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  • यशोदा जयंती 2026: कब मनाई जाएगी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और धार्मिक महत्व

    यशोदा जयंती 2026: कब मनाई जाएगी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और धार्मिक महत्व

    सनातन धर्म में जब भी मां और बेटे के निस्वार्थ प्रेम की बात की जाती है, तो मां यशोदा और श्रीकृष्ण का नाम सबसे पहले याद किया जाता है. बिना माता यशोदा के भगवान श्रीकृष्ण की कथा कभी पूरी नहीं होती है. पौराणिक परंपरा के अनुसार, हर साल फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की षष्टि तिथि के दिन यशोदा जयंती मनाई जाती है. ये पावन पर्व मां की ममता को समर्पित किया गया है, जोकि माता यशोदा के जन्मदिवस पर मनाया जाता है. भले ही श्रीकृष्ण का जन्म मां देवकी के गर्भ से हुआ, लेकिन संसार उनको यशोदा के लाल के रूप में ही जानता है.

    माता यशोदा ने ही नन्हे से श्रीकृष्ण का स्नेह, ममता और प्रेम से पालन-पोषण किया था. यशोदा जयंती के दिन विधि-विधान से माता यशोदा और भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा की जाती है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से विवाहित स्त्रियों की सूनी गोद भर जाती है. इस दिन व्रत भी रखा जाता है. यशोदा जयंती का व्रत रखने से संतान सुख की प्राप्ति होती है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल यशोदा जयंती कब मनाई जाएगी? साथ ही जानते हैं इसका शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व.

    यशोदा जयंती 2026 डेट और शुभ मुहूर्त

    हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल फाल्गुन कृष्ण षष्ठी तिथि की शुरुआत 7 फरवरी को रात 01 बजकर 18 मिनट पर हो रही है. वहीं इस तिथि का समापन 8 फरवरी को रात 02 बजकर 54 मिनट पर होगा. सनतान धर्म में उदयातिथि मानी जाती है. ऐसे में उदयातिथि के नियम के अनुसार, साल 2026 में यशोदा जयंती 7 फरवरी को मनाई जाएगी.

    यशोदा जयंती पूजा विधि

    यशोदा जयंती पर सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें. इसके बाद माता यशोदा के व्रत का संकल्प लें. फिर घर के मंदिर या पवित्र स्थान पर चौकी लगाकर उस पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं. उस पर माता यशोदा के साथ बाल श्रीकृष्ण की मूर्ति या चित्र रखें. पूजा के दौरान दीपक, अगरबत्ती जलाएं. पुष्प, तुलसी दल, चंदन, हल्दी, कुमकुम और नारियल चढाएं.

    माता यशोदा को लाल चुनरी चढ़ाएं. भगवान श्रीकृष्ण और माता यशोदा को माखन-मिश्री का भोग लगाएं. साथ ही फल, दही, खीर और मिठाइयां चढाएं. ॐ कृष्णाय नमः मंत्र का जाप करें. माता यशोदा-कृष्ण की वात्सल्य कथा का पाठ करें. पूजा का समापन आरती के साथ करें. दिनभर व्रत रखें. सायंकाल पूजा के बाद फलाहार करें. जरूरतमंदों को भोजन या वस्त्र का दान दें.

    यशोदा जयंती का महत्व

    यशोदा जयंती का व्रत रखने महिलाओं को श्रीकृष्ण जैसी गुणी संतान मिलती है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, यशोदा जयंती के दिन विधि-विधान से पूजन और व्रत करने से संतान प्राप्ति में आ रही बाधाएं दूर हो जाती हैं. इतना ही नहीं संतान के जीवन में सुख-सौभाग्य भी बढ़ता है.

  • आंखों का फड़कना: शुभ संकेत या अशुभ चेतावनी?

    आंखों का फड़कना: शुभ संकेत या अशुभ चेतावनी?

    सामुद्रिक शास्त्र प्राचीन भारतीय विद्याओं में शामिल है. ये व्यक्ति के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. सामुद्रिक शास्त्र में बताया गया है कि शरीर की बनावट और अंगों की गतिविधियों के आधार पर भविष्य में होने वाली घटनाओं का संकेत मिलता है. अक्सर व्यक्ति का कोई न कोई अंग फड़कता है. शरीर के अंगों की फड़कन एक शारीरिक क्रिया मान ली जाती है.

