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  • BJP नेता के खिलाफ ट्वीट हटाने पर राजी सौरव-रांका, अदालत ने दी एक और मौका

    BJP नेता के खिलाफ ट्वीट हटाने पर राजी सौरव-रांका, अदालत ने दी एक और मौका

    नई दिल्ली

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह संयोजक सौरव दास को अदालत ने गौरव भाटिया पर किए गए सभी पोस्ट को हटाने को कहा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने भाटिया के मानहानि मुकदमे पर सुनवाई करते हुए सीजेपी नेताओं को नसीहत के साथ एक मौका दिया और कहा कि वे खुद उन पोस्ट्स को हटा दें। अदालत ने कहा कि बिना किसी तथ्य को परखे इस तरह साझा करना ठीक नहीं है। अदालत के निर्देश के बाद सौरव दास ने भाटिया के खिलाफ एक और विवादित पोस्ट को डिलीट कर दिया है।

    सौरव दास ने एक फर्जी न्यूज कार्ड को शेयर किया था जिसमें गौरव भाटिया को गिरप्तार किए गए विवादित यूट्यूबर स्वतंत्र भारद्वाज को दिमागी नक्सल कहते हुए दिखाया गया था। भाटिया ने इसे फर्जी करार देते हुए सौरव दास को पोस्ट डिलीट करने और माफी मांगने मांगने को कहा था। सौरव दास ने उस पोस्ट को डिलीट कर दिया, लेकिन माफी मांगने से इनकार करते हुए भाटिया की एक आपत्तिजनक तस्वीर शेयर कर दी थी।

    भाजपा नेता की ओर से किए गए 2 करोड़ के मानहानि मुकदमे पर जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच ने सुनवाई करते हुए कहा कहा कि सीजेपी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की ओर से गौरव भाटिया पर बिना जांच परखे किए गए पोस्ट गलत हैं। अदालत ने उन्हें खुद ही उन्हें हटाने का मौका दिया। वहीं, अभिजीत दीपके की ओर से कहा गया कि उन्होंने इस पर कुछ नहीं लिखा था, इसलिए उन्हें प्रतिवादियों में से हटा दिया जाए।

    'पोस्ट हटाने पर विचार करें'
    सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि विरोध जताने के अलग-अलग तरीके होते हैं. कोर्ट ने कहा कि दोनों युवा हैं और उनकी अपनी चिंताएं हो सकती हैं, लेकिन बिना सत्यापन किसी पर इस तरह हमला करना उचित नहीं है. कोर्ट ने कहा कि अगर वे अपनी ओर से पोस्ट हटाने को तैयार हैं तो अपना जवाब दाखिल करें। 

    सौरव दास के वकील ने बताया कि संबंधित पोस्ट पहले ही हटा दिया गया है. हालांकि, कोर्ट ने कहा कि इसके अलावा भी कुछ सामग्री पोस्ट की गई है. कोर्ट ने यह भी कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है, लेकिन कई बार बात को स्पष्ट और संयमित तरीके से रखना जरूरी होता है। 

    CJP के अभिजीत दीपके को लेकर सवाल
    सुनवाई की शुरुआत में कोर्ट ने कहा कि CJP के अभिजीत दीपके के खिलाफ कोई आरोप नहीं है. उनके वकील निखिल गांधी ने कहा कि दीपके की ओर से ऐसा कोई पोस्ट नहीं किया गया और उन्हें मामले से हटाया जाना चाहिए। 

    भाटिया की ओर से कहा गया कि मामला सिर्फ एक-दो पोस्ट तक सीमित नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ एक पूरा तंत्र काम कर रहा है और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। 

    कोर्ट ने भाटिया से भी कहा कि विवाद को अदालत में लाने के बजाय दूसरे तरीके से सुलझाने की कोशिश की जा सकती थी. इस पर भाटिया ने कहा कि यह गंभीर मानहानि का मामला है और पोस्ट लाखों लोगों तक पहुंचने के कारण उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान हो रहा है। 

    कोर्ट ने दास और रांका के वकील से अपने मुवक्किलों से निर्देश लेकर आने को कहा. कोर्ट ने कहा, "आप युवा हैं, आपके सामने लंबा रास्ता है. अदालतों में समय क्यों बिताना चाहते हैं?

