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  • UPI पेमेंट पर लगेगा MDR चार्ज? PhonePe-Paytm समेत इन ऐप्स पर बदलेगा नियम

    UPI पेमेंट पर लगेगा MDR चार्ज? PhonePe-Paytm समेत इन ऐप्स पर बदलेगा नियम

      नई दिल्ली
    भारत सरकार ने यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) पेमेंट्स् पर चार्ज लागू करने का ऐलान कर दिया है, जो आने वाले 15 अक्टूबर से लागू होगा. UPI का भारत में बड़ा यूजरबेस है. बहुत से लोग मोबाइल में UPI ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, जिनके नाम PhonePe, PayTM, GPay और कई मोबाइल ऐप्स भी UPI की सर्विस देते हैं। 

    अब UPI ऐप्स चलाने वाले यूजर्स के बीच में कंफ्यूजन है कि किन-किन UPI मोबाइल ऐप्स पर MDR चार्ज कटेगा?

    सबसे पहले बता देते हैं कि 2,000 रुपये से ऊपर की कीमत के ट्रांजैक्शन पर करने पर 0.40 परसेंट मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) देना होगा. सरकार साफ कर चुकी है कि यह चार्ज कस्टमर को नहीं देना होगा बल्कि यह चुनिंदा मर्चेंट पर चार्ज लगेगा। 

    चार्ज सिर्फ पर्सन टू मर्चेंट (P2M)
    सरकार की तरफ से जारी जानकारी में साफ बताया है कि चार्ज सिर्फ पर्सन टू मर्चेंट (P2M) है. अगर कस्टमर 2 हजार रुपये से ज्यादा की पेमेंट करता है तो उसे कोई चार्ज नहीं देना होगा. यह चार्ज सिर्फ चुनिंदा मर्चेंट पर ही लागू होगा। 

    MDR कैलकुलेशन कैसे होगा? 
    MDR की कैलकुलेशन को लेकर साफ जानकारी दी गई है. सरकार की तरफ से जारी सवालों के जवाब में बताया है कि ₹3,000 की खरीदारी पर 0.4% MDR लागू होने पर शुल्क ₹12 होगा. यह रकम व्यापारी अपने Acquiring Bank को देगा. वहीं, ₹50,000 की खरीदारी पर 0.4% MDR के हिसाब से शुल्क ₹200 होगा। 

    1 लाख रुपये की शॉपिंग पर 0.4 परसेंट के हिसाब से MDR 400 रुपये बनता है, लेकिन यहां 300 रुपये की सीमा तय की है। 

    दरअसल, NPCI ने चुनिंदा UPI ट्रांजैक्शन के लिए Merchant Discount Rate यानी MDR का नया सिस्टम लागू करने का ऐलान किया है. नए नियम के तहत 15 अक्टूबर से ₹2,000 से ज्यादा के कुछ पर्सन टू मर्चेंट यानी P2M UPI पेमेंट पर अधिकतम 0.4% तक MDR लगाया जा सकेगा. हालांकि, सभी ट्रांजैक्शन पर एक जैसी दर लागू नहीं होगी. कुछ कैटेगरी के लिए कम दर रखी जाएगी और छोटे कारोबारियों को छूट भी मिलेगी. आम UPI यूजर्स के लिए सबसे बड़ी बात यह है कि ₹2,000 तक के P2M ट्रांजैक्शन पर MDR शून्य ही रहेगा। 

    शेयर्स में जोरदार तेजी
    पेटीएम के शेयर्स में आज 4 फीसदी की तेजी आई है. कंपनी के शेयर्स ने पिछले 3 महीनों में 56 फीसदी का रिटर्न और 1 साल में 40 फीसदी का मुनाफा दिया है. One MobiKwik Systems का शेयर भी 4 फीसदी से ज्यादा उछला है.  हालांकि, कंपनी ने शेयर्स ने 1 साल में 36 फीसदी का नेगेटिव रिटर्न दिया है. इसके अलावा यस बैंक के शेयर्स में भी 2 फीसदी की तेजी देखी जा रही है. बैंक ने 1 साल में 9 फीसदी का नेगेटिव रिटर्न दिया है। 

    UPI इंडस्ट्री का बढ़ेगा रेवेन्यू
    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गोल्डमैन सैक्स के अनुमान के मुताबिक, नए MDR सिस्टम से UPI इंडस्ट्री के लिए करीब ₹20,600 करोड़ का सालाना रेवेन्यू पूल बन सकता है. यह अनुमान इस आधार पर है कि कुल UPI ट्रांजैक्शन वैल्यू का करीब आधा हिस्सा 0.4% की पूरी MDR दर के दायरे में आ सकता है. वहीं, JPMorgan ने अधिकतम संभावित रेवेन्यू करीब ₹17,000 करोड़ आंका है. इसमें से लगभग ₹11,700 करोड़ बैंकों को मिल सकते हैं। 

    Citi का अनुमान है कि UPI इकोसिस्टम में हर साल करीब ₹16,000-17,000 करोड़ की कमाई हो सकती है. उसके मुताबिक, इस रकम का लगभग 60% हिस्सा बैंकों, 25% UPI ऐप प्रोवाइडर्स और 15% गैर-बैंक पेमेंट एग्रीगेटर्स को मिल सकता है. Citi ने YES Bank को प्रॉफिट पाने वाली कंपनियों में बताया है, क्योंकि बैंक का UPI से जुड़ा ट्रांजैक्शन वॉल्यूम काफी बड़ा है। 

    कंपनियों को मिलेगा फायदा
    PhonePe के फाउंडर और CEO Sameer Nigam ने इस फैसले को UPI सिस्टम की लंबे समय की स्थिरता के लिए अहम बताया है. उनके मुताबिक देश में रोज करीब 70-80 करोड़ UPI ट्रांजैक्शन होते हैं और इनमें लगभग 96% पेमेंट ₹2,000 से कम के हैं. उनका कहना है कि बड़े ट्रांजैक्शन पर मिलने वाला MDR भुगतान कंपनियों को अपने ऑपरेशनल खर्च की भरपाई करने में मदद कर सकता है. पिछले कई सालों से UPI पर MDR नहीं होने के कारण पेमेंट इंडस्ट्री को लगातार लागत उठानी पड़ रही थी। 

