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  • जनकपुर मण्डल में शुभम सिंह बने नए अध्यक्ष, भारतीय जनता युवा मोर्चा में खुशी की लहर

    जनकपुर मण्डल में शुभम सिंह बने नए अध्यक्ष, भारतीय जनता युवा मोर्चा में खुशी की लहर

    जनकपुर 

    जनकपुर मण्डल के भारतीय जनता युवा मोर्चा के नवनियुक्त मण्डल अध्यक्ष शुभम सिंह जी को बनाये जाने से युवावों मे काफ़ी खुशी की लहर नजर आ रहीं हैँ समस्त युवा मोर्चा एवं मण्डल पदाधिकारियो द्वारा शुभम जी को बधाई शुभकामनायें दिया गया जिनकी सफर पूर्व मे बूथ सचिव, के दायित्व मे रहकर अपने कार्य का निर्वाहन करते आ रहे थे साथ ही बजरंग सेना के ब्लॉक अध्यक्ष एवं विश्व हिन्दू परिषद मे गौ रक्षा प्रमुख के दायित्व मे रहकर लोगो के बीच सुख दुख मे हमेशा तात्पर्य रहकर युवाओ के चहेते भी बन चुके हैँ ऐसे शुभम सिंह जी भाजपा संगठन के हर कार्य बैठक मे अपनी उपस्थिति व निष्ठाभाव से संगठन का कार्य करते नजर आ रहे थे

    जिन्हे देखते हुए सम्मानीय जिलाध्यक्ष श्रीमति चम्पादेवी पावले जी, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष श्री अंकित शर्मा जी, मण्डल अध्यक्ष नरेश यादव एवं मण्डल के समस्त वरिष्ठ जनो के नेतृत्व मे युवा मोर्चा मण्डल अध्यक्ष का दायित्व शुभम सिंह जी को सौंपा गया जिसके लिए शुभम सिंह जी द्वारा समस्त जिला पदाधिकारी एवं मण्डल पदाधिकारियो व समस्त वरिष्ठ कारकर्ताओ का आभार व्यक्त करते हुए कहा की जिस तरह भाजपा संगठन मुझ पर भरोसा कर मण्डल अध्यक्ष का दायित्व सौंपा हैँ मै भरोसा दिलाता हूँ की मै पूर्ण निष्ठा भाव. एवं ईमानदारी से वरिष्ठ पदाधिकारियों के मार्गदर्शन के साथ अपने युवा मोर्चा के सभी साथियो के साथ मिलकर काम करूँगा।

  • संकल्प, संवेदनशीलता और सशक्तिकरण की प्रेरणादायी कहानी

    संकल्प, संवेदनशीलता और सशक्तिकरण की प्रेरणादायी कहानी

    संकल्प, संवेदनशीलता और सशक्तिकरण की प्रेरणादायी कहानी

    लखनऊ

    खुशबू, निवासी पारा, जनपद लखनऊ, एक दिव्यांग महिला हैं जो दोनों पैरों से दिव्यांग होने के कारण लंबे समय से चलने-फिरने में अत्यधिक असमर्थ थीं। रोज़मर्रा के छोटे-छोटे कार्यों के साथ-साथ अपने 06 वर्षीय पुत्र के साथ आवागमन उनके लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। सीमित संसाधनों और शारीरिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी समस्या को साहसपूर्वक प्रशासन के समक्ष रखा।
    दिनांक 29.01.2026 को जनता दर्शन के दौरान खुशबू ने जिलाधिकारी, लखनऊ महोदय को प्रार्थना पत्र देकर इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर/ई-स्कूटी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने बच्चे की देखभाल के साथ-साथ सुरक्षित रूप से आवागमन कर सकें।

    जिलाधिकारी महोदय द्वारा मामले को गंभीरता एवं संवेदनशीलता से लेते हुए त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी के निर्देशन में जिला दिव्यांगजन अधिकारी श्री शशांक सिंह द्वारा न केवल उनकी समस्या का समाधान कराया गया, बल्कि इसी क्रम में उनके 06 वर्षीय पुत्र का विद्यालय में दाखिला भी जिलाधिकारी महोदय के सहयोग से सुनिश्चित कराया गया, जिससे खुशबू अत्यंत प्रसन्न हुईं।

