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  • नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से वन अग्नि रोकथाम के लिए जनजागरूकता अभियान

    नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से वन अग्नि रोकथाम के लिए जनजागरूकता अभियान

    रायपुर.

    नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से वन अग्नि रोकथाम के लिए जनजागरूकता अभियान

    वन अग्नि (दावानल) जंगलों के लिए एक गंभीर समस्या है। आग लगने से केवल सूखी पत्तियाँ ही नहीं जलतीं, बल्कि बीज, छोटे पौधे, झाड़ियाँ, घास और मिट्टी में मौजूद पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्व भी नष्ट हो जाते हैं। इससे जंगलों का प्राकृतिक पुनरुत्पादन प्रभावित होता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पत्तियों और सूखी लकड़ियों के सड़ने-गलने से बनने वाले फंगस और बैक्टीरिया मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं, जो आग लगने पर नष्ट हो जाते हैं।

    वन अग्नि से मिट्टी की ऊपरी परत कठोर हो जाती है, जिससे वर्षा का पानी जमीन में नहीं समा पाता और जल स्तर में कमी आती है। औषधीय पौधों के नष्ट होने से वनांचल में रहने वाले लोगों की आजीविका भी प्रभावित होती है। आग के कारण वन्यजीवों का आवास नष्ट होता है, वे भटक जाते हैं और मानव-वन्यप्राणी संघर्ष की स्थिति बन सकती है। साथ ही पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है और जैव विविधता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

    इन दुष्प्रभावों को ध्यान में रखते हुए वनमंडल अधिकारी, खैरागढ़ द्वारा वन अग्नि की रोकथाम एवं प्रबंधन के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। वन क्षेत्रों में फायर लाइन की कटाई-सफाई, फायर वाचर्स की नियुक्ति तथा आग की सूचना मिलते ही तत्काल नियंत्रण की व्यवस्था हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी की जा रही है।

    बेहतर प्रबंधन के लिए वनमंडल कार्यालय खैरागढ़ में फॉरेस्ट फायर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। वन अग्नि की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर +91-9301321797 पर देने की अपील आम नागरिकों से की गई है। 

    इसके साथ ही महुआ वृक्षों की ब्लेजिंग कर कंट्रोल बर्निंग, गाँवों में मुनादी, दीवार लेखन, पोस्टर चस्पा करना, स्कूलों में वाद-विवाद, निबंध, चित्रकला एवं रंगोली प्रतियोगिताएँ तथा सरपंच एवं संयुक्त वन प्रबंधन समिति अध्यक्षों को पोस्टकार्ड के माध्यम से अपील जैसी नवाचारी पहल भी की जा रही है।

    जनजागरूकता के तहत  03 फरवरी 2026 से खैरागढ़, छुईखदान, गंडई एवं साल्हेवारा परिक्षेत्र के 36 गाँवों में नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अंचल के प्रसिद्ध कलाकारों की टीम 'झंकार कला मंच' पैलीमेटा द्वारा अग्नि सुरक्षा पर आधारित झांकी और प्रस्तुतियों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है।

    07 फरवरी 2026 को छुईखदान परिक्षेत्र के ग्राम कानीमेरा, हाटबंजा एवं बुढ़ानभाठ में आयोजित कार्यक्रमों में प्रत्येक गाँव से लगभग 200 से 250 ग्रामीणों की सहभागिता रही। झंकार कला मंच के संचालक  प्रकाश वैष्णव ने बताया कि कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को वन अग्नि से होने वाले नुकसान की जानकारी दी जा रही है तथा आग से बचाव और समय पर सूचना देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

    कार्यक्रमों में वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा भी ग्रामीणों से वन अग्नि रोकथाम में सहयोग करने की अपील की जा रही है। संयुक्त वन प्रबंधन समितियों की बैठकों में भी अग्नि सुरक्षा विषय पर विशेष चर्चा की जा रही है, ताकि जनसहभागिता से वन संरक्षण को और मजबूत बनाया जा सके।

  • एशियन राइफल/पिस्टल चैंपियनशिप: शूट-ऑफ में गोल्ड से चूकीं मनु भाकर, ईशा ने जीता ब्रॉन्ज

    एशियन राइफल/पिस्टल चैंपियनशिप: शूट-ऑफ में गोल्ड से चूकीं मनु भाकर, ईशा ने जीता ब्रॉन्ज

