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  • यूपी को मिलेगा एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का नया इंजन

    यूपी को मिलेगा एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का नया इंजन

    लखनऊ
     यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे सेक्टर-21 में विकसित की जा रही इंटरनेशनल फिल्म सिटी, उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल है। एक हजार एकड़ में विकसित होने वाली इस परियोजना को जून, 2028 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार इस फिल्म सिटी को प्रदेश की आर्थिक और सांस्कृतिक दिशा बदलने वाली परियोजना के रूप में देख रही है। इस फिल्म सिटी के बन जाने से उत्तर प्रदेश फिल्म निर्माण और मनोरंजन उद्योग के बड़े केंद्र के रूप में उभरेगा। फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों का मानना है कि योगी सरकार की इस परियोजना के पूरा होने के बाद एंटरटेनमेंट की दुनिया में बड़ा बदलाव आएगा।  

    यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) द्वारा परियोजना की निगरानी के लिए इंजीनियरिंग एजेंसी और चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्मों के चयन हेतु निविदाएं आमंत्रित की हैं, जिसे परियोजना के निर्माण चरण में प्रवेश का संकेत माना जा रहा है। इंटरनेशनल फिल्म सिटी को मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर के एक समग्र केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां अत्याधुनिक फिल्म स्टूडियो, शूटिंग फ्लोर, पोस्ट प्रोडक्शन यूनिट और फिल्म यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी। उद्देश्य यह है कि फिल्म निर्माण से जुड़ी पूरी प्रक्रिया एक ही स्थान पर संपन्न हो और अन्य राज्यों पर निर्भर न रहना पड़े।

    ख़ास है फिल्म सिटी की लोकेशन 

    फिल्म सिटी की लोकेशन को इस परियोजना की सबसे बड़ी ताकत माना जा रही है। यमुना एक्सप्रेस-वे से सीधी कनेक्टिविटी और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से निकटता की वजह से देश-विदेश के फिल्म निर्माताओं के लिए यहां पहुंचना आसान होगा। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण बड़े प्रोडक्शन हाउस उत्तर प्रदेश में शूटिंग के प्रति आकर्षित होंगे। फिल्मों व वेब सीरीज की शूटिंग के लिए यह आदर्श स्थान होगा। 

    रोजगार सृजन में भी होगी बड़ी भूमिका

     योगी सरकार इस परियोजना को रोजगार सृजन से भी जोड़कर देख रही है। फिल्म सिटी के निर्माण और संचालन से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। अभिनय, तकनीकी कार्य, कैमरा संचालन, संपादन, सेट डिजाइन और कॉस्ट्यूम डिजाइन जैसे क्षेत्रों में प्रदेश के युवाओं को काम मिलेगा। सरकार का फोकस है कि स्थानीय प्रतिभाओं को प्रदेश में ही बेहतर अवसर उपलब्ध कराये जाएं।

    पर्यटन क्षेत्र को मिलेगी गति

    फिल्म सिटी के विकास से पर्यटन क्षेत्र को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। सरकार की योजना है कि फिल्म सिटी के आसपास होटल, कन्वेंशन सेंटर और मनोरंजन से जुड़ी गतिविधियों को विकसित किया जाए। इससे फिल्म पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। इसका सीधा लाभ स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग और सेवा क्षेत्र को मिलेगा।

    मजबूत होगी प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान 

    इंटरनेशनल फिल्म सिटी उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करेगी। प्रदेश की लोक कला, संस्कृति और पारंपरिक विरासत को फिल्मों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान मिलेगी। इससे उत्तर प्रदेश एक प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र के रूप में भी स्थापित होगा।

  • बलूचिस्तान में बड़ा विद्रोह: बलोच उग्रवादियों का 12 शहरों पर एकसाथ हमला, कई पुलिस स्टेशन कब्जे में

    बलूचिस्तान में बड़ा विद्रोह: बलोच उग्रवादियों का 12 शहरों पर एकसाथ हमला, कई पुलिस स्टेशन कब्जे में

    क्वेटा

    पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बलोच विद्रोहियों ने कोहराम मचा दिया है. बलोच लिब्रेशन आर्मी ने बलूचिस्तान प्रांत के कई शहरों में एक साथ हमला कर कई थानों और सरकारी भवनों पर कब्जा कर लिया है. शनिवार को को बलूचिस्तान में बलोच विद्रोहियों, विशेष रूप से बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) के जेयंद गुट ने "ऑपरेशन हेरॉफ" के फेज 2 के तहत बड़े पैमाने पर हमले किए हैं. बागी बलोचों ने कई पुलिस स्टेशनों पर कब्जा कर लिया है. बलोच विद्रोहियों के अचानक हमले से बैकफुट पर आई पाकिस्तान फौज को अपने पोस्ट छोड़कर भागना पड़ रहा है.

    पाकिस्तान के जियो न्यूज के अनुसार इस हमले में अबतक 10 सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई है, जबकि पाकिस्तान सरकार का दावा है कि 58 आतंकी मारे गए हैं.

    यह हमले पाकिस्तानी सुरक्षा बलों, सरकारी सुविधाओं और अन्य टारगेट पर केंद्रित थे. इन हमलों को काफी बड़ा माना जा रहा है क्योंकि 12 से अधिक स्थानों पर एक साथ रिपोर्ट किए गए हैं. 

