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  • सागर में शराब माफिया पर बड़ा एक्शन, 3 आरोपियों के 5 ठिकानों पर चला बुलडोजर

    सागर में शराब माफिया पर बड़ा एक्शन, 3 आरोपियों के 5 ठिकानों पर चला बुलडोजर

     सागर

     जहरीली शराब कांड के आरोपियों पर प्रशासन की कार्यवाही भी तेज हो गई है। गुरुवार को इस कांड के तीन आरोपितों के बंडा कस्बे में स्थित पांच मकान-गोदामों को बुल्डोजर चलाकर ढहा दिया गया।

    इसके साथ काली कमाई से खड़े किए गए उनके अवैध साम्राज्य का रसूख भी मिट्टी में मिल गया।
    तीन ठिकाने ढहाए

    बंडा एसडीएम कार्यालय में गुरुवार दोपहर एक बजे कार्यवाही करने वाली पूरी टीम को एकत्र किया गया। वहां अधिकारियों ने उन्हें ब्रीफ किया उसके बाद तीन अलग-अलग टुकड़ियां एक-एक बुल्डोजर लेकर तीन टीमें आरोपितों मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर, चंद्रभान उर्फ चंदू सिंह राजपूत और आशीष साहू के चिन्हित ठिकानों पर पहुंची।

    10 मिनट के भीतर भवनों में तोड़फोड़ शुरू हो गई। कार्रवाई के दौरान मनीष लोधी के घर से एक महिला कुछ दस्तावेज लेकर अधिकारियों के पास पहुंची, जिसे बिना सुने हटा दिया गया।

    करणी सेना के संभागीय अध्यक्ष और ततरवारा गांव के सरपंच चंद्रभान उर्फ चंदू सिंह राजपूत की करीब 2500 वर्गफीट में बनी आलीशान कोठी को पांच-छह घंटों में तोड़ दिया गया। कोठी का अधिकांश हिस्से का निर्माण एक साल पूर्व ही किया गया था। भवन इतना बड़ा था कि परिसर में करीब दस गाड़ियों की पार्किंग आसानी से हो सकती थी।

    एक आरोपी आशीष साहू के कॉलेज रोड स्थित करीब 20 साल पुराना मकान दो घंटे के भीतर ही पूरी तरह ढहा दिया गया। इसके आगे का हिस्सा कच्चा था। आशीष को मनीष लोधी का सहयोगी बताया जा रहा है। उसका मुख्य काम अलग-अलग गांवों में शराब की तस्करी करना था। आशीष के खिलाफ छह-सात मामले दर्ज हैं।
    रवि लखेरा ने खड़ा किया नेटवर्क

    पुलिस के अनुसार आबकारी ठेकेदार मनीष लोधी ने अंतरराज्यीय नकली शराब माफिया रवि लखेरा के साथ मिलकर नकली शराब का नेटवर्क खड़ा किया। उसने ततरवारा सरपंच चंदू राजपूत के साथ अवैध शराब की फैक्र्ट्री बनाई। चंदू तो पकडा गया, लेकिन मनीष और रवि फरार हैं।

    पुलिस ने इन तीनों पर 20 -20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। आरोपित बनाए गए 30 लोगों में से 14 पकड़े जा चुके हैं।
    मनीष के गोदाम में भट्ठी, कड़ाही और मशीनें

    वार्ड-11 स्थित मनीष लोधी उर्फ यशवंत के गोदाम में भट्ठी, कड़ाही और मशीनें मिलीं। खाद्य पदार्थों के रैपर भी मिले। अंदर पांच बाइकें खड़ी थीं और जिसमें से तीन पर नंबर प्लेट तक नहीं थी।

    आशंका जताई गई कि इन्हीं वाहनों का इस्तेमाल अवैध शराब की सप्लाई और तस्करी में किया जाता था। इसको देखने से साफ हुआ कि पुलिस इस गोदाम को देखने तक नहीं पहुंची थी।

    प्रशासन की बुल्डोजर कार्रवाई में पूरा गोदाम इन मशीनों के साथ जमींदोज हो गया। इस अनदेखी पर सवाल उठ रहे हैं। कहा जा रहा है कि अगर इन मशीनों का संबंध अवैध शराब बनाने से हो तो उसके सबूत भी हमेशा के लिए

    इस मामले में बंडा नगर पालिका की निष्क्रियता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। 10-10, 20-20 वर्षों से अवैध निर्माण था, लेकिन कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोपी मनीष लोधी का गोदाम तो सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाया गया था, लेकिन उसे भी खाली कराने की कोई कोशिश नहीं हुई।

