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  • प्रधानमंत्री मोदी का जन्म दिवस सभी के लिए विशेष उत्सव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री मोदी का जन्म दिवस सभी के लिए विशेष उत्सव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री मोदी का जन्म दिवस सभी के लिए विशेष उत्सव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    जनसहभागिता-परस्पर समन्वय और उत्साह व उमंग के साथ हों आयोजन
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा-संकल्प अभियान के संबंध में जनप्रतिनिधियों को किया वर्चुअली संबोधित

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष सत्ता के नहीं बल्कि निरंतर सेवा और राष्ट्र निर्माण के 25 वर्ष हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री से देश के प्रधानमंत्री तक की यात्रा में उन्होंने जनसेवा को अपना संकल्प बनाया। प्रधानमंत्री मोदी का जन्म दिवस हम सब के लिए विशेष उत्सव है। सेवा-संकल्प अभियान के शुभारंभ "आशीर्वाद का दीया" से करना अभिनव पहल है। यह दीपक हम सब के मन की प्रसन्नता के प्रकटीकरण का प्रतीक बनेगा। हर गांव और वार्ड में दीपावली जैसा उत्सव आयोजित किया जाएं। संपूर्ण प्रदेश में शासन-प्रशासन, सामाजिक संगठन, जनप्रतिनिधि, परस्पर समन्वय से पूर्ण भव्यता और उल्लास के साथ सेवा-संकल्प अभियान में भागीदारी करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को सेवा-संकल्प अभियान के संबंध में मुख्यमंत्री निवास से प्रदेश के जनप्रतिनिधियों से वर्चुअली चर्चा में यह बात कही। 

    प्रदेश को मिली बड़ी सौगातों से आमजन को कराएं अवगत

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा   प्रदेश को दी गई बड़ी सौगातों के संबंध में आमजन को अवगत कराया जाए। "आशीर्वाद का दीया" कार्यक्रम के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी की देश-दुनिया में प्राप्त उपलब्धियों पर चर्चा भी अवश्य की जाये। प्रधानमंत्री मोदी को मध्यप्रदेश को कई सौगातें प्रदान की हैं। मेट्रो ट्रेन, एयरपोर्ट, मेडिकल कॉलेज, प्रधानमंत्री आवास, हर घर में नल से जल, किसान कल्याण जैसी कई सौगातें हैं, जिनसे आम आदमी का जीवन बदला है। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने हमें दिया ही दिया है, उनके आभार स्वरूप एक दीया प्रज्जवलित करना हम सबका कर्तव्य है। महिला स्व-सहायता समूह, लाड़ली बहना, किसान, पशुपालक, मछुआ, युवा एवं विद्यार्थी तथा स्वामित्व योजना के हितग्राहियों को इस गतिविधि से जोड़ा जाए।

     अभियान की अवधि में प्रदेशवासियों को मिलेंगी और भी सुविधाएं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेवा-संकल्प अभियान 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है। इस अवधि में प्रदेशवासियों को और भी सुविधाएं मिलेंगी। भूमि-स्वामियों के पक्ष में नि:शुल्क रजिस्ट्री प्रक्रिया आरंभ होगी। अभियान के दौरान ही प्रदेश में 50 लाख रजिस्ट्रियां की जाएंगी। अभियान की अवधि में ही 25 सितम्बर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर सुगम यात्री बसों का संचालन भी प्रदेश में आरंभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान में अधिक से अधिक जनसहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए कहा कि परस्पर समन्वय से मध्यप्रदेश अभियान के संचालन में देश में अपनी विशेष छाप छोड़ेगा।

     

  • एमपी-यूपी के बीच बनेगा नया एक्सप्रेसवे, भोपाल से वाराणसी का सफर 8 घंटे में होगा पूरा

    एमपी-यूपी के बीच बनेगा नया एक्सप्रेसवे, भोपाल से वाराणसी का सफर 8 घंटे में होगा पूरा

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए नए एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा। 9,850 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले इस नए एक्सप्रेसवे के बनने के बाद भोपाल से वाराणसी की दूरी तय करने में केवल आठ घंटे का समय लगेगा। यह मार्ग दोनों राज्यों के बीच परिवहन व्यवस्था को सुगम बनाएगा। नया एक्सप्रेसवे बनने से यात्रियों के समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। वर्तमान में भोपाल से वाराणसी जाने में काफी समय लगता है, लेकिन इस नए एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद यह यात्रा मात्र आठ घंटे में पूरी की जा सकेगी। बुनियादी ढांचा विकास विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह परियोजना क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगी।

     यात्रा के समय में होगी भारी कटौती
    एक्सप्रेसवे केवल भोपाल और वाराणसी को ही नहीं जोड़ेगा, बल्कि राज्य के आंतरिक शहरों के बीच भी यात्रा को बेहद आसान और तेज बनाएगा। इस एक्सप्रेसवे की मदद से सतना से सागर की दूरी केवल तीन घंटे में तय की जा सकेगी। वर्तमान मार्ग की तुलना में यह नया मार्ग वाहन चालकों को सीधा और बाधा रहित रास्ता प्रदान करेगा।, सतना और सागर के बीच यात्रा समय में तीन घंटे की यह कटौती स्थानीय व्यापार और दैनिक यात्रियों के लिए बेहद लाभदायक साबित होगी।  