    वहीं सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, शरीर के अंगों में होने वाली फड़कन आने समय की चेतावनी या शुभ संकेत देती है. सामुद्रिक शास्त्र में बताया गया है कि शरीर के कुछ अंगों का फड़कना बहुत शुभ और लाभकारी माना जाता है. जबकि कुछ अंगों का फड़कना बहुत अशुभ और नुकसान होने का संकेत देता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि आंखों का फड़कना शुभ संकेत देता है या अशुभ.

    पुरुषों की दाईं आंख फड़कना होता है शुभ

    आंखों का फड़कना सबसे ज्यादा महसूस होता है. इसके मायने भी गहरे होते हैं. सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, पुरुषों की दाईं आंख का फड़कना बहुत ही शुभ माना जाता है. अगर किसी पुरुष की दाईं आंख फड़कती है, तो इसका अर्थ है कि उसको जीवन में कोई खुशखबरी मिलने वाली है. लंबे समय से रुका हुआ कोई काम पूरा होने वाला है. दूसरी ओर महिलओं की दाईं आंख का फड़कना शुभ नहीं होता.

    महिलाओं की बाईं आंख फड़कना है शुभ

    महिलओं की दाईं आंख का फड़कना अशुभ होता है. ये किसी दुखद समाचार के मिलने का संकेत हो सकता है. महिलाओं की बायीं आंख फड़कना शुभ माना जाता है. अगर किसी महिला की बायीं आंख फड़क रही है, तो उसको जीवन में कोई अच्छी खबर मिल सकती है. धन लाभ हो सकता है. रुका हुआ पैसा मिल सकता है. नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है. ये घर में खुशखबरी या संतान सुख मिलने का संकेत भी होता है.

    पुरुषों व महिलाओं की ये आंख का फड़कना अशुभ

    सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, पुरुषों की बाईं और महिलाओं की दाईं आंख का फड़कना बिल्कुल भी शुभ नहीं माना जाता है. ये जीवन में संघर्ष और परेशानियों की ओर इशारा करता है.

  • राजस्थान निकाय चुनाव के लिए मध्य प्रदेश से किराए पर EVM, दोनों राज्यों में हुआ करार

    राजस्थान निकाय चुनाव के लिए मध्य प्रदेश से किराए पर EVM, दोनों राज्यों में हुआ करार

     ग्वालियर
    राजस्थान राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव कराने के लिए मध्य प्रदेश से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें किराए पर लेगा. प्रदेश के चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा कि EVM की उपलब्धता के संबंध में राजस्थान और मध्य प्रदेश के राज्य चुनाव आयोगों के बीच एक अतिरिक्त MoU साइन किया गया है.

    उन्होंने कहा कि MoU के तहत, मध्य प्रदेश राज्य चुनाव आयोग शहरी स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों में इस्तेमाल के लिए राजस्थान को किराए पर 30 हजार कंट्रोल यूनिट और 60 हजार बैलेट यूनिट देगा.

    उन्होंने कहा कि EVM की सप्लाई, इस्तेमाल, रखरखाव, सुरक्षा और वापसी से संबंधित सभी शर्तों को भारत निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार सुनिश्चित किया जाएगा.

    राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने बताया- MOU के तहत मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग को चुनावों के लिए कुल 30 हजार कंट्रोल यूनिट और 60 हजार बैलेट यूनिट किराए पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

    स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों के लिए मध्यप्रदेश से मंगाई जाएंगी ईवीएम मशीन। (फाइल फोटो)

    इन्होंने कहा कि इन ईवीएम का उपयोग प्रदेश में नगर निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में किया जाएगा। ईवीएम की आपूर्ति, उपयोग, रख-रखाव, सुरक्षा और वापसी से संबंधित सभी शर्तें भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत सुनिश्चित की जाएंगी।

    ईवीएम के तकनीकी परीक्षण (एफ.एल.सी.), मरम्मत और आवश्यक तकनीकी सहयोग का काम भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (ईसीआईएल), हैदराबाद के अधिकृत इंजीनियरों द्वारा किया जाएगा।

    राजेश्वर सिंह ने यह भी कहा कि यह समझौता दोनों आयोगों के बीच EVM की उपलब्धता और इस्तेमाल पर पहले हुई सहमति का ही विस्तार है.

