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  • संजू सैमसन का तूफानी जवाब, 22 गेंदों में 57 रन ठोक आलोचकों को दिया करारा उत्तर

    संजू सैमसन का तूफानी जवाब, 22 गेंदों में 57 रन ठोक आलोचकों को दिया करारा उत्तर

    नई दिल्ली
    द‍िल्ली में अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे टी20 में संजू सैमसन ने बल्ले से ऐसा जवाब दिया, जिसका इंतजार लंबे समय से था. उन्होंने सिर्फ 22 गेंदों पर 57 रनों की तूफानी पारी खेली और भारत की 7 विकेट की जीत में अहम भूमिका निभाई. मैच के बाद संजू ने सिर्फ अपनी बल्लेबाजी नहीं, बल्कि आलोचना, बाहर के शोर और वैभव सूर्यवंशी को लेकर भी खुलकर बात की.

    संजू ने माना कि भारतीय क्रिकेटरों के आसपास होने वाली लगातार चर्चा और आलोचना का उन पर असर पड़ता है. उन्होंने कहा कि अनुभव ने उन्हें ऐसी चीजों से निपटना जरूर सिखाया है, लेकिन वह इंसान हैं और चीजें उन्हें प्रभावित करती हैं.

    संजू ने कहा- मैं Wi-Fi बंद करने की कोशिश करता हूं. लेकिन कभी-कभी Wi-Fi ऑन हो जाता है और कुछ कमेंट्स दिख जाते हैं.

    उन्होंने कहा कि कुछ सीनियर खिलाड़ी उनके बारे में कुछ कहते हैं और कुछ नहीं कहते. यह पूरी तरह उनकी पसंद और उस समय की मानसिक स्थिति पर निर्भर करता है. कोई पॉज‍िट‍िव शब्द चुन सकता है तो कोई नकारात्मक.

    संजू ने कहा कि अब वह इतने मैच्योर और अनुभवी हो चुके हैं कि इन चीजों को संभाल सकें. हालांकि, उन्होंने साफ माना कि कभी-कभी उन्हें बुरा लगता है.

    उन्होंने कहा- मैं मशीन नहीं हूं. मैं रोबोट नहीं हूं. आप थोड़ा प्रभावित तो होते ही हैं. लेकिन फिर आप खुद से बात करते हैं और खुद को याद दिलाते हैं कि आप कौन हैं और आपको क्या करना है.

    'बाहर का शोर असर करता है, लेकिन माइंडसेट साफ होना चाहिए'
    संजू ने माना कि भारत में क्रिकेटरों के लिए बाहरी शोर (Outside Noise) से बचना आसान नहीं है. सोशल मीडिया, आलोचना और लगातार होने वाली चर्चाओं के बीच खिलाड़ी को अपने माइंडसेट को लेकर स्पष्ट रहना जरूरी है.

    उन्होंने कहा कि उन्हें खुद से यह तय करना होता है कि तैयारी कैसे करनी है और किस तरह खेलना है.

    संजू ने कहा- अगर मैंने उन चीजों पर ध्यान दिया होता तो मैं इस तरह बल्लेबाजी नहीं कर पाता. गेंद को मारने से पहले मैं 10 बार सोचता. अगर गेंद बाहर चली जाती, तो फिर से Wi-Fi की समस्या हो जाती. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.

    वैभव की एंट्री पर संजू ने क्या कहा?
    संजू के लिए मौजूदा दौर में ओपनिंग स्लॉट को लेकर चुनौती इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अपने प्रदर्शन से अपनी दावेदारी मजबूत की है.
    वैभव ने इस सीजन करीब 700-800 रन बनाकर जिस तरह का प्रदर्शन किया, उसका जिक्र खुद संजू ने किया. उन्होंने माना कि टीम में वैभव को मौका मिलना स्वाभाविक था.संजू ने कहा; भारतीय टीम चलाना आसान काम नहीं है. आप देखिए, 15 साल के लड़के ने 700-800 रन बनाए हैं.

    उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट से पहले भी वैभव ने शानदार प्रदर्शन किया था और किसी न किसी तरह उसे टीम में शामिल करना जरूरी था.

    संजू ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने दो-तीन मैचों में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था. दूसरी तरफ वैभव फॉर्म में थे और उस सीरीज में मैच जीतने की इच्छा के साथ आए थे. ऐसे में लीडरश‍िप के नजरिए से वैभव को मौका देना समझ में आने वाली बात थी.

    गौतम गंभीर पर संजू सैमसन ने क्या कहा?
    संजू ने वैभव को मौका देने के फैसले को लेकर किसी तरह की शिकायत करने के बजाय टीम मैनेजमेंट की स्थिति को समझने की बात कही.

    उन्होंने कहा कि वह खुद कप्तान रहते हुए कई बार मुश्किल फैसले ले चुके हैं. इसलिए वह जानते हैं कि ऐसे फैसले लेना कितना आसान नहीं होता.

