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  • गुरुकुल परंपरा एवं नैतिक शिक्षा के समन्वय पर बल:  रूपनारायण सिन्हा

    गुरुकुल परंपरा एवं नैतिक शिक्षा के समन्वय पर बल: रूपनारायण सिन्हा

    रायपुर.

    गुरुकुल परंपरा एवं नैतिक शिक्षा के समन्वय पर बल:  रूपनारायण सिन्हा

    आधुनिक शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों एवं शिष्टाचार का समावेश अत्यंत आवश्यक है। गुरुकुल परंपरा की मूल भावना को अपनाते हुए बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देना समय की आवश्यकता है।उक्त विचार  रूपनारायण सिन्हा अध्यक्ष छत्तीसगढ़ योग आयोग द्वारा पीएम  प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला अखरा (पाटन), जिला दुर्ग के वार्षिकोत्सव एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त किए गए।

     सिन्हा ने कहा कि पीएम  विद्यालय की संकल्पना माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में की गई है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधायुक्त, गुणवत्तापूर्ण एवं समग्र शिक्षा प्रदान करना है। इस पहल के अंतर्गत शिक्षा के साथ-साथ संगीत, खेल एवं योग जैसी गतिविधियों को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है।

     कार्यक्रम की अध्यक्षता जितेंद्र वर्मा द्वारा की गई। अतिथियों का शाला प्रबंधन समिति द्वारा पुष्पगुच्छ, शाल, फल एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर स्वागत किया गया।

    वार्षिकोत्सव के अवसर पर विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना, योगासन एवं विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रभावी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, खेल एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को मेडल, ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह में जनप्रतिनिधिगण, शाला प्रबंधन समिति के सदस्य, शिक्षकगण एवं अभिभावकगण उपस्थित रहे।

  • राज्य निर्वाचन आयोग का स्थापना दिवस 16 फरवरी को, पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त रावत होंगे मुख्य अतिथि

    राज्य निर्वाचन आयोग का स्थापना दिवस 16 फरवरी को, पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त रावत होंगे मुख्य अतिथि

    राज्य निर्वाचन आयोग का स्थापना दिवस समारोह 16 फरवरी को
    पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त  रावत होंगे मुख्य अतिथि

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग का 32वां स्थापना दिवस समारोह 16 फरवरी को सुबह 11 बजे से आयोजित किया जायेगा। समारोह के मुख्य अतिथि भारत निर्वाचन आयोग के पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त  ओ.पी. रावत होंगे।  रावत "वन नेशन-वन इलेक्शन में स्थानीय निर्वाचन की भूमिका" विषय पर व्याख्यान देंगे।

    पूर्व राज्य निर्वाचन आयुक्त  आर परशुराम "स्थानीय निर्वाचन में सुधार की चुनौतियाँ" विषय पर उद्बोधन देंगे। दैनिक भास्कर, स्कूल ऑफ जर्नलिज्म के विभागाध्यक्ष  नरेन्द्र कुमार सिंह "जमीनी लोकतंत्र में पारदर्शी एवं निष्पक्ष चुनाव" विषय पर और एडवोकेट  सिद्धार्थ सेठ स्थानीय निर्वाचन में न्यायालयीन सबक" विषय पर उद्बोधन देंगे।

    सचिव राज्य निर्वाचन आयोग  दीपक सिंह ने बताया है कि समारोह में आयोग के निर्वाचन साहित्य-ई बुक का विमोचन और प्रेक्षा मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया जायेगा। साथ ही स्थानीय निर्वाचन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी को प्रशस्ति पत्र भी वितरित किये जायेंगे।

     

  • CJI सूर्यकांत का बड़ा बयान: RERA दागी बिल्डरों को फायदा पहुंचा रही है, इसे खत्म किया जाना चाहिए

    CJI सूर्यकांत का बड़ा बयान: RERA दागी बिल्डरों को फायदा पहुंचा रही है, इसे खत्म किया जाना चाहिए

    नई दिल्ली

    उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को कहा कि सभी राज्यों के लिए रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (RERA) के गठन पर पुनर्विचार करने का यह सही समय है क्योंकि यह संस्था दागी बिल्डरों को सुविधा प्रदान करने के अलावा कुछ नहीं कर रही है। प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि जिन लोगों के लिए RERA बनाया गया था, वे 'पूरी तरह से निराश और हताश' हैं।

