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  • इंदौर में 72 साल पुराने शास्त्री ब्रिज का होगा पुनर्निर्माण, 140 करोड़ में बनेगा आधुनिक पुल

    इंदौर में 72 साल पुराने शास्त्री ब्रिज का होगा पुनर्निर्माण, 140 करोड़ में बनेगा आधुनिक पुल

    इंदौर
    72 साल पुराना लालबहादुर शास्त्री ब्रिज तोड़कर इसके स्थान पर रेलवे 140 करोड़ रुपये खर्च कर नया ब्रिज बनाएगा। नए ब्रिज की चौड़ाई वर्तमान के मुकाबले डेढ़ गुना और ऊंचाई दो मीटर अधिक होगी। शुक्रवार को नगर निगम, मेट्रो और रेलवे के अधिकारियों ने शास्त्री ब्रिज का दौरा किया। देर शाम सांसद शंकर लालवानी ने अधिकारियों की बैठक ली।

    उन्होंने बताया कि ब्रिज निर्माण की लागत तो रेलवे वहन करेगा, लेकिन सीवेज, पानी की लाइन, बिजली के पोल इत्यादि मूलभूत सुविधाएं नगर निगम जुटाएगा। सांसद के अनुसार नया ब्रिज संभागायुक्त कार्यालय के पास से शुरू होकर खादीवाला पेट्रोल पंप के पास खत्म होगा। वर्तमान के मुकाबले इसकी लंबाई 38 मीटर अधिक होगी।
     
    रेलवे तीसरा ट्रैक बिछा सकेगा
    आमतौर पर जब भी किसी रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) को दोबारा बनाना होता है तो खर्च स्थानीय निकाय को वहन करना होता है, लेकिन नया शास्त्री ब्रिज बनने से रेलवे इंदौर से लक्ष्मीबाई नगर तक तीसरा ट्रैक बिछा सकेगा और प्लेटफार्म की लंबाई भी बढ़ जाएगी, यही वजह है कि रेलवे इस आरओबी को दोबारा बनाने का खर्चा वहन करने को तैयार हो गया है।

    शास्त्री ब्रिज की बिगड़ती स्थिति और इस पर यातायात के बढ़ते दबाव को देखते हुए सांसद शंकर लालवानी ने पिछले दिनों रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से चर्चा की थी। इसके बाद रेलवे इस ब्रिज का खर्चा वहन करने के लिए सैद्धांतिक रूप से तैयार हो गया।

    शुक्रवार को नगर निगम, मेट्रो और रेलवे के अधिकारियों के शास्त्री ब्रिज के संयुक्त दौरे में इस बात का आकलन किया गया कि नया ब्रिज बनाने की स्थिति में किन-किन सीवेज लाइन, पानी की लाइन और बिजली के पोल की शिफ्टिंग करनी होगी और इस पर कितना खर्चा आएगा। नगर निगम अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर ने बताया कि निगम के इंजीनियरों ने रेलवे के इंजीनियरों को लाइनों की ड्राइंग दे दी है। जल्द ही निगम आर्थिक आकलन तैयार कर लेगा।

    12 जनवरी 1953 को हुआ था शुरू
    वर्तमान शास्त्री ब्रिज का लोकार्पण 12 जनवरी 1953 को हुआ था। तत्कालीन परिवहन मंत्री लालबहादुर शास्त्री ने इसे लोकार्पित किया था। यह ब्रिज पिछले 72 वर्ष से पूर्व और पश्चिम इंदौर को जोड़ने के लिए रीढ़ की हड्डी बना हुआ है।

    टूटने पर आएगी आवागमन की परेशानी
    इस ब्रिज से शहर के लगभग सभी मुख्य बाजार सीधे-सीधे जुड़े हैं। शास्त्री ब्रिज के टूटने से आवागमन की भारी परेशानी आएगी। एमजी रोड पर मेट्रो अंडर ग्राउंड प्रस्तावित है, इसलिए इस प्रोजेक्ट में कोई विशेष दिक्कत नहीं आएगी।

    पिछले दिनों चूहों ने कुतर दिया था
    वर्ष 1953 में जब यह ब्रिज शुरू हुआ था उस वक्त यह मध्य भारत का पहला टू-टू लेन रेलवे ओवरब्रिज था। हाल ही में शास्त्री ब्रिज को चूहों ने कुतर दिया था। इस वजह से बड़ा गड्ढा हो गया था।

    जीर्ण-शीर्ण हो चुका है
    रखरखाव के अभाव में शास्त्री ब्रिज जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच चुका है। हालांकि रेलवे ने इसे अब तक अनफिट घोषित नहीं किया है।

    टेंडर में लगेंगे छह माह, 15 माह में होगा निर्माण
    रेलवे सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित ब्रिज के लिए सर्वे, डिजाइन और ड्राइंग तैयार कर टेंडर होने में कम से कम छह माह लगेंगे। टेंडर तय होने के बाद रेलवे ने इस ब्रिज को 15 माह में तैयार करने का लक्ष्य रखा है।

     

  • AIIMS Bhopal में नई पहल: आर्ट थैरेपी से तनाव होगा दूर, रद्दी अखबारों से बनेगी रचनात्मकता

