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  • पंजाब से बंगाल तक: भारत के 10 सबसे ज्यादा कर्ज़ में डूबे राज्य, जानें सूची

    पंजाब से बंगाल तक: भारत के 10 सबसे ज्यादा कर्ज़ में डूबे राज्य, जानें सूची

    नई दिल्ली
    भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) की रफ्तार तेज है और ये दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुई इकोनॉमी में बना हुआ है. वर्ल्ड बैंक से लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) तक ने इसका लोहा माना है. लेकिन तेजी से बढ़ते देश में, क्या आप जानते हैं कि कौन से राज्य सबसे ज्यादा कर्ज में डूबे हुए हैं? तो भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों पर नजर डाल लें, जिनसे पता चलता है कि कई बड़े राज्यों को कर्ज के बोझ तले दबकर अपने रेवेन्यू का एक बड़ा हिस्सा इनके ब्याज के भुगतान में खर्च करना पड़ता है. 

    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के FY2025 के आंकड़ों से पता चलता है कि कई बड़े राज्यों में कर्ज के ब्याज का भुगतान उसके अपने टैक्स और नॉन-टैक्स रेवेन्यू का 42% तक हिस्सा ले लेता है. इस तगड़े ब्याज भुगतान की वजह से इन राज्यों के पास सड़क, स्कूल, हेल्थ सर्विसेज और नए प्रोजेक्ट्स पर खर्च करने के लिए पैसों की कमी हो जाती है. कर्ज की मार झेल रहे भारत के 10 टॉप राज्यों के बारे में बात करें, तो…

    पश्चिम बंगाल
    वित्त वर्ष 2025 में पश्चिम बंगाल पर ब्याज भुगतान का बोझ अन्य राज्यों की तुलना में सबसे ज्यादा था. राज्य को टैक्स और नॉन टैक्स रेवेन्यू से 1.09 लाख करोड़ रुपये मिले थे, लेकिन सिर्फ ब्याज भुगतान पर 45 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए. इसका मतलब हुआ कि उसके राजस्व का 42% हिस्सा तो ब्याज चुकाने में ही चला गया. 

    पंजाब-बिहार
    दूसरे पायदान पर पंजाब रहा, जिसने अर्जित रेवेन्यू का 34% हिस्सा ब्याज भुगतान करने में खर्च कर दिया. Punjab का राजस्व कलेक्शन 70,000 करोड़ रुपये था और इसने कर्ज के ब्याज भुगतान पर करीब 24,000 करोड़ रुपये खर्च किए. इसके बाद तीसरे नंबर पर Bihar का नाम आता है, जिसने 62,000 करोड़ रुपये के रेवेन्यू में से लगभग 21 हजार करोड़ रुपये का ब्याज भुगतान किया और ये इसका 33% रहा. 

    केरल-तमिलनाडु
    केरल द्वारा FY2025 में 1.03 लाख करोड़ रुपये का रेवेन्यू कलेक्शन किया गया था और इसका 28% या करीब 29,000 करोड़ रुपये तो ब्याज के पेमेंट में ही चला गया. पांचवे नंबर पर तमिलनाडु रहा, जिसने अपने कलेक्शन में से 62,000 करोड़ रुपये या 28% का ब्याज पेमेंट किया था. इसके टैक्स रेवेन्यू सबसे अधिक रहा, लेकिन कर्ज की मार से ये राज्य भी बेहाल रहा. 

    हरियाण-राजस्थान और आंध्र प्रदेश
    Top-10 कर्ज के तले दबे राज्यों में अगला नंबर हरियाणा का है और इसने 94,000 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने के बाद इसमें से 27% या करीब 25,000 करोड़ रुपये का ब्याज भुगतान किया. सातवें पायदान पर राजस्थान था और राज्य ने 1.48 लाख करोड़ रुपये के राजस्व में से 38,000 करोड़ रुपये का ब्याज चुकाया. इसके अलावा आंध्र प्रदेश ने 1.2 लाख करोड़ रुपये के राजस्व पर 29 हजार करोड़ रुपये ब्याज भरा था. 

    MP-कर्नाटक
    लिस्ट में नौवें स्थान पर मध्य प्रदेश शामिल हैं और इसका वित्त वर्ष 2025 में टैक्स और नॉन-टैक्स रेवेन्यू 1.23 लाख करोड़ रुपये रहा था, जिसमें से ब्याज के भुगतान पर 27,000 करोड़ रुपये या कुल कलेक्शन का करीब 22% खर्च हुआ. बात दसवें पायदान की करें, तो यहां पर कर्नाटक है, जिसका कलेक्शन 2.03 लाख करोड़ रुपये का था और ब्याज भुगतान 19% यानी 39,000 करोड़ रुपये रहा. 

  • 1 फरवरी का राशिफल: ग्रहों की चाल से किन राशियों की खुलेगी किस्मत?

    1 फरवरी का राशिफल: ग्रहों की चाल से किन राशियों की खुलेगी किस्मत?

    मेष राशि- आज मेष राशि वालों का दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। कामकाज में जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, जिससे थकान महसूस हो सकती है। गुस्से या जल्दबाज़ी में कोई फैसला लेने से बचें, नहीं तो बात बिगड़ सकती है। पैसों के मामले में स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन अनावश्यक खर्च से दूरी बनाकर रखें। परिवार का सहयोग मिलेगा और किसी करीबी से बातचीत मन को हल्का कर सकती है। सेहत सामान्य रहेगी, बस आराम का ध्यान रखें।

    वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन संतुलन और समझदारी का है। काम में आपकी मेहनत नजर आएगी और सीनियर्स आपसे संतुष्ट रह सकते हैं। प्रेम जीवन में बातचीत से रिश्ते बेहतर होंगे। आर्थिक मामलों में कोई अच्छा निर्णय ले सकते हैं, खासकर बचत या निवेश को लेकर। घर-परिवार में माहौल शांत रहेगा। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन खान-पान पर ध्यान देना जरूरी है।

    मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों को आज सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत है। कामकाज में दबाव रह सकता है और किसी बात को लेकर असमंजस भी बना रहेगा। रिश्तों में छोटी-छोटी गलतफहमियां हो सकती हैं, लेकिन संवाद से सब संभल जाएगा। खर्च बढ़ने की संभावना है, इसलिए बजट का ध्यान रखें। सेहत को लेकर ज्यादा चिंता की बात नहीं है, लेकिन मानसिक तनाव से बचें।