    चुनाव अधिकारी ने कहा कि EVM की सुरक्षा, ट्रांसपोर्टेशन, स्टोरेज और संचालन की व्यवस्था निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार सुनिश्चित की जाएगी और मशीनों के लिए टेक्निकल टेस्टिंग (फर्स्ट-लेवल चेकिंग), मरम्मत और जरूरी टेक्निकल सपोर्ट इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) हैदराबाद के इंजीनियर करेंगे.

  • घर में रखें इस धातु की मछली, धन-समृद्धि और सौभाग्य की होगी बरसात

    घर में रखें इस धातु की मछली, धन-समृद्धि और सौभाग्य की होगी बरसात

    वास्तु शास्त्र में प्रतीकों और धातुओं का गहरा महत्व बताया गया है। अक्सर हम अपने जीवन में कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन फिर भी आर्थिक तंगी या मानसिक तनाव हमारा पीछा नहीं छोड़ता। वास्तु विज्ञान के अनुसार, ऐसी स्थिति में घर की ऊर्जा को संतुलित करना आवश्यक होता है। मछली, जिसे सनातन परंपरा और वास्तु दोनों में ही शुभता और निरंतरता का प्रतीक माना गया है, आपके बंद भाग्य के ताले खोल सकती है। यदि आप घर में जीवित मछलियां रखने में असमर्थ हैं, तो वास्तु शास्त्र धातु की मछली रखने की विशेष सलाह देता है। माना जाता है कि एक खास धातु से बनी यह नन्ही सी मछली न केवल आपके घर से नकारात्मकता को सोख लेती है, बल्कि धन-धान्य और खुशहाली के नए मार्ग भी प्रशस्त करती है। तो आइए जानते हैं कि आखिर वह कौन सी धातु है और उसे किस दिशा में रखने से आपकी किस्मत चमक सकती है।

    किस धातु की मछली है सबसे उत्तम ?
    वास्तु विज्ञान के अनुसार, पीतल की बनी मछली घर के लिए सबसे प्रभावशाली मानी जाती है। यह घर में शांति और धन के प्रवाह को बढ़ाती है। यदि आप इसे अपने लॉकर या तिजोरी में रखते हैं, तो यह अनावश्यक खर्चों को रोकती है और बचत बढ़ाती है।

    घर में मछली रखने के बड़े फायदे
    धातु की मछली घर में मौजूद वास्तु दोषों के प्रभाव को कम करती है और नकारात्मक ऊर्जा को बाहर निकालती है। मछली को लक्ष्मी का कारक माना जाता है। इसे रखने से करियर में तरक्की और व्यवसाय में लाभ के योग बनते हैं। घर के सदस्यों के बीच कलह कम होती है और वातावरण खुशहाल रहता है।

    सही दिशा और स्थान
    मछली को हमेशा घर की उत्तर या पूर्व दिशा में रखना चाहिए। ये दिशाएं धन और स्वास्थ्य के लिए शुभ मानी जाती हैं। इसे आप अपने बैठक में किसी मेज या शोकेस में रख सकते हैं। यदि आप इसे अपने ऑफिस की टेबल पर रखते हैं, तो यह एकाग्रता और सफलता को बढ़ावा देती है।

    इन बातों का रखें विशेष ध्यान
    मछली का मुंह हमेशा घर के अंदर की तरफ होना चाहिए, जिससे समृद्धि घर के भीतर आए।  धातु की मछली पर धूल न जमने दें। इसकी चमक जितनी बरकरार रहेगी, सकारात्मक ऊर्जा उतनी ही प्रभावी होगी। यदि संभव हो तो मछलियों का जोड़ा रखें, यह वैवाहिक जीवन और संबंधों में मधुरता लाता है। यदि आप घर में असली फिश एक्वेरियम नहीं रख सकते, तो धातु की मछली उसका एक बेहतरीन और प्रभावशाली विकल्प है।

  • जनसेवा, संवेदना और सुशासन की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करते हैं मुख्यमंत्री

    जनसेवा, संवेदना और सुशासन की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करते हैं मुख्यमंत्री

    सीएम योगी का बाल प्रेम 

    जनसेवा, संवेदना और सुशासन की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करते हैं मुख्यमंत्री

    सीएम योगी के पास पहुंच कर बालहठ के साथ निश्छल मन से अपनी बात रखते हैं प्रदेश भर के बच्चे 

    बच्चों के सामने झलक पड़ता है सीएम योगी का कोमल हृदय, समाज को जोड़ती है सीएम की बच्चों से यह दोस्ती

    बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा व सुरक्षा पर सीएम योगी का है विशेष फोकस

    एडमिशन, उपचार के लिए तत्काल आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराते हैं मुख्यमंत्री 

    लखनऊ
     नर्सरी में एडमिशन कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंची मासूम बच्ची की जिद हो या चॉकलेट की मांग करने वाले बच्चों की हठ। जिन मुख्यमंत्री का नाम सुनकर अपराधी कांप उठते हैं, बच्चे उन्हीं से मिलकर सहजता से अपनी जिद मनवा लेते हैं। कहते हैं, ‘बच्चे मन के सच्चे’, वे अपने दिल की भावना को अत्यंत निश्छलता से प्रकट कर देते हैं, यही भाव उस समय सामने आया, जब सीएम योगी आदित्यनाथ को देखते ही एक छोटी बच्ची ने उन्हें सैल्यूट किया। सीएम ने भी मुस्कुराते हुए बच्ची को खूब मन लगाकर पढ़ने के लिए कहा। उनका यह बाल प्रेम उनके कोमल हृदय व सर्वसुलभ होने के साथ-साथ जनसेवा, संवेदना व सुशासन की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करता है।

    मुख्यमंत्री के बच्चों से जुड़ाव और उनके साथ भावनात्मक संवाद के कई दृश्य समय-समय पर सामने आते रहते हैं। विगत सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में मां के साथ आई बच्ची अनाबी अली से सीएम का संवाद इन दिनों चर्चा में है। अपने एडमिशन के लिए जिद, फिर एबीसीडी व कविता सुनाकर अनाबी ने सीएम का दिल जीत लिया। वहीं मकर संक्रांति पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गोरखनाथ मंदिर में एक बच्चे से “और क्या चाहिए” पूछना और उसका मासूम जवाब सुनकर खिलखिलाकर हंसना भी उनके बालप्रेम को प्रकट करता है। बच्चों से अत्यंत आत्मीयता से संवाद और उनके भविष्य को लेकर त्वरित निर्णय मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता को प्रदर्शित करते हैं।

    बीते दिनों ‘जनता दर्शन’ में दो साल की अनन्या से संवाद भी लोगों के मन को छू गया। इसी तरह 31 दिसंबर को मेजर की बेटी अंजना भट्ट ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपने मकान पर कब्जे की शिकायत की, जिस पर मुख्यमंत्री ने 24 घंटे के भीतर न सिर्फ मकान को कब्जा मुक्त कराया, बल्कि आरोपियों पर एफआईआर व तत्काल गिरफ्तारी भी कराई। यह मामला सीएम की जन समस्याओं के प्रति गंभीरता को प्रकट करते हुए स्पष्ट संदेश देता है कि वे कानून व्यवस्था, बच्चों, महिलाओं और कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों का समाधान कराने में तनिक भी विलंब नहीं करते। 

    कानपुर की मूक-बधिर युवती खुशी गुप्ता की कहानी भी इन दिनों हर किसी की जुबां पर है। मुख्यमंत्री से मिलने की उसकी जिद और अकेले पैदल चलकर लखनऊ पहुंचने की जानकारी जब सीएम योगी आदित्यनाथ को मिली तो उन्होंने उसे बुलाकर उसके बनाए चित्रों को स्वीकार किया और उसके शिक्षित-सुरक्षित भविष्य का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री के अपनत्व से भाव-विभोर खुशी की ‘अनकही भावनाओं’ ने 25 करोड़ प्रदेशवासियों के बीच मुख्यमंत्री की ‘प्रदेश ही परिवार’ धारणा की विश्वसनीय तस्वीर पेश की। 

    ‘जनता दर्शन’ के जरिए लखनऊ की अनाबी अली, कानपुर की मायरा, गोरखपुर की पंखुड़ी और मुरादाबाद की वाची का स्कूल में एडमिशन कराना भी सीएम योगी की संवेदनशीलता का हिस्सा है। कानपुर की नन्ही मायरा ने कहा था कि मैं बड़ी होकर डॉक्टर बनना चाहती हूं। इस पर सीएम ने तत्काल उसका प्रवेश कराने का निर्देश दिया। वाची ने कहा कि मैं पढ़ना चाहती हूं,  सीएम ने उसका भी प्रवेश कराया। गोरखपुर की पंखुड़ी की फीस माफ कराने के साथ ही उसे पुनः विद्यालय भेजना भी सुनिश्चित कराया।