    अदालत ने और क्या समझाया
    अदालत ने मौखिक रूप से कहा, 'विरोध जताने के कई तरीके हैं। आप सभी युवा हैं। आपको बेचैनी हो सकती है। लेकिन इस तरह बिना पुष्टि के हमला करना ठीक नहीं है। यदि आप खुद इन्हें हटाना चाहते हैं तो अपना जवाब दीजिए। हम इसे हटाने का आदेश नहीं जारी करना चाहते हैं।' इस बीच सौरव दास के वकील ने कहा कि उन्होंने ट्वीट को पहले ही डिलीट कर दिया है। इस पर अदालत ने कहा, 'लेकिन आपने कुछ कुछ और भी डाला है। आपको अभिव्यक्ति का अधिकार है, लेकिन यह सही तरीके से हो। ताकि आपकी मंशा सही दिशा में रहे। हम समझते हैं, क्योंकि हम भी इस उम्र से गुजरे हैं।'

    अदालत ने भाटिया से क्या कहा
    अदालत ने भाटिया से कहा कि इस तरह के मुद्दों से निपटने के और भी तरीके हैं। उन्होंने कहा कि वह अदालत आने की बजाय प्रतिवादियों से बात कर सकते थे। हालांकि भाटिया ने कहा, 'यह गंभीर मानहानि का मामला है। ऐसे पोस्ट इंटरनेट पर नहीं हो सकते हैं, क्योंकि उनके करोड़ों फॉलोअर्स हैं। यह मेरी छवि को नुकसान पहुंचा रहा है। हमने उन्हें एक मौका दिया था।' अदालत ने सीजेपी नेताओं के वकीलों से कहा कि वह निर्देश प्राप्त करें और बताएं कि वे खुद हटाने को तैयार हैं या नहीं।

  • ग्वालियर में 11 सितंबर को लगेगा 5वां जिला स्तरीय जन-विश्वास शिविर, मोहना में होगा आयोजन

    ग्वालियर में 11 सितंबर को लगेगा 5वां जिला स्तरीय जन-विश्वास शिविर, मोहना में होगा आयोजन

    ग्वालियर
    मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान” के तहत ग्वालियर जिले का पाँचवां जिला स्तरीय शिविर शुक्रवार 11 सितम्बर को प्रात: 10.30 बजे से मोहना स्थित नगर पालिका परिषद कार्यालय प्रांगण में आयोजित होगा।

    मंत्री कुशवाह की मौजूदगी में होगा शिविर का आयोजन
    सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह भी शिविर में शामिल होंगे। मंत्री कुशवाह की मौजूदगी में इस शिविर के माध्यम से नगर पंचायत मोहना के सभी वार्डों की सभी बस्तियों के निवासियों को लाभान्वित कराया जायेगा।

    उद्यमियों की समस्याओं का होगा समाधान
    शिविर शुरू होने से पहले विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ नगर पंचायत क्षेत्र में भ्रमण कर अपने-अपने विभाग की संस्थाओं का निरीक्षण करेंगे। जिला स्तरीय जन-विश्वास शिविर में जन संवाद, उद्योग एवं इन्फ्लुएंसर संवाद आयोजित किए जाएंगे। उद्योग संवाद में वृहद, एमएसएमई तथा कुटीर उद्योगों से जुड़े उद्यमी अपने अनुभव साझा करेंगे। साथ ही उद्यमियों की समस्याओं का समाधान भी किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर सम्पूर्ण प्रदेश के साथ ग्वालियर जिले में भी जनता से सीधा संवाद व जुड़ाव स्थापित करने और समस्याओं का शतप्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह अभियान संचालित होने जा रहा है।

     

  • यामी गौतम बनीं खूबसूरत डायन, ‘नई नवेली’ का टीजर मचा रहा तहलका

    यामी गौतम बनीं खूबसूरत डायन, ‘नई नवेली’ का टीजर मचा रहा तहलका

    यामी गौतम अब ऐसी नई नवेली बनकर आ रही हैं, जिसे देखकर भूत-प्रेत भी शायद अपना रास्ता बदल लें! उनकी आने वाली हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘नई नवेली’ का टीजर रिलीज हो गया है और इसमें यामी का अंदाज देखकर आप भी कहेंगे- ये भूतनी है या खूबसूरती की आफत?

    टीजर में यामी मोहिनी के किरदार में नजर आ रही हैं और उनकी एंट्री ही ऐसी है कि पूरा माहौल सेट हो जाता है. सबसे ज्यादा ध्यान खींच रहा है उनका ये धांसू डायलॉग- ‘2 डायन, 3 पिशाच और 4 भूत तो मैं सुबह नाश्ते में खा जाती हूं…’

    बस फिर क्या था, सोशल मीडिया पर यामी के इस अवतार की चर्चा शुरू हो गई. फैंस का कहना है कि भूतनी इतनी खूबसूरत होगी तो डरने के बजाय लोग उसे देखते ही रह जाएंगे. ऐसा पहली बार हो रहा है जब यामी किसी हॉरर कॉमेडी फिल्म का हिस्सा बनी हों.

