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  • छत्तीसगढ़ सरकार की योजना: किसान तैयार हो जाएं, 1.5 लाख रुपये तक मिलेगा लाभ, जानें आवेदन प्रक्रिया

    छत्तीसगढ़ सरकार की योजना: किसान तैयार हो जाएं, 1.5 लाख रुपये तक मिलेगा लाभ, जानें आवेदन प्रक्रिया

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए राज्य बकरी उद्यमिता विकास योजना चला रही है। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बकरी पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि किसानों को रोजगार के साथ अतिरिक्त आय का जरिया मिल सके। योजना के अंतर्गत एक यूनिट में 13 बकरी और 2 बकरे दिए जाते हैं, जिसकी कुल लागत करीब 1.50 लाख रुपये तय की गई है।

    जांजगीर-चांपा जिले के पशु विकास विभाग के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना में पशु खरीद, बीमा और शुरुआती आहार तक का खर्च शामिल किया गया है, ताकि किसान शुरुआत से ही बकरी पालन का काम सही तरीके से कर सकें।

    योजना में क्या-क्या मिलेगा?

    योजना के तहत एक यूनिट में  कुल 15 पशु दिए जाते हैं। इसमें 13 बकरी (प्रति बकरी लगभग ₹7,500) ,2 बकरे (प्रति बकरा लगभग ₹12,000) ,पशुओं का बीमा – लगभग ₹7,500 तक

    शुरुआती चारा और देखभाल – ₹10,000 से ₹12,000 तक

    इस तरह पशु खरीद, बीमा और आहार मिलाकर पूरी यूनिट की लागत करीब ₹1.50 लाख बैठती है। 

    कितनी मिलेगी सब्सिडी?

    इस योजना में अनुदान (सब्सिडी) का भी प्रावधान है—

    सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग के किसानों को 25% तक सब्सिडी

    अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग को 33% तक सब्सिडी

    इस तरह किसान को अधिकतम करीब ₹50,000 तक की सरकारी सहायता मिल सकती है।

    कौन कर सकता है आवेदन?

    छत्तीसगढ़ का निवासी किसान

    पशुपालन में रुचि रखने वाले ग्रामीण युवा

    जिनके पास पशु रखने की जगह हो

    बैंक लोन लेने की पात्रता रखने वाले आवेदक

    कैसे करें आवेदन? जानिए पूरा प्रोसेस

    अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय / पशु विकास विभाग कार्यालय में संपर्क करें

    योजना से जुड़ा आवेदन फॉर्म प्राप्त करें

    जरूरी दस्तावेज जमा करें –

    आधार कार्ड ,निवास प्रमाण पत्र ,जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)

    बैंक पासबुक

    विभाग द्वारा सत्यापन के बाद योजना का लाभ मिलेगा

    क्यों फायदेमंद है बकरी पालन योजना?

    कम लागत में शुरू होने वाला व्यवसाय

    ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का बढ़िया साधन

    दूध और पशु बिक्री से नियमित आमदनी

    सरकार की सब्सिडी से शुरुआती बोझ कम

    अगर आप खेती के साथ-साथ अतिरिक्त कमाई का मजबूत जरिया ढूंढ रहे हैं, तो राज्य बकरी उद्यमिता विकास योजना आपके लिए शानदार मौका है।

  • सिंधु जल संधि पर भारत का बड़ा दांव! पाकिस्तान को झटका, अब इस नदी का पानी नहीं जाएगा पार

    सिंधु जल संधि पर भारत का बड़ा दांव! पाकिस्तान को झटका, अब इस नदी का पानी नहीं जाएगा पार

    नई दिल्ली

    बीते साल पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था. इसके साथ ही भारत ने सिंधु नदी तंत्र की नदियों के पानी को रोकने के लिए काम भी शुरू कर दिया था. इसके लिए भारत ने कई प्रोजेक्ट्स पर एक साथ काम शुरू किया था. इसी क्रम में रावी नदी पर बन रहे शाहपुर कांडी डैम का काम पूरा होने वाला है. इस डैम के बनने के बाद भारत से रावी नदी का अतिरिक्त पानी पाकिस्तान नहीं जाएगा. यह डैम पंजाब-जम्मू-कश्मीर बॉर्डर के पास बन रहा है. काफी लंबे समय से यह प्रोजेक्ट चल रहा था. इससे पाकिस्तान की परेशान और बढ़ने वाली है.

