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  • शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, मास्टर कैडर के लिए PSTET-2 पास करना जरूरी

    शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, मास्टर कैडर के लिए PSTET-2 पास करना जरूरी

    पटियाला.

    पंजाब में मास्टर कैडर के पदों पर प्रमोशन को लेकर शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। डायरेक्टर ऑफ स्कूल एजुकेशन (सेकेंडरी) पंजाब की ओर से जारी आदेश के अनुसार अब मास्टर कैडर में नियुक्ति और प्रमोशन के लिए पंजाब स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (PSTET-2) पास करना अनिवार्य होगा।

    शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि पहले मेमो नंबर 19/23-16 A-4 (5) दिनांक 14.09.2017 के तहत कुछ कर्मचारियों को PSTET से छूट दी गई थी। यह छूट उन अध्यापकों को मिली थी जो NCTE की अधिसूचना 23.08.2010 और RTE एक्ट 2009 के तहत PSTET की पहली घोषणा 30.07.2011 के बाद सेवा में आए थे।

    हालांकि, अब माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा 01 सितंबर 2025 को दिए गए फैसले (भरुनेग मुथविभा वेवत तैले अंजुमन-ए-इशात बनाम महाराष्ट्र राज्य व अन्य) के बाद स्थिति बदल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में मास्टर कैडर में नियुक्ति और प्रमोशन के लिए PSTET-2 पास करना अनिवार्य घोषित किया है।

    इस फैसले के आधार पर शिक्षा विभाग ने पुराने नोटिस को रद्द करते हुए नया आदेश जारी किया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि जो कर्मचारी प्रमोशन के बाद मास्टर कैडर में कार्यरत हैं और जिनकी शेष सेवा अवधि 5 वर्ष से अधिक है, यदि उन्होंने अब तक PSTET-2 पास नहीं किया है तो उन्हें दो वर्षों के भीतर PSTET-2 पास करना होगा। ऐसा न करने पर विभाग की ओर से सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • राज्यपाल डेका और CM साय ने काफिला रोककर देखी NH-30 के कार्य की प्रगति, अधिकारियों को गुणवत्ता पूर्ण निर्माण के दिए निर्देश

    राज्यपाल डेका और CM साय ने काफिला रोककर देखी NH-30 के कार्य की प्रगति, अधिकारियों को गुणवत्ता पूर्ण निर्माण के दिए निर्देश

    कोंडागांव.

    रायपुर से जगदलपुर जाते समय शुक्रवार को केशकाल में अचानक राज्यपाल डेका और मुख्यमंत्री साय का काफिला रुक गया. वजह थी राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर चल रहा सड़क उन्नयन कार्य. मुख्यमंत्री ने मौके पर उतरकर निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया और अधिकारियों को साफ शब्दों में चेताया कि काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एनएच-30 बस्तर संभाग की सबसे अहम सड़क है, जो राजधानी रायपुर को बस्तर और अन्य राज्यों से जोड़ती है. ऐसे में सड़क निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को तय मापदंडों के अनुसार काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए.

    केशकाल बायपास पर भी नजर
    निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री साय ने केशकाल नगर के साथ-साथ केशकाल बायपास निर्माण कार्य की जानकारी ली. कलेक्टर को निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य समय-सीमा के भीतर पूरा कराया जाए और नियमित निगरानी रखी जाए, ताकि आम लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके.

    कोंडागांव में दीदी की रसोई पहुंचे, फरा-अंगाकर रोटी चखी
    इसके बाद राज्यपाल डेका और मुख्यमंत्री साय कोंडागांव पहुंचे. यहां उन्होंने बिहान योजना के तहत स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित “मोर सुआद–दीदी की रसोई” का निरीक्षण किया. महिलाओं ने पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया. मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने बस्तर के पारंपरिक व्यंजन फरा और अंगाकर रोटी का स्वाद लिया. मुख्यमंत्री साय ने समूह की महिलाओं से आय और कामकाज की जानकारी ली और कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का मजबूत माध्यम हैं. उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि महिलाओं को आजीविका के लिए हर संभव सहयोग दिया जाए.

    लोक कलाकारों की पेंटिंग्स देखी
    इस दौरान जिले के लोक कलाकारों की पेंटिंग्स का भी अवलोकन किया गया. मुख्यमंत्री साय ने कलाकारों से बातचीत कर उनके रचनात्मक प्रयासों की सराहना की. कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री, बस्तर सांसद, कोंडागांव विधायक सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे.