    संजू के मुताबिक, ऐसी परिस्थितियों में सबसे ज्यादा जरूरी चीज कम्युनिकेशन है.उन्होंने बताया कि सीरीज के दौरान टीम के अंदर इस मामले पर काफी बातचीत हुई. यहां तक कि सीरीज शुरू होने से पहले भी हेड कोच गौतम गंभीर ने उनसे काफी बात की थी.

    'कठिन फैसला लेना मुश्किल'
    संजू ने टीम के लीडरश‍िप ग्रुप की भी तारीफ की. उनके मुताबिक टीम मैनेजमेंट के लिए लोकप्रिय फैसले लेना आसान होता है, लेकिन टीम के हित में कठिन फैसला लेना ज्यादा मुश्किल होता है.

    उन्होंने कहा- हार्ड डिसीजन लेना आसान नहीं है. बहुत लोकप्रिय फैसले लेना आसान है. लेकिन मुझे लगता है कि एक लीडरशिप ग्रुप के तौर पर हम टीम को सबसे आगे रखते हुए कुछ वाकई कठिन फैसले ले रहे हैं. संजू ने आगे कहा कि इन फैसलों के लिए नेतृत्व समूह को श्रेय दिया जाना चाहिए.

    यानी दूसरे टी20 में बल्ले से शानदार वापसी करने वाले संजू ने मैच के बाद एक और अहम बात साफ कर दी- उनके लिए चयन की दौड़ में मौजूद दूसरे खिलाड़ियों से ज्यादा जरूरी टीम का हित है. वैभव की तारीफ करते हुए उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कठिन चयन फैसलों को समझने के लिए आपसी बातचीत और टीम के लक्ष्य पर भरोसा जरूरी है.

  • पूर्व सैनिकों के लिए बड़ी सौगात, 13 जिलों में खुलेंगे ECHS पॉलीक्लीनिक

    पूर्व सैनिकों के लिए बड़ी सौगात, 13 जिलों में खुलेंगे ECHS पॉलीक्लीनिक

    पूर्व सैनिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा की राह आसान, 13 जिलों में ईसीएचएस पॉलीक्लीनिक के लिए मुफ्त जमीन

    योगी सरकार की बड़ी पहल, 18 लाख पूर्व सैनिकों के स्वास्थ्य लाभ के लिए बढ़ेगा ईसीएचएस नेटवर्क

    लखनऊ
     योगी सरकार ने पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) के तहत प्रदेश के 13 जिलों में पॉलीक्लीनिक की स्थापना/निर्माण के लिए ग्राम पंचायतों और स्थानीय प्राधिकरणों की भूमि स्थानीय सैन्य प्राधिकरण (एलएमए), सेंट्रल कमांड और भारत सरकार को नि:शुल्क हस्तांतरित किए जाने के प्रस्ताव को सीएम योगी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इससे संबंधित पॉलीक्लीनिक के निर्माण की राह आसान होगी और पूर्व सैनिकों को अपने नजदीक बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।

    करीब 18 लाख पूर्व सैनिकों को मिलेगा स्वास्थ्य सुविधा का लाभ
    उत्तर प्रदेश में करीब 18 लाख भूतपूर्व सैनिक हैं। ईसीएचएस के माध्यम से इन्हें बेहतर चिकित्सा लाभ शीघ्र प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध होगी। योजना में लाभार्थियों को कैशलेस उपचार प्रदान करने का प्रयास है। ऐसे में प्रदेश में नए पॉलीक्लीनिक स्थापित होने से पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा बढ़ेगा।

    13 जिलों में पॉलीक्लीनिक के लिए भूमि की जरूरत
    ईसीएचएस पॉलीक्लीनिक की स्थापना/निर्माण के लिए प्रदेश के 13 जिलों में भूमि की आवश्यकता बताई गई है। इनमें इटावा, जालौन, लखीमपुर खीरी, बिजनौर, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, बांदा, गाजीपुर, मिर्जापुर, देवरिया, सुल्तानपुर, आजमगढ़ और गोंडा शामिल हैं। इन जिलों में ग्राम पंचायतों अथवा स्थानीय प्राधिकरणों की उपलब्ध भूमि को पॉलीक्लीनिक निर्माण के लिए नि:शुल्क हस्तांतरित किए जाने की योजना है।

    केंद्र सरकार की ईसीएचएस योजना से कैशलेस इलाज
    पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना, भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग की प्रमुख योजना है। इसे 1 अप्रैल 2003 को शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य ईसीएचएस पॉलीक्लीनिकों, सशस्त्र सेना चिकित्सा सुविधाओं, सरकारी और पैनलबद्ध निजी अस्पतालों के नेटवर्क के माध्यम से भूतपूर्व सैनिक पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों को नि:शुल्क बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराना है।