    कर्क राशि- कर्क राशि वालों के लिए दिन भावनात्मक रह सकता है। परिवार और रिश्तों से जुड़ी बातें मन पर असर डाल सकती हैं। दफ्तर में जिम्मेदारी बढ़ेगी, लेकिन आप अपनी समझदारी से काम संभाल लेंगे। पैसों के मामले में स्थिरता बनी रहेगी। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन थकान और नींद की कमी महसूस हो सकती है।

    सिंह राशि- सिंह राशि वालों के लिए आज आत्मविश्वास से भरा दिन है। कामकाज में आपकी बात सुनी जाएगी और तारीफ भी मिल सकती है। प्रेम जीवन में मधुरता रहेगी और साथी का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और कोई रुका हुआ काम पूरा हो सकता है। सेहत अच्छी रहेगी, लेकिन खान-पान में लापरवाही न करें।

    कन्या राशि- कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन थोड़ा व्यस्त रह सकता है। काम में बारीकियों पर ध्यान देना पड़ेगा, नहीं तो गलती हो सकती है। रिश्तों में ज्यादा सोच-विचार से बचें और बात को सरल रखें। खर्च बढ़ सकता है, इसलिए गैर-जरूरी चीजों से दूरी रखें। सेहत को लेकर सावधानी बरतें, खासकर पेट से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं।

    तुला राशि- तुला राशि वालों को आज हर मामले में संतुलन बनाकर चलना होगा। काम और रिश्तों दोनों में समझदारी की जरूरत है। दफ्तर में किसी फैसले को टालना बेहतर रहेगा। पैसों को लेकर बड़ा कदम उठाने से पहले सोच लें। मानसिक तनाव महसूस हो सकता है, इसलिए खुद को समय दें। सेहत सामान्य रहेगी।

    वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव वाला हो सकता है। कामकाज में धैर्य रखें और किसी से टकराव से बचें। रिश्तों में ईमानदारी जरूरी रहेगी। पैसों के मामले में सोच-समझकर खर्च करें। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन तनाव से दूर रहना फायदेमंद होगा।

    धनु राशि- धनु राशि वालों के लिए आज का दिन सकारात्मक संकेत लेकर आया है। कामकाज में नए मौके मिल सकते हैं। प्रेम जीवन में खुशी और अपनापन रहेगा। पैसों के मामले में दिन अच्छा है और किसी पुराने प्रयास का फल मिल सकता है। सेहत भी साथ देगी और मन उत्साहित रहेगा।

    मकर राशि- मकर राशि वालों को आज मेहनत ज्यादा करनी पड़ सकती है। काम में दबाव रहेगा, लेकिन परिणाम संतोषजनक मिलेंगे। रिश्तों में दूरी न आने दें और समय निकालकर बातचीत करें। खर्च बढ़ सकता है, इसलिए पैसों पर नियंत्रण रखें। सेहत पर थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है।

    कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों के लिए आज नए विचार और योजनाओं का दिन है। काम में कुछ नया करने का मौका मिलेगा। रिश्तों में सहयोग और समझ बनी रहेगी। पैसों के मामले में सुधार के संकेत हैं। सेहत सामान्य रहेगी और मन हल्का महसूस होगा।

    मीन राशि- मीन राशि वालों को आज भावनाओं पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। कामकाज में खुद को साबित करने का मौका मिलेगा। पैसों में लाभ के योग हैं, लेकिन खर्च पर नजर रखना जरूरी होगा। रिश्तों में संवेदनशीलता रखें। सेहत ठीक रहेगी, बस लापरवाही न करें।

  • ईरान की ओर बढ़ रहे युद्धपोत, ‘वेनेजुएला ऑपरेशन’ से भी बड़ा प्लान? ट्रंप की रणनीति पर सवाल

    ईरान की ओर बढ़ रहे युद्धपोत, ‘वेनेजुएला ऑपरेशन’ से भी बड़ा प्लान? ट्रंप की रणनीति पर सवाल

    तेहरान 

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि एक 'मैसिव अर्माडा' (बड़ा नौसैनिक बेड़ा) ईरान की ओर जा रहा है, जो वेनेजुएला ऑपरेशन से भी बड़ा है. ट्रंप चाहते हैं कि ईरान न्यूक्लियर डील पर बात करे, वरना हमला हो सकता है.

    ईरान ने कहा कि वह बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अपनी शर्तों पर. अगर हमला हुआ तो बचाव करेगा. अरब देशों ने संयम बरतने की अपील की है, क्योंकि इससे बड़ा युद्ध फैल सकता है.

    ट्रंप ने क्या कहा?

    28 जनवरी 2026 को ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया कि 'एक मैसिव अर्माडा ईरान की ओर जा रहा है.' उन्होंने ईरान से कहा कि न्यूक्लियर डील कर लो, वरना समय खत्म हो रहा है. हमला 'स्पीड और वायलेंस' से होगा. ट्रंप ने इसे वेनेजुएला ऑपरेशन से बड़ा बताया.

    उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु संवर्धन बंद करना होगा. बैलिस्टिक मिसाइलें सीमित करनी होंगी. हमास, हिजबुल्लाह, हूती जैसे ग्रुप्स को सपोर्ट बंद करना होगा. ट्रंप ने पिछले साल जून 2025 में ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर हमले का जिक्र किया और कहा कि अगला हमला और बुरा होगा.

    क्या है यह 'मैसिव अर्माडा'?

    यह अमेरिकी नौसेना का बड़ा बेड़ा है, जिसमें USS अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर, कई गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर्स, बॉम्बर्स और फाइटर जेट्स शामिल हैं. यह अरब सागर में तैनात है. ट्रंप ने कहा कि यह 'रेडी, विलिंग और एबल' है. हाल ही में USS Delbert D. Black इजरायल के ईलात बंदरगाह पर पहुंचा है। कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट में 35,000+ अमेरिकी सैनिक और कई जहाज तैनात हैं. 

    वेनेजुएला ऑपरेशन क्या था? तुलना क्यों?

    वेनेजुएला ऑपरेशन को 'ऑपरेशन सदर्न स्पियर' कहा जाता है. यह 2025 में शुरू हुआ, जब अमेरिका ने कैरिबियन सागर में बड़ा नौसेना बिल्डअप किया. इसमें USS Gerald R. Ford कैरियर स्ट्राइक ग्रुप, USS Iwo Jima एम्फीबियस रेडी ग्रुप और अन्य जहाज शामिल थे.