    AIIMS Bhopal में नई पहल: आर्ट थैरेपी से तनाव होगा दूर, रद्दी अखबारों से बनेगी रचनात्मकता

    भोपाल
    चिकित्सा और पढ़ाई के तनावपूर्ण माहौल के बीच एम्स भोपाल ने अपने संकाय सदस्यों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए एक पहल की है। संस्थान का हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर आगामी 16 से 18 फरवरी तक 'पेपर माचे' कला पर कार्यशाला आयोजित करेगा।

    लोगों को तनावमुक्त करना है टारगेट
    इसका उद्देश्य केवल कला सिखाना नहीं, बल्कि 'आर्ट थैरेपी' के माध्यम से संस्थान से जुड़े लोगों को तनावमुक्त वातावरण और मानसिक शांति प्रदान करना है। 'पेपर माचे' एक ऐसी प्राचीन विधा है, जिसमें पुराने अखबारों, गोंद और पानी के मिश्रण का उपयोग कर आकर्षक मूर्तियां, मुखौटे और सजावटी वस्तुएं बनाई जाती हैं।
     
    एम्स प्रशासन का मानना है कि जब हाथ किसी सृजनात्मक कार्य में व्यस्त होते हैं, तो मस्तिष्क को गहरा विश्राम मिलता है। यह कार्यशाला प्रतिभागियों को अपनी छिपी हुई प्रतिभा को पहचानने और दैनिक भागदौड़ से इतर कुछ नया रचने का अवसर देगी। एम्स भोपाल इन दिनों अपने कर्मचारियों और छात्रों के समग्र स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दे रहा है।

    संस्थान के अनुसार एक स्वस्थ चिकित्सक या कर्मचारी ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दे सकता है। इसी सोच के साथ इस रचनात्मक गतिविधि को डिजाइन किया गया है। कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा पेपर माचे की बारीकियां सिखाई जाएंगी, जिससे प्रतिभागी शून्य लागत में घर की रद्दी से खूबसूरत कृतियां बनाना सीख सकेंगे।

  • यात्रियों के लिए खुशखबरी: भोपाल-खजुराहो महामना और आरकेएमपी-आधारताल एक्सप्रेस में जुड़ेंगे लग्जरी कोच

    यात्रियों के लिए खुशखबरी: भोपाल-खजुराहो महामना और आरकेएमपी-आधारताल एक्सप्रेस में जुड़ेंगे लग्जरी कोच

    भोपाल
    यात्रियों की सुविधा और सुरक्षित सफर को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। गाड़ी संख्या 22163/22164 भोपाल-खजराहो महामना एक्सप्रेस तथा 22187/22188 रानी कमलापति-आधारताल एक्सप्रेस के पारंपरिक आईसीएफ कोचों को अब आधुनिक एलएचबी कोचों में परिवर्तित किया जा रहा है।

    भोपाल-खजुराहो-भोपाल महामना एक्सप्रेस आज से तथा रानी कमलापति–आधारताल–रानी कमलापति एक्सप्रेस 16 फरवरी से एलएचबी रैक के साथ संचालित होगी। एलएचबी कोच पारंपरिक आईसीएफ कोचों की तुलना में अधिक सुरक्षित, आरामदायक और तेज गति के अनुकूल माने जाते हैं। इन कोचों में झटके कम लगते हैं और दुर्घटना की स्थिति में एंटी-टेलिस्कोपिक डिजाइन यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाता है।
     
    दोनों ट्रेनों की संशोधित कोच संरचना में दो एसी चेयरकार, दो थर्ड एसी, नो द्वितीय श्रेणी, छह सामान्य श्रेणी, एक एसएलआरडी और एक जनरेटर कार सहित कुल 21 कोच शामिल रहेंगे। रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पूर्व कोच संरचना और आरक्षण स्थिति की जानकारी अवश्य जांच लें, ताकि सफर सुगम और सुविधाजनक रहे।

  • एमपी में SIR का बड़ा असर: 8 लाख नए वोटर जुड़ेंगे, 1 लाख नाम हटेंगे, 21 फरवरी को आएगी फाइनल लिस्ट

    एमपी में SIR का बड़ा असर: 8 लाख नए वोटर जुड़ेंगे, 1 लाख नाम हटेंगे, 21 फरवरी को आएगी फाइनल लिस्ट

    भोपाल
    मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के शुद्धीकरण के लिए चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के अंतर्गत प्राप्त 95 प्रतिशत दावे-आपत्तियों का निराकरण कर लिया गया है। एक करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम, उपनाम और आयु में कुछ त्रुटियां थीं, जिन्हें सुधरवाया गया है। वहीं, जिन साढ़े चार लाख मतदाताओं ने अधूरे गणना पत्रक जमा किए थे, उनकी भी सुनवाई कर ली गई है।

    मतदाता सूची में करीब आठ लाख नए नाम जुड़ेंगे और एक लाख हटेंगे। यह प्रक्रिया शनिवार को पूरी करने के बाद अब 21 फरवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि प्रारूप मतदाता सूची के आधार पर हुए दावे-आपत्ति का निराकरण जिलों में कराया गया है। जो भी आवेदन प्राप्त हुए उनका परीक्षण रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने कराया है।
     