    जमीन मिलने से निर्माण प्रक्रिया होगी आसान
    पॉलीक्लीनिकों के निर्माण के लिए स्थानीय स्तर पर भूमि उपलब्ध कराने की व्यवस्था से परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। प्रस्ताव के तहत ग्राम पंचायतों और स्थानीय प्राधिकरणों की भूमि को स्थानीय सैन्य प्राधिकरण (एलएमए), सेंट्रल कमांड, भारत सरकार को नि:शुल्क हस्तांतरित किया जाना है। इससे चिन्हित जिलों में ईसीएचएस स्वास्थ्य ढांचे को विस्तार देने का रास्ता तैयार होगा।

  • अयोध्या में बनेगा एनएसजी का क्षेत्रीय केंद्र, योगी कैबिनेट ने 26 हेक्टेयर भूमि निशुल्क देने को दी मंजूरी

    अयोध्या में बनेगा एनएसजी का क्षेत्रीय केंद्र, योगी कैबिनेट ने 26 हेक्टेयर भूमि निशुल्क देने को दी मंजूरी

    अयोध्या में बनेगा एनएसजी का क्षेत्रीय केंद्र, योगी कैबिनेट ने 26 हेक्टेयर भूमि निशुल्क देने को दी मंजूरी

    16.90 करोड़ की भूमि निशुल्क गृह मंत्रालय को हस्तांतरित होगी, राम मंदिर ही नहीं पूरे यूपी की बढ़ेगी सुरक्षा

    आवंटित भूमि का अगले तीन वर्षों में करना होगा उपयोग, किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं होगी उपयोग

    देश-विदेश से बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं, अतिथियों और पर्यटकों की सुरक्षा से जुड़ा अहम फैसला

    लखनऊ
    अयोध्या धाम-राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में अयोध्या की तहसील मिल्कीपुर में 26 हेक्टेयर यानी करीब 65 एकड़ बंजर भूमि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना के लिए गृह मंत्रालय को निशुल्क हस्तांतरित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इससे अयोध्या में किसी भी संभावित सुरक्षा चुनौती से निपटने और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

    वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि राम मंदिर निर्माण और प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख सांस्कृतिक, धार्मिक एवं सामरिक केंद्र के रूप में स्थापित हुआ है। यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, विशिष्ट अतिथियों और पर्यटकों का लगातार आना हो रहा है। ऐसे में क्षेत्र की सुरक्षा संवेदनशीलता भी काफी बढ़ी है। इसी को देखते हुए अयोध्या में एनएसजी क्षेत्रीय केंद्र की स्थायी तैनाती जरूरी हो गई है।

    कैबिनेट ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के उपयोग के लिए एनएसजी क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने के लिए गृह मंत्रालय के पक्ष में मिल्कीपुर तहसील के ग्राम पूरे लालखां की 26 हेक्टेयर बंजर भूमि निशुल्क हस्तांतरित करने की औपचारिक स्वीकृति प्रदान की है। संबंधित भूमि का बाजार मूल्य 16.90 करोड़ रुपये बताया गया है।

    केवल एनएसजी क्षेत्रीय केंद्र के लिए होगा भूमि का उपयोग
    हस्तांतरित की जाने वाली भूमि का उपयोग केवल एनएसजी क्षेत्रीय हब की स्थापना के लिए किया जाएगा। इसका किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। भूमि आवंटन को लेकर राजस्व विभाग के शासनादेश में निर्धारित प्रावधानों के तहत अयोध्या की विशेष सुरक्षा संवेदनशीलता और राष्ट्रीय सुरक्षा के सर्वोच्च महत्व को देखते हुए अपवादस्वरूप शिथिलता प्रदान की गई है।

    यह भी स्पष्ट किया गया है कि आवंटित भूमि का अगले तीन वर्षों की अवधि में प्रस्तावित उद्देश्य के लिए उपयोग नहीं किए जाने या भविष्य में इसकी आवश्यकता समाप्त होने की स्थिति में भूमि स्वत: उत्तर प्रदेश राजस्व विभाग के निवर्तन पर वापस आ जाएगी। यानी भूमि का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप सुनिश्चित किया जाएगा।

    अयोध्या समेत पूरे प्रदेश की सुरक्षा को मिलेगा मजबूत कवच
    अयोध्या में एनएसजी क्षेत्रीय हब की स्थापना से सिर्फ श्रीराम मंदिर परिसर और अयोध्या क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था ही मजबूत नहीं होगी, बल्कि उत्तर प्रदेश और आस-पास के अति-संवेदनशील एवं सामरिक प्रतिष्ठानों की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को भी एक मजबूत सुरक्षा कवच मिलेगी।

  • यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज, RSS-BJP की लखनऊ में समन्वय बैठक आज

    यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज, RSS-BJP की लखनऊ में समन्वय बैठक आज

    लखनऊ
    यूपी विधानसभा चुनाव के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी भाजपा के साथ कदमताल करने की कवायद तेज कर दी है। इसके लिए प्रांतवार रोडमैप बनाने की तैयारी है। इसी क्रम में संघ परिवार और भाजपा की समन्वय बैठक बुधवार को राजधानी लखनऊ में होगी। इस बैठक में संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष सहित अन्य पदाधिकारी भाग लेंगे। वहीं, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन भी यूपी आ रहे हैं। वह 20 को सहारनपुर में बूथों की नब्ज टटोलेंगे।