    नई दिल्ली
    एशियन राइफल/पिस्टल चैंपियनशिप में सोमवार को 25 मीटर विमेंस पिस्टल का रोमांचक फाइनल खेला गया, जिसमें मनु भाकर को वियतनाम की थुय ट्रांग गुयेन से हार का सामना करना पड़ा। इसी के साथ मनु ने गोल्ड मेडल जीतने का मौका भी गंवा दिया। डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में यह फाइनल दो शूट-ऑफ के बाद तय हुआ। फाइनल में, ईशा सिंह ने पहली सीरीज में परफेक्ट पांच शॉट लगाए, जबकि मनु और थुय ट्रांग ने चार-चार शॉट लगाए। कड़े मुकाबले वाले फाइनल में हर सीरीज के बाद तीनों निशानेबाज मेडल की पोजीशन बदल रहे थे। भारतीय निशानेबाज वियतनामी निशानेबाज पर दबाव बना रहे थे, लेकिन छठी सीरीज में परफेक्ट पांच शॉट लगाकर उन्होंने दो अंकों की बढ़त बना ली। मनु और ईशा ने गुयेन की सातवीं सीरीज में एक शॉट का फायदा उठाकर अंतर कम किया। ईशा आठवीं सीरीज के अंत में 30 अंकों के साथ आगे चल रही थीं। वह नौवीं सीरीज में अपने सभी शॉट चूक गईं, जिसके चलते उन्हें ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। आखिरी सीरीज में, मनु ने तीन शॉट लगाए, जबकि गुयेन ने दो शॉट लगाए और फाइनल 35 शॉट पर खत्म हुआ, जिससे मुकाबला शूट-ऑफ में चला गया।
    पहले शूट-ऑफ में, दोनों निशानेबाजों ने दो-दो शॉट लगाए, और अगले शूट-ऑफ में मनु तीन शॉट चूक गईं और गोल्ड मेडल से चूक गईं। फाइनल में तीसरी भारतीय, रिदम सांगवान चौथे स्थान पर रहीं। दूसरी ओर, ईशा सिंह ने चैंपियनशिप में अपना दूसरा व्यक्तिगत मेडल जीता, उन्होंने ब्रॉन्ज पर निशाना साधा। नाम्या कपूर ने जूनियर कैटेगरी में एक और कड़े शूट-ऑफ में गोल्ड मेडल जीता, जबकि अंजलि भागवत ने इसी इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। इसी के साथ भारत के कुल मेडल की संख्या 60 हो गई है, जिसमें 37 गोल्ड, 13 सिल्वर और 10 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं।
    जूनियर फाइनल में, नाम्या कपूर ने शूट-ऑफ में गोल्ड मेडल जीता। वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल जीतने वाली सबसे युवा भारतीय निशानेबाज ने 29 शॉट लगाए, जो इंडोनेशिया की रिहादतुल अस्यिफा के बराबर थे। युवा निशानेबाज ने शूट-ऑफ में अपना संयम बनाए रखा, उन्होंने तीन शॉट लगाए जबकि अस्यिफा अपने सभी शॉट चूक गईं। अंजलि भागवत ने 24 के स्कोर के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। टॉप स्थान पर रहकर फाइनल के लिए क्वालीफाई करने वालीं पारिशा गुप्ता 14 के स्कोर के साथ पांचवें स्थान पर रहीं। भारतीय टीमों ने सीनियर और जूनियर दोनों कैटेगरी में गोल्ड मेडल भी हासिल किया।

  • मुड़ापार हेलीपेड में नवनिर्मित सामुदायिक भवन का कैबिनेट मंत्री और महापौर ने फीता काटकर किया लोकार्पण

    मुड़ापार हेलीपेड में नवनिर्मित सामुदायिक भवन का कैबिनेट मंत्री और महापौर ने फीता काटकर किया लोकार्पण

    रायपुर.

    उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन ने मथुरा माली मरार पटेल समाज को दी 10 लाख के सामुदायिक भवन की सौगात

    कोरबा नगर विधायक और छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री  लखन लाल देवांगन ने रविवार को मुड़ापार, हेलीपेड में मथुरा माली मरार पटेल समाज को 10 लाख की लागत से बने सर्व सुविधायुक्त सामुदायिक भवन की सौगात दी।

    कार्यक्रम में मंत्री  लखन लाल देवांगन और महापौर मती संजू देवी राजपूत ने समाज के पदाधिकारियों के साथ मां शाकम्भरी देवी की पूजा अर्चना कर प्रदेश और शहर की खुशहाली की कामना की।नवनिर्मित सामुदायिक भवन का फीता काटकर लोकार्पण किया।

     इस अवसर पर मंत्री  लखन लाल देवांगन ने कहा कि सभी समाज की आर्थिक उत्थान और प्रगति के लिए छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव सरकार सभी समाज के साथ खड़ी है और उनके उत्थान और विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। कोरबा विधानसभा में भी सभी समाज की मांग अनुरूप विकास कार्यों को तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। मंत्री  देवांगन ने कहा कि मथुरा माली मरार पटेल समाज का आशीर्वाद मुझे सदैव मिलता रहा है, समाज की सेवा करने का मुझे यह सौभाग्य मिला है। समाज की मांग पर प्रभारी मंत्री मद से 10 लाख की लागत से भवन का निर्माण कराया गया है, आज भवन समाज को समर्पित किया जा रहा है। इसी के साथ-साथ वार्ड क्रमांक 55 सुमेधा नागिन भाटा में समाज के लिए सामुदायिक भवन हेतु 10 लाख की स्वीकृति दी गई है, जल्द ही भवन पूर्ण हो जाएगा।

    मथुरा माली मरार पटेल समाज  के समाज के सभी प्रमुख जनों को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने समाज की प्रशंसा करते हुए कहा कि पटेल समाज एक संगठित और सशक्त समाज है।  समाज  एक सशक्त और संगठित समाज की अवधारणा को पूरा करते हुए आगे बढ़ रहा है। पटेल समाज एक मेहनतकश समाज है। कड़ी मेहनत कर धरती को हरा भरा बनाने का कार्य मरार समाज करता है। उन्होंने कहा कि समाज आज खेती किसानी, सब्जी-भाजी के उत्पादन के साथ- साथ हर क्षेत्र में काफी आगे है। 

    इस अवसर पर सभापति नूतन सिंह ठाकुर, एमआइसी सदस्य मती धन कुमारी गर्ग, पार्षद ईश्वर पटेल, पार्षद  नरेंद्र देवांगन, पार्षद  मुकुंद कंवर, कोरबा मंडल अध्यक्ष  योगेश मिश्रा,  रामकृष्ण साहू, मती स्मिता सिंह, मती पूर्णिमा पासवान,  नवनीत शुक्ला,  सुकेश दलाल, मती संगीता साहू,  अनुज यादव व समाज के प्रमुख, वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।

