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  • राज्यपाल  मंगुभाई पटेल से प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा की सौजन्य भेंट

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल से प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा की सौजन्य भेंट

    भोपाल

    राज्यपाल  मंगुभाई पटेल से प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा ने शनिवार को लोकभवन में सौजन्य भेंट की। राज्यपाल  पटेल के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

    राज्यपाल  पटेल का प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. मिश्रा ने पुष्प गुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। राज्यपाल  पटेल ने डॉ. मिश्रा को अंग वस्त्रम् और साँची स्तूप की प्रतिकृति स्मृति स्वरूप भेंट की।

     

  • वैलेंटाइन डे पर मौसम रहेगा साफ!, अगले 7 दिन बड़े बदलाव के संकेत नहीं

    वैलेंटाइन डे पर मौसम रहेगा साफ!, अगले 7 दिन बड़े बदलाव के संकेत नहीं

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ में मौसम स्थिर बना हुआ है. वेलेंटाइन डे पर अगर आप भी कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं तो यह मौसम राहत भरा रहने वाला है. राजधानी में दिन के वक्त हल्की गर्मी महसूस हो सकती है, हालांकि सुबह धुंध भी छाए रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने अगले 7 दिन अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई विशेष बदलाव की संभावना नहीं जताई है.

    पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम शुष्क रहा. प्रदेश में अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस रायपुर में दर्ज किया गया. वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया. इस दौरान कहीं भी बारिश नहीं हुई. अगले दो दिन मौसम शुष्क ही रहने के आसार हैं. मौसम विभाग ने जानकारी दी कि प्रदेश में वर्तमान में कोई सक्रिय मौसम प्रणाली प्रभावी नहीं है. इसके कारण पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है. फिलहाल बारिश को लेकर कोई अलर्ट नहीं है. 

    रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ?
    राजधानी रायपुर में शनिवार को मौसम शुष्क रहने वाला है. सुबह के वक्त धुंध छाए रहने के आसार हैं. अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

  • सूर्य ग्रहण में सूर्य देव को अर्घ्य देना शुभ या अशुभ? शास्त्रों में क्या है विधान

    सूर्य ग्रहण में सूर्य देव को अर्घ्य देना शुभ या अशुभ? शास्त्रों में क्या है विधान

    भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में सूर्य और चंद्र ग्रहण का गहरा अध्यात्मिक महत्व माना जाता है. ग्रहण के दौरान कुछ विशेष नियमों का पालन किया जाता है. ग्रहण के दौरान सूतक काल, खान-पान के नियम और शुद्धिकरण का विशेष ध्यान रखा जाता है. आमतौर पर रोजाना लोग सूर्य देव की कृपा पाने के लिए उनको अर्घ्य यानी जल दिया करते हैं.

    मान्यताओं के अनुसार, रोजाना सूर्य को अर्घ्य देने से जीवन की नकारात्मकता दूर हो जाती है, लेकिन सूर्य ग्रहण के समय लोगों के मन में ये सवाल हमेशा उठता है कि इस दौरान सूर्य देव को अर्घ्य दिया जा सकता है या नहीं. ऐसे में आइए जानते हैं कि सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य को अर्घ्य देना सही है गलत. इसको लेकर शास्त्र क्या कहते हैं?

    सूर्य ग्रहण में सूर्य को जल देना वर्जित

    वैदिक काल से ही भगवान सूर्य को सुबह के समय जल चढ़ाना दिनचर्या का एक भाग रहा है. ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि तांबे के लोटे में सूर्य को अर्घ्य देने से व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है. सेहत अच्छी रहती है और कुंडली में सूर्य मजबूत होता है, लेकिन ग्रहण काल में हालात पूरी तरह बदल जाते हैं. धार्मिक सिद्धांतों और ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, सूर्य ग्रहण के समय सूर्य को अर्घ्य देना वर्जित है.

    मान्यता है कि ग्रहण के समय राहु-केतु का प्रभाव बढ़ता जाता है, जिससे सूर्य की सकारात्मक उर्जा बाधित होती है. ऐसे समय में जल चढ़ाने से शुभ फलों के स्थान पर प्रतिकूल प्रभाव जीवन पर पड़ सकते हैं. अर्घ्य सूर्य को देखकर दिया जाता है, लेकिन धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों ही दृष्टियों से ग्रहण के समय सूर्य को देखना आंखों के लिए हानिकारक और अशुभ माना गया है. ग्रहण के समय से पहले सूतक काल में पूजा-पाठ करना मना होता है.

    साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण कब?

    सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या के दिन लगता है. साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण फाल्गुन माह की अमावस्या के दिन 17 फरवरी को लगेगा. ये वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, जिसे ‘रिंग ऑफ फायर’ भी कहते हैं. 17 फरवरी को सूर्य ग्रहण दोपहर 03 बजकर 26 मिनट पर लगेगा. इसका समापन 07 बजकर 57 मिनट पर होगा. ये ग्रहण कुंभ राशि में लगेगा. ये ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा. ऐसे में इसका सूतक भी नहीं माना जाएगा.

  • उत्तराखंड–मेरठ STF की बड़ी कार्रवाई: SSC MTS परीक्षा में नकल गिरोह का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार

    उत्तराखंड–मेरठ STF की बड़ी कार्रवाई: SSC MTS परीक्षा में नकल गिरोह का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार

    मेरठ

    आज के समय में सरकारी नौकरी ज्यादातर युवाओं का सपना होता है. इसके लिए वह बहुत तैयारी भी करते हैं लेकिन कई बार कुछ लोगों के कारण परीक्षाएं रद्द कर दी जाती है. उत्तर प्रदेश के मेरठ और उत्तराखंड STF ने SSC MTS भर्ती में नकल कर रहे गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया है. इस गिरोह के दो सदस्यों की गिरफ्तारी की गई है. ये उत्तर प्रदेश की मेरठ STF और उत्तराखंड STF ने साझा कार्रवाई के तहत एक्शन लिया है. दोनों आरोपी देहरादून और उत्तर प्रदेश के निवासी हैं. 

    हुई आरोपियों की पहचान 

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नीतीश कुमार के रूप में हुई है जो, देवरिया का रहने वाला है. वहीं, दूसरे आरोपी की पहचान भास्कर नैथानी के रूप में हुई है जो, देहरादून का रहने वाला है. जानकारी की माने तो दोनों आरोपी परीक्षा केंद्र में “मास्टर कंप्यूटर” लगाकर सिस्टम से छेड़छाड़ कर लोकल नेटवर्किंग के जरिए प्रॉक्सी सर्वर सेटअप कर रिमोट एक्सेस से पेपर सॉल्व कर रहे थे. 

    ऐसा किया आरोपियों को गिरफ्तार 

    एसटीएफ के मुताबिक, 4 फरवरी से कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की एमटीएस परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है. इस परीक्षा में देहरादून के महादेव डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र पर तकनीकी तरीके से नकल कराए जाने की सूचना मिलने के बाद STF ने ये कार्रवाई की है और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. 

    आरोपियों के पास से मिले ये सामना 

    वहीं, STF की टीम ने आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन, दो लैपटॉप और एक इंटरनेट राउटर बरामद किए गए हैं. शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये उपकरण परीक्षा के दौरान बाहरी मदद उपलब्ध कराने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे. फिलहाल इस मामले में दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद अन्य लोगों की होने की जानकारी मिली है. हालांकि, जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकें. 

  • महाशिवरात्रि पर 300 वर्षों बाद महासंयोग: शुभ और राजयोग में करें दिन-रात की विशेष साधना

    महाशिवरात्रि पर 300 वर्षों बाद महासंयोग: शुभ और राजयोग में करें दिन-रात की विशेष साधना

    सनातन धर्म में महाशिवरात्रि का एक विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ की आराधना करते हैं और उन्हें प्रसन्न करने के लिए व्रत रखते हैं. इस बार महाशिवरात्रि का व्रत 15 फरवरी को रखा जाएगा. यह एक मात्र पर्व नहीं है बल्कि ये हमें याद दिलाता है कि घोर अंधकार की रात में शिव दर्शन प्रकाश के रूप में प्रकट होता है. ऐसा माना जाता है कि इस रात शिव लिंगम के रूप में समस्त सृष्टि में विराजमान होते हैं. शिव का अर्थ विनाश नहीं है. इसका अर्थ है अहंकार का नाश, अज्ञान का निवारण. मौन में ध्यान, जागृति में ज्ञान, घृणा से मुक्ति.

    महाशिवरात्रि का शुभ समय 15 से 16 फरवरी तक है. आइए इस दिन से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियों पर एक नजर डालते हैं.

    यह महाशिवरात्रि खास क्यों है?

    इस वर्ष शिवरात्रि में दिव्य और ज्योतिषीय शक्तियों का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है. ऐसा माना जाता है कि यह शुभ योगों का ऐसा संयोजन है जो लगभग 300 सालों में एक बार ही होता है. ये विशेष राज योग और शुभ योग इस पर्व को और भी अधिक शुभ बनाते हैं.