     एक रिपोर्ट के मुताबिक जम्मू-कश्मीर के मंत्री जावेद अहमद राणा ने सोमवार को कहा कि इस साल 31 मार्च तक इस बांध का काम पूरा हो जाएगा. इस बांध के बनने के बाद सूखा प्रभावित कठुआ और सांबा जिले में सिंचाई की सुविधाएं विकसित हो सकेंगी. इस बांध के बनने के बाद पंजाब में पांच हजार हेक्टेयर और जम्मू क्षेत्र के कठुआ और सांबा में 32,172 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा विकसित होगी. इस सिंचाई परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने 485 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है.

    सिंधु जल संधि के दायरे में नहीं आती यह नदी

    राज्य के पूर्व सिंचाई मंत्री ताज मोहिदीन ने कहा कि यह बांध सिंधु जल संधि के दायरे में नहीं आता है, क्योंकि रावी नदी के पानी पर भारत का विशेष अधिकार है. हालांकि राणा ने कहा कि इस संधि को स्थगित किए जाने के बाद राज्य में बांध परियोजनाओं में तेजी आई है. 1960 के दशक में हुई इस संधि के तहत सतलुज, ब्यास और रावी नदी के पानी पर भारत को अधिकार मिला था, जबकि सिंधु, झेलम और चेनाब का पानी पाकिस्तान को देने की बात कही गई थी. पहलगाम हमले के बाद भारत ने इस संधि को स्थगित कर दिया था. संधि स्थगित होने बाद भारत नदियों के पानी को लेकर डेटा शेयर करना बंद कर दिया था. इसके साथ ही सिंधु तंत्र के पश्चिमी नदियों के पानी का इस्तेमाल बढ़ा देगा.

    मात्र 8 साल में बन गया बांध

    रिपोर्ट में कहा गया है कि रावी के पानी पर भारत का अधिकार है. बावजूद इसके बांध न होने से काफी पानी पाकिस्तान चला जाता था और पंजाब-जम्मू के इलाके सूखे रह जाते थे. इस बांध के बनने से बेकार होने वाले पानी का इस्तेमाल बढ़ेगा. इस प्रोजेक्ट को सबसे पहले नवंबर 2001 में मंजूरी मिली थी. लेकिन, दो राज्यों के बीच विवाद के कारण काम काफी दिनों तक रुका रहा. लंबी बातचीत के बाद सितंबर 2018 में पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच सहमति बनी और उसके बाद काम शुरू हो सका. उसी साल यानी 6 दिसंबर 2018 को केंद्रीय कैबिनेट इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी. इसके बाद करीब आठ सालों में इस बांध का काम पूरा हो गया.

  • 18 फरवरी का राशिफल: आज किन राशियों पर बरसेगी किस्मत, जानें पूरा भविष्यफल

    18 फरवरी का राशिफल: आज किन राशियों पर बरसेगी किस्मत, जानें पूरा भविष्यफल

    मेष

    18 फरवरी के दिन पॉजिटिव सोच बनाकर रखें। अपने काम पर फोकस करें। गॉसिप से दूर रहें। जरूरत पड़ने पर फैमिली या पार्टनर से सलह लें। एक प्रोडक्टिव प्रोफेशनल लाइफ जीने की कोशिश करें। सेहत से कोई समझौता न करें। धन की कमी नहीं होगी।
    वृषभ