    इस अवसर पर महापौर मती संजू देवी राजपूत ने कहा कि माननीय कैबिनेट मंत्री  लखन लाल देवांगन की नेतृत्व में कोरबा शहर विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। शहर के वार्ड, बस्तियों के मूलभूत विकास कार्य की बात हो, या फिर बड़े निर्माण कार्यों की बात हो, और सबसे महत्वपूर्ण सभी समाज को उनके मांग अनुरूप विकास कार्यों की सौगात देने की बात हो। सभी कार्यों के लिए   शासन से राशि की स्वीकृति भी ला रहे हैं, विकास कार्यों को शुरू कर पूर्ण कर सौगात भी दे रहे हैं।

    समाज ने किया मंत्री और महापौर का अभिनंदन

        इस सौगात पर समाज के अध्यक्ष श्  आर डी पटेल,  महादेव पटेल,  लक्ष्मण पटेल, उपाध्यक्ष मती राजकुमारी पटेल, मती संध्या पटेल, मती संगीता पटेल,  राम अवतार पटेल,  चंद्र लाल पटेल,  गोविंद पटेल,  संतोषी पटेल,  राजाराम पटेल के साथ-साथ अधिक संख्या में समाज के पदाधिकारियों ने मंत्री  लखन लाल देवांगन और महापौर मती संजू देवी राजपूत का आभार जताते हुए उनका अभिनंदन किया।

  • एलोवेरा आधारित पर्सनल केयर उत्पादों से पहचान बना रहा दुगली का वन धन विकास केंद्र

    एलोवेरा आधारित पर्सनल केयर उत्पादों से पहचान बना रहा दुगली का वन धन विकास केंद्र

    रायपुर

    एलोवेरा आधारित पर्सनल केयर उत्पादों से पहचान बना रहा दुगली का वन धन विकास केंद्र

    प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन के अंतर्गत जिला धमतरी के ग्राम दुगली में स्थापित वन- धन विकास केंद्र (VDVK) आज महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आत्मनिर्भरता का सफल उदाहरण बन गया है। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के मार्गदर्शन में संचालित यह केंद्र वनोपज के मूल्य संवर्धन के माध्यम से आदिवासी महिलाओं को रोजगार और सम्मानजनक आय प्रदान कर रहा है।

    25 विभिन्न प्रकार के औषधीय और खाद्य उत्पाद तैयार

    दुगली वन धन विकास केंद्र के स्व-सहायता समूहों के संघ के रूप में कार्य कर रहा है। एक प्रमुख समूह संचालन की जिम्मेदारी संभालता है, जबकि अन्य समूह आवश्यकता और ऑर्डर के अनुसार उत्पादन कार्य में सहयोग करते हैं। केंद्र में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनने का अवसर मिला है।
    केंद्र में वर्तमान में लगभग 25 विभिन्न प्रकार के औषधीय और खाद्य उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें हर्बल पाउडर, स्वास्थ्य पेय और अन्य हर्बल उत्पाद शामिल हैं। सभी उत्पाद गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए बनाए जाते हैं तथा आयुष और खाद्य सुरक्षा विभाग से आवश्यक लाइसेंस प्राप्त हैं।

    ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यापक बाजार तक पहुँच

    विशेष रूप से एलोवेरा से तैयार साबुन, क्रीम, बॉडी वॉश और हैंडवॉश जैसे पर्सनल केयर उत्पादों ने बाजार में अपनी अलग पहचान बनाई है। इन उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे महिलाओं की आय में भी वृद्धि हुई है। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा महिलाओं को प्रशिक्षण, मशीनरी सहायता, ब्रांडिंग और विपणन की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसके परिणामस्वरूप उत्पाद राज्य स्तरीय मेलों, विभागीय नेटवर्क और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यापक बाजार तक पहुँच रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में केंद्र का वार्षिक कारोबार 74 लाख 62 हजार 156 रुपए दर्ज किया गया, जो इसकी सफलता को दर्शाता है।

    'छत्तीसगढ़ हर्बल' ब्रांड के अंतर्गत तैयार उत्पाद अब विभिन्न मार्ट, चयनित आउटलेट्स और ऑनलाइन माध्यमों पर उपलब्ध हैं तथा आयुष विभाग और पर्यटन मंडल को नियमित रूप से आपूर्ति की जा रही है।

    ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता का सपना किया साकार

    दुगली वन धन विकास केंद्र आज केवल एक उत्पादन इकाई नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता और सामाजिक बदलाव की प्रेरक कहानी बन चुका है, जो यह दर्शाता है कि शासकीय योजनाओं और सामूहिक प्रयास से ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता का सपना साकार किया जा सकता है।

  • प्रदेश में संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई से अपराध दर में आई गिरावट

    प्रदेश में संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई से अपराध दर में आई गिरावट

    आर्थिक सर्वे 2025-26

    प्रदेश में संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई से अपराध दर में आई गिरावट

    वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में रखी आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट, प्रस्तुत किया सुदृढ़ कानून व्यवस्था का खाका  

    बोले, आधुनिक तकनीक से सशक्त हुई पुलिसिंग,सीसीटीवी, डिजिटल केस मैनेजमेंट और जवाबदेह पुलिस व्यवस्था से बढ़ा जनविश्वास

    महिला पुलिस बीट, एंटी-रोमियो स्क्वॉड और सेफ सिटी परियोजना से सुरक्षित हुई सार्वजनिक स्थल

    लखनऊ
     वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सोमवार को विधानसभा के बजट सत्र में उत्तर प्रदेश सरकार की वर्ष 2025-26 की आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी, जिसमें कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों का विस्तृत उल्लेख किया गया। इस दौरान उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क के खिलाफ कठोर कार्रवाई की है। इसका सकारात्मक असर यह रहा कि प्रदेश में अपराध दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आम जनता के साथ-साथ निवेशकों का भी विश्वास बढ़ा है।

