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  • रात में रसोई में ये चीजें छोड़ना क्यों माना जाता है अशुभ?

    रात में रसोई में ये चीजें छोड़ना क्यों माना जाता है अशुभ?

    वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई घर केवल खाना बनाने की जगह नहीं है, बल्कि यह घर की सुख-समृद्धि का मुख्य केंद्र भी है। अक्सर हम दिनभर की थकान के बाद रात को रसोई को वैसे ही छोड़ देते हैं, लेकिन आपकी यह एक छोटी सी लापरवाही घर की बरकत को रोक सकती है।

    जूठे बर्तन: दरिद्रता का मुख्य कारण
    रात के समय सिंक में जूठे बर्तन छोड़ना वास्तु में सबसे बड़ा दोष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जूठे बर्तन घर में नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) को आकर्षित करते हैं। यह माना जाता है कि रसोई को गंदा छोड़ने से मां लक्ष्मी (Laxmi Ji) रुष्ट हो जाती हैं और घर में आर्थिक तंगी आने लगती है। वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो जूठे बर्तनों में बैक्टीरिया पनपते हैं, जो घर के सदस्यों की सेहत बिगाड़ सकते हैं।

    खाली पानी के बर्तन
    अक्सर लोग रात को रसोई में रखे बाल्टी या मटके को खाली छोड़ देते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई में पानी के बर्तन खाली रखना शुभ नहीं होता। खाली बर्तन जीवन में रिक्तता और तनाव का प्रतीक माने जाते हैं। सोने से पहले कम से कम एक बाल्टी या जग भरकर जरूर रखना चाहिए, ताकि घर में खुशहाली और संपन्नता बनी रहे।

    बिखरा हुआ सामान और कूड़ा
    रसोई के स्लैब पर फैला हुआ आटा, मसाले या सब्जियों के छिलके राहु और केतु के दोष को बढ़ाते हैं। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, रात को रसोई की सफाई न करने से व्यक्ति की कुंडली में ग्रह नक्षत्रों की स्थिति कमजोर होने लगती है, जिसका सीधा असर मानसिक शांति और करियर पर पड़ता है।

    गूंथा हुआ आटा
    कई घरों में महिलाएं सुबह की जल्दी के चक्कर में रात को ही आटा गूंथकर रख देती हैं। लेकिन, पुराणों और शास्त्रों के अनुसार, गूंथा हुआ आटा एक 'पिंड' के समान माना जाता है। इसे रात भर रखने से घर में नकारात्मक शक्तियां आने लगती हैं और यह स्वास्थ्य के लिहाज से भी हानिकारक है क्योंकि खमीर उठने से इसमें विषैले तत्व पैदा हो सकते हैं।

     

  • भोपाल में 24 घंटे में 11 थानों में 29 साइबर ठगी के मामले, करोड़ों की चपत; शिकायत पर हुई कार्रवाई

    भोपाल में 24 घंटे में 11 थानों में 29 साइबर ठगी के मामले, करोड़ों की चपत; शिकायत पर हुई कार्रवाई

    भोपाल 

    पुलिस प्रशासन और स्वयंसेवी संगठनों द्वारा लगातार चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के बावजूद सायबर ठगी की घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। राजधानी के 11 थानों में चौबीस घंटों के भीतर ठगी के कुल 29 अपराध दर्ज किए गए हैं, जिनमें सायबर जालसाजों ने लोगों को करोड़ों रुपये की चपत लगाई है। ज्यादातर ठगी शेयर मार्केट में निवेश, नौकरी और मुनाफा कमाने का लालच, बिजली बिल कनेक्शन काटने के नाम पर की गई है। राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर पर की गई शिकायतों के बाद अब थानों में प्रकरण दर्ज होना शुरू हो गया है। 

    दरअसल सायबर ठगी की शिकायतों के लिए राष्ट्रीय हेल्प लाइन नंबर 1930 जारी किया गया था। इस नंबर पर प्रदेशभर से सैकड़ों शिकायतें की गई थीं, जो काफी समय से संबित थीं। पिछले दिनों यह जानकारी केंद्रीय गृहमंत्रालय तक पहुंची तो मंत्रालय ने संबंधित थानों में केस रजिस्टर्ड कराकर जांच कराने के निर्देश दिए। राज्य सायबर सेल के पास इस प्रकार की शिकायतें भेजी गई थी, जिसमें अकेले भोपाल में ही सवा सौ से ज्यादा शिकायतें सामने आई। इन्हीं शिकायतों को थानों में भेजा गया, जहां असल कायमी जांच शुरू की गई है। बीते चौबीस घंटे के दौरान बागसेवनिया और अशोका गार्डन थाने में 5-5 और मिसरोद तथा अवधपुरी में 4-4 शिकायतें पहुंची। इसके अलावा ऐशबाग, हबीबगंज, निशातपुरा और गांधी नगर में एक-एक शिकायत दर्ज हुई। इसी प्रकार कमला नगर, पिपलानी में दो-दो और कोलार में तीन अपराध दर्ज किए गए हैं।