    पीठ ने जोर देकर कहा कि अगर इस संस्था को समाप्त कर दिया जाए तो उसे कोई आपत्ति नहीं होगी। पीठ ने हिमाचल प्रदेश सरकार को RERA के कार्यालय को अपनी पसंद के स्थान पर स्थानांतरित करने की अनुमति देते हुए ये टिप्पणियां कीं। हिमाचल प्रदेश सरकार और अन्य द्वारा दायर याचिका पर पीठ ने नोटिस जारी किया, जिसमें हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी गई थी जो राज्य के RERA कार्यालय को शिमला से धर्मशाला स्थानांतरित करने से संबंधित था।

    उच्च न्यायालय ने इससे पहले RERA कार्यालय के स्थानांतरण से संबंधित जून 2025 की अधिसूचना पर अगले आदेश तक रोक लगा दी थी। बाद में, 30 दिसंबर 2025 को अपने आदेश में, उच्च न्यायालय ने अंतरिम आदेश को जारी रखने का निर्देश दिया। उच्चतम न्यायालय ने 30 दिसंबर के उच्च न्यायालय के निर्देश पर रोक लगा दी है।

    CJI भड़के

    प्रधान न्यायाधीश ने कहा, 'दागी बिल्डरों को सुविधा देने के अलावा यह संस्था (RERA) कुछ नहीं कर रही है। बेहतर होगा कि इस संस्था को समाप्त कर दिया जाए, हमें इसमें कोई आपत्ति नहीं है …अब समय आ गया है कि सभी राज्य इस प्राधिकरण के गठन पर ही पुनर्विचार करें।'

    राज्य सरकार ने अधिवक्ता सुगंधा आनंद के माध्यम से उच्चतम न्यायालय में दायर अपनी याचिका में कहा कि हिमाचल प्रदेश RERA कार्यालय को शिमला से धर्मशाला स्थानांतरित करने का निर्णय शिमला शहर में भीड़भाड़ कम करने के लिए लिया गया था। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से प्रशासनिक कारणों पर आधारित था।

    प्रतिवादी की ओर से पेश एक वकील ने कहा कि प्राधिकरण जिन परियोजनाओं से संबंधित मामलों को देखता है, उनमें से 90 प्रतिशत शिमला, सोलन, परवानू और सिरमौर में हैं, जो अधिकतम 40 किलोमीटर के दायरे में आते हैं। उन्होंने कहा कि RERA के समक्ष लंबित शिकायतों में से लगभग 92 प्रतिशत इन्हीं जिलों से हैं, और धर्मशाला में केवल 20 परियोजनाएं हैं।

  • विश्व रेडियो दिवस: मुख्यमंत्री बोले – जनजागरूकता का सशक्त माध्यम है रेडियो

    विश्व रेडियो दिवस: मुख्यमंत्री बोले – जनजागरूकता का सशक्त माध्यम है रेडियो

    रायपुर.

    मुख्यमंत्री विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में हुए शामिल

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वंदे मातरम के नए गायन संस्करण का पेन ड्राइव लॉन्च किया।       

     मुख्यमंत्री  साय ने सभी को विश्व रेडियो दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए आकाशवाणी रायपुर और यूनेस्को को इस खास आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष का विषय ‘रेडियो और एआई’ अत्यंत सामयिक और उपयोगी है। सूचना क्रांति के इस युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग सभी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में एआई के माध्यम से रेडियो को और अधिक जनोपयोगी बनाने पर गंभीर चिंतन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सही समय पर सही जानकारी नागरिकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और इसमें रेडियो की भूमिका शुरू से ही अत्यंत प्रभावी रही है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आकाशवाणी देश का सबसे भरोसेमंद समाचार प्रसारक है। निजी चैनलों के बीच तेज़ी से खबरें देने की प्रतिस्पर्धा के बावजूद आकाशवाणी ने अपनी विश्वसनीय, संतुलित और जनहितकारी सूचना परंपरा को बनाए रखा है। 
               