    कुल 15-20 हजार सैनिक और 150+ एयरक्राफ्ट थे. इसका उद्देश्य ड्रग ट्रैफिकिंग रोकना था, लेकिन यह वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाने के लिए था. 3 जनवरी 2026 को अमेरिका ने मादुरो को गिरफ्तार कर लिया. ट्रंप ने ईरान के लिए इससे बड़ा आर्मडा भेजा है, जो दिखाता है कि कितना बड़ा खतरा है.

    ईरान की प्रतिक्रिया क्या है?

    ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन धमकी के तहत नहीं. ईरान खुद को बचाएगा अगर हमला हुआ. तेहरान में अमेरिका विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं. ईरान ने अपना ड्रोन कैरियर शहीद बघेरी बंदर अब्बास से 6 किमी दूर रखा है.स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लाइव-फायर एक्सरसाइज कर रहा है. ईरान ने अपने न्यूक्लियर साइट्स को और गहराई में छिपाया है.

    क्यों बढ़ रहा है तनाव?  

        न्यूक्लियर प्रोग्राम: 2018 में ट्रंप ने JCPOA डील तोड़ी. जून 2025 में अमेरिका-इजरायल ने फोर्डो, नटांज, इस्फाहान पर हमला किया. IAEA कहता है कि ईरान फिर से संवर्धन बढ़ा रहा है.  

        प्रदर्शन: जनवरी 2026 में ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन, 100+ मौतें. ट्रंप इसे रेजीम चेंज का मौका मानते हैं.  

        रीजनल वॉर: ईरान हूती, हिजबुल्लाह को सपोर्ट करता है, जो अमेरिकी सहयोगियों पर हमला करते हैं.

    अरब और रीजनल देशों की अपील

    सऊदी अरब, UAE, जॉर्डन जैसे देश युद्ध से डर रहे हैं. तुर्की ने अमेरिका से संयम बरतने को कहा है. वे चाहते हैं कि बातचीत से हल निकले, क्योंकि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर सकता है. इससे तेल की कीमतें बढ़ेंगी और ग्लोबल इकोनॉमी प्रभावित होगी. यूके, फ्रांस और इजरायल अमेरिका के साथ हैं, लेकिन सऊदी, कतर, ओमान, मिस्र ने हमला न करने की अपील की. 

    अगर हमला हुआ तो रीजनल युद्ध फैल सकता है. ईरान अमेरिकी बेस या इजरायल पर हमला कर सकता है. ट्रंप की 'मैक्सिमम प्रेशर' पॉलिसी जारी है, लेकिन डिप्लोमेसी की उम्मीद भी है. स्थिति नाजुक है – अभी हमला नहीं हुआ, लेकिन धमकियां बढ़ रही हैं.

  • एपस्टीन फाइल्स के 30 लाख दस्तावेज होंगे सार्वजनिक, मीरा नायर का नाम क्यों जुड़ा?

    एपस्टीन फाइल्स के 30 लाख दस्तावेज होंगे सार्वजनिक, मीरा नायर का नाम क्यों जुड़ा?

    न्यूयॉर्क

    हाल ही में अमेरिका के न्याय विभाग द्वारा जारी किए गए एपस्टीन फाइल्स के नए दस्तावेजों ने एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा कर दिया है। इन दस्तावेजों में न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी की मां और प्रसिद्ध भारतीय-अमेरिकी फिल्म निर्देशक मीरा नायर का नाम भी सामने आया है।

    नए दस्तावेजों का खुलासा

    अमेरिकी न्याय विभाग ने शुक्रवार को दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से संबंधित लगभग 30 लाख पन्नों के दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं। इनमें न केवल टेक्स्ट फाइलें शामिल हैं, बल्कि 2000 वीडियो और 1.8 लाख तस्वीरें भी मौजूद हैं। इन फाइल्स ने कई प्रभावशाली हस्तियों के एपस्टीन और उसकी सहयोगी गिलेन मैक्सवेल के साथ संबंधों की परतें खोल दी हैं।
    मीरा नायर और 'अमेलिया' फिल्म की आफ्टरपार्टी

    दस्तावेजों में शामिल 21 अक्टूबर 2009 का एक ईमेल विशेष रूप से चर्चा में है। यह ईमेल पब्लिसिस्ट पेगी सीगल द्वारा जेफरी एपस्टीन को भेजा गया था। इसमें बताया गया है कि मीरा नायर की फिल्म 'अमेलिया' की रिलीज के बाद एक आफ्टरपार्टी का आयोजन गिलेन मैक्सवेल के टाउनहाउस पर किया गया था।

    ईमेल में सीगल ने लिखा- 'अभी-अभी गिलेन के टाउनहाउस से निकली हूं… फिल्म की आफ्टरपार्टी थी। वहां बिल क्लिंटन और जेफ बेजोस भी मौजूद थे… साथ ही निर्देशक मीरा नायर भी थीं।' ईमेल में यह भी जिक्र किया गया कि फिल्म को लेकर मेहमानों की प्रतिक्रिया बहुत उत्साहजनक नहीं थी, हालांकि महिलाओं को यह फिल्म काफी पसंद आई थी।
    हाई-प्रोफाइल हस्तियों की मौजूदगी

    इस खुलासे ने फिर से उन कड़ियों को जोड़ दिया है जो दिग्गज राजनेताओं और व्यापारियों को एपस्टीन के दायरे से जोड़ती हैं। पार्टी में शामिल होने वाले प्रमुख नामों में शामिल हैं-

    बिल क्लिंटन: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति।

    जेफ बेजोस: अमेजन के पूर्व सीईओ।

    हिलेरी स्वैंक: फिल्म की मुख्य अभिनेत्री, जो ब्लूमिगडेल्स में आयोजित एक अन्य 'अजीब' कार्यक्रम में मौजूद थीं।
    एलन मस्क और एपस्टीन के बीच संवाद

    दस्तावेजों में टेस्ला के सीईओ एलन मस्क और एपस्टीन के बीच 2012 के ईमेल संवाद का भी जिक्र है। नवंबर 2012 में एपस्टीन ने मस्क से पूछा था कि हेलीकॉप्टर से द्वीप (आइलैंड) पर जाने के लिए उनके साथ कितने लोग होंगे। एलन मस्क ने इसके जवाब में लिखा- शायद सिर्फ टालुला (उनकी तत्कालीन पत्नी) और मैं। तुम्हारे द्वीप पर सबसे 'वाइल्ड' पार्टी किस दिन/रात होगी?