    समाचार एजेंसियों के अनुसार विद्रोहियों ने शनिवार सुबह ही राजधानी क्वेटा में हमले सुबह करीब 6 बजे एक जबरदस्त धमाके के साथ अटैक शुरू किया जिसके बाद दो घंटे तक ज़ोरदार गोलीबारी हुई और कई धमाके भी हुए. 

    सड़क पर निकले बागी, कई शहरों पर कब्जा

    बलोच बागियों ने क्वेटा के अलावा पसनी, मस्तंग, नुश्की और ग्वादर जिलों में एक साथ हमले किए हैं. बागी बंदूकों से हमले कर रहे हैं और कई स्थानों पर आत्मघाती हमले कर रहे हैं. 

    सोशल मीडिया पर स्थानीय पत्रकार इस हमले के बारे में कई दावे कर रहे हैं. एक पत्रकार के अनुसार बलूचिस्तान के कई शहरों में हथियारबंद लोगों ने कई शहरों पर कब्ज़ा कर लिया है. मस्तुंग में विद्रोहियों ने पुलिस स्टेशन और शहर पर कब्जा कर लिया है. 30 से ज़्यादा कैदी फरार हैं. 

    क्वेटा में हथियारबंद लोगों ने कई इलाकों पर कब्ज़ा कर लिया है. ग्वादर में हमले की खबर है. कलात में भी झड़पें जारी हैं. 

    एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने अपना नाम न बताने की शर्त पर अरब न्यूज़ को बताया कि बागियों ने शहर में घुसने की कोशिश की, लेकिन पुलिस और दूसरी कानून लागू करने वाली एजेंसियों ने उन्हें रोक दिया. 

    उन्होंने कहा, "बागियों ने सरयाब रोड पर एक पुलिस मोबाइल पर हमला किया, जिसमें दो पुलिसकर्मी मारे गए." "पुलिस और दूसरी  एजेंसियों ने क्वेटा शहर में विद्रोहियों से लड़ाई जारी रखे हुए है, अभी भी एक क्लीयरेंस ऑपरेशन चल रहा है. 

    पाकिस्तान के अखबार डॉन के एक रिपोर्टर के मुताबिक हमले के बाद क्वेटा, सिबी और चमन में मोबाइल फोन सर्विस तो काम कर रही थीं, लेकिन डेटा सर्विस बंद कर दी गई है. 

    स्वास्थ्य मंत्री बख्त मुहम्मद काकर और स्वास्थ्य सचिव मुजीबुर रहमान के निर्देशों पर पूरे प्रांत के सभी सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी लगा दी गई.

    द बलूचिस्तान पोस्ट ने यहां हुए हमलों की विस्तार से जानकारी दी है. 

    दस शहरों में एक साथ हमले

    द बलूचिस्तान पोस्ट के अनुसार बलूच लिबरेशन आर्मी ने शनिवार को अपने कमांडर-इन-चीफ बशीर ज़ेब बलूच का एक वीडियो मैसेज जारी किया है. इसमें उन्होंने बलूच लोगों से 'अपने घरों से बाहर निकलने' और पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ़ सशस्त्र संघर्ष के उस निर्णायक दौर में शामिल होने की अपील की है. इस हमले को उन्होंने निर्णायक दौर बताया है. 

    उन्होंने यह घोषणा भी की कि "ऑपरेशन हेरोफ़" के दूसरे चरण के तहत बलूचिस्तान के "दस शहरों में एक साथ हमले" शुरू किए गए हैं.

    वीडियो में बशीर जेब बलूच हथियारबंद लड़ाकों के साथ दिखाई देते हैं और अपना संदेश ब्राहुई और बलूची दोनों भाषाओं में दे रहे हैं. 

    BLA चीफ ने चेतावनी दी कि अगर लोग आज बाहर नहीं आए और ऑपरेशन हेरोफ़ में हिस्सा ले रहे भाइयों और बहनों के साथ खड़े नहीं हुए, तो इतिहास उनकी हार दर्ज करेगा. उन्होंने कहा कि जो लोग अपनी जान देते हैं और जो लोग जान लेते हैं, वे ही इतिहास लिखते हैं."

    उन्होंने कहा, "हम चरमपंथी नहीं हैं. लेकिन जब बात हमारी जमीन और हमारे देश की आती है, तो हम किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं. हमने किसी दूसरे देश पर कब्ज़ा नहीं किया है; बल्कि हम पर कब्ज़ा किया गया है. हमारी लड़ाई न्याय के लिए लड़ाई है."
    48 घंटे में 70 विद्रोहियों को मारने का दावा 

    बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री के राजनीतिक और मीडिया मामलों के विशेष सलाहकार शाहिद रिंद ने एक्स पर कहा कि पिछले दो दिनों में प्रांत भर में सुरक्षा बलों ने अलग-अलग जगहों पर 70 से ज़्यादा विद्रोहियों को मार गिराया है. 

    रेलवे ट्रैक मिली IED, एंटी टैंक माइन और विस्फोटक बरामद

    पुलिस ने बताया कि बलूचिस्तान के नसीराबाद ज़िले में एक रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिली है.

    नसीराबाद के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस असदुल्लाह नासिर ने एक बयान में कहा, "रबी पुल के पास रेलवे लाइन पर एक एंटी-टैंक माइन और विस्फोटक सामग्री मिली है."

    उन्होंने आगे कहा, "पुलिस, FC और स्पेशल ब्रांच ने समय पर कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध IED को निष्क्रिय कर दिया है."

