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  • महाशिवरात्रि 2026: महाकाल दरबार के पट रात 2.30 बजे होंगे खुलेंगे, बाबा के दर्शन की पूरी जानकारी

    महाशिवरात्रि 2026: महाकाल दरबार के पट रात 2.30 बजे होंगे खुलेंगे, बाबा के दर्शन की पूरी जानकारी

    उज्जैन 

    मध्य प्रदेश में स्थित महाकाल की नगरी उज्जैन इन दिनों विवाह का घर बनी हुई है। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में शिव-पार्वती के विवाह की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। भक्तों को अब इंतजार शनिवार रात 2.30 बजने का है, जब मंदिर के पट खुलेंगे और उन्हें त्रिलोकीनाथ भगवान महाकाल के दिव्य रूप के दर्शन होंगे।

    महाकाल मंदिर की पूजन परंपरा के तहत महाशिवरात्रि के लिए शनिवार-रविवार की दरमियानी रात 2.30 बजे मंदिर के पट खोले जाएंगे जो 16 फरवरी की रात 11 बजे बंद किए जाएंगे। इस दौरान लगातार 44 घंटे भक्तों को महाकाल के दर्शन हो सकेंगे और गर्भगृह में महाकाल की महापूजा होगी। बाबा को शीष सवा मन फल और फूलों से बना मुकुट (सेहरा) सजाया जाएगा।
    40 मिनट में होंगे सुविधापूर्वक दर्शन

    दूल्हे राजा पर चांदी के सिक्के न्योछावर किए जाएंगे। प्रशासन ने महापर्व पर भक्तों के लिए सुगम दर्शन व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए हैं। सामान्य, 250 रुपए के शीघ्र दर्शन टिकट तथा वीआइपी भक्तों के लिए अलग-अलग द्वार से प्रवेश की व्यवस्था की गई है। सामान्य दर्शनार्थी शनिवार रात 12 बजे कर्कराज पार्किंग से दर्शन की कतार में लग सकेंगे। प्रशासन का दावा है कि, भक्तों को 40 मिनट में सुविधापूर्वक भगवान महाकाल के दर्शन करवाए जाएंगे।

    यहां जाने पूरी व्यवस्था

    -शनिवार रात 12 बजे कर्कराज पार्किंग से मंदिर प्रांगण में दर्शन करने आए भक्तों की कतार लगनी शुरु होगी।
    -रात 2.30 बजे गर्भगृह के पट खोले जाएंगे। इसके बाद महाकाल की भस्म आरती की जाएगी।
    -रविवार तड़के 4.30 बजे से दर्शन का सिलसिला शुरू होगा। भगवान पर जलधारा अर्पित की जाएगी।
    -रविवार सुबह 7.30 बजे बाल भोग और सुबह 10.30 बजे भोग आरती होगी।
    -रविवार दोपहर 12 बजे तहसील तथा शाम 4 बजे होलकर और सिंधिया स्टेट की ओर से पूजा होगी।
    -रात 11 बजे महानिषाकाल में महाकाल की महापूजा शुरू होगी जो रातभर चलेगी।
    -सोमवार तड़के 4 बजे भगवान के शीश फल व फूलों से बना मुकुट सजाया जाएगा।
    -सोमवार सुबह 5 से 10 बजे तक मुकुट दर्शन तथा दोपहर 12 बजे भस्म आरती होगी।
    -सोमवार दोपहर 2.30 भोग आरती के बाद महापर्व संपन्न होगा। पुजारियों का पारणा कराया जाएगा।
    -इसके बाद नित्य नैमित्तिक क्रम से पूजा अर्चना होगी, साथ ही रात 11 बजे मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे।

    किसे कहां से मिलेगा प्रवेश?