  • $30 ट्रिलियन का मार्केट खुला, आज से लागू होगा 18% टैरिफ: जानें India-US डील की 10 अहम बातें

    $30 ट्रिलियन का मार्केट खुला, आज से लागू होगा 18% टैरिफ: जानें India-US डील की 10 अहम बातें

     नई दिल्‍ली

    भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील अगले हफ्ते साइन हो समती है. हालांकि उससे पहले दोनों देश ने अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट (India-US Trade Agreement) का फ्रेमवर्क जारी किया है. इसके तहत भारत पर आज से  18 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा. रूस से तेल खरीदने को लेकर लगाया गया एक्‍स्‍ट्रा 25%  टैरिफ को भी हटा दिया गया है. 

    भारत और अमेरिका के इस फ्रेमवर्क को जल्‍द लागू किया जा सकता है और दोनों देशों के बीच व्‍यापक द्विपक्षीय व्‍यापार समझौता (BTA) के तौर पर बात आगे बढ़ेगी. यह फ्रेमवर्क 13 फरवरी से शुरू हो रहे भारत-अमेरिका द्व‍िपक्षीय व्‍यापार समझौता (BTA) वार्ता को आगे बढ़ाएंगे.

    पीयूष गोयल ने जानकारी दी कि इस वार्ता के तहत धीरे-धीरे बाजार पहुंच बढ़ेगी, सप्‍लाई चेन को मजबूत किया जाएगा और  ट्रेड बैरियर जैसे प्रावधान खत्‍म किए जा सकते हैं. साथ ही भारत और अमेरिका सभी औद्योगिक चीजों पर टैरिफ को कम कर सकते हैं. वाणिज्‍य मंत्री ने कहा कि यह ट्रेड डील भारत के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट खोलेगा. 

    ट्रेड डील की 10 बड़ी बातें

    1.     अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ को हटाकर 18 फीसदी टैरिफ आज से लागू कर दिया है. 
    2.     टैरिफ कम करने के बाद भारत के लिए अमेरिका 30 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट खोलेगा. 
    3.     जिसके तहत टेक्‍सटाइल, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर उत्पाद, जैविक रसायन, घरेलू सजावट, हस्तशिल्प उत्पाद और चुनिंदा मशीनरी जैसे कारोबार को बडा अवसर मिलेगा. 
    4.     भारत ने अगले पांच साल में 500 अरब डॉलर की वस्‍तुओं को खरीदने की सहमति जताई है, जिसमें तेल,  विमान, फाइटर जेट, एनर्जी और कुछ खाद्य पदार्थ शामिल हैं. 
    5.     भारत अमेरिका के सभी औद्योगिक सामानों और कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर टैरिफ हटा देगा या कम कर देगा. 
    6.     इसमें सूखे अनाज, पशु आहार के लिए लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रोसेसिंग  फ्रूट, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट शामिल हैं. 
    7.     वहीं अमेरिका भारत के लिए  जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स, रत्न और हीरे और विमान के पुर्जों जैसे चुनिंदा उत्पादों पर टैरिफ समाप्त कर देगा. 
    8.     इस डील से लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME), किसानों और मछुआरों को ज्‍यादा लाभ होगा. महिलाओं और  युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे. 
    9.     भारत ने  मक्का, गेहूं, चावल, सोया, मुर्गी पालन, मांस, दूध, पनीर (डेयरी), इथेनॉल (ईंधन), तंबाकू और कुछ सब्जियों जैसे प्रमुख उत्पादों पर कोई टैरिफ रियायत नहीं दी है. 
    10.     भारत अगले पांच वर्षों में 500 अरब अमेरिकी डॉलर की अमेरिकी ऊर्जा, विमान, बहुमूल्य धातुएं, प्रौद्योगिकी उत्पाद और कोकिंग कोयला खरीदेगा. जीपीयू और डेटा-सेंटर उत्पादों के व्यापार को बढ़ावा देगा. 
    11.  
  • MP में उमरिया सबसे ठंडा, रात का पारा 7°; भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत 10 जिलों में हल्का कोहरा