    टॉस्क देकर लगाई 50.98 लाख की चपत
    बागसेवनिया थानांतर्गत साकेत नगर में रहने वाले राजेश जैन को अज्ञात व्यक्ति ने वांट्सएफ ग्रुप पर जोड़ा, जहां लोग पैसों का निवेश कर होने वाले मुनाफे का स्क्रीन शॉट डालते थे। कई दिनों तक नज़र अंदाज़ करने के बाद उन्हें लगा कि यह फायदे का सौदा है, इसलिए वह भी निवेश करने लगे। पहले तो उन्हें मुनाफा दिखाई दिया, लेकिन जब पैसे निकालने का प्रयास किया तो 35 लाख रुपए का टैक्स मांगा जाने लगा। इस प्रकार राजेश ने जालसाजों के बताए एकाउंट में 50 लाख 98 लाख रुपये से अधिक की राशि जमा कर दी, लेकिन यह रुपये वापस नहीं मिले।

    ऐप डाउनलोड कराकर निकाले 2.12 लाख
    बागसेवनिया थानांतर्गत नारायण नगर में रहने वाले प्रेमचंद जैन के मोबाइल पर एक व्यक्ति ने फोन किया और बताया कि आपका कंज्यूमर नंबर चेंज हो रहा है। इसके लिए जालसाज ने उन्हें एमपीईबी इलेक्ट्रीसिटी हेड आफिस भोपाल का एप डाउनलोड करके उसमें 12 रुपए का भुगतान करने का बोला। प्रेमचंद ने जैसे ही ऐप डाउनलोज किया, वैसे ही उनके एकाउंट से 1 लाख 13 हजार रुपये कट गए। उन्होंने फोन करने वाले से इसकी शिकायत की तो बताया कि साफ्टवेयर अपडेट हो रहा, कुछ देर बाद पैसे वापस लौट आएंगे। उसके बाद उनके दूसरे एकाउंट से भी पैसे कट गए। इस पर जालसाजों ने कुल 2 लाख 12 हजार रुपये चपत लगा दी।

    दूसरे व्यक्ति को लगाई 3.66 लाख की चपत
    मूलत: औबेदुल्लागंज निवासी नंद किशोर यादव यहां रजत विहार कालोनी के पास मोहिनी मुस्कान गार्डन में रहते हैं। दिसंबर महीने में एक व्यक्ति ने उन्हें वीडियो काल किया और बताया कि वह गोविंदपुरा बिजली कार्यालय से बोल रहा है। उसने मकान नंबर बताते के साथ ही कहा कि उनका कंज्यूमर नंबर अपडेट होने का आज आखिरी दिन है। उसने यह भी बताया कि शाम तक आईडी अपडेट नहीं हुई तो बिजली का कनेक्शन काट दिया जाएगा। नंद किसोर ने बताया कि वह शहर से बाहर हैं, इसलिए उसने 12 रुपये आनलाइन ट्रांसफर करने का बोला। नंद किशोर ने जैसे ही उसे रुपये ट्रांसफर किए, वैसे ही अलग-अलग समय में कुल 3.66 लाख रुपए कट गए।

    क्रेडिट कार्ड से निकाले एक लाख रुपये
    बागसेवनिया पुलिस ने अगली रिपोर्ट राकेश कुशवाहा की शिकायत पर दर्ज की है। पिपलिया पेंदे खां में रहने वाले राकेश कुशवाहा के पास एक व्यक्ति ने क्रेडिट कार्ड कंपनी का अधिकारी बनकर फोन किया और कार्ड से जुड़ी जानकारी हासिल कर ली। उसके जालसाज ने एक ऐप डाउनलोड करवाया और क्रेडिट कार्ड से 1 लाख 3 हजार रुपये निकाल लिए। इसी प्रकार भाजपा कार्यालय के पास एनसीसी कंपनी में काम करने वाले राजा गोपाल रेड्डी के क्रेडिट कार्ड की जानकारी लेकर जालसाज ने दो बार में 1 लाख 21 हजार रुपये निकाल लिए। पुलिस ने सभी मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसी प्रकार के शहर के दस अन्य थानों में दर्ज धोखाधड़ी के मामलों में जालसाजों ने लाखों रुपये की चपत लोगों को लगाई है। 

  • छत्तीसगढ़ में मौसम स्थिर, अगले कुछ दिनों तक तापमान में नहीं होगा बदलाव

    छत्तीसगढ़ में मौसम स्थिर, अगले कुछ दिनों तक तापमान में नहीं होगा बदलाव

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिनों तक मौसम के मिजाज में कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार प्रदेश में अगले 7 दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है, जबकि अधिकतम तापमान भी अगले 5 दिनों तक लगभग स्थिर बना रहेगा।