    -सामान्य दर्शनार्थी : कर्कराज पार्किंग से भील समाज की धर्मशाला, चारधाम मंदिर, शक्तिपथ के रास्ते श्री महाकाल महालोक से मंदिर में प्रवेश करेंगे।
    -शीघ्र दर्शन टिकट : 250 रुपए के शीघ्र दर्शन टिकट वाले श्रद्धालुओं को सम्राट अशोक सेतु और बड़े गणेश मंदिर के सामने वाले द्वार से प्रवेश कराया जाएगा।
    -वीवीआईपी : प्रोटोकाल के तहत आने वाले वीवीआईपी तथा पासधारी भक्तों को बेगमबाग मार्ग स्थित नीलकंठ द्वार से मंदिर में प्रवेश कराया जाएगा।
    यहां रखी गई पार्किंग व्यवस्था

    -इंदौर से आने वाले वाहन चालक : प्रशांतिधाम, इंजीनियरिंग कालेज, इंपीरियल होटल के पास और हरिफाटक ओवरब्रिज के नीचे वाहन पार्क करेंगे।
    -मक्सी, बड़नगर से आने वाले वाहन : कार्तिक मेला ग्राउंड में पार्क किए जाएंगे।
    -आगर, बड़नगर और नागदा से आने वाले वाहन : राठौर तेली समाज की धर्मशाला, गुरुद्वारा प्रस्तावित अस्पताल मैदान, कृषि उपार्जन केंद्र पार्किंग में पार्क होंगे।
    ये सुविधाएं रहेंगी निशुल्क

    -महाकाल अन्नक्षेत्र में भक्तों के लिए निशुल्क फलाहार की व्यवस्था होगी।
    -भक्तों को दर्शन मार्ग पर निशुल्क पेयजल, शौचालय की सुविधा की गई है।
    -प्रवेश द्वारों पर निशुल्क जूता स्टैंड और चिकित्सालय स्थापित किए गए हैं।
    गूगल बताएगा सही मार्ग

    महाशिवरात्रि पर देशभर से आने वाले अनुमानित भक्तों के लिए सुगम दर्शन व्यवस्था का खासा ध्यान रखा गया है। डीएसपी दिलीप सिंह परिहार के अनुसार, दर्शनार्थी जाम में ना फंसे इसके लिए यातायात पुलिस और तकनीकी टीम मिलकर गूगल मैप को नियंत्रित करेगी। जिस रास्ते पर जाम लगा होगा या पार्किंग फुल होगी, उसे गूगल मैप दिखाएगा ही नहीं। इससे कहीं भी भीड़ इकट्ठी होने की संभावना नहीं होगी।

  • भोपाल के कचरे पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख, प्रशासन की नहीं चलेगी

    भोपाल के कचरे पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख, प्रशासन की नहीं चलेगी

    भोपाल 

    कचरा प्रबंधन के मामले में आदमपुर (Adampur Waste) देश में नजीर बनेगा। सुप्रीम कोर्ट इस पर सीधी निगरानी करेगा। उच्चतम न्यायालय में मामला जाने के बाद एनजीटी ने सुनवाई के दौरान यह स्पष्टीकरण दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने 11 जनवरी को सुनवाई की थी। जिसमें केन्द्र सरकार से जवाब मांगा गया है। आदमपुर छावनी में वैज्ञानिक तरीके से कचरा निस्तारण न होने के कारण प्रदूषण और आगजनी के मामले में याचिकाकर्ता ने कोर्ट में पक्ष रखा।

    बताया गया कि भूमि, जल और वायु में प्रदूषण बढ़ रहा है। गंभीर बीमारियां हो रही है। जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं हुई। इस पर ट्रिब्यूनल ने कहा यह मामला उच्चतम न्यायालय में है। नितिन सक्सेना की याचिका पर सुनवाई की गई है। राजधानी भोपाल में अपशिष्ट प्रबंधन और वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट को लेकर प्रकरण अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है।
    सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई, भोपाल प्रशासन को दिए सख्त आदेश

    सुप्रीम कोर्ट ने 11 फरवरी को आदमपुर में कचरा प्रबंधन के मामले में सुनवाई की थी। यह अपील जुर्माने के खिलाफ थी। यह पर्यावरणविद सुभाष सी पांडे की याचिका के आधार पर रही। निगम के वकील ने सूचित किया कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 'नीरी' से डंप साइट की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी है।

