्घटना के बाद त्वरित चिकित्सा सहायता जैसे सभी पहलुओं पर एक साथ कार्य करने की आवश्यकता है।

    ब्लैक स्पॉट पर तेजी से हों सुधारात्मक कार्य

    मुख्यमंत्री  साय ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और ब्लैक स्पॉट की पहचान कर वहां आवश्यक सुधारात्मक एवं सुरक्षात्मक उपाय प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में राज्य के 23 ब्लैक स्पॉट में सुधार की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। मुख्यमंत्री ने इन कार्यों को तेजी से पूरा करने तथा दुर्घटनाओं के कारणों का नियमित विश्लेषण कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने को कहा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटना होने के बाद शुरुआती समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। घायल व्यक्ति तक जितनी जल्दी सहायता और चिकित्सा सुविधा पहुंचेगी, जीवन बचाने की संभावना उतनी ही बढ़ेगी। उन्होंने दुर्घटना की सूचना, एम्बुलेंस की उपलब्धता, नजदीकी अस्पताल तक पहुंच और उपचार की पूरी व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए आगे आएं नागरिक, योजनाओं का हो व्यापक प्रचार

    मुख्यमंत्री  साय ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम-राहत योजना और राहवीर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों तक यह संदेश प्रभावी रूप से पहुंचना चाहिए कि सड़क दुर्घटना देखकर घबराएं नहीं, बल्कि पीड़ित व्यक्ति की सहायता के लिए आगे आएं।

    बैठक में बताया गया कि पीएम-राहत योजना के अंतर्गत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों तक 1.50 लाख रुपए तक कैशलेस उपचार की सुविधा का प्रावधान है। वहीं राहवीर योजना सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की समय पर सहायता करने वाले नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं के संबंध में व्यापक जन-जागरूकता से सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार दिलाने में बड़ी मदद मिल सकती है।

    दूरस्थ गांवों तक पहुंचे सार्वजनिक परिवहन, मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का होगा विस्तार

    मुख्यमंत्री  साय ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना की समीक्षा करते हुए इसे और विस्तार देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे ग्रामीण, वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों को प्राथमिकता से चिन्हित किया जाए, जहां अभी नियमित सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार जैसी आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच का महत्वपूर्ण आधार है। दूरस्थ गांव को बस सेवा से जोड़ने का अर्थ वहां के लोगों के लिए अनेक नए अवसरों के द्वार खोलना है। शासन का प्रयास होना चाहिए कि प्रदेश के अंतिम छोर पर रहने वाले व्यक्ति तक भी सुगम, सुरक्षित और सुलभ सार्वजनिक परिवहन सेवा पहुंचे।

    बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के अंतर्गत वर्तमान में 13 जिलों के 106 मार्गों पर 107 बसों का संचालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने परिवहन सुविधा से वंचित क्षेत्रों का सर्वे कर नए मार्गों की संभावनाओं का परीक्षण करने और आवश्यकता के अनुसार योजना का विस्तार करने के निर्देश दिए।

    कोंटा-जगरगुंडा बस सेवा से दुर्गम क्षेत्र में आसान हुआ सफर

    बैठक में दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के सकारात्मक प्रभावों की भी जानकारी दी गई। कोंटा से जगरगुंडा के बीच पहली बार प्रारंभ हुई बस सेवा से क्षेत्र के नागरिकों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिली है।

    बताया गया कि अंदरूनी और सुदूर क्षेत्रों से इस यात्रा में पहले लगभग छह घंटे तक का समय लग जाता था। बस सेवा प्रारंभ होने के बाद यही सफर लगभग 45 मिनट में पूरा हो रहा है। इससे स्थानीय लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी विकास की गति को तेज करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। जिन क्षेत्रों में वर्षों तक सार्वजनिक परिवहन सीमित रहा है, वहां नियमित बस सेवा आम नागरिकों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।

    पर्यटन मिशन से जुड़े परिवहन विभाग, पर्यटन स्थलों तक बढ़े कनेक्टिविटी

    मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेश में पर्यटन विकास की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यटन स्थलों तक सुरक्षित और सुविधाजनक पहुंच सुनिश्चित करने में परिवहन विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने पर्यटन मिशन के साथ परिवहन विभाग की भूमिका को प्रभावी रूप से जोड़ने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए बेहतर सार्वजनिक परिवहन और कनेक्टिविटी विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य किया जाए। पर्यटकों के लिए सुविधाजनक आवागमन की व्यवस्था से प्रदेश के पर्यटन स्थलों तक पहुंच बढ़ेगी। इसका लाभ स्थानीय स्तर पर होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, खान-पान और अन्य सेवाओं से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों तथा रोजगार के अवसरों को भी मिलेगा।