    एसआईआर में जिनके गणना पत्रक अधूरे थे, उन्हें नोटिस देकर शिविर में बुलाया गया और यदि दस्तावेज पूरे थे तो उनके पक्ष में आदेश पारित किए गए। इसी तरह साफ्टवेयर ने जिन त्रुटियों को पकड़ा था, उन्हें भी दूर कराया गया है। उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग ने केवल शाब्दिक या आयु गणना की त्रुटि के कारण जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे, उनके नाम सूची से नहीं हटाने के लिए कहा था।

    वहीं, कांग्रेस, भाजपा सहित अन्य दलों के प्रतिनिधियों द्वारा जो शिकायतें की गई थीं, उनका भी निराकरण करवाया गया है। यदि नाम नही जुड़ा तो आगे भी विकल्प – यदि किसी पात्र मतदाता का नाम किसी भी कारण से इस सूची में शामिल नहीं हो पाता है तो ऐसा नहीं है कि उसका नाम आगे शामिल नहीं होगा। यह एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है। वह फार्म छह भरकर अपना नाम जुड़वा सकेगा। इसी तरह नाम, पता आदि जानकारी में संशोधन भी फार्म आठ के माध्यम से हो सकेगा।

    सूची प्रकाशन के बाद सत्यापन कराएगी कांग्रेस
    उधर, कांग्रेस ने तय किया है कि 21 फरवरी को मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद कांग्रेस बूथवार सूची का सत्यापन कराएगी। इसमें पार्टी की ओर से जो आपत्तियां की गई थीं, उनका निराकरण नहीं हुआ तो फिर चुनाव आयोग को शिकायत की जाएगी।

  • राशन कार्ड धारकों को बड़ी राहत: छत्तीसगढ़ के 82 लाख परिवारों को दो महीने का राशन एक साथ

    राशन कार्ड धारकों को बड़ी राहत: छत्तीसगढ़ के 82 लाख परिवारों को दो महीने का राशन एक साथ

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने राज्य के राशन कार्ड धारकों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत प्रदेश के लगभग 82 लाख परिवारों को फरवरी 2026 में ही दो महीने (फरवरी और मार्च) का चावल एकमुश्त प्रदान किया जाएगा। खाद्य विभाग (CG News) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य वितरण प्रणाली को सुचारू बनाना और कार्ड धारकों को अग्रिम राहत पहुँचाना है। सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों और राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को समय पर भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए हैं।
    किसे मिलेगा कौन सा राशन?

    इस विशेष वितरण योजना (CG News) के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत आने वाले अंत्योदय और प्राथमिकता राशन कार्ड धारकों को उनकी निर्धारित पात्रता के अनुसार फोर्टिफाइड चावल (पोषण युक्त चावल) दिया जाएगा। वहीं, राज्य योजना के सामान्य एपीएल कार्ड धारकों को उनकी मासिक पात्रता के अनुसार चावल का वितरण होगा। चावल के अतिरिक्त, फरवरी माह के लिए नमक, शक्कर और गुड़ का आबंटन भी जारी किया गया है, ताकि उपभोक्ताओं को सभी आवश्यक सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें।

    अंत्योदय और प्राथमिकता कार्ड वालों को प्राथमिकता

    राज्य योजना के दायरे में आने वाले अंत्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित और दिव्यांग राशनकार्ड धारकों को फरवरी में ही दो माह की पात्रता का चावल मिलेगा। इन कार्ड धारकों को उनकी निर्धारित मात्रा के अनुसार सामान्य (नॉन-फोर्टिफाइड) चावल का वितरण किया जाएगा। सरकार ने इस आबंटन को एकमुश्त जारी किया है और राशन दुकानों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने गोदामों में पर्याप्त स्टॉक जमा कर लें ताकि किसी भी कार्ड धारक को खाली हाथ न लौटना पड़े।
    फोर्टिफाइड राइस का भी होगा वितरण

    राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत आने वाले अंत्योदय और प्राथमिकता कार्ड धारकों को उनकी नियमित पात्रता के अनुसार फोर्टिफाइड चावल दिया जाएगा। खाद्य विभाग के मुताबिक, इन परिवारों के लिए फरवरी का नियमित कोटा जारी कर दिया गया है। फोर्टिफाइड चावल पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जिसे सरकार कुपोषण से लड़ने के लिए वितरित कर रही है। वितरण की पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए स्थानीय स्तर पर टीमें भी गठित की गई हैं।
    चावल के साथ नमक और शक्कर की भी व्यवस्था

    केवल चावल ही नहीं, बल्कि अन्य जरूरी खाद्य सामग्री का आबंटन भी जारी कर दिया गया है। सामान्य एपीएल (APL) कार्ड धारकों के लिए फरवरी का मासिक कोटा दुकानों तक भेज दिया गया है। इसके अलावा फरवरी महीने के लिए नमक, शक्कर और गुड़ की मात्रा भी तय कर दी गई है। उचित मूल्य की दुकानों को साफ तौर पर कहा गया है कि वे आबंटन के अनुसार ही सामग्रियों का वितरण करें और पारदर्शिता बनाए रखें।
    ई-पॉस मशीन से होगा सत्यापन