    उल्लेखनीय है कि वर्तमान में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा दिव्यांगजनों हेतु ई-स्कूटी/ई-वाहन की कोई शासकीय योजना संचालित नहीं है। इस तथ्य को दृष्टिगत रखते हुए जिलाधिकारी महोदय द्वारा निर्देशित किया गया कि संबंधित दिव्यांग महिला को कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।

    जिलाधिकारी महोदय के उक्त निर्देशों के अनुपालन में जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी श्री शशांक सिंह द्वारा तत्परता से प्रयास करते हुए CSR सहयोग के माध्यम से दिनांक 04.02.2026 को जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कार्यालय, लखनऊ में खुशबू को इलेक्ट्रिक 3-व्हील स्कूटी उपलब्ध कराई गई।

    ई-स्कूटी प्राप्त कर खुशबू ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि अब उनके जीवन में एक नया सकारात्मक परिवर्तन आया है। वे बिना किसी सहारे के अपने बच्चे के साथ आ-जा पा रही हैं, दैनिक कार्यों को सहजता से पूरा कर रही हैं तथा आत्मनिर्भर बनकर भविष्य में अपना रोजगार करने की दिशा में भी आगे बढ़ सकेंगी। इससे वे सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर पाएंगी।
    श्रीमती खुशबू ने उत्तर प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन, जिलाधिकारी महोदय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग का इस सहयोग हेतु हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।

  • बहिष्कार से किसका भला? अपने ही खिलाड़ियों के साथ नाइंसाफी कर रहा पाकिस्तान: कपिल देव की दो टूक

    बहिष्कार से किसका भला? अपने ही खिलाड़ियों के साथ नाइंसाफी कर रहा पाकिस्तान: कपिल देव की दो टूक

    नई दिल्ली
    भारत के पूर्व वर्ल्ड कप विजेता कप्तान कपिल देव ने आने वाले टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच का बॉयकॉट करने के पाकिस्तान के फैसले की आलोचना की है। इससे पहले, शहबाज शरीफ सरकार ने टीम को टूर्नामेंट में तो हिस्सा लेने को कहा लेकिन भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलने का ऐलान किया था! कपिल देव ने कहा कि अगर यह फैसला खिलाड़ियों की तरफ से आता, तो इस पर विचार किया जा सकता था। उन्होंने कहा कि इससे खिलाड़ियों की पीढ़ी खत्म हो जाएगी और लोग उनसे आगे बढ़ जाएंगे।

    कपिल देव ने कहा, ‘अगर फैसला खिलाड़ियों ने लिया है, तो वे सामने आकर कह सकते हैं। लेकिन, अगर बोर्ड कहता है कि आप नहीं खेलेंगे, तो देश की रेप्युटेशन कम होती है। पाकिस्तान के लिए यह अच्छा नहीं लग रहा है। आप पीढ़ी को खत्म कर रहे हैं। पाकिस्तान ने हमें इतने सालों में शानदार टैलेंट दिया है। लेकिन अगर आप इन लड़कों को वर्ल्ड कप में खेलने नहीं देंगे, तो आप पीढ़ी को खत्म कर रहे हैं और खेल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। आप अपने ही खिलाड़ियों के साथ नाइंसाफी कर रहे हैं।’

    कपिल देव ने कहा कि अगर वे भारत के खिलाफ मैचों का बॉयकॉट करते हैं, तो वे फैंस खो देंगे, और लोग उनसे आगे बढ़ जाएंगे। उन्होंने आगे कहा, "भावनाओं और दर्शकों पर असर पड़ेगा। लेकिन, लंबे समय में, कोई भी उन्हें मिस नहीं करेगा। लोग इसके बारे में लंबे समय तक नहीं सोचेंगे, और वे आखिरकार आगे बढ़ जाएंगे।"