    गणतंत्र दिवस परेड में भी सीएम के पास पहुंच गए बच्चे
    26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में आए बच्चे सीधे सीएम योगी के पास पहुंच गए। सभी ने सीएम के साथ फोटो खिंचवाई, उनसे बातचीत की। सीएम ने उन्हें दुलारा और एक नन्ही बच्ची को गोद में लेकर अपना वात्सल्य भाव प्रकट किया।  

    वृद्ध मां के दर्द से द्रवित सीएम ने कैंसर पीड़ित बेटे को भिजवाया अस्पताल
    बीते सितंबर में ‘जनता दर्शन’ में कानपुर की रायपुरवा निवासी एक वृद्ध मां अपने कैंसर पीड़ित बेटे का दर्द लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंची थीं। उनकी तकलीफ देखकर सीएम द्रवित हो गए और कैंसर पीड़ित बेटे को एंबुलेंस से सीधे कल्याण सिंह सुपर स्पेशियिलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट भिजवाकर उसका इलाज प्रारंभ कराया। ऐसे अनेक उदाहरण हैं, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाल प्रेम, जनसेवा, संवेदना व सुशासन की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करते हैं।

  • सहेलियों ने पीट-पीटकर की महिला की हत्या, गांवभर में कर रही थी बदनाम

    सहेलियों ने पीट-पीटकर की महिला की हत्या, गांवभर में कर रही थी बदनाम

    गरियाबंद.

    जिले में एक महिला से बर्बरता के बाद उसकी ही सहेलियों ने पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया. आरोपियों ने पहले महिला के प्राइवेट पार्ट पर जबरदस्ती लाल मिर्च डाल दिया. आपा खो चुकी दोनों आरोपी महिला ने डंडे से जमकर पीट, साथ ही लात-घूंसों से हमलाकर हत्या कर दी.

    मृतिका की पहचान सुमित्रा नेताम (37) के रूप में हुई है. पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि वारदात समाज में बदनाम करने और चरित्र पर आरोप लगाने की रंजिश के कारण अंजाम दिया गया है. मृतका की पहचान सुमित्रा नेताम (37) के रूप में हुई है. पूरा मामला मैनपुर ब्लाक के शोभा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गरीबा का है.

    जानकारी के मुताबिक, आरोपी सुगतिन नेताम (36) और ईतवारिन बाई (46) के चरित्र को लेकर सुमित्रा गांव में लोगों के बीच आरोप लगाने लगी थी, जिससे उनकी सामाजिक छवि धूमिल हो रही थी. इसी बात को लेकर तीनों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ था. घटना के दिन दोनों आरोपी महिलाएं सुमित्रा को सबक सिखाने के इरादे से उसके घर पहुंची थी. आरोप है कि आरोपियों ने सुमित्रा के साथ गंभीर शारीरिक हिंसा की.

    दोनों महिलाओं ने सुमित्रा के घर पहुंचकर पहले उसके गुप्तांग में लाल मिर्च और अन्य ज्वलनशील पदार्थ डालकर तड़पाया, फिर सीने पर चढ़कर डंडे और लात-घूंसों से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया. घटना के बाद आरोपी फरार होने की कोशिश में थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की. शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है.

  • ICC रैंकिंग में ईशान की बड़ी छलांग, 32 पायदान ऊपर; पाकिस्तानी खिलाड़ी बना नंबर-1 ऑलराउंडर

    ICC रैंकिंग में ईशान की बड़ी छलांग, 32 पायदान ऊपर; पाकिस्तानी खिलाड़ी बना नंबर-1 ऑलराउंडर

     नई दिल्ली

    पाकिस्तान के ओपनर सैम अयूब ने शानदार हालिया प्रदर्शन का पूरा फायदा उठाते हुए ICC मेंस T20I ऑलराउंडर रैंकिंग में टॉप पोजीशन हास‍िल कर ली है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सरज़मीं पर खेली गई तीन मैचों की T20I सीरीज़ में 3-0 से मिली जीत के बाद सैम अयूब नंबर-1 बन गए हैं और उन्होंने ज‍िम्बाब्वे के अनुभवी खिलाड़ी सिकंदर रजा को पीछे छोड़ दिया है.

    23 वर्षीय सैम अयूब ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में 119 रन बनाए और तीन विकेट भी हासिल किए थे . ICC मेंस T20 वर्ल्ड कप के आगाज से ठीक पहले आई यह रैंकिंग पाकिस्तान के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है, क्योंकि टीम 2009 के बाद अपने दूसरे T20 वर्ल्ड कप खिताब की तलाश में उतरने जा रही है.