    9,850 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत
    इस परियोजना के, निर्माण कार्य पर कुल 9,850 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस राशि का उपयोग भूमि अधिग्रहण, आधुनिक सड़क निर्माण, पुलों के निर्माण और उन्नत सुरक्षा प्रणालियों की स्थापना के लिए किया जाएगा। निर्माण प्राधिकरण के अनुसार, परियोजना में उच्च गुणवत्ता वाले निर्माण मानकों का पालन किया जाएगा। बजट आवंटन के साथ ही इस एक्सप्रेसवे के निर्माण को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। 
     
    आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियों को गति
    नया एक्सप्रेसवे मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों को उत्तर प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों से जोड़ेगा। मध्य प्रदेश के औद्योगिक और परिवहन रिकॉर्ड के अनुसार, सतना से सागर के बीच तीन घंटे में यात्रा संभव होने से विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र के उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार, भोपाल, सागर, सतना और वाराणसी के बीच माल ढुलाई और यात्रियों की आवाजाही पहले से काफी तेज और सुरक्षित होगी। 

  • PM मोदी के जन्मदिवस पर 25 लाख दीपों से जगमगाएगा महाकाल महालोक, 22,500 स्वयंसेवक संभालेंगे जिम्मेदारी

    PM मोदी के जन्मदिवस पर 25 लाख दीपों से जगमगाएगा महाकाल महालोक, 22,500 स्वयंसेवक संभालेंगे जिम्मेदारी

    उज्जैन
     प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर को पहली बार महाकाल महालोक लाखों दीपों से जगमगाएगा। सेवा संकल्प अभियान के तहत होने वाले इस आयोजन में पुण्यसलिला शिप्रा के प्रमुख घाटों के साथ महाकाल महालोक में करीब 25 लाख दीप प्रज्ज्वलित करने की तैयारी की गई है।

    जीरो वेस्ट होगा आयोजन
    आयोजन को पूरी तरह जीरो वेस्ट इवेंट बनाया जा रहा है। दीप प्रज्ज्वलन व्यवस्था को सात सेक्टर और 250 सब-सेक्टर में बांटा गया है। इसमें करीब 22,500 स्वयंसेवकों की भागीदारी रहेगी। घरों और प्रतिष्ठानों में भी दीप जलाने की अपील की गई है, ताकि आयोजन केवल सरकारी स्तर का कार्यक्रम न रहकर पूरे उज्जैन शहर का उत्सव बने।

    पीएम नरेंद्र मोदी के 17 सितंबर को जन्मदिन के अवसर पर मध्य प्रदेश में बड़ा सेवा अभियान शुरू होने जा रहा है। सीएम मोहन यादव की पहल पर उज्जैन के महाकाल महालोक सहित प्रदेशभर में 58 लाख आशीर्वाद के दीपक प्रज्ज्वलित किए जाएंगे।

    सीएम ने इस आयोजन को प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा के प्रति प्रदेशवासियों के आभार का प्रकटीकरण बताया है। उनके मुताबिक मोदी ने मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक के सफर में गरीब, किसान, युवा, महिला और वंचित वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया।

    महाशिवरात्रि पर प्रज्ज्वलित किए थे 11 लाख दीप
    उल्लेखनीय है कि उज्जैन ने महाशिवरात्रि 2022 में 11 लाख 71 हजार 78 दीप प्रज्ज्वलित कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। बाद में अयोध्या में इससे बड़े दीपोत्सव के आयोजन किए गए, इसलिए इस बार मुकाबला केवल दीपों की संख्या का नहीं है। 25 लाख दीपों का आयोजन उज्जैन के लिए यह बताने का अवसर भी है कि उसकी दीप परंपरा केवल रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं, बल्कि धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सहभागिता को जोड़ने वाली परंपरा बन सकती है।

    सी भावना के साथ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक 'सेवा संकल्प अभियान' आयोजित किया जाएगा। सरकार इसे सेवा को राजनीतिक और सामाजिक संस्कार के रूप में आगे बढ़ाने की पहल बता रही है।

    गुजरात के मुख्यमंत्री से देश के प्रधानमंत्री तक 25 साल की यात्रा
    सीएम यादव ने कहा कि नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक सेवा यात्रा की शुरुआत 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में हुई थी। अब इस यात्रा के 25 वर्ष पूरे होने के पड़ाव पर मध्यप्रदेश में सेवा और जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गरीब कल्याण को शासन के केंद्र में रखा गया। मुफ्त राशन, आवास, शौचालय, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे जनकल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव बताया।

    स्टार्टअप से डिजिटल इंडिया तक, युवाओं के लिए नए अवसर का दावा
    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे अभियानों का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक इन पहलों ने युवाओं के लिए नए अवसर पैदा किए हैं।

    स्वच्छ भारत अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को भी सरकार की उपलब्धियों में गिनाया गया। महिला सशक्तिकरण के लिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, लखपति दीदी और नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसी पहलों का भी उल्लेख किया गया।