    18 फरवरी के दिन वर्क लाइफ बैलेंस मेंटेन करके आगे बढ़ें। समय-समय पर ब्रेक जरूर लेते रहें। आपका दिन उतार-चढ़ाव से भरपूर रहने वाला है। ऑफिस की पॉलिटिक्स आपके लिए नेगेटिव साबित हो सकती है।
    मिथुन

    18 फरवरी के दिन तनाव दूर करने के लिए मेडिटेशन करें। कुछ लोगों के लिए काफी बिजी साबित हो सकता है। कार्यालय में अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। बहुत ज्यादा प्रेशर न लें।
    कर्क

    18 फरवरी के दिन बाहर के खाने से परहेज करें। आपका दिन बदलावों से भरपूर रहने वाला है। काम के सिलसिले में विदेश की यात्रा के योग बन रहे हैं। व्यापार, सेहत, पैसों का मामला या हो लव लाइफ बड़े चेंज के लिए तैयार हो जाएं।
    सिंह

    18 फरवरी का दिन थोड़ा सा स्ट्रेस भरा साबित हो सकता है। समय पर काम ना पूरा होने से सीनियर्स या मैनेजमेंट की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। धन का आगमन होगा लेकिन खर्च बढ़ने की संभावना भी ज्यादा है।
    कन्या

    18 फरवरी के दिन इन्वेस्टमेंट को लेकर स्ट्रेटजी बनाने पर ध्यान दें। फिट रहने पर फोकस रखें। बदलाव जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रचनात्मकता को नए-नए तरीकों से दर्शाने की कोशिश करें। इन परिवर्तनों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए पॉजिटिव रहें।
    तुला

    18 फरवरी के दिन एक शानदार दिन के लिए तैयार हो जाएं। प्रेम जीवन में चल रही दिक्कतें सॉल्व हो जाएंगी। घर में खुशियों का माहौल रहेगा। विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं। खर्च कम करें।
    वृश्चिक

    18 फरवरी के दिन सेहत के मामले में लापरवाही न बरतें। दिन रोमांटिक रहेगा। आपका दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन वालों को आज ही प्रेम जीवन में आ रही दिक्कतों पर फोकस करना चाहिए।
    धनु

    18 फरवरी के दिन किसी पुराने इन्वेस्टमेंट से मनचाहा रिटर्न नहीं मिलेगा। अपनी बॉडी को फिट रखने के लिए योग ट्राई करें। हाल ही में हुई किसी डील से भारी मात्रा में धन-लाभ हो सकता है।
    मकर

    18 फरवरी के दिन खर्च को शाम के वक्त कंट्रोल करने की जरूरत है। आपको आज के दिन आपको सेल्फ लव पर फोकस करना चाहिए। करियर में अपनी जगह बनाने के लिए मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी।
    कुंभ

    18 फरवरी के दिन आप आलस भरा महसूस कर सकते हैं। काम को समय पर पूरा करने पर फोकस रखें। सेहत के मामले में भाग्य साथ देगा। अपने पार्टनर के साथ रोमांटिक डेट प्लान करें।
    मीन

    18 फरवरी के दिन मीन राशि आपका दिन काफी बेहतरीन साबित हो सकता है। करियर के मामले में महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी आपको दी जा सकती है। आर्थिक स्थिति भी मजबूत रहने वाली है।

  • रामदास आठवले का बड़ा बयान: राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की वापसी मुश्किल

    रामदास आठवले का बड़ा बयान: राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की वापसी मुश्किल