    सीएमओ आरसी अहिरवार का कहना था कि ये निर्माण उनके कार्यकाल के पहले हुए हैं, इसलिए अभी स्पष्ट नहीं बता सकता कि उन पर कोई कार्रवाई की गई थी या नहीं? हाल में हुई जांच में यह बगैर परमिशन अवैध निर्माण पाए गए, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई।

    जहरीली शराब से एक और मौत

    जहरीली शराब से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुंदेलखंड मेडिकल कालेज में गुरुवार को पिपरिया किल्लाई निवासी राम सिंह (30) की भी मौत हो गई। इसके साथ ही जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या 30 पहुंच गई है।

        जहरीली शराब के आरोपित के पांच अवैध निर्माण को चिन्हित किया गया था। प्रशासन द्वारा सभी पर कार्रवाई की गई है। उन्हें 24 घंटे पहले ही नोटिस जारी कर दिए गए थे। आरोपितों के अन्य निर्माणों की जांच की जा रही है। उन पर भी कार्रवाई की जाएगी – संजय जैन, एसडीएम बंडा

     

  • रेल यात्रियों के लिए राहत, तीन जोड़ी ट्रेनों में बढ़ाए गए अतिरिक्त डिब्बे

    रेल यात्रियों के लिए राहत, तीन जोड़ी ट्रेनों में बढ़ाए गए अतिरिक्त डिब्बे

     जयपुर
    रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए कई कार्यों को अंजाम दिया है। अतिरिक्त यात्री भार को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए तीन जोड़ी ट्रेनों में अस्थायी रूप से डिब्बों की बढ़ोतरी की है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार जयपुर-उदयपुर सिटी-जयपुर ट्रेन में जयपुर से 10 से 30 सितंबर तक और उदयपुर सिटी से 11 सितंबर से 1 अक्टूबर तक एक द्वितीय साधारण श्रेणी डिब्बे की अस्थायी बढ़ोतरी की जा रही है।

    इसी प्रकार, उदयपुर सिटी-असारवा-उदयपुर सिटी ट्रेन में भी उदयपुर सिटी से 10 से 30 सितंबर तक और असारवा से 11 सितंबर से 1 अक्टूबर तक एक द्वितीय साधारण श्रेणी डिब्बा, अजमेर-बांद्रा टर्मिनस-अजमेर ट्रेन में अजमेर से 12 से 26 सितंबर तक और असारवा से 13 से 27 सितंबर तक दो द्वितीय शयनयान श्रेणी डिब्बों की अस्थायी बढ़ोतरी की जाएगी।

    रेलवे ने बढ़ाई संचालन अवधि, अक्टूबर-नवंबर तक चलेगी स्पेशल ट्रेनें
    आगामी त्योहारों पर अतिरिक्त यात्री भार को देखते हुए रेलवे ने पांच जोड़ी साप्ताहिक स्पेशल ट्रेनों की संचालन अवधि बढ़ाई है। इन ट्रेनों का संचालन अक्टूबर और नवंबर तक अलग-अलग अवधि में बढ़ाया गया है।

    हिसार-वलसाड-हिसार साप्ताहिक स्पेशल का हिसार से संचालन 14 अक्टूबर से 25 नवंबर तक और वलसाड से 15 अक्टूबर से 26 नवंबर तक, भगत की कोठी-बान्द्रा टर्मिनस-भगत की कोठी साप्ताहिक स्पेशल का भगत की कोठी से संचालन 3 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक और बान्द्रा टर्मिनस से 4 अक्टूबर से 1 नवंबर तक, बीकानेर-साईनगर शिर्डी-बीकानेर साप्ताहिक स्पेशल का बीकानेर से संचालन 3 अक्टूबर से 28 नवंबर तक और साईनगर शिर्डी से 4 अक्टूबर से 29 नवंबर तक, अजमेर-सोलापुर-अजमेर साप्ताहिक स्पेशल का अजमेर से संचालन 7 अक्टूबर से 25 नवंबर तक और सोलापुर से 8 अक्टूबर से 26 नवंबर तक और मदार-पटना-मदार साप्ताहिक स्पेशल का मदार से संचालन 1 अक्टूबर से 26 नवंबर तक और पटना से 2 अक्टूबर से 27 नवंबर तक बढ़ाया गया है।

    पुरी स्टेशन पर दो ट्रेनों का समय में बदला
    पूर्व तटीय रेलवे की ओर से पुरी स्टेशन पर दो ट्रेनों के संचालन समय में आंशिक बदलाव किया जा रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार जोधपुर-पुरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस 14 सितंबर से पुरी स्टेशन पर सुबह 10 बजे के स्थान पर 10.45 बजे पहुंचेगी। अजमेर-पुरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस 17 सितंबर से पुरी स्टेशन पर दोपहर 2.40 बजे के स्थान पर 3.05 बजे पहुंचेगी।