    महिला पुलिस बीट, सीसीटीवी और एंटी रोमियो स्क्वायड ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की
    वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, आधुनिक तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देकर पुलिस सुधारों को नई दिशा दी गई है। सीसीटीवी, डिजिटल केस मैनेजमेंट सिस्टम और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से पुलिस की कार्यक्षमता और जवाबदेही में वृद्धि हुई है। इससे जनता में निर्भीक होकर शिकायत दर्ज कराने का वातावरण तैयार हुआ है और अपराध नियंत्रण को मजबूती मिली है। महिला सुरक्षा को लेकर प्रदेश सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया है। सेफ सिटी परियोजना के तहत महिला पुलिस बीट, सीसीटीवी नेटवर्क और एंटी-रोमियो स्क्वॉड्स की तैनाती से सार्वजनिक स्थलों और कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। साथ ही उत्तर प्रदेश फैक्ट्री अधिनियम (संशोधित) 2025 के माध्यम से महिलाओं को औद्योगिक कार्यों, विशेषकर नाइट शिफ्ट में, समान अवसर प्रदान किए गए हैं।

    मिशन शक्ति से सामाजिक सहभागिता को नई गति मिली
    मिशन शक्ति के तहत सुरक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सेवाओं के एकीकरण से महिलाओं की आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता को नई गति मिली है। वहीं न्यायिक सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट और ई-कोर्ट्स की स्थापना की गई है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आई है। आर्थिक सर्वेक्षण में यह भी उल्लेख है कि जन विश्वास अधिनियम के माध्यम से छोटे प्रक्रियात्मक अपराधों का अपराधीकरण समाप्त कर पारदर्शिता आधारित शासन मॉडल को मजबूती दी गई है। कुल मिलाकर, कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और न्यायिक सुधारों के क्षेत्र में सरकार के इन कदमों ने उत्तर प्रदेश को सुरक्षित और निवेश के अनुकूल राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

  • अमित शाह ने देखा बस्तर की जनजातीय विरासत का वैभव, विजेता दलों से मिलकर बढ़ाया उत्साह

    अमित शाह ने देखा बस्तर की जनजातीय विरासत का वैभव, विजेता दलों से मिलकर बढ़ाया उत्साह

    रायपुर.

    अमित शाह ने देखा बस्तर की जनजातीय विरासत का वैभव, विजेता दलों से मिलकर बढ़ाया उत्साह

    संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम 2026 के समापन अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने लालबाग मैदान में आयोजित जनजातीय परंपराओं और संस्कृति पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण कर जनजातीय समाज के जीवन में उपयोग होने वाले उत्पादों, हस्तशिल्प और कलाओं की जानकारी ली।

    अमित शाह ने देखा बस्तर की जनजातीय विरासत का वैभव, विजेता दलों से मिलकर बढ़ाया उत्साह

    केंद्रीय गृह मंत्री ने ढोकरा शिल्प, टेराकोटा, वुड कार्विंग, सीसल कला, बांस व लौह शिल्प, जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण, तुम्बा कला, जनजातीय चित्रकला, वन औषधि, स्थानीय व्यंजन तथा लोक चित्रों पर आधारित प्रदर्शनी की सराहना की। उन्होंने कहा कि बस्तर की संस्कृति भारत की आत्मा का जीवंत स्वरूप है।

    प्रदर्शनी में दंडामी माड़िया, अबूझमाड़िया, मुरिया, भतरा एवं हल्बा जनजातियों की पारंपरिक वेशभूषा और आभूषणों का प्रदर्शन किया गया। जनजातीय चित्रकला के माध्यम से आदिवासी जीवन, प्रकृति और परंपराओं की सजीव झलक प्रस्तुत की गई। वहीं, वैद्यराज द्वारा वन औषधियों का जीवंत प्रदर्शन भी किया गया।

    स्थानीय व्यंजन स्टॉल में जोंधरी लाई के लड्डू, मंडिया पेज, आमट, चापड़ा चटनी, कुलथी दाल, पान बोबो, तीखुर जैसे पारंपरिक व्यंजन तथा लांदा और सल्फी पेय पदार्थ प्रदर्शित किए गए।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि “बस्तर पंडुम जनजातीय संस्कृति को सहेजने और अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। राज्य सरकार जनजातीय कला, शिल्प और परंपराओं के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।”

    इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री ने बस्तर पंडुम की बारह विधाओं की प्रतियोगिता में विजेता दलों से भेंट कर उन्हें बधाई दी। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री किरण सिंह देव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

    “बस्तर पंडुम 2026” संभाग स्तरीय प्रतियोगिता के विजेता

    1.     जनजातीय नृत्य – गौर माड़िया नृत्य (बुधराम सोढ़ी, दंतेवाड़ा)
    2.     जनजातीय गीत – पालनार दल (मंगली एवं साथी, दंतेवाड़ा)
    3.     जनजातीय नाट्य – लेखम लखा (सुकमा)
    4.     जनजातीय वाद्ययंत्र – रजऊ मंडदी एवं साथी (कोण्डागांव)
    5.     जनजातीय वेशभूषा – गुंजन नाग (सुकमा)
    6.     जनजातीय आभूषण – सुदनी दुग्गा (नारायणपुर)
    7.     जनजातीय शिल्प – ओमप्रकाश गावड़े (कोया आर्ट्स, कांकेर)
    8.     जनजातीय चित्रकला – दीपक जुर्री (कांकेर)
    9.     जनजातीय पेय पदार्थ – भैरम बाबा समूह (उर्मीला प्रधान, बीजापुर)
    10.     जनजातीय व्यंजन – श्रीमती ताराबती (दंतेवाड़ा)
    11.     आंचलिक साहित्य – उत्तम नाईक (कोण्डागांव)
    12.     बस्तर वन औषधि – राजदेव बघेल (बस्तर)