    मुंबई
    केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के बयान पर कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सत्ता में नहीं आएगी, ऐसा अब उनकी पार्टी के नेताओं को भी लगने लगा है। मुंबई में आईएएनएस से बातचीत में केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने कहा कि मणिशंकर अय्यर का बयान सही है। कांग्रेस पार्टी जनता का नेतृत्व नहीं कर सकती और राहुल गांधी पार्टी को मजबूत या प्रतिष्ठित नहीं बना सकते।
    मणिशंकर अय्यर ने जो कहा, यही उसका सार है। उन्होंने कहा कि मणिशंकर अय्यर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। मेरे साथ उनके संबंध बहुत अच्छे रहे हैं। अय्यर बहुत नाराज चल रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के नेता भाजपा में आ रहे हैं और राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सत्ता में नहीं आएगी। कांग्रेस पार्टी घोषणाबाजी और हंगामा करने का काम करती है। कांग्रेस पार्टी में कुछ दम नहीं है। जनता ने पीएम मोदी को तीन बार सत्ता की कुर्सी पर बैठाया है। जनता का भरोसा पीएम मोदी के साथ है।
    बांग्लादेश में तारिक रहमान की सरकार बनने पर केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि बहुमत के साथ उनकी सरकार बनी है। भारत और बांग्लादेश के संबंध बहुत अच्छे रहे हैं। तारिक रहमान को भारत के साथ अच्छे संबंध बनाने की जरूरत है। बांग्लादेश की बेरोजगारी हटानी है तो भारत के साथ संबंध अच्छा बनाना चाहिए। चुनाव में उनकी जीत पर पीएम मोदी ने बधाई दी है। भविष्य में दोनों देशों के संबंध अच्छे होंगे।
    टीपू सुल्तान विवाद पर केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने कहा कि मालेगांव की डिप्टी मेयर के कार्यालय में टीपू सुल्तान की प्रतिमा रखने का निर्णय ठीक नहीं था। मुस्लिम समुदाय को विवाद वाली बात नहीं करनी चाहिए। कांग्रेस नेता को भी यह देखना चाहिए कि ऐसा बयान नहीं देना चाहिए जिससे विवाद पैदा हो। शिवाजी महाराज के साथ टीपू सुल्तान की तुलना नहीं करनी चाहिए। कांग्रेस नेता की हर तरफ निंदा हो रही है।
    पीएम मोदी के मुंबई दौरे को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुंबई में हैं और उनके साथ फ्रांस के राष्ट्रपति भी हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति और पीएम मोदी व्यापार के संबंध पर चर्चा करेंगे, जिससे जरूर भारत और फ्रांस दोनों को लाभ होगा। वंदे मातरम का कांग्रेस नेता विरोध जताए जाने पर रामदास आठवले ने कहा कि हरि प्रसाद को यह अधिकार नहीं है। पहले वे बताएं कि नेता कांग्रेस के हैं या फिर पाकिस्तान के। अगर कांग्रेस के नेता हैं तो वंदे मातरम से उन्हें दिक्कत क्या है? यह हमारा राष्ट्रगीत है और इसका विरोध करना ठीक नहीं है।

  • मुंबई क्लाइमेट वीक-2026 में 18 फरवरी को विशेष सत्र की अध्यक्षता करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुंबई क्लाइमेट वीक-2026 में 18 फरवरी को विशेष सत्र की अध्यक्षता करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश शासन द्वारा 17 से 19 फरवरी 2026 तक आयोजित मुंबई क्लाइमेट वीक 2026 में राज्य की सतत, स्केलेबल एवं निवेश-अनुकूल नवकरणीय ऊर्जा तथा ऊर्जा भंडारण संबंधी नवाचारों का प्रेजेंटेशन किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 18 फरवरी 2026 को सायं 6:30 बजे से 8:10 बजे तक मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) स्थित होटल सोफिटेल में विशेष आयोजन में प्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण रोडमैप पर केंद्रित प्रेजेंटेशंस का नेतृत्व करेंगे।