  • काम नहीं करने वाले ठेकेदारों पर लोक निर्माण विभाग की बड़ी कार्रवाई, 6 ठेकेदार ब्लैकलिस्टेड

    काम नहीं करने वाले ठेकेदारों पर लोक निर्माण विभाग की बड़ी कार्रवाई, 6 ठेकेदार ब्लैकलिस्टेड

    रायपुर

     लोक निर्माण विभाग ने सड़कों और पुलों के निर्माण कार्यों में अत्यंत धीमी प्रगति और कार्य पूर्ण करने में रूचि नहीं लेने वाले 6 ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई की है। विभाग द्वारा अनुबंध के अनुसार कार्य नहीं होने पर बार-बार नोटिस जारी करने, अनुबंध अवधि बढ़ाने, ठेकेदारों द्वारा स्वयं शपथ पत्र देने के बावजूद काम नहीं करने तथा कार्य पूर्ण करने में रूचि नहीं लेने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर उनके पंजीयन के नवीनीकरण पर रोक लगा दी है। दो ठेकेदारों के पंजीयन भी निरस्त किए गए हैं। 

    राज्य शासन ने बस्तर की महत्वाकांक्षी सड़कों के निर्माण की धीमी गति और विलंब को देखते हुए व्यापक समीक्षा के बाद वहां निर्माणाधीन कार्यों को पूरा करने में रूचि नहीं दिखाने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की है। ये ठेकेदार बार-बार नोटिस जारी करने तथा स्वयं शपथ पत्र देने के बावजूद काम नहीं कर रहे थे। इनके द्वारा निर्माणाधीन सड़कों और पुलों को पूर्ण करने में रूचि नहीं ली जा रही थे। राज्य शासन ने इन कार्रवाईयों को लेकर बिलासपुर उच्च न्यायालय में कैविएट भी दायर की है।

    लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा सड़कों और पुलों के निर्माण में कोताही, लापरवाही और अनुबंधों के उल्लंघन पर ठेकेदार  के. मोहन रेड्डी, मेसर्स शांति विजय कन्सट्रक्शन, मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा., मेसर्स राघवा कन्सट्रक्शन, मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर और मेसर्स पंकज हालदार के पंजीयन अ-नवीनीकरण (Non-Renewal) के आदेश जारी किए गए हैं। विभाग ने सार्वजनिक आवागमन और जनसुविधा के कार्यों में हीला-हवाला को गंभीरता से लेते हुए ठेकेदार  के. मोहन रेड्डी और मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा. के पंजीयन को भी निरस्त कर दिया है। 

    लोक निर्माण विभाग ने सुकमा जिले में चिंतलनार-मरियागुड़म मार्ग और कोंटा-गोलापल्ली मार्ग का काम कर रहे मेसर्स राघवा कंस्ट्रक्शन के पंजीयन को आगामी 5 वर्षों तक अ-नवीनीकरण की कार्रवाई की है। नारायणपुर जिले में नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा का निर्माण कर रहे मेसर्स शांति विजय कन्सट्रक्शन के पंजीयन के नवीनीकरण पर भी आगामी 5 वर्षों तक रोक लगाई गई है। विभाग द्वारा चिंतलनार-मरियागुड़म मार्ग का काम कर रहे मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा. के पंजीयन को निरस्त करते हुए आदेश दिनांक से आगामी 5 वर्षों तक अनवीनीकरण के आदेश जारी किए गए हैं। 
     
    लोक निर्माण विभाग ने सुकमा जिले में भेज्जी-चिंतागुफा मार्ग और चिंतलनार-मरियागुड़म सड़क का निर्माण कर रहे ठेकेदार  के. मोहन रेड्डी के पंजीयन को निरस्त करते हुए आदेश दिनांक से आगामी 5 वर्षों तक अनवीनीकरण के आदेश जारी किए हैं। विभाग ने कोंटा-गोलापल्ली मार्ग का काम कर रहे मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर के पंजीयन को आगामी 2 वर्षों तक अ-नवीनीकरण की कार्रवाई की है। वहीं नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा मार्ग पर पुल-पुलिया का निर्माण कर रहे मेसर्स पंकज हालदार के पंजीयन को भी आगामी 5 वर्षों तक नवीनीकरण पर रोक लगाई गई है।

     

  • यूपी में बाढ़ का कहर, योगी सरकार ने तेज किया राहत अभियान; 21 हजार से ज्यादा लोग सुरक्षित