    याचिका पर सुनवाई की गई है। राजधानी भोपाल में अपशिष्ट प्रबंधन और वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट को लेकर प्रकरण अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने 11 फरवरी को आदमपुर में कचरा प्रबंधन के मामले में सुनवाई की थी। यह अपील जुर्माने के खिलाफ थी। यह पर्यावरणविद सुभाष सी पांडे की याचिका के आधार पर रही। निगम के वकील ने सूचित किया कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 'नीरी' से डंप साइट की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी है। मामला देश की शीर्ष अदालत में लंबित है, एनजीटी ने अगली सुनवाई 21 अप्रैल, 2026 तय की है। ट्रिब्यूनल ने भोपाल कलेक्टर और नगर निगम को निर्देश दिए है कि वे याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर अगली तारीख से पहले अपना जवाब प्रस्तुत करें।

    रातापानी में राख और धुंए के प्रदूषण पर पत्र

    रातापानी अभयारण्य के बफर जोन में ईट भट्ठों के संचालन पर एनजीटी ने सख्ती दिखाई। इससे होने वाले धुएं और राख को पर्यावरण के लिए घातक बताया है। रायसेन कलेक्टर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वन अधिकारी और रातापानी वन्यजीव अभयारण्य के आयुक्त को नोटिस करने के निर्देश दिए है। सरपंच के पत्र को याचिका मानते हुए ये सुनवाई की गई थी। मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी। एनजीटी ने पर्यावरण का महत्वपूर्ण मुद्दा मानते हुए जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए है। इसमें रायसेन कलेक्टर के प्रतिनिधि, डीएफओ (रायसेन) और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

  • सड़क और पुलों का जाल: दूरस्थ गांव अब मुख्यधारा से जुड़ने लगे

    सड़क और पुलों का जाल: दूरस्थ गांव अब मुख्यधारा से जुड़ने लगे

    रायपुर.

    बढ़ी विकास की रफ्तार, दूरवर्ती क्षेत्रों में पहुंच रही विकास की रोशनी

    सड़कों और पुलों के निर्माण के बाद विकास व समृद्धि के रास्ते अब साफ नजर आने लगे हैं। सरकार ने अंदरूनी और दूरस्थ इलाकों को मुख्य मार्गों से जोड़ने को प्राथमिकता देते हुए बड़े पैमाने पर सड़क और पुल-पुलियों के निर्माण को मंजूरी दी है। इससे जिन इलाकों में पहले आवागमन कठिन था, वहां अब सालभर संपर्क बना हुआ है। लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी आसान हुई है और विकास कार्यों को नई गति मिली है।

    पिछले दो वर्षों में कांकेर जिले में 61 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से 15 पुलों के काम पूर्ण किए गए हैं। इन पुलों के बनने से जिले के लगभग 100 गांवों और करीब 80 हजार आबादी का सीधा और बारहमासी संपर्क ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय से हो गया है। अब ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और पर्यटन जैसी सुविधाओं तक पहुंचने में पहले जैसी परेशानी नहीं होती। सरकारी योजनाएं भी तेजी से गांवों तक पहुंच रही हैं।

    आतुरबेड़ा–भैसगांव–निन्ना मार्ग पर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में मेंढ़की नदी पर बना उच्च स्तरीय पुल इस बदलाव का बड़ा उदाहरण है। इस पुल के कारण सुदूरांचल के लोगों का आवागमन सुगम हुआ है और प्रशासनिक गतिविधियों को भी मजबूती मिली है। सड़क और पुल नेटवर्क के विस्तार से न सिर्फ विकास कार्य तेज हुए हैं, बल्कि माओवाद प्रभावित रहे इलाकों में शासन की पकड़ भी मजबूत हुई है।

    सड़कों और पुलों के नेटवर्क लगातार मजबूत किए जा रहे हैं। कांकेर जिले के कोने-कोने को राज्य मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग, ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय से जोड़ने पिछले दो वर्षों में 85 करोड़ रुपये की लागत से 9 नए वृहद पुलों को स्वीकृति दी गई है। लोक निर्माण विभाग के सेतु निर्माण संभाग के कार्यपालन अभियंता श्री राजेंद्र सोनकर ने बताया कि बासनवाही–टांहकापार मार्ग पर महानदी पर 28 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत पुल हजारों ग्रामीणों की सुविधा और पर्यटन विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा। सोनपुर–मरोड़ा मार्ग पर बेचाघाट में कोटरी नदी पर 15 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से पुल निर्माण का कार्य प्रगति पर है। इसके पूरा होने से माओवाद प्रभावित माड़ क्षेत्र का सीधा संपर्क स्थापित हो जाएगा।

