Author: Admin

  • बिहार में फिर पुल हादसा, निर्माणाधीन स्ट्रक्चर गिरने से 7 मजदूर घायल

    बिहार में फिर पुल हादसा, निर्माणाधीन स्ट्रक्चर गिरने से 7 मजदूर घायल

    पटना
    बिहार में एक और पुल हादसा हो गया है। वैशाली जिले के लालगंज में जलालपुर गांव में निर्माणाधीन पुल का स्ट्रक्चर गुरुवार को अचानक गिर गया। हादसे में 7 लोग घायल हो गए। सभी घायल मजदूर बताए जा रहे हैं। यह हादसा भारतमाला परियोजना के तहत सोनपुर से केसरिया के बीच बन रहे सिक्स लेन बुद्ध सर्किट हाईवे पर हुआ। घायल मजदूरों को रेफरल अस्पताल ले जाया गया। वहां से गंभीर हालत में दो मरीजों को हाजीपुर रेफर किया गया है। हादसे की जांच के आदेश दिए गए हैं।

    वैशाली जिला प्रशासन ने बयान जारी कर कहा कि गुरुवार को निर्माणाधीन पुल के लॉन्चर को विस्थापित करने के दौरान यह हादसा हुआ। घटना के कारणों की जांच संबंधित अधिकारियों द्वारा की जा रही है। जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों का पालन करने और मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित एजेंसी को जरूरी निर्देश दिए जा रहे हैं।

    मौके पर अफरातफरी और मची चीख-पुकार
    पुल का स्ट्रक्चर गिरने पर मौके पर चीख-पुकार और अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही लालगंज प्रखंड और वैशाली जिले के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। मौके पर हालात का जायजा लेकर तुरंत बचाव कार्य शुरू किया गया। सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

    घायलों में पांच बिहार के
    घायलों में 5 मजदूर बिहार के हैं, जबकि एक-एक पंजाब और ओडिशा के हैं। घायलों की पहचान बेगूसराय निवासी रंजन कुमार, पटना निवासी राम भरोसे साह, पातेपुर (वैशाली) निवासी अली इमाम, पटना निवासी प्रमोद चौधरी, मुजफ्फरपुर निवासी संदीप कुमार, पंजाब निवासी गुलशन और ओडिशा निवासी संजीव कुमार के रूप में हुई है। राम भरोसे साह और प्रमोद चौधरी की हालत गंभीर होने के चलते उन्हें हाजीपुर रेफर किया गया है। अन्य घायलों का लालगंज अस्पताल में इलाज चल रहा है।

    डीएम मौके पर पहुंचीं
    वैशाली की डीएम वर्षा सिंह भी मौके पर पहुंचीं और घटना की जानकारी ली। इसके बाद हाजीपुर सदर अस्पताल पहुंचकर उन्होंने चिकित्सकों को समुचित इलाज के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

    तेजस्वी यादव ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए
    बिहार के नेता प्रतिपक्ष एवं राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने पुल हादसे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, "घटिया निर्माण सामग्री, खराब गुणवत्ता, मानकों की अनदेखी जांच में अनियमितता और एनडीए नेताओं का भ्रष्टाचारी किरदार ही निरंतर गिरते पुलों का मुख्य कारण है। उम्मीद के मुताबिक़ भ्रष्ट एनडीए सरकार फिर अपने भ्रष्टाचार की लीपापोती करेगी।"

  • 13 साल बाद ईस्ट जोन ने जीती दलीप ट्रॉफी, 100वें फर्स्ट क्लास मैच में शमी का खास जश्न

    13 साल बाद ईस्ट जोन ने जीती दलीप ट्रॉफी, 100वें फर्स्ट क्लास मैच में शमी का खास जश्न

    ईस्ट जोन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 साल बाद दलीप ट्रॉफी जीती. चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में आयोजित खिताबी मुकाबले में ईस्ट जोन ने पहली पारी की बढ़त के आधार पर साउथ जोन को मात दी. यह मुकाबला ईस्ट जोन के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के लिए बेहद खास रहा. शमी का ये 100वां फर्स्ट क्लास मैच था, जिसे इस खिताबी जीत ने और यादगार बना दिया.

    10 सितंबर (गुरुवार) को मुकाबले की समाप्ति के बाद उस समय भावुक पल देखने को मिला, जब 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने ईस्ट जोन की ओर से मोहम्मद शमी को खास तोहफा देकर उनके 100वें फर्स्ट क्लास मैच की उपलब्धि का सम्मान किया. वैभव ने शमी को एक जर्सी भेंट की, जिसमें ईस्ट जोन के खिलाड़ियों के साइन थे. इस पल ने अनुभवी तेज गेंदबाज को इमोशनल कर दिया.

    मोहम्मद शमी ने 'बेबी बॉस' की जमकर तारीफ की और बताया कि इतने कम उम्र के इस बल्लेबाज ने ईस्ट जोन के ड्रेसिंग रूम में किस तरह अपनी छाप छोड़ी. शमी के मुताबिक वैभव सूर्यवंशी में कम उम्र के बावजूद चीजों को समझने और सीखने की गजब क्षमता है. वैभव के साथ बिताए समय को याद करते हुए शमी ने कहा कि उन्होंने इस युवा बल्लेबाज की मौजूदगी का खूब आनंद लिया.

    वैभव में युवाओं वाली मासूमियत: शमी
    उन्होंने कहा, 'हमारी टीम का बच्चा वैभव सूर्यवंशी लगभग मेरी क्रिकेट जर्नी जितना पुराना है. उसमें युवाओं वाली मासूमियत है, उसे मजाक करना पसंद है और वह चीजों को बहुत जल्दी सीखता है.' शमी ने यह भी माना कि आज के युवा क्रिकेटरों को पहले के मुकाबले कम उम्र में ही बड़े मंच का अनुभव मिल जाता है. आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) और दूसरे हाई-प्रेशर टूर्नामेंट में खेलने से उनके अंदर मैच की परिस्थितियों को समझने की क्षमता जल्दी विकसित हो रही है.

    मोहम्मद शमी का मानना है कि मौजूदा दौर के युवा खिलाड़ियों को हर चीज सिखाने के बजाय सही समय पर अच्छी सलाह देना ज्यादा जरूरी है. उन्होंने कहा कि जब मुकाबला दबाव वाला हो जाता है और परिस्थितियां मुश्किल होती हैं, तब अनुभवी खिलाड़ी अपनी रणनीतिक सलाह से युवा क्रिकेटरों की मदद कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि मैदान पर संघर्ष के दौरान खिलाड़ियों को लड़ते रहने और अपना ध्यान बनाए रखने की याद दिलाना जरूरी होता है. बाकी मौकों पर युवा खिलाड़ियों को अपने खेल और फैसलों पर भरोसा करना चाहिए.