  • बाबर आज़म पर बढ़ी आलोचना, संकट की घड़ी में रवि शास्त्री और रिकी पोंटिंग बने संबल

    बाबर आज़म पर बढ़ी आलोचना, संकट की घड़ी में रवि शास्त्री और रिकी पोंटिंग बने संबल

    इस्लामाबाद
    पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान बाबर आजम अपनी फॉर्म को लेकर काफी चर्चा में हैं। टी20 विश्व कप 2026 में अपने पहले मुकाबले में नीदरलैंड के खिलाफ टीम मैच हारने के करीब पहुंच गई थी। इस मैच में भी बाबर आजम के बल्ले से रन नहीं निकले थे। नीदरलैंड के खिलाफ मुकाबले में बाबर आजम ने 18 गेंद में सिर्फ 15 रन बनाए। हालांकि उनकी इस पारी ने पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ा दी, क्योंकि वह चौथे स्थान पर बैटिंग के लिए उतर रहे हैं और उनका योगदान टीम की जीत के लिए काफी मायने रखता है। रिकी पोंटिंग और रवि शास्त्री ने बाबर आजम की बैटिंग पर अपनी राय दी है।
     
    क्रिकेट लीजेंड रिकी पोंटिंग ने कहा, ''अगर आप 18 गेंद में 15 रन बनाते हैं, तो आप खुद पर ही दबाव नहीं डालते बल्कि दूसरे तरफ खड़े खिलाड़ी पर भी दबाव बनता है। बाबर आजम को शुरुआत में बाउंड्री मारने की जरूरत है वरना हर बार जब वह बल्लेबाजी करने उतरता है, तो पूरे मैच का मोमेंटम बदल जाता है।”

    भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने कहा, ''जब आप करियर के उस दौर में होते हैं, तो वहां एक मानसिक बोझ और उम्मीदों का वजन होता है उन्होंने बाबर को सलाह दी कि वे क्रीज पर सेट होने के लिए ज्यादा समय लेने के बजाय शुरुआत से ही अपने इरादे जाहिर करें।

    पाकिस्तान को नीदरलैंड के खिलाफ लक्ष्य हासिल करने में ज्यादा मुश्किल नहीं होनी चाहिए थी। टीम को 53 गेंद में 50 रनों की जरूरत थी और सात विकेट शेष थे लेकिन बाबर आजम की धीमी पारी ने मुश्किलें बढ़ा दी। कमेंट्री के दौरान वसीम अकरम ने बाबर आजम को पारी की गति बढ़ाने की जरुरत है। फहीम 11 गेंद में नाबाद 29 रन की पारी के साथ पाकिस्तान के नायक बनकर उभरे। उन्होंने पारी के 19वें ओवर में तीन छक्के और एक चौके के साथ 24 रन बटोर कर मैच का रूख पाकिस्तान की तरफ मोड़ दिया।

    पाकिस्तान ने जीत के लिए 148 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 10 ओवर में दो विकेट पर 90 रन बना लिए थे। इसके हालांकि बाद लगातार विकेट गिरते गए और 16.1 ओवर में स्कोर सात विकेट 114 रन हो गया। टीम को आखिरी दो ओवर में 29 रन की जरूरत थी लेकिन फहीम ने जीवनदान का फायदा उठाते हुए 19वें ओवर में तीन छक्कों के साथ मैच का रूख तय कर दिया।

     

  • स्कूली बच्चों की प्रस्तुति से प्रभावित हुए केंद्रीय गृह मंत्री  शाह , ताली बजाकर बढ़ाया उत्साह

    स्कूली बच्चों की प्रस्तुति से प्रभावित हुए केंद्रीय गृह मंत्री शाह , ताली बजाकर बढ़ाया उत्साह

    रायपुर.

    बस्तर पण्डुम समापन समारोह में बच्चों की कला को मिला केंद्रीय गृहमंत्री का सम्मान

    संभाग स्तरीय बस्तर पण्डुम 2026 के समापन समारोह में स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह ने स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम की मुक्तकंठ से प्रशंसा की और ताली बजाकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया। समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री के स्वागत में जगदलपुर के हजारों स्कूली बच्चों ने “ऐसा जादू है मेरे बस्तर में” गीत पर मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। बच्चों की भावपूर्ण और अनुशासित प्रस्तुति देखकर  अमित शाह भी भावविभोर हो उठे और उन्होंने बच्चों को ताली बजाकर प्रोत्साहित किया।

    बस्तर पण्डुम समापन समारोह में बच्चों की कला को मिला केंद्रीय गृहमंत्री का सम्मान

    कार्यक्रम में बालिकाओं द्वारा *मलखंभ प्रदर्शन* भी किया गया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा। केंद्रीय गृहमंत्री  शाह ने बच्चों की कला, अनुशासन एवं आत्मविश्वास की प्रशंसा करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
    इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा सहित अन्य अतिथियों ने भी बच्चों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

    उल्लेखनीय है कि “ऐसा जादू है मेरे बस्तर में” गीत को हिंदी एवं हल्बी बोली में रचा गया है। इसमें बस्तर की बादल अकादमी के कलाकारों ने अपनी आवाज और संगीत का योगदान दिया है। दायरा बैंड द्वारा इस गीत को आधुनिक संगीत के साथ नया स्वरूप प्रदान किया गया है, जिससे यह गीत युवाओं और बच्चों के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय हो रहा है।

  • मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव नक्सली मुठभेड़ में अदम्य साहस दिखाने वाले 60 जवानों को क्रम  से पूर्व पदोन्नति देने के लिए कार्यक्रम में पहुंचे।

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव नक्सली मुठभेड़ में अदम्य साहस दिखाने वाले 60 जवानों को क्रम से पूर्व पदोन्नति देने के लिए कार्यक्रम में पहुंचे।

    बालाघाट 

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव नक्सली मुठभेड़ में अदम्य साहस दिखाने वाले 60 जवानों को क्रम  से पूर्व पदोन्नति देने के लिए बालाघाट पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सलामी लेने के बाद अमर जवान ज्योति पर पुष्प चक्र अर्पित कर प्रदेश की शांति और सुरक्षा के लिए शहीद होने वाले जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ यादव को पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका अभिवादन किया गया। इस अवसर पर पुलिस जवानों ने "वो बांके अलबेले- जो वापस न लौटे- इस मिट्टी के बेटे" गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने "नक्सल संस्मरण" पुस्तक का विमोचन किया। कार्यक्रम में परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह सांसद श्रीमती भारती पारधी ,पूर्व मंत्री गौरी शंकर बिसेन, एडीजी नक्सल विरोधी अभियान वेंकटेश्वर राव, पुलिस अधीक्षक बालाघाट आदित्य मिश्रा सहित विधायक गण जनप्रतिनिधि , पुलिस जवान तथा शहीद जवानों के परिजन उपस्थित रहे।

  • विकसित उत्तर प्रदेश 2047- कृषि, पशुपालन व मत्स्य पालन

    विकसित उत्तर प्रदेश 2047- कृषि, पशुपालन व मत्स्य पालन

    कृषि, पशुपालन व मत्स्य पालन

    किसानों के लिए अब खुशी का माध्यम बनी कृषि 

    विधान मंडल के बजट सत्र में योगी सरकार ने प्रस्तुत किया आर्थिक सर्वेक्षण  

    विकसित उत्तर प्रदेश 2047- कृषि को आधुनिक व किसानों को समृद्ध बनाने के लिए लक्ष्य निर्धारित 

    लखनऊ,
     योगी सरकार ने विधान मंडल के बजट सत्र में आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया। योगी सरकार ने प्रदेश के विकास में कृषि व किसान को प्राथमिकता में रखा। लागत कम और उत्पादन अधिक पर जोर देकर योगी सरकार ने अन्नदाता किसानों को समृद्ध किया। योगी सरकार ने कृषि, पशुपालन व मत्स्य पालन में आर्थिक सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश की सफलतम कहानी का जिक्र किया। 

    कृषि व संबद्ध क्षेत्रों का अर्थव्यवस्था में योगदान बढ़कर हुआ 24.9 प्रतिशत 
    आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक 2017-18 के सापेक्ष 2024-25 में कृषि व संबद्ध क्षेत्रों का अर्थव्यवस्था में योगदान 24 प्रतिशत से बढ़कर 24.9 प्रतिशत हो गया। 2024-25 में 737.4 लाख मीट्रिक टन के साथ खाद्यान्न उत्पादन में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्य है। 2017-18 से 2024-25 की अवधि में कुल खाद्यान्न उत्पादन में 28.5 प्रतिशत तथा उत्पादकता में 11.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ प्रदेश में कुल खाद्यान्न उत्पादन का देश में योगदान 18.1 प्रतिशत से बढ़कर 20.6 प्रतिशत हो गया। फसलों का प्रति हेक्टेयर सकल मूल्यवर्धन वर्ष 2017-18 में 0.98 लाख प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 2024-25 में 1.73 लाख प्रति हेक्टेयर हो गया है। 2023-24 व 2024-25 में खरीफ, रबी फसलों के क्षेत्रफल, उत्पादन व उत्पादकता में काफी परिवर्तन हुआ। राज्य के कृषि सकल मूल्य वर्धन (जीवीओ) में धान की हिस्सेदारी 13.1 प्रतिशत है। धान के क्षेत्रफल में 19.4 प्रतिशत, उत्पादन में 23.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उत्पादकता भी 3.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2024-25 में 29.4 कुंतल प्रति हेक्टेयर हो गई है। रबी फसलों की बात करें तो 2023-24 व 2024-25 में प्रदेश की क्षेत्रफल, उत्पादन व उत्पादकता में भी वृद्धि हुई है। रबी फसल गेहूं की कृषि सकल मूल्य वर्धन (जीवीओ) में 18.7 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके क्षेत्रफल में 2.6 प्रतिशत, उत्पादन में 6.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उत्पादकता भी 3.5 प्रतिशत बढ़कर 41.2 कुंतल प्रति हेक्टेयर हो गई है। राज्य सरकार की नीतियों (दलहन-तिलहन मिशन, बागवानी विकास कार्यक्रम, एमएसपी और सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं ने फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा दिया है। 2017-18 से 2024-25 के बीच दलहन का क्षेत्रफल 22.64 से बढ़कर 25.66 लाख हेक्टेयर हो गया है। तिलहन का क्षेत्रफल 10.87 से बढ़कर 28.8 लाख हेक्टेयर (लगभग 165 प्रतिशत वृद्धि) हो गया। 

    कृषि विकास के लिए संचालित की जा रहीं महत्वपूर्ण योजनाएं व कार्यक्रम 

    उर्वरक वितरण: 2017-18 से नवम्बर, 2025 तक कुल 806.70 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया।

    कृषि रक्षा रसायनः 2017-18 से नवम्बर, 2025 तक कुल 1,52,960.11 मीट्रिक टन/किलोलीटर कृषि रक्षा रसायन वितरित किए गए।