    11 शुभ योगों की विशेषताएं

        शिव योग- शिव के लिए सबसे शुभ योग, सुबह 5.45 बजे से पूरे दिन चलता है.
        सर्वार्थ सिद्धि योग- सुबह 6.43 बजे से 9.37 बजे तक सभी कार्यों में सफलता.
        प्रीति योग- प्रेम और मित्रता की शक्ति, सुबह 11.19 बजे से 11.23 बजे तक.
        आयुष्मान योग- दीर्घायु, दोपहर 12.17 बजे से रात 1.54 बजे तक.
        सौभाग्य योग- शाम 5.07 बजे से शाम 5.53 बजे तक.
        शोभना योग- सौंदर्य, विकास, शाम 7.47 बजे से रात 8.34 बजे तक.
        सत्य योग- साधना में सफलता, रात 8.54 बजे से रात 10.02 बजे तक.
        शुक्ल योग- शुद्ध विचार, रात 10.42 बजे से रात 11.58 बजे तक.
        ध्रुव योग- स्थिरता, सुबह 2.57 बजे से अगली सुबह 5.53 बजे तक.

    महाशिवरात्रि पर पांच दुर्लभ राजयोग

        बुद्धादित्य राज योग -बुद्धि, आदर और सम्मान की एक अद्भुत अवस्था.
        लक्ष्मी-नारायण योग- आर्थिक शक्ति, धन और सफलता
        शुक्रदित्य योग- सुख, कला और सौंदर्य
        साशा राज योग कुछ लाभ, स्थिरता
        चतुर्ग्राही योग- एक दुर्लभ स्थिति जिसमें सूर्य, बुध, शुक्र और राहु एक साथ आते हैं.

    इन पांच राज योगों के लाभ आम दिनों में शायद ही देखने को मिलते हैं. ये दुर्लभ योग धन, समृद्धि, विलासिता और व्यापार में भारी लाभ लाते हैं.

    महाशिवरात्रि पर आराधना का समय

    अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:13 बजे से दोपहर 12:58 बजे तक.

    शाम की पूजा का समय: राहु काल के बाद से शाम 7:28 बजे तक.

    निशीत काल (पूजा का सबसे शुभ समय): दोपहर 12:09 बजे से रात 1:00 बजे तक.

    राहु काल: 15 फरवरी, शाम 4:47 से 6:11 बजे तक. ज्योतिष के अनुसार, इस समय पूजा-अर्चना शुरू नहीं करनी चाहिए.

  • जगदलपुर में कार में SDO का मिला शव, इलाके में मचा हड़कंप

    जगदलपुर में कार में SDO का मिला शव, इलाके में मचा हड़कंप

    जगदलपुर.

    शहर के इंदिरा स्टेडियम के पास खड़ी एक ब्रेज़ा कार से युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. स्थानीय लोगों ने तुरंत बोधघाट थाना पुलिस को घटना की सूचना दी. मृतक की पहचान वृन्दावन कॉलोनी निवासी शोभा राम देहारी के रूप में हुई है. वह छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन के नियानार कार्यालय में एसडीओ के पद पर पदस्थ थे.

    जांच में जुटी पुलिस
    जानकारी के मुताबिक, सूचना मिलने के बाद बोधघाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज जगदलपुर भेजा गया. बताया जा रहा है कि युवक बीती रात शराब सेवन की हालत में किसी से फोन पर तेज आवाज में बात कर रहा था. पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मौत का कारण हृदयाघात माना जा रहा है. हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी. फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है.

  • नौकरी की गारंटी होगी प्रदेश के वानिकी विश्वविद्यालय की डिग्री: मुख्यमंत्री

    नौकरी की गारंटी होगी प्रदेश के वानिकी विश्वविद्यालय की डिग्री: मुख्यमंत्री

    नौकरी की गारंटी होगी प्रदेश के वानिकी विश्वविद्यालय की डिग्री: मुख्यमंत्री

    जंगल कौड़िया ब्लॉक में पुनर्निर्मित बीडीओ कार्यालय का सीएम योगी ने किया उद्घाटन

    कृतज्ञता ज्ञापित करना भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग: सीएम योगी