    दूसरी ओर, आईसीसी ने चेतावनी दी है कि इस तरह के फैसले का पाकिस्तान के क्रिकेट भविष्य पर असर पड़ेगा। आईसीसी की एक प्रेस रिलीज में लिखा है, "आईसीसी को उम्मीद है कि पीसीबी अपने देश में क्रिकेट पर इसके बड़े और लंबे समय तक चलने वाले असर पर विचार करेगा, क्योंकि इससे ग्लोबल क्रिकेट इकोसिस्टम पर असर पड़ने की संभावना है, जिसका वह खुद सदस्य और फ़ायदा उठाने वाला है।"

    रविवार को एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा गया था, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान की सरकार ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम को आईसीसी वर्ल्ड टी20 2026 में हिस्सा लेने की मंज़ूरी दे दी है; हालांकि पाकिस्तान क्रिकेट टीम 15 फरवरी को भारत के ख़िलाफ होने वाले मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी।"

    इसके बाद आईसीसी के एक बयान में कहा, “चुनिंदा हिस्सा लेने की यह बात एक ग्लोबल स्पोर्टिंग इवेंट के बुनियादी आधार के साथ मेल नहीं खाती, जहां सभी क्वालिफ़ाइड टीमों से इवेंट शेड्यूल के अनुसार बराबर शर्तों पर मुकाबला करने की उम्मीद की जाती है।”

  • कलेक्टर ने CHO को नौकरी से किया बाहर, स्वास्थ्य केंद्र में गंभीर लापरवाही पर कार्रवाई

    कलेक्टर ने CHO को नौकरी से किया बाहर, स्वास्थ्य केंद्र में गंभीर लापरवाही पर कार्रवाई

    कोण्डागांव.

    कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं के प्रसव-पूर्व एवं प्रसव-पश्चात नियमित निगरानी पर विशेष जोर देते हुए कहा कि उच्च जोखिम (एचआरपी) वाली गर्भवती महिलाओं की देखभाल में किसी भी तरह की कोताही न हो।

    स्वास्थ्य केन्द्र शामपुर में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
    कलेक्टर पन्ना के निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केन्द्र शामपुर में स्वास्थ्यकर्मियों की गंभीर लापरवाही पाए जाने पर कलेक्टर के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा संबंधित आरएचओ को तीन माह का अवैतनिक तथा सीएचओ की सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई है। बैठक में कलेक्टर ने संपूर्णता अभियान 2.0 के अंतर्गत आकांक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम एवं आकांक्षी जिला कार्यक्रम के सभी इंडिकेटर्स की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने इंडिकेटर्स में शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    इसके साथ ही कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के स्वीकृत कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए सभी जनपद सीईओ को आवास निर्माण कार्यों में तेजी लाकर स्वीकृत आवासों को समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, जल जीवन मिशन सहित अन्य शासकीय योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

  • आखिरी मिनट में हैवर्ट्ज का वार, 8 साल बाद काराबाओ कप फाइनल में आर्सेनल की धमाकेदार एंट्री

    आखिरी मिनट में हैवर्ट्ज का वार, 8 साल बाद काराबाओ कप फाइनल में आर्सेनल की धमाकेदार एंट्री

    लंदन
    लंदन के एमिरेट्स स्टेडियम में खेले गए रोमांचक मुकाबले में आर्सेनल ने चेल्सी को 4-2 से हराकर काराबाओ कप के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। मैच के हीरो काई हैवर्ट्ज बने, जिन्होंने आखिरी पलों में निर्णायक गोल करके टीम को जीत दिलाई।

    पहले चरण में आर्सेनल ने विक्टर ग्योकेरेस, बेन व्हाइट और मार्टिन जुबीमेंदी के गोल की बदौलत 3-2 की बढ़त बना ली थी। इसी बढ़त के साथ गनर्स ने दूसरे चरण की शुरुआत की और एमिरेट्स स्टेडियम में आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरी। उन्होंने शुरुआती मिनटों में खेल पर पकड़ बनाए रखी और गेंद पर ज्यादा नियंत्रण रखा।