    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में यह सूचना, शिक्षा और स्वस्थ मनोरंजन का सशक्त माध्यम है। उन्होंने रेडियो से जुड़ी अपनी स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि जब दूरस्थ गांवों तक किसी अन्य माध्यम की पहुंच नहीं थी, तब रेडियो ही देश-दुनिया से जुड़ने का एकमात्र माध्यम था। किसानों और ग्रामीण अंचलों के लिए आकाशवाणी आज भी विशेष भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ जैसे लोकप्रिय कार्यक्रम के लिए रेडियो का चयन इसकी व्यापक पहुंच और प्रभाव को दर्शाता है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आकाशवाणी के छह स्टेशन संचालित हैं तथा रायपुर से विविध भारती सेवा प्रसारित हो रही है। 
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘रेडियो और एआई’ संचार के क्षेत्र में नई क्रांति ला सकता है। एआई की मदद से कंटेंट को अधिक प्रभावी, सटीक और त्वरित बनाया जा सकता है। आपातकालीन सूचनाएं, मौसम पूर्वानुमान, कृषि सलाह और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी अधिक तेजी और सटीकता से प्रसारित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ डिजिटल भविष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। नवा रायपुर में देश का पहला एआई डेटा सेंटर पार्क स्थापित किया जा रहा है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और तकनीकी सुरक्षा के क्षेत्र में नए अवसर सृजित होंगे। नई औद्योगिक नीति के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है और डिजिटल तकनीक के जरिए अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आकाशवाणी के माध्यम से छत्तीसगढ़ी, गोंडी और हल्बी भाषाओं में प्रसारण से स्थानीय जुड़ाव मजबूत हुआ है और श्रोताओं की रुचि में वृद्धि हुई है। 

    अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि रेडियो की विश्वसनीयता और एआई की गति मिलकर जनसेवा को और अधिक सशक्त बनाएंगी और विकसित भारत के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प सभी के सहयोग से अवश्य साकार होगा।
              
    कार्यक्रम में यूनेस्को के रीजनल एडवाइजर ऑफ कम्युनिकेशन एंड इनफॉर्मेशन सु हज़्ज़ाज़ मा'अली ने सभी को विश्व रेडियो दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि रेडियो पूरी दुनिया में सबसे अधिक पहुंच रखता है और सबसे अधिक भरोसे वाला माध्यम है। रेडियो ने कठिन समय में भी अपनी विश्वसनीयता बनाए रखते हुए दुनिया को सही सूचनाएं प्रदान की। सु अली ने कहा कि एआई के माध्यम से रेडियो को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है और इस दिशा में ठोस प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि आकाशवाणी रायपुर छत्तीसगढ़ी और हिंदी भाषा में पूरे प्रदेश विशेषकर आदिवासी बहुल क्षेत्रों तक अपनी सेवाएं दे रहा है। सु अली ने कहा कि यूनेस्को रेडियो के विस्तार के लिए आकाशवाणी के साथ मिलकर नवाचार और तकनीकी पहलुओं पर लगातार सहयोग करेगा। 
               
    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष  शशांक शर्मा, आकाशवाणी के महानिदेशक  राजीव कुमार जैन, उप महानिदेशक  व्ही. राजेश्वर, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

  • हॉलीवुड में फरहान अख्तर की एंट्री, डेब्यू फिल्म में बनेंगे म्यूजिकल माइस्त्रो

    हॉलीवुड में फरहान अख्तर की एंट्री, डेब्यू फिल्म में बनेंगे म्यूजिकल माइस्त्रो

    मुंबई

    बॉलीवुड के सबसे टैलेंटिड आर्टिस्ट के तौर पर जानें जाने वाले फरहान अख्तर इंडस्ट्री के सबसे बड़े नामों में से एक के तौर पर मशहूर हैं. फरहान एक एक्टर, डायरेक्टर, म्यूजिशियन, राइटर और फिल्म प्रोड्यूसर हैं, जो उन्हें इंडस्ट्री के बाकी सितारों में काफी अलग बनाता है.

    फरहान एक एक्टर, डायरेक्टर, म्यूजिशियन, राइटर और फिल्म प्रोड्यूसर हैं, जो उन्हें इंडस्ट्री के बाकी सितारों में काफी अलग बनाता है. फरहान बीते कुछ दिनों से अपनी फिल्म डॉन 3 को लेकर चर्चा में है. उनकी प्रोडक्शन कंपनी एक्सेल और एक्टर रणवीर सिंह के बीच चल रही तकरार के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है.