    वाहनों की फिटनेस जांच व्यवस्था को बनाएं और प्रभावी

    मुख्यमंत्री  साय ने वाहनों की फिटनेस जांच व्यवस्था की समीक्षा करते हुए इसे और अधिक प्रभावी एवं तकनीक आधारित बनाने के निर्देश दिए। बैठक में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों की वर्तमान व्यवस्था और नए केंद्रों की स्थापना के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वाहनों की तकनीकी स्थिति का निष्पक्ष और प्रभावी परीक्षण सड़क सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। तकनीक आधारित व्यवस्था से फिटनेस जांच में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी। उन्होंने 15 वर्ष की अवधि पूरी कर चुके वाहनों के नियमानुसार नवीनीकरण और फिटनेस संबंधी प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    एचएसआरपी अभियान में तेजी और लंबित चालानों की रिकवरी के निर्देश

    मुख्यमंत्री ने वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगाने के अभियान को सुचारु एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के साथ वाहन मालिकों की सुविधा का भी ध्यान रखा जाए।

    मुख्यमंत्री ने लंबित चालानों की रिकवरी में तेजी लाने और अत्याधुनिक चालान प्रणाली का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने यातायात नियमों के पालन के लिए तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया।

    कम्प्यूटराइज्ड ड्राइविंग टेस्ट से बढ़ेगी पारदर्शिता, योग्य चालकों को ही मिले लाइसेंस

    बैठक में ड्राइविंग टेस्ट के लिए विकसित की जा रही ई-ट्रैक व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसके अंतर्गत सीसीटीवी कैमरों और सेंसर आधारित प्रणाली के माध्यम से कम्प्यूटराइज्ड ड्राइविंग टेस्ट की व्यवस्था विकसित की जा रही है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की व्यवस्था में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने के साथ यह सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी कि आवश्यक प्रशिक्षण और दक्षता रखने वाले व्यक्ति ही वाहन चलाएं। सड़क सुरक्षा की दृष्टि से प्रशिक्षित और जिम्मेदार चालक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    इलेक्ट्रिक वाहनों और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को मिले प्रोत्साहन

    बैठक में राज्य की इलेक्ट्रिक वाहन नीति तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने तथा नई तकनीक आधारित परिवहन सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया।

    मुख्यमंत्री  साय ने अधिकारियों से कहा कि परिवहन विभाग की प्रत्येक व्यवस्था के केंद्र में आम नागरिक की सुरक्षा और सुविधा होनी चाहिए। ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों तक सार्वजनिक परिवहन का विस्तार, सुरक्षित एवं फिट वाहन, प्रशिक्षित चालक, आधुनिक तकनीक का उपयोग, बेहतर सड़क सुरक्षा प्रबंधन और दुर्घटना की स्थिति में तत्काल उपचार – इन सभी मोर्चों पर एक साथ प्रभावी ढंग से काम करना होगा।

    उन्होंने कहा कि परिवहन व्यवस्था ऐसी हो जो प्रदेश के लोगों का सफर आसान बनाने के साथ सुरक्षित भी बनाए। विभागीय समन्वय, आधुनिक तकनीक और संवेदनशील प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से छत्तीसगढ़ में सुरक्षित, सुगम और आधुनिक परिवहन तंत्र को निरंतर मजबूत किया जाए।

    बैठक में परिवहन मंत्री  केदार कश्यप, मुख्य सचिव  विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत, परिवहन विभाग के सचिव  एस. प्रकाश, परिवहन आयुक्त  डी. रविशंकर, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव  प्रभात मलिक सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • नर्सिंग ऑफिसर्स ने मांगा ग्रेड-पे, अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान

    नर्सिंग ऑफिसर्स ने मांगा ग्रेड-पे, अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ में नर्सिंग संवर्ग ने ग्रेड पे वेतनमान पर बने प्रस्ताव को लागू कराने की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ ने चेतावनी दी है कि यदि दीपावली से पहले शासन ने ग्रेड पे संबंधी प्रस्ताव को लागू नहीं किया तो 18 नवंबर से प्रदेश के सभी 10 मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत नर्सिंग संवर्ग अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएगा।