    चेल्सी ने मजबूत रक्षात्मक रणनीति अपनाते हुए पांच खिलाड़ियों की बैकलाइन बनाई, जिससे मैच के पहले एक घंटे तक दोनों टीमों को ज्यादा साफ मौके नहीं मिले। चेल्सी के कोच लियाम रोसेनियर ने बढ़त बनाने के इरादे से एस्तेवाओ और कोल पामर को मैदान में उतारा, लेकिन आर्सेनल की डिफेंस मजबूत बनी रही।

    जैसे-जैसे मैच अपने अंतिम मिनटों की ओर बढ़ा, चेल्सी गोल की तलाश में आगे बढ़ने लगी। इसी दौरान आर्सेनल को जवाबी हमला करने का मौका मिला। चोट से हाल ही में लौटे सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी काई हैवर्ट्ज ने शानदार संयम दिखाते हुए गोलकीपर रॉबर्ट सांचेज को चकमा दिया और गेंद को जाल में डाल दिया। इस गोल के साथ ही आर्सेनल की फाइनल की टिकट पक्की हो गई।

    आर्सेनल आठ साल बाद काराबाओ कप के फाइनल में पहुंचा है। अब उसका सामना मैनचेस्टर सिटी या न्यूकैसल यूनाइटेड से होगा, जिनके बीच सेमीफाइनल का दूसरा चरण बुधवार शाम खेला जाएगा।

    कप की इस बड़ी जीत के बाद आर्सेनल अब प्रीमियर लीग में वापसी करेगा। वे अपने घरेलू मैदान एन5 में सदरलैंड से भिड़ेंगे। इसके बाद 12 फरवरी को टीम वेस्ट लंदन में ब्रेंटफोर्ड के खिलाफ जीटेक कम्युनिटी स्टेडियम में मुकाबला खेलेगी।

     

  • डेविस कप में टाइमिंग ही जीत की कुंजी! कप्तान रोहित राजपाल बोले – हर खिलाड़ी ने बेस्ट दिया तो आगे बढ़ेंगे

    डेविस कप में टाइमिंग ही जीत की कुंजी! कप्तान रोहित राजपाल बोले – हर खिलाड़ी ने बेस्ट दिया तो आगे बढ़ेंगे

    बेंगलुरु
    भारत 7-8 फरवरी को नीदरलैंड्स के खिलाफ डेविस कप क्वालिफायर राउंड 1 मैच की तैयारी कर रहा है, जिसके लिए नेशनल टीम कप्तान रोहित राजपाल की देखरेख में बेंगलुरु के एस.एम. कृष्णा टेनिस स्टेडियम में कड़ी ट्रेनिंग कर रही है। करण सिंह और रित्विक बोल्लीपल्ली ने गुरुवार शाम को अपना ट्रेनिंग सेशन शुरू किया, जबकि सुमित नागल, दक्षिणेश्वर सुरेश और यूकी भांबरी आज बेंगलुरु में टीम के साथ जुड़ेंगे, क्योंकि महत्वपूर्ण घरेलू मैच के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं।

    भारत डेविस कप देशों की रैंकिंग में नंबर 33 पर है, और उसका मुकाबला एक मजबूत डच टीम से है जो फिलहाल दुनिया में नंबर 6 पर है और 2024 डेविस कप फाइनल में रनर-अप रही थी। फिर भी, भारतीय टीम अपने इतिहास से प्रेरणा ले सकती है, जिसने फरवरी 1996 में जयपुर में नीदरलैंड्स को हराकर एक बड़ा उलटफेर किया था। उस मौके पर, लिएंडर पेस और महेश भूपति ने 1-2 से पीछे होने के बाद शानदार वापसी करते हुए भारत को जीत दिलाई थी।

    राजपाल, जो 2019 से भारत के डेविस कप कप्तान हैं, डच टीम के खिलाफ इस सफलता को दोहराना चाहते हैं, जैसा कि उन्होंने कहा, “अगर हम वैसे ही खेलते हैं जैसे हमने स्विट्जरलैंड में खेला था, जहां सभी खिलाड़ी सही समय पर अपने चरम पर थे, तो मेरा मानना है कि हम यह टाई जीत सकते हैं। जब से मैं कप्तान बना हूं, हम जल्दी आकर टीम को तैयार करना शुरू कर देते हैं। हमारा मकसद धीरे-धीरे लोड कम करना है, हम हर दिन दो भारी सेशन से शुरू करते हैं और धीरे-धीरे लोड कम करते हैं ताकि हर कोई सही समय पर अपने चरम पर हो और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सके।”