    MP में उमरिया सबसे ठंडा, रात का पारा 7°; भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत 10 जिलों में हल्का कोहरा

    भोपाल
     मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के कई जिलों में गुरुवार रात तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। इससे सर्दी का असर और गहरा हो गया है। उमरिया सबसे ठंडा शहर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
    रीवा, खजुराहो, मंडला और सतना जैसे शहरों में भी पारा 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल, इंदौर और ग्वालियर समेत बड़े शहरों में भी सर्दी के इस नए दौर काअसर साफ नजर आ रहा है।

    करीब एक हफ्ते राहत नहीं
    मौसम विभाग के अनुसार- आने वाले दिनों में ठंड से फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। 8 फरवरी से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है। इसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ेगा। हालांकि, 10 फरवरी से पहले बारिश या ओलावृष्टि की संभावना कम है, लेकिन कोहरा और सर्द हवाओं के चलते ठिठुरन और बढ़ सकती है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।

    कटनी के करौंदी में सबसे कम तापमान

    प्रदेश का न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर-खजुराहो में 6.6 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री, राजगढ़-उमरिया में 8 डिग्री, शाजापुर में 8.1 डिग्री, नौगांव-पचमढ़ी में 8.6 डिग्री, सतना में 9.2 डिग्री, दमोह में 9.5 डिग्री, मंडला-सीधी में 9.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया है।

    उमरिया सबसे ठंडा शहर रहा, जहां पारा गिरकर 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि जबलपुर में 10.8 डिग्री और उज्जैन में 13 डिग्री सेल्सियस रहा।

    मौसम विभाग के अनुसार, उमरिया के बाद रीवा दूसरा सबसे ठंडा शहर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री दर्ज किया गया।

    खजुराहो में भी 7.4 डिग्री, मंडला में 7.9 डिग्री, नौगांव में 8.8 डिग्री, सतना में 8.9 डिग्री, राजगढ़ और शिवपुरी में 9 डिग्री, पचमढ़ी में 9.4 डिग्री तथा दमोह और मलाजखंड में 9.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    इधर, प्रदेश में घने कोहरे का खास असर नहीं देखा गया। शनिवार सुबह भोपाल, उज्जैन, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, मंडला, सतना समेत करीब 10 जिलों में मध्यम कोहरा दर्ज किया गया, जिससे सुबह के समय हल्की ठंड और दृश्यता में कमी महसूस की गई।

    कटनी के करौंदी में सबसे कम तापमान

    प्रदेश का न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर-खजुराहो में 6.6 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री, राजगढ़-उमरिया में 8 डिग्री, शाजापुर में 8.1 डिग्री, नौगांव-पचमढ़ी में 8.6 डिग्री, सतना में 9.2 डिग्री, दमोह में 9.5 डिग्री, मंडला-सीधी में 9.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया है।

    एक नजर प्रदेश में तापमान पर
    MP में 4 दिन कड़ाके की ठंड 

    ग्वालियर-चंबल में असर ज्यादा

    भोपाल-उज्जैन में भी पारा गिरेगा

    ग्वालियर, खजुराहो समेत 11 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे 

    कटनी, शहडोल और छतरपुर सबसे ठंडे 

    वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सकुर्लेशन की वजह से प्रदेश में ओले-बारिश

    शहडोल के कल्याणपुर-खजुराहो में 6.6 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री

    राजगढ़-उमरिया में 8 डिग्री, शाजापुर में 8.1 डिग्री, नौगांव-पचमढ़ी में 8.6 डिग्री

    सतना में 9.2 डिग्री, दमोह में 9.5 डिग्री, मंडला-सीधी में 9.8 डिग्री रहा

  • सोने की कीमत में हल्की गिरावट, चांदी का दाम 9,000 रुपए से ज्यादा घटा

    सोने की कीमत में हल्की गिरावट, चांदी का दाम 9,000 रुपए से ज्यादा घटा

    नई दिल्ली
     सोने की कीमत में  मामूली गिरावट देखने को मिली और चांदी का दाम 9,000 रुपए से अधिक कम हो गया है। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत 424 रुपए कम होकर 1,52,078 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,52,502 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। 22 कैरेट सोने की कीमत 1,39,692 रुपए प्रति 10 ग्राम से कम होकर 1,39,303 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है। 18 कैरेट सोने का दाम 1,14,377 रुपए प्रति 10 ग्राम से कम होकर 1,14,059 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है। 