    राशन लेने के लिए हितग्राहियों को बायोमेट्रिक प्रक्रिया से गुजरना होगा। चूंकि इस बार दो महीने का चावल एक साथ मिल रहा है, इसलिए ई-पॉस मशीन में फरवरी और मार्च के लिए अलग-अलग अंगूठा लगाना (बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण) अनिवार्य होगा। खाद्य विभाग के सॉफ्टवेयर में इसके लिए जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं। दुकानदारों को सलाह दी गई है कि वे उपभोक्ताओं को पहले से इसकी जानकारी दे दें ताकि सत्यापन के दौरान समय कम लगे।
    भंडारण और स्टॉक की स्थिति मजबूत

    खाद्य विभाग ने आश्वस्त किया है कि नागरिक आपूर्ति निगम (NAN) के गोदामों और उचित मूल्य की दुकानों में अनाज का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सरकार ने वितरण की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए विशेष टीम तैनात की है जो रोजाना स्टॉक और वितरण की रिपोर्ट चेक करेगी। यदि किसी दुकान पर राशन की कमी पाई जाती है, तो वहां तुरंत अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इस फैसले से गरीब परिवारों को अग्रिम राशन मिलने से काफी मदद मिलेगी।

    बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य

    राशन वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने ई-पास (e-PoS) मशीन के माध्यम से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण को अनिवार्य रखा है। चूंकि इस बार दो महीने का राशन एक साथ दिया जा रहा है, इसलिए हितग्राहियों को मशीन पर दो बार (पृथक-पृथक) अंगूठा लगाकर प्रमाणीकरण करना होगा। एईपीडीएस (AePDS) सॉफ्टवेयर में इसके लिए आवश्यक तकनीकी बदलाव किए गए हैं। दुकानदारों को भी निर्देशित किया गया है कि वे उपभोक्ताओं को इस प्रक्रिया के बारे में पहले से जानकारी दें ताकि दुकानों पर अनावश्यक भीड़ न लगे।
    भंडारण और निगरानी के कड़े निर्देश

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि दो महीने का राशन एकमुश्त (CG News) देने के कारण उचित मूल्य की दुकानों में पर्याप्त स्टॉक होना अनिवार्य है। खाद्य विभाग के नियंत्रकों ने पुष्टि की है कि गोदामों से चावल का उठाव तेजी से किया जा रहा है और वितरण की निगरानी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। हालांकि, मिलिंग की धीमी गति के कारण कुछ क्षेत्रों में स्टॉक की चुनौतियों की चर्चा थी, लेकिन विभाग ने दावा किया है कि वितरण में कोई बाधा नहीं आएगी और प्रत्येक पात्र परिवार को उनका हक समय पर मिलेगा।

  • नोएडा में मेट्रो का बड़ा विस्तार: सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन तक नई लाइन, कई नए स्टेशन होंगे तैयार

    नोएडा में मेट्रो का बड़ा विस्तार: सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन तक नई लाइन, कई नए स्टेशन होंगे तैयार

    नई दिल्ली
    सरकार की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि यह प्रोजेक्ट ज्यादा भीड़भाड़ वाले कॉरिडोर (ब्लू और मैजेंटा लाइन) के साथ सीधी कनेक्टिविटी भी देगा, यह नया विस्तार मौजूदा एक्वा लाइन को दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन के साथ सीधे जोड़ेगा।
     
    साकेंद्र सरकार ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में रहने वाले लोगों को एक बड़ी सौगात देते हुए यहां मेट्रो के विस्तार को हरी झंडी देते हुए एक नई लाइन को मंजूरी दे दी है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में केंद्र सरकार ने नोएडा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के तहत सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक करीब 11.56 किमी लंबे एक्सटेंशन (विस्तार) कॉरिडोर को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी। इस नई लाइन पर आठ एलिवेटेड (ऊंचाई पर) स्टेशन बनाए जाएंगे। इस कॉरिडोर के बनने से ना केवल नोएडा बल्कि ग्रेटर नोएडा के यात्रियों के लिए भी दिल्ली तक का सफर बहुत आसान हो जाएगा और उनके समय की भी भारी बचत होगी।

    नोएडा व ग्रेटर नोएडा में 61.62 Km का हो जाएगा मेट्रो रेल नेटवर्क
    सरकार ने बताया कि इस नए कॉरिडोर के चालू होने के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो रेल का सक्रिय नेटवर्क क्षेत्र बढ़कर 61.62 किलोमीटर हो जाएगा। शनिवार को इस फैसले के बारे में जानकारी देते हुए केंद्र सरकार ने बताया कि यह नया विस्तार कॉरिडोर, नोएडा के सार्वजनिक परिवहन ढांचे में एक मील का पत्थर साबित होगा, साथ ही यह परियोजना शहर की बुनियादी सुविधाओं में एक बड़ा सुधार भी है।