    30 लाख से अधिक पन्नों के दस्तावेज

    Fox News की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी न्याय विभाग ने कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मामलों में अब तक का सबसे बड़ा खुलासा करने की घोषणा की है. इस संबंध में अमेरिका की उप अटॉर्नी जनरल ब्लैंच ने जानकारी देते हुए कहा कि विभाग 30 लाख से अधिक पन्नों के दस्तावेज़ सार्वजनिक करने जा रहा है. इन फाइलों में बड़ी संख्या में वीडियो और तस्वीरें भी शामिल हैं. ब्लैंच के अनुसार, न्याय विभाग की ओर से पेश किए जा रहे इस रिकॉर्ड में 2,000 से अधिक वीडियो और लगभग 1,80,000 तस्वीरें शामिल होंगी.

    अमेरिकी न्याय विभाग ने लाखों दस्तावेज किए सार्वजनिक

    अमेरिकी न्याय विभाग ने जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से बड़ी संख्या में रिकॉर्ड सार्वजनिक किए हैं. इनमें 30 लाख से अधिक पन्नों के दस्तावेज़, करीब दो हजार वीडियो और लगभग एक लाख अस्सी हजार तस्वीरें शामिल हैं. इन फाइलों में ईमेल संवाद, गवाहियों के अंश और आंतरिक संचार से जुड़ी जानकारियां शामिल हैं. विभाग का कहना है कि इन दस्तावेजों में दर्ज अधिकांश बातें संदर्भ और आरोपों के रूप में हैं न कि किसी अदालत की तरफ से साबित किया गया फैक्ट.

    2009 की आफ्टर पार्टी का खुलासा ईमेल से

    दस्तावेज़ों में 21 अक्टूबर 2009 का एक ईमेल भी शामिल है, जिसे प्रसिद्ध हॉलीवुड पब्लिसिस्ट पेगी सीगल ने जेफ्री एपस्टीन को भेजा था. यह ईमेल उसी रात भेजा गया था, जब वह गिस्लेन मैक्सवेल के न्यूयॉर्क स्थित टाउनहाउस में आयोजित एक आफ्टर पार्टी से लौटी थीं. ईमेल में पेगी सीगल ने लिखा कि वह अभी-अभी गिस्लेन के घर से निकली हैं, जहां एक फिल्म की आफ्टर पार्टी आयोजित की गई थी. उन्होंने ईमेल में बताया कि उस पार्टी में बिल क्लिंटन, जेफ बेजोस, जीन पिगोनी और निर्देशक मीरा नायर समेत कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद थीं.

    फिल्म Amelia की आफ्टर पार्टी थी आयोजन

    दस्तावेजों के अनुसार, यह आफ्टर पार्टी मीरा नायर की फिल्म “Amelia” के लिए आयोजित की गई थी, जो वर्ष 2009 में रिलीज़ हुई थी. ईमेल में फिल्म को लेकर मेहमानों की प्रतिक्रिया का भी जिक्र किया गया है. पेगी सीगल ने अपने निजी ईमेल में लिखा कि फिल्म को कुल मिलाकर ठंडी प्रतिक्रिया मिली, हालांकि महिलाओं को यह फिल्म अधिक पसंद आई. ईमेल में कुछ अन्य सामाजिक आयोजनों को भी अजीब बताया गया है. यह पूरा संवाद अनौपचारिक और निजी भाषा में लिखा गया था, जिसे दस्तावेजों में ज्यों का त्यों शामिल किया गया है.

    पार्टी में शामिल अन्य चर्चित नाम

    ईमेल के अनुसार, उस आफ्टर पार्टी में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और अमेज़न के संस्थापक जेफ बेजोस भी मौजूद थे. इसके अलावा फैशन, कला और सिनेमा जगत से जुड़े कई अन्य प्रभावशाली लोगों की मौजूदगी का जिक्र है. दस्तावेज यह स्पष्ट करते हैं कि इन नामों का उल्लेख केवल एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने के संदर्भ में है और इन फाइलों के आधार पर किसी पर भी आपराधिक गतिविधियों का आरोप नहीं लगाया गया है.

    एलन मस्क से जुड़े ईमेल भी फाइलों में शामिल

    नई एपस्टीन फाइल्स में टेस्ला और स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क से जुड़े ईमेल्स का भी उल्लेख किया गया है. दस्तावेज़ों के अनुसार, नवंबर 2012 में जेफ्री एपस्टीन ने एलन मस्क को एक ईमेल भेजा था, जिसमें उनसे द्वीप पर आने वाले लोगों की संख्या को लेकर सवाल किया गया था. इसके जवाब में मस्क ने लिखा कि शायद वह और उनकी साथी तालुलाह ही होंगे और उन्होंने यह भी पूछा कि द्वीप पर सबसे बड़ी पार्टी किस दिन या रात को होती है. इन ईमेल्स को भी केवल संवाद और संदर्भ के रूप में पेश किया गया है, न कि किसी अपराध के प्रमाण के रूप में.

    एपस्टीन नेटवर्क को लेकर फिर तेज हुई बहस

    इन नए दस्तावेजों के सामने आने के बाद अमेरिकी राजनीति, हॉलीवुड और वैश्विक कारोबारी जगत में जेफ्री एपस्टीन के नेटवर्क को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं. खास बात यह है कि इन फाइलों में राजनीति, सिनेमा और कॉर्पोरेट दुनिया से जुड़े कई बड़े नाम एक साथ सामने आए हैं.

    यह जानकारी ऐसे समय में आई है जब जोहरान ममदानी न्यूयॉर्क के मेयर के रूप में कार्यरत हैं। उनकी मां मीरा नायर का नाम एक ऐसी पार्टी से जुड़ना, जो एक दोषी सेक्स ट्रैफिकर के घर पर आयोजित की गई थी, सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

    हालांकि ये ईमेल पार्टियों में उपस्थिति की पुष्टि करते हैं, लेकिन ये सीधे तौर पर इन हस्तियों द्वारा किसी अवैध गतिविधि में शामिल होने का सबूत नहीं देते, बल्कि एपस्टीन के व्यापक और प्रभावशाली नेटवर्क को उजागर करते हैं।

  • यूपी में भीषण सड़क हादसा: 100 की रफ्तार से आ रहे ट्रक ने दो ऑटो को मारी टक्कर, 5 की मौत

    यूपी में भीषण सड़क हादसा: 100 की रफ्तार से आ रहे ट्रक ने दो ऑटो को मारी टक्कर, 5 की मौत