    चांदी की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली है। चांदी का दाम 9,410 रुपए कम होकर 2,44,929 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,54,339 रुपए प्रति किलो था। आईबीजेए की ओर से दिन में दो बार दोपहर 12 बजे और शाम को 5 बजे कीमतें जारी की जाती हैं। हाजिर के उलट वायदा बाजार में सोने और चांदी में मिलाजुला कारोबार हुआ है। सोने के 2 अप्रैल 2026 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 0.83 प्रतिशत बढ़कर 1,53,337 रुपए हो गया है और चांदी के 5 मार्च 2026 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 1.84 प्रतिशत कम होकर 2,39,339 रुपए पर था।

    अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी में मिलाजुला कारोबार हुआ है। खबर लिखे जाने तक, कॉमेक्स पर सोने की कीमत 0.39 प्रतिशत बढ़कर 4,908 डॉलर प्रति औंस है और चांदी की कीमत 3.61 प्रतिशत कम होकर 73.90 डॉलर प्रति औंस है।

    जानकारों ने कहा कि सोने में सत्र के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। फिलहाल कॉमेक्स पर यह 4,900 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। आने वाले समय में सोने की चाल अमेरिका के बेरोजगारी के साथ अन्य महत्वपूर्ण आंकड़ों पर निर्भर करेगी। -आईएएनएस

  • सरकार ने 4 साल में 34 किताबों को दी मंजूरी, लेकिन नरवणे की “फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी” पर क्यों लटकी तलवार?

    सरकार ने 4 साल में 34 किताबों को दी मंजूरी, लेकिन नरवणे की “फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी” पर क्यों लटकी तलवार?

    नई दिल्ली

    भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की पुस्तक 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' (Four Stars of Destiny) को रक्षा मंत्रालय की मंजूरी अभी तक नहीं मिली है। यह वही किताब है जिसका जिक्र लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने किया था। इसको लेकर खूब हंगामा हुआ था। आपको बता दें कि पिछले पांच वर्षों में दर्जनों सैन्य अधिकारियों की पुस्तकों को हरी झंडी मिल गई, वहीं जनरल नरवणे की यह किताब इकलौती ऐसी पांडुलिपि बनकर उभरी है, जो अब भी समीक्षा के अधीन है।

     एक रिपोर्ट में सूचना के अधिकार (RTI) से प्राप्त जवाब के हवाले से कहा है कि रक्षा मंत्रालय ने बताया कि 2020 से 2024 के बीच कुल 35 पुस्तकों के शीर्षक अनुमोदन के लिए आए थे। उनमें से 32 को अप्रूव किया जा चुका है। सिर्फ तीन ही अभी तक पेंडिंग है। उनमें नरवणे की किताब भी शामिल है।

    RTI के अनुसार, जिन तीन किताबों को लंबित दिखाया गया था, उनमें से पूर्व सेना प्रमुख जनरल एन.सी. विज की पुस्तक 'अलोन इन द रिंग' मई 2025 में रिलीज हो चुकी है। वहीं ब्रिगेडियर जीवन राजपुरोहित की किताब को भी मंजूरी मिल गई है। अब इस सूची में जनरल नरवणे की किताब ही एकमात्र ऐसी है जो आधिकारिक रूप से मंत्रालय के पास अटकी हुई है।
    आखिर 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' में ऐसा क्या है?

    जनरल नरवणे 2019 से 2022 तक सेना प्रमुख थे। यह वह दौर था जब पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन के साथ तनाव चरम पर था। दिसंबर 2023 में प्रकाशित इस पुस्तक के कुछ अंशों ने राष्ट्रीय सुरक्षा गलियारों में हलचल मचा दी थी। राहुल गांधी का दावा है कि किताब में जनरल नरवणे ने 31 अगस्त 2020 की उस रात का जिक्र किया है, जब चीनी टैंक रेचिन ला क्षेत्र की ओर बढ़ रहे थे।

    राहुल गांधी के मुताबिक, उन्होंने लिखा है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बातचीत के दौरान उन्हें एक 'हॉट पोटैटो' (बेहद कठिन स्थिति) थमा दिया गया था। उन्हें पलक झपकते ही बड़े सैन्य फैसले लेने थे। माना जा रहा है कि लद्दाख गतिरोध और सरकार के साथ सैन्य संवाद के इन संवेदनशील खुलासों के कारण ही रक्षा मंत्रालय इसकी गहन समीक्षा कर रहा है।