    बॉटनिकल गार्डन में ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन के साथ सीधा इंटरचेंज
    सरकार की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि यह प्रोजेक्ट ज्यादा भीड़भाड़ वाले कॉरिडोर (ब्लू और मैजेंटा लाइन) के साथ सीधी कनेक्टिविटी भी देगा, यह नया विस्तार मौजूदा एक्वा लाइन को दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन के साथ सीधे जोड़ेगा, साथ ही इससे बॉटनिकल गार्डन पर इंटरचेंज लाइन भी मिलेगी। इसका फायदा बताते हुए सरकार ने बताया कि इंटरचेंज की सुविधा मिलने से यात्रियों को दिल्ली और अन्य हिस्सों में जाने के लिए बार-बार साधन बदलने की झंझट से मुक्ति मिल जाएगी।

    बनाया जाएगा 11.56 किलोमीटर की लम्बाई वाला ट्रैक
    बयान में कहा गया कि इस कॉरिडोर से लगभग 11.56 किलोमीटर की लम्बाई का ट्रैक बनेगा और शहर में सार्वजनिक यातायात भी बेहतर होगा। साथ ही यह प्रोजेक्ट बहुत ज्यादा चहल-पहल वाले कॉरिडोर के साथ सीधी कनेक्टिविटी भी देगा, जिसमें बॉटनिकल गार्डन पर इंटरचेंज, ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन शामिल हैं। इस कॉरिडोर की वजह से शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर में तरक्की दिखाई देगी और नोएडा सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन (नोएडा) तक का एक्सटेंशन कॉरिडोर नोएडा मेट्रो रेल नेटवर्क के एक बड़े विस्तार के तौर पर काम करेगा।

    सरकार ने कहा कि नोएडा सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन (नोएडा) तक एक्सटेंशन कॉरिडोर न सिर्फ कनेक्टिविटी बढ़ाएगा बल्कि इकॉनमिक एक्टिविटी को भी बढ़ावा देगा और शहर में रहने वालों और नौकरी, बिजनेस, एजुकेशन और दूसरे कामों से सामान्य रूप से आने-जाने वालों के लिए भी आना-जाना आसान बनाएगा।

    पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने एक्स पर दी जानकारी
    उधर इस बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लिखा, ‘प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नोएडा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के नोएडा सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन (नोएडा) तक मेट्रो कॉरिडोर के एक्सटेंशन को मंजूरी दे दी है। इस कॉरिडोर की लंबाई 11.56 किलोमीटर होगी और इसमें 8 एलिवेटेड स्टेशन होंगे। इस कॉरिडोर के चालू होने पर, नोएडा और ग्रेटर नोएडा शहर में 61.62 Km का एक्टिव मेट्रो रेल नेटवर्क होगा। नोएडा सेक्टर 142 से नोएडा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के बॉटनिकल गार्डन (नोएडा) तक का यह कॉरिडोर शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में एक बड़ी तरक्की दिखाता है।’

  • भारत-पाकिस्तान महामुकाबला: विवादों के बीच भी मैदान में दिखेगा रोमांच

    भारत-पाकिस्तान महामुकाबला: विवादों के बीच भी मैदान में दिखेगा रोमांच

    कोलंबो
    रविवार को क्रिकेट में सबसे ज़्यादा इंतज़ार किए जाने वाले मैचों में से एक होगा, जब भारत और पाकिस्तान पुरुष टी20 वर्ल्ड कप में यहां आर प्रेमदासा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आमने-सामने होंगे। यह मैच, जो पहले से ही अपने ज़ोरदार खेल के लिए मशहूर है, मैदान के बाहर हुई ज़बरदस्त घटनाओं के बैकग्राउंड में हो रहा है, जिसने टूर्नामेंट में और भी दिलचस्प बातें जोड़ दी हैं। बंगलादेश ने अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए वर्ल्ड कप से नाम वापस ले लिया, और अपने ग्रुप-स्टेज मैचों के लिए भारत नहीं आने का फ़ैसला किया। उनकी जगह, स्कॉटलैंड ने यह पक्का किया कि टूर्नामेंट आसानी से हो सके। शुरू में, खबर थी कि बंगलादेश के नाम वापस लेने के बाद पाकिस्तान भारत के ख़िलाफ़ अपने मैच का रिव्यू कर रहा है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और आईसीसी के साथ बातचीत के बाद, पाकिस्तान ने कन्फ़र्म किया कि वे तय समय पर भारत के ख़िलाफ खेलेंगे, जिससे फ़ैन बिना किसी रुकावट के इस बड़े मैच का इंतज़ार कर सकें। मैदान पर, भारत पाकिस्तान के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप में आठ मैचों में सात जीत के अपने शानदार रिकॉर्ड के दम पर फेवरेट के तौर पर उतरेगा, जिसमें पिछले साल एशिया कप में मिली जीत भी शामिल है।