    पाकिस्तान के लिए खुशखबरी यहीं खत्म नहीं होती. स्पिनर अबरार अहमद ने T20I गेंदबाजों की रैंकिंग में दो स्थान की छलांग लगाकर दूसरा स्थान हासिल किया है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों में छह विकेट लेने वाले अबरार अब भारत के वरुण चक्रवर्ती से सिर्फ 28 रेटिंग अंक पीछे हैं.

    इसके अलावा मोहम्मद नवाज ने भी शानदार प्रदर्शन किया है. आखिरी मुकाबले में पांच विकेट लेने के बाद नवाज गेंदबाज़ों की रैंकिंग में आठ स्थान ऊपर चढ़कर सातवें नंबर पर पहुंच गए हैं. ऑलराउंडर्स की सूची में भी नवाज एक पायदान ऊपर चढ़कर चौथे स्थान पर आ गए हैं.

    बल्लेबाजों की रैंकिंग में पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने 12 स्थान की छलांग लगाकर 29वां स्थान हासिल किया, जबकि सैम अयूब आठ स्थान ऊपर चढ़कर 27वें नंबर पर पहुंचे. टॉप-10 बल्लेबाजों में अभिषेक शर्मा अपनी बढ़त बनाए हुए हैं. वहीं जोस बटलर, पथुम निसंका, सूर्यकुमार यादव और टिम सिफर्ट को एक-एक स्थान का फायदा मिला है.

    ऑस्ट्रेलिया के कैमरन ग्रीन, साउथ अफ्रीका के क्विंटन डी कॉक, भारत के ईशान किशन और रायन रिकेलटन ने भी बल्लेबाजों की रैंकिंग में बड़ा सुधार किया है. गेंदबाजरें में इंग्लैंड के आदिल राशिद और न्यूज़ीलैंड के मिचेल सैंटनर की रैंकिंग में भी बढ़त देखने को मिली है.

    ईशान किशन ने 32 पायदान की लगाई छलांग 
    बुधवार को आई टी20 रैंकिंग ईशान किशन ने 32 पायदान की छलांग लगाकर 32वें नंबर के टी20 बल्लेबाज बन गए हैं . अभ‍िषेक शर्मा 917 रेटिंग पॉइंट के साथ नंबर 1 बल्लेबाज बने हुए हैं. त‍िलक वर्मा 1 पायदान की ग‍िरावट के साथ नंबर 4 पर काब‍िज हैं. सूर्युकुमार यादव की 1 पायदान का फायदा हुआ है, और वो 728 रेट‍िंग पॉइंट के साथ छठे नंबर के टी20 बल्लेबाज हैं. 

  • US के साथ ट्रेड डील के बीच भारत-चीन व्यापार रिकॉर्ड पर, चीनी राजदूत ने क्या कहा?

    US के साथ ट्रेड डील के बीच भारत-चीन व्यापार रिकॉर्ड पर, चीनी राजदूत ने क्या कहा?

    नई दिल्ली

    भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील फाइनल होने की खबरों के बीच चीनी राजदूत ने भी एक खुशखबरी दी है। चीनी राजदूत शू फेइहोंग ने मंगलवार को बताया जी कि भारत-चीन द्विपक्षीय व्यापार 2025 में 155 अरब अमेरिकी डॉलर के 'रिकॉर्ड उच्च स्तर' पर पहुंच गया है। यह पिछले साल की तुलना में हुए व्यापार से करीब 12 प्रतिशत से भी अधिक है। उन्होंने कहा कि चीन को भारत का निर्यात भी 9.7 फीसदी बढ़ गया है, जो आर्थिक सहयोग की कई संभावनाओं को रेखांकित करता है।

    राजदूत चीनी नव वर्ष के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने इस दौरान कहा है कि चीन भारत के ब्रिक्स की अध्यक्षता करने का समर्थन करता है और भारत के साथ बहुपक्षीय समन्वय को मजबूत करने के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि चीन 'ग्लोबल साउथ' के विकास को आगे बढ़ाने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    वहीं द्विपक्षीय संबंधों की दिशा पर बात करते हुए, जू ने कहा कि पिछले साल तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के बाद चीन और भारत के संबंधों में लगातार सुधार हुआ है। उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तियानजिन में एक सफल बैठक की, जिससे चीन-भारत संबंध 'रीसेट और नई शुरुआत' से सुधार के एक नए स्तर पर पहुंचे।”