    राज्य शासन दूरस्थ अंचलों तक मजबूत सड़कों और पुलों के माध्यम से लोगों की सहूलियतें बढ़ाने तथा दुर्गम एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक विकास की रोशनी पहुंचाने प्रतिबद्धता से काम कर रही है। कांकेर में बन रहे ये पुल सिर्फ कांक्रीट की संरचनाएं नहीं हैं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुरक्षा की ओर बढ़ते कदम हैं। इनके पूरा होते ही जिले के सुदूरवर्ती गांवों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह से लाभ मिलेगा। इससे विकास की रफ्तार और तेज होगी।

  • मुंबई में दर्दनाक हादसा: मेट्रो पिलर का हिस्सा गिरा, एक की मौत, तीन घायल

    मुंबई में दर्दनाक हादसा: मेट्रो पिलर का हिस्सा गिरा, एक की मौत, तीन घायल

    मुंबई
    मुंबई में बड़ा हादसा हुआ है। मेट्रो के पिलर का हिस्सा टूटकर गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, तीन अन्य घायल हो गए। यह हादसा मुलुंड पश्चिम के एलबीएस रोड पर हुआ। निर्माण के दौरान मेट्रो के पिलर का एक हिस्सा ऑटो रिक्शा और एक कार पर गिर पड़ा। इसके चलते दोनों वाहनों को काफी ज्यादा नुकसान हुआ है। घटनास्थल पर मौजूद एक फायर ब्रिगेड अधिकारी के मुताबिक मरने वाले की पहचान रामधन यादव के रूप में हुई है। वहीं, घायलों में राजकुमार इंद्रजीत यादव, महेंद्र प्रताप यादव और दीपा रुहिया हैं। राजकुमार की हालत काफी गंभीर है। उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां आईसीयू में हैं। वहीं, महेंद्र और रुहिया की हालत स्थिर है।

    मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजनल डेवलपमेंट अथॉरिटी घटना को लेकर बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है कि मेट्रो लाइन निर्माण के पास मुलुंड फायर स्टेशन के पास पियर 196 के पास पिलर का एक हिस्सा सवा बारह बजे वहां से गुजरते ऑटो रिक्शा पर गिर गया। बयान के मुताबिक मेट्रो प्रोजेक्ट टीम मौके पर है और बीएमसी और आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के साथ मिलकर राहत कार्य और घटनास्थल की सुरक्षा में जुटी है। साथ ही हादसे के सटीक कारणों के बारे में पता लगाने के लिए जांच भी चल रही है।

  • अफगानिस्तान टीम पर संकट की बारिश: साउथ अफ्रीका से सुपर ओवर में हार, परफॉर्मेंस एनालिस्ट को हार्ट अटैक

    अफगानिस्तान टीम पर संकट की बारिश: साउथ अफ्रीका से सुपर ओवर में हार, परफॉर्मेंस एनालिस्ट को हार्ट अटैक

     नई दिल्ली
       
    आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अफगानिस्तान का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है. अफगानिस्तान को न्यूजीलैंड के हाथों पांच विकेट से हार झेलनी पड़ी थी. फिर उसे साउथ अफ्रीका ने उसे डबल सुपर ओवर में हरा दिया. दो हार के चलते अफगानी टीम अब टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर है. ग्रुप-डी में मौजूद अफगानिस्तान को अब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कनाडा का सामना करना है.

    अफगानिस्तान को सुपर-8 में पहुंचने के लिए ना सिर्फ ये दोनों मैच जीतने होंगे, बल्कि इस ग्रुप में बाकी नतीजे भी उनके अनुकूल होने चाहिए. इस सबके बीच अफगानी टीम को बड़ा झटका लगा है. टीम के परफॉर्मेंस एनालिस्ट केसी रामा सुब्रमणियन को नई दिल्ली में हल्का दिल का दौरा पड़ा. डेली मिरर की रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद तुरंत फोर्टिस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गयाा.