    यूपी में बाढ़ का कहर, योगी सरकार ने तेज किया राहत अभियान; 21 हजार से ज्यादा लोग सुरक्षित

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में बाढ़ की चुनौती के बीच योगी सरकार ने राहत एवं बचाव अभियान को और तेज कर दिया है। प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री, भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य आवश्यक सहायता पहुंचाई जा रही है। उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक प्रशासन की सक्रियता और लगातार निगरानी के बीच अब तक 21,333 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। वहीं अब तक पशुहानि और जनहानि शून्य दर्ज की गई है।

    वर्तमान में 26 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। राहत एवं बचाव अभियान के तहत बुधवार को ही 7,903 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अब तक कुल 21,333 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत दी गई है। जलभराव और दुर्गम क्षेत्रों में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए 2,304 नाव एवं मोटरबोट का इस्तेमाल किया जा चुका है।

    8.58 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित
    बाढ़ प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए व्यापक अभियान जारी है। अब तक 8.58 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। बुधवार को भी 83,545 लंच पैकेट प्रभावित लोगों तक पहुंचाए गए। इसके साथ ही अब तक 1.38 लाख से ज्यादा बाढ़ राहत किट वितरित किए गए हैं।

    राहत शरणालयों में 7,581 लोग ले रहे आश्रय
    प्रभावित लोगों को सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में अब तक 1,343 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। इनमें 7,581 लोग रह रहे हैं।

    बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बीमारियों की रोकथाम और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1,139 मेडिकल टीमें गठित की गई हैं। स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए अब तक 7.09 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट व 2.88 लाख से ज्यादा ओआरएस पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। इससे प्रभावित परिवारों को संक्रमण और जलजनित बीमारियों से बचाने में मदद मिल रही है।

    प्रभावित जिले
    अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बदायूं, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कौशांबी, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, रायबरेली, संत कबीर नगर, रामपुर, सीतापुर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी।

  • तारों की छांव में निखरेगा मध्यप्रदेश का पर्यटन

    तारों की छांव में निखरेगा मध्यप्रदेश का पर्यटन

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में पर्यटन के नए आयाम विकसित करने के साथ खगोलीय पर्यटन (एस्ट्रो-टूरिज्म) को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा जनजातीय पर्यटन परियोजना के अंतर्गत ‘एस्ट्रो विलेज डेवलपमेंट प्रोजेक्ट’ का क्रियान्वयन मई 2026 से प्रारंभ किया गया है। परियोजना का उद्देश्य राज्य के प्राकृतिक रूप से अंधकारमय (डार्क स्काई) क्षेत्रों को पर्यटन के नए आकर्षण के रूप में विकसित करना और पर्यटकों को तारों, ग्रहों तथा आकाशगंगा के अवलोकन का अनूठा अनुभव उपलब्ध कराना है।

    छह जिलों के चयनित गांवों में शुरू हुआ विकास कार्य

    परियोजना के प्रथम चरण में प्रदेश के छह जिलों धार, छिंदवाड़ा, बैतूल, नर्मदापुरम, दमोह और उमरिया से एक-एक गांव का चयन किया गया है। इन गांवों को खगोलीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का कार्य शुरू हो चुका है। धार जिले के ज्ञानपुरा, छिंदवाड़ा के धुसावानी, बैतूल के बांचा, नर्मदापुरम के ढ़ाबा, दमोह के रिछकुड़ी और उमरिया जिले के रंछा गांव में एस्ट्रो-टूरिज्म से जुड़ी सुविधाओं और अधोसंरचना का विकास किया जा रहा है।

    पर्यटक जल्द ले सकेंगे एस्ट्रो विलेज पर्यटन का आनंद

    मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. ने कहा कि मध्यप्रदेश में एस्ट्रो विलेज पर्यटन, विज्ञान और प्रकृति के अनूठे संगम के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रकाश प्रदूषण से दूर इन क्षेत्रों में पर्यटक स्वच्छ रात्रिकालीन आकाश में तारों, ग्रहों और आकाशगंगा का अवलोकन कर सकेंगे।उन्होंने कहा कि यह पहल एस्ट्रो-टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय समुदायों के लिए पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी। पर्यटन गतिविधियों में स्थानीय लोगों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उन्हें परियोजना से आर्थिक रूप से जोड़ा जाएगा।