    मोहिनी बनीं यामी, लेकिन ये कोई सीधी-सादी भूतनी नहीं!
    ‘नई नवेली’ में यामी गौतम का किरदार काफी हटकर बताया जा रहा है. वह फिल्म में एक क्रूर डायन के अवतार में नजर आएंगी. यानी इस बार यामी न तो किसी सीधी-सादी लड़की के किरदार में हैं और न ही ऐसी हीरोइन जो भूत से डरकर भागती नजर आए. यहां तो मामला उल्टा है. भूत डरेंगे या मोहिनी से डरेंगे? टीजर देखकर यही सवाल दिमाग में घूमने लगता है.

    फिल्म में भारतीय पौराणिक कथाओं और लोककथाओं को हॉरर और कॉमेडी के तड़के के साथ पेश किया जाएगा. यानी डर भी होगा, हंसी भी आएगी और देसी कहानी का मजा भी मिलेगा.

    टीजर ने फैंस को किया एक्साइटेड
    मेकर्स ने टीजर शेयर करते हुए लिखा-  देवियों और सज्जनों, मोहिनी की तरफ से एक छोटी-सी रिक्वेस्ट. इसके साथ ही फिल्म की रिलीज डेट भी सामने रख दी गई है. ‘नई नवेली’ 16 अक्टूबर 2026, यानी दशहरे के मौके पर सिनेमाघरों में दस्तक देगी. दिलचस्प बात ये है कि फिल्म का मोशन टीजर और फर्स्ट लुक पहले ही 20 अगस्त को रिलीज किया जा चुका था. लेकिन अब नए टीजर में यामी के मोहिनी अवतार की झलक ने एक्साइटमेंट और बढ़ा दी है.

    ‘नई नवेली’ को आनंद एल राय और हिमांशु शर्मा प्रोड्यूस कर रहे हैं, जबकि फिल्म का निर्देशन बालाजी मोहन ने किया है. फिल्म में यामी के अलावा आदिनाथ एम कोठारे, अनुराग ठाकुर, सुनीता रजवार, मीता वशिष्ठ, आदित्य कुलश्रेष्ठ, सुष्मिता मुखर्जी नजर आएंगे. फिल्म में सिर्फ यामी की खूबसूरती और मोहिनी का खौफ नहीं होगा, बल्कि एक बड़ा और दमदार सपोर्टिंग कास्ट भी देखने को मिलेगा.

    यामी का नया अवतार, पिछली फिल्मों से बिल्कुल अलग
    यामी गौतम ने अपने करियर में अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर अपनी पहचान बनाई है. हाल के वर्षों में उन्हें ‘ओएमजी 2’, ‘आर्टिकल 370' और ‘धूम धाम’ जैसी फिल्मों में देखा गया है.

    ‘आर्टिकल 370’ में उन्होंने एक सख्त और मिशन पर निकली अधिकारी का किरदार निभाया था, जबकि ‘धूम धाम’ में उनका अंदाज एक्शन और कॉमेडी से भरा हुआ था. वहीं ‘ओएमजी 2’ में भी उन्होंने गंभीर विषय वाली कहानी का हिस्सा बनकर अपनी रेंज दिखाई. अब ‘नई नवेली’ में वह सीधे डायन बनकर दर्शकों के सामने आने वाली हैं. और यही इस फिल्म को खास बनाता है.

    डराएगी भी, हंसाएगी भी!
    हॉरर-कॉमेडी का फॉर्मूला बॉलीवुड में नया नहीं है, लेकिन ‘नई नवेली’ को भारतीय लोककथाओं और पौराणिक कहानियों से जोड़कर मेकर्स इसे अपना देसी ट्विस्ट देने की कोशिश कर रहे हैं. ऊपर से यामी का मोहिनी वाला अंदाज और उनके मुंह से निकलते खतरनाक डायलॉग फिल्म को लेकर उत्सुकता बढ़ा रहे हैं.

    अब सवाल ये है कि 16 अक्टूबर को जब मोहिनी बड़े पर्दे पर आएगी, तो दर्शक डरेंगे, हंसेंगे या फिर यामी की खूबसूरती में ही खो जाएंगे? फिलहाल टीजर देखकर तो इतना जरूर लग रहा है कि इस बार भूतों की शामत आने वाली है!

  • स्कूलों में सांपों के खतरे पर हरियाणा शिक्षा विभाग अलर्ट, जारी हुई नई गाइडलाइन

    स्कूलों में सांपों के खतरे पर हरियाणा शिक्षा विभाग अलर्ट, जारी हुई नई गाइडलाइन

    चंडीगढ़
    अक्सर बरसात के दौरान सांप निकलने की समस्या देखी जाती है। जब सांप स्कूलों में दिखें तो बच्चों से लेकर शिक्षकों तक में एक अलग ही तरह का डर का माहौल होता है।

    ऐसे में हरियाणा के विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के लिए सर्पदंश और परिसरों में सांपों के प्रवेश की रोकथाम को लेकर एक विस्तृत परामर्श जारी किया है।