    हाल ही में जिन अधिकारियों की पुस्तकों को मंजूरी मिली है, उनमें लेफ्टिनेंट जनरल एस.ए. हसनैन, मेजर जनरल जी.डी. बख्शी और लेफ्टिनेंट जनरल योगेश कुमार जोशी जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

    इस देरी पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार पूर्व सेना प्रमुख का अत्यधिक सम्मान करती है और विपक्ष महज इस मुद्दे का इस्तेमाल उनका मजाक उड़ाने के लिए कर रहा है। दूसरी ओर प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस और रक्षा मंत्रालय ने वर्तमान स्थिति पर चुप्पी साध रखी है।

  • रुपये ने दिखाया कमाल: 3 साल में बेहतरीन प्रदर्शन, India-US ट्रेड डील का असर

    रुपये ने दिखाया कमाल: 3 साल में बेहतरीन प्रदर्शन, India-US ट्रेड डील का असर

     नई दिल्‍ली ,
      
    शुक्रवार को डॉलर की संभावित निकासी और व्यापारियों द्वारा लॉन्ग पोजीशन कम करने के कारण भारतीय रुपया गिरावट पर बंद हुआ, लेकिन इस सप्‍ताह के दौरान भारतीय करेंसी ने शानदार तेजी दिखाई है. इस सप्‍ताह की तेजी ने 3 साल में सबसे तेज बढ़ोतरी को दर्ज किया है. 

    डॉलर की तुलना में रुपया शुक्रवार को 90.6550 पर बंद हुआ, जो दिन में 0.3% की गिरावट के साथ सप्ताह में 1.4% की तेजी को दिखाता है. जनवरी 2023 के बाद यह इसकी सबसे बड़ी वीकली ग्रोथ है. यह तेजी भारत और अमेरिका के बीच डील पर सहमति बनने के बाद आई है. 

    आरबीआई का बड़ा फैसला
    रुपया में तेज उछाल के साथ ही भारत के केंद्रीय बैंक (RBI) ने पॉजिटिव आर्थिक नजरिया, अमेरिका और यूरोप के साथ व्यापार समझौतों के बाद कम हुए दबावों से उत्साहित होकर रेपो दर को अपरिवर्तित रखा है. एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि हमारा मानना ​​है कि एमपीसी बदलती व्यापक आर्थिक स्थितियों और नई श्रृंखला के आंकड़ों पर आधारित नजरिए से मौद्रिक नीति की भविष्य की दिशा तय करेगी. 

    वहीं कुछ एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि आरबीआई रेपो रेट को कम रखकर बैंकों और लोन लेने वाले लोगों को सपोर्ट देना चाहता है. यह लोन लेने वाले लोगों के लिए एक बड़ी राहत होगी. वहीं व्‍यापारियों का कहना है कि रेपो रेट में अनचेंज रखने से रुपया के गिरावट में ज्‍यादा योगदान नहीं रहेगा. 

    मंगलवार को आई थी उछाल
    मंगलवार को अमेरिका और भारत द्वारा महीनों की बातचीत के बाद व्यापार समझौते की घोषणा के बाद भारतीय करेंसी में बड़ी उछाल आई थी, लेकिन शुक्रवार को  इसमें थोड़ी कमी आई.  हालांकि व्यापारियों और विश्लेषकों का कहना है कि इस व्यापारिक सफलता ने रुपये पर छाए संकट को दूर किया है. एक स्थायी तेजी विदेशी निवेश में उछाल पर निर्भर करेगी. 

    4 अरब डॉलर के शेयर बेचे
    गौरतलब है कि विदेशी निवेशकों ने पिछले महीने 4 अरब डॉलर के स्थानीय शेयरों की नेट सेलिंग के बाद फरवरी में अब तक लगभग 1 अरब डॉलर के स्थानीय शेयर खरीदे हैं. वैश्विक बाजारों में, डॉलर सूचकांक थोड़ा नीचे 97.8 पर था, जबकि एशियाई मुद्राओं में मिला-जुला असर देखने को मिला. 