    भारत की बैटिंग की ताकत जबरदस्त शुरुआत और मोमेंटम बनाए रखने में काबिल एक मज़बूत मिडिल ऑर्डर का कॉम्बिनेशन है। ईशान किशन ज़बरदस्त फॉर्म में हैं, 2026 में उनका स्ट्राइक रेट 220 से ज़्यादा रहा है और उन्होंने हाल ही में 24 गेंदों पर 61 रन बनाए हैं। अगर वह जल्दी चल पड़ते हैं, तो भारत पावरप्ले पर कंट्रोल कर सकता है और पाकिस्तान पर तुरंत प्रेशर डाल सकता है। सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा से बीच के ओवरों में पारी को संभालने की उम्मीद है, जबकि हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे और अक्षर पटेल डेथ ओवरों में तेज़ी लाने के लिए फायरपावर देंगे। भारत का बॉलिंग अटैक भी उतना ही बैलेंस्ड है: जसप्रीत बुमराह पेस यूनिट को लीड करते हैं, जिन्हें स्पिनर वरुण चक्रवर्ती, अक्षर और कुलदीप यादव का सपोर्ट मिलता है, जो कोलंबो की धीमी, टर्निंग पिच के लिए काफी सही हैं। पाकिस्तान ग्रुप स्टेज में लगातार मैच जीतकर अपने मोमेंटम के साथ आ रहा है। उनकी ताकत उनके स्पिन अटैक में है, जिसे शादाब खान और अनोखे उस्मान तारिक लीड कर रहे हैं, जो धीमी पिच पर अच्छा खेलते हैं और भारत के मिडिल ऑर्डर को परख सकते हैं।

    साहिबज़ादा फरहान, जो पिछले गेम में शानदार 73 रन की पारी खेलकर फ्रेश हुए हैं, बाबर आज़म और उस्मान खान के साथ मिलकर पारी को संभालेंगे और भारत की बैटिंग की गहराई को चुनौती देने के लिए पार्टनरशिप बनाएंगे। अब जब मैदान के बाहर की अनिश्चितताएं दूर हो गई हैं, तो पाकिस्तान सिर्फ परफॉर्मेंस पर फोकस कर सकता है, जिससे उन्हें भारत के दबदबे का मुकाबला करने का एक भरोसेमंद मौका मिलेगा। इस मुकाबले में टॉस अहम भूमिका निभा सकता है। बीच-बीच में बारिश का अनुमान है, और आसमान में बादल छाए रहने से पारी की शुरुआत में सीमर्स को फायदा हो सकता है, जबकि धीमी होती पिच से मैच आगे बढ़ने पर स्पिनर्स को फायदा होगा। टी20 क्रिकेट, खासकर इतने बड़े मैच में, अक्सर कुछ अहम पलों पर निर्भर करता है, एक शानदार पार्टनरशिप, अचानक हार, या एक अच्छी तरह से की गई डिलीवरी नतीजा तय कर सकती है। आखिर में, भारत पाकिस्तान के खिलाफ टी 20 वर्ल्ड कप मैच जीतने का सिलसिला जारी रखने के लिए फेवरेट के तौर पर उतरेगा, लेकिन यह कोई सीधा मुकाबला नहीं होगा। किशन की ज़बरदस्त बैटिंग, पाकिस्तान का टैक्टिकल स्पिन अटैक, और बंगलादेश के हटने और पाकिस्तान के शेड्यूलिंग रिव्यू के सुलझने के बाद साइकोलॉजिकल इंटेंसिटी यह पक्का करती है कि यह मैच ड्रामा, हाई-स्टेक कॉम्पिटिशन और यादगार पलों का वादा करता है। स्किल और इमोशन दोनों में, यह मुकाबला क्रिकेट के सबसे कड़े मुकाबलों में से एक जैसा नज़ारा पेश करने के लिए तैयार है।

     

  • चिन्नास्वामी स्टेडियम ने मुझे बनाया लीडर, यहीं सीखा जीत का जुनून: अनिल कुंबले

    चिन्नास्वामी स्टेडियम ने मुझे बनाया लीडर, यहीं सीखा जीत का जुनून: अनिल कुंबले

    बेंगलुरु
    भारत में कुछ ही ग्राउंड ऐसे हैं जो एम चिन्नास्वामी स्टेडियम जितनी यादें, जीत और दुख समेटे हुए हैं। भारत के पूर्व कप्तान अनिल कुंबले शुक्रवार को स्टेडियम की 50वीं सालगिरह मनाने के लिए स्टेडियम लौटे, और अपने करियर के बारे में बताया जो एक युवा दर्शक के तौर पर वहीं से शुरू हुआ और देश के सबसे मशहूर क्रिकेट ग्राउंड में से एक के साथ-साथ आगे बढ़ा।
    कुंबले ने याद किया कि नौ साल की उम्र में वह बेंगलुरु की इस जगह पर रणजी ट्रॉफी मैच देखने के लिए पुलिस को चकमा देकर चुपके से निकल गए थे। उन्होंने याद करते हुए कहा, "मैं रोजर बिन्नी को सेंचुरी बनाते देखने आया था। मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन मैं यहां खेलूंगा, या इंडियन कैप भी पहनूंगा।" किस्मत ने पलटा खाया, कुंबले के अपने रणजी डेब्यू में भी बिन्नी कप्तान थे, यह एक ऐसे करियर की शानदार शुरुआत थी जिसने इंडियन स्पिन के एक युग को तय किया। उन्होंने स्टेडियम को अपना दूसरा घर बताया, जहाँ क्रिकेट का हर सबक सीखा गया-एज-ग्रुप मैचों की मुश्किलों से लेकर रणजी ट्रॉफी मुकाबलों की तेज़ी तक। उन्होंने कहा, "यहीं पर मैंने मुकाबला करना, लीड करना और सपने देखना सीखा। स्टैंड्स ने गर्व, दिल टूटना और ऐसे यादगार पल देखे हैं जो हमेशा आपके साथ रहते हैं।"