    CM मोहन यादव ने गिनाईं MP सरकार की उपलब्धियां
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मंत्र के अनुरूप काम कर रही है। सरकार के मुताबिक प्रदेश में 85 हजार से अधिक युवाओं को शासकीय सेवाओं में नियुक्तियां दी गई हैं और आने वाले समय में हर साल एक लाख से ज्यादा युवाओं को सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

    34 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव और नए एयरपोर्ट का दावा
    मुख्यमंत्री के मुताबिक मध्यप्रदेश को करीब 34 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। सरकार ने प्रदेश को एक वर्ष में सर्वाधिक निवेश आकर्षित करने वाले देश के तीसरे राज्य के रूप में भी बताया।

    रीवा, दतिया और सतना एयरपोर्ट के लोकार्पण के बाद प्रदेश में एयरपोर्ट की संख्या आठ होने की बात कही गई। केन-बेतवा लिंक परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना को भी सिंचाई विस्तार के लिए अहम बताया गया।

    विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य पर सरकार का जोर
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की सेवा यात्रा से प्रेरणा लेते हुए राज्य सरकार विकसित भारत के साथ विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का दावा है कि सुशासन, निवेश, रोजगार, सिंचाई, ऊर्जा और धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों के विकास के जरिए प्रदेश को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने पर लगातार काम किया जा रहा है।

     

  • PPP मॉडल वाले 9 मेडिकल कॉलेजों को नहीं मिले निवेशक, 1521 करोड़ की लागत से बने 3 कॉलेजों में अटके 300 डॉक्टर

    PPP मॉडल वाले 9 मेडिकल कॉलेजों को नहीं मिले निवेशक, 1521 करोड़ की लागत से बने 3 कॉलेजों में अटके 300 डॉक्टर

    भोपाल 
    प्रशासनिक सुस्ती और नीतिगत विरोधाभास के कारण प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा का विस्तार पूरी तरह अटक गया है। एक तरफ 1521 करोड़ से दमोह, छतरपुर और बुधनी में बने मेडिकल कॉलेजों की इमारतें खड़ी हैं और डीन भी पदस्थ हैं। 

    अयोग्य घोषित होने के बाद न तो दोबारा आवेदन हुआ, न फैकल्टी भर्ती पूरी हुई और न फर्नीचर खरीदा गया; नतीजतन इस सत्र भी 300 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश बंद रहा।

    दूसरी तरफ, 13 जिलों में प्रस्तावित पीपीपी मॉडल भी फ्लॉप साबित हुआ, जहां टेंडर के बावजूद 9 जिलों में एक भी निजी निवेशक नहीं आया और केवल 4 में बाउंड्रीवॉल का काम शुरू हो सका। तैयार सरकारी कॉलेजों को शुरू करने के बजाय उन्हें भी पीपीपी मोड में धकेलने की नीतिगत उधेड़बुन ने प्रदेश में डॉक्टरों की नई पौध पर ब्रेक लगा दिया है।

        सरकारी मॉडल सुस्त: दमोह, छतरपुर और बुधनी में भवन तैयार, फिर भी एनएमसी से मंजूरी नहीं ली; डॉक्टरों की भर्ती भी नहीं
        पीपीपी मॉडल फ्लॉप: 13 में से केवल 4 जिलों में काम शुरू, 8 जिलों में एक भी निवेशक नहीं आया; खरगोन का टेंडर निरस्त

    दमोह, छतरपुर, बुधनी में इमारतें खड़ी पर कमियां अब भी

    1. शासकीय कॉलेज: भवन खड़े, डीन पदस्थ, पर 300 सीटों पर ताला

    दमोह, छतरपुर और बुधनी में मेडिकल कॉलेज की इमारतें तैयार हैं। डीन और सीनियर रेजिडेंट्स पदस्थ किए जा चुके हैं, लेकिन एनएमसी की पहली ही जांच में कमियां मिलने से इन्हें मान्यता नहीं मिली। डिस्क्वालिफाई होने के बाद शासन ने दोबारा आवेदन नहीं किया।

    खरीदी और भर्ती बंद: जून से शुरू हुई फर्नीचर खरीदी अधूरी है और फैकल्टी भर्ती के परिणाम रोक दिए गए हैं।

    कागजी टैगिंग: सरकार ने रिकॉर्ड में दिखाने के लिए छतरपुर को सागर और दमोह को जबलपुर स्वशासी कॉलेज से टैग (जोड़) दिया है, लेकिन व्यावहारिक तौर पर कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई।

    दमोह में अटका काम: सरकार 369 करोड़ रु खर्च कर चुकी है। नर्सिंग कॉलेज और 500 बेड का अस्पताल बनाने थे, जो रोक दी गई है। डीन डॉ. अर्जुन सिंह का कहना है शासन के आदेशानुसार आगे काम होगा।

    बुधनी और छतरपुर: बुधनी में डीन डॉ. डी. परमहंस पदस्थ हैं और सीनियर रेजिडेंट्स नर्मदापुरम जिला अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं। छतरपुर में डीन डॉ. अमरदीप राय ने प्रक्रिया शुरू की है, पर सुविधाएं नहीं जुटाई गई हैं।