    मनीकंट्रोल की रिपोर्ट में भी बताया गया है कि Paytm ने जानकारी दी है कि ₹2,000 से ज्यादा के UPI Person-to-Merchant (P2M) पेमेंट पर 0.4% तक MDR लागू होने से कंपनी को मर्चेंट बिजनेस से अतिरिक्त कमाई हो सकती है. कंपनी के मुताबिक, जिन बड़े पेमेंट पर पहले कोई चार्ज नहीं लगता था, अब उनमें MDR से पेमेंट कंपनियों के लिए नए रेवेन्यू का रास्ता खुलेगा।

                                     MDR चार्ज कैलकुलेटर

    व्यापारी को भुगतान की राशि   लागू MDR व्यापारी द्वारा दिया जाने वाला MDR
    ₹2,000   0%   ₹0
    ₹3,000   0.40%₹12
    ₹50,000   0.40% ₹200
    ₹ 75,000 रुपये या उससे ज्यादाफिक्स ₹ 300₹ 300

    कस्टमर पर नहीं लगेगा कोई भी चार्ज 

    मोबाइल में मौजूद UPI ऐप्स जैसे PhonePe, PayTM, Gpay आदि की मदद से अगर कोई पेमेंट करते हैं, तो कस्टमर के अकाउंट से कोई चार्ज पेमेंट नहीं होगी.  MDR चार्ज सिर्फ चुनिंदा मर्चेंट से ली जाएगी. यह रकम मर्चेंट के बैंक अकाउंट से काटी जाएगी. 

     

     

  • मध्य प्रदेश में डेढ़ लाख अप्रशिक्षित शिक्षकों के लिए विशेष TET अब माशिमं कराएगा, अधिसूचना जारी।

    मध्य प्रदेश में डेढ़ लाख अप्रशिक्षित शिक्षकों के लिए विशेष TET अब माशिमं कराएगा, अधिसूचना जारी।

    भोपाल
    मध्य प्रदेश में बिना पात्रता परीक्षा दिए भर्ती हुए करीब डेढ़ लाख शिक्षकों की विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) अब माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) कराएगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने परीक्षा आयोजन की अधिसूचना जारी कर दी है। पहले इसकी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) को दी गई थी, लेकिन बाद में उसने परीक्षा आयोजन को लेकर असमर्थता जता दी।

    ESB ने परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी थी और 18 सितंबर आवेदन की अंतिम तिथि निर्धारित थी। हालांकि शिक्षकों की मांग के बाद परीक्षा ऑनलाइन के बजाय पारंपरिक ऑफलाइन माध्यम से कराने का फैसला लिया गया। इसके बाद परीक्षा एजेंसी बदलनी पड़ी।

    शिक्षकों के विरोध के बाद बदला परीक्षा का तरीका

    दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के मई 2026 के आदेश के अनुसार प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत ऐसे शिक्षकों के लिए विशेष TET आयोजित की जानी है, जिन्होंने पात्रता परीक्षा पास किए बिना शिक्षक के रूप में नियुक्ति पाई है।
    परीक्षा कराने की जिम्मेदारी पहले ESB को दी गई थी। पिछले महीने ESB ने ऑनलाइन परीक्षा के लिए आवेदन मांगे। इसके बाद बड़ी संख्या में शिक्षकों ने ऑनलाइन परीक्षा का विरोध करते हुए ऑफलाइन मोड में परीक्षा कराने की मांग की।
    मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा, जिसके बाद परीक्षा पारंपरिक ऑफलाइन तरीके से कराने के निर्देश दिए गए। स्कूल शिक्षा विभाग ने ESB से ऑफलाइन परीक्षा कराने का प्रस्ताव रखा, लेकिन ESB ने इससे असमर्थता जता दी।

    अब माशिमं जारी करेगा नया शेड्यूल

    ESB के मुताबिक उसकी परीक्षा व्यवस्था मुख्य रूप से ऑनलाइन परीक्षाओं के लिए तैयार है। ऐसे में विशेष TET कराने की जिम्मेदारी अब माध्यमिक शिक्षा मंडल को सौंप दी गई है। मंगलवार शाम विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी।

    ESB ने इस परीक्षा के लिए 12 अक्टूबर की संभावित तारीख तय की थी। एजेंसी बदलने के बाद अब परीक्षा का कार्यक्रम नए सिरे से तैयार होगा। अधिकारियों के अनुसार परीक्षा दिसंबर तक आयोजित किए जाने की संभावना है।

    माशिमं अगले एक-दो दिन में बैठक कर परीक्षा से जुड़ी प्रक्रिया तय करेगा। इसके बाद आवेदन प्रक्रिया और परीक्षा की नई तारीखों की घोषणा की जाएगी।

    पहले आवेदन कर चुके शिक्षकों को राहत

    परीक्षा एजेंसी बदलने के बावजूद जिन शिक्षकों ने ESB के पोर्टल पर पहले ही आवेदन कर दिया है, उन्हें दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।

    वहीं, जिन शिक्षकों ने अब तक आवेदन नहीं किया है, उनके लिए माशिमं नए सिरे से आवेदन प्रक्रिया शुरू करेगा। इसकी तारीख और अन्य दिशा-निर्देश जल्द जारी किए जाएंगे।

     

  • उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेशवासियों से स्वैच्छिक रक्तदान की अपील की

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेशवासियों से स्वैच्छिक रक्तदान की अपील की

    भोपाल 

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले “सेवा संकल्प अभियान” के अंतर्गत प्रदेशवासियों से स्वैच्छिक रक्तदान में सक्रिय सहभागिता की अपील की है। उन्होंने कहा कि रक्तदान किसी जरूरतमंद का जीवन बचाने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। गर्भवती महिलाओं, सिकल सेल, थैलेसीमिया, एनीमिया, डायलिसिस एवं कैंसर से पीड़ित मरीजों को नियमित रूप से रक्त की आवश्यकता होती है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि अभियान के दौरान प्रदेश के सभी जिलों में रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों में सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं, युवा संगठनों, क्लबों तथा औद्योगिक एवं व्यावसायिक संस्थानों की सहभागिता होगी।