     

  • गिलगित-बाल्टिस्तान के रेअर अर्थ मिनरल्स पर पाकिस्तान की नजर, स्थानीयों पर सेना के अत्याचार का आरोप

    गिलगित-बाल्टिस्तान के रेअर अर्थ मिनरल्स पर पाकिस्तान की नजर, स्थानीयों पर सेना के अत्याचार का आरोप

    वाशिंगटन
    पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित बाल्टिस्तान (पीओजीबी) में सियासी हालात संजीदा हो चले हैं। चीन के अलावा, पाकिस्तान अब अमेरिकी और सेंट्रल एशियाई कंपनियों से भी इस इलाके में संसाधनों के दोहन में शामिल होने की गुजारिश कर रहा है। एक रिपोर्ट में इसका खुलासा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार हाल ही में कजाकिस्तान और इंडोनेशिया ने गिलगित- बाल्टिस्तान के सोने और तांबे की माइन्स में निवेश करने में दिलचस्पी दिखाई है। कई स्थानीय कार्यकर्ता मानते हैं, "गिलगित-बाल्टिस्तान में अस्थिरता की एक मुख्य वजह स्ट्रेटेजिक लोकेशन और रेयर अर्थ्स की मौजूदगी है। पाकिस्तानी सेना स्थानीय लोगों को मुआवजा दिए बिना उनके संसाधनों का फायदा उठाना चाहती है। पाकिस्तान ने गिलगित-बाल्टिस्तान में एक गैर-कानूनी और गैर-संवैधानिक लैंड रिफॉर्म एक्ट लागू किया है, जिससे प्राकृतिक संसाधन का गलत इस्तेमाल जारी है। जब स्थानीय सही हिस्सा मांगते हैं, तो पाकिस्तान रॉयल्टी देने से मना कर देता है, यह कहते हुए कि सियासी दिक्कत यह है कि जमीन विवादित जम्मू-कश्मीर का हिस्सा बनी हुई है और इसलिए संवैधानिक और आर्थिक मजबूरियों के चलते इस पर मालिकाना हक नहीं जताया जा सकता।"
    पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान के रहने वाले सेंगे सेरिंग ने वाशिंगटन के ग्लोबल स्ट्रैट व्यू के जरिए ये खुलासा किया है।
    सेरिंग, जो अब वाशिंगटन स्थित इंस्टीट्यूट फॉर गिलगित बाल्टिस्तान स्टडीज (आईजीबीएस) के प्रमुख हैं, ने विस्तार से बताया कि यह देखते हुए कि रेयर अर्थ एलिमेंट का प्रसंस्करण और आपूर्ति कुछ ही देशों में केंद्रित है, गिलगित बाल्टिस्तान की भौगोलिक स्थिति प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के रेयर अर्थ सप्लाई चेन में विविधता लाने के प्रयासों को पूरा करती है।
    उन्होंने बताया कि तंगिर और गिलगित बाल्टिस्तान की आस-पास की घाटियां दुनिया भर में जानी-मानी मिनरल हॉटस्पॉट हैं – जहां मोनाजाइट, चेवकिनाइट, लैंथेनम, समैरियम, प्रेज़ोडायमियम, नियोडिमियम, सेरियम, टाइटेनियम, थोरियम और दूसरे रेयर अर्थ एलिमेंट्स बहुत अधिक हैं। चीन के इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड की कोशिशों से पाकिस्तान को (अपने कब्जे वाले इलाके को) एशिया, मध्य पूर्व और यूरोप के चौराहे पर एक रेयर-अर्थ हब बनाने में मदद मिल रही है।
    उन्होंने वर्तमान हालातों को ध्यान में रख एक अपील की है। कहा है, "इन हालात में, गिलगित बाल्टिस्तान के लोगों को एकजुट रहना चाहिए और कब्जा करने वाले पाकिस्तानी औपनिवेशिक मालिकों को निकालने की अपनी कोशिशें जारी रखनी चाहिए, जो सिर्फ कुदरती दौलत और आने-जाने के रास्तों का फायदा उठाने और उनका गलत इस्तेमाल करने में दिलचस्पी रखते हैं, जबकि वहां के लोगों को उनके जरूरी सियासी और संवैधानिक अधिकार नहीं देते। यह लगन और हिम्मत आखिरकार गिलगित बाल्टिस्तान के लोगों को भारत के संवैधानिक नागरिक के तौर पर लद्दाख में शामिल होने और इलाके और पहचान दोनों की रक्षा करने में मदद करेगी।"
    गुरुवार को, पाकिस्तानी मीडिया ने बताया कि पीओजीबी में डायमर की तंगिर घाटी में एक गाड़ी के पास एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) फटने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक आर्मी मेजर समेत तीन अन्य घायल हो गए।
    सेरिंग, जो पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके के सबसे जाने-माने जानकारों में से एक हैं, ने कहा कि कमांडर मौलाना आमिर हमजा से जुड़े एक आतंकवादी सेल ने हमले से पहले एक बयान दिया था, जिसमें बताया गया था कि वे गिलगित बाल्टिस्तान के डायमर जिले से हैं और पाकिस्तानी सेना, जिसमें आईएसआई और एमआई जैसी सीक्रेट एजेंसियां के अलावा पुलिस भी शामिल हैं, पर हमले करते हैं।
    सेरिंग ने ग्लोबल स्ट्रैट व्यू में लिखा, "उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना गिलगित बाल्टिस्तान को कंट्रोल करने के लिए फूट डालो और राज करो की स्ट्रैटेजी का इस्तेमाल करती है। गिलगित बाल्टिस्तान के शिया और सुन्नी नेताओं, जिसमें आगा राहत भी शामिल हैं, को दिए एक बयान में, ग्रुप ने कहा कि अगर पहले आगा राहत या काजी निसार पर सांप्रदायिक हमले हुए हैं, तो यह पाकिस्तान की सेना और उनके एजेंटों का काम है ताकि स्थानीय लोगों के बीच झगड़ा और फूट पैदा की जा सके।"