    एसोसिएशन के अनुसार, संगठन लंबे समय से अपनी एक सूत्रीय मांग ग्रेड पे वेतनमान पर बने प्रस्ताव को लागू करने की मांग को लेकर संघर्षरत है। इसी क्रम में 28 सितंबर को कोरबा, अंबिकापुर और महासमुंद मेडिकल कॉलेज से संबद्ध चिकित्सालयों के नर्सिंग संवर्ग ने अस्पताल परिसर में दो घंटे का सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। 29 सितंबर को भी दो घंटे प्रदर्शन किया जाएगा। इससे पहले रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय परिसर में 9, 10 और 11 सितंबर को भी नर्सिंग कर्मचारियों ने दो घंटे का सांकेतिक प्रदर्शन किया था। संगठन का कहना है कि लगातार विरोध और मांग उठाए जाने के बावजूद शासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है।

    इन मेडिकल कॉलेजों में भी होगा प्रदर्शन
    एसोसिएशन ने बताया कि आने वाले सप्ताह में जगदलपुर, कांकेर और राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज के नर्सिंग संवर्ग द्वारा भी सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन का दावा है कि प्रदेशभर का नर्सिंग संवर्ग ग्रेड पे के मुद्दे पर शासन से नाराज है। एसोसिएशन ने कहा है कि 18 नवंबर से प्रस्तावित आंदोलन में सभी 10 मेडिकल कॉलेजों के नियमित, संविदा और डेली वेजेस पर कार्यरत नर्सिंग कर्मचारी शामिल होंगे।

    50 दिन पहले आंदोलन की सूचना देने की तैयारी
    संगठन के मुताबिक, अनिश्चितकालीन आंदोलन की पूर्व सूचना देने के लिए स्कूटी रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने की अनुमति मांगी गई है। एसोसिएशन का कहना है कि आंदोलन की सूचना करीब 50 दिन पहले देने की प्रक्रिया की जा रही है।

    2018 में हुआ था 18 दिनों का आंदोलन
    नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन ने अपने पुराने आंदोलन का भी हवाला दिया। संगठन के अनुसार, 2018 में नर्सेज संघ ने 18 दिनों तक प्रदेशव्यापी आंदोलन किया था, जिसमें दो दिनों तक नर्सिंग कर्मचारियों को जेल में भी रखा गया था। एसोसिएशन का दावा है कि उस समय उनकी मांगों पर शासन की ओर से अनुशंसा की गई थी, लेकिन बाद में जून 2021 में उसे अमान्य कर दिया गया। संगठन ने पीजी स्टूडेंट्स के स्टाइपेंड में वर्ष 2019, 2023 और 2026 में लगातार तीसरी बार वृद्धि के आदेश जारी होने का भी उल्लेख किया है।

    नर्सिंग संवर्ग न्याय चाहता है : प्रदेश अध्यक्ष
    नर्सिंग आफिसर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रीना राजपूत ने कहा कि चिकित्सकों को अस्पताल का मस्तिष्क और नर्सिंग स्टाफ को रीढ़ की हड्डी कहा जाता है। ऐसे में नर्सिंग संवर्ग के साथ भेदभाव की नीति न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरा नर्सिंग समुदाय अपने अधिकार के लिए संघर्ष कर रहा है और मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में 18 नवंबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए तैयार है।

  • अरुणाचल में उग्रवादी हमला, असम राइफल्स का जवान शहीद; 4 घायल

    अरुणाचल में उग्रवादी हमला, असम राइफल्स का जवान शहीद; 4 घायल

    नई दिल्ली
    अरुणाचल प्रदेश से एक बड़ी खबर सामने आई है। चांगलांग जिले में भारत-म्यांमार सीमा के पास मंगलवार सुबह संदिग्ध उग्रवादियों के हमले में असम राइफल्स का एक जवान शहीद हो गया। हमले में चार अन्य जवान भी घायल हो गए। यह घटना सीमा के उस संवेदनशील इलाके में हुई, जहां सुरक्षा बल गश्त कर रहे थे और सीमा पर बाड़ लगाने का काम भी चल रहा था। बताया जा रहा है कि घटना चांगलांग जिले के नामपोंग सर्कल में नामपोंग नाले के पास सुबह करीब साढ़े छह बजे हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, 21 असम राइफल्स के जवान उस इलाके में नियमित गश्त पर थे।