  • भागीरथपुरा के पीड़ितों के लिए 1 करोड़ की मदद और निगम में नौकरी की मांग उठी

    भागीरथपुरा के पीड़ितों के लिए 1 करोड़ की मदद और निगम में नौकरी की मांग उठी

    इंदौर 

    देश के सबसे स्वच्छ और मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से बीमार हुए लोगों और जान गवाने वालों के परिजन को न्याय दिलाने की मांग उठाते हुए कांग्रेस ने शहर के राजबाड़ा पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान उन 32 लोगों के परिवार के सदस्य भी शामिल हुए, जिनकी मौत उल्टी-दस्त से ग्रस्त होने से हुई है।

    इस दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंच से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि, सरकार पीड़ित परिवारों को एक करोड़ रुपए मुआवजा दें। नगर निगम में परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। अगर ये मांग पूरी नहीं होती है तो 8 दिन के बाद कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए जनता से निवेदन कर पूरा इंदौर बंद कराएगी।
    इंदौर में बनाई जाएं दो वाटर लैब

    शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि, दो वाटर लैब हर तैयार की जाए। कार्यकर्ता का यह दायित्व है कि घर-घर जाकर उस पानी के सैंपल लेकर जांच कराएं। भागीरथपुरा में रहने वाले छह माह के अव्यान साहू की मां ने कहा, इंदौर के दूषित पानी ने मेरे बेटे की जान ले ली। अन्य परिवारों ने भी उनकी परेशानी बताई। कई परिवारों ने कहा कि, अभी तक सहायता तक नहीं मिल सकी। धरना स्थल पर पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा, महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना सेतिया, विपिन वानखेड़े, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, उषा नायड़, अधिवक्ता प्रमोद द्विवेदी, शेख अलीम, पंडित कृपा शंकर शुक्ला, सत्यनारायण पटेल समेत अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

    प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि, हर परिवार की अपनी वेदना है। शहरवासियों ये महसूस करो कि, हमारे घर ये त्रासदी आ जाती तो क्या होता? जिन्हें हमने कुर्सी दी, वोट दिया उनसे सवाल करना जरूरी है। अब पानी से किसी की मौत न हो इसके लिए सभी को जागना जरूरी है। संसद तक इस मामले कि गूंज उठ चुकी है। देश के प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री, सुमित्रा महाजन और शिवराज सिंह चौहान ने सवाल क्यों नहीं पूछा? जिस पानी को हम जीवन देने का माध्यम मानते हैं, उस पानी का जहर इंदौर नगर निगम ने लोगों को पिला दिया। ये सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, व्यवस्था का पतन है।

    सवाल पूछा तो बोले- इंदौर को बदनाम कर रहे हैं

    पटवारी ने कहा- भागीरथपुरा में जो हुआ वो पूरे इंदौर और पूरे प्रदेश के पानी की स्थिति है। जनता का जीवन इतना सस्ता है कि, दो लाख रुपए देकर सबने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर दिया। उन परिवारों को लालच दिया गया कि, आवाज मत उठाना, एक भी शब्द कहा तो सहायता नहीं मिलेगी। सज्जन सिंह वर्मा और प्रतिनिधि मंडल को काले झंडे दिखाए गए। आखिर कैसा शहर बन रहा है हमारा इंदौर ? जब हम सवाल पूछते हैं तो मंत्री कहते हैं- इंदौर को बदनाम कर रहे हैं।

    दो हजार करोड़ रुपए की बन गई नकली फाइल

    जीतू पटवारी ने कहा, निगम में 2 हजार करोड़ रुपए की नकली फाइल बन गई। उनके पैसे भी निकल गए। कोर्ट में मुकदमा चल रहा है, लेकिन आरोपी कोई नहीं है। एक भी राजनीतिक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं। महापौर की साइन से फाइल बनती है। एमआइसी की साइन से फाइल बनती है। पार्षद फाइल पर साइन कर आगे बढ़ाते हैं। अधिकारी उसे आगे बढ़ाते हैं तो राजनीतिक लोगों की 2 हजार करोड़ रुपए के घोटाले में कोई जिम्मेदारी क्यों नहीं? ये रुपए जनता के ही थे।
    मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से इस्तीफे की मांग