    ‘मुंबई क्लाइमेट वीक 2026’ का आयोजन भारत में जलवायु संबंधी कार्यवाहियों को गति देने के लिये एक केंद्रीकृत राष्ट्रीय मंच के रूप किया जा रहा है। इस मंच पर राज्यों की जलवायु संबंधी नवाचारों के प्रस्तुतिकरण के साथ स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और जलवायु संबंधी बेसिक इको सिस्टम पर हितधारकों के साथ प्रत्यक्ष संवाद किया जायेगा। देश-विदेश के नीति-निर्माता, अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ, निवेशक एवं क्लाइमेट क्षेत्र से जुड़े प्रैक्टिशनर भाग लेंगे। यह आयोजन राज्य को हरित ऊर्जा निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।

    मुंबई क्लाइमेट वीक 2026 में म.प्र. सरकार के प्रेजेंटेशन से यह प्रदर्शित किया जायेगा कि प्रदेश ग्रीन एनर्जी की सुलभता, विश्वसनीयता और निवेश प्रतिस्पर्धा के साथ सतत विकास की दिशा में अग्रसर है।

     

  • Visa Free Travel: भारतीयों के लिए खुशखबरी, अब 56 देशों में बिना वीजा घूमने का मौका

    Visa Free Travel: भारतीयों के लिए खुशखबरी, अब 56 देशों में बिना वीजा घूमने का मौका

    नई दिल्ली
    भारतीय पर्यटकों के लिए विदेश यात्रा अब और आसान होने वाली है। हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 2026 के अनुसार, भारत 10 पायदान ऊपर चढ़कर 75वें स्थान पर पहुंच गया है। इसका मतलब है कि भारतीय पासपोर्ट धारक अब 56 देशों में बिना वीजा या वीजा ऑन अराइवल/ई-वीजा के यात्रा कर सकते हैं। इससे विदेश यात्रा की लंबी प्रक्रियाओं और झंझटों से निजात मिलेगी।

    वीजा-फ्री देशों में भारतीयों की आसानी
    इन 56 देशों में कुछ ऐसे हैं, जहां भारतीय पर्यटक सिर्फ पासपोर्ट लेकर एंट्री ले सकते हैं। एशिया में भूटान, कजाकिस्तान, मकाओ, मलेशिया और नेपाल शामिल हैं। अफ्रीका में अंगोला, मॉरीशस, रवांडा और सेनेगल, जबकि कैरिबियन द्वीप समूह में बारबाडोस, जमैका, डोमिनिका और ग्रेनाडा जैसे देश शामिल हैं। ओशिनिया में फिजी, कुक द्वीप और माइक्रोनेशिया जैसे देश भारतीय पर्यटकों के लिए खुल गए हैं। मध्य पूर्व में कतर भी इस श्रेणी में आता है।

    इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (ETA) से आसान यात्रा
    कई देशों में ऑनलाइन वीजा की सुविधा उपलब्ध है, जिसे इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (ETA) कहा जाता है। इससे भारतीय पर्यटक चंद घंटों में वीजा हासिल कर सकते हैं। केन्या, सेशेल्स और सेंट किट्स और नेविस जैसे देश इस श्रेणी में आते हैं।

    वीजा ऑन अराइवल की सुविधा
    कुछ देशों में भारतीय यात्रियों को एयरपोर्ट या सीमा पर ही वीजा मिल जाता है। इस सुविधा के तहत एशियाई देशों में कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मालदीव, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड और तिमोर-लेस्ते शामिल हैं। अफ्रीका में बुरुंडी, मेडागास्कर, मोजाम्बिक, जिम्बाब्वे, तंजानिया और अन्य देशों में भी वीजा ऑन अराइवल की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा मार्शल द्वीप, पलाऊ, समोआ और तुवालू जैसे ओशिनियाई देश और जॉर्डन, सेंट लूसिया व मॉरिशस भी इसी सुविधा के तहत आते हैं।