    कैसी है सुब्रमणियन की सेहत?
    डॉक्टरों ने उनकी एंजियोप्लास्टी की और अब उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है. टीम सूत्रों के मुताबिक उनका स्वास्थ्य पहले से बेहतर है और वे रिकवरी कर रहे हैं. चेन्नई से ताल्लुक रखने वाले केसी रामा सुब्रमणियन अफगानिस्तान टीम के भीतर एक अहम सदस्य माने जाते हैं और स्पोर्ट्स एनालिटिक्स कंपनी के डायरेक्टर भी हैं.

    यह घटना उस बेहद रोमांचक मुकाबले के कुछ ही दिन बाद हुई, जिसमें अफगानिस्तान ने साउथ अफ्रीकी टीम के खिलाफ ऐतिहासिक मैच खेला था. वो मुकाबला दो सुपर ओवर तक चला और खिलाड़ियों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से थका देने वाला रहा. अफगानिस्तान की टीम ने शानदार लड़ाई लड़ी, लेकिन बेहद करीबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा. उस मैच में रहमानुल्लाह गुरबाज का प्रदर्शन चर्चा में रहा.

    अफगानी टीम पर शुरुआती दो हारों के बाद दबाव बढ़ गया है और सुपर-8 की राह मुश्किल नजर आ रही है. अफगानिस्तान अब 16 फरवरी को नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में यूएई के खिलाफ अपना अगला ग्रुप मुकाबला खेलेगा. टीम के लिए यह मैच 'करो या मरो' जैसा माना जा रहा है. फिर उसे 19 फरवरी को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में कना़डा से मुकाबला करना है.

    अफगानिस्तान का फुल स्क्वॉड: रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), इब्राहिम जादरान, गुलबदीन नईब, सेदिकुल्लाह अटल, दरविश रसूली, अजमतुल्लाह उमरजई, मोहम्मद नबी, राशिद खान (कप्तान), मुजीब उर रहमान, जियाउर रहमान शरीफी, फजलहक फारूकी, शाहिदुल्लाह कमाल, मोहम्मद इशाक, नूर अहमद और अब्दुल्ला अहमदजई.

  • शूटिंग: एशियन चैंपियनशिप में भारत के अभियान का शानदार अंत, 94 मेडल के साथ नंबर-1

    शूटिंग: एशियन चैंपियनशिप में भारत के अभियान का शानदार अंत, 94 मेडल के साथ नंबर-1

    नई दिल्ली
    एशियन राइफल/पिस्टल चैंपियनशिप 2026 में भारत ने कुल 94 मेडल (51 गोल्ड, 23 सिल्वर और 20 ब्रॉन्ज मेडल) के साथ अपने अभियान का अंत किया। मेजबान टीम ने प्रतियोगिता के अंतिम दिन 6 गोल्ड, 3 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अपनी मजबूत स्थिति बनाई।

    आखिरी दिन, भारतीय शूटर्स ने 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल और 25 मीटर पिस्टल जूनियर इवेंट्स में पोडियम पर कब्जा जमाया। इसके साथ ही 50 मीटर राइफल प्रोन विमेन सीनियर और जूनियर इवेंट्स में तीन मेडल भी जीते। उन्होंने टीम इवेंट्स में भी चार गोल्ड मेडल जीतकर चैंपियनशिप को शानदार तरीके से खत्म किया।

    25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल में अमनप्रीत सिंह ने प्रिसिजन और रैपिड स्टेज पर 589-24x के फाइनल स्कोर के साथ गोल्ड पर निशाना साधा। ओलंपियन गुरप्रीत सिंह ने 584-20x के स्कोर के साथ सिल्वर जीता, जबकि अंकुर गोयल ने 570-11x के स्कोर के साथ ब्रॉन्ज अपने नाम किया।