    आगरा

    यूपी के आगरा में शनिवार को भीषण हादसा हो गया। एक तेज रफ्तार ट्रक ने दो ऑटो में टक्कर मार दी। ट्रक की टक्कर लगने से ऑटो में बैठे पांच लोगों की मौत हो गई। जबकि तीन लोग बुरी तरह से घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी जगन्नाथपुरी से लौटे थे। ट्रक 100 की स्पीड में आ रहा था। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से भागने का प्रयास करने लगा लेकिन आसपास के लोगों ने पकड़कर उसकी पिटाई कर दी। हादसे की सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची और मृतकों की शिनाख्त करके उनके घर वालों को सूचना दी।

    हादसा शनिवार को खंदौली थाना क्षेत्र में जलेसर रोड पर हुआ है। पुलिस ने बताया कि हाथरस जिले के थाना धाधयू के भादउ गांव के रहने वाले विजय सिंह उर्फ बीजो गौतम पुत्र राधेश्याम गौतम, लक्ष्मीचंद पुत्र भगवती प्रसाद, रघुवीर पुत्र जगन्नाथ प्रसाद, बिरला मिस्त्री और आगरा के शाहिद पुत्र मुंशी खान निवासी आजम पड़ा थाना शाहगंज समेत आठ दोस्त 20 जनवरी को जगन्नाथपुरी गए थे। दर्शन के बाद सभी शनिवार को जबलपुर होते हुए आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। सभी ने अपने-अपने गांव जाने के लिए दो ऑटो बुक किए थे। रामदत्त दवा लेने के लिए रास्ते में उतर गया। थोड़ी देर बाद नगला चंदन जलेसर रोड पर सामने से एक तेज रफ्तार ट्रक आ रहा था। उसने दोनों ऑटो को टक्कर मार दी, जिससे पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि धनप्रसाद और विजय गंभीर रूप से घायल हो गए। इन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां एक और व्यक्ति ने दम तोड़ दिया।
    100 की स्पीड से आ रहा था ट्रक

    हादसे के बाद आसपास के लोगों ने ट्रक चालक को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर उनकी शिनाख्त की। पुलिस के अनुसार एक ऑटो शहीद खान चला रहा था। दूसरे चालक का नाम नहीं पता चल पाया है। पुलिस ने बताया कि ट्रक ड्राइवर नशे की हालत में था। वह 100 की रफ्तार से जलेसर रोड की तरफ ट्रक को लहराते हुए चल रहा था। ट्रक चालक ने पहले एक ऑटो को टक्कर मारी, फिर दूसरे को। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों ऑटो उछलकर एक पेड़ से टकराकर गड्ढे में पलट गए। टेंपो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।

  • उद्यमियों ने रखीं मांगें, डिफेंस कॉरिडोर में भूमि आवंटन, इंडस्ट्रियल लैंड को फ्रीहोल्ड करने का प्रस्ताव

    उद्यमियों ने रखीं मांगें, डिफेंस कॉरिडोर में भूमि आवंटन, इंडस्ट्रियल लैंड को फ्रीहोल्ड करने का प्रस्ताव

    लखनऊ.
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अपर मुख्य सचिवों और प्रमुख सचिवों की उपस्थिति में हुई उद्योग संगठनों और उद्यमियों के साथ विशेष के दौरान मुख्यमंत्री ने बजट 2026-27 के संदर्भ में उद्योग जगत से सुझाव आमंत्रित किए और ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को और प्रभावी बनाने के लिए उद्यमियों तथा उद्योग संगठनों से व्यावहारिक सुझाव देने का आह्वान किया। 

    सीआईआई के वाइस चेयरमैन अभिषेक सराफ ने डिफेंस कॉरिडोर के लखनऊ नोड में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के लिए भूमि आवंटन की आवश्यकता बताई और इस दिशा में शीघ्र निर्णय की अपेक्षा जताई। फिक्की के चेयरमैन मनोज गुप्ता ने औद्योगिक भूमि को फ्रीहोल्ड किए जाने की मांग रखते हुए कहा कि इससे निवेशकों का विश्वास और दीर्घकालिक निवेश दोनों बढ़ेंगे। इंडिया पेस्टीसाइड लिमिटेड  के प्रतिनिधि ने विभिन्न कानूनों के डी-क्रिमिनलाइजेशन के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए इसे उद्योगों के लिए बड़ा और सकारात्मक सुधार बताया।
    एसोचैम के को-चेयरमैन ने हसन याकूब 'वन कंपनी- वन रजिस्टर-वन लेटर' जैसी व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया, जिससे अनुपालन प्रक्रिया सरल हो सके। उन्होंने कहा उत्तर प्रदेश के ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ की तर्ज पर फिलीपींस में भी एक कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है, जो प्रदेश की नीति की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है। वहीं एसोचैम उत्तर प्रदेश द्वारा युवाओं के प्लेसमेंट के लिए किए जा रहे नियोजित प्रयासों की जानकारी भी साझा की गई।

    बैठक में औद्योगिक कौशल और वित्तीय बाजार से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने आईटीआई संस्थानों को और विकसित करने, वहां रिसर्च और इनोवेशन को प्रोत्साहित करने तथा इक्विटी मार्केट के विकास की आवश्यकता पर बल दिया। इसे भविष्य की मजबूत औद्योगिक अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत उपयोगी बताया गया।

    उद्योग संगठनों द्वारा प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े मामलों में ओटीएस योजना लाए जाने की मांग भी रखी गई। साथ ही यह सुझाव दिया गया कि देश के विभिन्न एक्सपोर्ट काउंसिल्स के साथ उत्तर प्रदेश की एमएसएमई इकाइयों का नियमित संवाद कराया जाए, जिससे निर्यात को बड़े पैमाने पर बढ़ावा मिल सके।

    नैस्कॉम के लखनऊ चैप्टर के चेयरमैन रमीश जैदी ने छोटी आईटी कंपनियों के लिए प्लग-एंड-प्ले फैसिलिटी की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इससे स्टार्ट-अप्स और उभरती टेक कंपनियों को तेजी से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। क्रेडाई के यूपी के प्रेसीडेंट शोभित मोहन दास ने रियल एस्टेट सेक्टर की समस्याओं के समाधान के लिए उद्योग बंधु की तर्ज पर नियमित अंतराल पर “आवास बंधु” बैठक आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

    दलित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के स्टेट प्रेसिडेंट मनीष वर्मा से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जनपद में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कम से कम 10 युवा उद्यमियों को तैयार करने के लिए ठोस और योजनाबद्ध प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि समावेशी औद्योगिक विकास को गति मिल सके।