    शमी का कैसा रहा फाइनल में प्रदर्शन?
    फाइनल में मोहम्मद शमी ने दो अहम विकेट हासिल किए. उन्होंने रविचंद्रन स्मरण और शेख रशीद को आउट कर ईस्ट जोन की जीत में योगदान दिया. शमी ने कहा कि 100वें मैच में जीत हासिल करना उनके लिए खास संतोष का पल है. उन्होंने अपनी टीम के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा कि खिलाड़ियों ने गर्मी और मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद पूरे अभियान में अपना सब कुछ झोंक दिया.

    मोहम्मद शमी ने अपने क्रिकेट करियर को लेकर भी स्पष्ट संदेश दिया. उनका कहना है कि खिलाड़ी की मेहनत और रवैये में फर्क नहीं आना चाहिए. शमी का मानना है कि जब कोई खिलाड़ी टीम की जर्सी पहनता है तो उसके अंदर टीम के लिए कुछ करने और मुकाबला लड़ने की भूख होनी चाहिए. उनके मुताबिक मैदान पर मिलने वाले हर मौके को जिम्मेदारी के साथ भुनाना ही सबसे अहम है.

  • BRICS Summit: दिल्ली में कड़ा पहरा, 15 हजार पुलिसकर्मी तैनात; 35 से ज्यादा सड़कें प्रभावित

    BRICS Summit: दिल्ली में कड़ा पहरा, 15 हजार पुलिसकर्मी तैनात; 35 से ज्यादा सड़कें प्रभावित

    नई दिल्ली
     राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार से शुरू हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस के 15,000 जवानों और अर्ध सैनिक बलों की 200 कंपनी तैनात की गई हैं। दिल्ली के भारत मंडपम में शनिवार से 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन शुरू होने जा रहा है। राष्ट्रीय राजधानी में चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए 500 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

    ब्रिक्स को लेकर दिल्ली में पहरा
    दिल्ली यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शिखर सम्मेलन के मद्देनजर पूरी दिल्ली बंद नहीं होगी लेकिन वीवीआईपी के काफिलों की आवाजाही के दौरान कुछ मार्गों पर अस्थायी रूप से ट्रैफिक को रोका जा सकता है। कुछ जगहों पर रूट डायवर्जन किया जा सकता है और कुछ रास्तों पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

    VVIP मूवमेंट को लेकर खास तैयारी
    अधिकारियों के अनुसार जहां सुरक्षा व्यवस्था अनुमति देगी, वहां यातायात सामान्य रूप से जारी रहेगा। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के काफिले के गुजरने के दौरान आम वाहनों पर लगने वाली रोक की कोई निश्चित अवधि नहीं होगी। सुरक्षा स्थिति और परिस्थितियों के आधार पर वाहनों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि व्यवस्था इस तरह की गई है कि विदेशी मेहमानों की कड़ी से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था हो और आम जनता को कम से कम परेशानी हो।

    ट्रैफिक एडवाइजरी देखकर ही घर से निकलें
    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमने इसे ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए हैं कि आम लोगों को कम से कम असुविधा हो। यातायात व्यवस्था को लेकर पहले ही एडवाइजरी जारी की जा चुकी है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शिखर सम्मेलन में भाग के लिए शुक्रवार सुबह दिल्ली पहुंच गए। वहीं चीन ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सम्मेलन में शामिल होने की पुष्टि की है। यह सात साल के अंतराल के बाद भारत की उनकी पहली यात्रा होगी।

    दुनियाभर के राष्ट्राध्यक्ष दिल्ली में
    सम्मेलन में शामिल होने वाले अन्य प्रमुख नेताओं में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, अबू धाबी के शहजादे मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख आदि शामिल हैं। दिल्ली पुलिस ने आवाजाही के लिए चिह्नित मार्गों का व्यापक निरीक्षण किया है। कई सरकारी एजेंसियों और पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों के साथ समन्वय संबंधी बैठकें भी की गई हैं।

    सुरक्षा ऐसी, परिंदा भी न मार सके पर
    सुरक्षा व्यवस्था हवाई अड्डे, विदेशी नेताओं को ठहराए जाने वाले होटलों, भारत मंडपम और उन अन्य स्थानों तक रहेगी जहां ये विदेशी मेहमान जाएंगे। नई दिल्ली इलाके में 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों के अलावा चेहरे की पहचान करने वाली प्रणाली और वाहनों की नंबर प्लेट पहचानने वाले कैमरे भी शामिल हैं। इन कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। सम्मेलन स्थल और विदेशी मेहमानों को ठहराए जाने वाले होटलों में प्रवेश नियंत्रण, पहचान सत्यापन, खुफिया जानकारी जुटाने, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है।

    इन रास्तों से बचकर
    यातायात पुलिस के अनुसार शिखर सम्मेलन के दौरान 35 से अधिक सड़कें प्रभावित हो सकती हैं। इनमें प्रमुख रूप से मथुरा रोड, सरदार पटेल मार्ग, शांति पथ, जनपथ, अशोका रोड ,बाराखंभा रोड ,टॉल्स्टॉय मार्ग ,अफ्रीका एवेन्यू रोड, नीति मार्ग, पंचशील मार्ग, एपीजे अब्दुल कलाम रोड शामिल हैं। साकेत स्थित होटल से मध्य दिल्ली के बीच मिस्र के प्रतिनिधिमंडल की आवाजाही के कारण दक्षिणी दिल्ली की सड़कों पर खासकर व्यस्त समय में यातायात का दबाव और बढ़ सकता है।

    हाई-सिक्योरिटी मूवमेंट को लेकर बड़ी तैयारी
    अधिकारियों ने बताया कि सम्मेलन के बड़े स्तर को देखते हुए हर दिन कई बार ‘हाई-सिक्योरिटी मूवमेंट’ होंगे। किसी विदेशी नेता को हवाई अड्डे से होटल, होटल से सम्मेलन स्थल और वहां से द्विपक्षीय बैठकों या अन्य कार्यक्रमों में ले जाने के दौरान एक दिन में पूरे शहर में करीब 70-80 या उससे अधिक ‘हाई-सिक्योरिटी मूवमेंट’ हो सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, हर वीवीआईपी अवागमन के लिए अलग से यातायात नियंत्रण, रास्तों पर प्रवेश प्रतिबंध और मार्ग परिवर्तन में समन्वय करना पड़ता है और इसी वजह से आम लोगों और यात्रियों पर इसका असर सामान्य वीआईपी दौरे की तुलना में काफी अधिक हो सकता है।

  • हम अपने घर जाना चाहते हैं…’ PAK में जबरन धर्म परिवर्तन-निकाह का आरोप, अदालत के बाहर रोती रहीं दो हिंदू बहनें

    हम अपने घर जाना चाहते हैं…’ PAK में जबरन धर्म परिवर्तन-निकाह का आरोप, अदालत के बाहर रोती रहीं दो हिंदू बहनें