    यूपी में विकास के साथ दमघोंटू वातावरण से मुक्ति: सीएम योगी

    गोरखपुर

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कैम्पियरगंज में बनने जा रहे प्रदेश के पहले वानिकी एवं उद्यान विज्ञान विश्वविद्यालय (फॉरेस्ट्री एंड हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी) की डिग्री नौजवानों के लिए नौकरी की गारंटी होगी। इस विश्वविद्यालय से डिग्री और डिप्लोमा लेकर निकलने वाले युवाओं के लिए देश और दुनिया में रोजगार के व्यापक अवसर होंगे। साथ ही यह विश्वविद्यालय अन्नदाता किसानों की आमदनी बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    सीएम योगी शनिवार को जंगल कौड़िया ब्लॉक में पुनर्निर्मित बीडीओ कार्यालय का उद्घाटन करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कैम्पियरगंज में बने गिद्धराज जटायु संरक्षण केंद्र का उल्लेख करते हुए कहा कि कृतज्ञता ज्ञापित करना हमारी भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। हमारे लिए किसी ने कुछ किया तो उसके प्रति कृतज्ञ होना हमारी जीवनशैली का हिस्सा है। गिद्धराज जटायु की मानव जाति पर बड़ी कृपा रही। माता सीता का हरण कर ले जा रहे रावण का पहला प्रतिकार गिद्धराज जटायु ने किया था। वह सृष्टि के पालनकर्ता भगवान विष्णु की सवारी भी हैं। आज केमिकल और पेस्टिसाइड्स के इस्तेमाल के चलते गिद्धराज की संख्या कम होती जा रही, वे मर रहे हैं। ऐसे में गिद्धराज के प्रति कृतज्ञता जताने और उनको संरक्षण देने के लिए कैम्पियरगंज में संरक्षण केंद्र बनाया गया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कैम्पियरगंज में प्रदेश का पहला वानिकी एवं उद्यान विज्ञान विश्वविद्यालय बनाया जाएगा। यहां युवाओं को जो डिप्लोमा व डिग्री मिलेगी, वह देश-दुनिया में नौकरी की गारंटी वाली होगी। आज दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती पर्यावरण प्रदूषण की है। वायु प्रदूषण से फेफड़े खराब होंगे और धीरे-धीरे पूरा शरीर खराब हो जाएगा। जब प्रदूषण नहीं होगा तो बीमारी भी नहीं होगी। उन्होंने वायु प्रदूषण को लेकर दिल्ली की चर्चा करते हुए कहा कि वहां डॉक्टर दमा रोगियों, बुजुर्गों और बच्चों को घर से बाहर न निकलने की सलाह देते हैं। यह स्थिति पर्यावरण के साथ खिलवाड़ से बनती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास भी है और दमघोंटू वातावरण से मुक्ति भी। इसी क्रम में कैम्पियरगंज में बनने जा रहा वानिकी विश्वविद्यालय पर्यावरण की चुनौतियों से निपटने में और कारगर सिद्ध होगा। यह वनाच्छादन बढ़ाने और किसानों की आमदनी में वृद्धि का भी नया प्रयास होगा। 

    नीयत साफ हो तो परिणाम अपने आप आ जाते हैं
    मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 के बाद प्रदेश और गोरखपुर के विकास की चर्चा करते हुए कहा कि जब नीयत साफ हो तो परिणाम अपने आप आ जाते हैं। अच्छी दिशा में किए गए प्रयास से आज गोरखपुर में खाद कारखाना चालू हो चुका है। गोरखपुर में एम्स सेवाएं दे रहा है, बीआरडी मेडिकल कॉलेज चिकित्सा का उत्कृष्ट केंद्र बन चुका है। पिपराइच में चीनी मिल दोबारा चालू हो गई है। धुरियापार में कम्प्रेस्ड बायो गैस का प्लांट लग चुका है। गीडा में उद्योग ही उद्योग नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि गोरखपुर और प्रदेश में विकास के बहुत बड़े-बड़े कार्य हो रहे हैं। विकास की सोच ही वर्तमान और भावी पीढ़ी के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में सहायक होगी। 

    जंगल कौड़िया के हर गांव से जुड़ाव
    अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जंगल कौड़िया ब्लॉक के हर गांव से जुड़ाव का जिक्र किया। कहा कि वह यहां एक-एक गांव गए हैं। हर गांव की समस्या जानते हैं, समस्या समाधान के लिए संघर्ष किया है। बाढ़ की स्थिति में पानी में घुसकर लोगों तक पहुंचे हैं। समस्याओं की तस्वीर पहले से सामने थी तो लखनऊ से उन सभी समस्याओं का समाधान भी करा दिया है। 

    जंगल कौड़िया, कैम्पियरगंज का विकास कल्पनाओं से भी परे
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जंगल कौड़िया ब्लॉक व कैम्पियरगंज विधानसभा क्षेत्र में आज विकास की जो स्थिति है, वह लोगों की कल्पनाओं से भी परे है। यहां कालेसर-जंगल कौड़िया बाईपास बन जाने से लोग सीधे लखनऊ पहुंच जाते हैं, वह भी सिर्फ तीन-साढ़े तीन घंटे में। चिउटहा से कुशीनगर जाने में सिर्फ आधा घंटा लगता है। क्षेत्र की हर प्रमुख सड़क फोरलेन हो गई है। बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान हो रहा है। जंगल कौड़िया में पूज्य ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की स्मृति में डिग्री कॉलेज बन गया है। यहां 2 हजार से अधिक विद्यार्थियों को शिक्षा मिल रही है। स्टेडियम बन गया है। कुश्ती के प्रशिक्षण और अभ्यास की सुविधा से क्षेत्र के पहलवानों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। विकास के साथ ही गरीबों के कल्याण के कार्य हुए हैं। आवास, शौचालय, राशन, आयुष्मान भारत, पेंशन का लाभ हर पात्र को उपलब्ध हुआ है। यह सब विकास के प्रति भाव रखने का ही परिणाम है। 