    SSP नासिर के अनुसार बरामद चीज़ों में आधा किलोग्राम विस्फोटक सामग्री, पेट्रोल और एक लोहे की रॉड शामिल थी. 

    हालात तनावपूर्ण

    स्थानीय लोगों और लोकल सोर्स ने क्वेटा, नुश्की, कलात, मस्तंग, दलबांदिन, खारान, ग्वादर, पसनी, टंप, बुलेदा और धदार में सुरक्षा हालात को बहुत तनावपूर्ण बताया है. यहां भारी गोलीबारी, धमाकों और पुलिस और मिलिट्री ठिकानों पर हमलों की खबरें मिलीं हैं.

    क्वेटा में रहने वालों ने कई इलाकों में गोलीबारी और धमाकों की सूचना दी, जिसमें बहुत संवेदनशील रेड ज़ोन भी शामिल हैं.  द बलूचिस्तान पोस्ट ने बताया है कि सरयाब रोड पर हथियारबंद लोगों ने एक पुलिस मोबाइल पर हमला किया जिसमें दो पुलिसकर्मी मारे गए और गाड़ी में आग लगा दी गई. 

     

  • व्यक्तित्व निर्माण के साथ राष्ट्र प्रेम का भाव भी जगाते हैं खेल : राज्यपाल  पटेल

    व्यक्तित्व निर्माण के साथ राष्ट्र प्रेम का भाव भी जगाते हैं खेल : राज्यपाल पटेल

    भोपाल.

    राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि खेल, संकल्प सिखाता है। खेलों से हम प्रयास करना सिखते हैं। निरंतर अभ्यास हमे उत्कृष्टता का दृष्टिकोण प्रदान करता है। खेल ही हमे हार-जीत को स्वीकार करना सिखाते हैं। हमारे जीवन मूल्य विकसित करते हैं। सर्वांगीण व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं। खेल भावना हर व्यक्ति को परस्पर जोड़ती है। खेल ही हम सबमें राष्ट्र प्रेम और देशभक्ति का भाव जगाते हैं।

    राज्यपाल  पटेल शनिवार को खेलो एमपी यूथ गेम्स के राज्य स्तरीय समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने संभागवार विजेता प्रतिभागियों को पुरूस्कृत किया और बधाई दी। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित समारोह में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग भी मौजूद थे।

    प्रदेश देश का 'स्पोर्ट्स पावरहाउस' बनकर उभरा

    राज्यपाल  पटेल ने कहा कि खेल का मैदान, केवल हार-जीत का स्थान नहीं होता, वह चरित्र निर्माण की कार्यशाला भी होता है। खेल हमें सिखाते हैं कि मैदान पर कोई जाति नहीं होती, कोई धर्म नहीं होता, कोई ऊंच-नीच नहीं होती। वहां केवल एक खिलाड़ी होता है और उसका तय लक्ष्य होता है। उन्होंने कहा कि पहले मध्यप्रदेश को खेलों के मामले में शांत राज्य माना जाता था, लेकिन आज हमारा प्रदेश देश का 'स्पोर्ट्स पावरहाउस' बनकर उभरा है। 'खेलो एमपी यूथ गेम्स' के आयोजनों ने प्रतिभाओं को गांव की गलियों से खोजकर राष्ट्रीय मंच पर लाया है। राज्यपाल  पटेल ने पारम्परिक खेलों और प्रदेशभर की प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की।

    मध्यप्रदेश की धरती ने खेलों में दिलाई अंतर्राष्ट्रीय पहचान

    राज्यपाल  पटेल ने कहा कि यह अत्यंत गर्व की बात है कि मध्यप्रदेश की खेल अकादमियों से निकले खिलाड़ी आज केवल भोपाल या इंदौर का नाम नहीं, बल्कि पेरिस से लेकर लॉस एंजिल्स तक भारत का तिरंगा फहराने की क्षमता रखते हैं। हमारी शूटिंग रेंज हो, वाटर स्पोर्ट्स अकादमी हो या घुड़सवारी का मैदान, आज दुनिया की सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं प्रदेश के युवाओं के पास उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि पारंपरिक खेल ‘मलखम्ब’ हमारी सांस्कृतिक और खेल विरासत का शानदान उदाहरण है। मध्यप्रदेश की धरती ने इस खेल को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।

    सरकार की प्राथमिकता “खेल-खिलाड़ी और खेल का मैदान” : मंत्री  सारंग

    खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि प्रदेश में खेलों के प्रोत्साहन के लिए सरकार की प्राथमिकता “खेल-खिलाड़ी और खेल का मैदान” है। प्रदेश सरकार इसी प्राथमिकता के आधार पर कार्य भी कर रही है। उन्होंने बताया कि 'खेलो एमपी यूथ गेम्स' में 13 से 20 जनवरी तक विकासखंड एवं जिला स्तर तक और 21 से 25 जनवरी तक संभाग स्तर पर प्रतियोगिताएं हुईं। इसमें एक लाख से अधिक खिलाडियों की सहभागिता रही। भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, नर्मदापुरम, शिवपुरी, रीवा एवं सागर में 27 से 31 जनवरी तक राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं हुईं, जिसमें 15 हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया। राज्य स्तर पर 723 स्वर्ण, 723 रजत और 895 कास्य पदक विजेताओं को 31 हजार, 21 हजार, 11 हजार रूपये पुरस्कार राशि दी जा रही है। कुल 2341 पदक विजेताओं को लगभग 4 करोड़ की राशि वितरित की गई।