    मानसून और वर्षा ऋतु के बाद स्कूलों में बढ़ने वाले इस खतरे को देखते हुए विभाग ने यह कदम उठाया है ताकि विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    स्वच्छता, रखरखाव और चेकिंग पर विशेष जोर
    निदेशालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, सभी विद्यालयों को अपने परिसरों की नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।

        झाड़ियों की कटाई: कक्षाओं, शौचालयों, रसोई, स्टोर और खेल के मैदानों के आसपास उगी घास और झाड़ियों को तुरंत काटने के निर्देश दिए गए हैं।
        कूड़ा और निर्माण सामग्री हटाना: ईंट, पत्थर, पुरानी लकड़ी, अनुपयोगी फर्नीचर और टायरों के ढेर हटाने को कहा गया है, जिससे साँपों के छिपने की जगह न बचे।
        दरारों और रास्तों की मरम्मत: दरवाजों के नीचे के गैप, फर्श व दीवारों की दरारों और नालियों को जाली या ग्रिल से बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
        कमरों की जांच और रोशनी: लंबे समय से बंद कमरों, स्टोर रूम और शौचालयों को खोलने से पहले उनकी अच्छे से जांच करने और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त रोशनी रखने की बात कही गई है।

    जहरीले रसायनों और झाड़-फूंक पर पूर्ण प्रतिबंध
    शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सांपों को भगाने के नाम पर किसी भी प्रकार के जहरीले रसायन, कीटनाशक, मिट्टी के तेल, तेजाब या नैफ्थलीन (फिनाइल) की गोलियों का प्रयोग न किया जाए, जिससे बच्चों को नुकसान पहुंच सकता है।

    साथ ही, सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या अप्रमाणित देसी उपचार में समय बर्बाद करने के बजाय पीड़ित को तुरंत निकटतम अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। घाव पर चीरा लगाने, रस्सी कसकर बाँधने या विष चूसने जैसे खतरनाक कदमों से बचने की सलाह दी गई है।

    स्कूल में सांप दिखने पर क्या करें?
        घबराएँ नहीं और बच्चों को दूर रखें: साँप दिखने पर विद्यार्थियों को शांतिपूर्वक उस स्थान से दूर ले जाएँ और भीड़ या फोटो/वीडियो बनाने से रोकें।
        छेड़ने या मारने की कोशिश न करें: साँप को खुद पकड़ने या भगाने का प्रयास न करें।
         विशेषज्ञों की मदद लें: आवश्यकता पड़ने पर केवल वन विभाग या अधिकृत सर्प-राहतकर्ता से ही संपर्क किया जाए।

    स्कूल स्तर पर तैयार रखनी होगी चेकलिस्ट और रिपोर्ट प्रपत्र
    निदेशालय ने सभी स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिया है कि वे अपने पास निकटतम स्वास्थ्य केंद्र, एम्बुलेंस और वन विभाग के आपातकालीन नंबर प्रदर्शित करके रखें। इसके अलावा, परिसरों के नियमित निरीक्षण के लिए 20 बिंदुओं की एक सर्प-सुरक्षा निरीक्षण सूची और किसी भी घटना के रिकॉर्ड के लिए घटना प्रतिवेदन प्रपत्र भी संलग्न किया गया है

    सभी जिला एवं खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस परामर्श का पालन अपने-अपने जिलों के सभी स्कूलों में सुनिश्चित कराएं।

  • झारखंड में नई बार पॉलिसी का इंतजार, 5-स्टार होटल में सुबह 4 बजे तक शराब परोसने का प्रस्ताव

    झारखंड में नई बार पॉलिसी का इंतजार, 5-स्टार होटल में सुबह 4 बजे तक शराब परोसने का प्रस्ताव

     रांची
     राज्य में बार में मारपीट, हथियार लहराने, गोली चलाने की घटनाएं सामने आती रही हैं। इन घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए, कार्रवाई करने के लिए जो नियमावली बनी, उसे धरातल पर नहीं उतारा जा सका।

    करीब सात महीने पहले सात फरवरी को उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने बार संचालन के लिए ''झारखंड उत्पाद होटल, रेस्तरां, बार एवं क्लब (अनुज्ञापन एवं संचालन) नियमावली 2026'' का ड्राफ्ट स्टेक होल्डर्स व आम लोगों के लिए जारी किया था।

    उक्त नियमावली पर सुझाव व आपत्तियां मंगाई गई थी, ताकि उसमें सुधार करते हुए संशोधित नियमावली को धरातल पर उतारा जा सके। सात महीने पूरे हो गए, लेकिन नियमावली धरातल पर नहीं उतारी जा सकी। अब भी राज्य में पुरानी नियमावली के तहत ही बार का संचालन हो रहा है। जो नियमावली बनी थी, वह फाइलों में ही रह गई।