    फरहान बीते कुछ दिनों से अपनी फिल्म डॉन 3 को लेकर चर्चा में है. उनकी प्रोडक्शन कंपनी एक्सेल और एक्टर रणवीर सिंह के बीच चल रही तकरार के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. मीडियो रिपोर्ट्स की मानें तो एक्टर बॉलीवुड में शानदार पारी खेलने के बाद अब अपना हॉलीवुड डेब्यू करने के लिए तैयार हैं.

    मीडियो रिपोर्ट्स की मानें तो एक्टर बॉलीवुड में शानदार पारी खेलने के बाद अब अपना हॉलीवुड डेब्यू करने के लिए तैयार हैं. फरहान ने ऑस्कर विनिंग डायरेक्टर सैम मेंडेस के साथ हाथ मिलाया है. एक्टर सैम की अगली फिल्म 'द बीटल्स: ए फोर फिल्म सिनेमैटिक इवेंट' में म्यूजिक माइस्त्रो पंडित रवि शंकर के किरदार में नजर आ सकते हैं. एक्टर सैम की अगली फिल्म 'द बीटल्स: ए फोर फिल्म सिनेमैटिक इवेंट' में म्यूजिक माइस्त्रो पंडित रवि शंकर के किरदार में नजर आ सकते हैं. ये फिल्म अमेरिकी इतिहास के सबसे बड़े और फेमस बैड्स में से एक द बीटल्स की जर्नी को अलग-अलग पर्सपेक्टिव से दिखाएगी. फिल्म में द बीटल्स के इंडियन क्लासिकल म्यूजिक को लेकर प्यार को दिखाया जाएगा.

    ये फिल्म अमेरिकी इतिहास के सबसे बड़े और फेमस बैड्स में से एक द बीटल्स की जर्नी को अलग-अलग पर्सपेक्टिव से दिखाएगी. फिल्म में द बीटल्स के इंडियन क्लासिकल म्यूजिक को लेकर प्यार को दिखाया जाएगा. सितार वादक रवि शंकर से द बीटल्स म्यूजिक बैंड के जॉर्ज हैरिसन काफी प्रभावित थे. 1960 के दशक में द बीटल्स म्यूजिक बैंड ने इंडियन क्लासिकल म्यूजिक को अपने गानों में शामिल किया था. सितार वादक रवि शंकर से द बीटल्स म्यूजिक बैंड के जॉर्ज हैरिसन काफी प्रभावित थे. 1960 के दशक में द बीटल्स म्यूजिक बैंड ने इंडियन क्लासिकल म्यूजिक को अपने गानों में शामिल किया था. इसकी झलक बीटल्स के कई गानों में देखने को मिलती है. ये वो दौर था, जब इंडियन म्यूजिक और हॉलीवुड सॉन्ग्स के इस फ्यूजन को दुनियाभर में खूब पसंद किया गया था. इसकी झलक बीटल्स के कई गानों में देखने को मिलती है. ये वो दौर था, जब इंडियन म्यूजिक और हॉलीवुड सॉन्ग्स के इस फ्यूजन को दुनियाभर में खूब पसंद किया गया था.

  • IPL 2026: जडेजा और यशस्वी नहीं, इस खिलाड़ी को मिल सकती है RR की कप्तानी

    IPL 2026: जडेजा और यशस्वी नहीं, इस खिलाड़ी को मिल सकती है RR की कप्तानी

    जयपुर 

    इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 से पहले राजस्थान रॉयल्स (RR) ने बड़ा दांव खेल दिया है. 24 साल के रियान पराग को टीम का नया कप्तान बनाए जाने की तैयारी पूरी हो चुकी है. यह फैसला ऐसे समय आया है जब लंबे समय तक टीम की कमान संभालने वाले संजू सैमसन का ट्रेड होकर चेन्नई सुपर किंग्स (CSK)  में जाना लगभग तय हो गया है. इस ट्रेड के बदले राजस्थान को दो अनुभवी ऑलराउंडर- रवींद्र जडेजा और सैम करन मिले हैं, जिससे टीम का संतुलन तो मजबूत हुआ है, लेकिन नेतृत्व में बदलाव अनिवार्य हो गया.