    उन्होंने कहा कि रक्तदान शिविरों की निगरानी भारत सरकार के e-RaktKosh पोर्टल के माध्यम से की जाएगी तथा रक्तदाताओं का ABHA ID के माध्यम से पंजीयन किया जाएगा। चिकित्सकीय पात्रता के अनुसार 18 से 65 वर्ष की आयु के स्वस्थ व्यक्ति, जिनका वजन 45 किलोग्राम से अधिक है, स्वैच्छिक रक्तदान कर सकते हैं।

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विशेष रूप से युवाओं से अभियान से जुड़ने और नियमित स्वैच्छिक रक्तदाता बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नागरिक अपने मोबाइल में e-RaktKosh App डाउनलोड कर अपने आसपास आयोजित होने वाले रक्तदान शिविरों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और रक्तदान के लिए पंजीयन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश का प्रत्येक स्वस्थ युवा नियमित रूप से रक्तदान करे, तो जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।

     

  • उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने शहडोल में सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों की समीक्षा की

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने शहडोल में सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों की समीक्षा की

    भोपाल 

    उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से शहडोल जिले में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों एवं विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के अंतर्गत आयोजित होने वाली सभी गतिविधियों का व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संचालन सुनिश्चित किया जाए। सभी कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने के भी निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के साथ पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

    17 सितम्बर को रक्तदान शिविरों का आयोजन

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने 17 सितम्बर को आयोजित होने वाले रक्तदान शिविरों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि शिविरों में संकलित रक्त का व्यवस्थित संधारण एवं सुरक्षित रख-रखाव सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने रक्तदान शिविरों के सफल आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्व से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    जनसेवा संकल्प यात्रा में जनसंवाद एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित हों

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जनसेवा संकल्प यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान निर्धारित सभी आयोजन व्यवस्थित रूप से संपन्न किए जाएं। यात्रा में शामिल दल एवं स्थानीय जनता के बीच प्रभावी संवाद सुनिश्चित किया जाए। यात्रियों के ठहरने एवं भोजन की समुचित व्यवस्था के साथ निर्धारित रूट एवं कार्यक्रम के अनुसार सभी आवश्यक व्यवस्थाएं संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय से पूर्ण करें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में निबंध एवं रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन प्रतियोगिताओं का व्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित किया जाए।

    आंगनवाड़ी केन्द्रों में ‘आंगन का मिलन’ की गतिविधियां हों

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आंगनवाड़ी केन्द्रों में आयोजित होने वाले ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यक्रम के अंतर्गत निर्धारित सभी गतिविधियों का व्यवस्थित रूप से आयोजन किया जाए। आंगनवाड़ी केन्द्रों में कार्यक्रमों की नियमित निगरानी एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

    कलेक्टर पार्थ जायसवाल एवं सीईओ जिला पंचायत शिवम प्रजापति ने सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाली विभिन्न गतिविधियों की व्यवस्थाओं की जानकारी दी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान विधायक जैतपुर जयसिंह मरावी, जिला योजना समिति सदस्य श्रीमती अमिता चपरा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • WPL 2027 का शेड्यूल तय, 14 जनवरी से शुरू होगा महिला क्रिकेट का महामुकाबला

    WPL 2027 का शेड्यूल तय, 14 जनवरी से शुरू होगा महिला क्रिकेट का महामुकाबला

    नई दिल्ली
    क्रिकेट फैन्स के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है. विमेन्स प्रीमियर लीग (WPL) के पांचवें सीजन का शेड्यूल लगभग तय हो गया है. पुरुषों की तरह महिला खिलाड़ियों ने भी डब्ल्यूपीएल के जरिए अपनी एक अलग पहचान बनाने में कामयाबी हासिल की है.  

    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के मुताबिक विमेन्स प्रीमियर लीग का अगला सीजन 14 जनवरी से 7 फरवरी 2027 के बीच खेला जाएगा. महिलाओं के इस महामुकाबले का फैन्स को हर साल बेसब्री से इंतजार रहता है.

    नया सीजन शुरू होने से पहले टीमों को अपनी-अपनी स्क्वाड तैयार करनी होगी, जिसके लिए कुछ खास तारीखें तय की गई हैं. हर टीम को प्लेयर रिटेंशन की लिस्ट सौंपने के लिए 28 सितंबर तक समय दिया गया है. इस दिन तक सभी फ्रेंचाइजी तय करेंगी कि वे किन पुरानी खिलाड़ियों को अपने साथ बनाए रखना चाहती हैं.

      वहीं 28 अक्टूबर 2026 को कोच्चि के ग्रैंड हयात होटल में ऑक्शन का आयोजन किया जाएगा. जहां सभी पांचों टीमें अपनी टीम को मजबूत करने के लिए नए खिलाड़ियों पर बोली लगाएंगी.

    बीसीसीआई इस बार मैचों के आयोजन के लिए कई जगहों पर विचार कर रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार के मुकाबलों के लिए मुंबई, बेंगलुरु, वाराणसी और वडोदरा जैसे शहरों पर विचार किया जा रहा है.

    मुंबई का ब्रेबॉर्न स्टेडियम एक मुख्य वेन्यू के रूप में तय माना जा रहा है, जहां पहले भी कई शानदार मैच और फाइनल खेले जा चुके हैं. दूसरे वेन्यू के लिए वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम और वाराणसी के नए स्टेडियम के नाम पर चर्चा चल रही है.

    बीसीसीआई की क्रिकेट ऑपरेशंस टीम जल्द ही वाराणसी के नए स्टेडियम का मुआयना करने वाली है. अगर सब कुछ ठीक रहा तो वहां कुछ घरेलू या प्रैक्टिस मैच करवाकर यह देखा जाएगा कि मैदान टूर्नामेंट के लिए पूरी तरह तैयार है या नहीं.

  • सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण के 25 वर्ष: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गौरवशाली राजनीतिक यात्रा पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का विशेष लेख।

    सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण के 25 वर्ष: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गौरवशाली राजनीतिक यात्रा पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का विशेष लेख।

    भोपाल
     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनके राजनीतिक और प्रशासनिक सफर को रेखांकित करते हुए विशेष लेख लिखा है। डॉ. यादव ने गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक की मोदी की यात्रा को सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने राष्ट्रीय विकास के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी भूमिका और प्रभाव को मजबूत किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लिखा कि यशस्वी नरेन्द्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री के रूप में ढाई दशक की गौरवपूर्ण यात्रा पर विशेष राजनीति के मैदान में ऐसे अनेक नेता और जननेता हुए हैं, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। इनमें कुछ अपनी प्रशासनिक क्षमता के लिए जाने गए, तो कुछ ने अपने राजनीतिक कौशल से अलग पहचान बनाई। लेकिन ऐसे नेता विरले ही होते हैं, जो संगठन से निकलकर मुख्यमंत्री के रूप में अपनी राजनीतिक और प्रशासनिक कार्यकुशलता की मिसाल कायम करें और आगे चलकर प्रधानमंत्री के रूप में न केवल देश की राजनीति और शासन-व्यवस्था को नई दिशा दें, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिष्ठा और प्रभाव को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाये। 

    भारत के संबंधों को मजबूत किया है।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का सार्वजनिक जीवन ऐसी ही असाधारण यात्रा का उदाहरण है। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में लगभग 13 वर्षों तक उन्होंने शासन की एक ऐसी शैली विकसित की, जिसमें विकास, सुशासन और जनभागीदारी को केंद्र में रखा गया। इसके बाद वर्ष 2014 में देश के प्रधानमंत्री का दायित्व संभालने के बाद उन्होंने भारत को आत्मनिर्भर, सुरक्षित, समृद्ध और विश्व में प्रभावशाली राष्ट्र बनाने की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए। उनकी कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे परिस्थितियों को केवल देखते नहीं, बल्कि उनमें परिवर्तन लाने का प्रयास करते हैं। दुनिया की राजनीति में कहाँ मौन रहना है, कहाँ अपनी बात स्पष्ट रूप से रखनी है और कहाँ दृढ़ता के साथ भारत के हितों की रक्षा करनी है। इसका संतुलन प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने अपनी विदेश नीति में लगातार प्रदर्शित किया है। भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्होंने विश्व के विभिन्न शक्ति-केंद्रों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत किया है।
    आज भारत विश्व राजनीति में एक प्रभावशाली शक्ति के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है। अमेरिका और रूस जैसे देशों के साथ संबंधों में संतुलन बनाए रखना हो, पश्चिम एशिया में भारत के हितों की रक्षा करनी हो या रूस-यूक्रेन संघर्ष जैसे जटिल अंतरराष्ट्रीय विषयों पर शांति और संवाद का पक्ष रखना हो, प्रधानमंत्री जी ने भारतीय दृष्टिकोण को मजबूती से दुनिया के सामने रखा है।

    भारतीय संस्कृति की भावना का परिचायक

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह भी रही है कि संकट के समय भारत ने केवल अपने नागरिकों की ही चिंता नहीं की, बल्कि मानवता के प्रति अपने दायित्व को भी निभाया।कोरोना महामारी के कठिन दौर में भारत ने जिस प्रकार अपने नागरिकों की सुरक्षा और जरूरतों का ध्यान रखा, वह अभूतपूर्व था। इसके साथ ही भारत ने अनेक देशों को दवाइयाँ, वैक्सीन और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई। श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और अफगानिस्तान जैसे पड़ोसी देशों से लेकर तुर्किए तक, जब भी आवश्यकता पड़ी, भारत ने सहायता का हाथ बढ़ाया।
    युद्धग्रस्त क्षेत्रों से भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए भी प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में अनेक अभियान चलाए गए। यूक्रेन में फंसे भारतीय विद्यार्थियों की सुरक्षित वापसी हो या संकटग्रस्त परिस्थितियों में अन्य भारतीय नागरिकों को स्वदेश लाना इन प्रयासों ने यह संदेश दिया कि भारत अपने प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।भारत की मानवीय संवेदनशीलता का परिचय उस समय भी मिला, जब कठिन अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद पड़ोसी देश पाकिस्तान के विद्यार्थियों को भी सुरक्षित उनके देश वापस पहुँचाने के प्रयास किए गए। यह भारतीय संस्कृति की उस भावना का परिचायक है, जिसमें मानवता को सर्वोपरि माना गया है।

    प्रधानमंत्री मोदी जी ने दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय 

    राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री मोदी जी ने दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है। उरी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक और पुलवामा आतंकी हमले के बाद बालाकोट एयर स्ट्राइक ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत आतंकवाद को सहन करने वाला देश नहीं है।ऑपरेशन सिंदूर ने भी आतंकवाद के विरुद्ध भारत के संकल्प को दुनिया के सामने दृढ़ता से रखा। भारत ने यह स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई उसके लिए केवल सुरक्षा का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सम्मान और नागरिकों की सुरक्षा का प्रश्न भी है।प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आतंकवाद को लेकर भारत की नीति में जो दृढ़ता आई है, उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का भी ध्यान आकर्षित किया है। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के मुद्दे को वैश्विक मंचों पर प्रभावी ढंग से उठाने और आतंकवाद के खिलाफ व्यापक अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने में भारत को महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
    हाल ही में दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन के माध्यम से भारत ने वैश्विक मंच पर स्वयं को एक संतुलित, व्यवहारिक और नीतिगत रूप से स्वायत्त राष्ट्र के रूप में मजबूती से स्थापित किया है। भारत की साख एक ऐसे देश के रूप में बनी है जो वैश्विक दक्षिण (Global South) की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है और पश्चिमी देशों तथा पूर्वी शक्तियों के बीच संवाद का संतुलन बनाए रखने में सक्षम है। भारत ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि ब्रिक्स किसी पश्चिम-विरोधी गुट के रूप में नहीं, बल्कि एक समावेशी और सुधारात्मक बहुपक्षीय मंच के रूप में कार्य करता है। इसके अतिरिक्त, भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्थिक विकास और आतंकवाद के प्रति कड़े रुख ने वैश्विक स्तर पर देश की विश्वसनीयता को और अधिक बढ़ाया है।इस पूरे परिदृश्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका अत्यंत निर्णायक और प्रभावी रही है। सम्मेलनों के दौरान विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों के साथ की गई उनकी द्विपक्षीय बैठकों ने न केवल जटिल क्षेत्रीय मुद्दों को सुलझाने में मदद की, बल्कि भारत के आर्थिक और व्यापारिक हितों को भी नई दिशा दी है।

    ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास

    प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की राजनीति का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष गरीब और वंचित वर्गों के जीवन में बदलाव लाने का प्रयास है। जनकल्याण की योजनाओं में जाति, क्षेत्र या धर्म के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, उज्ज्वला योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ देश के करोड़ों परिवारों तक पहुँचा है।गरीबों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि उनके जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। पक्का घर, शौचालय, बिजली, गैस कनेक्शन, बैंक खाता, स्वास्थ्य सुरक्षा और खाद्यान्न की उपलब्धता जैसे विषयों को जनकल्याण की मुख्यधारा में लाया गया।
    आयुष्मान भारत योजना ने गरीब और असहाय परिवारों के लिए गंभीर बीमारियों के उपचार को आर्थिक रूप से अधिक सुलभ बनाया। इसी प्रकार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से करोड़ों जरूरतमंद परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया।प्रधानमंत्री जी के लिए ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ केवल नारा नहीं, बल्कि शासन का मूल मंत्र रहा है।
    प्रधानमंत्री के रूप में दायित्व संभालते ही मोदी जी ने स्वच्छता को राष्ट्रीय अभियान का रूप दिया। उन्होंने स्वयं हाथ में झाड़ू लेकर स्वच्छता का संदेश दिया और देशवासियों से स्वच्छ भारत के निर्माण में भागीदारी का आह्वान किया।इस अभियान ने देश की सोच में परिवर्तन लाने का काम किया। गांवों से लेकर शहरों तक स्वच्छता जनआंदोलन बनी। मध्यप्रदेश ने भी इस अभियान में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। इंदौर का लगातार स्वच्छ शहरों में अग्रणी रहना इस जनभागीदारी का प्रेरक उदाहरण है।
    प्रधानमंत्री मोदी जी ने भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लिया। आज भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत स्थिति बना चुका है और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसे अभियानों ने उत्पादन, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में नई संभावनाएँ पैदा की हैं। रक्षा उत्पादन और निर्यात में भारत की बढ़ती क्षमता इसका प्रमाण है।भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भी ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। चंद्रयान-3 की सफलता और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट सफल सॉफ्ट लैंडिंग ने पूरी दुनिया का ध्यान भारत की वैज्ञानिक क्षमता की ओर आकर्षित किया।

    प्रधानमंत्री जी का मानना है कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी युवा आबादी है। युवाओं को कौशल, रोजगार, स्वरोजगार, स्टार्टअप और तकनीकी नवाचार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए अनेक योजनाएँ संचालित की गई हैं।मुद्रा योजना ने छोटे उद्यमियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर लाखों युवाओं को अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया। कौशल विकास और स्टार्टअप संस्कृति ने युवाओं में नौकरी खोजने के साथ-साथ रोजगार देने की भावना को भी मजबूत किया है।

     महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण का कार्यक्रम 

    महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए भी प्रधानमंत्री जी ने अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए। उज्ज्वला योजना ने करोड़ों महिलाओं को रसोई के धुएँ से राहत दिलाई। प्रधानमंत्री आवास योजना ने महिलाओं को परिवार की संपत्ति में अधिक सम्मानजनक भागीदारी का अवसर दिया। महिला आरक्षण कानून ने राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम रखा है।‘लखपति दीदी’ अभियान के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। यह केवल महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा कदम है।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने विकास के साथ-साथ भारत की सांस्कृतिक विरासत के प्रति समाज में आत्मविश्वास जगाने का कार्य किया है। ‘विरासत के साथ विकास’ की भावना के अनुरूप उन्होंने आधुनिक भारत को उसकी प्राचीन सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का प्रयास किया है।योग, जो भारत की हजारों वर्ष पुरानी जीवन पद्धति है, उसे वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठा दिलाने में प्रधानमंत्री जी की भूमिका उल्लेखनीय रही है। उनके प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी। आज दुनिया के अनेक देशों में करोड़ों लोग योग को अपने स्वस्थ जीवन का हिस्सा बना रहे हैं।

    यशस्वी मोदी जी के प्रयासों से अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा ने करोड़ों भारतीयों की आस्था और सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा दी। इसी प्रकार जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त करने का निर्णय राष्ट्रीय एकता और अखंडता की दृष्टि से ऐतिहासिक माना गया।

    ‘मन की बात’

    ‘मन की बात’ के माध्यम से प्रधानमंत्री जी ने देश के सामान्य नागरिकों से सीधे संवाद की एक अनूठी परंपरा विकसित की। देश के दूरदराज के गांवों, छोटे शहरों और सामान्य परिवारों से जुड़े अनेक लोगों के कार्यों को राष्ट्रीय मंच मिला।यह संवाद प्रधानमंत्री जी के उस दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें भारत का विकास केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से संभव माना गया है।

    यशस्वी नरेंद्र मोदी जी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष केवल सत्ता में रहने की अवधि नहीं, बल्कि सेवा, संघर्ष, परिश्रम और राष्ट्र निर्माण की निरंतर यात्रा हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के माध्यम से समाज और राष्ट्र सेवा का संकल्प लेकर शुरू हुई यह यात्रा गुजरात के मुख्यमंत्री से होते हुए देश के प्रधानमंत्री तक पहुँची। उनके लिए राष्ट्र प्रथम है और यही भावना उनके प्रत्येक निर्णय में दिखाई देती है। उन्होंने भारत को आत्मविश्वासी, आत्मनिर्भर, सुरक्षित और समृद्ध राष्ट्र बनाने का लक्ष्य सामने रखा है।उनके जन्मदिवस पर हम सभी का यह संकल्प होना चाहिए कि हम राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे और विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएँगे।
    कहा गया है……

    “परिश्रम में जो तपा है, उसने ही तो इतिहास रचा है। जिसने फौलादी चट्टानों को तोड़ा है, उसने ही समय को मोड़ा है।