    प्रस्तावित नियमावली में यह उल्लेख है कि होटल, रेस्टोरेंट, बार परिसर में अस्त्र-शस्त्र के साथ प्रवेश करने पर हथियार धारण करने वाले व्यक्ति को एक लाख रुपये का जुर्माना देना होगा। स्टाक रजिस्टर प्रस्तुत नहीं करने पर दस हजार, उसे अद्यतन नहीं भरने पर दस हजार रुपये के जुर्माने का प्रविधान है।

    बार में जाने वाले ग्राहकों की सुरक्षा व सुविधा को ध्यान में रखकर नियमावली का प्रारूप बनाया गया था। नियम तोड़ने वाले बार संचालकों के लिए जुर्माने का प्रविधान प्रस्तावित है। माप से कम शराब परोसने पर, गंदा परिसर रखने पर, निर्धारित आवाज से अधिक आवाज में म्यूजिक बजाने पर, नो स्मोकिंग जोन में स्मोकिंग करने पर भी जुर्माने का प्रविधान प्रस्तावित है।

    बार व रेस्तरा में शराब परोसने के लिए नियम व शर्तों को प्रभावी बनाया जाना था। इसी उद्देश्य से यह नियमावली प्रस्तावित थी, लेकिन अब तक उस नियमावली पर विचार नहीं किया जा सका।

    तो पांच सितारा होटलों में सुबह के चार बजे तक शराब परोसी जाती
    राज्य में ''झारखंड उत्पाद होटल, रेस्तरां, बार एवं क्लब (अनुज्ञापन एवं संचालन) नियमावली 2026'' लागू होती तो विभिन्न क्षेत्रों व होटलों में नियम के अनुसार शराब परोसने के समय निर्धारित होते। जैसे प्रस्तावित नियमावली में पांच सितारा होटलों में सुबह के चार बजे तक शराब परोसे जाने का प्रविधान प्रस्तावित है।

    वर्तमान में होटल हो या रेस्टोरेंट, हर तरह के बार में रात में 12 बजे तक ही शराब परोसने का प्रविधान किया गया है। नई नियमावली में सुरक्षा के जो प्रविधान प्रस्तावित हैं, वह पुरानी नियमावली में नहीं है।

    सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर ही नई नियमावली का प्रस्ताव तैयार किया गया था। हालांकि, स्टेक होल्डर्स टैक्स के बिंदु पर आपत्ति जता चुके हैं, जिसपर विभाग को समीक्षा करना था। समीक्षा के बाद ही नियमावली पर आगे कोई निर्णय लिया जाना था। अब तक सभी बिंदुओं पर मामला लंबित है।

     

  • Hyundai का बड़ा धमाका! एक साथ लॉन्च हुई Creta, Creta Electric और Alcazar के Lounge Edition

    Hyundai का बड़ा धमाका! एक साथ लॉन्च हुई Creta, Creta Electric और Alcazar के Lounge Edition

    मुंबई 
    हुंडई ने एक साथ अपनी तीन एसयूवी का खास वेरिएंट लॉन्च किया है. कंपनी ने क्रेटा, क्रेटा इलेक्ट्रिक और अल्कजार एसयूवीज का लाउंज एडिशन लॉन्च किया है. गाड़ियों का लाउंज एडिशन इनके टॉप स्पेक्स ट्रिम पर बेस्ड है. इसके तहत इन एसयूवीज में 11.6 इंच का नया एंटरटेनमेंट स्क्रीन रियर पैसेंजर के लिए दिया गया है।  

    इसके अलावा कार गोल्डेन ब्रॉन्ज एक्सटीरियर कलर, सिल्वर इंसर्ट के साथ ऑल ब्लैक कैबिन और हल्के फुल्के रिवाइज्ड अपहोल्स्ट्री के साथ आती है. लाउंज एडिशन के तहत हुंडई अल्कजार 5 सीटर अवतार में भी मिलेगी. स्टैंडर्ड वेरिएंट में ये कार 6 या 7 सीटर कॉन्फिग्रेशन में आती है. आइए जानते हैं इन कारों की खास बातें। 

    कितनी है कीमत? 
    सबसे पहले बात करते हैं हुंडई क्रेटा की, तो इसके किंग 1.5 पेट्रोल सीवीटी वेरिएंट के लाउंज एडिशन की कीमत 19.22 लाख रुपये एक्स शोरूम है. ये स्टैंडर्ड वेरिएंट के मुकाबले 53 हजार रुपये महंगा. स्टैंडर्ड किंग 1.5 पेट्रोल सीवीटी वेरिएंट की कीमत 18.69 लाख रुपये एक्स शोरूम है। 