    आधुनिक उपकरणों और सुविधाओं से विकसित होंगे एस्ट्रो विलेज

    चयनित गांवों में पर्यटकों को तारों, ग्रहों और अन्य खगोलीय पिंडों के सुरक्षित, स्पष्ट और उत्कृष्ट अवलोकन के लिए आधुनिक अधोसंरचना विकसित की जा रही है। इसके अंतर्गत आधुनिक टेलिस्कोप, दूरबीन और एस्ट्रो-फोटोग्राफी कैमरे उपलब्ध कराए जाएंगे।पर्यटकों के लिए स्टार गेजिंग प्लेटफॉर्म और ऑब्जर्वेशन एरिया विकसित किए जाएंगे। साथ ही खगोलीय घटनाओं और अंतरिक्ष से जुड़ी जानकारी को सरल एवं रोचक तरीके से समझाने के लिए इंटरप्रिटेशन सेंटर का निर्माण किया जाएगा। इन सुविधाओं से पर्यटकों को रात्रिकालीन आकाश के अवलोकन के साथ खगोलीय घटनाओं को समझने का भी अवसर मिलेगा।

    स्थानीय युवा बनेंगे ‘एस्ट्रो गाइड’

    एस्ट्रो विलेज परियोजना का एक प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इसके लिए चयनित गांवों के स्थानीय युवाओं को 90 दिवसीय सघन प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद इन्हें कुशल ‘एस्ट्रो गाइड’ के रूप में तैयार किया जाएगा।एस्ट्रो गाइड पर्यटकों को रात्रिकालीन आकाश, तारामंडलों और विभिन्न खगोलीय घटनाओं की जानकारी देने के साथ स्टार गेजिंग जैसी गतिविधियों में मार्गदर्शन करेंगे। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा पर्यटन से होने वाली आर्थिक गतिविधियों में स्थानीय निवासियों की भागीदारी बढ़ेगी।

    भारत के प्रमुख एस्ट्रो-टूरिज्म गंतव्य के रूप में उभरेगा मध्यप्रदेश

    एस्ट्रो विलेज परियोजना प्रदेश में स्टार गेजिंग और खगोलीय पर्यटन जैसी विशिष्ट (निश) पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्राकृतिक रूप से अंधकारमय क्षेत्रों को पर्यटन से जोड़कर मध्यप्रदेश में पर्यटन का एक नया क्षेत्र विकसित किया जा रहा है।यह परियोजना देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को रात्रिकालीन आकाश के अवलोकन का अनूठा अनुभव उपलब्ध कराने के साथ मध्यप्रदेश को भारत के प्रमुख और अग्रणी एस्ट्रो-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

     

  • केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास अठावले से की गोपाल ऋषिकर भारती ने मुलाकात

    केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास अठावले से की गोपाल ऋषिकर भारती ने मुलाकात

    बिलासपुर

     रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया आठवाले के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास अठावले एवं केंद्रीय मंत्री का आगमन बिलासपुर में हुआ! कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया था! इस आयोजन के दौरान मूलनिवासी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल ऋषिकार भारती की उपस्थित रहे ।और उन्होंने पार्टी गतिविधियों पर चर्चा की तथा संगठित होकर पार्टी का विस्तार करने की बात की तथा कार्यकर्ताओं को मजबूत करने की दिशा पर वार्तालाप कर कार्यकर्ताओं को मजबूत बनाने हेतु पहल करने की चर्चा की

  • टीएमसी सांसद नदीमुल हक से जुड़े ठिकानों पर ED की छापेमारी खत्म, ₹5.25 करोड़ फ्रीज

    टीएमसी सांसद नदीमुल हक से जुड़े ठिकानों पर ED की छापेमारी खत्म, ₹5.25 करोड़ फ्रीज

     रांची
     तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद नदीमुल हक के एक अखबार व उससे जुड़ी कंपनियों व उनके निदेशकों के विरुद्ध सात सोमवार से शुरू ईडी की छापेमारी बुधवार को समाप्त हो गई। रांची के कोकर इंडस्ट्रीयल एरिया स्थित अखबार के दफ्तर के अलावा, कोलकाता व दिल्ली स्थित नौ ठिकानों पर छापेमारी के दौरान ईडी ने मनी लांड्रिंग का साक्ष्य पाया है।

    ईडी ने उक्त अखबार के बैंक खाते में पड़े 5.25 करोड़ रुपये को भी फ्रीज करवा दिया है। ईडी ने जिन ठिकानों पर छापेमारी की है, उनमें अखबार ए मशरिक प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स क्रेयांस एडवरटाइजिंग व मेसर्स मशरिक मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय व टीएमसी सांस नदीमुल हक व अन्य के घर शामिल हैं।