    2. पीपीपी मॉडल: 9 जिलों में निवेशकों का इंतजार, 4 में निर्माण की रफ्तार धीमी

    प्रदेश के 13 जिलों- बैतूल, धार, पन्ना, कटनी, टीकमगढ़, शाजापुर, मुरैना, खरगोन, सीधी, बालाघाट, अशोकनगर, भिंड और गुना में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज मंजूर किए गए थे। इनमें से 9 जिलों में निवेशक न मिलने से काम अधर में लटक गया है। केवल 4 जिलों में निर्माण शुरू हुआ है।

    धार: केवल यहीं पीपीपी मॉडल आगे बढ़ा, लेकिन जमीन विवाद के कारण प्रक्रिया प्रभावित रही और अब ग्राम पंचायत की एनओसी का इंतजार है।

    पन्ना: पर्यटन ग्राम जनवार में 5 महीने से काम जारी है। बाउंड्रीवॉल का काम 80% पूरा हुआ है और पिलर खड़े किए जा रहे हैं।

    कटनी: जिला अस्पताल पर आश्रित मेडिकल कॉलेज का स्थानीय स्तर पर विरोध हो रहा है। विरोध के कारण सीएम के दो कार्यक्रम रद्द हुए; अब बिना औपचारिक भूमिपूजन के ही बाउंड्रीवॉल बनाई जा रही है।

    बैतूल: यहां भी निर्माण कार्य अभी सिर्फ बाउंड्रीवॉल तक ही सीमित है।

    दूसरी बार मान्यता के लिए आवेदन ही नहीं किया

    "छतरपुर, दमोह और बुधनी मेडिकल कॉलेज की अनुमति एनएमसी स्तर पर पेंडिंग है। एक बार डिस्क्वालिफाई होने के बाद मान्यता के लिए दोबारा आवेदन नहीं किया गया है।" — धनराजू एस., आयुक्त, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग

  • 16 सितंबर राशिफल: बुधवार को चमकेगी इन राशियों की किस्मत, धन लाभ के बनेंगे योग

    16 सितंबर राशिफल: बुधवार को चमकेगी इन राशियों की किस्मत, धन लाभ के बनेंगे योग

    मेष
    आपका दिमाग नए विचारों और क्रिएटिव एनर्जी से भरा हुआ है। आप खुद को नई चीजें सीखने और अपने आस-पास के लोगों के साथ अपने अनूठे विचारों को साझा करने के लिए अधिक खुला पाएंगे। अपनी फाइनेंशियल सिचुएशन पर फोकस करें।

    वृषभ
    आज आपका दिन खास रहने वाला है। करियर लाइफ थोड़ी बिजी हो सकती है। शाम में अपने लवर के साथ अच्छा टाइम स्पेंड करेंगे। स्वास्थ्य के मामले में लापरवाही न करें। खर्च करते वक्त आपको सावधानी बरतनी जरूरी है।

    मिथुन
    आज का आपका दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और धन लाभ भी होगा। वहीं, खर्च की अधिकता भी रहेगी। ज्यादा तनाव न लें और काम का प्रेशर घर पर न लाएं।

    कर्क
    आज जंक फूड्स का ज्यादा सेवन न करें। आज का दिन आपके लिए लाभकारी साबित होगा। कोई नया प्रोजेक्ट हाथ लग सकता है, जिससे धन लाभ भी होगा। कॉन्फिडेंट रहेंगे आज।

    सिंह
    आज लव के मामले में पार्टनर को टाइम देना जरूरी है। आज जंक फूड्स को नो कहें। कोई गुड न्यूज भी मिल सकती है। आज का आपका दिन फायदेमंद माना जा रहा है। करियर में आपको अपने बॉस का साथ मिलेगा।

    कन्या
    आज सिंगल लोगों की लाइफ में किसी नए शख्स की एंट्री होने की संभावना है। करियर में बैलेंस मेंटेन करके चलें। आपका कैरेक्टर ही आपकी सबसे बड़ी उपलब्धी है। आज का आपका दिन मिले-जुले परिणाम लेकर आया है।

    तुला
    कुछ जरूरी जिम्मेदारियां भी मिलेंगी। आज पॉजिटिव रहने की सलाह दी जाती है। धन लाभ के योग बन रहे हैं। सेहत अच्छी रहेगी लेकिन बाहर का खाना खाने से बचें। आज का आपका दिन शानदार रहेगा।

    वृश्चिक
    आज लाइफ पार्टनर के साथ थोड़ी बहुत अनबन हो सकती है। गुस्से को काबू में रखना ही बेहतर रहेगा। परिवार के किसी सदस्य की आर्थिक सहायता करनी पड़ सकती है, जिससे फाइनेंशियल सिचुएशन पर असर पड़ेगा।

    धनु
    आज पुराने इन्वेस्टमेंट से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। करियर तौर पर मोटिवेटेड और प्रोडक्टिव फील करेंगे। आज आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की जरूरत है। बाहर का खाना खाने से बचें।

    मकर
    आज लाइफ में रोमांस बना रहेगा। आज आपका दिन नॉर्मल रहने वाला है। काम के प्रेशर से बचें और बेवजह की टेंशन न लें। 30 मिनट की एक्सरसाइज आपके लिए अच्छी रहेगी।