    राज्यपाल  मंगुभाई पटेल का समारोह में मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र से स्वागत एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। राज्यपाल  पटेल ने खेलो एमपी यूथ गेम्स के संभागवार विजेताओं को ट्रॉफी प्रदान की। उन्होंने इंदौर संभाग को प्रथम, भोपाल संभाग को द्वितीय और जबलपुर संभाग को तृतीय पुरूस्कार प्रदान किया। आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले खेल विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारी और स्वयंसेवकों को साधुवाद दिया। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव  मनीष सिंह, संचालक  राकेश गुप्ता और वरिष्ठ अधिकारी, अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी और ओलंपियन  विवेक प्रसाद सागर, निर्णायक गण एवं प्रतिभागी उपस्थित थे।

  • Union Budget 2026: ये 3 ऐलान अगर होंगे, तो शेयर बाजार लगेगा रॉकेट की तरह, नितिन कामथ की भी यही मांग

    Union Budget 2026: ये 3 ऐलान अगर होंगे, तो शेयर बाजार लगेगा रॉकेट की तरह, नितिन कामथ की भी यही मांग

     नई दिल्‍ली

    देश का आगामी केंद्रीय बजट (Union Budget 2026) रविवार, 1 फरवरी को पेश होने जा रहा है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना नौंवा बजट पेश करेंगी. इस बार के बजट से मिडिल क्‍लास से लेकर किसानों तक बजट से खास उम्‍मीद लगाए बैठे हैं. वहीं स्‍टॉक मार्केट निवेशक भी इस बार के बजट से कुछ खास उम्‍मीद लगा रहे हैं. 

    शेयर बाजार एक्‍सपर्ट्स भी यही चाहते हैं कि सरकार ये ऐलान करे, ताकि स्‍टॉक मार्केट निवेशकों को बड़ी राहत मिल सके. एक्‍सपर्ट्स यह भी कह रहे हैं कि सरकार की तरफ से अगर ये ऐलान कर दिए गए तो शेयर बाजार में शानदार तेजी देखने को मिल सकती है. अरबपति नितिन कामथ भी इसकी मांग कर चुके हैं. 

    क्‍या है ये मांग? 

        भारत के डीप डिस्काउंट ब्रोकर SAS ऑनलाइन के संस्थापक और CEO श्रेय जैन का मानना ​​है कि अधिक निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए, लॉन्‍गटर्म कैप‍िटल गेन (LTCG) पर अधिक टैक्‍स छूट देने की आवश्‍यकता है. जैन ने आगे कहा कि अभी हर वित्तीय वर्ष 1.25 लाख रुपये तक की कमाई पर कोई LTCG टैक्‍स नहीं देना पड़ता है, जबकि 1 लाख रुपये से अधिक के एलटीसीजी पर 12.5% टैक्‍स लगता है. इस कर-मुक्त सीमा को बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की आवश्यकता है. 

        इसी तरह, शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) टैक्‍स को भी कम करने की मांग की जा रही है. इसके तहत छूट की लिमिट भी बढ़ाए जाने की मांग हो रही है. निवेशक चाहते हैं कि शॉर्ट टर्म में बेचे गए शेयरों पर 1.5 लाख रुपये तक कोई टैक्‍स ना लगे. साथ ही STCG को 20 फीसदी से कम करके 10 फीसदी कर दिया जाए. 

        एक और मांग STT को खत्‍म करने की है. सिक्‍योरिटी ट्रांजेक्‍शन टैक्‍स (STT)  शेयरों की खरीद और बिक्री पर लगाया जाता है. किसी भी शेयर के खरीदने या बेचने पर यह 0.1 फीसदी का टैक्‍स लगता है. वहीं डेरेवेटिव मार्केट में 0.01% का टैक्‍स लगाया जाता है, जबकि इंट्राडे में ट्रेडिंग पर 0.025%  का टैक्‍स वसूलता है. एक्‍सर्ट्स का कहना है कि यह देखने में भले ही बहुत कम दिखाई देता है, लेकिन बड़े अमांउट बेखने या खरीदने पर ज्‍यादा चार्ज होता है. ऐसे में इसमें भी कटौती या इसे समाप्‍त करने की मांग की जा रही है, जबकि इसमें कई बार बढ़ोतरी की गई है. 

    क्‍या होता है LTCG और STCG टैक्‍स? 
    लॉन्‍गटर्म कैप‍िटल गेन (LTCG) का मतलब है कि अगर कोई शेयर बाजार से जुड़ा असेट 12 महीने के बाद बेचता है तो उसपर लॉन्‍गटर्म कैपिटल गेन टैक्‍स लगाया जाएगा. वहीं शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) टैक्‍स का मतलब है कि अगर कोई असेट 12 महीने से पहले बेचा जाता है तो उसपर STCG टैक्‍स लगता है, जो  20 फीसदी होता है. 

    नितिन कामथ ने भी की मांग 
    केंद्रीय बजट 2026 से पहले जेरोधा के CEO नितिन कामथ ने इक्विटी ट्रांजैक्‍शन टैक्‍स (STT) में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर चिंता जताई है. उनका तर्क है कि बढ़े हुए लेनदेन टैक्‍स से बाजार की गतिविधियों और यहां तक ​​कि सरकारी राजस्व पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. मैं हमेशा उम्‍मीद करता हूं कि यह कम होगा, लेकिन यह बढ़ता ही जा रहा है. 