    सिंध प्रांत
    पाकिस्तान के सिंध प्रांत से सामने आई दो नाबालिग हिंदू बहनों की गुहार आपको झकझोरकर रख देगी. रोते-सिसकते उनकी बस एक ही मांग थी, कि उन्हें अपने माता-पिता के पास घर भेज दिया जाए. लेकिन कोर्ट ने उन्हें परिवार के साथ भेजने के बजाय दो दिनों के लिए सेफ हाउस भेजने का आदेश दे दिया। 

    मामला तंदो अल्लाहयार के जिला कोर्ट का है, जहां सुनावाई के बाद दोनों बहनें रोती बिलखती नजर आईं. दोनों बहनों की पहचान सीता और रूपी के तौर पर बताई जा रही है. जानकारी के मुताबिक उनकी उम्र करीब 13 और 14 साल है। 

    परिवार का आरोप है कि दोनों को पहले अगवा किया गया, फिर धर्म परिवर्तन कराया गया और मुस्लिम युवकों से जबरन उनकी शादी करा दी गई. हालांकि अभी कर किसी सार्वजनिक पुलिस या कोर्ट दस्तावेजों से बच्चियों की उम्र और दावे की पुष्टि नहीं हुई है। 

    कोर्ट के बाहर रोती रहीं बच्चियां
    दोनों बहनों को तंदो अल्लाहयार की अदालत में पिछले हफ्ते दर्ज हुए किडनैपिंग के मामले में पेश किया गया था. सुनवाई के बाद बच्चियों ने अपने परिवार के पास जाने की इच्छा जताई.वहां मौजूद पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे लगातार रो रही थीं और घर जाने की बात कह रही थीं। 

    अदालत ने फिलहाल दोनों को दो दिन के लिए सेफ हाउस भेज दिया. कुछ अल्पसंख्यक अधिकारों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि बच्चियों की बात सीधे सुनी जाए और उन्हें स्वतंत्र कानूनी और मनोवैज्ञानिक मदद दी जाए। 

    10 दिन में 6 नाबालिग लड़कियों के दावे से चिंता बढ़ी
    यह मामला इसलिए भी और है क्योंकि एक दिन बाद तंदो अल्लाहयार से 14 साल की एक और हिंदू लड़की पांसी कोहली के अपहरण की खबर सामने आई थी.  एक पाकिस्तानी पत्रकार के मुताबिक, 10 दिनों के अंदर जिले में छह नाबालिग हिंदू लड़कियों के अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन के मामले सामने आ चुके हैं।  

    सिंध पाकिस्तान में सबसे ज्यादा हिंदू आबादी वाला इलाका है. यहां हिंदू लड़कियों के अपहरण, धर्म परिवर्तन और मुस्लिम युवकों से शादी के आरोप पहले भी सामने आते रहे हैं. खास तौर पर गरीब और कमजोर परिवारों की बेटियां ज्यादा असुरक्षित मानी जा रही हैं। 

    कानून की नजर में नाबालिग, फिर शादी कैसे?
    अगर दोनों बहनों की उम्र 13 और 14 साल होने की पुष्टि होती है, तो सिंध के कानून के मुताबिक वे नाबालिग मानी जाएंगी. सिंध में शादी की न्यूनतम उम्र 18 साल है. यानी उम्र की पुष्टि होने पर 18 साल से कम उम्र में हुई शादी कानून के खिलाफ होगी. अब इस मामले में यह देखना अहम होगा कि बच्चियों की उम्र और उनकी इच्छा को लेकर कोर्ट क्या फैसला सुनाती है। 

    कब थमेगा डर का ये सिलसिला?
    यह कहानी दो बहनों के साथ पाकिस्तान में रहने वाले उन हजारों अल्पसंख्यक परिवारों की भी है, जो हर दिन अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर डर के साये में जीते हैं। 

    लगातार नाबालिग लड़कियों के अपहरण, जबरन शादी और धर्म परिवर्तन के मामलों से पाकिस्तान की न्यायिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर अब सवाल उठ रहे हैं. अब नजर इस बात पर है कि आखिर इन बच्चियों को न्याय मिलेगा, या हजारों बच्चियों की तरह वो भी अदालती सुनवाई का हिस्सा बन कर रह जाएंगी। 

  • फरीदकोट में CIA स्टाफ की बड़ी कार्रवाई, 12 किलो से अधिक हेरोइन बरामद; दो आरोपी गिरफ्तार

    फरीदकोट में CIA स्टाफ की बड़ी कार्रवाई, 12 किलो से अधिक हेरोइन बरामद; दो आरोपी गिरफ्तार

    फरीदकोट 

    फरीदकोट में सीआईए स्टाफ ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 12 किलो 221 ग्राम हेरोइन के साथ बाइक सवार दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गांव करमूंवाला, जिला तरनतारन निवासी सुदागर सिंह उर्फ घुल्ला और कवलजीत खान उर्फ कम्मू के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ थाना सदर फरीदकोट में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। 

    गांव चंदबाजा के पास पुलिस ने की थी नाकाबंदी
    पुलिस के अनुसार, एसएसपी गुरबंस सिंह बैंस के दिशा-निर्देशों पर सीआईए स्टाफ प्रभारी एसआई हाकम सिंह के नेतृत्व में पुलिस पार्टी ने गरुवार रात अमृतसर-बठिंडा नेशनल हाईवे-54 पर गांव चंदबाजा के पास नाकाबंदी की हुई थी।  

    इस दौरान तलवंडी की तरफ से तेज रफ्तार बाइक पर आए दोनों युवकों ने पुलिस को देखकर बाइक पीछे मोड़कर भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें काबू कर लिया। तलाशी के दौरान कवलजीत खान के कंधे पर लटके किट बैग से छह पैकेट हेरोइन बरामद हुई। मौके पर पहुंचे डीएसपी (डी) अवतार सिंह राजपाल की निगरानी में कार्रवाई की गई। पुलिस ने हेरोइन और बाइक कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। 

  • महासमुंद में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, ओवर रेट शराब बिक्री पर तीन अफसर निलंबित

    महासमुंद में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, ओवर रेट शराब बिक्री पर तीन अफसर निलंबित

    रायपुर.