    मौसम सारांश के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश भर में मौसम शुष्क रहा। इस अवधि में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 34.0 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 9.0 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के किसी भी जिले में वर्षा दर्ज नहीं की गई है। वर्षा के आंकड़ों की बात करें तो प्रदेश के किसी भी जिले में बारिश दर्ज नहीं की गई है। वर्तमान में प्रदेश के ऊपर किसी भी तरह की प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है, जिसके चलते मौसम शुष्क बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक आज भी प्रदेश में मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है। वहीं अगले दो दिनों के बाद भी मौसम के रुख में किसी तरह के बड़े बदलाव के संकेत नहीं मिल रहे हैं और तापमान लगभग इसी स्तर पर बना रहेगा।

    रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम
    रायपुर में सुबह के समय हल्की धुंध छाए रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया गया है।

  • भोपाल-उज्जैन सहित 20 जिलों में बारिश, फसलें प्रभावित; कृषि मंत्री ने सर्वे का ऐलान किया

    भोपाल-उज्जैन सहित 20 जिलों में बारिश, फसलें प्रभावित; कृषि मंत्री ने सर्वे का ऐलान किया

    भोपाल
     मध्य प्रदेश का मौसम फरवरी के महीने में एक बार फिर करवट ले चुका है। इस साल तीसरी बार राज्य के कई जिलों में अचानक बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे आम लोग और किसान दोनों ही चिंतित हैं। राजधानी भोपाल, ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बौछारें हुईं। अचानक बदलाव से तापमान में गिरावट आई और रात में ठंड बढ़ गई। खेतों में खड़ी फसलें आड़ी-तिरछी गिर गईं, जिससे किसानों के चेहरे पर चिंता साफ नजर आई।

    अचानक क्यों बदला मौसम

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मध्य प्रदेश में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव है। इसके साथ ही वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और ट्रफ भी सक्रिय हैं, जो मौसम में अचानक बदलाव के प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।

        18 फरवरी को राज्य के लगभग 20 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई।
        भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, रतलाम और मंदसौर में दिनभर धूप खिलने के बाद अचानक मौसम बिगड़ा।
        मौसम विभाग ने ग्वालियर, भिंड, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना जिलों में अलर्ट जारी किया।

    विशेषज्ञों के अनुसार, यह साइक्लोनिक सर्कुलेशन पश्चिमी राजस्थान और मध्य प्रदेश पर सक्रिय है और इसके प्रभाव से आने वाले दो दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव बने रहेंगे।

    फरवरी महीने में यह तीसरी बार है, जब अचानक प्रदेश का मौसम बदला और बारिश की फुहारें पड़ने लगीं। अचानक हुई बारिश ने तापमान में कमी ला दी है। रुक-रुक कर हो रही बेमौसम बारिश से फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है। कई इलाकों में खेतों में खड़ी फसलें लेट गई हैं। बारिश के साथ ही सबसे ज्यादा नुकसान ओले गिरने से हुआ है।
    इन जिलों में हुई बारिश

    लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश का तापमान गिरा है। एमपी के खजुराहो में सबसे कम 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। इसके अलावा राजगढ़ में 10 डिग्री सेल्सियस और पंचमढ़ी में 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार को भोपाल, बड़वानी, आगर-मालवा, सीहोर, शिवपुरी, उज्जैन, धार, दतिया, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रतलाम, मंदसौर, मुरैना, शाजापुर और छतरपुर में बारिश दर्ज की गई है।
    कैसा रहेगा अगले 2 दिन का मौसम

    मौसम विभाग ने 20 फरवरी को ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, तीनों संभाग के 8 जिलों में बारिश की संभावना है। बारिश के साथ ही यहां बिजली गिरने की भी आशंका है। इसके बाद 21 फरवरी को मध्य प्रदेश का मौसम साफ रहेगा। इस दौरान किसी भी जिले में बारिश की संभावना नहीं जताई गई है।

    मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण किसानों की फसलों का काफी नुकसान हुआ है। गेहूं की फसलें गिर गई हैं। गेहूं की फसलें गिर जाने के कारण दाने कमजोर हुए हैं। दाने कमजोर होने की वजह से पैदावार में कमी देखने को मिल सकती है।

    बारिश और ओले का असर

        बेमौसम बारिश और ओले ने आम जनता और किसानों दोनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
        राजधानी भोपाल में बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ लगभग डेढ़ घंटे तक तेज और हल्की बारिश हुई।
        इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और रतलाम में दिनभर मौसम गर्म रहने के बाद रात को अचानक बारिश और ओले गिरे।
        ठंडी हवाओं के कारण दिन के तापमान में गिरावट आई और रात में ठंड बढ़ गई।

    किसानों की चिंता:

        गेहूं, चना और सरसों जैसी फसलें कटाई के लिए तैयार थीं।
        तेज हवाओं और ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलें आड़ी-तिरछी गिर गईं।
        कुछ क्षेत्रों में फसल की गुणवत्ता और उत्पादन पर असर पड़ने की संभावना जताई गई है।
        किसानों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराने और उचित मुआवजा देने की मांग की है।

    प्रभावित जिले और अलर्ट

    मौसम विभाग ने गुरुवार को आठ जिलों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया।

    इन जिलों में अलर्ट जारी

    ग्वालियर, भिंड, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना

    इन जिलों में हुई बारिश

    भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, धार, विदिशा, बड़वानी, आगर-मालवा, शाजापुर, मुरैना, छतरपुर, शिवपुरी, सीहोर, मंदसौर
    कहां कितना रहा तापमान

    बारिश और ठंडी हवाओं के चलते तापमान में उतार-चढ़ाव देखा गया। प्रदेश में खजुराहो सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 9.2°C रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा राजगढ़ में 10.0°C और पचमढ़ी में 10.2°C दर्ज होने के कारण कड़ाके की ठंड का अनुभव हुआ।

    इन जिलों में बारिश का अलर्ट

    मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को ग्वालियर, भिंड, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है। इससे पहले बुधवार को रतलाम, श्योपुर, मुरैना, मंदसौर, नीमच, गुना सहित 20 से अधिक जिलों में कहीं बारिश तो कहीं ओले गिरे।
    दो साइक्लोनिक सिस्टम और वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर

    सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के मुताबिक प्रदेश में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम और एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय है। इसके अलावा एक ट्रफ लाइन भी प्रदेश से गुजर रही है, जिससे मौसम में अस्थिरता बनी हुई है।
    तापमान में उतार-चढ़ाव जारी

    प्रदेश में फिलहाल रात और सुबह हल्की सर्दी बनी रहेगी। ज्यादातर शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से ऊपर है, जबकि दिन का तापमान 30 डिग्री के पार पहुंच रहा है। कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में भी तापमान सामान्य से कम दर्ज हुआ।
    अगले दो दिन का पूर्वानुमान

    20 फरवरी को ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलों में बारिश का अलर्ट है और बिजली गिरने की संभावना है। वहीं 21 फरवरी को मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है।

  • AI समिट में भारत की बड़ी जीत: जिन डील्स का था इंतज़ार, आखिरकार लगी मुहर

    AI समिट में भारत की बड़ी जीत: जिन डील्स का था इंतज़ार, आखिरकार लगी मुहर

     नई दिल्ली

    AI Impact Summit का आज चौथा दिन है. इस दौरान भारत को विदेशी कंपनियों से ढेरों इनवेस्टमेंट मिले हैं, जिसमें गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया और क्वालकॉम जैसी कंपनियों के नाम शामिल हैं. AI इंम्पैक्ट समिट के दौरान कंपनियों ने बताया है कि वे भारत में डेटा सेंटर्स और न्यू AI मॉडल को डेवलप करेंगे. 

    बुधवार को Google के सीईओ सुंदर पिचाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और और बताया कि कंपनी अगले 5 साल में भारत में करीब 15 बिलियन अमेरिकी डॉलर का इनवेस्टमेंट करेगी. AI इम्पैक्ट समिट के दौरान गूगल सीईओ और गूगल डीपमाइंड जीफ डेमिस हासाबिस दोनों भारत में हैं. 

    गूगल बनाएगा देश में बड़ा AI हब  

    गूगल का इनवेस्टमेंट देश के पहले बड़े AI हब को तैयार करेगा. प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा हिस्सा आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में बनने वाला मेगा AI डेटा सेंटर है. इसमें AI मॉडल ट्रेनिंग, क्लाउड सर्विस  और कंप्यूटिंग का केंद्र बनेगा. 

    Microsoft ने किया बड़े इनवेस्टमेंट का प्लान 
    एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में माइक्रोसॉफ्ट ने बुधवार को ऐलान किया है कि वह ग्लोबल साउथ में 50 बिलियन अमेरिकी डॉलर का इनवेस्टमेंट करेगी. यह इनवेस्टमेंट आने वाले चार साल के दौरान की जाएगी. माइक्रोसॉफ्ट ने बीते साल भारत में 17.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर की इनवेस्टमेंट का ऐलान किया था. 

    एनवीडिया का योट्टा और L&T के साथ पार्टनरशिप 
    योट्टा डेटा सर्विसेज ने भी ऐलान किया है कि वह एनवीडिया के लेटेस्ट चिप्स के डेवलपमेंट पर 2 अरब डॉलर से अधिक का इनवेस्टमेंट करेंगे. इसके लिए वह एक AI कंप्यूटिंग हब तैयार करेंगे, जिसमें देश की शुरुआती चरण में मौजूद AI पहल को बड़ा बढ़ावा मिलेगा. इसके लिए योट्टा अपने एक्सपेंशन के इनवेस्टर्स से करीब 1.2 अरब डॉलर इकट्ठा करने की योजना बना रहा है. 