    पूर्व प्रमुख रामपति यादव को याद किया सीएम ने
    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जंगल कौड़िया के पूर्व ब्लॉक प्रमुख स्वर्गीय रामपति यादव को भी श्रद्धापूर्वक याद किया। कहा कि 1952 से आजीवन गोरक्षपीठ से जुड़े रहे रामपति यादव 1962 में जंगल कौड़िया के प्रमुख बने और तभी इस ब्लॉक मुख्यालय की स्थापना हुई थी। उन्होंने शालीनता और सहजता के साथ लंबे समय तक लोगों की सेवा की। 

    वर्तमान प्रमुख के कार्यों की सराहना की मुख्यमंत्री ने
    मुख्यमंत्री ने जंगल कौड़िया के वर्तमान ब्लॉक प्रमुख बृजेश यादव के कार्यों की सराहना की। कहा कि उन्होंने सवा करोड़ रुपये की ब्लॉक निधि और विकसित भारत जीरामजी योजना का बेहतर उपयोग किया है। ब्लॉक भवन में वातानुकूलित सभागार बनवाया है, साथ में सोलर पैनल की भी व्यवस्था की है। विकास के पैसे का ऐसा ही इस्तेमाल हो तो हर ब्लॉक चमकता दिखेगा। सीएम योगी ने भरोहिया ब्लॉक के विकास की तारीफ की। उन्होंने कहा कि जंगल कौड़िया के लोगों के साथ वह हमेशा खड़े हैं। विकास की हर मांग को वह पूरा करने के लिए तैयार हैं। सीएम योगी ने सभी लोगों को महाशिवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह पर्व शुभता का प्रतीक है। 

    सीएम की प्रेरणा से कैम्पियरगंज में बनेगी एशिया की सबसे बड़ी फॉरेस्ट्री यूनिवर्सिटी : फतेह बहादुर सिंह
    लोकार्पण समारोह में कैम्पियरगंज के विधायक फतेह बहादुर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में कानून व्यवस्था, औद्योगिक प्रगति, रोजगार, महिला सुरक्षा और जनकल्याण के कार्यक्रम नजीर पेश कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में अपने विधानसभा क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व कार्यों की विस्तार से चर्चा की। साथ ही बताया कि सीएम योगी की प्रेरणा और मंशा के अनुरूप एशिया की सबसे बड़ी फॉरेस्ट्री यूनिवर्सिटी कैम्पियरगंज में बनने जा रही है। शीघ्र ही इसका शिलान्यास मुख्यमंत्री जी द्वारा किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए जंगल कौड़िया के ब्लॉक प्रमुख बृजेश यादव ने कहा कि सीएम योगी के मार्गदर्शन से यह ब्लॉक विकास के पैमाने पर पचास साल आगे चल रहा है। 

    इस अवसर पर उत्तर प्रदेश मत्स्य निगम के चेयरमैन रमाकांत निषाद, भरोहिया के ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि संजय सिंह, पूर्वांचल विकास बोर्ड के सदस्य विजय शंकर यादव, पूर्व ब्लॉक प्रमुख गोरख सिंह, भाजपा के जिला मंत्री सदानंद शर्मा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

    पुर्ननिर्माण कार्य का निरीक्षण और पौधरोपण किया सीएम ने 
    मंचीय कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जंगल कौड़िया ब्लॉक परिसर में हुए पुनर्निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। साथ ही स्वर्गीय द्वारिका पांडेय शहीद स्मारक स्थल और पूर्व प्रमुख स्वर्गीय रामपति यादव की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस अवसर पर उन्होंने ब्लॉक परिसर में रुद्राक्ष का पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

  • ‘इतिहास की गूंज, संस्कृति की आत्मा’ थीम के साथ होगा सांस्कृतिक महासंगम

    ‘इतिहास की गूंज, संस्कृति की आत्मा’ थीम के साथ होगा सांस्कृतिक महासंगम

    कालिंजर महोत्सव 2026:तृप्ति शाक्या एंड ग्रुप, साधो द बैंड और ममता शर्मा सजाएंगी सुरमयी शाम  

    'इतिहास की गूंज, संस्कृति की आत्मा' थीम के साथ होगा सांस्कृतिक महासंगम

    15 से 17 फरवरी तक होंगी रंगारंग प्रस्तुतियां, 'आज की शाम कालिंजर के नाम' और 'बांदा गॉट टैलेंट' होंगे मुख्य आकर्षण 