    कुम्भ
    अपनी फीलिंग्स को पार्टनर के साथ शेयर करना अच्छा रहता है। आर्थिक जीवन स्टेबल रहेगा। आपने खाने-पीने पर आज ध्यान दें। आज का दिन आपका रोमांचक रहेगा। खुद को हाइड्रेटेड जरूर रखें।

    मीन
    आज के दिन आपको सेल्फ लव पर फोकस करना चाहिए। स्ट्रेस फ्री रहने के लिए मेडिटेशन ट्राई करें। आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। काम के सिलसिले में यात्रा करनी पड़ सकती है।

  • राहुल गांधी का 19 सितंबर को इंदौर दौरा

    राहुल गांधी का 19 सितंबर को इंदौर दौरा

    भोपाल
     19 सितंबर को इंदौर में प्रस्तावित छात्रों की गूंज कार्यक्रम में कांग्रेस नेता व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भाग लेंगे। इसे गैर राजनीतिक कार्यक्रम बताया जा रहा है। इस कार्यक्रम से पहले राहुल का रोड शो कराने की तैयारी कांग्रेस कर रही है। संभावना है कि रोड शो एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल तक कराया जा सकता है।

    क्यूआर कोड से प्रवेश और रोड शो की तैयारी

    इधर छात्रों की गूंज कार्यक्रम में छात्रों और युवाओं को क्यूआर कोड से प्रवेश मिलेगा। चूंकि, कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रवेश निषेध है, इसलिए प्रदेश कांग्रेस रोड शो की तैयारी कर रही है। इसे राहुल गांधी की टीम से चर्चा के बाद बुधवार को अंतिम रूप दिया जा सकता है।

    जीतू पटवारी का बयान और कार्यकर्ताओं का उत्साह

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है कि राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर कार्यकर्ता उत्साहित हैं। प्रदेश भर के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में इंदौर पहुंच रहे हैं।

    चूंकि, छात्रों की गूंज कार्यक्रम गैर राजनीतिक है, इसलिए वहां कार्यकर्ताओं को प्रवेश नहीं मिलेगा, लेकिन कार्यकर्ता उनसे मिलना चाहते हैं, इसलिए प्रयास कर रहे हैं कि विमानतल से कार्यक्रम स्थल के बीच दो-तीन जगह स्वागत कार्यक्रम हो जाएं, जहां कार्यकर्ता उनसे मिल लें। वैसे तैयारी ठीक उसी तरह से की जा रही है जैसे भारत जोड़ो यात्रा के समय थी।

    वरिष्ठ नेताओं को ही प्रवेश

    सूत्रों का कहना है कि कार्यक्रम स्थल पर विधायकों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को ही प्रवेश मिलेगा। इनके बैठने का अलग स्थान रहेगा। बैठक व्यवस्था इस तरह से बनाई जाएगी किसी को असुविधा न हो।

        

  • भूपेश बघेल का केंद्र और साय सरकार पर हमला

    भूपेश बघेल का केंद्र और साय सरकार पर हमला

    रायपुर

    कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है. भूपेश बघेल ने कहा कि केंद्र सरकार ने हसदेव अरण्य क्षेत्र में तारा कोल ब्लॉक की नीलामी करके आदिवासियों का जीवन आधार खत्म कर दिया. हसदेव, बांगो बांध इस इलाके का जीवनदायिनी है. यहां पर यदि उत्खनन होता है तो इस क्षेत्र में लाखों पेड़ काटे जायेंगे. हमारी सरकार ने लेमरू एलीफेंट अभ्यारण्य के लिए 1950 वर्ग किमी क्षेत्र को संरक्षित किया था. ये भाजपा की साय सरकार ने खुद केंद्र को पत्र लिख कर तारा कोल ब्लॉक की नीलामी को कहा है. एक आदिवासी मुख्यमंत्री होकर आदिवासियों और जंगल का नहीं बल्कि के हितों के खातिर काम कर रहे हैं.

    जनता के ठग रही भाजपा

    कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हसदेव अरण्य क्षेत्र के तारा कोल ब्लॉक की नीलामी के लिए साय सरकार ने कोयला मंत्रालय को पत्र लिखा था.यह पत्र 11 दिसंबर 2025 को साय सरकार ने लिखा था.हमारी सरकार ने 23 जून 2023 को तारा सहित 9 कोल ब्लाकों को नीलामी से अलग रखने के लिए पत्र लिखा था. भाजपा बताए कि उनकी सरकार ने तारा कोल ब्लॉक नीलामी के लिए अनुशंसा क्यों किया था? कांग्रेस की सरकार के समय 26 जुलाई 2022 को छत्तीसगढ़ विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर मांग की थी कि हसदेव-अरण्य में अब किसी भी कोल ब्लॉक का आवंटन या नीलामी न की जाए.16 जुलाई 2023 को कांग्रेस सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल कर स्पष्ट रूप से कहा था कि हसदेव-अरण्य में किसी भी नई खदान के आवंटन या विकास की कोई आवश्यकता नहीं है. 19 अक्टूबर 2023 को केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने तारा सहित 40 कोल ब्लॉक्स को नीलामी प्रक्रिया से वास्तव में डी-नोटिफाई कर दिया था.