    समय को मोड़ देने का भी यही समय है, सही समय है।” यह उद्घोष आज भारत के उस नेतृत्व के प्रति हमारे विश्वास को व्यक्त करता है, जिसने सेवा को साधना और राष्ट्र निर्माण को अपना ध्येय बनाया है। आइए, प्रधानमंत्री जी की 25 वर्षों की सेवा यात्रा के अवसर पर हम भी राष्ट्र निर्माण के इस महायज्ञ में अपनी आहुति देने का संकल्प लें। देश के लिए नई उम्मीदों का दीप जलाएँ, अपने सामर्थ्य के अनुसार योगदान दें और उस भारत के निर्माण में सहभागी बनें, जिसका सपना हमारे स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रनायकों ने देखा था।

    प्रधानमंत्री जी के जन्मदिन 17 सितंबर को हम सभी अपने घरों और प्रतिष्ठानों में आशीर्वाद का एक दीप जलाएँ और उनकी दीर्घायु, स्वस्थ एवं यशस्वी जीवन की कामना करें। यह दीप उस विश्वास का प्रतीक बने कि भारत की विकास यात्रा निरंतर आगे बढ़ती रहे, देश आत्मनिर्भर एवं शक्तिशाली बने और वर्ष 2047 तक विकसित भारत का संकल्प साकार हो। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना के साथ विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की यात्रा निरंतर आगे बढ़े, यही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिवस पर हमारी सबसे बड़ी शुभकामना है।
    “जिसने जीवन संवारा, उसको नमन हमारा।”

  • भैयाथान क्षेत्र को सड़क विकास की बड़ी सौगात: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने 34.15 करोड़ के कार्यों का किया भूमिपूजन।

    भैयाथान क्षेत्र को सड़क विकास की बड़ी सौगात: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने 34.15 करोड़ के कार्यों का किया भूमिपूजन।

    रायपुर

    महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भैयाथान क्षेत्रवासियों को सड़क विकास की बड़ी सौगात देते हुए 34 करोड़ 15 लाख रुपये से अधिक की लागत वाले दो महत्वपूर्ण सड़क निर्माण एवं उन्नयन कार्यों का कार्यप्रारम्भ पूजन किया। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच बेहतर होगी तथा क्षेत्र में विकास की गति को नई दिशा मिलेगी।

    मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सड़कें विकास की जीवन रेखा हैं। मजबूत और बेहतर सड़क नेटवर्क से गांवों की कनेक्टिविटी बढ़ती है तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। सरकार का प्रयास है कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना पहुंचे और लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधाएं मिलें। उन्होंने कहा कि इन सड़क परियोजनाओं का लाभ किसानों, विद्यार्थियों, व्यापारियों सहित आम नागरिकों को मिलेगा।
    उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करते हुए उन्होंने कहा कि मजबूत और टिकाऊ अधोसंरचना ही विकास कार्यों का स्थायी लाभ लोगों तक पहुंचा सकती है।

    राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से केंवरा तक 18 किलोमीटर सड़क का होगा चौड़ीकरण

    कार्यप्रारम्भ पूजन किए गए प्रमुख कार्यों में डुमरिया राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से केंवरा मार्ग का चौड़ीकरण एवं उन्नयन शामिल है। लगभग 30.41 करोड़ रुपये की लागत से 18 किलोमीटर लंबे मार्ग का चौड़ीकरण किया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत बिटुमिनस कंक्रीट एवं शोल्डर कार्य के साथ 6,570 मीटर नाली, 300 मीटर टो-वॉल, 140 मीटर रिटेनिंग वॉल, 8 एचपीसी तथा 7 स्लैब पुलियों का निर्माण किया जाएगा। सड़क के उन्नयन से राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और आवागमन सुविधा बेहतर होगी।

    दर्रीपारा-दनौली मार्ग से झम्मनपारा को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी

    इसी क्रम में झम्मनपारा में दर्रीपारा से दनौली तक 3.20 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य का भी कार्यप्रारम्भ पूजन किया गया। इस कार्य के लिए 374.76 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना में 3.20 किलोमीटर सड़क, 0.90 किलोमीटर सीसी रोड, 1,200 मीटर नाली, 90 मीटर रिटेनिंग वॉल तथा 6 एचपीसी पुलियों का निर्माण किया जाएगा। इससे स्थानीय ग्रामीणों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलने के साथ क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।

    मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सेवा संकल्प अभियान से जुड़ने की अपील की

    कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने क्षेत्रवासियों से सेवा संकल्प अभियान से सक्रिय रूप से जुड़ने की अपील की। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस अभियान का उद्देश्य सेवा, जनभागीदारी और जनकल्याण की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिलाओं एवं सामाजिक संगठनों से अभियान में बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से सेवा और जनकल्याण के कार्यों को नई गति दी जा सकती है।

  • एनएमडीसी, बस्तर के धावक फुलधर नेताम की सहायता करेगा

    एनएमडीसी, बस्तर के धावक फुलधर नेताम की सहायता करेगा

    रायपुर

     एनएमडीसी बस्तर के धावक फुलधर नेताम की व्यापक सहायता करने के लिए तैयार है, जो एनएमडीसी हैदराबाद मैराथन की ओपन श्रेणी में विजेता के रूप में उभरे हैं, जिसका उद्देश्य उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका में आगामी बोस्टन मैराथन में प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम एक बेहतरीन एथलीट के रूप में विकसित करना है ।
     
    छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के रहने वाले पुलिस कर्मी फूलधर नेतम ने मैराथन में 2 घंटे और 45 मिनट का समय लिया । एनएमडीसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अमिताभ मुखर्जी ने उनकी उपलब्धि के लिए उन्हें सम्मानित किया और रू.5 लाख का चेक सौंपा।
     
    एनएमडीसी के निदेशक (कार्मिक) कृष्ण कुमार ठाकुर ने कहा कि कंपनी नेताम की सहायता के लिए संरचित कोचिंग, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, व्यावसायिक सुविधाओं की उपलब्धता और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी सहित सभी संभावित मार्गों की तलाश करेगी ।
     
    ठाकुर ने कहा कि “एनएमडीसी उचित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए भारत और विदेशों में संरचित प्रशिक्षण सुविधाओं सहित उनकी सहायता के लिए सभी संभावित मार्गों की तलाश करेगा । इसका उद्देश्य उन्हें उनकी पूरी क्षमता को विकसित करने और उन्हें प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए तैयार करने में मदद करना है ।”
     