    वहीं क्रेटा किंग 1.5 डीजल ऑटोमेटिक लाउंज एडिशन की कीमत 20.31 लाख रुपये एक्स शोरूम है. इसका स्टैंडर्ड वेरिएंट 19.78 लाख रुपये एक्स शोरूम का है. अल्कजार सिग्नेचर 1.5 डीजल ऑटोमेटिक लाउंज एडिशन की कीमत 21.81 लाख रुपये एक्स शोरूम है. जबकि क्रेटा इलेक्ट्रिक एक्सीलेंस एलआर लाउंज एडिशन 24.34 लाख रुपये की एक्स शोरूम कीमत पर आता है। 

    क्या मिलेगा नया? 
    फीचर की बात करें, तो क्रेटा, क्रेटा इलेक्ट्रिक और अल्कजार लाउंज एडिशन में 11.6 इंच का रियर सीट एंटरटेनमेंट स्क्रीन मिलेगी, जो ओटीटी ऐप्स, फोन मिररिंग और गेमिंग सपोर्ट के साथ आती है. इस सिस्टम पर अलग से ऐप स्टोर दिया गया है, जहां से आप मल्टीपल ऐप्स को डाउनलोड कर सकते हैं। 

    इसके अलावा लाउंज एडिशन में वॉइट एंबिएंट लाइटिंग मिलती है. इस एडिशन के तहत कंपनी ने गोल्डेन ब्राउंज एक्सटीरियर कलर थीम दी है. तीनों ही कारें इस कलर में मिलेंगी. इसके अलावा ब्लैक एलॉय मिलेंगे. हालांकि, एलॉय के साइज में कोई बदलाव नहीं किया गया है. कार के इंटीरियर में भी ब्लैक थीम मिलेगी, जो सिल्वर एसेंट के साथ आएगी। 

  • झारखंड पंचायत चुनाव 2027 की तैयारी तेज, धनबाद में 10.61 लाख मतदाता करेंगे मतदान

    झारखंड पंचायत चुनाव 2027 की तैयारी तेज, धनबाद में 10.61 लाख मतदाता करेंगे मतदान

    धनबाद
    झारखंड में अप्रैल-मई 2027 में त्रिस्तरीय पंचायत संभावित है।
    इसको लेकर प्रशासनिक तैयारियां चल रही हैं। चुनाव और पंचायतों से संबंधित विभिन्न रिपोर्ट समय-समय पर राज्य निर्वाचन आयोग को भेजी जा रही है।

    इस कड़ी में धनबाद जिला की पंचायतों, मतदाताओं और मतदान केंद्रों से संबंधित रिपोर्ट व सूची प्रकाशित की गई है। जिसके अनुसार जिले के नौ प्रखंडों के 242 पंचायतों में 10,61,604 मतदाता मतदान करेंगे।

    जबकि 2939 मतदान केंद्रों में से 27 मतदान केंद्र जर्जर हैं या फिर इन्हें स्थानांतरित करने अथवा इनके मरम्मति की आवश्यकता है।

    जर्जर मतदान केंद्रों की स्थानांतरित करने की जरूरत
    जिले के ग्रामीण इलाकों में स्थित इन मतदान केंद्रों में से 27 की हालत खराब है। ये अत्यंत जर्जर हो चुके हैं या फिर इनकी मरम्मति की जरूरत है। ऐसे मतदान केंद्रों में बलियापुर प्रखंड के मुकुंदा पंचायत का बीसीसीएल बिजली घर गोल्डेन पहाली पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है।

    जिसे करमाटांड शिफ्ट किया गया है। जबकि आंगनबाड़ी केंद्र ब्राम्हण टोला का मतदान केंद्र के निजी भवन में संचालित हैं। इसे करमाटांड शिफ्ट करने का प्रस्ताव है।

    पूर्वी टुंडी के चार केंद्रों जर्जर
    पूर्वी टुंडी प्रखंड के महोलीडीह पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्र का मतदान भवन ध्वस्त हो चुका है। जबकि सामुदायिक भवन पंडुआ पूरी तरह से जर्जर है। रूपन में पुराना पंचायत भवन फुलपहाड़ी की हालत खस्ता है। वहीं लटानी और पांड्राबेजरा पंचायत के मतदान केंद्र प्राथमिक विद्यालय शंकरडीह में था।

    इस स्कूल को उत्क्रमित विद्यालय रघुनाथपुर में मर्ज कर दिया गया है। इसी प्रकार से प्राथमिक विद्यालय डुमरजोर को मध्य विद्यालय पोलकेरा में मिला दिया गया है। इनके जगह पर नए भवन को चिन्हित करना होगा।

    पूर्वी टुंडी की तरह ही कलियासोल प्रखंड का जमाकुदर, ऐलाकेंद्र, सालुकचपड़ा और कलियासोल पंचायत में सामुदायिक भवन फतेहपुर, मध्य विद्यालय कुशियारा, चासपाड़ा पुराना पंचायत भवन, प्राथमिक विद्यालय कालुबथान पूर्व और पश्चिम अत्यंत जर्जर हैं।