    जंगल लुटा दिया

    भूपेश बघेल ने कहा कि तारा कोल ब्लाक लगभग 5000 एकड़ क्षेत्र में फैला है. जिसमें से 4000 एकड़ से अधिक घना जंगल है. इसके लिए 10 लाख से अधिक पेड़ों को पूरी तरह काट दिया जाएगा.लेमरू एलीफेंट रिजर्व के चारों ओर खनन होगी, जिससे भारत के राष्ट्रीय धरोहर पशु हाथी के आवाजाही के रास्ते पर गंभीर असर पड़ेगा, जबकि हाथियों की संख्या में कमी का संकट पहले से ही बना हुआ है.कई अन्य प्रजातियां भी इससे और अधिक खतरे में पड़ जाएंगी.

    हसदेव अरण्य वन क्षेत्र के तारा कोल ब्लाक की नीलामी केंद्र सरकार के द्वारा की गयी है.इस नीलामी में तारा कोल ब्लॉक CG Syn-Gas and Chemicals Limited नाम की कंपनी को मिला है जो कि अडानी इंटरप्राइजेस लि. की सहयोगी कंपनी मून्दड़ा सिनर्जी लिमिटेड की सब्सिडियरी कंपनी है. भाजपा की सरकार राज्य में बनने के बाद छत्तीसगढ़ के जल, जंगल, जमीन को अडानी पर लुटाया जा रहा है- भूपेश बघेल, पूर्व सीएम छग

    2024 और 2025 के पीएससी घोटाले की जांच कौन करेगा

    कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि 2024 की परीक्षा में सही उत्तर लिखने वाले और गलत उत्तर लिखने वाले को बराबर नंबर तो कही पर गलत उत्तर वाले को ज्यादा नंबर तथा सही वाले को कम नंबर दिया गया. छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं जो सामने आई हैं. उससे गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं. छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव 2023 के पहले भाजपा ने युवाओं से वादा किया था कि उनकी सरकार बनने पर यूपीएससी की तर्ज पर पीएससी की परीक्षा करवाएंगे.लेकिन पिछले 2 सालों से छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ी की जा रही है.

    न्यूनतम नंबर लाने का आयोग दावा

    भूपेश बघेल ने कहा कि 2025 की पीएससी परीक्षा में 2025 में पीएससी के द्वारा कुल 265 पद निकाला गया. मुख्य परीक्षा में कुल पद के तीन गुना लोग उत्तीर्ण होकर साक्षात्कार में आते 265×3 = 795 इंटरव्यू में आना चाहिए. 608 लोग ही उत्तीर्ण होकर इंटरव्यू में पहुंचे. इनका तर्क है कि 187 बच्चे न्यूनतम नंबर नहीं ला पाये. आयोग साबित करे कि 187 बच्चे न्यूनतम नंबर नहीं लाये. बच्चों का दावा है कि हमारा न्यूनतम नंबर तो आया ही होगा. आयोग इंटरव्यू के पहले सभी बच्चों को कॉपी उपलब्ध कराए. 2024 की मुख्य परीक्षा में कापी जांचने में गड़बड़ी हुई है, तो 2025 में गड़बड़ी नहीं हुई होगी, इसका क्या गांरटी है?

    पिछली बार 2024 में पीएससी अध्यक्ष रीता सांडिल्य के रहते गड़बड़ी हुई थी, 2025 में उनकी ही अध्यक्षता में गड़बड़ी हुई. 2024 में पीएससी परीक्षा में उत्तर-पुस्तिका की जांच अपात्र स्कूली शिक्षकों (शिक्षक एलबी) से कराई गई, यही नहीं मूल्यांकनकर्ताओं का नाम और नंबर भी सार्वजनिक हुआ था, जो बेहद आपत्तिजनक है. भर्ती परीक्षा की गोपनियता को भंग करने वालों को सजा देने के बजाय पुरस्कृत करते हुए रीता सांडिल्य को पीएससी के कार्यकारी अध्यक्ष से प्रमोट करते हुए अध्यक्ष बना दिया गया है.बेहद स्पष्ट है कि इन गड़बड़ियों को सरकार का संरक्षण है – भूपेश बघेल, पूर्व सीएम छग

    उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराने की मांग
    कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार मामले के निराकरण तक इंटरव्यू स्थगित करे. अभ्यर्थियों की मांग के अनुसार सभी का उत्तर-पुस्तिकायें साक्षात्कार के पहले सार्वजनिक किया जाए ताकि सभी अभ्यर्थियों को यह पता लगे कि उनकी कॉपियां सही जांची गयी है. जो लोग इंटरव्यू के लिए चयनित हुए हैं उनके अतिरिक्त शेष सभी अभ्यर्थियों की कापियां अभ्यर्थियों को निःशुल्क उपलब्ध कराया जाए. उत्तर-पुस्तिका जांचने के लिए मूल्यांकनकर्ताओं का मानदंड तय किया जाए तथा पीएससी मुख्य परीक्षा के लिए मॉडल उत्तर जारी करे.