    अधिकारियों के मुताबिक, गश्ती दल पर संदिग्ध उग्रवादियों ने अचानक और अंधाधुंध गोलीबारी कर दी। इस हमले में 42 वर्षीय हवलदार जानखोकाई कुकी की मौके पर ही मौत हो गई। चार अन्य जवान घायल हो गए। घायल जवानों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलजा चल रहा है। हमले के बाद इलाके में सुरक्षा बलों ने तलाशी और कॉम्बिंग ऑपरेशन तेज कर दिया है। जवान इलाके के जंगलों, नालों और सीमा के आसपास के रास्तों की जांच कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हमलावर गश्ती दल के कितने करीब आए, उन्होंने किस दिशा से फायरिंग की और हमले के बाद किस रास्ते से भाग गए।

    चांगलांग के पुलिस अधीक्षक किर्ली पाडू ने बताया कि उन्हें घटना की सूचना मिल चुकी है। उन्होंने चांगलांग थाना प्रभारी को मामले की पूरी जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि यह इलाका लंबे समय से संवेदनशील माना जाता है। चांगलांग जिला म्यांमार से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर है। यहां कई जगहों पर सीमा अभी पूरी तरह बाड़ से बंद नहीं है। घने जंगल, पहाड़ी रास्ते और सीमा पार आवाजाही की वजह से सुरक्षा बलों के लिए यह क्षेत्र चुनौतीपूर्ण रहता है। पूर्वोत्तर के इस हिस्से में कुछ विद्रोही गुट सक्रिय बताए जाते हैं। चांगलांग के साथ तिरप और लोंगडिंग जैसे इलाके भी सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं।

    शुरुआती जानकारी में एनएससीएन के-वाईए यानी युंग आंग गुट के उग्रवादियों की संलिप्तता की आशंका जताई गई है। कुछ रिपोर्टों में उल्फा-आई का भी जिक्र आया है, लेकिन इस बात की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस बीच असम राइफल्स ने शहीद जवान को श्रद्धांजलि दी है। महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा और बल के सभी रैंकों ने हवलदार जानखोकाई कुकी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। बल ने शहीद के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और कहा है कि पूरा असम राइफल्स परिवार उनके साथ खड़ा है।

  • रीवा में पुलिस को बेहोश कर कुख्यात नशा तस्कर फरार

    रीवा में पुलिस को बेहोश कर कुख्यात नशा तस्कर फरार

    रीवा.

    ओडिशा पुलिस की कस्टडी से रीवा लाया जा रहा कुख्यात गांजा तस्कर आदित्य मिश्रा मंगलवार दोपहर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। सीधी जिले के रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र स्थित छूहिया घाटी में तीन गाड़ियों से आए बदमाशों ने पुलिस वाहन को घेरकर कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर बेहोशी का स्प्रे किया और आरोपित को छुड़ाकर ले गए।

    दिनदहाड़े हुई इस घटना से सीधी और रीवा पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, गांजा तस्करी के मामले में ओडिशा पुलिस की हिरासत में बंद आदित्य मिश्रा को ट्रांजिट रिमांड पर रीवा लाया जा रहा था। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस का वाहन जैसे ही छूहिया घाटी के पास पहुंचा, पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने तीन गाड़ियों से उसे घेर लिया। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने पुलिसकर्मियों पर बेहोशी का स्प्रे किया, जिससे वे कुछ देर के लिए अचेत हो गए। इसी दौरान बदमाश आदित्य मिश्रा को लेकर फरार हो गए। हालांकि, पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

    घाटी और आसपास के जंगलों में सघन तलाशी अभियान
    घटना की सूचना मिलते ही सीधी और रीवा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। सीधी एसपी और रामपुर नैकिन थाना पुलिस के साथ रीवा के अधिकारियों ने मोर्चा संभाल लिया है। छूहिया घाटी और आसपास के जंगलों में नाकाबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। आरोपित को भगाने में इस्तेमाल की गई तीनों गाड़ियों की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस फरार आरोपित और उसे छुड़ाने वाले बदमाशों की तलाश में जुटी है।