    पहले भी संभाल चुके हैं कमान

    रियान पराग के लिए कप्तानी बिल्कुल नई जिम्मेदारी नहीं है. पिछले सीजन में जब संजू सैमसन चोट के कारण आठ मैच नहीं खेल पाए थे, तब पराग ने टीम की अगुवाई की थी. उन आठ मुकाबलों में राजस्थान को सिर्फ दो जीत मिलीं, लेकिन व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिहाज से पराग प्रभावशाली रहे. उन्होंने 38.57 की औसत से रन बनाए और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ Eden Gardens में 95 रनों की करियर-बेस्ट पारी खेलकर अपनी नेतृत्व क्षमता और बल्लेबाजी कौशल दोनों का परिचय दिया.

    इंटरव्यू के बाद हुआ फैसला!

    सूत्रों के मुताबिक, हेड कोच कुमार संगकारा ने कप्तानी के लिए कुछ खिलाड़ियों का इंटरव्यू लिया था, जिनमें पराग सबसे आगे रहे. टीम मैनेजमेंट युवा नेतृत्व की ओर बढ़ना चाहता था और पराग की फ्रेंचाइजी के साथ लंबी प्रतिबद्धता ने भी उनके पक्ष में काम किया.

    यह बदलाव ऐसे समय आया है, जब टीम के सपोर्ट स्टाफ में भी हलचल रही. 2025 सीजन में टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा- 14 में से सिर्फ चार मैच जीतकर राजस्थान की टीम अंकतालिका में नीचे से दूसरे स्थान पर रही. इसी सीजन के बाद राहुल द्रविड़ ने फ्रेंचाइजी से अलग होने का फैसला किया. अब नए कप्तान और नए कोचिंग ढांचे के साथ टीम नई शुरुआत की ओर देख रही है.

    2019 से लगातार राजस्थान के साथ

    रियान पराग ने 2019 में आईपीएल डेब्यू किया था और तब से वे लगातार राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा हैं. पिछले दो सीजन में उन्हें सभी मैच खेलने का मौका मिला. 2024 का सीजन उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ रहा, जब उन्होंने 573 रन बनाए. इस दौरान एवरेज 52.09 और स्ट्राइक रेट 149.21 का रहा. यह प्रदर्शन उन्हें टीम का बल्लेबाजी स्तंभ साबित करता है.

    अब तक वे राजस्थान के लिए 84 मैच खेल चुके हैं, जिनमें 1566 रन और 7 विकेट उनके नाम हैं. आंकड़े बताते हैं कि पराग सिर्फ भविष्य की परियोजना नहीं, बल्कि वर्तमान की जरूरत भी हैं.

    नई दिशा, नई उम्मीद

    संजू सैमसन ने 11 सीजन तक राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया और पिछले सीजन के बाद बदलाव की इच्छा भी जताई थी. ऐसे में फ्रेंचाइजी ने युवा चेहरे पर दांव लगाकर दीर्घकालिक रणनीति अपनाई है.

    राजस्थान रॉयल्स (25 खिलाड़ी): यशस्वी जायसवाल, रियान पराग, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), वैभव सूर्यवंशी, शुभम दुबे, युद्धवीर सिंह, संदीप शर्मा, तुषार देशपांडे, शिमरॉन हेटमायर, लुआन-ड्रे प्रीटोरियस, जोफ्रा आर्चर, क्वेना मफाका, नांद्रे बर्गर, रवींद्र जडेजा (चेन्नई से ट्रेड), सैम करन (चेन्नई से ट्रेड), डोनोवन फरेरा (दिल्ली से ट्रेड), रवि बिश्नोई, सुशांत मिश्रा, यश राज पुंजा, विघ्नेश पुथुर, रवि सिंह, अमन राव, ब्रिजेश शर्मा, एडम मिल्ने और कुलदीप सेन.
     

  • वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास की सुरक्षा और सह-अस्तित्व के सिद्धांतों के अनुरूप हो सभी गतिविधियों का संचालन : मुख्यमंत्री  साय

    वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास की सुरक्षा और सह-अस्तित्व के सिद्धांतों के अनुरूप हो सभी गतिविधियों का संचालन : मुख्यमंत्री साय

    रायपुर.

