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  • घर-घर पहुँच रहा पानी, बदली ठरकपुर की कहानी

    घर-घर पहुँच रहा पानी, बदली ठरकपुर की कहानी

    घर-घर पहुँच रहा पानी, बदली ठरकपुर की कहानी

    हर घर नल, हर घर जल का साकार हुआ सपना

    बिलासपुर
    जल जीवन मिशन से मुंगेली जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर ग्राम ठरकपुर में हर घर नल, हर घर जल का सपना साकार हुआ है। मिशन के अंतर्गत ठरकपुर में पाइपलाइन बिछाकर प्रत्येक घर को नल कनेक्शन प्रदान किया गया है। इसके बाद से गांव में न केवल पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है, बल्कि पानी की गुणवत्ता और नियमितता भी बेहतर हुई है। अब गांव के हर घर में स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। इसने ठरकपुर की कहानी बदल गई है।

    कभी पेयजल संकट से जूझने वाले ठरकपुर की तस्वीर आज पूरी तरह बदल चुकी है। एक समय था जब पानी के लिए हैंडपंपों पर लंबी कतारें, मटकों और बाल्टियों के साथ ग्रामीणों की भीड़ तथा गर्मी के दिनों में गांव में जल संकट होता था। पहले पूरा गांव पेयजल के लिए 8 हैंडपंपों के भरोसे था। गर्मियों में जलस्तर गिरने से ये हैंडपंप अक्सर जवाब दे जाते थे, जिससे ग्रामीणों विशेषकर महिलाओं को दूर-दराज के जल स्रोतों से पानी लाने मजबूर होना पड़ता था।

    ठरकपुर की श्रीमती गंगा यादव बताती हैं कि पहले छोटे बच्चों को घर पर छोड़कर दूर हैंडपंप से पानी लाना पड़ता था। गर्मी में बहुत परेशानी होती थी। अब घर में नल लग गया है, भरपूर पानी मिल रहा है और जीवन आसान हो गया है। नल जल योजना से महिलाओं की मेहनत और समय की बचत हो रही है, जिसे अब वे परिवार, बच्चों की देखभाल और अन्य रचनात्मक कार्यों में लगा पा रही हैं, इससे वहां की महिलाओं के चेहरे में मुस्कान आई है। ठरकपुर में जल जीवन मिशन केवल पानी की व्यवस्था नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, सुविधा और सम्मान का माध्यम बनकर आया है। स्वच्छ जल से बीमारियों में कमी आई है और ग्रामीणों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है।

  • मस्तूरी के 8 ग्रामों में राशन दुकान आवंटन के लिए आवेदन आमंत्रित, 13 मार्च तक करें आवेदन

    मस्तूरी के 8 ग्रामों में राशन दुकान आवंटन के लिए आवेदन आमंत्रित, 13 मार्च तक करें आवेदन

    बिलासपुर
    जिले के विकासखंड मस्तूरी के अंतर्गत सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 8 ग्रामों में उचित मूल्य (राशन) दुकानों के संचालन हेतु 13 मार्च 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। एसडीएम कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार इनमें बूढ़ीखार, गतोरा, केवतरा, गोडाडीह, मस्तूरी, मटिया, शिवटिकारी एवं सुकुलकारी ग्रामों में राशन दुकान खोले जाने हैं। इन ग्रामों राशन दुकान के लिए पात्र स्व सहायता समूह, ग्राम पंचायत अथवा सहकारी संस्थाएं निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत कर सकती हैं।

    आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 13 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक आवेदकों को अपने आवेदन मस्तूरी स्थित एसडीएम कार्यालय की खाद्य शाखा में उक्त तिथि तक जमा करना होगा। आवेदन निर्धारित फॉर्मेट में तैयार कर ए-4 आकार के लिफाफे में प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। निर्धारित शर्तों एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। खाद्य निरीक्षक ने पात्र संस्थाओं से समय-सीमा के भीतर आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की है। विस्तृत जानकारी एसडीएम कार्यालय मस्तूरी के खाद्य शाखा से प्राप्त की जा सकती है।
    पटेल/

  • रिंकू सिंह बने ‘लास्ट ओवर किंग’, 20वें ओवर में छक्कों के मामले में सूर्यकुमार यादव को छोड़ा पीछे

    रिंकू सिंह बने ‘लास्ट ओवर किंग’, 20वें ओवर में छक्कों के मामले में सूर्यकुमार यादव को छोड़ा पीछे