    प्रदेश में शराब की निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री और अवैध शराब निर्माण के खिलाफ आबकारी विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की जांच में महासमुंद जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान तुमा डबरी (बेमचा) में निर्धारित कीमत से अधिक दर पर शराब बेचने की पुष्टि होने के बाद आबकारी उप निरीक्षक नितेश सिंह बैस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

    वहीं कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण से जुड़ी सामग्री की बड़ी बरामदगी के मामले में आबकारी उप निरीक्षक रानू मरकाम और जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय के प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी मधुकर श्याम हरित के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई है।

    190 रुपए की शराब 200 रुपए में बेची
    राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की टीम ने 07 सितंबर 2026 को महासमुंद जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान तुमा डबरी (बेमचा) में आकस्मिक निरीक्षण किया। छद्मक्रेता के माध्यम से कराए गए सत्यापन में दुकान में कार्यरत विक्रयकर्ता क्रमांक 01 दिनेश्वर ध्रुव द्वारा विदेशी मदिरा बैगपाईपर व्हिस्की का 01 नग पाव शासन द्वारा निर्धारित विक्रय दर 190 रुपये के स्थान पर 200 रुपये में बेचना पाया गया। इसके बाद पुनः खरीद परीक्षण में विक्रयकर्ता क्रमांक 02 गुलाब डहरीया द्वारा भी यही मदिरा 190 रुपये के स्थान पर 200 रुपये में बेची गई। इस तरह 02 नग पाव की खरीद में निर्धारित 380 रुपये के स्थान पर 400 रुपये वसूल किए गए यानी दोनों विक्रयकर्ताओं द्वारा कुल 20 रुपये अधिक लिए गए। मामले में दोनों विक्रयकर्ताओं के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 39 (ग) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।

    प्रभार क्षेत्र में अनियमितता पर नितेश सिंह बैस निलंबित
    विभाग ने इस मामले को संबंधित प्रभार क्षेत्र में प्रभावी निगरानी के अभाव और शिथिल नियंत्रण का गंभीर मामला माना। इसके बाद नितेश सिंह बैस आबकारी उप निरीक्षक, मदिरा दुकान प्रभारी एवं वृत्त प्रभारी महासमुंद को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 (1) के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय उपायुक्त आबकारी, संभागीय उड़नदस्ता दुर्ग संभाग, दुर्ग (छग) निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

    कांकेर में अवैध शराब निर्माण की बड़ी तैयारी का खुलासा
    इधर, जिला उत्तर बस्तर कांकेर के भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बसंत नगर (नारायणपुर) में पुलिस की छापामार कार्रवाई में एक सूने/बंद किराए के मकान से अवैध मदिरा निर्माण से संबंधित बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की गई। कार्रवाई में 4409 नग खाली शराब की बोतल/पौवा, 105 पत्ता स्टीकर एवं होलोग्राम तथा 3380 ढक्कन सहित अन्य सामग्री जब्त की गई है। जब्त सामग्री में 30 नग पौवा जम्मू स्पेशल व्हिस्की भरी हुई, कुल 5.400 लीटर, कीमत 3600 रुपये भी शामिल है। इसके अलावा विभिन्न ब्रांडों के स्टीकर एवं होलोग्राम की कीमत 59,645 रुपये बताई गई है। कुल खाली बोतल/पौवा की संख्या 4409 नग है, जिसकी कीमत 22,045 रुपये बताई गई है। वहीं विभिन्न प्रकार के कुल 3380 नग ढक्कन भी बरामद किए गए हैं।

    रानू मरकाम और मधुकर श्याम हरित पर भी गिरी गाज
    यह प्रकरण रानू मरकाम, आबकारी उप निरीक्षक, मदिरा दुकान प्रभारी एवं वृत्त प्रभारी भानुप्रतापपुर के प्रभार क्षेत्र में आता है। उनके क्षेत्र में इतनी गंभीर अनियमितता पाए जाने को कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता एवं शिथिल नियंत्रण का परिचायक मानते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 (1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय जिला आबकारी अधिकारी, कांकेर रहेगा तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। इसी मामले में मधुकर श्याम हरित, सहायक जिला आबकारी अधिकारी एवं प्रभारी, जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय, जिला उत्तर बस्तर कांकेर के विरुद्ध भी प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही, कर्तव्य के प्रति उदासीनता तथा प्रभावी पर्यवेक्षण एवं सतत निगरानी के अभाव को देखते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है। उनका निलंबन मुख्यालय कार्यालय आबकारी आयुक्त, छत्तीसगढ़, नवा रायपुर अटल नगर निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

    अन्य अधिकारियों से मांगा गया जवाब
    महासमुंद के इसी अधिक दर पर बिक्री वाले मामले में विभाग ने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की है। दीपक ठाकुर, सहायक जिला आबकारी अधिकारी तथा अजय कुमार पाण्डेय, सहायक जिला आबकारी अधिकारी को कारण बताओ सूचना जारी कर 07 दिवस के भीतर समाधानकारक उत्तर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

    मदिरा दुकानों की निगरानी और सख्त होगी
    विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि प्रदेश में मदिरा की निर्धारित विक्रय दर से अधिक वसूली, अवैध शराब निर्माण तथा निगरानी में लापरवाही को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता और मैदानी अमले की कार्रवाई के माध्यम से मदिरा दुकानों की जांच और निगरानी को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

  • देशभर में बैंककर्मियों की हड़ताल, 5-डे वर्किंग की मांग पर अड़े कर्मचारी

    देशभर में बैंककर्मियों की हड़ताल, 5-डे वर्किंग की मांग पर अड़े कर्मचारी

    भोपाल / नईदिल्ली 

    SBI, PNB और यूनियन बैंक सहित देशभर के सरकारी और कुछ निजी बैंक आज से लगातार तीन दिन बंद रहेंगे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने 2 साल से अटकी 5-डे वर्किंग की मांग को लेकर शुक्रवार को एक दिन की हड़ताल का ऐलान किया है।

    इसके बाद 12 सितंबर को महीने का दूसरा शनिवार और 13 सितंबर को रविवार होने के कारण बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। अगर सरकार और बैंक मैनेजमेंट ने मांगें नहीं मानीं, तो 26 अक्टूबर से देशभर के बैंकों में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो जाएगी।

    बैंकों ने अपने ग्राहकों से कहा है कि हड़ताल की वजह से ब्रांच स्तर की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, इस दौरान UPI, मोबाइल बैंकिंग और ATM जैसी डिजिटल सेवाएं चालू रहेंगी।

    5-डे बैंकिंग पर 2 साल से अटकी मंजूरी
    UFBU का कहना है कि 8 मार्च 2024 को इंडियन बैंक्स एसोसिएशन यानी IBA के साथ 12वें द्विपक्षीय समझौते और 9वें जॉइंट नोट पर हस्ताक्षर हुए थे। इसमें 5-डे बैंकिंग लागू करने पर सहमति बनी थी। इसके तहत कर्मचारी सोमवार से शुक्रवार तक रोज 40 मिनट ज्यादा काम करेंगे।

    IBA ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देकर केंद्र सरकार के पास भेजा था, लेकिन दो साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी वित्त मंत्रालय से इसे मंजूरी नहीं मिली है।

    क्या है 5-डे बैंकिंग प्रस्ताव?
        वर्तमान में बैंकों में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी रहती है।
        नए प्रस्ताव के लागू होने पर हर शनिवार को छुट्टी रहेगी।
        इसके बदले सोमवार से शुक्रवार तक कामकाज का समय 40 मिनट प्रतिदिन बढ़ जाएगा।

    नई PLI स्कीम पर विवाद: सीनियर अफसरों को फायदा, निचले स्टाफ से भेदभाव

    यूनियनों ने वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग द्वारा जारी नई PLI गाइडलाइंस का विरोध किया है। यूनियनों का आरोप है कि यह स्कीम भेदभावपूर्ण है:

        स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारी: व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर 365 दिनों तक के बेसिक पे के बराबर PLI मिलेगा।
        वर्कमेन और स्केल I से III के कर्मचारी: इन्हें अधिकतम सिर्फ 15 दिनों का बेसिक पे + डीए ही मिलेगा।

    UFBU का तर्क है कि PLI पूरी तरह बैंक के ओवरऑल प्रदर्शन पर आधारित होना चाहिए और स्केल VII तक के सभी कर्मचारियों को एक समान दिनों का इंसेंटिव मिलना चाहिए। यह नया नियम IBA और यूनियनों के बीच हुए समझौते का उल्लंघन है।

    दिल्ली हाईकोर्ट और श्रम आयुक्त के पास पहुंचा मामला

    PLI स्कीम को लेकर विवाद अब मुख्य श्रम आयुक्त के समक्ष सुलह प्रक्रिया के तहत लंबित है। इसके अलावा इस मामले को दिल्ली हाईकोर्ट में भी चुनौती दी गई है। यूनियनों ने मांग की है कि द्विपक्षीय बातचीत के जरिए इंसेंटिव स्कीम में संशोधन किया जाए।

    पेंशन अपडेशन और OPS की भी मांग

        हड़ताल के मुख्य कारणों के अलावा बैंक यूनियनों ने कई पुरानी मांगों को भी फिर उठाया है:
        सभी पेंशनभोगियों के लिए पेंशन अपडेशन और सुधार।
        सभी रिटायर कर्मचारियों के लिए एक समान महंगाई भत्ता फार्मूला।
        NPS के तहत आने वाले कर्मचारियों को ऑल्ड पेंशन स्कीम में स्विच करने का विकल्प।

    शुक्रवार की हड़ताल के बाद शनिवार-रविवार की छुट्टी
    11 सितंबर को शुक्रवार है। इसके बाद 12 सितंबर शनिवार और 13 सितंबर रविवार है। ऐसे में कई जगह बैंकिंग सेवाओं पर असर लगातार तीन दिन तक रह सकता है।

    कुछ राज्यों में 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी की छुट्टी भी है। ऐसे में वहां कुछ ग्राहकों के लिए बैंक से जुड़ा काम चार दिन तक अटक सकता है। यानी जिस ग्राहक को शाखा में जाकर कोई जरूरी काम करना है, उसके लिए यह सामान्य तीन दिन की छुट्टी से ज्यादा बड़ी परेशानी बन सकती है।

    किन कामों पर सबसे ज्यादा असर?
    हड़ताल का सीधा असर बैंक शाखाओं में होने वाले काम पर पड़ सकता है। खासकर, कैश जमा करना, कैश निकालना, चेक से जुड़े काम या शाखा में दस्तावेज जमा करना। बैंक अधिकारियों या कर्मचारियों से आमने-सामने होने वाले काम।

    हालांकि डिजिटल बैंकिंग सेवाएं अलग तरीके से चलती हैं। इसलिए UPI, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग को शाखा की हड़ताल के बराबर नहीं समझना चाहिए। फिर भी किसी खास सेवा के लिए बैंक की अपनी व्यवस्था या तकनीकी स्थिति अलग हो सकती है।

    SBI ने ग्राहकों को क्या बताया?
    देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI ने ग्राहकों को हड़ताल के संभावित असर को लेकर जानकारी दी है। बैंक ने कहा है कि शाखाओं और कार्यालयों का सामान्य कामकाज बनाए रखने के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं, लेकिन हड़ताल के कारण काम प्रभावित हो सकता है।

    यानी SBI की शाखाएं पूरी तरह बंद होंगी ही, ऐसा जरूरी नहीं है। लेकिन कर्मचारियों की भागीदारी के हिसाब से कामकाज प्रभावित हो सकता है।

    बैंक कर्मचारी क्यों कर रहे हैं हड़ताल?
    बैंक यूनियनों की सबसे प्रमुख मांग 5 डे वर्किंग की है। अभी बैंकिंग क्षेत्र में सभी कार्यदिवसों की व्यवस्था पांच दिन वाली नहीं है। कर्मचारी संगठन लंबे समय से शनिवार और रविवार की छुट्टी के साथ सोमवार से शुक्रवार की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस मुद्दे पर काफी समय से बातचीत चल रही है, लेकिन अभी तक ठोस समाधान नहीं निकला।

  • उत्सव के रूप में मनाया जाये स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन अभियान और सेवा से संकल्प अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    उत्सव के रूप में मनाया जाये स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन अभियान और सेवा से संकल्प अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    उत्सव के रूप में मनाया जाये स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन अभियान और सेवा से संकल्प अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में चलाए जाएंगे दो अभियान
    स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन अभियान से प्रदेश के 50 लाख लोगों को मिलेगा लाभ
    सेवा से संकल्प अभियान के तहत 17 सितम्बर को शाम 7 बजे से पूरे प्रदेश में जलाये जायेंगे 58 लाख दीपक
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में बैठक कर दोनों अभियान के सुचारू संचालन के दिये निर्देश
    सबकी हो सहभागिता, जनप्रतिनिधियों और आमजन को जोड़ें

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर प्रदेश में दो महत्वपूर्ण अभियानों का शुभारंभ किया जायेगा। प्रदेश में स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना को जन-जन तक पहुंचाने और सेवा से संकल्प अभियान के रूप में जनसेवा को नये संकल्प के साथ पूरा करने के लिए यह अभियान संचालित किए जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन अभियान से प्रदेश के 50 लाख से अधिक ग्रामीण आबादी को उनकी सम्पत्ति की नि:शुल्क रजिस्ट्री कर राजस्व विभाग के माध्यम से दस्तावेज उपलब्ध कराये जायेंगे। वहीं, सेवा से संकल्प अभियान के तहत पहले दिन 17 सितम्बर को शाम 7 बजे पूरे प्रदेश में एक साथ 58 लाख आशीर्वाद के दीपक जलाएं जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह आमजन को सुविधा सम्पन्न बनाने और जनसेवा का बड़ा अभियान है। सभी कलेक्टर्स अपने-अपने जिलों में पूरी तैयारी के साथ दोनों ही अभियान को उत्सव के रूप में आयोजित करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान की सफलता के लिए जनप्रतिनिधिगण, समाज और आमजन को इनसे जोड़ा जाए। जन-जन तक अभियान की जानकारी पहुंचायें, इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये। अधिकाधिक युवाओं को अभियान से जोड़ने का प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ यादव गुरुवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी कमिश्नर्स और कलेक्टर्स को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स से कहा कि वे इन दोनों अभियान के लिए अगले दो दिन में माइक्रो प्लानिंग पूर्ण कर लें। जिले में स्वामित्व अभियान का नेतृत्व कलेक्टर स्वयं करें। जिला स्तर पर नोडल अधिकारी, जोनल अधिकारी और सेक्टर अधिकारी भी नियुक्त किए जाएं।