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य वन्य जीव बोर्ड की बैठक संपन्न

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव बोर्ड की 16वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में बोर्ड की 15वीं बैठक के पालन प्रतिवेदन तथा नवीन एजेंडों पर चर्चा उपरांत प्रस्तावों को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड के निर्णय हेतु प्रेषित करने पर सहमति बनी।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि वन्यजीव हमारी प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं और उनके संरक्षण–संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सतत निगरानी, अवैध गतिविधियों पर रोक तथा उनकी सुरक्षा के लिए जनभागीदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही, वनों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाने और युवाओं की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री ने न्यूनतम हस्तक्षेप के सिद्धांत को अपनाते हुए अत्यावश्यक कार्यों को ही वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में बिना किसी छेड़छाड़ के पूर्ण करने पर बल दिया। उन्होंने सह-अस्तित्व के सिद्धांतों के अनुरूप सभी गतिविधियों के संचालन की बात कही।         

    बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति (Standing Committee of State Board for Wildlife) के गठन को मंजूरी दी गई। स्थायी समिति का गठन वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री की अध्यक्षता में किया जाएगा, जिसमें 11 अन्य सदस्य शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि वन्य प्राणियों की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में होने वाले कार्यों के प्रस्तावों पर राज्य वन्यजीव बोर्ड का अभिमत अनिवार्य होता है। बोर्ड की बैठकों के बीच अधिक अंतराल के कारण प्रस्तावों की स्वीकृति में विलंब की स्थिति बनती है। स्थायी समिति के गठन से वैधानिक मंजूरियों के त्वरित निपटान तथा वन्यजीव प्रबंधन से संबंधित मुद्दों के शीघ्र निराकरण में सहायता मिलेगी।    

    बैठक में उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व अंतर्गत बरबांधा जलाशय में बांध एवं नहरों के जीर्णोद्धार एवं नवीन कार्य, पीएम जनमन योजना के अंतर्गत कबीरधाम जिले के कवर्धा वनमंडल में पंडरीपानी मेन रोड से सौरु तक मार्ग मजबूतीकरण, गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने से संबंधित 6 प्रस्ताव, सेमरसोत अभ्यारण्य में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने, उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में सीआरपीएफ कैंप की स्थापना तथा उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने के प्रस्तावों का अनुमोदन कर उन्हें राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्वीकृति हेतु प्रेषित करने पर सहमति दी गई।              

    कार्यक्रम में वन मंत्री  केदार कश्यप, विधायक  धर्मजीत सिंह, मुख्य सचिव  विकास शील, अपर मुख्य सचिव मती ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  व्ही. निवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव)  अरुण कुमार पाण्डेय सहित बोर्ड के अन्य सदस्य एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

  • विमेंस राउंड 1 में गुंतास कौर संधू का शानदार प्रदर्शन, भारत की टॉप खिलाड़ी बनीं

    विमेंस राउंड 1 में गुंतास कौर संधू का शानदार प्रदर्शन, भारत की टॉप खिलाड़ी बनीं

    वेलिंगटन (न्यूज़ीलैंड)
    भारत की गुंतास कौर संधू ने गुरुवार को यहां रॉयल वेलिंगटन गोल्फ क्लब में वन-अंडर 71 का कार्ड खेला और विमेंस एमेच्योर एशिया-पैसिफिक के शुरुआती राउंड के बाद 17वें नंबर पर रहकर बेस्ट इंडियन बनीं। यह टूर्नामेंट द रॉयल एंड एंशिएंट, स्कॉटलैंड होस्ट कर रहा है, जो गोल्फ के नियमों के लिए वर्ल्ड गवर्निंग बॉडी है, और एशिया-पैसिफिक गोल्फ कन्फेडरेशन के साथ मिलकर खेल रही है।

    इंडियन गोल्फ यूनियन (आईजीयू) की भेजी गई चार मेंबर वाली टीम का हिस्सा, गुंतास ने पहले होल पर बोगी के साथ ठीक-ठाक शुरुआत की, फिर तीसरे, आठवें और 12वें होल पर बर्डी लगाईं। लेकिन 15वें होल पर बोगी ने उन्हें पीछे कर दिया। वह लीडर साउथ कोरिया की युनसेओ यांग से सात स्ट्रोक पीछे हैं।

    मुकाबले में शामिल दूसरी भारतीय, अनन्या सूद (2-ओवर 74; संयुक्त 42वें), ज़ारा आनंद (7-ओवर 79; संयुक्त 66वें) और जिया कटारिया (9-ओवर 81; संयुक्त 75वें) का पहला राउंड निराशाजनक रहा।