    25 मीटर पिस्टल जूनियर इवेंट में सूरज शर्मा ने साल की अपनी शानदार शुरुआत जारी रखते हुए 585-25x के स्कोर के साथ गोल्ड जीता। मुकेश नेलावल्ली ने चैंपियनशिप में एक और मेडल जीता। इस बार उन्होंने 582-21x के स्कोर के साथ सिल्वर पर निशाना साधा। डेफलिंपिक्स मेडलिस्ट अभिनव देशवाल ने 573-17x के स्कोर के साथ ब्रॉन्ज जीता। तीनों ने इवेंट में टीम गोल्ड भी जीता।

    50 मीटर राइफल प्रोन इवेंट में कजाकिस्तान की येलिजावेता बेज्रुकोवा ने गोल्ड जीता। वहीं, ओलंपियन सिफ्ट कौर समरा ने 623.2 के स्कोर के साथ सिल्वर पर निशाना साधा। तेजस्विनी सावंत ने इंटरनेशनल मेडल जीतने के 5 साल बाद ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया है। सिफ्ट और तेजस्वनी ने मानिनी कौशिक के साथ भारत के लिए टीम गोल्ड जीता।

    जूनियर कैटेगरी में धवलिका देवी न्यामुरस ने 614.1 के स्कोर के साथ ब्रॉन्ज मेडल पर निशाना साधा, जबकि कजाकिस्तान की निशानेबाज टोमिरिस अमानोवा और डारिया पोनोमारेंको ने क्रमशः गोल्ड और सिल्वर मेडल पर निशाना साधा। प्राची गायकवाड़, अनुष्का थोकुर और देवी की तिकड़ी ने मिलकर टीम गोल्ड जीता।

     

  • दिनदहाड़े वारदात: कोर्ट जा रहे वकील को मारी गोली, मध्य प्रदेश में दहशत

    दिनदहाड़े वारदात: कोर्ट जा रहे वकील को मारी गोली, मध्य प्रदेश में दहशत

    शिवपुरी
    मध्य प्रदेश में कोर्ट जा रहे एक वकील की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घात लगाकर बैठे हमलावरों ने इस घटना को अंजाम दिया। दिनदहाड़े हुई इस हत्या से सनसनी फैल गई। परिजनों ने जमीनी विवाद के चलते चार लोगों पर हत्या करने का शक जताया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

    मध्य प्रदेश में कोर्ट जा रहे एक वकील की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घात लगाकर बैठे हमलावरों ने इस घटना को अंजाम दिया। दिनदहाड़े हुई इस हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई। परिजनों ने जमीनी विवाद के चलते चार लोगों पर हत्या करने का शक जताया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

    मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा थाना क्षेत्र में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब किले के पीछे आनंद सागर मंदिर के पास सिद्धन रोड पर करैरा कोर्ट जा रहे एडवोकेट संजय कुमार सक्सेना की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। एकांत रास्ते पर घात लगाकर किए गए इस हमले के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

    जानकारी के मुताबिक मृतक एडवोकेट का नाम संजय सक्सेना है, जो घिरियाली मोहल्ला पुराना बाजार के निवासी थे। वारदात करेरा इलाके के किले के पीछे स्थित आनंद सागर मंदिर के पास सिद्धन रोड पर हुई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि हमलावर पैदल आए थे या किसी गाड़ी से।

    बताया जा रहा है कि वारदात के कुछ देर बाद उसी सड़क से गुजर रहे एक अन्य वकील की नजर सड़क पर पड़े संजय सक्सेना पर पड़ी। उन्होंने तत्काल स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने पुलिस को बताया है कि संजय सक्सेना का कुछ लोगों से जमीनी विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते चार लोगों पर हत्या का शक जताया गया है। उन्होंने कहा कि जमीन विवाद में आरोपियों ने मार डाला।

    वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पंचनामा कार्रवाई की और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह वारदात सुनियोजित प्रतीत हो रही है।

  • ‘यह भारत पर निर्भर करता है’ – हैंडशेक विवाद पर पाकिस्तान कप्तान सलमान अली आगा का बड़ा बयान

    ‘यह भारत पर निर्भर करता है’ – हैंडशेक विवाद पर पाकिस्तान कप्तान सलमान अली आगा का बड़ा बयान