    ईडी ने विद्यानगर पुलिस कमिश्नरेट के माध्यम से उक्त अखबार व अन्य के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की थी। दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगा था कि कंपनी अपने अखबार व इंटरनेट मीडिया, डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से सांप्रदायिक अशांति फैलाने वाली सामग्री प्रकाशित व प्रसारित कर रही थी। उसके खाते में अवैध लेन-देन के भी आरोप लगे थे।

    कई बैंक खातों में 60 करोड़ रुपये से ज्यादा नकद जमा होने के मिले सबूत
    ईडी की जांच में पता चला कि उक्त अखबार के कर्नाटक बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, आइसीआइसीआइ बैंक व जम्मू एंड कश्मीर बैंक में कई खाते थे। उन खातों में करीब 60 करोड़ रुपये से ज्यादा नकदी जमा होने के सबूत मिले हैं।

    कर्नाटक बैंक में मौजूद तीन खातों में लगभग 5.60 करोड़ रुपये नकद जमा किए गए थे। बाद में कंपनी ने उसे बंद करवा दिया था। खातों की जांच में यह भी पता चला है कि संदिग्ध स्रोतों से बिटक्वाइन खरीदने के लेनदेन भी किए गए थे। इसका कोई स्पष्ट व्यवसायिक कारण नहीं मिला है।

    असल संख्या से ज्यादा बताई गई थी प्रकाशित प्रतियों की संख्या
    ईडी ने जांच में पाया है कि उक्त उर्दू अखबार की छपी हुई प्रतियों की संख्या को असल संख्या से ज्यादा बताया गया था, ताकि अपने सर्कुलेशन के आंकड़ों को गलत तरीके से प्रस्तुत कर ज्यादा विज्ञापन राजस्व हासिल किया जा सके।

    ईडी ने जब छापेमारी की तो मौके से कई आपत्तिजनक दस्तावेज व डिजिटल डिवाइस मिले हैं। इन सबूतों में मोबाइल, लैपटाप, हार्ड ड्राइव जब्त किए गए हैं।

  • राजस्थान में बढ़ा एवोकाडो का क्रेज, 12 जिलों में शुरू हुई खेती; 500 रुपये किलो तक भाव

    राजस्थान में बढ़ा एवोकाडो का क्रेज, 12 जिलों में शुरू हुई खेती; 500 रुपये किलो तक भाव

    जयपुर
    राजस्थान में एवोकाडो की खेती की शुरुआत हो रही है। राज्य में कृषि विभाग की आत्मा परियोजना के तहत उदयपुर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, राजसमन्द, प्रतापगढ़ एवं कोटा सहित करीब 12 जिलों में एवोकाडो की खेती शुरू की गई है। इसकी मांग साल दर साल बढ़ रही है। एवोकाडो को बटर फ्रूट भी कहा जाता है। इसमें हेल्दी फैट, विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं। हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है। इसका बाजार भाव 200 से 500 रुपए प्रति किलो तक होता है।

    उन्नत किस्में
    हैस किस्म सबसे अधिक मांग वाली किस्म है, फल का रंग पकने पर गहरा बैंगनी या काला हो जाता है। विश्व में सबसे ज्यादा मांग इस किस्म की है। फुएटै राजस्थान के लिए उपयुक्त है। पिंकर्टन किस्म 46 डिग्री सेल्सियस भी सहन कर लेती है। इसमें 18 प्रतिशत ऑयल होता है। अर्का सुप्रीम एवं अर्का कुर्ग रवि ये आइसीएआर-आइआइएचआर की किस्मे हैं। आदर्श तापमान 20-30 डिग्री हैं। ये 45 डिग्री तापमान भी सहन कर लेती। दस अनुपात एक फीमेल और मेल पौधे लगाएं। (10 प्रतिशत) पोलीनेटर लगाएं।

    खेती की तैयारी-सिंचाई
    इसके पौधे बीज एवं ग्राटिंग दोनों से तैयार किए जाते हैं। बीज से उगाने पर ताजे पके हुए एवोकाडो का उपयोग करें। इसकी बुवाई मानसून के दौरान कर सकते हैं। एक बार लगाने के बाद 40 साल तक उत्पादन देते हैं।

    भूमि तैयारी
    खेत की 2 से 3 बार कल्टीवेटर से जुताई करें। फिर पाटा चलाकर खेत को समतल करें। उठी हुई क्यारियां बनाएं।

    खेती में सही पौध संख्या
    दूरी रखना जरूरी है, क्योंकि इससे पौधों को पर्याप्त धूप, हवा और पोषण मिलता है। पौधे से पौधे की दूरी 3.5 मीटर एवं लाइन से लाइन की दूरी 7 मीटर रखें।