  • एम.पी. ट्रांसको के सैलरी खाता धारकों के लिये बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र देगा

    एम.पी. ट्रांसको के सैलरी खाता धारकों के लिये बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र देगा

    एम.पी. ट्रांसको के सैलरी खाता धारकों के लिये बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र देगा

    बीमा,लोन सहित अन्य सुविधायें

    भोपाल 

    प्रदेश में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने अपने कार्मिकों के लिए अन्य बैंको से वेतन प्राप्त करने के विकल्प में बढ़ोतरी करते हुए बैंक आफ महाराष्ट्र के साथ एक एमओयू में हस्ताक्षर किए हैं। इसके अंतर्गत बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र अब सैलरी वेरियेंट के हिसाब से  सैलरी सेविंग अकाउण्‍ट स्‍कीम बैंकिंग सेवाओं के अंतर्गत मिलने वाली सुविधाएं प्रदान करेगा।

    बैंक से ये मिलेगी सुविधाएं

     मुख्य वित्तीय अधिकारी  मुकुल महरोत्रा ने जानकारी दी कि इस समझौते के तहत बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र, एम.पी. ट्रांसको के खाता धारक कार्मिकों को नई विशेष हितकारी सुविधाएं, जिनमें सामान्य मृत्यु बीमा 10 लाख तक, हवाई दुर्घटना बीमा कवर, दुर्घटना (मृत्यु) बीमा कवर, विकलांगता बीमा कवर, विभिन्‍न लोनों के प्रोसेसिंग फीस में छूट, चिकित्सा बीमा इत्यादि का लाभ प्रदान करेगा। 

    इसके अलावा बिना शुल्क, डिजिटल उत्पादों से लैस सैलरी सेविंग अकाउण्‍ट स्‍कीम बैंकिंग सुविधा प्रदान करेगा एवं ऋण खातों में प्रोसेसिंग फीस छूट, लॉकर किराए में छूट, बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र रू-पे कार्ड की विभिन्न सुविधाएं डेबिट कार्ड (टॉप वेरियंट), सुपर टॉपअप हेल्थ बीमा आदि सुविधायें बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र में एम.पी. ट्रांसको के वेतन खाता धारक कार्मिकों के लिये उपलब्ध रहेंगी।

     

  • मुख्यमंत्री के गोरक्षा से जुड़े अभूतपूर्व कार्यों से मिली उनसे मुलाकात की प्रेरणा

    मुख्यमंत्री के गोरक्षा से जुड़े अभूतपूर्व कार्यों से मिली उनसे मुलाकात की प्रेरणा

    लखनऊ.
    गोमाता के संरक्षण, भारतीय संस्कृति में उसके महत्व और पंचगव्य आधारित वैज्ञानिक दृष्टिकोण को केंद्र में रखकर बनी फिल्म ‘गोदान’ के निर्माता-निर्देशक ने शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर फिल्म का ट्रेलर लांच किया गया। फिल्म के निर्माता व निर्देशक ने स्पष्ट किया कि देश में गो-रक्षा को लेकर सबसे व्यापक, ठोस और जमीनी स्तर पर कार्य उत्तर प्रदेश में हुआ है, और इसके पीछे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट विजन और प्रतिबद्ध नेतृत्व है। इन्हीं बातों ने उन्हें सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के लिए प्रेरित किया।

    सीएम योगी के सत्ता संभालते ही उत्तर प्रदेश में गो तस्करों पर शुरु हुआ ताबड़तोड़ एक्शन

    योगी आदित्यनाथ के सीएम बनते ही उत्तर प्रदेश में गो तस्करों पर ताबड़तोड़ एक्शन शुरु हुआ और बड़े पैमाने पर गो तस्करों की गिरफ्तारी की गई। गोवंश के प्रति मुख्यमंत्री के स्नेह और गो संरक्षण के लिए उनकी प्रतिबद्धता का इसी बात से पता चलता है कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में साढ़े सात हजार से ज्यादा गो आश्रय स्थल बनाए गए हैं। इतना ही नहीं, 12 लाख से अधिक निराश्रित गोवंश संरक्षित किए जा चुके हैं। गो सेवा और उनके संरक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए हर जिले में गो संरक्षण समितियों का गठन किया गया है। हर जनपद के डीएम व एसएसपी इसके नोडल अधिकारी बनाए गए हैं।

    मुख्यमंत्री को फिल्म की विषयवस्तु, उद्देश्य और सामाजिक संदेश से अवगत कराया

    विनोद चौधरी द्वारा निर्मित व निर्देशित ‘गोदान’ फिल्म 6 फरवरी को देशभर में एक साथ रिलीज होने जा रही है। यह फिल्म केवल एक कहानी नहीं, बल्कि गोमाता के संरक्षण, भारतीय संस्कृति, वैज्ञानिक चेतना और सामाजिक उत्तरदायित्व का समग्र दस्तावेज है। निर्माता ने मुख्यमंत्री को फिल्म की विषयवस्तु, उद्देश्य और सामाजिक संदेश से अवगत कराया।

    गोरक्षा को लेकर सीएम योगी के अभूतपूर्व कार्य बने प्रेरणा

    फिल्म निर्माता विनोद चौधरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान कहा कि आज देश में गो-रक्षा के क्षेत्र में जो ठोस कार्य दिख रहा है, उसका सबसे बड़ा केंद्र उत्तर प्रदेश है। प्रदेश में गोशालाओं का विस्तार, निराश्रित गोवंश की व्यवस्था, तस्करी पर सख्ती और गो संरक्षण को शासन की प्राथमिकता बनाना, ये सभी कार्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संभव हो पाए हैं।

    निर्माता विनोद चौधरी ने कहा कि जो दायित्व सामान्यतः समाज और हर नागरिक का होना चाहिए, उसे मुख्यमंत्री स्वयं उदाहरण बनकर निभा रहे हैं। गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा है, जो वैदिक काल से हमारे जीवन का आधार रही है। समुद्र मंथन से कामधेनु की प्राप्ति की कथा से लेकर आज तक गाय भारतीय सभ्यता की पोषक रही है।