    फसली ऋण वितरणः 2017-18 से नवम्बर, 2025 तक कुल रु.1,34,2978.3 करोड़ फसली ऋण वितरित किया गया।

    पीएम-किसान सम्मान निधि : वर्ष 2018-19 से माह नवम्बर 2025 तक कुल 21 किस्तों में 3.12 करोड़ किसानों को कुल रु० 94,668.58 करोड़ की धनराशि डी०बी०टी० के माध्यम से हस्तांतरित की गयी।

    प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनाः वर्ष 2017-18 से वर्ष 2024-25 तक कुल 61.98 लाख बीमित किसानों को रु० 5110.23 करोड़ धनराशि की क्षतिपूर्ति दी गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 के माह नवम्बर तक कुल 2.03 लाख कृषकों को रु० 138.89 करोड़ की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जा चुका है।

    खेत तालाब योजनाः वर्ष 2017-18 से नवम्बर, 2025 तक कुल 32,732 खेत तालाब का निर्माण कराया गया।

    एम-पैक्स सदस्यता महाअभियान-2025- इसके तहत 24 लाख सदस्य बनाये गए। 43 करोड़ की राशि एकत्र एवं जिला सहकारी बैंक में 2 लाख से अधिक खाते खोले गए एवं 550 करोड़ रुपये जमा किए गए।

    प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान (पीएम कुसुम) योजनाः वर्ष 2017-18 से नवम्बर, 2025 तक किसानों के प्रक्षेत्रों पर कुल 86,128 सोलर पम्प की स्थापना की गई। 

    भारत का बीज उत्पादन केंद्र बनने की क्षमता प्राप्त करेगा उत्तर प्रदेश 
    सीड पार्क- उत्तर प्रदेश में बीज पार्कों की स्थापना : कृषि आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 5 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में एक-एक उन्नत बीज पार्क की स्थापना की जा रही है। यह निर्णय प्रदेश को कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक साबित होगा। पहला पार्क लखनऊ के अटारी क्षेत्र में 130.63 एकड़ भूमि पर 266.70 करोड़ के निवेश से बनेगा, जहाँ बीज प्रसंस्करण, स्पीड ब्रीडिंग, हाइब्रिड बीज विकास की सुविधा होगी। इससे ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नये अवसर भी उत्पन्न होंगे।

    *सीड पार्कों की स्थापना से बाहर से बीज आयात पर निर्भरता घटने के साथ उच्च गुणवत्ता वाले बीजों से उत्पादकता बढ़ेगी, जिससे बेहतर उत्पादन होगा और आय में वृद्धि होगी। यह कदम उत्तर प्रदेश को कृषि आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करेगा तथा आने वाले वर्षों में प्रदेश भारत का बीज उत्पादन केंद्र बनने की क्षमता प्राप्त करेगा।

    बागवानी फसलों के संवर्धन हेतु संचालित योजनाएं एवं कार्यक्रम
    प्रदेश में 2024-25 में कुल बागवानी का क्षेत्रफल 2566.4 हेक्टेयर व उत्पादन 60339.8 मीट्रिक टन है। आम, आलू, मटर, सब्जी, शहद के उत्पादन में यूपी देश का अग्रणी राज्य है। केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा बागवानी क्षेत्र के विकास के लिए एकीकृत बागवानी विकास मिशन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, पर ड्राप मोर क्राप योजना तथा फल पट्टियों के विकास हेतु अनेक कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। प्रदेश में हाईटेक नर्सरी की स्थापना, टिश्यू कल्चर से केला, पपीता जैसे फलदार बागों के रोपण, मशरूम उत्पादन, पोली हाउस व शेडनेट हाउस की स्थापना, मधुमक्खी पालन, शीत गृहों की स्थापना एवं क्षमता विस्तार हेतु अनुदान भी दिया जा रहा है।

    प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-पर ड्राप मोर क्रॉप माइक्रोइरीगेशन के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 से पर ड्राप मोर क्राप माइक्रोइरीगेशन उपघटक के रूप में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अन्तर्गत समस्त जनपदों में संचालित की जा रही है। वर्ष 2023-24 के 18,257 हे० की तुलना में 2024-25 के 37,627 हे० तथा ड्रिप सिंचाई में 42,450 हे० के सापेक्ष 64,711 हे० माइक्रोइरीगेशन किया गया।

    आलू बीज उत्पादन एवं वितरण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश में उच्च गुणवत्तायुक्त आलू उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए आलू उत्पादकों को उच्चकोटि के रोग रहित आलू बीज उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, शिमला (हिमाचल प्रदेश) से ब्रीडर आलू बीज प्राप्त करके उसका संवर्धन चयनित राजकीय प्रक्षेत्रों पर आधारित प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी में कराया जाता है। तदोपरांत उत्पादित आलू बीज का वितरण, आलू उत्पादकों में जनपदीय उद्यान अधिकारियों के माध्यम से कराया जाता है। वर्ष 2024-25 में भारत सरकार द्वारा 7,014 कुन्तल ब्रीडर आलू बीज प्राप्त हुआ। 41,875.5 कुन्तल आलू बीज का उत्पादन हुआ एवं 40,976.63 कुन्तल आलू बीज प्रदेश के विभिन्न जनपदों के आलू उत्पादक कृषकों के मध्य वितरित किया गया।