    दुनिया में 545वें नंबर पर मौजूद गुंतास कौर संधू का घरेलू सीज़न शानदार रहा, उन्होंने आईजीयू सर्किट पर चार बार जीत हासिल की, जिसमें गुजरात लेडीज एंड जूनियर गर्ल्स एमेच्योर, ईस्टर्न इंडिया लेडीज एंड जूनियर गर्ल्स एमेच्योर, सदर्न इंडिया लेडीज एंड जूनियर गर्ल्स एमेच्योर और महाराष्ट्र लेडीज एंड जूनियर गर्ल्स एमेच्योर गोल्फ चैंपियनशिप शामिल हैं। वह 2025 आईजीयू ऑल इंडिया लेडीज एंड जूनियर गर्ल्स एमेच्योर चैंपियनशिप में तीसरे स्थान पर रहीं।

    वर्ल्ड एमेच्योर एशिया-पैसिफिक के विजेता को तीन बड़ी चैंपियनशिप – एआईजी विमेंस ओपन, अमुंडी एवियन चैंपियनशिप और द शेवरॉन चैंपियनशिप में खेलने का न्योता मिलता है।

     

  • छत्तीसगढ़ की 9 पैसेंजर ट्रेनें रद्द, नागपुर मंडल में विकास कार्यों के चलते निर्णय

    छत्तीसगढ़ की 9 पैसेंजर ट्रेनें रद्द, नागपुर मंडल में विकास कार्यों के चलते निर्णय

    बिलासपुर.

    दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन बिलासपुर ने नागपुर मंडल में विकास कार्यों का हवाला दे छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 9 पैसेंजर ट्रेनों को निरस्त कर दिया है। रेलवे ने बताया है कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल में अधोसंरचना विकास कार्य करने के लिए समपार फाटक क्रमांक 481 (किमी 948/19-21) बोरतलाव–दरेकसा खंड पर बॉक्स पुशिंग कार्य के लिए आरएच-गर्डर (RH-Girder) लॉन्चिंग एवं डी-लॉन्चिंग का कार्य किया जाना प्रस्तावित है। इस कार्य के निष्पादन के लिए 13-14 फरवरी 2026 को अप एवं डाउन लाइन पर तथा 13-14 मार्च 2026 को डी-लॉन्चिंग के लिए ट्रैफिक कम पावर ब्लॉक कार्य तथा तृतीय लाइन पर लॉन्चिंग एवं डी-लॉन्चिंग का कार्य किया जाएगा। जिससे कुछ यात्री गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा।

    रद्द की जाने वाली गाड़िया–

    • 1) गाड़ी संख्या 68721 रायपुर – डोंगरगढ़ मेमू दिनांक – 13, 14 फरवरी एवं 13, 14 मार्च 2026 को रद्द रहेगी।
    • 2) गाड़ी संख्या 68723 डोंगरगढ़ – गोंदिया मेमू दिनांक – 13, 14 फरवरी एवं 13, 14 मार्च 2026 को रद्द रहेगी।
    • 3) गाड़ी संख्या 68724 गोंदिया – रायपुर मेमू दिनांक – 14, 15 फरवरी एवं 14, 15 मार्च 2026 को रद्द रहेगी।
    • 4) गाड़ी संख्या 68741 दुर्ग – गोंदिया मेमू दिनांक – 13, 14 फरवरी एवं 13, 14 मार्च 2026 को रद्द रहेगी।
    • 5) गाड़ी संख्या 68744 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी – गोंदिया मेमू दिनांक – 13, 14 फरवरी एवं 13, 14 मार्च 2026 को रद्द रहेगी।
    • 6) गाड़ी संख्या 68711 डोंगरगढ़ – गोंदिया मेमू दिनांक – 13, 14 फरवरी एवं 13, 14 मार्च 2026 को रद्द रहेगी।