    भारतीय टेनिस आइकन महेश भूपति ने भी भारतीय टीम का समर्थन करते हुए कहा, “मैं डेविस कप टाई से पहले टीम को शुभकामनाएं देना चाहता हूं। डच टीम के खिलाफ खेलने की मेरी बहुत अच्छी यादें हैं, खासकर जब हमने 1996 में जयपुर में उन्हें हराया था। यह दिखाता है कि डेविस कप में कुछ भी संभव है। टीम को अपना हौसला बनाए रखना होगा और कड़ी मेहनत करनी होगी।”

     

  • मणिपुर में राष्ट्रपति शासन खत्म, NDA ने पेश किया सरकार बनाने का दावा; आज शाम शपथ ग्रहण

    मणिपुर में राष्ट्रपति शासन खत्म, NDA ने पेश किया सरकार बनाने का दावा; आज शाम शपथ ग्रहण

    इम्फाल
    पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर से करीब एक साल बाद राष्ट्रपति शासन हटा लिया गया है। राज्यपाल अजय कुमार भल्ला की सिफारिश पर राष्ट्रपति ने यह आदेश दिया है। इसके साथ ही वहां नई सरकार बनने का रास्ता साफ हो चुका है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने वहां सरकार बनाने का दावा भी पेश कर दिया है। अब NDA विधायक दल के नेता वाई खेमचंद सिंह आज (बुधवार) शाम छह बजे मणिपुर के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। प्रदेश भाजपा ने यह जानकारी दी है। शपथ ग्रहण समारोह 'लोक भवन' में होगा, जहां सुबह से ही तैयारियां जारी हैं।
     
    भाजपा की मणिपुर इकाई ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''वाई खेमचंद सिंह का मणिपुर के माननीय मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण समारोह आज यानी 4 फरवरी 2026 को शाम छह बजे लोक भवन में होगा।'' इसमें आगे कहा गया, ''उनके अनुभवी और दूरदर्शी नेतृत्व में मणिपुर शांति, विकास और सुशासन के रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए तैयार है, जिससे राज्य में स्थिरता और प्रगति का एक नया युग शुरू होगा।''

    अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे अशांत मणिपुर में पिछले साल फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू था। सिंह के नेतृत्व में राजग के प्रतिनिधिमंडल ने यहां लोक भवन में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया। भल्ला से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में चुराचांदपुर और फेरजॉल के कुकी-जो बहुल जिलों के दो विधायक शामिल थे। सिंह को मंगलवार को नयी दिल्ली में भाजपा विधायक दल का नेता और उसके बाद राजग विधायक दल का नेता चुना गया।भाजपा विधायक थोंगबम बिस्वजीत ने पहले कहा था कि सिंह समेत पांच विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे। मनोनीत मुख्यमंत्री खेमचंद मेइतेई समुदाय से हैं, जबकि उनके साथ शपथ ले ने जा रहे दोनों उप मुख्यमंत्री नेमचा किपगेन और लोसी दिखो, क्रमशः कुकी और नागा जनजातियों से हैं।

     

  • नक्सल मोर्चे पर ओडिशा पुलिस की बड़ी सफलता, 21 लाख का इनामी माओवादी सुखराम गिरफ्तार/आत्मसमर्पण

    नक्सल मोर्चे पर ओडिशा पुलिस की बड़ी सफलता, 21 लाख का इनामी माओवादी सुखराम गिरफ्तार/आत्मसमर्पण

    जगदलपुर

    नक्सल मोर्चे पर ओडिशा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से सक्रिय 21 लाख रुपए के इनामी माओवादी सुखराम मरकाम उर्फ योगेश उर्फ सुरेश ने हथियार डाल दिया है। यह आत्मसमर्पण ओडिशा के मलकानगिरी जिले में किया गया, जहां सुरक्षा बलों के सामने माओवादी ने सरेंडर किया। आत्मसमर्पण के दौरान सुखराम मरकाम के पास से एक SLR राइफल के साथ विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई है।