    संघ की समन्वय बैठक लखनऊ के बंथरा स्थित रिजार्ट में होगी। इस बैठक में अवध और कानपुर प्रांत के संघ, भाजपा और विचार परिवार के सदस्य संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। दरअसल संघ और भाजपा ने संगठनात्मक रूप से प्रदेश को छह प्रांतों में बांट रखा है। इसके जरिए जहां एक ओर संघ और अखिल भारतीय पदाधिकारी जमीनी फीडबैक लेंगे, वहीं समन्वय पर भी जोर दिया जाएगा। इस दौरान विचार परिवार के सदस्य संगठनों के पदाधिकारी सरकार और संगठन से जुड़े विषय साझा करेंगे।

    समन्वय बैठक में भाजपा की ओर से प्रदेश अध्यक्ष व केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी व प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, अवध और कानपुर क्षेत्र के अध्यक्ष और प्रभारी शामिल होंगे। बैठक में भाग लेने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष मंगलवार की रात ही लखनऊ पहुंच गए। एयरपोर्ट पहुंचने पर पार्टी पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। वहां से वे पार्टी के राज्य मुख्यालय पहुंचे।

    गोरक्ष-अवध और काशी क्षेत्र को मथेंगे तावड़े
    भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और यूपी प्रभारी विनोद तावड़े छह दिनी प्रवास पर आएंगे। वे बुधवार को राजधानी लखनऊ पहुंचेंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार वे 17 और 18 सितंबर को गोरखपुर में गोरक्ष क्षेत्र की बैठकें करेंगे। उसके बाद अवध क्षेत्र की बैठकें अयोध्या में प्रस्तावित है। फिर काशी क्षेत्र की बैठकें तावड़े प्रयागराज में करेंगे। इन संगठनात्मक बैठकों के जरिए वे जहां क्षेत्रवार जमीनी फीडबैक लेंगे, वहीं चुनावी तैयारियों की रणनीति पर चर्चा भी करेंगे।

    20 को सहारनपुर में नितिन नवीन
    वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चुनावी तैयारियों को धार देने के लिए भाजपा अब संगठन की सबसे निचली कड़ी को सीधे सक्रिय करने की तैयारी में है। जिले में होने वाला शक्ति केंद्र संयोजकों का प्रस्तावित सम्मेलन महज संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बूथ स्तर पर पार्टी की तैयारियों को परखने और चुनावी रणनीति को जमीन तक पहुंचाने का बड़ा सियासी मंच माना जा रहा है। 20 सितंबर को सहारनपुर में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की मौजूदगी में पश्चिमी यूपी के करीब 4800 शक्ति केंद्र संयोजकों का जुटना भाजपा के संगठनात्मक नेटवर्क की ताकत का बड़ा प्रदर्शन होगा।

    भाजपा ने बूथ संगठन को मजबूत करने के लिए छह से आठ बूथों को मिलाकर शक्ति केंद्र बनाए हैं। प्रत्येक शक्ति केंद्र का संयोजक बूथ कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय, मतदाता संपर्क और पार्टी के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में सम्मेलन के जरिए पार्टी नेतृत्व को जमीनी फीडबैक हासिल करने का अवसर मिलेगा। बैठक में संगठन की सक्रियता, मतदाता संपर्क और बूथ प्रबंधन की स्थिति पर चर्चा संभावित है। साथ ही कमजोर क्षेत्रों और संगठन की कमियों को चिन्हित कर उन्हें दुरुस्त करने की रणनीति भी बनाई जा सकती है। कार्यक्रम का स्थान और समय अभी तय नहीं हुआ है, जिस पर पार्टी स्तर पर मंथन जारी है।

    4800 शक्ति केंद्र, मजबूत बूथ नेटवर्क
    पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा ने बूथों को शक्ति केंद्रों में संगठित किया है। एक शक्ति केंद्र के अंतर्गत करीब छह से आठ बूथ आते हैं। इन केंद्रों की जिम्मेदारी संभालने वाले संयोजक पार्टी और बूथ कार्यकर्ताओं के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सम्मेलन में इनकी सक्रियता और जिम्मेदारियों की समीक्षा भी अहम रहेगी।

    जमीनी फीडबैक पर रहेगा जोर
    शक्ति केंद्र संयोजकों से भाजपा नेतृत्व को सीधे जमीनी स्थिति की जानकारी मिलने की उम्मीद है। मतदाता संपर्क, बूथ की सक्रियता और संगठनात्मक कमजोरियों का फीडबैक चुनावी रणनीति के लिए महत्वपूर्ण होगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की मौजूदगी में होने वाला सम्मेलन संगठन को नीचे तक और सक्रिय करने का संदेश भी देगा।

  • किसानों को छह प्रतिशत ब्याज पर लंबी अवधि के लिए छह लाख तक का ऋण

    किसानों को छह प्रतिशत ब्याज पर लंबी अवधि के लिए छह लाख तक का ऋण

    किसानों को छह प्रतिशत ब्याज पर लंबी अवधि के लिए छह लाख तक का ऋण 

    राज्य सरकार द्वारा कृषकों को वितरित ऋणों पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान प्रदान किया जाएगा