  • सीमेंस एनर्जी उज्जैन में करेगी 2,053 करोड़ का निवेश

    सीमेंस एनर्जी उज्जैन में करेगी 2,053 करोड़ का निवेश

    भोपाल
    मध्यप्रदेश को ऊर्जा उपकरण विनिर्माण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 15 सितंबर को मंत्रालय में सीमेंस एनर्जी इंडिया लिमिटेड को उज्जैन स्थित विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 में 60.49 एकड़ भूमि का आशय पत्र (लेटर ऑफ इंटेंट) प्रदान किया। सीमेंस कंपनी द्वारा यहां एक बड़ी क्षमता के पॉवर ट्रांसफार्मर्स के निर्माण के लिए लगभग 2,053 करोड़ रुपए का निवेश करने का प्रस्ताव दिया गया है। कंपनी की यूनिट स्थापना से 1500 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीमेंस कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी गुइल्हर्मे मेंडोंका, मुख्य वित्तीय अधिकारी हरीश शेखर तथा हेड-रियल एस्टेट पुनीत बंसल को भूमि का आशय पत्र सौंपा। मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध संचालक चंद्रमौली शुक्ला भी मौजूद थे।

    औद्योगिक विकास तथा कुशल रोजगार
    इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियों, बेहतर कनेक्टिविटी, उपलब्ध भूमि बैंक, विश्वस्तरीय औद्योगिक अधोसंरचना और निवेशक अनुकूल वातावरण के कारण देश के अग्रणी निवेश गंतव्यों में तेजी से उभर रहा है। राज्य सरकार औद्योगिक निवेशों के त्वरित क्रियान्वयन तथा रोजगार सृजन के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कंपनी की प्रस्तावित परियोजना मध्यप्रदेश को देश के उभरते ऊर्जा उपकरण एवं विद्युत अवसंरचना विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह निवेश राज्य में उन्नत विनिर्माण, औद्योगिक विकास तथा कुशल रोजगार सृजन को नई गति प्रदान करेगा।  

    औद्योगिक गतिविधियों को मिलेगी नई गति
    सीमेंस एनर्जी इंडिया लिमिटेड ऊर्जा उत्पादन, ऊर्जा संचरण, औद्योगिक विद्युतीकरण, ऊर्जा भंडारण तथा डीकार्बोनाइजेशन समाधानों से जुड़ी अग्रणी कंपनी है। कंपनी का दक्षिण एशिया क्षेत्र में व्यापक परिचालन है और यह वैश्विक स्तर की इंजीनियरिंग एवं अनुसंधान क्षमताओं के लिए जानी जाती है। कंपनी की इस प्रस्तावित इकाई में बड़ी क्षमता के पावर ट्रांसफार्मरों का निर्माण किया जाएगा, जो देश की बढ़ती विद्युत अवसंरचना आवश्यकताओं, ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार तथा ऊर्जा क्षेत्र के आधुनिकीकरण में योगदान देंगे। परियोजना से क्षेत्रीय औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी और सहायक उद्योगों, लॉजिस्टिक्स तथा सेवा क्षेत्र में भी नए अवसर भी उत्पन्न होंगे। परियोजना के क्रियान्वयन के साथ विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा उज्जैन और आसपास के क्षेत्र ऊर्जा उपकरण विनिर्माण के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होंगे। कंपनी का यह निवेश मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति, आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य और ऊर्जा अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 

  • रायपुर में गणेश उत्सव पर आसमान छूते फूलों के दाम

    रायपुर में गणेश उत्सव पर आसमान छूते फूलों के दाम

    रायपुर

    सितंबर से रायपुर सहित पूरे देश में गणेश उत्सव की शुरुआत हो गई है. अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान गणपति को विसर्जित किया जाएगा. ऐसे में गणेश उत्सव के दौरान राजधानी रायपुर के फूल बाजार में भी फूलों के दाम आसमान छूने लगे हैं. गणेश उत्सव की वजह से कई प्रकार के फूलों की डिमांड बढ़ गई है, लेकिन बारिश और सप्लाई कम होने के कारण फूलों के दाम में लगभग 50 से 60% तक की वृद्धि हुई है. इसे लेकर ईटीवी भारत ने फूल बाजार का जायजा लिया. आइए जानते हैं फुल विक्रेता इस बार बढ़े हुए दामों को लेकर क्या कह रहे हैं.

    त्यौहारों के कारण बढ़े फूलों के दाम
    फूल दुकानदार सोनू यादव ने बताया कि गणेश उत्सव के साथ ही तीजा और आने वाले दिनों में विश्वकर्मा पूजा भी है. इस दौरान फूलों की डिमांड बढ़ गई है, लेकिन बारिश की वजह से आवक कमजोर है. जिसकी वजह से फूल के दाम में लगभग 50 से 60% की वृद्धि हुई है. पूरे भारतवर्ष में बारिश हुई एक कारण है. इससे छत्तीसगढ़ भी अछूता नहीं है. फूलों की सप्लाई बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, नागपुर जैसे शहरों से होती है.इन शहरों में भी फूलों के दाम बढ़े हुए हैं.