    कई राज्यों में दर्ज हैं गांजा तस्करी के मामले
    आदित्य मिश्रा रीवा-सीधी क्षेत्र का कुख्यात गांजा तस्कर बताया जाता है। उसके खिलाफ कई राज्यों में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। ओडिशा पुलिस की कस्टडी से उसे छुड़ाने के लिए कथित तौर पर की गई इस सुनियोजित कार्रवाई ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • नगरपालिका एवं त्रिस्तरीय पंचायत आम/उप निर्वाचन दिसंबर 2026 के लिए निर्वाचक नामावली कार्यक्रम जारी

    नगरपालिका एवं त्रिस्तरीय पंचायत आम/उप निर्वाचन दिसंबर 2026 के लिए निर्वाचक नामावली कार्यक्रम जारी

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग नवा रायपुर द्वारा नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम/उप निर्वाचन दिसंबर 2026 के संबंध में निर्वाचक नामावली तैयार करने हेतु  आज  पुनरीक्षण कार्यक्रम जारी किया गया है।

    राज्य निर्वाचन आयुक्त  अजय सिंह ने बताया कि नगरपालिका आम निर्वाचन हेतु कुल 417 पद, जिनमें 04 नगरपालिक निगम क्रमशः भिलाई, भिलाई-चरौदा, रिसाली एवं बीरगांव के महापौर, 13 अध्यक्ष, 400 पार्षद तथा उप निर्वाचन हेतु 01 अध्यक्ष एवं 06 पार्षद पदों के लिए निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण कार्यक्रम जारी किया गया है। इसी प्रकार त्रिस्तरीय पंचायतों के लिए कुल 814 पदों जिनमें जनपद पंचायत सदस्य के 01, सरपंच के 92 तथा पंच के 721 के लिए निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण कार्यक्रम जारी किया गया है।

     राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि निर्वाचक नामावली आगामी 01 अक्टूबर 2026 की संदर्भ तिथि के आधार तैयार की जा रही है। निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन 23 अक्टूबर 2026 को किया जाकर दावा आपत्ति प्राप्त की जाएगी। दावा आपत्ति के निराकरण पश्चात् 30 नवंबर 2026 को निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन किया जायेगा। निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण कार्य त्रुटिरहित, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित करने के लिए सभी 33 जिलों के लिए कुल 33 निर्वाचक नामावली प्रेक्षक नियुक्त किए जाएंगे

  • यूपीआईटीएस-2026 का समापन, यूपीएसडीएम को मिला ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन स्टॉल’ का पुरस्कार

    यूपीआईटीएस-2026 का समापन, यूपीएसडीएम को मिला ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन स्टॉल’ का पुरस्कार

    ग्रेटर नोएडा

    उत्तर प्रदेश की कला, कौशल और कारीगरी को वैश्विक मंच देने वाले उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार शो-2026 (यूपीआईटीएस) का मंगलवार को सफल समापन हो गया। पांच दिनों तक चले इस शो में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) का पवेलियन आकर्षण का केंद्र बना रहा और अंतिम दिन उसे बड़ी उपलब्धि हासिल हुई। यूपीएसडीएम को हॉल नंबर-7 में ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन स्टॉल’ के प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया।

    मिशन के स्टॉल की भव्यता, संवादात्मक प्रस्तुति और 16 कौशलों के जीवंत प्रदर्शन ने निर्णायकों और दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। मिशन की ओर से सहायक निदेशक डॉ. एम.के. सिंह ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। इस उपलब्धि पर मिशन निदेशक पुलकित खरे ने पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान प्रदेश के युवाओं के हुनर और टीम की मेहनत का परिणाम है।

    व्यापार शो के अंतिम दिन भी यूपीएसडीएम पवेलियन में रौनक बरकरार रही। अंतिम दिन डॉ. मालविका हरिओम ने अपनी टीम के साथ लोक गायन की शानदार प्रस्तुति दी। जैसे ही उनकी प्रस्तुतियों का सिलसिला शुरू हुआ, पूरा पवेलियन सुरों से गूंज उठा और यह दौर देर शाम तक चलता रहा। खासतौर पर युवाओं ने लोकगीतों को खूब सराहा और उनके साथ गुनगुनाते नजर आए। इसके अलावा ‘हुनर मंच’ पर भी दिनभर शानदार प्रस्तुतियों का दौर जारी रहा। व्यापार शो में आए आगंतुकों ने हुनर मंच की प्रस्तुतियों का आनंद लिया। साथ ही यूपीएसडीएम के स्टॉल पर पहुंचकर विभिन्न कौशलों को नजदीक से जाना और समझा।