    खेल महोत्सव में होगा खो-खो, कबड्डी एवं दंगल 

    लखनऊ
    बुंदेलखंड के बांदा जनपद की ऐतिहासिक धरती पर 15 से 17 फरवरी तक तीन दिवसीय कालिंजर महोत्सव 2026 का आयोजन होगा। 'इतिहास की गूंज, संस्कृति की आत्मा' थीम पर आधारित यह महोत्सव उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और कलात्मक उत्कृष्टता का अद्भुत उत्सव होगा। महोत्सव का आयोजन जिला पर्यटन-संस्कृति परिषद तथा जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से कटरा कालिंजर मेला ग्राउंड में किया जाएगा।

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि कालिंजर महोत्सव में बुंदेली लोकनृत्य, आल्हा गायन, भजन और लोकगीतों सहित विविध प्रस्तुतियां होंगी, जो क्षेत्र की समृद्ध परंपराओं को मंच प्रदान करेंगी। 

    हर विधा के कलाकार संग परंपरा और नवाचार 
    तीन दिवसीय महोत्सव में जहां एक ओर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की छटा बिखरेगी, वहीं खेल महोत्सव से युवाओं की ऊर्जा और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को मंच मिलेगा। 'बांदा गॉट टैलेंट' के जरिए स्थानीय प्रतिभाओं को कला प्रदर्शित करने का सुनहरा अवसर मिलेगा, तो 'आज की शाम कालिंजर के नाम' के अंतर्गत विभिन्न विधाओं के खिलाड़ी, कलाकार, गायक अपनी प्रतिभा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। महोत्सव स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर की झलक के साथ परंपरा और नवाचार का उत्सव बनकर उभरेगा। महोत्सव के तहत मंडलीय सरस मेले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी व विभागीय स्टॉल लगाए जाएंगे। मेले में सम्मेलन एवं गोष्ठी भी होगी। 

    खेल महोत्सव और 'बांदा गॉट टैलेंट'
    खेल महोत्सव प्रतिदिन प्रातः आठ से अपराह्न चार बजे तक होगा, इसमें 15 फरवरी को खो-खो, 16 फरवरी को कबड्डी तथा 17 फरवरी को दंगल होगा। 'बांदा गॉट टैलेंट' प्रतिदिन अपराह्न एक बजे से तीन बजे तक किया जाएगा। इसके अंतर्गत 15 फरवरी को विद्यालय स्तरीय, 16 फरवरी को महाविद्यालय स्तरीय तथा 17 फरवरी को सांस्कृतिक उत्सव 2025-26 के जनपद स्तरीय विजेता विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। 

    'आज की शाम कालिंजर के नाम' से सजेगा मंच 
    कालिंजर महोत्सव में 15, 16 व 17 फरवरी को अपराह्न चार बजे से सायं छह बजे तक 'स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर' के अंतर्गत बुंदेली लोक संस्कृति की प्रस्तुतियां होंगी। इनमें  बुंदेली लोकनृत्य,  बुंदेली लोक गायन, वीर रस से ओत-प्रोत आल्हा गायन, भजन एवं लोक गीतों के माध्यम से क्षेत्र की समृद्ध परंपरा की झलक देखने को मिलेगी। 'आज की शाम कालिंजर के नाम' के अंतर्गत महोत्सव में प्रतिदिन शाम छह बजे से रात्रि 10 बजे तक सांस्कृतिक संध्या होगी। 15 फरवरी को तृप्ति शाक्या एंड ग्रुप अपनी प्रस्तुति से माहौल को सुरमयी बनाएगा। 16 फरवरी को साधो द बैंड एंड ग्रुप तथा राधा श्रीवास्तव एंड ग्रुप दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। 17 फरवरी को ममता शर्मा एवं राजा रेन्चो अपनी प्रस्तुति से शाम को यादगार बनाएंगे।

    अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि 'कालिंजर महोत्सव-2026 बुंदेलखंड की ऐतिहासिक चेतना और जनभागीदारी का सशक्त उत्सव है। प्रदेश सरकार ने गणतंत्र दिवस की झांकी में भी कालिंजर किला को प्रमुखता से प्रदर्शित कर उसकी वैश्विक पहचान को नई ऊंचाई दी थी। पर्यटन विभाग का प्रयास है कि बुंदेलखंड के चर्चित एवं विरासत स्थलों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित किया जाय। यह आयोजन पर्यटन संवर्धन, स्थानीय अर्थव्यवस्था के सशक्तीकरण और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।'

  • उज्जैन में इमाम का बयान: जहां वंदे मातरम् अनिवार्य, वहां से बच्चों को निकालें, सरकार फैसला वापस ले

    उज्जैन में इमाम का बयान: जहां वंदे मातरम् अनिवार्य, वहां से बच्चों को निकालें, सरकार फैसला वापस ले