    जलवायु-मिट्टी
    एवोकाडो एक उष्णकटिबंधीय फल है इसके लिए 20 से 30 डिग्री तापमान मध्यम गर्म और नमी वाला मौसम उपयुक्त रहता है। किस्म के हिसाब से इसकी खेती सभी राज्यों में कर सकते हैं। दोमट या बलुई दोमट मिट्टी सबसे अच्छी रहती है जिसका पी.एच. 6 से 7.5 के बीच हो। खेत में पानी बिल्कुल जमा नहीं हो।

    खाद-उर्वरक
    मिट्टी की जांच करवाएं फिर उसके अनुसार उर्वरकों का प्रयोग करें। सामान्यतः 20 किलो एफ. वाई. एम. एवं 100:50:50 ग्राम एनपीके प्रति वर्ष दें। उठी हुई क्यारियां बनाकर पौधे लगाएं, इससे खरपतवार प्रबंध हो जाता है। ड्रिप से पानी देना भी आसान रहता है। पौधे लगाने से पहले ड्रिप लगा दें। पहले 6 महीने पौधों की विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है।

    एक पेड़ से 30-50 किलो तक उत्पादन
    थ्रिप्स-माइट्स के नियंत्रण के लिए नीम तेल 5 मिली प्रति लीटर पानी में मिला कर छिड़कें। जड़-सड़न होने पर ट्राइकोडर्मा या जैविक फफूंदनाशक का उपयोग करें। ग्राफ्टेड पौधे जल्दी उत्पादन देते हैं। एक पेड़ 30 से 50 किलो तक उत्पादन देता है। उत्पादन 3 साल बाद लें। फल गहरा हरा हो जाए तब तोड़ें। पत्ते-गुठलियां भी उपयोगी हैं।
    सुनील कुमार खोईवाल, कृषि अधिकारी, चित्तौड़गढ़

  • जल संरक्षण और हर घर तक स्वच्छ पेयजल हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

    जल संरक्षण और हर घर तक स्वच्छ पेयजल हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर 

    जल संरक्षण केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा विषय है। प्रदेश में जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण हो और प्रत्येक परिवार को स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिले, इस लक्ष्य के साथ राज्य सरकार जल संचय और जल जीवन मिशन के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जल संसाधन विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।

    मुख्यमंत्री  साय ने जल संचय जन भागीदारी अभियान की जिलेवार प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग हो और निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के साथ भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक जल सुरक्षा की दिशा में काम किया जाए।

    जनभागीदारी से मजबूत होगा जल संरक्षण अभियान

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जल संरक्षण को केवल शासकीय कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाया जाना चाहिए। वर्ष 2025-26 में प्रदेश के अनेक जिलों ने जल संचय जन भागीदारी अभियान के अंतर्गत उल्लेखनीय कार्य किए हैं। अब सभी जिलों को अपने निर्धारित लक्ष्य से आगे बढ़कर बेहतर परिणाम के लिए प्रयास करना होगा।

    मुख्यमंत्री ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से अभियान की जिलेवार प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कोरिया, धमतरी राजनांदगांव सहित अन्य जिलों में जल संरक्षण की दिशा में किए गए कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों के अनुभव और कार्यप्रणाली का लाभ अन्य जिलों को भी मिलना चाहिए, ताकि पूरे प्रदेश में जल संरक्षण के प्रयासों को समान गति मिल सके।

    जल संसाधन विभाग के सचिव  राजेश कुमार टोप्पो ने बैठक में बताया कि जल संचय जन भागीदारी अभियान में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों को इस वर्ष निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने के साथ उससे बेहतर प्रदर्शन के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

    छत्तीसगढ़ के जल संरक्षण मॉडल को राष्ट्रीय मंच पर मिली पहचान

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के प्रयास तभी दीर्घकालिक परिणाम देंगे, जब शासन के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। जनभागीदारी की इसी शक्ति के माध्यम से छत्तीसगढ़ को जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थायी रूप से स्थापित करना है।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल संचय जन भागीदारी अभियान के अंतर्गत सभी जिलों के नोटिफाइड नक्शे तैयार करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। अभियान की मुख्य सचिव स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में जल संरक्षण से जुड़े कार्यों की सतत मॉनिटरिंग की जाए तथा जहां भी कमियां सामने आएं, उन्हें तत्काल दूर किया जाए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो और सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे हों।