    पांच दिनों तक चले इस व्यापार शो में यूपीएसडीएम ने प्रदेश के युवाओं के कौशल, रचनात्मकता और हुनर को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया। मिशन के पवेलियन में लाइव कौशल प्रदर्शन, संवादात्मक गतिविधियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आगंतुकों को आकर्षित किया। यूपीआईटीएस-2026 के माध्यम से प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा और कौशल को वैश्विक मंच मिला।

  • स्मृति ईरानी का राहुल गांधी पर पलटवार, बोलीं- हार की समीक्षा की जगह EC को निशाना बना रही कांग्रेस

    स्मृति ईरानी का राहुल गांधी पर पलटवार, बोलीं- हार की समीक्षा की जगह EC को निशाना बना रही कांग्रेस

    नई दिल्ली
    चुनाव आयोग को लेकर देश की राजनीति में इन दिनों जबरदस्त गर्मी है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी यानी CWC की बैठक में दावा किया कि 2024 का लोकसभा चुनाव पूरी तरह फर्जी था. उन्होंने चुनाव आयोग पर वोट चोरी और गड़बड़ी के आरोप लगाए और प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई.

    कांग्रेस ने SIR को तुरंत रोकने और हटाए गए 13.30 करोड़ मतदाताओं के नाम वापस जोड़ने की मांग भी की. दूसरी तरफ बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी हार की समीक्षा करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रही है.

    राहुल गांधी ने CWC की बैठक में कहा कि 2024 के चुनाव में पहले EVM में हेरफेर की गई और फिर वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ी के जरिए मैच फिक्सिंग को और बढ़ाया गया. उनके मुताबिक 2014 और 2019 के चुनावों में भी कुछ हद तक फ्रॉड हुआ था, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर उन्हें किसी तरह का शक नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर सांसद ही कथित तौर पर फर्जी तरीके से चुने गए हैं, तो संसद में पास किए गए कानूनों पर भी सवाल खड़ा होता है.

    कांग्रेस की CWC ने भी बैठक में प्रस्ताव पारित किया. इस प्रस्ताव में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से इस्तीफा देने की मांग की गई. पार्टी ने SIR को तुरंत रोकने की मांग की है. साथ ही हटाए गए 13.30 करोड़ मतदाताओं के नाम फिर से बहाल करने की भी मांग रखी गई है. राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर दूसरे विपक्षी दलों को साथ लेकर आगे बढ़ेगी और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेगी.

    अब बात बीजेपी के जवाब की. स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस अपनी हार की समीक्षा करने के बजाय चुनाव आयोग पर हमला कर रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि हिमाचल प्रदेश, पंजाब, केरलम और कर्नाटक जैसे राज्यों में बीजेपी की सरकारें नहीं हैं. तो क्या कांग्रेस वहां भी चुनाव आयोग की गतिविधियों पर सवाल उठा रही है या उसे क्लीन चिट दे रही है.

    स्मृति ईरानी ने 13.30 करोड़ नामों को लेकर भी कांग्रेस से सवाल किया. उन्होंने कहा कि अगर वोटर लिस्ट में किसी मृत व्यक्ति का नाम है या कोई नाम दो बार दर्ज है, तो कांग्रेस ऐसे नामों को बनाए रखने की मांग क्यों कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग पहले ही साफ कर चुका है कि SIR के तहत जिन लोगों को नोटिस मिलेगा, उनके घर जाकर दस्तावेज जुटाए जाएंगे और खुद पुष्टि की जाएगी.

    स्मृति ईरानी ने कांग्रेस के लाहौर कांग्रेस सेशन के संदर्भ पर भी पलटवार किया. उन्होंने A.O. Hume और ब्रिटिश शासन से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भों का हवाला देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा. यानी उन्होंने कांग्रेस के पुराने इतिहास की बात उठाकर पार्टी को घेरने की कोशिश की.

    चुनाव आयोग को लेकर चल रहा विवाद अब सीधे कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक टकराव में बदलता दिख रहा है. एक तरफ राहुल गांधी चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी और वोट चोरी के आरोप लगाकर चुनाव आयोग पर हमलावर हैं. दूसरी तरफ स्मृति ईरानी का कहना है कि कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रही है. राहुल गांधी के आरोपों के जवाब में स्मृति ईरानी ने कांग्रेस के पुराने इतिहास से लेकर वोटर लिस्ट और चुनाव आयोग पर उसके रुख तक कई सवाल उठाए हैं.