    बता दें शेयर बाजार शुक्रवार को तेजी पर बंद हुआ. निफ्टी 50 अंक ऊपर चढ़कर 25,693 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्‍स 266 अंक चढ़कर 83580 पर क्‍लोज हुआ. निफ्टी बैंक भी 56 अंक चढ़कर क्‍लोज हुआ. 

  • T20 वर्ल्ड कप का धमाकेदार आगाज: आज खेले जाएंगे तीन मुकाबले, भारत-अमेरिका भी भिड़ेंगे

    T20 वर्ल्ड कप का धमाकेदार आगाज: आज खेले जाएंगे तीन मुकाबले, भारत-अमेरिका भी भिड़ेंगे

     नई दिल्ली

    आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी (शनिवार) से हो रही है.  ये टूर्नामेंट भारत और श्रीलंका की सहमेजबानी में खेला जाना है. टूर्नामेंट में इस बार 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं, लेकिन खिलाड़ियों से ज्यादा चर्चा ऑफ-फील्ड राजनीति और ड्रामे की रही है. डिफेंडिंग चैम्पियन और सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम इंडिया को खिताब का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है.

    हालांकि टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले बांग्लादेश और पाकिस्तान से जुड़े विवादों ने माहौल गरमा दिया है. बांग्लादेश ने सुरक्षा चिंताओं और तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान के IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) कॉन्ट्रैक्ट विवाद को लेकर भारत में खेलने से इनकार कर दिया. इसके बाद पाकिस्तान ने बांग्लादेश के समर्थन में भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने की घोषणा कर दी. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी इस फैसले को सही बताया.

    इस विश्व कप में पहले दिन कुल तीन मुकाबले खेले जाएंगे. उद्घाटन मुकाबला भारतीय समयानुसार सुबह 11 बजे से पाकिस्तान और नीदरलैंड्स के बीच कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स में खेला जाएगा. ये दोनों टीमें ग्रुप-ए में हैं. फिर दूसरा मुकाबला वेस्टइंडीज और स्कॉटलैंड के बीच दोपहर तीन बजे से कोलकाता के ईडन गार्डन्स में होगा. वेस्टइंडीज और स्कॉटलैंड को ग्रुप-सी में रखा गया है. इसके बाद शाम 7 बजे से भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के बीच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में ग्रुप-ए का मुकाबला होगा, जिसपर फैन्स की निगाहें हैं.

    भारत सबसे संतुलित टीम दिख रही
    मैदान पर नजर डालें तो टीम इंडिया सबसे संतुलित और मजबूत दिखाई देती है. विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को हराने के लिए किसी टीम को असाधारण प्रदर्शन करना होगा या फिर भारत को खुद बड़ी गलती करनी पड़ेगी. अगर भारत यह वर्ल्ड कप जीतता है तो इसे सामान्य माना जाएगा, लेकिन हार बड़ी उलटफेर साबित होगी.

    अन्य दावेदार टीमों में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड और श्रीलंका शामिल हैं. ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी मजबूत है लेकिन मुख्य तेज गेंदबाजों की कमी दिख सकती है. इंग्लैंड की बल्लेबाजी बेहद आक्रामक है, जबकि साउथ अफ्रीका की गेंदबाजी दुनिया की सबसे खतरनाक मानी जा रही है. न्यूजीलैंड उपमहाद्वीप की परिस्थितियों में ढल चुका है और श्रीलंका घरेलू मैदान का फायदा उठा सकता है।

    एसोसिएट टीमों में नेपाल सबसे ज्यादा चर्चा में है. दीपेंद्र सिंह ऐरी पर सबकी नजरें रहेंगी, जिन्होंने 9 गेंदों में अर्धशतक का विश्व रिकॉर्ड बनाया हुआ है. वहीं यूएसए और इटली जैसी टीमें भी इस बार दिलचस्प कहानियां लेकर आई हैं. कुल मिलाकर, विवादों और राजनीतिक तनाव के बीच शुरू हो रहा यह टी20 वर्ल्ड कप क्रिकेट के रोमांच के साथ-साथ ऑफ-फील्ड ड्रामे के लिए भी यादगार रहने वाला है.

    टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अक्षर पटेल (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, संजू सैमसन (विकेटकीपर), कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर अर्शदीप सिंह, रिंकू सिंह, मोहम्मद सिराज और ईशान किशन (विकेटकीपर).