    दोहरे टैक्‍स की मार
    नितिन कामथ ने बताया कि STT को तब लागू किया गया था, जब शेयरों पर दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (LTCG) टैक्‍स शून्‍य था. उन्होंने कहा कि उस समय यह सरकार के लिए मार्केट से राजस्व जुटाने का एक आसान तरीका था. हालांकि, अब जब LTCG टैक्‍स फिर से लागू हो गया है, तो उन्होंने एसटीटी को वापस लेने के बजाय बार-बार बढ़ाने के तर्क पर सवाल उठाया. उन्होंने आगे कहा कि वास्तव में देखा जाए तो निवेशकों पर दो बार टैक्‍स लगाया जा रहा है, एक बार हर ट्रांजैक्‍शन पर STT के माध्यम से और दूसरी बार LTCG या STCG के जरिए. इसे वापस लेना चाहिए. 

  • कपिध्वज करियर गाइडेंस कार्यक्रम से हजारों विद्यार्थियों को मिली नई दिशा

    कपिध्वज करियर गाइडेंस कार्यक्रम से हजारों विद्यार्थियों को मिली नई दिशा

    रायपुर.

    आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन से ही साकार होंगे सपने – मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े

    छत्तीसगढ़ के युवाओं को आत्मनिर्भर, लक्ष्यनिष्ठ और सशक्त बनाने की दिशा में राज्य शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की कड़ी में एक और उल्लेखनीय पहल सामने आई है। महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े की पहल पर सूरजपुर जिले के भटगांव स्थित स्टेडियम ग्राउंड में कपिध्वज करियर गाइडेंस कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 6 से 8 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर अपने भविष्य को दिशा देने का अवसर प्राप्त किया।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि आज का युवा ही देश और समाज के भविष्य का निर्माणकर्ता है। युवाओं के कंधों पर राष्ट्र निर्माण की बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे निभाने के लिए स्पष्ट लक्ष्य, सही मार्गदर्शन और निरंतर परिश्रम आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियाँ व्यक्ति को मजबूत बनाती हैं और सही निर्णय, समय प्रबंधन तथा सकारात्मक सोच के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।
    मंत्री  राजवाड़े ने शिक्षा को सफलता की सबसे मजबूत नींव बताते हुए विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने मूल्यों, जीवनशैली और दीर्घकालिक उद्देश्यों को ध्यान में रखकर करियर का चयन करें और ऐसे मार्गदर्शन कार्यक्रमों का पूरा लाभ उठाएं।

    इस अवसर पर देश के प्रतिष्ठित करियर मार्गदर्शक एवं कोटा (राजस्थान) स्थित मोशन कोचिंग सेंटर के संस्थापक एवं सीईओ  नितिन विजय (एन वी सर) ने विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, करियर चयन, समय प्रबंधन, आत्मविश्वास निर्माण और लक्ष्य आधारित अध्ययन पर प्रभावशाली मार्गदर्शन दिया।

    उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि “सोच ऊंची रखो, उड़ान भी ऊंची होगी।” कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और आत्मविश्वास बनाए रखने वाला व्यक्ति निश्चित रूप से सफलता प्राप्त करता है।

     नितिन विजय ने कहा कि “सफलता दो बार प्राप्त होती है  पहले मन में और फिर वास्तविक जीवन में,” इसलिए विद्यार्थियों को मानसिक और व्यवहारिक दोनों स्तरों पर स्वयं को सफलता के लिए तैयार करना चाहिए। उन्होंने करियर चयन से पहले अपनी रुचि, क्षमता और व्यक्तित्व को समझने, गलतियों से सीखने और आत्मचिंतन को जीवन में आगे बढ़ने का मूलमंत्र बताया।

    कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ वन विकास निगम के अध्यक्ष  रामसेवक पैकरा, जिला पंचायत अध्यक्ष  चंद्रमणी देवपाल सिंह पैकरा,  राम कृपाल साहू,  परमेश्वरी राजवाड़े,  रजनी त्रिपाठी,  भीमसेन अग्रवाल,  राजेश महलवाला,  ठाकुर राजवाड़े,  नूतन विश्वास,  अनुज राजवाड़े,  अशोक राजवाड़े,  रेखा राजवाड़े,  रमेश गुप्ता सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।साथ ही जिला पंचायत सीईओ  विजेन्द्र पाटले, एसडीएम  चाँदनी कंवर, जिला कार्यक्रम अधिकारी  शुभम बंसल एवं अन्य अधिकारीगण, बड़ी संख्या में विद्यार्थी, युवा और क्षेत्रवासी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित सभी विद्यार्थियों एवं नागरिकों ने बाल विवाह उन्मूलन और नशा मुक्त भारत के संकल्प के साथ शपथ लेकर सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का संदेश दिया।

  • पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर के विश्वकर्मा मंदिर में पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़वासियों के सुख-समृद्धि की कामना की

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर के विश्वकर्मा मंदिर में पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़वासियों के सुख-समृद्धि की कामना की

    रायपुर.