    कोलंबो
    भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच को लेकर तमाम संशय के बादल छंट गए हैं। दोनों देशों के बीच कोलंबो में रविवार को मुकाबला होना है। मैच को लेकर करोड़ों क्रिकेट फैंस रोमांचित हैं। फैंस के मन में एक सवाल है कि क्या भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ी मैच के बाद पहले की तरह एक दूसरे के साथ हाथ मिलाएंगे या एशिया कप वाली 'हाथ नहीं मिलाने' की नीति ही काम करेगी। शनिवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा से पूछा गया कि क्या मैच के दौरान दोनों देशों के खिलाड़ी एक दूसरे से हाथ मिलाएंगे? इसके जवाब में आगा ने कहा, "यह भारत पर है कि वे सही भावना के साथ खेलना चाहते हैं या नहीं।" उन्होंने कहा, "क्रिकेट को भावना के साथ खेला जाना चाहिए। मेरी निजी राय शायद मायने न रखे, लेकिन क्रिकेट वैसे ही खेला जाना चाहिए जैसा हमेशा से खेला जाता रहा है। यह उन्हें तय करना है कि क्या करना है।"
    मैच को लेकर पाकिस्तान के कप्तान ने कहा, "भारत के खिलाफ हमारा रिकॉर्ड अच्छा नहीं है, लेकिन हम इतिहास नहीं बदल सकते। हर दिन एक नया दिन होता है।" अप्रैल में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के आपसी रिश्ते निचले स्तर पर हैं। इसका असर क्रिकेट पर भी पड़ा है। एशिया कप 2025 के दौरान हुए तीन मैचों में भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान के खिलाड़ियों के साथ मैच के बाद होने वाला पारंपरिक 'हैंड शेक' नहीं किया था।
    महिला क्रिकेट टीम और जूनियर टीमों ने भी ऐसा ही किया। विमेंस वर्ल्ड कप, अंडर-19 एशिया कप, अंडर-19 विश्व कप और राइजिंग स्टार्स एशिया कप में भी दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने एक-दूसरे से हाथ नहीं मिलाया था।
    पाकिस्तान को हराकर एशिया कप का खिताब जीतने वाली भारतीय टीम ने एसीसी अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से भी इनकार कर दिया था।
    बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड द्वारा टी20 विश्व कप से बाहर होने और उसकी जगह आईसीसी द्वारा स्कॉटलैंड को मौका दिए जाने के बाद पाकिस्तान ने बांग्लादेश के समर्थन में भारत के साथ 15 फरवरी वाला मैच खेलने से इनकार कर दिया था। आईसीसी की मध्यस्थता के बाद पाकिस्तान ने अपना फैसला बदला। रविवार को कोलंबो में मैच के अलावा दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच आपसी व्यवहार कैसा रहता है, इस पर भी फैंस की नजरें रहेंगी।

  • महाशिवरात्रि 2026: शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय इन 6 गलतियों से बचें, पूजा का फल हो सकता है प्रभावित

    महाशिवरात्रि 2026: शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय इन 6 गलतियों से बचें, पूजा का फल हो सकता है प्रभावित

     इस बार महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा. महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव को समर्पित सबसे पवित्र रातों में से एक माना जाता है. इस दिन भक्त व्रत रखते हैं, रात्रि जागरण करते हैं और शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र अर्पित करते हैं. मान्यता है कि भगवान शिव को सच्चे मन से अर्पित किया गया जल जीवन की बाधाओं को दूर करता है. लेकिन कई बार अनजाने में की गई छोटी-छोटी गलतियां पूजा का पूर्ण फल मिलने से रोक सकती हैं. इसलिए जलाभिषेक करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.

    1. तांबे के पात्र की जगह प्लास्टिक का इस्तेमाल

    शास्त्रों में तांबे या पीतल के पात्र से जल चढ़ाने की परंपरा बताई गई है. प्लास्टिक या गंदे बर्तन से जल चढ़ाना अशुभ माना जाता है. कोशिश करें कि साफ और शुद्ध पात्र का ही उपयोग करें.

    2. तुलसी दल न चढ़ाएं

    भगवान शिव की पूजा में तुलसी दल अर्पित नहीं किया जाता. तुलसी का संबंध भगवान विष्णु से माना जाता है. इसलिए भूलकर भी शिवलिंग पर तुलसी न चढ़ाएं.