    एग्यारकुंड में 14 मतदान केंद्रों की हालत खराब
    एग्यारकुंड प्रखंड में सबसे अधिक 14 मतदान केंद्रों की हालत खराब है। चांच में एनपीएस डुमरीजोड भूधंसान की चपेट में आ चुका है। प्राथमिक विद्यालय हरिजन स्कूल बंद हो गया है। इन दोनों को पीएस बुटबाड़ी और सामुदायिक भवन पंचायत उपसचिवालय में भेजने का प्रस्ताव दिया गया है।

    वहीं जोगरात पंचायत में पीएस जूनकूदर का कमरा नंबर एक व दो की स्थिति खराब है। गोपीनाथपुर में सामुदायिक भवन आदिवासी टोला, एग्यारकुंड उत्तर में जामबानी लोहिया भवन, शिवलीबाड़ी दक्षिण में सामुदायिक भवन गड़ियाखान और गोपालपुर में पुराना पंचायत भवन व सामुदायिक भवन राजापुर के मरम्मत की जरूरत बताई गई है।

    वहीं कालीपहाड़ी दक्षिण पंचायत में प्राथमिक विद्यालय डीवीसी रांची कालोनी का मतदान केंद्र संख्या 46 से 51 तक जर्जर है।

    भौगोलिक रूप से नहीं बदलेंगी पंचायतें, दावा आपत्ति की मांग
    अब यह भी साफ हो गया है कि आने वाले पंचायत चुनाव में इनके भौगोलिक स्वरूप में किसी भी प्रकार का कोई परिवर्तन नहीं होगा। निर्वाचन आयोग से मांगी गई जानकारी पर धनबाद उपायुक्त ने जो रिपोर्ट भेजी है।

    उसमें बताया गया है कि पंचायत की सीमाओं को ही आधार बनाया गया है। जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से वोटर लिस्ट और मतदान केंद्रों को लेकर सूची भी जारी कर दिया गया है। जिस पर दावा आपत्ति की मांग किया गया है।

    बाघमारा में अधिक पंचायतें
    जिले के बाघमारा प्रखंड में सबसे अधिक 62 पंचायतें हैं और यहां मतदाताओं की भी संख्या सर्वाधिक 2,45,812 है। यहां सबसे अधिक 668 मतदान केंद्र भी हैं। जबकि सबसे कम केवल नौ पंचायतों वाला प्रखंड पूर्वी टुंडी है। यहां कुल मतदाता 39,229 हैं और मतदान केंद्र 112 हैं।

    प्रखंड – पंचायतें – मतदान केंद्र – कुल मतदाता
    बाघमारा – 62 – 668 – 2,45,812
    बलियापुर – 23 – 283 – 99,844
    धनबाद – 12 – 118 – 44,523
    एग्यारकुंड – 23 – 231 – 90,735
    गोविंदपुर – 39 – 479 – 1,77,966
    कलियासोल – 20 – 226 – 79,115
    निरसा – 27 – 293 – 1,08,611
    पूर्वी टुंडी – 09 – 112 – 39,229
    तोपचांची – 27 – 326 – 1,06,564
    टुंडी – 17 – 203 – 69,205

     

  • पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी खत्म करने का नया फॉर्मूला! CM चेहरे पर फिलहाल सस्पेंस

    पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी खत्म करने का नया फॉर्मूला! CM चेहरे पर फिलहाल सस्पेंस

    चंडीगढ़.

    पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति काफी हद तक स्पष्ट कर दी है। कांग्रेस पंजाब में चुनाव से पहले किसी नेता को मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर घोषित नहीं करेगी।

    पायलट के मुताबिक पार्टी सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी और चुनाव अभियान की अगुवाई राहुल गांधी करेंगे। चुनाव में बहुमत मिलने के बाद ही मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला किया जाएगा। पंजाब के प्रभारी बनने के बाद पायलट का यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर खींचतान चल रही है। प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बीच राजनीतिक दूरी लगातार चर्चा में है।

    पायलट के बयान से बहस पर रोक
    चन्नी खेमे की ओर से वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने और चुनाव में चन्नी को प्रमुख चेहरा बनाने की मांग भी सामने आती रही है। ऐसे में पायलट का मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर दिया गया बयान पार्टी के भीतर चल रही इस बहस को फिलहाल विराम देता दिखाई दे रहा है। पायलट ने संकेत दिया कि कांग्रेस के लिए किसी एक व्यक्ति का चेहरा महत्वपूर्ण नहीं, बल्कि पूरी पार्टी का एकजुट होकर चुनाव लड़ना अहम है। उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस एक टीम के रूप में चुनाव मैदान में उतरेगी और राहुल गांधी अभियान का प्रमुख चेहरा होंगे। उनका जोर संगठन को मजबूत करने और सभी नेताओं को साथ लेकर चलने पर है। पायलट ने इससे पहले भी पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से एकजुट होकर चुनाव लड़ने की अपेक्षा जताई है।