    सुखराम मरकाम माओवादी संगठन में ACM रैंक का सक्रिय कैडर बताया जा रहा है। वह वर्ष 2010 से माओवादी संगठन से जुड़ा हुआ था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार सुखराम कई नक्सली घटनाओं में शामिल रहा है। माओवादी सुखराम मरकाम मूल रूप से छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का निवासी है। उसके खिलाफ अलग-अलग राज्यों में गंभीर नक्सली मामले दर्ज थे।

    लगातार दबाव और सघन ऑपरेशन के चलते माओवादी सुखराम ने आत्मसमर्पण का रास्ता चुना। मलकानगिरी एसपी विनोद पाटिल का कहना है कि यह नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी उपलब्धि है। आत्मसमर्पण से माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। सुरक्षा बलों को उम्मीद है कि आगे भी अन्य माओवादी मुख्यधारा में लौटेंगे।

  • भारतीय रेलवे ने शुरू की 20 नई ट्रेनें, जानें किस रूट पर कौन सी ट्रेन चलेगी

    भारतीय रेलवे ने शुरू की 20 नई ट्रेनें, जानें किस रूट पर कौन सी ट्रेन चलेगी

    नई दिल्ली

     भारतीय रेलवे ने बढ़ती यात्रा मांग और त्योहारों के सीजन को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है. 1 फरवरी 2026 से देश के अलग अलग प्रमुख रूटों पर 20 नई ट्रेनें चलाने की घोषणा की गई है. नई ट्रेनों को लाॅन्च करने के वजह भीड़ कम करना और यात्रियों को कंफर्म सीट दिलाना है.

    इन ट्रेनों में अमृत भारत एक्सप्रेस, वंदे भारत और कुछ स्पेशल पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं. जिससे लंबी दूरी की यात्रा ज्यादा आरामदायक और तेज हो सके. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक टिकट बुकिंग IRCTC वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर शुरू हो चुकी है. इसलिए यात्री अपने रूट के हिसाब से पहले ही सीट बुक कर सकते हैं. जान लें किस रूट पर चलेंगी यह नई ट्रेनें.
    इन शहरों के लोगों को होगा फायदा

    फरवरी में यात्रा की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह खबर काफी राहत देने वाली है. नई ट्रेनों का शेड्यूल और रूट प्लान इस तरह बनाया गया है कि देश के उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम के प्रमुख शहर पहले से बेहतर कनेक्ट हो सकें. इससे लंबी दूरी की यात्रा का समय घटेग  भीड़ का दबाव कम होगा और कंफर्म सीट मिलने की संभावना भी बढ़ेगी.

    रेलवे मंत्रालय ने Trains At A Glance 2026 के तहत इन ट्रेनों को चलाने की मंजूरी दी है. अमृत भारत जैसी किफायती और तेज ट्रेनों पर खास फोकस रखा गया है. जिससे मिडिल क्लास और आम यात्रियों को सीधे तौर पर सुविधा मिल सके.
    इन रूट्स पर चलेंगी नई ट्रेनें

    ट्रेन नंबर 64033 दिल्ली – शामली मेमू

    यह ट्रेन शामली और दिल्ली के बीच रोजाना ट्रेवल करने वाले यात्रियों के लिए फायदेमंद होगी

    पीलीभीत – शाहजहांपुर पैसेंजर 

    यह ट्रेन लोकल लेवल पर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए शुरू की गई. इस डेली पैसेंजर ट्रेन के जरिए लोकल ट्रेवल आसान होगी.

    राजेंद्र नगर – नई दिल्ली अमृत भारत 

    जो लोग बिहार से दिल्ली जाते हैं. उन लोगों के लिए यह ट्रेन एक बढ़िया ऑप्शन बनकर आई है.

    साबरमती – जोधपुर वंदे भारत

    इस रूट पर चलने वाली वंदे भारत की टाइमिंग में 1 फरवरी से बदलाव किया गया है. जिससे यात्रियों को ज्यादा सुविधाजनक टाइमिंग मिल सके. गुजरात और राजस्थान के बीच तेज और आरामदायक सफर का यह बेहतर ऑप्शन बनेगा.