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पहले दिन के मैच
    07 फरवरी. 11:00 AM. पाकिस्तान vs नीदरलैंड्स. SSC, कोलंबो
    07 फरवरी. 3:00 PM. वेस्टइंडीज vs बांग्लादेश. कोलकाता
    07 फरवरी. 7:00 PM. भारत vs USA. मुंबई

  • U-19 वर्ल्ड कप चैम्पियन टीम इंडिया को ICC ने क्यों नहीं दी प्राइज मनी? वैभव सूर्यवंशी को क्या मिला?

    U-19 वर्ल्ड कप चैम्पियन टीम इंडिया को ICC ने क्यों नहीं दी प्राइज मनी? वैभव सूर्यवंशी को क्या मिला?

     हरारे
    U19 World Cup 2026 Prize Money: भारत ने शुक्रवार को अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीत लिया है. हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने इंग्लैंड को 100 रन से हराकर विश्व चैम्प‍ियन बनने का गौरव हासिल किया. फाइनल में वैभव सूर्यवंशी की 80 गेंदों में 175 रन की ऐतिहासिक पारी जीत की सबसे बड़ी वजह रही. हालांकि, खिताब जीतने के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की ओर से एक भी रुपया प्राइज मनी नहीं म‍िलेगी. 

    आयुष म्हात्रे की कप्तानी में खेल रही भारतीय अंडर-19 टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन ICC की नीति के तहत अंडर-19 वर्ल्ड कप को एक डेवलपमेंट टूर्नामेंट माना जाता है. इसी वजह से ICC इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाली किसी भी टीम को प्राइज मनी नहीं देता.

    ICC का मानना है कि अंडर-19 वर्ल्ड कप युवा खिलाड़ियों के मार्गदर्शन और विकास के लिए आयोजित किया जाता है. बोर्ड पहले ही सभी सदस्य देशों को क्रिकेट डेवलपमेंट के तहत ICC राजस्व का हिस्सा देता है. ऐसे में इस टूर्नामेंट के लिए अलग से प्राइज मनी देना डबल रिवार्ड माना जाएगा.

    हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि खिलाड़ियों को कोई इनाम नहीं मिलेगा. ICC भले ही प्राइज मनी नहीं देता, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अतीत में अंडर-19 टीमों को जीत के बाद भारी इनाम दिए हैं.

    साल 2022 में यश ढुल की कप्तानी में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम को BCCI ने प्रति खिलाड़ी 40 लाख रुपये और सपोर्ट स्टाफ को 25 लाख रुपये दिए थे. वहीं, 2023 और 2025 में अंडर-19 महिला वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम को कुल 5 करोड़ रुपये का संयुक्त इनामी पूल दिया गया था.

    ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि वैभव सूर्यवंशी, आयुष म्हात्रे और अन्य खिलाड़ियों के लिए भी BCCI जल्द ही इनाम की घोषणा करेगा. भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीत के बाद यह सिर्फ समय की बात मानी जा रही है.

    वैभव सूर्यवंशी को मिले 2 अवॉर्ड
    वैभव सूर्यवंशी को ICC अंडर-19 विश्व कप 2026 के फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच (Player of the Match) और पूरे टूर्नामेंट में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट (Player of the Tournament) का अवॉर्ड मिला.  यह दोनों अवॉर्ड उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में 80 गेंदों पर 175 रनों की धमाकेदार पारी खेलने के बाद जीते, जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल थे. वहीं टूर्नामेंट में उन्होंने कुल 439 रन बनाए (औसत 62.71, स्ट्राइक रेट 169.49) और सबसे ज्यादा 30 छक्के लगाए. वैभव U-19 विश्व कप इतिहास में प्लेयर ऑफ द फाइनल और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट दोनों जीतने वाले पहले खिलाड़ी बने. उन्होंने ये अवॉर्ड टीम के सपोर्ट स्टाफ को समर्पित किए. 