    सामूहिक मेहनत से सत्ता वापसी
    राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात के बाद उन्होंने सामूहिक मेहनत और मजबूत संगठन के दम पर पंजाब में कांग्रेस की सत्ता में वापसी का भरोसा जताया था। कांग्रेस के लिए यह रणनीति इसलिए भी अहम है क्योंकि 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में चुनाव लड़ा था और सत्ता हासिल की थी।

    गुटबाजी थामना पायलट की बड़ी चुनौती
    वहीं 2022 में आम आदमी पार्टी ने भगवंत मान को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर चुनाव मैदान में उतरकर सरकार बनाई थी। अब कांग्रेस बिना मुख्यमंत्री चेहरे के चुनाव में उतरने की रणनीति अपना रही है। पायलट जल्द पंजाब दौरे पर आने वाले हैं। ऐसे में उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रदेश कांग्रेस के अलग-अलग गुटों को एक मंच पर लाने की होगी। खास तौर पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उनके दौरे और आगे राहुल गांधी के संभावित पंजाब अभियान के दौरान चन्नी, रंधावा और वड़िंग किस तरह साथ दिखाई देते हैं।

  • CG के एकलव्य आवासीय विद्यालय में 10वीं के छात्र ने फांसी लगाकर दी जान, मचा हड़कंप

    CG के एकलव्य आवासीय विद्यालय में 10वीं के छात्र ने फांसी लगाकर दी जान, मचा हड़कंप

    बालोद.

    छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से सनसनीखेज मामला सामने आया है। डौंडी स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में कक्षा 10वीं के एक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। घटना के बाद विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया है।

    कमरे नंबर 16 में फंदे से लटकी मिली लाश
    जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र की पहचान विनय कुमार, पिता कामता राम के रूप में हुई है। वह ग्राम रीवागहन खेरथा का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि आज सुबह विनय कुमार पीटी में शामिल होने नहीं गया था। इसके बाद जब पीटी से बाकी बच्चे वापस आए, तब उन्हें घटना की जानकारी हुई। छात्र को कमरे में फंदे पर लटका देख विद्यालय में हड़कंप मच गया। छात्र ने विद्यालय के कमरा नंबर 16 में फांसी लगाई है।

    जांच में जुटी पुलिस
    घटना की सूचना मिलते ही डौंडी पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। वहीं मामले की जानकारी मिलने के बाद सहायक आयुक्त भी मौके पर पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी ली। फिलहाल छात्र ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसकी वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी में है। पीएम रिपोर्ट और मृतक छात्र के करीबियों से पूछताछ के बाद ही मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • 8200 करोड़ से बनेगा राम जानकी पथ का शेष हिस्सा, 150 किमी फोरलेन के लिए डीपीआर तैयार

    8200 करोड़ से बनेगा राम जानकी पथ का शेष हिस्सा, 150 किमी फोरलेन के लिए डीपीआर तैयार

    पटना
    राम जानकी पथ के शेष हिस्सा का निर्माण 8200 करोड़ रुपये से किया जाएगा। तीसरे और चौथे पैकेज में बनने वाली इस सड़क की डीपीआर तैयार कर ली गई है। जल्द ही यह डीपीआर केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजी जाएगी। मंत्रालय की स्वीकृति के बाद इस सड़क के निर्माण की निविदा जारी की जाएगी। राम जानकी पथ के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के मेहरौना घाट से बिहार-नेपाल की सीमा भिट्टा मोड़ तक 240 किलोमीटर सड़क बननी है।

    इनमें तीसरे और चौथे पैकेज में सारण जिले के मशरख से नेपाल की सीमा भिट्टा मोड़ तक 150 किलोमीटर फोरलेन सड़क बनेगी। तीसरे और चौथे पैकेज में 150 किमी सड़क किन-किन गावों से होकर गुजरेगी, इसका निर्धारण पहले ही कर लिया गया है। कुल 107 गावों की जमीन का इसमें अधिग्रहण किया जाएगा। इनमें सारण के दस, गोपालगंज के 13, पूर्वी चंपारण के 48, शिवहर के पांच और सीतामढ़ी के 31 गांव शामिल हैं।

    जल्द ही जमीन अधिग्रहण का कार्य भी शुरू होगा
    डीपीआर पर केंद्र की स्वीकृति मिलने के बाद इस पथ के लिए जल्द ही जमीन अधिग्रहण का कार्य भी शुरू होगा। वहीं, पहले और दूसरे पैकेज में करीब 90 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य पहले से जारी है। तीसरे पैकेज में 76 किलोमीटर सड़क बनेगी, जो मशरख से शिवहर तक जाएगी।