    कामाख्या – रोहतक अमृत भारत

    पूर्वोत्तर भारत को हरियाणा से जोड़ने वाली यह वीकली अमृत भारत ट्रेन लंबी दूरी के यात्रियों के लिए अहम साबित होगी. इस ट्रेन से दोनों क्षेत्रों के बीच सीधी और किफायती कनेक्टिविटी मजबूत होगी.

    संबलपुर – इरोड स्पेशल

    दक्षिण भारत की ओर यात्रा करने वालों के लिए इस स्पेशल ट्रेन की सर्विस बढ़ाई गई है. ओडिशा से तमिलनाडु तक का सफर अब ज्यादा आसान और सीधा हो सकेगा. जिससे लंबी दूरी की यात्रा में राहत मिलेगी.

    पुरी – राउरकेला वंदे भारत

    ओडिशा के प्रमुख शहरों को जोड़ने के लिए यह सेमी हाई स्पीड वंदे भारत शुरू की जा रही है. इससे राज्य के भीतर तेज, आरामदायक और समय बचाने वाला सफर संभव होगा.

    धुले – वाराणसी/अयोध्या

    महाराष्ट्र के धुले से वाराणसी और अयोध्या जैसे धार्मिक स्थलों के लिए नई ट्रेनें प्रस्तावित हैं. तीर्थ यात्रा करने वालों के लिए यह सीधी और सुविधाजनक रेल सेवा का ऑप्शन देगी.

  • 19 साल बाद दुर्लभ ग्रह योग में महाशिवरात्रि, भक्तों के लिए विशेष फलदायी; महाकाल मंदिर में तैयारियां शुरू

    19 साल बाद दुर्लभ ग्रह योग में महाशिवरात्रि, भक्तों के लिए विशेष फलदायी; महाकाल मंदिर में तैयारियां शुरू

    उज्जैन 

    पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी और चतुर्दशी के संधिकाल में महाशिवरात्रि मनाई जाती है। इस साल यह पर्व 15 फरवरी, रविवार को है। इस दिन सूर्य, बुध, शुक्र और राहु कुंभ राशि में, केतु सिंह राशि में और चंद्रमा मकर राशि में गोचर करेगा। इस बार त्रिकोण योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का विशेष संयोग बन रहा है, जिसे शुभ और फलदायी माना जाता है। ज्योतिष पंडित अमर डिब्बावाला के अनुसार, ऐसा दुर्लभ योग करीब 19 साल बाद बन रहा है। इससे पहले यह 2007 में हुआ था।

    चार प्रहर की पूजा का महत्व

    शिव महापुराण के अनुसार, महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए चार प्रहर की पूजा का विशेष महत्व है। यह पूजा प्रदोष काल से लेकर मध्य रात्रि और ब्रह्म मुहूर्त तक की जाती है। श्रद्धालु अपने संकल्प के अनुसार इसे अकेले या परिवार सहित कर सकते हैं।

    शिव पूजा कैसे करें

    महाशिवरात्रि के दिन स्नान के बाद भगवान शिव का पंचोपचार या षोडशोपचार विधि से पूजन करना चाहिए। व्रती अन्न ग्रहण नहीं करें और क्रोध, लालच, नशा और बुराइयों से दूर रहें। पूरे दिन “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप शुभ माना जाता है। पूजा उत्तर दिशा की ओर मुख करके करनी चाहिए। माथे पर चंदन या भस्म का त्रिपुंड लगाएं और शिवलिंग पर पहले से चढ़ी सामग्री हटाकर बिल्वपत्र धोकर पुनः प्रयोग करें।

    शिवरात्रि और विवाह नहीं

    महाशिवरात्रि केवल भगवान शिव की आराधना और भक्ति का पर्व है, यह शिव-पार्वती के विवाह के कारण नहीं मनाया जाता। अखिल भारतीय पुजारी महासंघ विद्वत परिषद के रूपेश मेहता के अनुसार, शिव महापुराण में इसे भगवान शिव की उत्पत्ति और ब्रह्मा-विष्णु के अहंकार को समाप्त करने के लिए विशेष महत्व प्राप्त है। धार्मिक ग्रंथों में स्पष्ट किया गया है कि शिव और पार्वती का विवाह महाशिवरात्रि पर नहीं हुआ था।