  • धोनी फिल्म ने बदल दी जिंदगी! उस्मान तारिक ने छोड़ी नौकरी, अब बना भारत के लिए बड़ा खतरा

    धोनी फिल्म ने बदल दी जिंदगी! उस्मान तारिक ने छोड़ी नौकरी, अब बना भारत के लिए बड़ा खतरा

    इस्लामाबाद   
    पाकिस्तान के स्टार स्पिनर उस्मान तारिक भारत के खिलाफ मुकाबले से पहले अपनी बॉलिंग एक्शन को लेकर काफी चर्चा में है। इस हाईवोल्टेज मैच से पहले स्पिनर उस्मान तारिक ने अपनी क्रिकेट करियर से जुड़ा एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि एमएस धोनी की वजह से उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई है। पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर उस्मान तारिक ने कहा कि उन्होंने क्रिकेट छोड़कर दुबई में सेल्समैन की नौकरी कर ली थी और क्रिकेट में बड़ा नाम बनाने की उम्मीद छोड़ दी थी। लेकिन 2016 में एमएस धोनी की बायोपिक देखने के बाद उनकी जिंदगी बदल गई। इस फिल्म ने उन पर इतना गहरा प्रभाव डाला कि उनके सोचने का तरीका ही बदल गया।

    उस्मान तारिक ने एएफपी को दिए इंटरव्यू में कहा, "मैंने क्रिकेट में नाम कमाने का ख्याल छोड़ दिया था, लेकिन एक दिन मैंने यह फिल्म देखी और उसने मुझे विश्वास दिलाया कि मैं भी ऐसा ही कुछ कर सकता हूं।" फिल्म में धोनी की संघर्षपूर्ण जिंदगी, टिकट कलेक्टर की नौकरी के साथ क्रिकेट का सपना और आखिरकार सफलता की कहानी ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने दुबई की नौकरी छोड़ दी और पाकिस्तान लौटकर क्रिकेट पर फोकस किया।

    उन्होंने आगे कहा, ''पिछले साल जब मैं अपनी शादी की रस्मों में व्यस्त था, तब मेरे कोच ने मुझे पाकिस्तान टीम में चुने जाने की खबर दी। शुरुआत में मुझे लगा कि कोई मेरे साथ मजाक कर रहा है। लेकिन वह खबर सच थी, इसलिए मुझे लगता है कि मेरी पत्नी मेरे लिए लेडी लक (किस्मत) लेकर आई हैं।"

    उस्मान तारिक अपनी रहस्यमयी स्पिन और अनोखे गेंदबाजी एक्शन (जिसमें वे गेंद फेंकने से पहले एक पल के लिए रुकते हैं) के कारण चर्चा में हैं। उन्हें भारत के खिलाफ होने वाले मैच में पाकिस्तान का एक्स फैक्टर माना जा रहा है। भारत के खिलाफ मुकाबले पहले उस्मान तारिक की गेंदबाजी एक्शन पर सवाल भी उठ रहे हैं। लेकिन उस्मान ने साफ किया कि उनकी कोहनी में 'डबल जॉइंट' (दो कोहनियां) होने के कारण उनका हाथ प्राकृतिक रूप से मुड़ता है। उन्हें आईसीसी के नियमों के तहत दो बार क्लियर किया जा चुका है।

    मैदान पर भारत पाकिस्तान के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप में आठ मैचों में सात जीत के अपने शानदार रिकॉर्ड के दम पर फेवरेट के तौर पर उतरेगा, जिसमें पिछले साल एशिया कप में मिली जीत भी शामिल है। पिच धीमे गेंदबाजों की मददगार है और पाकिस्तान के पास उस्मान तारिक, सईम अयूब, अबरार अहमद, शादाब खान और मोहम्मद नवाज जैसे स्पिनर हैं। तारिक का गेंदबाजी एक्शन पहले ही र्चा का विषय बन चुका है और भारतीय बल्लेबाजों से उनकी टक्कर रोचक रहेगी।