     उज्जैन
     शहर के इमाम मुफ्ती सैय्यद नासिर अली नदवी ने वंदे मातरम की अनिवार्यता पर (Vande Mataram is compulsory) कहा कि हमारा मुल्क जम्हूरी मुल्क है, लोकतांत्रिक मुल्क है और यहां पर सब धर्मों के लोगों को अपने मजहब पर प्रैक्टिस की पूरी आजादी है। उन्होंने कहा कि हमारा इस्लाम हमें यह सिखाता है कि एक खुदा के अलावा किसी की पूजा नहीं कर सकते। लिहाजा हम न किसी और इंसान को मान सकते हैं, न किसी देवी-देवताओं को मान सकते हैं।

    उज्जैन के इमाम मुफ्ती सैय्यद नासिर अली नदवी ने इस आदेश को इस्लाम विरोधी बताया है। उन्होंने कहा- यह आदेश हमारी धार्मिक आजादी पर हमला है। वंदे मातरम् में कहा गया है कि हिंदुस्तान की भूमि की हम पूजा करते हैं, लेकिन मुसलमान के लिए यह बिल्कुल भी सही नहीं है कि वह अल्लाह के साथ किसी और को शरीक कर अपनी पूजा में शामिल करे।

    हम कहेंगे कि जिन स्कूलों में वंदे मातरम् को अनिवार्य किया जा रहा है, वहां से सभी मुसलमान अपने बच्चों को निकाल लें। हम इसकी इजाजत नहीं दे सकते कि वह इस्लाम में रहकर किसी और खुदा की इबादत करे। यह फैसला कानून के खिलाफ है। मेरी सरकार से गुजारिश है कि अपना फैसला वापस ले।

    इस्लाम से फौरन बाहर हो जाता

    उन्होंने कहा कि हम किसी जमीन, चाहे वह हिंदुस्तान की भूमि क्यों न हो या मक्का-मदीना की भूमि क्यों न हो, उसको पूजा में नहीं ला सकते। हमारा मजहब इस्लाम है और वह हमें एकेश्वरवाद, यानी एक खुदा को मानने की तालीम देता है। लिहाजा हम किसी और को खुदा में शामिल नहीं कर सकते। ऐसा करना हमारे लिए सबसे बड़ा गुनाह है, शिर्के अजीम है और गुनाह-ए-कबीरा है। इस्लाम इसी पर आधारित है। मुफ्ती नासिर अली नदवी ने कहा कि इस्लाम में अगर कोई शख्स मुसलमान रहते हुए किसी और को कबूल करता है या पूजा में शामिल करता है तो वह इस्लाम से फौरन बाहर हो जाता है।

    हिंदुस्तान के कानून के भी सरासर खिलाफ

    उन्होंने शैक्षणिक संस्थाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अगर किसी भी शैक्षणिक संस्था, धारा या डिपार्टमेंट में गवर्नमेंट कंपलसरी करती है कि वंदेमातरम कहना होगा, यानी धरती की पूजा करनी होगी, तो ऐसी जगहों पर हम अपने बच्चों को अलाउ नहीं करेंगे और न किसी और को अलाउ करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में अलग संस्था बनाने पर भी विचार किया जा सकता है। उन्होंने हुकूमत से अनुरोध किया कि वह अपने इस फैसले को वापस ले। उन्होंने कहा कि यह मजहबी आजादी के खिलाफ है और हिंदुस्तान के कानून के भी सरासर खिलाफ है।

    कानून सबके लिए एक लेकिन धर्म कभी नहीं

    उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए एक हो सकता है, लेकिन धर्म कभी भी सबके लिए एक नहीं हो सकता। धर्मनिरपेक्षता का मतलब यह है कि किसी पर जबरदस्ती न की जाए कि वह एक से ज्यादा को कबूल करे। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में मुसलमान शुरू से रहते आए हैं और यहाँ अलग-अलग समुदायों की अपनी-अपनी मजहबी आजादियां हैं। कानून मुसलमानों को एक खुदा को मानने की मजहबी आजादी देता है, लिहाजा उन्हें यह कंपलसरी नहीं किया जा सकता कि वे धरती को भी पूजा में शामिल करें।

    कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद भी जता चुके विरोध इससे पहले भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद भी केंद्र सरकार के इस फैसले का विरोध जता चुके हैं। मसूद ने 12 फरवरी को कहा था- भारत एक प्रजातांत्रिक देश है। हमें संविधान के आर्टिकल 25 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार मिला हुआ है।

    वंदे मातरम् के सम्मान को लेकर कोई झगड़ा नहीं है। विवाद केवल वंदे मातरम् की कुछ लाइनों को लेकर है, जो हमारी मजहबी आजादी पर अंकुश लगाती हैं। जो लोग आज वंदे मातरम् पर बहस कर रहे हैं, वही सबसे ज्यादा संविधान का मजाक उड़ाते हैं।