    नई पीढ़ी को गाय के महत्व से जोड़ने का प्रयास

    विनोद चौधरी ने कहा कि नई युवा पीढ़ी धीरे-धीरे गाय के महत्व को भूलती जा रही है। दूध देने तक गाय को रखा जाता है और उसके बाद उसे छोड़ दिया जाता है, फिर यह कहा जाता है कि इसकी जिम्मेदारी सरकार निभाए। जबकि यह केवल सरकार का नहीं, बल्कि हम सभी नागरिकों का नैतिक और सामाजिक कर्तव्य है कि गोमाता का पालन-पोषण करें। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गाय हमारी माता है। जो लोग गाय को केवल पशु कहते हैं, वे स्वयं पशुता की मानसिकता में जी रहे हैं। जैसे मां हमें पोषण देती है, वैसे ही गाय संपूर्ण मानव समाज का पोषण करती है।
     
    पंचगव्य से पंच परिवर्तन का संदेश

    फिल्म ‘गोदान’ में पंचगव्य से पंच परिवर्तन को प्रमुखता से दिखाया गया है। इसमें बताया गया है कि पंचगव्य किस प्रकार मानव जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है। निर्माता के अनुसार, गाय पर हाथ फेरने मात्र से मानसिक शांति मिलती है, रक्तचाप संतुलित होता है और अनेक बीमारियों पर इसका प्रभाव पड़ता है। फिल्म में यह संदेश वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया गया है।

    युवा पीढ़ी को यह फिल्म अवश्य देखनी चाहिए

    फिल्म निर्माता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फिल्म को टैक्स-फ्री किए जाने की अपेक्षा भी व्यक्त की। उनका कहना था कि यह फिल्म किसी एक जाति, धर्म या वर्ग की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक के लिए है। विशेषकर युवा पीढ़ी को यह फिल्म अवश्य देखनी चाहिए। स्कूल के बच्चों, परिवारों और समाज के हर वर्ग तक इसका संदेश पहुंचना चाहिए।
    सीएम योगी से मुलाकात के दौरान विनोद चौधरी (निर्माता), शांतनु शुक्ला (प्रचार-प्रसार प्रमुख), डॉ. कपिल त्यागी (सीएमडी, यथार्थ हॉस्पिटल, नोएडा) और नवल किशोर उपस्थित रहे।

    प्रदेश में गो सेवा-संरक्षण के अभूतपूर्व प्रबंध

    गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि धरती, कृषि, प्रकृति और मानव जीवन, सभी के लिए गोमाता  सबसे बड़ा आशीर्वाद हैं। प्रदेश में गोसेवा और संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। गोमाता पर बनी यह फिल्म हर युवा, बच्चे और बुजुर्ग को सपरिवार देखनी चाहिए।

  • मुख्यमंत्री योगी का आह्वान, सीएसआर से प्रदेश के विकास में सहभागी बनें उद्योग समूह

    मुख्यमंत्री योगी का आह्वान, सीएसआर से प्रदेश के विकास में सहभागी बनें उद्योग समूह

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में किया गया निवेश केवल एक राज्य में निवेश नहीं, बल्कि राष्ट्रहित में किया गया निवेश है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश जिस आर्थिक मजबूती और स्थिरता की ओर बढ़ रहा है, उसमें उद्योग जगत की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की खुशहाली, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में उद्योग जगत सबसे बड़ा सहयोगी है और सरकार इस साझेदारी को और मजबूत करना चाहती है।

    शनिवार को राज्य स्तरीय उद्योग संगठनों और प्रमुख उद्यमियों के साथ आयोजित विशेष बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार उद्योगों को केवल निवेशक नहीं, बल्कि विकास की साझेदारी का अभिन्न हिस्सा मानती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेश में निवेश करने वाला हर उद्यमी सरकार को अपने साथ खड़ा पाएगा और नीति, इंफ्रास्ट्रक्चर तथा प्रशासन, तीनों स्तरों पर सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने उद्योग समूहों से कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के विकास और सामाजिक बदलाव का सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न उद्योग समूह अपनी रुचि और विशेषज्ञता के अनुसार शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय अधोसंरचना जैसे क्षेत्रों में सीएसआर के तहत योगदान कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उद्योगों के सामाजिक योगदान को प्रदेश के समावेशी विकास का मजबूत आधार मानती है।

    लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने एमएसएमई सेक्टर में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत सुझाव देने की बात कही। उन्होंने पैकेजिंग, डिजाइनिंग और एक्सपोर्ट प्रमोशन को और मजबूत करने में उद्योग समूहों से सहयोग का आह्वान किया। टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट्स सेक्टर में महिलाओं की बड़ी भूमिका को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में महिलाओं के लिए अधिक अवसर सृजित करने हेतु ठोस और व्यावहारिक प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।

    मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों के अनुरूप समय पर इंसेंटिव वितरण के लिए उद्यमियों को आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि घोषित प्रोत्साहन पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उद्योगों तक पहुंचे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने खिलौना उद्योग की संभावनाओं की ओर ध्यान दिलाते हुए प्रदेश में खिलौना पार्क के विकास की आवश्यकता बताई।

    मुख्यमंत्री ने औद्योगिक भूमि की लागत कम करने पर भी विशेष जोर दिया और कहा कि भूमि, लॉजिस्टिक्स और अनुमोदन से जुड़ी लागत को कम कर निवेश को और आकर्षक बनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि एमएसएमई इकाइयों और नए उद्यमियों के लिए सुगम वातावरण तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है।

    उद्योग बंधु की बैठकों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जनपद स्तर पर आयोजित उद्योग बंधु बैठकों में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इन बैठकों में उद्योग जगत द्वारा रखी गई समस्याओं और अपेक्षाओं का समाधान अगली बैठक से पहले हर हाल में होना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि उद्योग बंधु की राज्य स्तरीय बैठक केवल लखनऊ तक सीमित न रहे, बल्कि अन्य मंडल मुख्यालयों पर भी आयोजित की जाए। कमिश्नरी स्तर पर मंडलायुक्त और एडीजी/आईजी की उपस्थिति में प्रत्येक दो माह में उद्योग बंधु की बैठक आयोजित की जाए। इसमें संबंधित मंत्रीगणों के साथ सीईओ इन्वेस्ट यूपी और अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। राज्य स्तर पर प्रत्येक तिमाही बैठक मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक की उपस्थिति में आयोजित की जाए, ताकि उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित और संतोषजनक समाधान हो सके।

    मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव आवास को निर्देश दिए कि आवासीय पार्किंग के लिए उपयोग हो रही भूमि पर अनावश्यक कर न लिए जाने के लिए आवश्यक व्यवस्था लागू की जाए, जिससे नागरिकों और उद्योग से जुड़े लोगों पर अतिरिक्त भार न पड़े।