    L&T के साथ पार्टनरशिप की तैयारी 
    AI इम्पैक्ट समिट के दौरान देश में दुनियाभर की टेक और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर काम करने वाली कंपनियां मौजूद हैं. इस दिशा में Nvidia भारत में एक मेगा AI फैक्टरी लगाने का काम प्लान बना रही है, जिसके लिए वह भारतीय कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के साथ हाथ मिलाएगी. 

    पार्टनरशिप के तहत अरबो डॉलर का इनवेस्टमेंट होगा. 
    भारतीय स्टार्टअप Neysa ai ने 1.2 बिलियन डॉलर यानी करीब 10,000 करोड़ रुपये की बड़ी फंडिंग जुटाकर सभी का ध्यान खींचा. इसमें ग्लोबल दिग्गज Blackstone ने भी इनवेस्ट किया है. Neysa असल में एक AI इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी है. यह कोई चैटबॉट या कंप्यूमर ऐप नहीं बनाती है, बल्कि सीधे तौर पर टेक्निकल स्ट्रक्चर तैयार करती है.

  • बेंगलुरु एयरपोर्ट पर बड़ा एनकाउंटर: ब्राजीलियन नागरिक से 4.776 किलो कोकीन बरामद, NCB ने किया गिरफ्तार

    बेंगलुरु एयरपोर्ट पर बड़ा एनकाउंटर: ब्राजीलियन नागरिक से 4.776 किलो कोकीन बरामद, NCB ने किया गिरफ्तार

    बेंगलुरु 
     
    नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक ब्राज़ीलियन नागरिक से 4.776 kg कोकीन ज़ब्त की है। 'X' पर एक पोस्ट में, NCB ने कहा कि यह प्रतिबंधित पदार्थ, जिसकी गैर-कानूनी बाज़ार में कीमत लगभग 23.88 करोड़ रुपये है, उस यात्री के चेक-इन बैगेज से बरामद किया गया जो साओ पाउलो से दोहा होते हुए बेंगलुरु आया था।
     
    'X' पोस्ट में कहा गया, "बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बड़ा ड्रग बस्ट। NCB ने एक ब्राज़ीलियन नागरिक के चेक-इन बैगेज से 4.776 kg कोकीन ज़ब्त की। ज़ब्त किए गए प्रतिबंधित पदार्थ की गैर-कानूनी बाज़ार में कीमत लगभग 23.88 करोड़ रुपये है। आरोपी साओ पाउलो से दोहा होते हुए बेंगलुरु आया था। अधिकारियों ने कोकीन मिला कपड़ा रखने वाले छिपे हुए कम्पार्टमेंट वाले चार मॉडिफाइड हैंडबैग बरामद किए।" NCB के मुताबिक, अधिकारियों को चार मॉडिफाइड हैंडबैग मिले जिनमें छिपे हुए कम्पार्टमेंट थे और उनमें कोकीन मिला कपड़ा था।
     
    आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है, और आगे की जांच चल रही है। NCB ने लोगों से 1933 पर MANAS हेल्पलाइन के ज़रिए नशीले पदार्थों के बारे में जानकारी शेयर करने की अपील की है, और जानकारी देने वालों की गोपनीयता का भरोसा दिलाया है। इस बीच, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने मैसूर में एक इंटर-स्टेट ड्रग ट्रैफिकिंग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, साथ ही एक गुप्त ड्रग बनाने वाली लैब का भी पता लगाया है।
     
    NCB द्वारा 31 जनवरी को शेयर किए गए एक 'X' पोस्ट में, एजेंसी ने 10 करोड़ रुपये की ड्रग्स के साथ 25.6 लाख रुपये कैश, एक SUV और 500 kg से ज़्यादा अलग-अलग केमिकल ज़ब्त किए। 'X' पोस्ट में कहा गया, "NCB ने एक बड़े इंटर-स्टेट ड्रग ट्रैफिकिंग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है और मैसूर में एक खुफिया ड्रग बनाने वाली लैब का पता लगाया है। इस मामले में अब तक लगभग 10 करोड़ रुपये (स्ट्रीट वैल्यू) की ड्रग्स, 25.6 लाख रुपये कैश, एक टोयोटा फॉर्च्यूनर और 500 kg से ज़्यादा अलग-अलग केमिकल ज़ब्त किए गए हैं।"

     

  • सोने-चांदी की कीमतों में तेजी, MCX पर सोना ₹1,56,134 और चांदी ₹2.45 लाख तक पहुंची

    सोने-चांदी की कीमतों में तेजी, MCX पर सोना ₹1,56,134 और चांदी ₹2.45 लाख तक पहुंची