    हेनली पासपोर्ट इंडेक्स और वैश्विक रैंकिंग
    हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 199 पासपोर्ट और 227 देशों के आधार पर रैंकिंग करता है। यह सूचकांक यह बताता है कि किसी देश का पासपोर्ट धारक बिना वीजा कितने देशों की यात्रा कर सकता है। हेनली पासपोर्ट इंडेक्स की शुरुआत 2000 के दशक के मध्य में हुई थी। लगातार सिंगापुर, जापान और जर्मनी शीर्ष पर बने हुए हैं, जबकि अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम की स्थिति पिछले कुछ वर्षों में थोड़ी कमजोर हुई है।

    फरवरी 2026 की रैंकिंग के अनुसार, सिंगापुर सबसे मजबूत पासपोर्ट के साथ 192 देशों में वीजा-फ्री एंट्री प्रदान करता है। जापान और दक्षिण कोरिया 187 देशों के लिए वीजा-फ्री यात्रा की सुविधा के साथ दूसरे स्थान पर हैं। स्वीडन और संयुक्त अरब अमीरात 186 देशों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका 179 देशों में वीजा-फ्री प्रवेश के साथ 10वें स्थान पर है। यूनाइटेड किंगडम 182 देशों के साथ सातवें स्थान पर और फ्रांस 185 देशों के साथ चौथे स्थान पर है।

    इस रैंकिंग के बाद भारतीय पर्यटकों के लिए विदेश यात्रा अधिक सुगम और सुविधाजनक हो गई है। अब भारतीय बिना वीजा झंझट के 56 देशों की यात्रा कर सकते हैं और कई जगहों पर वीजा ऑन अराइवल या ई-वीजा जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।

  • एमपी में मिलावट का बड़ा खुलासा: मसालों में भूसी और लकड़ी का बुरादा, लोगों की सेहत पर खतरा

    एमपी में मिलावट का बड़ा खुलासा: मसालों में भूसी और लकड़ी का बुरादा, लोगों की सेहत पर खतरा

    ग्वालियर
    आज के दौर में  खाद्य पदार्थों में जो मिलावटी जहर मिलाकर बेचा जा रहा है वो किसी से छिपा नहीं है।  मिटावटी चीजें खाने से ही लोगों का स्वास्थ्य खराब हो रहा है और कई तरह की बीमारियां भी लग रही हैं। मिलावट का ये धंधे थमने का नाम नहीं ले रहा है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में जो खाद्य विभाग ने कार्रवाई की है वो रौंगटे खड़े करने वाली है। साबुत हल्दी, साबुत लाल मिर्च, साबुत धनिया में भूसी (चौकर) और लकड़ी का बुरादा मिलाकर लोगो की सेहत के साथ मजाक किया जा रहा है। हॉस्पिटल रोड पर स्थित एक मसाला पिसाई चक्की पर टीम ने कार्रवाई की है

    मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले मे खाद्य विभाग ने मिलावट के संदेह पर बड़ी कार्रवाई की है। मसाला पिसाई केंद्र पर जांच के दौरान लकड़ी का बुरादा मिलने से हड़कंप मच गया। खाद्य विभाग की टीम ने गरम मसाले और अन्य मसालों के नमूने जांच के लिए भेजे हैं और मौके से करीब 30 हजार 700 रुपये कीमत का मसाला जब्त किया गया है।

    लोगो के स्वास्थ्य से किया जा रहा खिलवाड़
    आम जनता को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। जांच में धनिया, हल्दी, लाल मिर्च और गरम मसाले के साथ चौकर और लकड़ी का बुरादा भी पाया गया, जिसे मिलावट के लिए इस्तेमाल किए जाने का संदेह है।

    निरीक्षण के दौरान जो सामने आया, उसने टीम भी चौंक गई।  परिसर में ही साबुत हल्दी, साबुत लाल मिर्च, साबुत धनिया और तैयार धनिया पाउडर के साथ गरम मसाला पाउडर और भूसी (चौकर) और लकड़ी का बुरादा भी पाया गया है। जांच में सामने आया कि, भूसी और लकड़ी के बुरादे का इस्तेमा धनिया पाउडर में मिलावट के लिए किया जा रहा था। भूसी और लकड़ी का बुरादा मिलाकर यहां धनिया बेचा जा रहा था।