    महत्वपूर्ण बैठक मे एक विशेष प्रस्तुतिकरण के माध्यम से उद्यमियों को बीते लगभग नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की परिवर्तनकारी विकास यात्रा से अवगत कराया गया। प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि नीतिगत स्थिरता, व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और प्रशासनिक सुधारों के चलते उत्तर प्रदेश आज देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों में शामिल हो चुका है।

    बताया गया कि देश के कुल एक्सप्रेस-वे नेटवर्क का लगभग 55 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में है, जिसकी कुल लंबाई करीब 1225 किलोमीटर है। वर्तमान में प्रदेश में 6 एक्सप्रेस-वे संचालित हैं और 7 निर्माणाधीन हैं। ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है और दादरी में दोनों कॉरिडोर का इंटरसेक्शन राज्य को राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करता है।

    यह भी बताया गया कि प्रदेश में 4 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे सहित कुल 16 हवाई अड्डे संचालित हैं, जबकि जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा तेजी से आकार ले रहा है। इन सुविधाओं से उद्योगों के लिए कनेक्टिविटी और सप्लाई चेन पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है।

    प्रस्तुतिकरण में निर्यात क्षेत्र की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया गया कि वर्ष 2023-24 में उत्तर प्रदेश का मर्चेंडाइज निर्यात बढ़कर लगभग ₹1.86 लाख करोड़ तक पहुंच गया है, जो बीते सात-आठ वर्षों में 100 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि को दर्शाता है। इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल, डिफेंस और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में निर्यात की क्षमता लगातार बढ़ी है।

    बैठक में औद्योगिक विस्तार के आंकड़े साझा करते हुए बताया गया कि वर्ष 2003 में प्रदेश में लगभग 8,980 फैक्ट्रियां पंजीकृत थीं, जो वर्तमान में बढ़कर करीब 27,000 तक पहुंच चुकी हैं। औद्योगिक निवेश अब महानगरों के साथ-साथ पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी तेजी से फैल रहा है।

    बैठक में यह भी बताया गया कि 04 ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के माध्यम से ₹15 लाख करोड़ से अधिक के निवेश परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जा चुका है। और अब लगभग ₹6 लाख करोड़ की परियोजनाओं के लिए जीबीसी@5 आयोजित की जाने वाली है। 

    बैठक में नीतिगत सुधारों की जानकारी देते हुए बताया गया कि उत्तर प्रदेश को डिरेगुलेशन 1.0 में देश में पहला स्थान मिला है। भवन निर्माण उपविधि 2025, ऑटो-स्क्रूटनी प्रणाली, थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और 40 से अधिक कानूनों में संशोधन कर लगभग 200 अनुपालनों को समाप्त किए जाने जैसे सुधारों से उद्योगों को बड़ी राहत मिली है।

    शीघ्र प्रारम्भ होने जा रहे निवेश मित्र 3.0 के माध्यम से 40 से अधिक विभागों की सेवाओं को एकीकृत किया गया है, दस्तावेजों और प्रक्रियाओं में उल्लेखनीय कमी की गई है और रियल-टाइम ट्रैकिंग तथा डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

    बैठक में औद्योगिक क्लस्टरों के उन्नयन की जानकारी देते हुए बताया गया कि अगले दो वर्षों में लगभग ₹5,000 करोड़ के निवेश से 185 औद्योगिक क्लस्टरों को बेहतर बुनियादी सुविधाओं से लैस किया जाएगा। औद्योगिक क्षेत्रों की सड़कों के लिए ₹400 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

    बैठक में राज्य के प्रमुख उद्योग एवं व्यापार संगठनों के प्रतिनिधियों की व्यापक सहभागिता रही। इनमें भारतीय उद्योग परिसंघ, उत्तर प्रदेश, फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, उत्तर प्रदेश, पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इण्डस्ट्री, एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया, भारतीय उद्योग संघ, एसोचैम उत्तर प्रदेश, लघु उद्योग भारती, दलित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, नैसकॉम तथा भारतीय रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन का परिसंघ शामिल रहे। उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रदेश की औद्योगिक नीतियों, निवेश माहौल और विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार और सुझाव साझा किए

  • ‘ममता सरकार का दौर खत्म’, अमित शाह का बड़ा दावा; TMC पर बंगाल को बांटने का आरोप

    ‘ममता सरकार का दौर खत्म’, अमित शाह का बड़ा दावा; TMC पर बंगाल को बांटने का आरोप

    सिलिगुड़ी
    पश्चिम बंगाल में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाला है. इस चुनाव को लेकर प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. बीजेपी टीएमसी को हटाने के लिए पुरजोर कोशिशों में जुटा है. वहीं, ममता सरकार पर लगातार केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाते आ रही है. इन आरोप-प्रत्यारोप के दौर के बीच शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सिलिगुड़ी की यात्रा पर हैं. 

    यहां अमित शाह ने कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने साफ कहा कि ममता बनर्जी सरकार की विदाई का समय अब नजदीक है. पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन निश्चित है और जनता बदलाव की उम्मीद रखती है.

    अमित शाह ने अपने भाषण में ममता बनर्जी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने अलग-अलग समुदायों को आपस में लड़ाने वाली राजनीति की है, जिससे राज्य की एकता खतरे में पड़ गई है. उन्होंने बताया कि लंबे समय से पश्चिम बंगाल में सामाजिक तनाव को बढ़ावा दिया गया है, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों में दूरी बढ़ी है.

    इस दौरान अमित शाह ने BJP के कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे संगठन को मजबूत करें और जमीनी स्तर पर सक्रिय रहकर लोगों से जुड़ें. उनका कहना था कि केवल कार्यकर्ताओं की मेहनत से ही पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदलाव संभव हो सकेगा. उन्होंने कहा कि जनता अब ममता सरकार की नीतियों से असंतुष्ट है और वह बदलाव चाहती है.

        हिंसा, भय और भ्रष्टाचार की प्रतीक TMC की बंगाल में अब फिर वापसी नहीं होने वाली है। सिलीगुड़ी में इस संभाग के कार्यकर्ताओं से संवाद कर रहा हूँ…

    अमित शाह ने यह भी कहा कि राज्य में सालों से हिंसा, डर और भ्रष्टाचार का माहौल रहा है, जिसे बंगाल की जनता अब सहन नहीं करेगी. उन्होंने टीएमसी पर भी कड़ी बात करते हुए कहा कि यह पार्टी हिंसा और भय का पर्याय बन चुकी है और अब जनता इस राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी.

    अमित शाह ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, और यह बदलाव जनता की इच्छानुसार होगा.