    इंदौर 

    सोने-चांदी के वायदा कारोबार की शुरुआत में गुरुवार (19 फरवरी) को सुस्ती के साथ हुई, हालांकि इसमें कुछ समय बाद तेजी देखने को मिली। खबर लिखे जाने के समय घरेलू बाजार में आज सोने के वायदा भाव 0.24 फीसदी की तेजी के साथ 1,56,134 रुपए प्रति 10 ग्राम पर थे। चांदी के भाव में 1051 रुपए का उछाल आया, ये 2,45,319 रुपए प्रति किलोग्राम के करीब कारोबार कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने-चांदी में तेजी आई है।
    अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमत

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी के वायदा भाव में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। Comex पर सोना गुरुवार को 5,010.10 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। पिछला क्लोजिंग प्राइस 5,009.50 डॉलर प्रति औंस था। सोने के भाव ने इस साल 5,586.20 डॉलर के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया।

    Comex पर चांदी के वायदा भाव 77.96 डॉलर पर कारोबार कर रहा था। पिछला क्लोजिंग प्राइस 77.59 डॉलर था। इसके भाव ने इस साल 121.79 डॉलर का उच्चतम स्तर छू लिया।
      

  • पाकिस्तान के पीएम शहबाज़ शरीफ़ का अमेरिका दौरा, ट्रंप के साथ बोर्ड ऑफ पीस की बैठक में भाग लेंगे

    पाकिस्तान के पीएम शहबाज़ शरीफ़ का अमेरिका दौरा, ट्रंप के साथ बोर्ड ऑफ पीस की बैठक में भाग लेंगे

    इस्लामाबाद/वॉशिंगटन

      पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक मिशन पर अमेरिका पहुँच चुके हैं। 18 से 20 फरवरी तक चलने वाले इस दौरे का मुख्य केंद्र वॉशिंगटन में होने वाली उच्च स्तरीय बैठकें और अमेरिकी नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय वार्ता है। ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शिरकत : पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष आमंत्रण पर 'बोर्ड ऑफ़ पीस' की पहली बैठक में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका गए हैं।

    महत्वपूर्ण बैठक : यह बैठक आज यानी गुरुवार, 19 फरवरी को होनी है। पृष्ठभूमि : गौरतलब है कि पिछले महीने स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित 'वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम' के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में इस शांति बोर्ड का गठन किया गया था।

    वरिष्ठ मंत्रियों का दल साथ : प्रधानमंत्री अकेले इस दौरे पर नहीं हैं। उनके साथ पाकिस्तान का एक शक्तिशाली प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद है, जिसमें शामिल हैं-उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक डार। मंत्रिमंडल के अन्य वरिष्ठ मंत्री और उच्चाधिकारी।

    द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा : 'बोर्ड ऑफ़ पीस' की बैठक के अलावा, शहबाज़ शरीफ़ अमेरिका की वरिष्ठ लीडरशिप के साथ अलग से भी मुलाकातें करेंगे।एजेंडा : इन बैठकों में मुख्य रूप से पाकिस्तान-अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों, सुरक्षा सहयोग और वर्तमान वैश्विक मुद्दों पर गहन चर्चा होने की संभावना है।कूटनीतिक महत्व : राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकाल में पाकिस्तान के साथ संबंधों की यह नई दिशा अंतरराष्ट्रीय गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

  • दिल्ली हवाई अड्डे से गिरफ्तार हुआ हिंदू पुलिस अधिकारी हत्या का आरोपी, बांग्लादेश भेजा गया

    दिल्ली हवाई अड्डे से गिरफ्तार हुआ हिंदू पुलिस अधिकारी हत्या का आरोपी, बांग्लादेश भेजा गया

    नई दिल्ली
    बांग्लादेश में एक हिंदू पुलिस अधिकारी की बर्बर हत्या के मुख्य आरोपी को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से हिरासत में लिया गया है।  रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी दिल्ली हवाई अड्डे से कथित तौर पर यूरोप भागने की फिराक में था। उसे इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने रोक लिया। आरोपी की पहचान अहमद रजा हसन मेहदी के रूप में हुई है। अधिकारियों ने उसे देश छोड़ने की कोशिश करते समय हवाई अड्डे पर रोका और बाद में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे वापस बांग्लादेश निर्वासित कर दिया गया।

    आरोपी मेहदी ने 2024 में हिंदू पुलिस अधिकारी संतोष शर्मा की हत्या की जिम्मेदारी ली थी। उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था, जिसमें वह बांग्लादेश के एक पुलिस स्टेशन के अंदर बैठकर हत्या की बात कबूल करता हुआ नजर आ रहा था। सूत्रों के अनुसार, भारतीय अधिकारियों को मेहदी के दिल्ली पहुंचने की खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर उसे यूरोप की उड़ान में सवार होने से पहले ही इंटरसेप्ट कर लिया गया।