    हर घर तक नल से स्वच्छ जल पहुंचाना हमारा लक्ष्य

    मुख्यमंत्री  साय ने बैठक में जल जीवन मिशन की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। प्रदेश के प्रत्येक घर तक पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जल जीवन मिशन के शेष कार्यों को मिशन मोड में आगे बढ़ाया जाए। सभी कलेक्टर अपने-अपने जिलों में इसकी नियमित समीक्षा करें और जहां भी प्रशासनिक, तकनीकी अथवा क्रियान्वयन संबंधी बाधाएं आ रही हैं, उनका तत्काल समाधान करते हुए कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराएं।
    उन्होंने कहा कि केवल अधोसंरचना निर्माण ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि योजनाओं का वास्तविक लाभ परिवारों तक पहुंचे और लोगों को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो। इसके लिए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्य किया जाए।

    पूर्ण कार्यों के भुगतान में न हो अनावश्यक विलंब

    मुख्यमंत्री  साय ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों के भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन कार्यों को निर्धारित मापदंड और गुणवत्ता के अनुरूप पूर्ण किया जा चुका है, उनका भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए।

    उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर मिशन की नियमित समीक्षा करते हुए प्रेजेंटेशन में सामने आई कमियों और समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए। योजना से जुड़े सभी पक्षों के बीच बेहतर समन्वय से शेष कार्यों को गति दी जाए।

    हर जिले की प्राथमिकता बने जल सुरक्षा

    मुख्यमंत्री  साय ने सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया कि वे अपने जिलों में जल संरक्षण और हर घर तक नल से पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। स्थानीय परिस्थितियों और जल उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए तथा जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित किया जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संचय जन भागीदारी अभियान और जल जीवन मिशन सीधे आम नागरिकों के जीवन से जुड़े हैं। इन प्रयासों के प्रभावी क्रियान्वयन से जहां वर्तमान में लोगों को बेहतर पेयजल सुविधा मिलेगी, वहीं भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा की मजबूत नींव भी तैयार होगी।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के पास जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत करने का अवसर है। इसके लिए शासन-प्रशासन के साथ जनभागीदारी को और मजबूत करते हुए प्रत्येक जिले को अपनी पूरी क्षमता से कार्य करना होगा। हमारा लक्ष्य ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना है, जहां जल का बेहतर संरक्षण हो, जल स्रोत सुरक्षित और समृद्ध हों तथा प्रत्येक परिवार को पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल सहज रूप से उपलब्ध हो।

    बैठक में मुख्य सचिव  विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव  पी. दयानंद, जल संसाधन विभाग के सचिव  आर. एस. टोप्पो, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव  अब्दुल कैसर हक, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव  रजत बंसल, संयुक्त सचिव  प्रभात मलिक सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • सीतापुर में मिड-डे मील का राशन न पहुंचाने पर परिवहन ठेकेदार पर एफआईआर के निर्देश

    सीतापुर में मिड-डे मील का राशन न पहुंचाने पर परिवहन ठेकेदार पर एफआईआर के निर्देश

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने सरकारी खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में लापरवाही के खिलाफ एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। सीतापुर में सिंगल स्टेज परिवहन व्यवस्था के तहत मिड-डे मील का राशन संबंधित उचित दर विक्रेताओं (कोटेदारों) तक नहीं पहुंचाए जाने के मामले में खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी सीतापुर को संबंधित परिवहन ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और संबंधित फर्म को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए हैं।

    लापरवाही करने वाले अधिकारियों की भी जिम्मेदारी होगी तय

    सरकार ने कार्रवाई का दायरा केवल परिवहन ठेकेदार तक सीमित नहीं रखा है। पूरे प्रकरण में पर्यवेक्षण और अनुश्रवण के स्तर पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की भी जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच में जिसकी भी लापरवाही सामने आए, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इससे साफ है कि योगी सरकार सरकारी योजनाओं में किसी भी स्तर की लापरवाही को लेकर जवाबदेही तय करने में पीछे नहीं हट रही है।

    प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश

    सिंगल स्टेज परिवहन व्यवस्था की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि खाद्यान्न वितरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए नियमित अनुश्रवण और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। योगी सरकार की प्राथमिकता खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाना है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ निर्धारित समय पर पात्र लाभार्थियों तक निर्बाध रूप से पहुंच सके।

    जनता और बच्चों के हक के राशन से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा

    मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप भ्रष्टाचार, लापरवाही अथवा शासकीय खाद्यान्न वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता और बच्चों के हक के राशन में गड़बड़ी अत्यंत गंभीर विषय है। खाद्यान्न को निर्धारित स्थान तक समय से पहुंचाना संबंधित एजेंसी और अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इसमें लापरवाही करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जिम्मेदारी तय होगी और दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।