    चक्की को किया गया सील
    खाद्य विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि मिलावट की पुष्टि होती है तो संबंधित पिसाई केंद्र का पंजीयन निरस्त किया जाएगा और नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, जांच में अनियमितताएं सामने आने के बाद टीम ने तत्काल ही मसाला कारोबार बंद करा दिया है। साथ ही, पिसाई केंद्र को सील कर दिया।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुलैथ में बुधवार को कृषक कल्याण वर्ष के पहले किसान सम्मेलन का करेंगे शुभारंभ

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुलैथ में बुधवार को कृषक कल्याण वर्ष के पहले किसान सम्मेलन का करेंगे शुभारंभ

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कृषक कल्याण वर्ष के पहले राज्य स्तरीय विशाल एवं भव्य किसान सम्मेलन 18 फरवरी बुधवार को ग्वालियर जिले के ग्राम कुलैथ में शुभारंभ करेंगे। वे 87.86 करोड़ रुपए लागत के 41 विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण भी करेंगे। किसान सम्मेलन में विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर एवं सांसद भी भारत सिंह कुशवाह सहित अन्य अतिथिगण शामिल होंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव उन्नत खेती कर रहे प्रगतिशील किसानों को हितलाभ वितरित करेंगे। कुलैथ में उन्नत कृषि तकनीक पर प्रदर्शनी भी लगेगी। प्रदर्शनी में उद्यानिकी, प्राकृतिक खेती व पशु नस्ल सुधार को प्रमुखता से शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसान सम्मेलन में लगाई गई कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। इस अवसर पर स्थानीय किसानों की पारंपरिक बैलगाड़ी-दौड़ होगी। साथ ही भगवान कृष्ण आधारित लोकगीतों की प्रस्तुति भी होगी।

  • जिनेवा वार्ता से पहले ट्रंप का ईरान को अल्टीमेटम, बोले– डील करो वरना भुगतना होगा अंजाम

    जिनेवा वार्ता से पहले ट्रंप का ईरान को अल्टीमेटम, बोले– डील करो वरना भुगतना होगा अंजाम

    वाशिंगटन
    अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने जिनेवा में होने वाली अहम परमाणु वार्ता से पहले ईरान को कड़ा और चेतावनी भरा संदेश दिया है। वॉशिंगटन डीसी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान ने समझौता नहीं किया तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप ने बताया कि वह इस उच्चस्तरीय वार्ता प्रक्रिया में “अप्रत्यक्ष रूप से” शामिल रहेंगे। उन्होंने कहा कि जिनेवा में होने वाली बातचीत बेहद महत्वपूर्ण है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान भले ही एक “कठिन वार्ताकार” हो, लेकिन उसकी नेतृत्व क्षमता कमजोर रही है। उन्होंने कहा, “अगर वे सही समय पर समझौता कर लेते तो हमें उनके परमाणु ठिकानों पर B-2 विमान भेजने की जरूरत ही नहीं पड़ती।”

    ट्रंप ने यह भी दावा किया कि हालिया सैन्य कार्रवाई ने पूरे भू-राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया और ईरान को दोबारा कूटनीति की ओर लौटने के लिए मजबूर किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे ईरान “ज्यादा समझदारी” दिखाएगा, क्योंकि आर्थिक और राजनीतिक दबाव उसे बातचीत की मेज पर ला रहे हैं। मिडिल ईस्ट की स्थिति पर बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि कहीं-कहीं तनाव जरूर दिख सकता है, लेकिन कुल मिलाकर क्षेत्र में शांति कायम है। उन्होंने कहा, “आप कहीं-कहीं आग की लपटें देख सकते हैं, लेकिन मूल रूप से मिडिल ईस्ट में शांति है। यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि हमने परमाणु क्षमता पर B-2 हमला किया।”