    बैठक में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला, अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव राजस्व डॉ. ई रमेश कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में प्रदेश के सभी कमिश्नर्स एवं कलेक्टर्स ने वीसी के जरिए सहभागिता की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि स्वामित्व अधिकार निष्पादन अभिलेख, पंजीयन अभियान के अंतर्गत प्रदेश स्तर पर लक्षित भूमि स्वामियों के अधिकार अभिलेखों का राज्य सरकार नि:शुल्क पंजीयन (रजिस्ट्री) कराने के अभियान का शुभारंभ करने जा रही है। इस अभियान में  प्रदेश भर के 41 हजार 568 गांवों के 68 लाख 47 हजार प्लॉट का सर्वे किया जा चुका है और 50 लाख से अधिक हितग्राहियों के नाम पर नि:शुल्क रजिस्ट्री कराई जाएगी। रजिस्ट्री के लिए पंचायत उपकर, अतिरिक्त स्टाम्प ड्यूटी छूट का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीसी के दौरान पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में चुने गए जिले – आगर-मालवा, बड़वानी, हरदा, अशोक नगर और रायसेन के कलेक्टरों से स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन की जानकारी ली।  कलेक्टरों ने बताया कि स्वामित्व योजना से संबंधित मोबाइल ऐप यूजर फ्रेंडली है। पटवारियों की ट्रेनिंग भी तेजी करवाई जा रही है। भू-अभिलेखों की नि:शुल्क रजिस्ट्री से गाँवों में सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है।  

    हितग्राहियों को निष्पक्षता और परदर्शिता के साथ दिलाएं लाभ

    बताया गया यह अभियान तीन चरणों में 17 सितम्बर से प्रारंभ होकर 3 अक्टूबर तक संचालित किया जाएगा। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों का प्रशिक्षण तेजी से पूरा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वामित्व योजना का लाभ हितग्राहियों को पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ समय-सीमा में सुनिश्चित किया जाए।

    प्रत्येक निष्पादन अधिकारी को प्रतिदिन 40 रजिस्ट्री करने का लक्ष्य

    मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारी ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच, सचिव, पटवारी और रोजगार सहायक मिलकर प्रत्येक गुरूवार, शुक्रवार और शनिवार को नि:शुल्क रजिस्ट्री के लिए  शिविर लगाएं और प्रतिदिन कम से कम 30 से 40 रजिस्ट्री स्वामित्व योजना के अंतर्गत निष्पादित करने का लक्ष्य रखें। उन्होंने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए किए वे स्वामित्व अभिलेख अभियान की बेहतर प्लानिंग और शैड्यूलिंग कर प्रति दिन प्रगति रिपोर्ट तैयार कर सबमिट करें। मुख्य सचिव बर्णवाल ने कहा कि किसी प्रकार की समस्या आने पर मुख्यमंत्री सहायता हेल्प लॉइन पर सम्पर्क करें। बैठक में राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन में पंचायत स्तर पर पटवारी निष्पादन अधिकारी होंगे और पंजीयन अधिकारी के रूप में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं अन्य को जिम्मेदारी सौंपी  गई है।

    सेवा संकल्प अभियान- भोपाल में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम

    प्रधानमंत्री मोदी के जन्म दिवस पर एक माह तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ 17 सितम्बर को राजधानी भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ होगा। इस कार्यक्रम में सभी जिलों के कलेक्टर और हितग्राही वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत मध्यप्रदेश सरकार ने विकसित भारत के निर्माण के लिए विकसित मध्यप्रदेश बनाने का संकल्प जन-जन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। एक माह तक प्रदेश भर में जन सेवा के विभिन्न प्रकल्प संचालित किए जाएंगे एवं जन सहभगिता से कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक हितग्राहियों को सुनिश्चित किया जाएगा।

    17 सितम्बर की शाम प्रदेश भर में जलेंगे 58 लाख दीपक

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि अभियान के अंतर्गत कुल 13 गतिविधियां संचालित की जाएंगी। जनसंकल्प अभियान की शुरूआत 'आशीर्वाद का दीपक' कार्यक्रम के साथ होगी। इस दिन शाम 7 बजे एक साथ प्रदेश भर के लाभार्थी परिवारों और चयनित 10 से अधिक प्रसिद्ध ऐतिहासिक और पुरातत्विक महत्व के स्थानों पर 58 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया कि दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम के लिए वे अपने जिले के पुरातात्विक स्थानों को चिन्हित करें। अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम में प्रभारी अधिकारी जिले में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। जिला स्तर पर सभी विभागों के विभिन्न हितग्राही  मूलक  योजनाओं के लाभार्थियों को अभियान से जोड़ा जाएगा।

    उज्जैन के महाकाल लोक में जलेंगे 25 लाख से अधिक दीये

    बैठक में उज्जैन कलेक्टर ने सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि आशीर्वाद का दीपक कार्यक्रम के अंतर्गत बाबा महाकाल के महालोक में 25 लाख से अधिक दीपक जलाने की तैयारी है। जिसमें सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं के साथ समाज के हर वर्ग को जोड़ा जाएगा।  बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया गया कि स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 योजना के 50 लाख से अधिक हितग्राही भी इस दीपोत्सव में सहभागिता करेंगे।

    संकल्प सेवा अभियान के प्रमुख बिन्दु

        'आर्शीवाद का दीपक' कार्यक्रम में दिनांक 17 सितम्बर को सांय 7 बजे एक साथ समस्त लाभार्थियों के घरों में दीपक जलाए जायेंगे।

        सेवा चित्र कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूलों में विकसित भारत की संकल्पना पर चित्रकला एवं भाषण स्पर्धाएं स्थानीय स्तर, जिला स्तर एवं राज्य स्तर पर कराई जायेगी।

        'सेवा स्मरण' कार्यक्रम में स्थानीय स्तर पर संगीतमय नाट्य प्रस्तुतियां आयोजित होंगी।

        'आंगन का मिलन' कार्यक्रम में आंगनबाड़ियों में तीन दिन तक बच्चों को ज्ञानवर्धक और मनोरंजक कहानियां सुनाई जाएंगी। 

        'बदलाव की कहांनिया' कार्यक्रम में लाभार्थियों चयन कर उनकी सफलता की कहानियों को डिजिटाइज किया जाए एवं सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जाए।

        'सेवा ज्योति यात्रा' 7 अक्टूबर को सभी जिलों में निकाली जाएगी।

        'जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा'- बड़नगर से वाराणसी तक आयोजित होगी। जिसमें मध्यप्रदेश सहित 7 राज्य शामिल हैं।

        सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम में नागरिकों को 25 प्रमुख गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।

        सेवा सेतु अभियान- सरकार आपके द्वार शिविर आयोजित कर आमजन को योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।

        'सेवा के रंग' कार्यक्रम में प्रतिभाशाली युवाओं को जोड़कर प्रमुख स्थानों पर रंगोली अभियान आयोजित किया जाएगा।