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज अम्बिकापुर के विश्वकर्मा मंदिर में पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़वासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। उनके आशीर्वाद से सभी के जीवन में समृद्धि, कौशल और प्रगति की प्रार्थना के साथ उन्होंने सृष्टि के दिव्य रचनाकार विश्वकर्मा भगवान को नमन किया।

    अम्बिकापुर के हृदय स्थल पर स्थित प्राचीन विश्वकर्मा मंदिर पहुंचे अग्रवाल ने पारंपरिक विधि-विधान से भगवान की विशेष पूजा-अर्चना की। मंत्रोच्चारण, दीप प्रज्ज्वलन और आरती के बीच उन्होंने राज्य की समृद्धि की प्रार्थना की। 
    श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि विश्वकर्मा भगवान के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ के प्रत्येक परिवार में समृद्धि, कौशल और प्रगति का संचार हो।

  • संपूर्णता अभियान 2.0 की शुरुआत: मंत्री राजेश अग्रवाल बोले—सरगुजा के पिछड़े क्षेत्रों का होगा समग्र विकास

    संपूर्णता अभियान 2.0 की शुरुआत: मंत्री राजेश अग्रवाल बोले—सरगुजा के पिछड़े क्षेत्रों का होगा समग्र विकास

    रायपुर.

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया संपूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ सरगुजा के पिछड़े क्षेत्रों को मिलेगी नई उड़ान

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने जनपद पंचायत लखनपुर, सरगुजा में नीति आयोग के मार्गदर्शन में संपूर्णता अभियान 2.0 का औपचारिक शुभारंभ किया। यह अभियान आकांक्षी प्रखंडों एवं पिछड़े क्षेत्रों के समग्र, संतुलित और सतत विकास के संकल्प को मजबूत बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।

    लखनपुर में आयोजित कार्यक्रम में अग्रवाल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में अभियान के उद्देश्यों, कार्ययोजना एवं क्रियान्वयन प्रक्रिया पर गहन चर्चा की। उन्होंने सभी को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए, ताकि अभियान का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। अग्रवाल ने कहा कि नीति आयोग के मार्गदर्शन में संपूर्णता अभियान 2.0 छत्तीसगढ़ के पिछड़े क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ेगा, जहां स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं पर समग्र फोकस रहेगा।

    संपूर्णता अभियान 2.0 का व्यापक स्वरूप

    संपूर्णता अभियान 2.0 नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम का उन्नत संस्करण है, जो 112 संकेतकों पर आधारित पहल है। यह पहले संस्करण से अधिक स्थानीयकृत, समुदाय-केंद्रित और सतत विकास पर जोर देता है। अभियान शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, जल संरक्षण, वित्तीय समावेशन, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे जैसे बहुआयामी क्षेत्रों को कवर करता है। सरगुजा जैसे आदिवासी क्षेत्रों के लिए यह विशेष रूप से प्रासंगिक है।

    अभियान का लक्ष्य गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन और सतत विकास है। प्राथमिकताओं में डिजिटल साक्षरता, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक संरक्षण शामिल हैं। अग्रवाल ने बल दिया कि यह केवल सरकारी प्रयास नहीं, बल्कि समुदाय, एनजीओ और निजी क्षेत्र की साझेदारी से चलेगा, जिससे क्षेत्रीय असंतुलन दूर हो।

    कार्ययोजना में प्रखंड-स्तरीय डैशबोर्ड निगरानी, मासिक समीक्षाएं और लक्ष्यबद्ध परियोजनाएं हैं। लखनपुर में सड़कें, स्कूल उन्नयन, आंगनबाड़ी केंद्र प्राथमिक हैं। मंत्री ने निर्देश दिए कि सभी विभाग डेटा-संग्रहण से पारदर्शिता सुनिश्चित करें, ताकि 2026 अंत तक सरगुजा के आकांक्षी प्रखंडों में ठोस प्रगति हो। राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार संपूर्णता अभियान 2.0 से प्रत्येक नागरिक को समान अवसर देगी। यह पिछड़े क्षेत्रों को समृद्ध कर छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास की नई इबारत लिखेगी।

  • समन्वय और सहभागिता से संपूर्णता अभियान 2.0 के लक्ष्य हासिल होंगे: मंत्री लखनलाल देवांगन

    समन्वय और सहभागिता से संपूर्णता अभियान 2.0 के लक्ष्य हासिल होंगे: मंत्री लखनलाल देवांगन

    रायपुर.

    कैबिनेट मंत्री देवांगन की अध्यक्षता में आकांक्षी जिला अंतर्गत संपूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ

    छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, आबकारी, सार्वजनिक उपक्रम एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम अंतर्गत संपूर्णता अभियान 2.0 का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मंत्री देवांगन ने कहा कि विगत वर्ष संपूर्णता अभियान 1.0 के तहत निर्धारित संकेतकों पर योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की गईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशा-निर्देशन में नीति आयोग द्वारा कोरबा जिले को विकास की तेज राह पर आगे बढ़ाने के उद्देश्य से संपूर्णता अभियान 2.0 लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि सरपंचों सहित सभी जनप्रतिनिधियों की सहभागिता और विभागीय अधिकारियों के समन्वय से आकांक्षी जिले के लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करते हुए कोरबा को विकास व प्रगति के पथ पर आगे ले जाना उनकी प्राथमिकता है। मंत्री देवांगन ने कहा कि इस अभियान के सभी मानकों को प्राप्त करने में सभी की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। योजनाओं का सफल क्रियान्वयन और उनका लाभ पात्र व्यक्तियों तक सुनिश्चित रूप से पहुँचे, इसके लिए समर्पित भाव से कार्य करना जरूरी है।

     कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित इस जिला स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में मंत्री देवांगन ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को विकसित भारत की दिशा में लगातार आगे बढ़ा रहे हैं। खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए डीएमएफ की व्यवस्था से जिले में अनेक विकास कार्य संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 विजन को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी छत्तीसगढ़ को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मंत्री देवांगन ने जनजागरूकता के माध्यम से संपूर्णता अभियान 2.0 के निर्धारित संकेतकों पर प्रभावी कार्य कर लक्ष्यों की प्राप्ति और कोरबा जिले को आकांक्षी जिला श्रेणी से बाहर लाने के लिए सभी की सहभागिता अत्यंत आवश्यक बताई।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने कहा कि कोरबा जिला लंबे समय से आकांक्षी जिला श्रेणी में शामिल रहा है। संपूर्णता अभियान 1.0 में बेहतर कार्य होने पर जिले को प्रोत्साहन मिला था। उन्होंने कहा कि संपूर्णता अभियान 2.0 में जिन संकेतकों को शामिल किया गया है, उन पर उपलब्धि हासिल करने पर सम्मानित किए जाने का भी प्रावधान है।

     इस अवसर पर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि शासन द्वारा आकांक्षी योजना का जिलों और आकांक्षी ब्लॉकों में प्रभावी संचालन कर तेज विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आकांक्षी जिले के सभी मानकों की लक्ष्य प्राप्ति हेतु आगामी तीन माह तक संबंधित विभागों द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना के आधार पर फील्ड में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि संपूर्णता अभियान प्रधानमंत्री जी का एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान है, जिसके अंतर्गत देशभर के कुछ जिलों और ब्लॉकों का चयन किया गया है। कोरबा जिला भी आकांक्षी जिले के रूप में शामिल है। संपूर्णता अभियान 1.0 के दौरान निर्धारित संकेतकों पर योजनाबद्ध कार्य किया गया था। संपूर्णता अभियान 2.0 आज से प्रारंभ हुआ है और 14 अप्रैल तक स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और कृषि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करना लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और कृषि के प्रमुख संकेतकों को निश्चित समय सीमा में संतृप्त करना प्रमुख उद्देश्य है। अभियान का मकसद नियमित निगरानी और शासन तंत्र के प्रभावी एकीकरण के माध्यम से विगत वर्ष की उपलब्धियों को मजबूत करते हुए आगे बढ़ाना है। उन्होंने निर्धारित संकेतकों का उल्लेख करते हुए कहा कि हम सभी एकजुट होकर शतप्रतिशत उपलब्धि हासिल करेंगे और सम्मानित होंगे। पार्षद नरेन्द्र देवांगन ने अभियान की सफलता की कामना करते हुए संबंधित विभागों को निर्धारित मानकों की लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करने की बात कही, ताकि पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके। जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग ने सम्पूर्णता अभियान के उददेश्यों को विस्तार से बताया। 

    संपूर्णता अभियान 2.0 के प्रमुख उद्देश्य

    अभियान का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों एवं योजनाओं के बीच अभिसरण को मजबूत कर समग्र विकास को गति प्रदान करना है। स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय नेतृत्व और सामुदायिक प्लेटफार्मों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से जनभागीदारी बढ़ाना, तथा सफल कहानियों का दस्तावेजीकरण कर नवाचार और पारस्परिक सीख को प्रोत्साहित करना भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्वास्थ्य एवं पोषण क्षेत्र में जन्म के समय शिशुओं के वजन में सुधार, क्षय रोग (टीबी) केस नोटिफिकेशन की दर में वृद्धि, तथा प्रत्येक माह कम से कम एक बार ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस अथवा शहरी स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस आयोजित करने वाले आंगनबाड़ी केन्द्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रतिशत को बढ़ाना प्रमुख संकेतक हैं। शिक्षा एवं कृषि क्षेत्र में क्रियाशील बालिका शौचालयों वाले विद्यालयों का प्रतिशत तथा टीकाकृत पशुओं का अनुपात भी प्रमुख संकेतकों में शामिल है।

    मंत्री देवांगन द्वारा शपथ दिलाई गई, स्व सहायता समूहों को चेक का वितरण

    उद्योग एवं श्रम मंत्री देवांगन ने संपूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ करते हुए उपस्थित सभी अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को अभियान की सफलता हेतु शपथ दिलाई। इस अवसर पर अतिथियों ने सेल्फी जोन में स्मृति फोटो भी लिए। कार्यक्रम में बिहान से जुड़े स्व-सहायता समूह-ग्राम दोंदरो की देवी स्व-सहायता समूह, जय मां दुर्गा स्व-सहायता समूह, जामबहार की जय मां लक्ष्मी एवं जय अंबे स्व-सहायता समूह, तथा सोनपूरी की राधा कृष्णा स्व-सहायता समूह को मंत्री देवांगन द्वारा चेक वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त उन्होंने कोलगा के उतरा सिंह, पंचराम, शांति और दुकालुराम को स्वायल हेल्थ कार्ड भी प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने स्व-सहायता समूह द्वारा लगाये स्टाल का भी अवलोकन किया।

  • पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने लखनपुर में 4.18 करोड़ से अधिक के 26 विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने लखनपुर में 4.18 करोड़ से अधिक के 26 विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

    रायपुर.