    वहीं, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि, हमने इंदौर की जनता से आह्वान किया था कि, न्याय के लिए आएं। इस दौरान उन्होंने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से इस्तीफा देने की मांग की। साथ हीये भी कहा कि, कांग्रेस न्याय के लिए हमेशा लड़ती रहेगी।
    जिस शहर के सीएम खुद प्रभारी, वहां नहीं रुक रहीं मौतें- रीना सेतिया

    महिला प्रदेश अध्यक्ष रीना सेतिया ने कहा कि, 9 विधायक, 2 मंत्री, महापौर भाजपा के हैं। सीएम खुद इंदौर के प्रभारी मंत्री हैं, बावजूद इसके शहर को जहरीला पानी मिला। इंदौर में लगातार मौतें हो रही हैं, लेकिन अब तक किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हम इन पीड़ित परिवारों के साथ संवेदना व्यक्त करते हैं और उनके न्याय के लिए लंबी लड़ाई भी लड़नी पड़ी तो पीछे नहीं हटेंगे।

  • तबादले के 6 महीने बाद भी सरकारी आवास नहीं छोड़ा तो लगेगा भारी जुर्माना

    तबादले के 6 महीने बाद भी सरकारी आवास नहीं छोड़ा तो लगेगा भारी जुर्माना

    भोपाल
     मध्यप्रदेश में शासकीय आवासों को लेकर अब कोई ढिलाई नहीं चलेगी। राजधानी भोपाल से तबादला होने के बाद अधिकारी-कर्मचारी लंबे समय तक सरकारी आवास पर कब्जा नहीं रख सकेंगे। गृह विभाग ने शासकीय आवास नियमों में संशोधन करते हुए सख्त गाइडलाइन जारी कर दी है, जो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक सभी पर समान रूप से लागू होगी।

    6 माह की सीमा, उसके बाद कड़ा एक्शन

    नए आदेश के अनुसार, भोपाल से बाहर स्थानांतरण होने की स्थिति में शासकीय सेवक अधिकतम 6 माह तक ही सरकारी आवास रख सकेगा।

    इस अवधि में सामान्य किराया लिया जाएगा

    6 माह के बाद आवास खाली नहीं करने पर दंडात्मक किराया वसूला जाएगा.. साथ ही जबरन बेदखली की कार्रवाई की जाएगी..दंडात्मक किराया 90 हजार रुपये तक हो सकता है।

    कैबिनेट के फैसले के बाद मचा हड़कंप

    यह फैसला पहले ही कैबिनेट में लिया जा चुका है। इसके बाद कई विधायकों, मंत्रियों और अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए। कुछ अधिकारियों ने यह तर्क दिया कि उनके बच्चे भोपाल में पढ़ रहे हैं, इसलिए समय दिया जाए, लेकिन गृह विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि नियम सभी के लिए बराबर हैं।

    सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सीमित राहत

    सेवानिवृत्ति की स्थिति में कर्मचारियों को कुल 6 माह की सशर्त अनुमति मिलेगी—

    पहले 3 माह: सामान्य किराया

    अगले 3 माह: सामान्य किराए का 10 गुना

    6 माह बाद भी आवास नहीं छोड़ा तो दंडात्मक किराया और बेदखली

    इस्तीफा या सेवा से पृथक होने पर सिर्फ 3 माह

    यदि कोई कर्मचारी—

    त्यागपत्र देता है सेवा से पृथक होता है. या अनधिकृत पाया जाता है, तो उसे केवल 3 माह तक ही सरकारी आवास में रहने की अनुमति होगी। इसके बाद तत्काल बेदखली और दंडात्मक वसूली की जाएगी।

    सरकार का मकसद साफ

    गृह विभाग का कहना है कि इन संशोधित नियमों का उद्देश्य — शासकीय आवासों के दुरुपयोग को रोकना वास्तविक जरूरतमंद अधिकारियों-कर्मचारियों को समय पर आवास उपलब्ध कराना.. अब मियाद खत्म होते ही सख्त कार्रवाई तय है, किसी भी स्तर पर ढील नहीं दी जाएगी। सरकारी आवास पर अनावश्यक कब्जा अब भारी पड़ेगा। तबादला, रिटायरमेंट या सेवा समाप्त—हर स्थिति में तय समय पर आवास खाली करना अनिवार्य होगा, वरना जेब पर सीधा असर पड़ेगा।