    ऋण की किस्तों का भुगतान नियत तिथि पर करने वाले किसानों को ही मिलेगा ब्याज अनुदान

    लखनऊ, 
     मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत लघु एवं सीमांत किसानों को रियायती ब्याज दर पर दीर्घकालिक ऋण उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया।

    वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के माध्यम से किसानों को छह लाख रुपये तक का ऋण छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर लंबी अवधि के लिए दिया जाएगा। इससे किसानों को कृषि एवं ग्रामीण जरूरतों के लिए कम ब्याज पर वित्तीय सहायता मिल सकेगी।

    दीर्घकालीन ऋण उपलब्ध कराये जाने हेतु राज्य सरकार द्वारा कृषकों को वितरित ऋणों पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान प्रदान किया जाएगा। इसका आकलन प्रतिवर्ष कृषकों को विगत वर्ष (योजना आरम्भ होने के पश्चात) में दिये गये ऋणों के अवशेष मूलधन व आगामी वर्षों में वितरित ऋणों के आधार पर किया जाएगा। प्रस्तावित योजना में देय 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान उन्हीं ऋणी कृषकों को अनुमन्य होगा, जो नियत देय किस्तों का भुगतान नियत तिथि को करेंगे।

  • लश्कर बंद पूर्णतया सफल, शहरवासियों को नलों में डेली चाहिए साफ़ पानी – जयवीर भारद्वाज

    लश्कर बंद पूर्णतया सफल, शहरवासियों को नलों में डेली चाहिए साफ़ पानी – जयवीर भारद्वाज

    लश्कर बंद पूर्णतया सफल, शहरवासियों को नलों में डेली चाहिए साफ़ पानी – जयवीर भारद्वाज      

      सिंधिया, यादव, तोमर को हिन्दू महासभा ने धिक्कार पत्र भेजा

                                                                                                       
    ग्वालियर 

     अखिल भारत हिंदू महासभा जिला ग्वालियर के तत्वाधान में 15 सितंबर आधे दिन का लश्कर बंद का सफल आयोजन किया। आज दिनांक 15 सितंबर को दोपहर 12:00 बजे हिंदू महासभा भवन, दौलतगंज लश्कर, में प्रतिदिन नलों में पानी देने, शहर की गड्ढे वाली सड़कों को ठीक करने , बिगड़ती कानून व्यवस्था,कमर तोड़ महंगाई कम करने, 205 लाख करोड रुपए विदेशी कर्ज से मुक्ति दिलाने,बेलगाम भ्रष्टाचार रोकने,7 जून 2025 को भितरवार में हिंदू देवी देवताओं का बांध एवं धर्मांतरण करने वालों के विरुद्ध अभी तक कार्रवाई न कर दें जांच में प्रकरण देकर हिंदुओं के साथ विश्वास घात करने, मुख्य मंत्री डॉ मोहन यादव के इशारे पर ताजियों  को 20 फुट ऊंचाई की छूट और गणेश प्रतिमाओं पर ऊंचाई पर प्रतिबंध जिला प्रशासन ने लगाकर धर्म विरोधी कार्यो के विरोध में हिन्दू महासभा धिक्कार पत्र केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर को लेकर भेजे गए चार दिन के अंदर यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो हिंदू महासभा चरण वद्व आंदोलन जारी रखेगी अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ जयवीर भारद्वाज जानकारी दी कि  आज लाकर बंद को सफल बनाने में कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रामबाबू सेन,युवा महामंत्री धर्मेंद्र बरेलिया,राहुल गुप्ता, रोहित जाटव, मनीष माहौर , हेमराज जाटव , सूरज माहौर , दीपक जाटव के नेतृत्व में दाल बाजार,लोहिया बाजार, दौलतगंज,सराफा बाजार,नया बाजार,दुकानदारों से बंद का समर्थन करने पर धन्यवाद ज्ञापित किया ।                  

  • योगी सरकार में शिक्षक बनने का सुनहरा मौका, यूपी में 15,012 पदों पर भर्ती शुरू

    योगी सरकार में शिक्षक बनने का सुनहरा मौका, यूपी में 15,012 पदों पर भर्ती शुरू

    योगी सरकार में शिक्षक बनने का सुनहरा मौका, यूपी में 15,012 पदों पर भर्ती शुरू

    माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक से लेकर पीजीटी तक के पदों पर विज्ञापन जारी

    897 सहायक अध्यापक सम्बद्ध प्राइमरी, 11,508 सहायक अध्यापक शहरी और 2,607 प्रवक्ता पदों पर होगी भर्ती

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक भर्ती का बड़ा अवसर उपलब्ध कराया है। आयोग ने सहायक अध्यापक और प्रवक्ता संवर्ग (पीजीटी) के कुल 15,012 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए दो महत्वपूर्ण विज्ञापन जारी किए हैं। इससे प्रदेश के हजारों शिक्षित युवाओं को शिक्षक बनने का अवसर मिलेगा।

    उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि आयोग द्वारा माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक सम्बद्ध प्राइमरी के 897 रिक्त पदों तथा बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत सहायक अध्यापक, शहरी के 11,508 रिक्त पदों का विज्ञापन जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त माध्यमिक शिक्षा विभाग के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रवक्ता संवर्ग (पीजीटी) के 2,607 रिक्त पदों के लिए भी विज्ञापन प्रकाशित किया गया है।

    15,012 पदों के लिए दो विज्ञापन, आवेदन प्रक्रिया अलग-अलग

    आयोग द्वारा जारी विज्ञापन के अंतर्गत सहायक अध्यापक सम्बद्ध प्राइमरी और सहायक अध्यापक, शहरी के पदों पर भर्ती की जाएगी। इन दोनों श्रेणियों में कुल 12,405 पद शामिल हैं। वहीं विज्ञापन संख्या-06/2026 के तहत प्रवक्ता संवर्ग (पीजीटी) के 2,607 पदों पर भर्ती होगी। इस प्रकार दोनों विज्ञापनों के माध्यम से कुल 15,012 रिक्त पदों को भरा जाएगा।

    12,405 सहायक अध्यापक पदों के लिए 16 सितंबर से आवेदन

    सहायक अध्यापक सम्बद्ध प्राइमरी एवं सहायक अध्यापक, शहरी के पदों के लिए विज्ञापन के तहत 15 सितंबर, 2026 को विज्ञापन जारी किया गया है। ऑनलाइन पंजीकरण एवं आवेदन की प्रक्रिया 16 सितंबर, 2026 से शुरू होगी। अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर, 2026 निर्धारित की गई है। ऑनलाइन आवेदन में संशोधन की अंतिम तिथि 19 अक्टूबर, 2026 होगी। इन पदों के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन 3 एवं 4 दिसंबर, 2026 को प्रस्तावित है। भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत 897 सहायक अध्यापक सम्बद्ध प्राइमरी तथा बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत 11,508 सहायक अध्यापक शहरी के पदों पर चयन किया जाएगा।

    पीजीटी के 2,607 पदों के लिए 18 सितंबर से आवेदन

    अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता संवर्ग (पीजीटी) के 2,607 रिक्त पदों के लिए आयोग ने विज्ञापन जारी किया है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन पंजीकरण एवं आवेदन प्रक्रिया 18 सितंबर, 2026 से प्रारम्भ होगी। पीजीटी भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर, 2026 निर्धारित की गई है। ऑनलाइन आवेदन में संशोधन की अंतिम तिथि 21 अक्टूबर, 2026 होगी। प्रवक्ता संवर्ग के पदों के लिए परीक्षा 15 एवं 16 दिसंबर, 2026 को आयोजित की जाएगी।

    वन टाइम रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था लागू

    अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए आयोग ने वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) व्यवस्था लागू की है। संबंधित पदों के लिए आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को ओटीआर प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी। इसके बाद ही वे विज्ञापित पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आयोग की ओर से अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन की अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय से पंजीकरण और आवेदन की प्रक्रिया पूरी करें।

    विस्तृत विज्ञापन पढ़कर ही करें आवेदन

    आयोग अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने अभ्यर्थियों से अपील की कि आवेदन करने से पूर्व आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध विस्तृत विज्ञापन एवं निर्देश पुस्तिका का सावधानीपूर्वक अध्ययन कर अपनी पात्रता सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग द्वारा विज्ञापित पदों की अर्हता एवं पात्रता के संबंध में अलग से कोई परामर्श नहीं दिया जाएगा। अभ्यर्थी भर्ती से संबंधित विस्तृत विज्ञापन, आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, परीक्षा कार्यक्रम एवं अन्य आवश्यक निर्देशों के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upessc.up.gov.in का अवलोकन कर सकते हैं।

  • 2029 लोकसभा चुनाव में बढ़ेंगे मतदान केंद्र, 46% ज्यादा होंगे पोलिंग स्टेशन; RTI से खुलासा

    2029 लोकसभा चुनाव में बढ़ेंगे मतदान केंद्र, 46% ज्यादा होंगे पोलिंग स्टेशन; RTI से खुलासा

     नई दिल्ली
    भारत के चुनाव आयोग से सूचना का अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी थी, इसमें देश में मौजूदा वोटिंग मशीनों की संख्या और 2029 के आम चुनाव से पहले नई मशीनों की खरीद की योजना से जुड़े सवाल पूछे गए थे. चुनाव आयोग के जवाब से संकेत मिलता है कि आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए देश के मतदान ढांचे का विस्तार किया जा रहा है। 

    आयोग के मुताबिक, 2029 का आम चुनाव देशभर में करीब 15.38 लाख पोलिंग स्टेशनों पर कराया जा सकता है. यह संख्या 2024 के लोकसभा चुनाव में इस्तेमाल किए गए 10.52 लाख पोलिंग स्टेशनों के मुकाबले करीब 46 फीसदी अधिक है। 

    चुनाव आयोग के पास कितनी EVM?.