    3. केतकी का फूल अर्पित न करें

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, केतकी का फूल शिव पूजा में वर्जित है. इसलिए महाशिवरात्रि पर इसे चढ़ाने से बचें.

    4. बेलपत्र उल्टा न रखें

    बेलपत्र हमेशा तीन पत्तियों वाला और साबुत होना चाहिए. इसे शिवलिंग पर इस तरह रखें कि उसकी चिकनी सतह ऊपर की ओर रहे. फटा या कीड़ा लगा बेलपत्र अर्पित न करें.

    5. जल चढ़ाते समय दिशा का ध्यान रखें

    जलाभिषेक करते समय उत्तर दिशा की ओर मुख करना शुभ माना जाता है. साथ ही जल धीरे-धीरे अर्पित करें, एकदम से न उड़ेलें.

    6. अभिषेक के जल का अपमान न करें

    जो जल शिवलिंग से बहकर निकलता है, उसे पवित्र माना जाता है. उस पर पैर रखना या उसे अपवित्र करना ठीक नहीं माना जाता है.

  • इंदौर में रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर पर बैन, नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई

    इंदौर में रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर पर बैन, नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई

    इंदौर

    जिले में आगामी आयोजनों और वैवाहिक कार्यक्रमों में रात्रि दस बजे बाद लाउडस्पीकर बजाना प्रतिबंधित रहेगा। नियमों को उल्लंघन करने पर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। मैरिज गार्डन और अन्य वैवाहिक स्थलों के संचालकों को भी इस नियम का पालन करना होगा। संचालको को आयोजन से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा और आदेश की प्रति कार्यक्रम स्थल पर प्रदर्शित करनी होगी।
    मीटिंग के बाद लिया गया फैसला

    आसपास के रहवासियों को असुविधा भी नहीं होना चाहिए। जिला प्रशासन द्वारा ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण को लेकर शनिवार को मैरिज गार्डन, मैरिज हाल और अन्य वैवाहिक स्थलों के संचालकों के साथ बैठक आयोजित की गई।

    अपर कलेक्टर रोशन राय ने ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग संबंधी जारी प्रतिबंधात्मक आदेश की जानकारी दी। साथ ही निर्देश दिए कि निर्धारित समयावधि के बाहर लाउडस्पीकर या डीजे का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
    नियम उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

    रात्रि 10 बजे के बाद ध्वनि उपकरणों का संचालन, विशेष अनुमति के बिना, नहीं किया जा सकेगा। ध्वनि स्तर तय मानकों से अधिक पाए जाने पर संबंधित संचालक के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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    बैठक में एसडीएम प्रदीप सोनी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में संचालक उपस्थित रहे। प्रशासन ने सामाजिक कार्यक्रमों की गरिमा और नागरिकों की सुविधा के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया।
    पियानो प्रोजेक्ट में पुलिस का छापा, स्पीकर-मिक्सर और सिस्टम जब्त

    देर रात तेज आवाज में गाने बजा रहने क्लब पर पुलिस ने छापा मार कार्रवाई की है। मैनेजर के विरूद्ध कायमी कर क्लब से स्पीकर,साउंड सिस्टम, मिक्सर जब्त कर लिए है। संचालक को भी नोटिस भेजा गया है। विजयनगर पुलिस के अनुसार कार्रवाई थाना के सामने स्थित अपोलो प्रीमियम में पियानो प्रोजेक्ट पर की गई है।

    रात 11:30 बजे तक तेज गानों की आवाज सुनाई दे रही थी। एसीपी पराग सैनी और टीआइ सीके पटेल ने दबिश दी। पुलिस ने मैनेजर रंजन चक्रवर्ती के खिलाफ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया।

    पुलिस ने मौके से साउंड सिस्टम भी जब्त कर लिया। भंवरकुआं पुलिस ने भी द हेवन फूड कैफे (भोलाराम उस्ताद मार्ग) पर कार्रवाई की है। संचालक योगेश माहेश्वरी निवासी कुशवाह नगर के खिलाफ कायमी की है। कैफे में तेज आवाज में गाने बज रहे थे।