    अभी मुख्य फोकस नेताम को बोस्टन मैराथन में प्रतिस्पर्धा के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और अनुभव दिलाने में है, जो दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित लंबी दूरी की दौड़ में से एक है ।
     
    एनएमडीसी और हैदराबाद रनर्स सोसाइटी भी इस ईवेंट में उनकी एंट्री सुनिश्चित करने में मदद करने की संभावनाएं तलाश रहे हैं ।
     
    नेतम बस्तर और दंतेवाड़ा के लगभग 170 धावकों में से एक हैं, जिन्हें इस वर्ष हैदराबाद मैराथन में भाग लेने के लिए एनएमडीसी द्वारा प्रायोजित किया गया था। इस क्षेत्र से धावकों की पहचान की गई और उन्हें प्रारंभिक प्रशिक्षण, यात्रा, आवास, दौड़ने के लिए किट और अन्य लॉजीस्टिक सहायता प्रदान की गई ।
     
    नेताम के लिए तो शुरुआती लाइन तक पहुंचना भी अनिश्चित था ।
     
    “मैंने तो यह भी नहीं सोचा था कि मुझे एंट्री मिलेगी या नहीं । मेरे दोस्त पाण्ड्रू और बसंत सर ने मुझे हैदराबाद में एंट्री पाने में मदद की । एनएमडीसी ने जूते, किट और आवास सहित शुरू से अंत तक सब कुछ मुहैया कराया” नेताम ने कहा ।
     
    यह पहल बस्तर से खेल प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें विकसित करने के लिए एनएमडीसी के प्रयास का हिस्सा है । यह एक ऐसा क्षेत्र है, जहां एथलेटिक्स के लिए संगठित बुनियादी ढांचे और पेशेवर कोचिंग तक पहुंच पारंपरिक रूप से सीमित रही है ।
     
    नेताम, जो कि जगदलपुर में महानिरीक्षक कार्यालय में तैनात हैं, उन्होंने अपने पुलिस ड्यूटी के साथ संतुलन बनाए रखते हुए मुख्यत: अपने बलबूते पर तैयारी की ।
     
    वे सुबह और शाम प्रशिक्षण लेते थे और अपने अवकाश के दिनों में कठिन वर्कआउट करते थे ।
     
    उन्होंने कहा “मैं अपनी ड्यूटी से समय निकालता था । छुट्टी के दिनों में मैं मुश्किल वर्कआउट करता था । मैं सुबह और शाम अभ्यास करता था और सब कुछ खुद ही संभालता था ।”
     
    कृष्ण कुमार ठाकुर ने नेताम की इस उपलब्धि को उनके बैकग्राउन्ड और क्षेत्र में व्यवस्थित खेल सुविधाओं की कमी को देखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया ।
     
    ठाकुर ने कहा “यह बहुत, बहुत बड़ी उपलब्धि है । वे पूरी तरह से एक रॉ टैलेंट हैं और देश के सबसे दूर-दराज के इलाकों से आते हैं, जो हाल तक हिंसा से बुरी तरह प्रभावित था ।”
     
    उन्होंने कहा कि एनएमडीसी "बहुत संतुष्ट" है कि उसकी पहल ने इस क्षेत्र के युवाओं को एक मंच प्रदान करने में मदद की है ।
     
    ''इस वर्ष, उस क्षेत्र के 170 से अधिक युवाओं की पहचान की गई, उन्हें प्रारंभिक प्रशिक्षण दिया गया और उनकी भागीदारी के लिए सभी व्यवस्थाओं के साथ हैदराबाद लाया गया ।
     
    ऐसी व्यवस्था के पहले वर्ष में किसी अज्ञात व्यक्ति को प्रथम स्थान मिलता है । यह एनएमडीसी के लिए अत्यंत संतोष की बात है ।”
     
    हैदराबाद मैराथन के रेस डायरेक्टर ने भी नेताम की क्षमता पर भरोसा जताया और कहा कि पेशेवर सहायता से उनके प्रदर्शन में काफी सुधार हो सकता है ।
     
    उनके परफ़ॉर्मेंस को "बहुत उत्साहवर्धक" बताते हुए रेस डायरेक्टर ने कहा कि नेताम ने बताया था कि उनकी अधिकांश ट्रेनिंग खुद से ही हुई है ।
     
    उन्होंने कहा, "मैं कहूंगा कि यह एक महान प्रतिभा की पहचान है और अगर एनएमडीसी इनकी सहायता करता है, तो इसे और आगे ले जाया जा सकता है ।”

    रेस डायरेक्टर ने कहा कि नेताम ने पहले एक अन्य प्रतियोगिता में 2 घंटे और 30 मिनट का समय लिया था, जिससे पता चलता है कि पेशेवर कोचिंग, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और उचित मार्गदर्शन के साथ सुधार की काफी गुंजाइश है ।

    एनएमडीसी का प्रस्तावित सहयोग एक संरचित प्रशिक्षण योजना, विशेषज्ञ कोचिंग, रिकवरी सहयोग, प्रतियोगिता एक्सपोजर और अंतरराष्ट्रीय दौड़ की तैयारी के माध्यम से नेताम की रॉ क्षमता को निरंतर बेहतरीन प्रदर्शन में बदलने पर ध्यान केंद्रित करेगा ।

    नेताम का लक्ष्य पहले से ही स्पष्ट है ।

    उन्हें सहयोग देने के लिए एनएमडीसी को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा, "मैं एनएमडीसी के सहयोग से मैराथन और ट्रैक में दौड़ना जारी रखना चाहता हूं और एक अंतरराष्ट्रीय एथलीट बनना चाहता हूं ।"

    एनएमडीसी की स्पॉन्सरशिप और लंबे समय तक मिलने वाले सहयोग से, नेताम के पास अब पुलिस ड्यूटी के बीच स्व-निर्देशित प्रशिक्षण से बोस्टन मैराथन और अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए एक प्रोफेशनल रास्ते पर आगे बढ़ने का मौका है ।