    आपको बता दें कि 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के तख्तापलट के बाद बांग्लादेश में मचे भारी उथल-पुथल के दौरान सब-इंस्पेक्टर (SI) संतोष शर्मा की बनियाचंग पुलिस स्टेशन में हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद उनके शव को एक पेड़ से लटका दिया गया था। यह घटना तब हुई जब छात्र प्रदर्शन जल्द ही हिंसा में बदल गए थे और विशेष रूप से अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया गया था। उस दौरान हिंदुओं पर हमले हुए थे और उनके पूजा स्थलों में तोड़फोड़ की गई थी।

    गौरतलब है कि बांग्लादेश में यह अशांति छात्रों के नेतृत्व वाले उन विरोध प्रदर्शनों के साथ शुरू हुई थी, जो देश की विवादास्पद कोटा प्रणाली के खिलाफ थे। इस प्रणाली के तहत 1971 के मुक्ति संग्राम में भाग लेने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के रिश्तेदारों के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण था। यह विरोध प्रदर्शन जो पूरे बांग्लादेश के शैक्षणिक संस्थानों में फैल गया था। अंततः अवामी लीग सरकार के तख्तापलट के साथ समाप्त हुआ।

  • क्लाइमेट चेंज से निपटने में लीडर बन रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    क्लाइमेट चेंज से निपटने में लीडर बन रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    क्लाइमेट चेंज से निपटने में लीडर बन रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    म.प्र. और इन्वेस्टर्स मिलकर देश को बढ़ाएंगे आगे
    24 घंटे बिजली देने में मध्यप्रदेश सबसे आगे
    मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा विकास के लिए सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन के साथ हुआ एमओयू
     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुंबई क्लाइमेट वीक-2026 में की सहभागिता

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि क्लाइमेट चेंज एक गंभीर वैश्विक चुनौती है। क्लाइमेट चेंज मानव अस्तित्व, आर्थिक स्थिरता और भावी पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि सतत् विकास की राह में हम पर्यावरण की अनदेखी नहीं कर सकते। विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना ही प्रगति का मूल आधार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जोर देकर कहा कि क्लाइमेट चेंज के मामले में ठोस और समयबद्ध समाधान पर काम करना आज की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत की क्लाइमेट चेंज को लेकर प्रतिबद्धताओं में भी राज्यों का योगदान भी महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश क्लाइमेट चेंज से निपटने में सर्वाधिक नवकरणीय ऊर्जा का उत्पादक बन लीडर की भूमिका में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के सबसे तेज गति से विकास करने वाले राज्यों में अग्रणी है। यहां लगभग हर क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है। मुख्यमंत्री ने नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मप्र में निवेश करने के इच्छुक निवेशकों को हरसंभव सहयोग देने का विश्वास और सुरक्षा की गारंटी देते हुए कहा कि राज्य और निवेशक मिलकर देश को नवकरणीय ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाएंगे। उन्होंने कहा कि 24 घंटे बिजली देने की दिशा में मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। निवेशकों के साथ हमारा रिश्ता नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में व्यापार-व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार की शाम मुंबई में क्लाइमेट वीक-2026 को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के विकास के लिए नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग (मप्र शासन) एवं ग्रीन एनर्जी के लिए विख्यात सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन के बीच मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमओयू हुआ।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती का समाधान केवल एक देश, एक राज्य या एक सरकार ही नहीं कर सकती, इसके लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा परिवर्तन, हरित विकास और जलवायु समाधान के लिए आगे बढ़ने की दिशा में मुम्बई क्लाइमेट वीक एक महत्वपूर्ण मंच है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए त्वरित और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के स्वच्छ स्रोतों को बढ़ावा देना, हरित तकनीकों को अपनाना और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग करना ही भविष्य का विकास मार्ग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पृथ्वी को सुरक्षित और संतुलित बनाए रखने की जिम्मेदारी सरकारों के साथ ही उद्योगों, संस्थाओं और इस देश में रहने वाले हर नागरिक की भी है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए ‘लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरमेंट’ जैसे व्यवहारिक बदलावों को अपनाने की अपील की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरित ऊर्जा उत्पादन के जरिए क्लाइमेट चेंज से निपटने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार के नवाचारों की जानकारी देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश भारत के उन अग्रणी राज्यों में से एक है, जिसने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पहला राज्य है, जिसने ईवी नीति बनाई, जो क्लाइमेट चेंज की ओर कारगर कदम है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हमारी सरकार मध्यप्रदेश में 300 मेगावाट 4 घंटे सौर-सह एनर्जी स्टोरेज परियोजना, 300 मेगावाट 6 घंटे सौर-सह एनर्जी परियोजना सहित 24×7 घंटे नवकरणीय ऊर्जा बैटरी आधारित एनर्जी स्टोरेज परियोजना पर काम कर रही है। यह एक नया प्रयोग है। यह भारत की अपनी तरह की पहली परियोजना है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जो इस दिशा में आगे बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते 12 सालों में मप्र की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। सौर ऊर्जा में 48 प्रतिशत और पवन ऊर्जा में 19 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। नवकरणीय ऊर्जा की बड़ी परियोजनाओं के जरिए हमने म.प्र. की जरूरतों को पूरा करने के बाद पड़ोसी राज्यों और भारतीय रेलवे को भी स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट दुनिया का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट है। ये एक ऐसा प्रोजेक्ट है, जिसमें हमने किसी भी नागरिक को विस्थापित नहीं होने दिया, इस प्रोजेक्ट में ऊर्जा उत्पादन भी प्रारंभ हो चुका है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सांची देश की पहली सोलर सिटी बनी है। हम सभी शासकीय भवनों पर सोलर रूफटॉप लगाने की ओर बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार निवेशकों, निजी क्षेत्र और नीति निर्माताओं के साथ मिलकर मप्र को भारत का नवकरणीय ऊर्जा हब बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। हम सौर, पवन, एनर्जी स्टोरेज, बायोफ्यूल तथा ग्रीन हाइड्रोजन सहित सभी नवकरणीय टेक्नोलॉजी में वित्तीय एवं नीतिगत प्रोत्साहन भी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से आव्हान किया कि मध्यप्रदेश की तेजी से परिवर्तनकारी यात्रा में हमारे साथ जुड़ें। इससे जलवायु को संतुलित रखने में तो मदद मिलेगी ही, यह सबके व्यापार-व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा और मप्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने कहा कि हम ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सतत् विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के साथ-साथ मप्र और भारत के उज्जवल भविष्य का निर्माण करेंगे।

    नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए हम बैटरी स्टोरेज आधारित ऊर्जा उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मप्र में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर पॉवर प्रोजेक्ट, शाजापुर, आगर-मालवा और रीवा में अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना पर काम हुआ है। उन्होंने निवेशकों से अपील करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश अनंत संभावनाओं का प्रदेश है। यहां निवेश करें, सरकार आपके साथ है।

    अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा  मनु वास्तव ने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा, विद्युत आपूर्ति का एक कारगर, सस्ता और विश्वसनीय विकल्प है। हम मध्यप्रदेश के नागरिकों को कम से कम दर पर विद्युत आपूर्ति कर रहे हैं। उन्होंने निवेशकों और उद्योगपतियों से कहा कि वे नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में उनकी जरूरतों और सुझावों के बारे में बताएं, सरकार इस क्षेत्र के विकस के लिए किए जाने वाले सभी नवाचारों में इन सुझावों को समाहित करेगी। एसीएस  वास्तव ने कहा कि मप्र में 24×7 घंटे विद्युत आपूति के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डावोस में वर्ल्ड इकॉनामिक फोरम में विश्व समुदाय के समक्ष कमिटमेंट किया था, जिसे हम अब पूरा करने जा रहे हैं।

    विश्व बैंक समूह से संबद्ध इंटरनेशनल फाइनेंस कार्पोरेशन (आईएफसी) के दक्षिण एशिया के क्षेत्रीय निदेशक  इमाद एन. फ़खौरी ने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षेत्र में मध्यप्रदेश सरकार की तेजी सराहनीय है। इस क्षेत्र के विकास में सरकार की सोच और दिशा स्पष्ट है। 24X7 घंटे नवकरणीय ऊर्जा पर मध्यप्रदेश सरकार की इन्वेस्टर्स फ्रेंडली डिजाइन से हम प्रभावित हैं। हम मध्यप्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षेत्र की सभी विशेषताओं और विशेषज्ञताओं का वैश्विक स्तर पर लाभ लेंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में एफडीआरई सेंटर्स की स्थापना के लिए हम सरकार को हर जरूरी सहयोग देंगे।

    सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन की भारत में निदेशक सु सीमा पॉल ने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में मध्यप्रदेश नेतृत्वकर्ता है। मप्र में फिलहाल लगभग 500 गीगावॉट नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा के विकास एवं विस्तार में हम मध्यप्रदेश के साझेदार भी हैं और भागीदार भी। उन्होंने कहा कि इसी दिशा में हम आज मध्यप्रदेश के साथ पार्टनरशिप के लिए एक एमओयू भी कर रहे हैं।

    कार्यक्रम को डॉ. अश्विनी कुमार एवं  अमित सिंह ने भी संबोधित किया। मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में हुए विकास एवं नवाचारों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर देश-विदेश के पर्यावरण विशेषज्ञों, नीति-नियंताओं और बड़ी संख्या में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। म.प्र. ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध संचालक  अमनवीर सिंह बैंस भी उपस्थित थे।