        हैकाथान और इनोवेशन चैलेंज के जरिए  विद्यार्थियों, युवाओं, स्टार्टअप और कॉर्पोरेट इनोवेटर को जोड़ा जाएगा।

        जन सेवक महाकुंभ के अंतर्गत पंचायत से पार्लियामेंट तक देशभर के सरपंच और जनप्रतिनिधियों का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।

        25 साल 25 कहानियां कार्यक्रम के अंतर्गत गणमान्य व्यक्तियों को क्यूरेटेड किट का वितरण किया जाए।  

     

  • प्रदेश में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान

    प्रदेश में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान

    प्रदेश में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान

    गांव से शहर तक होंगे सेवा, सहभागिता और विकसित भारत के संकल्प से जुड़े आयोजन

    भोपाल

    मध्यप्रदेश में जनसेवा को जनभागीदारी से जोड़ने और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। एक माह के इस अभियान में सेवा, स्वच्छता, सामाजिक सहभागिता, हितग्राही कल्याण, युवा नवाचार और नागरिक दायित्व से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से आमजन को ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ा जाएगा।

    अभियान में कार्यक्रमों के आयोजन पर जोर के साथ योजनाओं का वास्तविक लाभ, नागरिकों की भागीदारी और गतिविधियों के परिणाम भी फोकस किया जाएगा। प्रत्येक जिले में गतिविधियों का दिनांकवार, स्थानवार और उत्तरदायी अधिकारीवार कैलेंडर तैयार होगा तथा नियमित समीक्षा की जाएगी। जनप्रतिनिधियों के साथ सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों, युवाओं, महिलाओं, स्व-सहायता समूहों, वरिष्ठ नागरिकों तथा सामाजिक-आध्यात्मिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके।

    होंगे दीपोत्सव और ‘कहानी बदलाव की’ जैसे आयोजन

    अभियान में ‘आशीर्वाद का दीया’ के तहत हितग्राहीमूलक योजनाओं से लाभान्वित लोगों की अद्यतन एवं प्रमाणित सूची तैयार कर चिन्हित क्षेत्रों में परिवारों की सहभागिता से दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम होंगे। उज्जैन के महाकाल लोक और निवाड़ी के रामराजा लोक, ओरछा में भव्य दीपोत्सव आयोजित किए जाएंगे।

    ‘सेवा चित्र’ के तहत 17 सितम्बर से 7 अक्टूबर के बीच शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में प्रधानमंत्री द्वारा किए गए सेवा कार्यों और विकसित भारत की संकल्पना पर चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। श्रेष्ठ चित्रों की प्रदर्शनी और उत्कृष्ट प्रतिभागियों का सम्मान किया जाएगा तथा चयनित प्रविष्टियों की राज्य स्तरीय प्रदर्शनी भी होगी।

    ‘सेवा स्मरण’ में सेवा कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को संगीतमय नाट्य प्रस्तुतियों के जरिए आमजन तक पहुंचाया जाएगा। प्रत्येक जिले में 18 से 20 सांस्कृतिक दलों/नुक्कड़ नाट्य टोलियों को सूचीबद्ध कर विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों पर प्रस्तुतियां कराई जाएंगी। कार्यक्रम 17 सितम्बर से शुरू होंगे और 2 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर इनका मंचन होगा।

    ‘आंगन का मिलन’ 25 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर आयोजित होगा। तीन दिवसीय आयोजनों में माताओं और बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य एवं महिला कल्याण योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। लाभार्थी माताएं अनुभव साझा करेंगी, आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं तथा लाभार्थी माताओं का सम्मान होगा और बच्चों के लिए मनोरंजक गतिविधियां की जाएंगी।

    ‘कहानी बदलाव की’ में शासन की योजनाओं से जीवन में उल्लेखनीय सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले हितग्राहियों की वास्तविक कहानियां संक्षिप्त वीडियो एवं डिजिटल माध्यम से सामने लाई जाएंगी। लाभार्थी, योजना, स्थान और बदलाव का विवरण दर्ज कर उत्कृष्ट सफलता-कथाओं को प्रोफेशनल तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा।

    सेवा ज्योति यात्रा से लेंगे विकसित भारत का संकल्प

    प्रत्येक जिले और ग्राम स्तर पर ‘सेवा ज्योति यात्रा’ आयोजित होगी। अलग-अलग दिशाओं से निकलने वाली यात्राएं निर्धारित स्थल पर एकत्र होंगी, जहां शासन की प्रमुख विकास उपलब्धियों और सेवा कार्यों की जानकारी दी जाएगी। यहां नागरिक ‘विकसित भारत 2047’ का सामूहिक संकल्प लेंगे। स्थानीय नागरिकों, युवाओं, सामाजिक संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी के साथ जिला विकास पुस्तिका का वितरण भी किया जाएगा।

    मध्यप्रदेश से गुजरने वाली ‘बड़नगर से वाराणसी—जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा’ के पड़ावों पर स्थानीय नागरिकों और विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को जोड़ते हुए कार्यक्रमों को संवादात्मक और सहभागी स्वरूप दिया जाएगा।

    ‘सेवा मेरा योगदान’ में 25 गतिविधियों से जुड़ेंगे नागरिक

    अभियान के दौरान ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत नागरिकों को 25 प्रमुख सेवा गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इनमें रक्तदान, अनाथालय/वृद्धाश्रम भ्रमण, वृक्षारोपण, स्वच्छता, स्वास्थ्य जांच, एक गांव गोद लेकर सेवा कार्य, योग-ध्यान, प्लास्टिक-मुक्त जागरूकता, महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, वंचित बच्चों को शिक्षा सहयोग, करियर काउंसलिंग, वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिजिटल साक्षरता, अंगदान संकल्प, नशा-मुक्त भारत, पोषण एवं एनीमिया जागरूकता, सड़क सुरक्षा, जल संरक्षण एवं जल स्रोत सफाई, कचरा पृथक्करण एवं कम्पोस्टिंग, साइबर सुरक्षा, फिट इंडिया, वीर गाथा एवं सैनिक सम्मान, दिव्यांगजन सहयोग, मतदाता जागरूकता एवं पंजीयन, वोकल फॉर लोकल और सरकारी योजनाओं की जागरूकता शामिल हैं। नागरिकों को स्वप्रेरणा से सेवा गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सेवा कार्यों का फोटो-वीडियो दस्तावेजीकरण और सोशल मीडिया प्रचार होगा। चयनित गतिविधियों के बिफोर/आफ्टर वीडियो रील माई भारत पोर्टल पर अपलोड कर डिजिटल प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए भी नागरिकों को प्रेरित किया जाएगा। नदी घाटों और सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान एवं श्रमदान होंगे तथा श्रमदान करने वालों को सम्मानित किया जाएगा।