    बस्तर से हैदराबाद मैराथन पोडियम तक का उनका सफर एनएमडीसी की उस कोशिश की शुरुआत है जिसका मकसद एक होनहार क्षेत्रीय धावक को वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले एक बेहतरीन एथलीट में बदलना है ।

     

  • यूपी पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ा, अब प्रधान-सचिव नहीं कर सकेंगे बर्खास्त

    यूपी पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ा, अब प्रधान-सचिव नहीं कर सकेंगे बर्खास्त

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को पंचायत सहायकों को एक साथ कई सौगातें दी हैं। उनके मानदेय में तीन हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अब सहायकों को प्रधान या सचिव नहीं हटा सकेंगे। इसके साथ ही आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे भी वापस होंगे। अभी पंचायत सहायकों को छह हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं, जिसे बढ़ाकर नौ हजार रुपये किया जाएगा। इस तरह मानदेय में 50 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही पंचायत सहायकों को सेवा सुरक्षा, कैशलेस उपचार और महिला पंचायत सहायकों को मातृत्व अवकाश की सुविधा भी मिलेगी।

    पंचायत सहायकों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता के बाद पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बुधवार को आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पंचायत सहायकों के प्रतिनिधियों से बातचीत की और उन्हें बुलाया। इसके बाद प्रतिनिधियों की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पंचायत सहायकों के हित में लिए गए फैसलों की जानकारी दी।

    अभी पंचायत सहायकों का मानदेय राज्य वित्त आयोग की धनराशि से दिया जाता है। अब कैबिनेट से स्वीकृति लेकर डीबीटी की व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके बाद नौ हजार रुपये का मानदेय सीधे पंचायत सहायकों के बैंक खातों में भेजा जाएगा। इसका लाभ प्रदेश के 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों को मिलेगा।

    प्रधान-सचिव नहीं हटा सकेंगे पंचायत सहायक
    पंचायत सहायकों की सेवा सुरक्षा को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। अब ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव अपने स्तर से पंचायत सहायक को नहीं हटा सकेंगे। इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। किसी पंचायत सहायक को हटाने का फैसला यही कमेटी कर सकेगी।

    आंदोलन के मुकदमे होंगे वापस
    आंदोलन के दौरान जिन पंचायत सहायकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उन्हें वापस लिया जाएगा। इस दौरान कार्रवाई कर जिन पंचायत सहायकों को हटाया गया है, उन्हें दोबारा बहाल किया जाएगा।

    महिलाओं को मातृत्व अवकाश, कैशलेस इलाज
    महिला पंचायत सहायकों को मातृत्व अवकाश की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही पंचायत सहायकों को उपचार के लिए कैशलेस सुविधा का लाभ भी दिया जाएगा।

    मंत्री से वार्ता के बाद धरना समाप्त
    अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे पंचायत सहायकों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधियों से पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बातचीत की। प्रतिनिधियों को बुलाकर उनके साथ वार्ता की गई। इसके बाद पंचायत सहायकों के प्रतिनिधि मंत्री के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्तर पर लिए गए फैसलों की जानकारी मिलने के बाद पंचायत सहायकों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।

  • *बी.टी.आई. ग्राउंड में नवरात्रि एवं गरबा आयोजन का यह 15वाँ  वर्ष और भी भव्य होगा *

    *बी.टी.आई. ग्राउंड में नवरात्रि एवं गरबा आयोजन का यह 15वाँ वर्ष और भी भव्य होगा *

    रायपुर

    राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बी.टी.आई. ग्राउंड में संकल्प नवरात्रि एवं रास गरबा उत्सव समिति द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी आगामी नवरात्रि पर्व के अवसर पर भव्य नवरात्रि एवं रास गरबा उत्सव का आयोजन किया जाएगा। आयोजन की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं को लेकर मंगलवार को सिविल लाइन, रायपुर में समिति की बैठक संयोजक संजय श्रीवास्तव की अध्यक्षता में संपन्न हुई।

    बैठक में समिति के सदस्यों ने आगामी नवरात्रि उत्सव की तैयारियों, व्यवस्थाओं एवं आयोजन की रूपरेखा को लेकर विस्तृत चर्चा की। उत्सव को भव्य, व्यवस्थित एवं गरिमापूर्ण बनाने के लिए विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया तथा सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

    कार्यक्रम स्थल की व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा, रास गरबा आयोजन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर समिति की टीम द्वारा विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि आयोजन में आने वाले श्रद्धालुओं एवं गरबा प्रेमियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों और पूरा उत्सव अनुशासित एवं भक्तिमय वातावरण में संपन्न हो।

    समिति के संयोजक एवं छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने बताया कि ’’संकल्प नवरात्रि एवं रास गरबा उत्सव के आयोजन का यह 15वां वर्ष है।’’ इस अवसर पर मां दुर्गा की विधि-विधान से आराधना के साथ पारंपरिक रास गरबा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। नवरात्रि के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं को भक्तिमय वातावरण में मां जगदंबा की पूजा-अर्चना करने के साथ ही रास गरबा के माध्यम से हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा।

    श्रीवास्तव ने कहा कि ’’नवरात्रि केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक एकता का प्रतीक है।’’ मां दुर्गा की आराधना के साथ रास गरबा उत्सव हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। संकल्प नवरात्रि एवं रास गरबा उत्सव समिति का प्रयास रहेगा कि शंकर नगर स्थित बी.टी.आई. ग्राउंड में आयोजित होने वाला यह उत्सव ’’श्रद्धा, भक्ति, उत्साह, उमंग और भव्यता का अनूठा संगम’’ बने।

    समिति ने क्षेत्रवासियों एवं राजधानी रायपुर के समस्त श्रद्धालुओं से आगामी नवरात्रि एवं रास गरबा उत्सव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया। समिति ने श्रद्धालुओं से मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करने के साथ इस भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन का हिस्सा बनने की अपील की।

    बैठक में मुख्य रूप से ’’अनीता खंडेलवाल, राजेश गुप्ता, दीपक श्रीवास्तव, मिलिंद गौतम, अमरजीत सिंह, मनोज खुड़िया, सुनीला अग्रवाल, सुमन मुठा एवं नेहा खंडेलवाल’’ उपस्थित रहे।