    RTI के जवाब में चुनाव आयोग ने बताया कि उसके पास फिलहाल करीब 30.48 लाख बैलेट यूनिट (BU) और 21.92 लाख कंट्रोल यूनिट (CU) उपलब्ध हैं. इन आंकड़ों की तुलना 2019 के लोकसभा चुनाव से करें तो उस समय चुनाव आयोग के पास करीब 14.88 लाख बैलेट यूनिट और 11.30 लाख कंट्रोल यूनिट थीं. यानी पिछले कुछ वर्षों में EVM का मौजूदा स्टॉक काफी बढ़ा है। 

    3.57 लाख बैलेट यूनिट और 1.25 लाख कंट्रोल यूनिट बदली जाएंगी
    2029 के लोकसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग करीब 3.57 लाख बैलेट यूनिट और 1.25 लाख कंट्रोल यूनिट खरीदने की योजना बना रहा है, खास बात यह है कि आयोग ने इतनी ही संख्या में पुरानी मशीनों को रिटायर करने की भी योजना बताई है. इसका मतलब है कि नई EVM की खरीद से आयोग अपने कुल बेड़े को बड़े पैमाने पर बढ़ाने की बजाय पुरानी मशीनों को नई मशीनों से बदलने की तैयारी कर रहा है. यानी 3.57 लाख बैलेट यूनिट और 1.25 लाख कंट्रोल यूनिट की खरीद लगभग वन-टू-वन रिप्लेसमेंट के तौर पर होगी। 

    EVM और VVPAT पर 486 करोड़ रुपये का खर्च
    चुनाव आयोग के मुताबिक, 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले EVM और VVPAT की खरीद पर करीब 486 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. VVPAT मशीन के जरिए मतदाता यह देख सकता है कि उसने जिस उम्मीदवार को वोट दिया है, उसकी पर्ची कुछ समय के लिए मशीन की पारदर्शी खिड़की के पीछे दिखाई देती है, इसके बाद यह पर्ची सीलबंद बॉक्स में चली जाती है। 

  • कल की गिरावट पर लगा ब्रेक, शेयर बाजार खुलते ही 500 अंक उछला

    कल की गिरावट पर लगा ब्रेक, शेयर बाजार खुलते ही 500 अंक उछला

    मुंबई 
    शेयर बाजार में मंगलवार को बड़ा क्रैश देखने को मिला था, लेकिन बुधवार को कारोबार ओपन होते ही सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स गदर मचाए हुए नजर आए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स ओपनिंग के साथ ही अपने पिछले बंद के मुकाबले 500 अंक से ज्यादा चढ़ गया, तो वहीं इसके कदम से कदम मिलाकर चलते हुए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी छलांग लगाकर 23,200 के पार निकल गया. इस तेजी के बीच ITC, HCL, BEL समेत कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला। 

    सेंसेक्स-निफ्टी की दमदार शुरुआत
    बुधवार को शेयर मार्केट में कारोबार ओपन होने के साथ ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,003 की तुलना में उछलकर 74,249 पर खुला और फिर इसके अपनी रफ्तार तेज करते हुए 500 अंकों से ज्यादा की छलांग लगाकर 75,505 का लेवल छू लिया. बात निफ्टी की करें, तो एनएसई का ये इंडेक्स भी अपने पिछले बंद 23,118 की तुलना में बढ़त के साथ 23,201 पर ओपन हुआ और फिर एक झटके में 23,281 पर जा पहुंचा। 

    कल क्रैश हो गया था शेयर बाजार
    पिछले कुछ दिनों से शेयर बाजार में जारी गिरावट ने निवेशकों को तगड़ा नुकसान कराया था और बीते कारोबारी दिन मंगलवार को तो शेयर मार्केट में भूचाल आ गया था. सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स ने शुरुआत तो जोरदार की थी, लेकिन फिर कुछ देर के कारोबार के बाद देखते ही देखते ये बिखर गए थे. शेयर बाजार में कारोबार खत्म होने पर बीएसई का Sensex 777 अंकों की गिरावट लेकर 74,003 के लेवल पर क्लोज हुआ था, जो दिन के हाई लेवल से 1433 अंक की गिरावट थी. वहीं NSE Nifty 279 अंक की गिरावट लेकर 23,118 पर बंद हुआ था और ये इंडेक्स अपने दिन के हाई से 474 अंक फिसला था। 

    सबसे तेज ये 10 शेयर 
    सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन शेयर बाजार में आई इस तूफानी तेजी के बीच सबसे ज्यादा रफ्तार से भागते हुए शेयरों की बात करें, तो बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल M&M Share, ITC Share, Reliance Share, HUL Share करीब 2 फीसदी के आसपास बढ़त के साथ ट्रेड करते नजर आए. वहीं मिडकैप कैटेगरी में शामिल शेयरों की लिस्ट में Yes Bank Share (3.20%), Colpal Share (1.50%) चढ़कर कारोबार कर रहा था. स्मॉलकैप कैटेगरी में Appolo Tyre Share, MSUMI, HSCL Share ग्रीन जोन में कारोबार करते नजर आए। 