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने नगर पंचायत लखनपुर में 4 करोड़ 18 लाख रुपये से अधिक कीमत के 26 विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं मजबूत होंगी और अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचेगी। डबल इंजन सरकार छत्तीसगढ़ के बहुमुखी विकास के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

    लखनपुर में आयोजित  समारोह में अग्रवाल ने सभी 26 परियोजनाओं का विधिवत भूमिपूजन किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि ये कार्य क्षेत्र के समग्र उत्थान का आधार बनेंगे और सरगुजा जैसे पिछड़े क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ेंगे।

    इन परियोजनाओं में सड़क निर्माण, जल निकासी व्यवस्था, स्ट्रीट लाइटिंग, सामुदायिक भवन और पेयजल सुविधाओं का विस्तार शामिल है। कुल 4.18 करोड़ रुपये की लागत से ये कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिए जाएंगे, जिससे लखनपुर नगर पंचायत का मूलभूत ढांचा सशक्त होगा। विशेष रूप से ग्रामीणों की लंबे समय की मांगों को ध्यान में रखते हुए ये योजनाएं तैयार की गई हैं।

    श्री  अग्रवाल ने कहा कि डबल इंजन सरकार का संकल्प है कि विकास की किरण अंतिम छोर तक पहुंचे। छत्तीसगढ़ का बहुमुखी विकास सुनिश्चित करते हुए हम हर क्षेत्र को समृद्ध बनाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता के लिए निर्देशित किया, तथा जनता से सक्रिय सहयोग की अपील की।

  • छत्तीसगढ़ के एग्रोक्लाइमेट के अनुरूप बनाएंगे विशेष नीति: केन्द्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान

    छत्तीसगढ़ के एग्रोक्लाइमेट के अनुरूप बनाएंगे विशेष नीति: केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान

    रायपुर.

    मुख्यमंत्री साय कृषि और ग्रामीण विकास के सभी पहलू पर कर रहे हैं बेहतर कार्य

    केन्द्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि छत्तीसगढ़ को कृषि के क्षेत्र में उन्नत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों और राज्य सरकार के अधिकारियों की टीम अगले एक हफ्ते में छत्तीसगढ़ के एग्रोक्लाइमेट के अनुरूप विशेष नीति बनाएंगे। बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम, मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त व सचिव श्रीमती शहला निगार, सहित केन्द्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। 

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय महानदी भवन में कृषि विभाग के कामकाज की उच्च स्तरीय समीक्षा उपरांत अधिकारियों को संबोधित करते हुए यह बातें कही। उन्होंने बैठक में यह भी कहा कि प्रदेश में फसल विविधिकरण को बढ़ावा देना है ताकि किसानों की आय बढ़े। साथ ही छोटी जोत के किसानों को कृषि से इतर पशुपालन, मत्स्यपालन, वानिकी जैसे सहायक गतिविधियों को भी बढ़ावा देना है।

    केंद्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में रिसर्च की समस्या, वैरायटी की समस्या को दूर किया जाएगा और फसलों के वैविध्य पर काम किया जाएगा। चौहान ने कहा जिस मंशा से मैं यहाँ आया हूँ, वह यह है कि अच्छा काम हो रहा है, लेकिन और बेहतर करने की अनंत संभावनाएं हैं। अलग-अलग प्रयोग कर कृषि को और सशक्त बनाएंगे। उन्होंने कहा कि अनुसंधान ऐसा होना चाहिए, जिससे सीधे किसानों को लाभ मिले। उन्होंने फॉर्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन को मजबूत करने, कृषि यंत्रों के वितरण के फिजिकल वेरिफिकेशन और प्रधानमंत्री धन-धान्य जिला योजना की समीक्षा की। केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ के कृषि अधिकारियों और सहयोगियों से संवाद कर टीम वर्क के साथ नवाचार पर ज़ोर दिया और कहा कि अच्छा काम करने वालों को सम्मान मिलेगा।

    मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ में कृषि विकास एवं किसानों के सशक्तिकरण को लेकर केन्द्र एवं राज्य सरकार के योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। केन्द्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि विविध फसलों के लिए छत्तीसगढ़ में उपयुक्त जलवायु क्षेत्र है। उन्होंने फसल विविधिकरण पर जोर देते हुए यहां के जलवायु के अनुरूप अलग-अलग जिलों व क्षेत्रों में अलग-अलग फसलों को बढ़ावा देने की बात कही।

    केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के किसानों के आय को बढ़ाने की दिशा में निरंतर सार्थक प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि उपकरणों एवं कृषि तकनीकों को अपनाकर नवाचार के साथ खेती करने से फसलों के उत्पादन में वृद्धि होगी, किसान सशक्त होंगे और देश समृद्ध होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में बेहतर कार्य हो रहे हैं। दलहन-तिलहन सहित बागवानी फसलों के लिए भी राज्य में उपयुक्त जलवायु है। इससे फसल परिवर्तन तथा विविधिकरण से किसानों के आय में वृद्धि होगी। 

    केन्द्रीय मंत्री चौहान ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना, कृषि सिंचाई योजना, मिशन फॉर आत्मनिर्भरता इन पल्सेस योजना, कृषि उन्नति, प्रधानमंत्री जनधन योजना, बागवानी मिशन योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पीएम सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को शत-प्रतिशत लाभ मिले यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंन पॉम ऑयल और मखाना की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में केन्द्र सरकार की ओर से तत्परता से मिलने वाले सहायोग के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को उम्मीद से अधिक मद्द केन्द्र सरकार से मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से राज्य में ग्रामीण विकास एवं कृषि के क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए मिले दिशा-निर्देश से इन क्षेत्रों के विकास को गति मिलेगी।