    ज्योतिषाचार्य  ने बताया महाशिवरात्रि पर सूर्य, बुध, शुक्र व राहु यह कुंभ राशि पर गोचरस्थ रहेंगे। वहीं केतु सिंह राशि में अवस्थित होंगे तथा चंद्रमा का संचार मकर राशि पर रहेगा। एक बात स्पष्ट है कि महाशिवरात्रि का पर्व काल मकर राशि के चंद्रमा की साक्षी में ही आता है। लेकिन शिव आराधना के इस विशिष्ट काल खंड में शेषग्रह अगर एक साथ रहते हैं, तो यह साधना, आराधना की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। अलग-अलग प्रहर में इसकी पूजा का विशेष शुभफल प्राप्त होता है।

    महाकाल मंदिर में तैयारियां शुरू

    12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। 6 फरवरी से शिवरात्रि पर्व के तहत मंदिर के मुख्य शिखर की धुलाई, मंदिर परिसर की रंग-रोगन, कोटितीर्थ कुंड की सफाई और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया है। मंदिर प्रांगण में स्थित 40 मंदिरों की पुताई का काम अंतिम चरण में है।

    इस संबंध में मंगलवार शाम कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक और समिति सदस्यों के साथ बैठक कर दर्शन व्यवस्था को अंतिम रूप देंगे।

    चार प्रहर की पूजा से मिलती है सिद्धि और सफलता

    शिव महापुराण के अनुसार महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की कृपा पाने के लिए चार प्रहर की पूजा का विशेष महत्व है। यह पूजा प्रदोष काल से लेकर निशिथ काल (मध्य रात्रि) और ब्रह्म मुहूर्त तक की जाती है। इस दौरान श्रद्धालु अपने संकल्प के अनुसार सपरिवार या साधक विशेष पूजा-अनुष्ठान कर सकते हैं।

    ऐसे करें शिव पूजा

    महाशिवरात्रि के दिन स्नान के बाद भगवान शिव का पंचोपचार या षोडशोपचार विधि से पूजन करना चाहिए। जो लोग व्रत रखते हैं, उन्हें अन्न ग्रहण नहीं करना चाहिए। इस दिन क्रोध, काम, नशा, लालच और चोरी जैसी बुराइयों से दूर रहना चाहिए। पूरे दिन “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करते रहना शुभ माना जाता है।

    शिव पूजा उत्तर दिशा की ओर मुख करके करना अधिक शुभ होता है। पूजा के समय माथे पर चंदन या भस्म का त्रिपुंड अवश्य लगाएं। पूजा से पहले शिवलिंग पर पहले से चढ़ी हुई सामग्री हटा देनी चाहिए। बिल्वपत्र को धोकर दोबारा पूजा में उपयोग किया जा सकता है।

    शिवरात्रि पर नहीं हुआ था शिव-पार्वती का विवाह

    शिवरात्रि सनातन धर्म में भगवान शिव की कृपा, भक्ति और आराधना का पर्व है। यह पर्व शिवतत्व को समझने और पूजा-अर्चना करने के लिए मनाया जाता है, न कि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के कारण।

    अखिल भारतीय पुजारी महासंघ विद्वत परिषद के रूपेश मेहता के अनुसार, शिव महापुराण में शिवरात्रि को भगवान शिव की उत्पत्ति का दिन बताया गया है। इसे ब्रह्मा और विष्णु के अहंकार को समाप्त करने और सृष्टि चक्र की शुरुआत के लिए विशेष महत्व प्राप्त है। इसी कारण इसे महाशिवरात्रि कहा जाता है।

    धार्मिक ग्रंथों में यह स्पष्ट किया गया है कि भगवान शिव का विवाह माता सती और माता पार्वती से अलग-अलग समय पर हुआ था। दोनों विवाह फाल्गुन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी (महाशिवरात्रि) पर नहीं हुए थे।