  • IAS पुलकित गर्ग ने बेटी का आंगनबाड़ी में कराया एडमिशन, फैसले की हो रही सराहना

    IAS पुलकित गर्ग ने बेटी का आंगनबाड़ी में कराया एडमिशन, फैसले की हो रही सराहना

    चित्रकूट 
    चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग इन दिनों एक खास फैसले को लेकर चर्चा में हैं. जहां आमतौर पर सक्षम परिवार अपने बच्चों को महंगे प्राइवेट प्ले स्कूलों में दाखिला दिलाना पसंद करते हैं, वहीं IAS अधिकारी पुलकित गर्ग ने अपनी साढ़े तीन साल की बेटी सिया का एडमिशन सरकारी आंगनबाड़ी केंद्र में कराकर मिसाल पेश की है. उनके इस कदम को सरकारी शिक्षा और आंगनबाड़ी व्यवस्था पर भरोसे के रूप में देखा जा रहा है.

    पुलकित गर्ग की बतौर जिलाधिकारी पहली तैनाती चित्रकूट में हुई है. पद संभालने के कुछ समय बाद जब उनकी बेटी के प्ले स्कूल में एडमिशन की बारी आई, तो उन्होंने इसे औपचारिकता की तरह नहीं लिया, बल्कि एक जागरूक अभिभावक की तरह विकल्पों की गंभीरता से पड़ताल की. उन्होंने और उनकी पत्नी ने जिले के कई निजी प्ले स्कूलों के साथ-साथ कई आंगनबाड़ी केंद्रों का भी दौरा किया. सुविधाएं, वातावरण, बच्चों की गतिविधियां और शिक्षण व्यवस्था देखने के बाद उन्होंने जिला मुख्यालय में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र को सबसे उपयुक्त पाया.

    जिस आंगनबाड़ी केंद्र में बेटी सिया का दाखिला कराया गया है, वहां करीब 35 बच्चे पंजीकृत हैं. सिया भी अन्य बच्चों की तरह उनके साथ बैठकर एक्टिविटीज में भाग लेती है, पढ़ाई करती है और मध्याह्न भोजन के समय सबके साथ जमीन पर बैठकर खाना खाती है. केंद्र में बच्चों के लिए खेल-खेल में सीखने का माहौल तैयार किया गया है. रंगीन दीवारें, तस्वीरें, खिलौने, एजुकेशन किट, एबीसी और नंबर चार्ट जैसे साधन हैं, जो प्राइमरी एजुकेशन को रोचक बनाते हैं.

    जिलाधिकारी पुलकित गर्ग का मानना है कि प्रारंभिक शिक्षा की मजबूती बड़ी बिल्डिंग्स या हाई फीस से नहीं, बल्कि सही माहौल, देखभाल और एक्टिविटी से आती है. उन्होंने कहा कि प्ले स्कूल या प्री-स्कूल स्तर की शिक्षा बच्चे के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. 

    आंगनबाड़ी केंद्रों में सरकार की ओर से इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रशिक्षण और शिक्षण सामग्री पर लगातार काम किया जा रहा है. कार्यकर्ताओं को यह तय शेड्यूल दिया जाता है कि बच्चों को रोज क्या और कैसे सिखाना है- जैसे कहानियां, भावगीत, खेल गतिविधियां और बुनियादी सीख.

    आईएएस पुलकित गर्ग ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियमित ट्रेनिंग भी कराई जा रही है, ताकि बच्चों को बेहतर प्रारंभिक शिक्षा और पोषण मिल सके. छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और मानसिक विकास पर यहां विशेष ध्यान दिया जाता है. उनका कहना है कि अभिभावकों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर भरोसा करना चाहिए और छोटे बच्चों को वहां जरूर भेजना चाहिए.

    आईएएस अधिकारी के इस फैसले का एक प्रशासनिक संदेश भी माना जा रहा है. यदि व्यवस्थाएं मजबूत हों तो अधिकारी खुद भी उन पर भरोसा दिखा सकते हैं. पुलकित गर्ग ने कहा कि उनका लक्ष्य जिले की सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को चरणबद्ध तरीके से अपग्रेड करना है. जहां जरूरत होगी वहां मरम्मत, नवीनीकरण और संसाधन बढ़ाने का काम किया जाएगा.

    स्थानीय लोगों और शिक्षा से जुड़े लोगों ने इस कदम की सराहना की है. उनका कहना है कि जब जिले के शीर्ष अधिकारी खुद अपने बच्चे को आंगनबाड़ी भेजते हैं तो इससे व्यवस्था पर भरोसा बढ़ता है और समाज में सकारात्मक संदेश जाता है.