    ‘सेवा सेतु’ में मौके पर मिलेगा योजनाओं का लाभ

    ‘सेवा सेतु—सरकार आपके द्वार’ के तहत विधानसभा और विकासखंड स्तर पर शिविर होंगे। संबंधित विभागों के अधिकारी नागरिकों की योजनावार पात्रता का परीक्षण करेंगे तथा पात्र लोगों को आवेदन, दस्तावेज और योजना लाभ प्राप्त करने में मार्गदर्शन देंगे। प्राप्त आवेदनों के निराकरण की पृथक मॉनिटरिंग होगी।

    ह्यूमन रंगोली से नवाचार तक

    ‘सेवा के रंग’ में प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर ह्यूमन रंगोली बनाई जाएगी। इसके विषय जनकल्याणकारी योजनाओं, राष्ट्रीय प्रतीकों और विकसित भारत की संकल्पना पर आधारित होंगे। चयनित शहरों में एक ही दिन 108 मीटर व्यास का ‘भारत मंडल’ बनाने की भी योजना है।

    ‘हैकाथॉन और इनोवेशन चैलेंज’ में युवा, विद्यार्थी, स्टार्टअप, प्रोफेशनल्स और नवाचारकर्ताओं को जोड़ा जाएगा। उत्कृष्ट नवाचारों की प्रदर्शनी, लाइव डेमो और विशेषज्ञ संवाद आयोजित किए जाएंगे। ‘जनसेवक महाकुंभ—पंचायत से पार्लियामेंट’ के तहत 17 अक्टूबर को प्रस्तावित राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रदेश की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

    ‘25 साल, 25 कहानियां’ में विकास और उपलब्धियों के प्रमुख पड़ावों को दर्शाने वाली क्यूरेटेड किट वितरित की जाएगी। इसमें 25 प्रमुख योजनाओं एवं उपलब्धियों की प्रतिकृतियां और विस्तृत जानकारी के लिए क्यूआर कोड होंगे।

    कार्यक्रमों की संख्या नहीं, परिणाम भी होंगे दर्ज

    अभियान की गतिविधियों की जिलेवार एवं गतिविधिवार मॉनिटरिंग के लिए सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर पृथक मॉड्यूल तैयार किया जा रहा है। प्रत्येक जिले की 13 गतिविधियों का कैलेंडर 12 सितम्बर तक पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा और अभियान अवधि में दैनिक प्रगति अपडेट होगी। केवल कार्यक्रमों की संख्या नहीं, बल्कि वास्तविक परिणाम, फोटो-वीडियो और जहां लागू हो वहां पहले और बाद के साक्ष्य भी दर्ज किये जायेंगे।

    ‘सेवा सेतु’ में आने वाले नागरिकों, प्राप्त एवं स्वीकृत आवेदनों तथा वास्तविक रूप से लाभान्वित हितग्राहियों का पृथक विवरण रखा जाएगा। ‘सेवा मेरा योगदान’ में स्वयंसेवकों की संख्या और श्रमदान के घंटे तथा ‘कहानी बदलाव की’ में सत्यापित सफलता-कथाओं का रिकॉर्ड रखा जाएगा। कलेक्टर नियमित समीक्षा करेंगे और राज्य स्तर पर भी अभियान की प्रगति की समीक्षा होगी।

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ का लक्ष्य सेवा को उत्सव, सहभागिता को संकल्प और संकल्प को जनआंदोलन में बदलते हुए शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना और नागरिकों को सामूहिक रूप से ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ना है।

     

  • सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद मुजफ्फरनगर में हाई अलर्ट, जुमे की नमाज से पहले पुलिस का फ्लैग मार्च

    सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद मुजफ्फरनगर में हाई अलर्ट, जुमे की नमाज से पहले पुलिस का फ्लैग मार्च

    सहारनपुर
       
    सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पुलिस सतर्क है. जुमे की नमाज से एक दिन पहले गुरुवार शाम मुजफ्फरनगर पुलिस भी अलर्ट मोड पर नजर आई. जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ शहर के व्यस्त बाजारों और संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया। 

    इस दौरान पुलिस ने लोगों के बीच सुरक्षा और शांति का संदेश दिया. पुलिस की तैयारियों में ड्रोन कैमरों से निगरानी भी शामिल रही. अधिकारियों के मुताबिक, कानून-व्यवस्था पर असर डालने की किसी भी कोशिश पर नजर रखी जा रही है और सोशल मीडिया की भी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। 

    सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद जुमे की नमाज को देखते हुए मुजफ्फरनगर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती. गुरुवार शाम जिले के आला अधिकारी सड़क पर उतरे. पुलिस बल के साथ शहर के प्रमुख बाजारों और संवेदनशील इलाकों में पैदल मार्च और फ्लैग मार्च किया गया। 

    फ्लैग मार्च में पुलिस अधिकारियों के साथ विभिन्न थानों की फोर्स भी मौजूद रही. पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की. पुलिस का कहना है कि इस तरह के फ्लैग मार्च का उद्देश्य सिर्फ कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा पैदा करना भी है

    फ्लैग मार्च के दौरान ड्रोन कैमरों के जरिए निगरानी भी की गई. पुलिस संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल कर रही है। 

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली स्थिति पर नजर रखी जा रही है. इसके साथ ही सोशल मीडिया की भी विशेष निगरानी की जा रही है. पुलिस का फोकस उन लोगों पर है, जो अफवाह फैलाने या भ्रामक सामग्री के जरिए माहौल खराब करने की कोशिश कर सकते हैं। 

    पूरे मामले को लेकर एएसपी ने क्या बताया?
    एएसपी सिद्धार्थ के मिश्रा ने बताया कि मुजफ्फरनगर पुलिस और शहर की पुलिस खासकर बहुत सतर्क रहती है. लगभग रोज हर थाना क्षेत्र में पैदल मार्च किया जाता है. आपराधिक गतिविधियों को मॉनिटर किया जाता है. एसपी सिटी के स्तर से पूरे शहर सर्कल में पूरी फोर्स, चारों थानों की फोर्स, चारों एसएचओ और मेरे द्वारा पैदल मार्च किया गया है। 

    शहर में फ्लैग मार्च किया गया है. शांति और सुरक्षा का जो भाव है, जो मैसेज है, पुलिस वही रिप्रेजेंट कर रही है. वही मैसेज लोगों के बीच पहुंचाने की कोशिश कर रही है. कोई भी किसी प्रकार की संभावना जो कानून व्यवस्था को बिगाड़ सकती है या फिर बिगाड़ने की कोशिश कर सकती है, उन सभी के अगेंस्ट पुलिस लगातार इंटेलिजेंस के स्तर पर सोशल मीडिया को मॉनिटर कर रही है. जुमे की नमाज शांतिपूर्वक होगी. पुलिस द्वारा सभी के साथ संवाद किया गया है. सम्मानित व्यक्ति और समाज के जितने भी जरूरी लोग हैं, हर व्यक्ति तक पुलिस का मैसेज पहुंचा है. आने वाले त्योहार भी शांतिपूर्वक होंगे।