    ट्रंप ने हालिया सैन्य अभियान Operation Midnight Hammer का बचाव करते हुए कहा कि इसके बिना ईरान एक महीने के भीतर परमाणु हथियार बना लेता। इस ऑपरेशन के तहत अमेरिका ने ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों Fordow, Natanz और Isfahan को निशाना बनाया था। इससे पहले अप्रैल 2025 में ईरान और अमेरिका के बीच ओमान के मस्कट और इटली के रोम में परमाणु वार्ता के दौर हुए थे, लेकिन जून 2025 में सैन्य हमलों के बाद हालात पूरी तरह बदल गए। ईरान ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया था। अब सैन्य टकराव के बावजूद दोनों देश एक बार फिर परमाणु समझौते पर चर्चा के लिए मंगलवार को Geneva में मिलने जा रहे हैं। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, अमेरिका की ओर से विशेष दूत Steve Witkoff और Jared Kushner इन वार्ताओं में हिस्सा लेंगे।

  • कुबेरेश्वर धाम में धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान, बोले- ‘हम किसी का कर्ज उधार नहीं रखते’

    कुबेरेश्वर धाम में धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान, बोले- ‘हम किसी का कर्ज उधार नहीं रखते’

    सीहोर
    धर्म और आस्था की नगरी सीहोर उस समय ऐतिहासिक पल की साक्षी बनी जब कुबेरेश्वर धाम में चल रही शिव महापुराण कथा के बीच पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का आगमन हुआ। उनके मंच पर पहुंचते ही पूरा परिसर 'जय श्री राम' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने बागेश्वर सरकार के स्वागत में उत्साह का अभूतपूर्व प्रदर्शन किया।

    कथा स्थल पर उपस्थित संतों और भक्तों को संबोधित करते हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने चिरपरिचित चुटीले अंदाज में कहा कि उन्होंने “महाराज जी का कर्ज उतार दिया है।' उनका इशारा कुबेरेश्वर धाम के पंडित प्रदीप मिश्रा की ओर था। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा महाराज जी बागेश्वर धाम आए थे, अब हम यहां आ गए हैं। हम किसी का कर्ज उधार नहीं रखते, आज हिसाब बराबर हो गया, उनके इस वक्तव्य पर पंडाल तालियों और जयघोष से गूंज उठा, उन्होंने आगे कहा कि पंडित प्रदीप मिश्रा उनसे वरिष्ठ हैं और वे उनका सम्मान करते हैं। महाराज जी जैसा करते हैं, वैसा ही हम भी करते हैं, कहते हुए उन्होंने आपसी स्नेह और संत परंपरा की मर्यादा को रेखांकित किया।

    मंच से उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वह डबरा से आए हैं तो अब हम डबरा जा रहे हैं, जिससे श्रोताओं के बीच सहज हंसी और आनंद का वातावरण बन गया। यह पहला अवसर था जब बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर सीहोर की पावन धरा पर पहुंचे।

    कुबेरेश्वर धाम समिति के प्रवक्ता मनोज दीक्षित के अनुसार पंडित शास्त्री ने व्यासपीठ पर पहुंचकर विधिवत नमन किया और संत परंपरा का सम्मान किया। दो प्रखर सनातनी संतों के इस मिलन को देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचे थे, जिससे पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। कथा स्थल पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।

    प्रशासन और धाम समिति द्वारा भीड़ प्रबंधन, पार्किंग और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्था की गई थी। आयोजन के दौरान अनुशासन और व्यवस्थाओं की सराहना भी की गई। सीहोर में इन दोनों संतों का यह मिलन श्रद्धालुओं के लिए किसी उत्सव से कम नहीं रहा। मंच से दिए गए संदेशों में आपसी सम्मान, धर्म के प्रति समर्पण और समाज सेवा की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने इसे ऐतिहासिक और अविस्मरणीय क्षण बताया।