    मसूद ने कहा- हमने पहले भी वंदे मातरम् की कुछ लाइनों पर एतराज जताया है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इस नए कानून की स्टडी कर रहा है। जब तक बोर्ड अपनी राय नहीं बना लेता, तब तक हम कोई निर्णय नहीं लेंगे।

    कांग्रेस विधायक के इस बयान पर स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा- जो भी राष्ट्र का नागरिक है, उसे राष्ट्र का कानून मानना ही होगा। चाहे मदरसा हो या कोई अन्य स्कूल, सभी को वंदे मातरम् का गायन करना होगा।

    वंदे मातरम् को लेकर मुस्लिम समुदाय की आपत्ति अब तक वंदे मातरम् का केवल पहला हिस्सा ही गाया जाता था, लेकिन अब सरकार ने पूरे 6 छंदों को अनिवार्य किया है। मुस्लिम समुदाय के कुछ नेताओं का तर्क है कि बाद के छंदों में मातृभूमि की वंदना जिस स्वरूप में की गई है, वह उनके मजहबी सिद्धांतों (एकेश्वरवाद) के खिलाफ है।

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    भारत-पाकिस्तान मुकाबले का जुनून: एड रेट्स और फ्लाइट-होटल के दाम पहुंचे आसमान छूते स्तर पर

     कोलंबो

    आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में रविवार (15 फरवरी) को भारत-पाकिस्तान के बीच कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में मुकाबला होना है. इस मुकाबले को लेकर जबरदस्त क्रेज दिख रहा है. भारत-पाकिस्तान मुकाबले से पहले विज्ञापन बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. कंपनियां इस मैच की भारी व्यूअरशिप का फायदा उठाने के लिए एड स्लॉट्स पर जमकर पैसा खर्च कर रही हैं, जबकि फैन्स की भीड़ के कारण फ्लाइट और होटल के दाम भी तेजी से बढ़ गए हैं.

    इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के अनुसार इस हाई-वोल्टेज मैच के लिए 10 सेकंड का टीवी एड स्लॉट 30-40 लाख रुपये तक पहुंच गया है, जो आमतौर पर बड़े वर्ल्ड कप मैचों में 20-25 लाख रुपये होता है. आखिरी समय के एड स्लॉट्स की कीमतों में 20 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो चुकी है और मैच के दौरान हर सेकंड का स्लॉट बिक जाएगा. ब्रॉडकास्टर जियोस्टार को पूरे टूर्नामेंट से लगभग 2000 करोड़ रुपये तक की एड कमाई होने का अनुमान है.

    डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म जियोहॉटस्टार पर भी एड रेट्स में भारी उछाल देखने को मिला है. यहां 10 सेकंड का एड स्लॉट 15-20 लाख रुपये तक पहुंच गया है. ऑटोमोबाइल, एफएमसीजी, फाइनेंस, इंश्योरेंस और रियल एस्टेट कंपनियां एड स्पेस के लिए सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखा रही हैं.

    इस टी20 वर्ल्ड कप में विज्ञापन देने वाली कंपनियों में एमिरेट्स, अमूल, OpenAI, Hyundai, Mahindra & Mahindra, Britannia और कई बड़ी ब्रांड्स शामिल हैं. मार्केटिंग एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत-पाकिस्तान मैच के एड रेट्स की तुलना सोने-चांदी की कीमतों से की जा रही है.

    भारत से कोलंबो जाने वाले क्रिकेट फैन्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है. ट्रैवल प्लेटफॉर्म EaseMyTrip के अनुसार राउंड-ट्रिप एयरफेयर सामान्य दिनों की तुलना में 45 से 50 प्रतिशत तक महंगे हो गए हैं. MakeMyTrip ने बताया कि 15 फरवरी वाले वीकेंड के लिए कोलंबो की बुकिंग पिछले तीन दिनों में दोगुनी हो गई है.

    वहीं Cleartrip के मुताबिक भारत-पाकिस्तान मुकाबले के कारण कोलंबो के लिए बुकिंग में करीब 65 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. खासकर बड़े भारतीय शहरों से फैंस तेजी से टिकट बुक कर रहे हैं.

    कोलंबो में होटल सर्च और बुकिंग में भी बड़ा उछाल देखने को मिला है. शहर के मध्य में मौजूद चार और पांच सितारा होटलों की मांग सबसे ज्यादा है प्रीमियम होटलों के कमरे सामान्य सीजन के मुकाबले 20 से 25 प्रतिशत तक महंगे हो चुके हैं. होटल इंडस्ट्री के अनुसार मैच विंडो के दौरान लगभग सभी प्रमुख प्रॉपर्टीज फुल होने के करीब हैं.