  • Robert Kiyosaki Crash Warning: ‘इतिहास का सबसे बड़ा क्रैश शुरू’, रॉबर्ट कियोसाकी ने किया अलर्ट

    Robert Kiyosaki Crash Warning: ‘इतिहास का सबसे बड़ा क्रैश शुरू’, रॉबर्ट कियोसाकी ने किया अलर्ट

      नई दिल्ली

    मिडिल ईस्ट में तनाव और हमलों का सिलसिला जारी है. कच्चे तेल की कीमतों में आग लगी हुई है. ग्लोबल टेंशन का असर शेयर बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है. इस बीच मशहूर किताब 'रिच डैड पुअर डैड' (Rich Dad Poor Dad) के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने एक बार फिर इतिहास के सबसे बड़े क्रैश को लेकर चेतावनी (Biggest Crash In History Warning) दी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर अपने नए पोस्ट के जरिए ये वॉर्निंग दी है, जो तेजी से वायरल (Social Media Viral Post) हो रहा है। 

    'सबसे बड़े क्रैश की शुरुआत…'
    रॉबर्ट कियोसाकी ने अपनी वायरल एक्स पोस्ट में कहा कि इतिहास की सबसे बड़ा क्रैश शुरू हो चुका है. लेखक के मुताबिक, उन्होंने पहले ही इसकी भविष्यवाणी कर दी है. उन्होंने लिखा,'2002 में मैंने 'रिच डैड्स प्रोफेसी' (Rich Dad's Prophecy) किताब जारी की थी, जो लोगों को इतिहास की सबसे बड़ी स्टॉक और बॉन्ड मार्केट गिरावट से फायदा उठाने और उसका शिकार न बनने के लिए तैयार करने के मकसद से लिखी गई थी, एक ऐसी गिरावट जो आने वाली थी.' कियोसाकी ने आगे लिखा कि 2026 में वह गिरावट यूरोप और जापान में शुरू हुई, लेकिन अब ये क्रैश पूरी दुनिया में फैल रहा है। 

    क्रैश के पीछे आखिर वजह क्या? 
    इतिहास के सबसे बड़े क्रैश की अपनी वॉर्निंग को दोहराते हुए रॉबर्ट कियोसाकी ने इसे पीछे के बड़े कारणों के बारे में भी बताया है. उनके मुताबिक, AI का क्रेज़, ईरान में युद्ध, बहुत ज्यादा कर्ज, और रिटायर हो रही 'बेबी बूम' पीढ़ी इसकी वजह है. उन्होंने अलर्ट करते हुए कहा कि अगर आपके पास 401k, IRA, सुपरएनुएशन या RRSP (एक तरह की रिटायरमेंट सेविंग स्कीम) है, तो आप मुश्किल में पड़ सकते हैं, खासकर अगर आपकी उम्र 40 साल से ज्यादा हो चुकी है। 

    अभी भी समय है संभल जाएं
    रिच डैड पुअर डैड के लेखक के मुताबिक, पिछली मंदी 1929 से 1954 तक यानी 25 साल तक चली थी. लेकिन इस क्रैश के दौरान भी जो लोग तैयार थे (उदाहरण के लिए कैनेडी परिवार), उनके लिए 'ग्रेट डिप्रेशन' (महामंदी) जीवन का सबसे खुशहाल समय साबित हुआ था. Robert Kiyosaki ने कहा कि आप इतिहास के इस सबसे बड़े क्रैश का शिकार न बनें, अभी भी थोड़ा समय है, इससे पहले कि आम लोग जागें और घबराहट में बैंकों से पैसे निकालने की होड़ शुरू कर दें। 

    मैं तो ये कर रहा… आप क्या? 
    सोशल मीडिया पर खासे एक्टिव रहने वाले रॉबर्ट कियोसाकी का कहना है कि, 'सालों से मैं लोगों को ये बताता आ रहा हूं कि मैं तैयारी के लिए क्या कर रहा हूं. अपना बिजनेस, कमाई देने वाली रियल एस्टेट, तेल के कुओं में निवेश और कैश के बजाय सोना-चांदी (Gold-Silver) और बिटकॉइन जमा करना, क्योंकि मुझे पता था कि नकली पैसे छापने का काम शुरू होगा। 

    कियोसाकी ने बताया कि मैंने पहले भी मिकी मैनी की लिखी 'द एंट्रोपी ट्रैप' (The Entropy Trap) किताब की सलाह दी है, जो इसी साल 2026 में छपी है और हो सकता है कि यह इस साल आपके पढ़ने के लिए सबसे जरूरी किताब हो. कृपया इसे पढ़ें, यह आज आपका सबसे अच्छा निवेश साबित हो सकता है. अपना ख्याल रखें।