    भारत का फूड प्रोसेसिंग हब बनकर उभर रहा उत्तर प्रदेश 
    उत्तर प्रदेश तेजी से भारत का फूड प्रोसेसिंग हब बनकर उभर रहा है। यूपी के आगरा व फर्रुखाबाद में अत्याधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट्स लगाए जा रहे हैं। इन संयंत्रों को कांट्रैक्ट फॉर्मिंग और कोल्ड स्टोरेज नेटवर्क का मजबूत आधार प्राप्त है। यूपी में लगभग 65,000 फूड प्रोसेसिंग इकाइयां संचालित हैं। इनसे करीब 2.55 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। सरकार का लक्ष्य हर जिले में न्यूनतम 1,000 प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित करना है, जिससे खेती को मूल्य संवर्धन व रोजगार के अवसर मिलेंगे। अब तक 15 से अधिक एग्रो व फूड प्रोसेसिंग पार्क विकसित किए हैं। इनमें बरेली, बाराबंकी, वाराणसी और गोरखपुर प्रमुख हैं।

    प्रदेश की पांच में से चार महिला कृषि क्षेत्र में कर रहीं कार्य 
    आर्थिक सर्वेक्षण में बताया गया कि आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण रिपोर्ट 2023-24 के अनुसार प्रदेश की कुल कार्यरत जनसंख्या का 53.2 प्रतिशत कृषि व संबद्ध क्षेत्रों में कार्यरत है। प्रदेश में कुल कार्यरत महिलाओं का 78.8 प्रतिशत और पुरुषों का 44.0 प्रतिशत कृषि व संबद्ध क्षेत्र में कार्यरत है, जिससे प्रदर्शित होता है कि प्रदेश में पांच में से चार कार्यरत महिलाएं कृषि क्षेत्र में कार्यरत हैं। कृषि व पशुपालन के माध्यम से महिलाएं घर-परिवार की आय में सबसे बड़ा योगदान दे रही हैं। वहीं भूमि सुधार के दृष्टिगत भारत सरकार की मदद से प्रदेश में भूमि के उचित प्रबंधन के लिए भू आधार या विशिष्ट भूमि पार्सल पहचान संख्या (यूएलपीआईएन) प्रणाली प्रारंभ की गई। इससे न केवल सुविधाजनक रियल एस्टेट लेनदेन, बल्कि संपत्ति कराधान, आपदा योजना और प्रतिक्रिया प्रयासों में भी रचनात्मक सुधार प्रदर्शित हुआ है। 

    सिंचित भूमि व फसल सघनता 
    2024-25 में सिंचाई परियोजनाओं पर 3753.98 करोड़ व्यय किया गया। 2017-18 में प्रदेश का 2.16 करोड़ हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र, 27.8 प्रतिशत बढ़कर 2024-25 में 2,76,08,929 हेक्टेयर हो गया। यह लगभग 60 लाख हेक्टेयर की महत्वपूर्ण वृद्धि को दर्शाता है। यूपी में फसल सघनता राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है। 2024-25 में यह और बढ़कर 193.7 प्रतिशत हो गई है। 

    पशुपालन
    उत्तर प्रदेश विशाल पशु संख्या वाला राज्य है। बुनियादी पशुपालन सांख्यिकी 2025 के अनुसार उत्तर प्रदेश देश के दुग्ध उत्पादन में 15.66 प्रतिशत का अंशदान करता है। यह उत्पादन की दृष्टि से देश में प्रथम स्थान पर है। प्रदेश का दुग्ध उत्पादन वर्ष 2017-18 में 290.52 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 2024-25 के अनुमान के अनुसार 388.15 लाख मीट्रिक टन हो गया। 2017-18 में अंडा उत्पादन 244 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में 611 करोड़ (367 करोड़ अधिक) हो गया है।  

    मत्स्य 
    मछली व जलीय कृषि उत्पादन में भारत दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है। विश्व मछली उत्पादन में भारत का योगदान लगभग 8 प्रतिशत है। प्रदेश की नदियों में मछलियों की लगभग 124 प्रजातियां पाई जाती हैं। 2017-18 से वर्ष 2024-25 की अवधि में मत्स्य उत्पादन 6.3 लाख मीट्रिक टन से 111.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 13.31 लाख मीट्रिक टन हो गया। 2025-26 में मछली उत्पादन में 15.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 

     

    • विकसित उत्तर प्रदेश 2047- कृषि को आधुनिक व किसानों को समृद्ध बनाने के लिए लक्ष्य निर्धारित 
    • 2047 तक उत्तर प्रदेश को विकसित प्रदेश बनाने की दिशा में दीर्घकालिक सकारात्मक प्रयास करते हुए प्रदेश की कृषि को आधुनिक, लाभदायक एवं किसानों को समृद्ध तथा खुशहाल बनाने के लिए निम्न लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। 
    • फसल सघनता को 193.66% (2024-25) से बढ़ाकर 250% करना।
    • फसलों की उत्पादकता और उत्पादन में वृद्धि।
    • हरी खाद, कम्पोस्ट और जैव उर्वरक से मिट्टी का जीवांश कार्बन स्तर 0.8 से 1.0 तक बढ़ाना।
    • 30 लाख हेक्टेयर बंजर भूमि को कृषि योग्य बनाना।
    • एआई आधारित उपकरणों से 75% तक मशीनीकृत कृषि सुनिश्चित करना।
    • गन्ना खेती के साथ सहफसली कृषि को बढ़ावा।
    • कृषि वानिकी और बीज पार्क की स्थापना।
    • किसानों की आय को तीन गुना करना।
    • स्मार्ट फसल विविधीकरण और सतत कृषि उत्पादन को प्रीत्साहन।
    • एग्री-टेक और डिजिटल प्लेटफॉर्म का विकास।
    • पेस्ट मॉनिटरिंग और सर्विलांस से रोग व कीट नियंत्रण।
    • माइक्रो इरिगेशन को बढ़ावा।
    • नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु अनुकूल कृषि को प्रोत्साहन ।
    • कृषि इनोवेशन केंद्र, फसल बीमा, निर्यात और प्रसंस्करण क्लस्टर के माध्यम से विकास