    फूल दुकानदार बताया कि फूलों में महंगाई की देखने को मिल रही है. बारिश की वजह से फूलों की सप्लाई प्रभावित हुई है. इसके साथ ही गणेश उत्सव के नाम से फूलों की डिमांड बढ़ गई है. फूलों के दाम में लगभग 60 से 70% तक की वृद्धि हुई है. एक गेंदा फूल की माला पहले 30 से 35 रुपए में मिलता था, लेकिन आज उसकी कीमत बढ़कर 70 रुपए तक जा पहुंची है. 60 रुपए में जो फूल माला पहले बिकती थी. उसके दाम आज 100 रुपए पर पहुंच गए हैं. गणेश उत्सव को देखते हुए खासतौर पर दूर्वा की माला मंगाई जा रही है. दुर्वा की माला भगवान गणपति को अत्यंत प्रिय है. इसके सा थ ही गणेश उत्सव को देखते हुए जूही के फूल भी दुकानदार मंगा रहे हैं.

    जूही के फूल कोलकाता से मंगवाएं जा रहे हैं. फूलों की माला में गुलाब, गेंदा, सेवंती, रजनीगंधा, जूही के साथ ही मोती माला की बिक्री बढ़ गई है. गणेश उत्सव में डेकोरेशन के लिए पत्तियों की माला भी दुकानदार मंगा रहे हैं. इस पत्ती की माला को लोग 11 दिनों तक गणेश उत्सव में लगाकर रख सकते है. बारिश की वजह से फूलों का उत्पादन कम होने के कारण अचानक से फूलों के दाम बढ़ गए हैं. बारिश की वजह से कुछ फूल खराब भी आ रहे हैं

    1 करोड़ से ज्यादा का कारोबार

    एक अनुमान के मुताबिक पूरे प्रदेश में गणेश उत्सव के दौरान लगभग 1 करोड़ रुपए के फूलों कि बिक्री होती है. बात अगर राजधानी रायपुर की करें तो गणेश उत्सव के दौरान लगभग 20 से 25 लाख रुपए तक की फूलों की बिक्री होती है. रायपुर में फूलों की सप्लाई बेंगलुरु, पुणे, दिल्ली, कोलकाता, नागपुर के साथ ही कुछ चुनिंदा फूलों की सप्लाई थाईलैंड से होती है.

  • छत्तीसगढ़ बनेगा देश का प्रमुख गोल्फ हब: सीएम साय

    छत्तीसगढ़ बनेगा देश का प्रमुख गोल्फ हब: सीएम साय

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ अब देश के प्रमुख स्पोर्ट्स हब के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। नवा रायपुर स्थित फेयरवे गोल्फ एंड कंट्री क्लब रिजॉर्ट में मंगलवार को आयोजित प्रतिष्ठित ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ के ट्रॉफी अनावरण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिरकत की। 1983 के क्रिकेट विश्व कप विजेता और 'प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया' (PGTI) के अध्यक्ष कपिल देव की गरिमामयी उपस्थिति में हुए इस आयोजन में मुख्यमंत्री ने स्वयं गोल्फ कोर्स पर शॉट लगाकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

    मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि नवा रायपुर जल्द ही दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता की तर्ज पर देश-दुनिया का प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन बनकर उभरेगा।

    प्रतियोगिता के महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गर्व की बात है कि यहाँ इतने बड़े स्तर का प्रोफेशनल गोल्फ टूर्नामेंट आयोजित हो रहा है। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारत सहित दुनिया भर के 132 प्रोफेशनल गोल्फर भाग ले रहे हैं, जिनमें 18 विदेशी खिलाड़ी भी शामिल हैं।

    सीएम साय ने अपनी यादें साझा करते हुए कहा, "एक दौर था जब गोल्फ केवल फिल्मों में दिखता था या उद्योगपतियों तक सीमित माना जाता था, लेकिन आज छत्तीसगढ़ इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है।"

    देश-विदेश से आए गोल्फरों

    मुख्यमंत्री ने देश-विदेश से आए गोल्फरों का छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर आत्मीय स्वागत किया और उन्हें खेल के साथ-साथ राज्य की प्राकृतिक व सांस्कृतिक धरोहर को देखने का न्योता दिया। उन्होंने खिलाड़ियों से भारत के नियाग्रा कहे जाने वाले बस्तर के चित्रकोट जलप्रपात और सरगुजा के वनों व संस्कृति का भ्रमण करने का आग्रह किया।

    बस्तर में बदला माहौल:

    सीएम साय ने कहा कि सुरक्षा बलों के साहस और शासन की नीतियों से बस्तर में शांति और विकास का नया सवेरा हुआ है, जिसकी मिसाल बस्तर ओलंपिक में युवाओं की व्यापक भागीदारी है।

    PGTI के अध्यक्ष कपिल देव ने छत्तीसगढ़ सरकार और मुख्यमंत्री साय की खेल-समर्थक नीतियों की सराहना की।कपिल देव ने इच्छा जताई कि इस टूर्नामेंट को छत्तीसगढ़ के वार्षिक स्पोर्ट्स कैलेंडर में स्थायी स्थान दिया जाए, ताकि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी पहले से अपना शेड्यूल तय कर सकें। कपिल देव ने कहा कि छत्तीसगढ़ का वातावरण और आतिथ्य सत्कार बेहद शानदार है और आने वाले समय में राज्य देश के शीर्ष गोल्फ केंद्रों में शुमार होगा।