    7) गाड़ी संख्या 68716 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी – गोंदिया मेमू दिनांक – 13, 14 फरवरी एवं 13, 14 मार्च 2026 को रद्द रहेगी।
    8) गाड़ी संख्या 68715 बालाघाट – नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी मेमू दिनांक – 13, 14 फरवरी एवं 13, 14 मार्च 2026 को रद्द रहेगी।
    9) गाड़ी संख्या 68714 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी – बालाघाट मेमू दिनांक – 13, 14 फरवरी एवं 13, 14 मार्च 2026 को रद्द रहेगी।
    विनियमित (Regulated) गाड़ियां-
        गाड़ी संख्या 18109 टाटा–नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी एक्सप्रेस – दिनांक 13.02.2026 एवं 13.03.2026 को दुर्ग–बोरतलाव खंड के बीच विनियमित की जाएगी।
        गाड़ी संख्या 18239 कोरबा – नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी दिनांक 13.02.2026 एवं 13.03.2026 को दुर्ग–बोरतलाव खंड के बीच विनियमित की जाएगी।

  • महाशिवरात्रि पर भद्रा योग का प्रभाव: क्या भद्रा काल में शिव पूजा करना शुभ है?

    महाशिवरात्रि पर भद्रा योग का प्रभाव: क्या भद्रा काल में शिव पूजा करना शुभ है?

    इस बार महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी। महाशिवरात्रि पर भक्त शिवजी का अभिषेक और रुद्राभिषेक करते हैं। फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी 15 फरवरी को महाशिवरात्रि मनायी जाएगी। इस बार महाशिवरात्रि पर भद्रा लग रही है। ऐसे में भद्रा में शिवजी की पूजा होती है या नहीं भक्त इसको लेकर लोग कंफ्यूज रहते हैं।यहां हम आपको बताएंगे कि भद्रा में शिवजी की पूजा का क्या नियम है और इस दिन भद्रा किस समय लग रही है। चतुर्वेदी ने कहा कि सूर्य, बुध, शुक्र, राहु चार ग्रहों की युति में महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाएगा।

    इस दिन भद्रा कब रहेगी?

    इस बार महाशिवरात्रि पर भद्रा लग रही है। ऐसे में भद्रा में शिवजी की पूजा होती है या नहीं भक्त इसको लेकर लोग कंफ्यूज रहते हैं।यहां हम आपको बताएंगे कि भद्रा में शिवजी की पूजा का क्या नियम है और इस दिन भद्रा किस समय लग रही है। इस साल 15 फरवरी को सायं 05:04 बजे से प्रारंभ होकर 16 फरवरी सोमवार शाम 05 बजकर 34 मिनट तक चतुर्दशी रहेगी। इस साल 15 फरवरी को संपूर्ण रात्रि निशीथ व्यापिनी चतुर्दशी तिथि रहने के कारण 15 फरवरी को ही महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाएगा। आपको बता दें कि भद्रा में शिवपूजन पर कोई रोक नहीं है। शिवपूजा करने के लिए पाताल लोक भद्रा बाधक नहीं होता है। इस साल शिवरात्रि पर भद्रा 15 फरवरी को सायं 05.04 बजे से अगले दिन प्रातः 5.23 तक भद्रा योग रहेगा। ज्योतिषियों के अनुसार इस बार भद्रा पाताल लोक में होने के कारण उसका पृथ्वी पर असर नहीं पड़ेगा।

    चतुर्दशी तिथि की रात्रि क्यों है खास

    इसलिए सभी लोग आराम से महाशिवरात्रि पर्व पर शंकर जी का रुद्राभिषेक, पूजन अर्चन एवं रात्रि जागरण कर सकते हैं। ऐसा कहा जाता है कि शिव पूजा से आपको सुख समृद्धि ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। नाकोटिरुद्र संहिता एवं ईशान संहिता के अनुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष त्रयोदशी के उपरांत चतुर्दशी तिथि को रात्रि में महादेव शिवलिंग के रूप में अवतरित हुए थे, जिसमें करोड़ों सूर्य के समान तेज बताया गया है।

    भोलेनाथ का इन चीजों से करें अभिषेक

    भोलेनाथ के पूजन में दूध,दही, घी, शहद, शर्करा से पंचामृत अभिषेक करें और संभव हो सके तो गंगाजल से स्नान कराएं, फिर चंदन, रोली,अक्षत, बेलपत्र, धतूरा नाना प्रकार के सुगंधित पुष्प अर्पित करें। धूप-दीप कर फल व मिष्ठान का भोग लगाएं अंत में कपूर से आरती करें व पुष्पांजलि करें। ऐसा कहा जाता है कि शिवरात्रि पर्व पर व्रत रखने से मन शुद्ध होता है।