    नई दिल्ली
    भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के आखिरी ग्रुप ए मैच में नीदरलैंड को 17 रन से शिकस्त दी। भारत ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 194 का टारगेट देने के बाद नीदरलैंड को 176/7 पर रोका। भारत ने लोगान वैन बीक द्वारा डाले गए 20वें ओवर में 13 रन बटोरे, जिसमें शिवम दुबे और रिंकू सिंह ने छक्का लगाया। दुबे पहली गेंद पर हवाई फायर करने के बाद अगली गेंद पर बीक का शिकार बने। उनके बाद बैटिंग करने आए रिंकू तीसरी गेंद पर कोई रन नहीं बना सके लेकिन चौथी गेंद पर मिडविकेट के ऊपर से गेंद को बाउंड्री के पार भेज दिया। उन्होंने तीन गेंदों का सामना करने के बाद नाबाद 6 रन बनाए।

    सूर्यकुमार यादव से आगे निकले रिंकू सिंह
    रिंकू सिंह टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 20वें ओवर में सबसे ज्यादा छक्के जड़ने वाले भारतीयों की लिस्ट में दूसरे पायदान पर पहुंच गए हैं। वह भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव से आगे निकल गए हैं। रिंकू ने अभी तक आखिरी ओवर की 50 गेंद खेलने के बाद 14 सिक्स जमाए हैं। सूर्यकुमार ने 34 गेंदों का सामना करते हुए 13 छक्के ठोके हैं। T20I में 20वें ओवर में भारत के लिए सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड फिलहाल हार्दिक पांड्या के नाम दर्ज है। धाकड़ ऑलराउंडर हार्दिक ने अंतिम ओवर की 102 गेंद खेली हैं और 16 सिक्स उड़ाए। हार्दिक ने भारत बनाम नीदरलैंड मैच में 21 गेंदों में 30 रनों की पारी खेली, जिसमें तीन सिक्स हैं।

    T20I में 20वें ओवर में भारत के लिए सबसे ज्यादा छक्के
    16 – हार्दिक पांड्या (102 गेंद)
    14 – रिंकू सिंह (50 गेंद)*
    13 – सूर्यकुमार (34 गेंद)
    12 – एमएस धोनी (132 गेंद)
    9 – दिनेश कार्तिक (49 गेंद)
    8 – विराट कोहली (58 गेंद)
    7 – अक्षर पटेल (71 गेंद)

    शिवम दुबे ने ठोका तूफानी अर्धशतक
    नीदरलैंड के खिलाफ ऑलराउंडर शिवम दुबे प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। उन्होंने तूफानी अर्धशतक (31 गेंदों में 66 रन, चार चौके, छह सिक्स) लगाने के अलावा दो विकेट चटकाए। दुबे की पारी के दम पर भारत ने 193/6 का स्कोर बनाया। वहीं, नीदरलैंड की ओर से बास डि लीडे ने सर्वाधिक 33 रन बनाए। नोह क्रोस (12 गेंद में नाबाद 25 रन) तथा जैक लियोन कैशे (16 गेंद में 26 रन) ने सातवें विकेट के लिए 23 गेंद में 47 रन की साझेदारी की लेकिन टीम को जीत नहीं दिला पाए। स्पिनर वरुण चक्रवर्ती (14 रन पर तीन विकेट) ने शानदार गेंदबाजी की। भारत के टूर्नामेंट में लगातार चौथी जीत से आठ अंक के साथ ग्रुप में शीर्ष पर रहा।

  • होटल में रिटायर्ड डॉक्टर ने महिला मरीज को अपने कमरे में रोका, दूसरा कमरा नहीं मिलने का बहाना, किया रेप

    होटल में रिटायर्ड डॉक्टर ने महिला मरीज को अपने कमरे में रोका, दूसरा कमरा नहीं मिलने का बहाना, किया रेप

    भोपाल 
     ग्वालियर के 65 वर्षीय रिटायर्ड डॉक्टर पर 30 वर्षीय महिला ने संगीन आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि डॉक्टर ने इलाज के नाम पर भोपाल ले आए। इसके बाद एमपी नगर के जोन-2 स्थित होटल में रेप किया है। महिला स्किन की बीमारी से पीड़ित है। बीमारी बढ़ने पर डॉक्टर ने कहा था कि इलाज के लिए भोपाल चलना पड़ेगा, वही पर इसके स्पेलिस्ट हैं।

    दवाइयों मिला दी नींद की गोली
    महिला का आरोप है कि इलाज के नाम पर लाकर रिटायर्ड डॉक्टर एमपी नगर स्थित एक होटल में ले गया। यहां उसकी दवाइयों में नींद की गोली मिला दी। इस दौरान वह चाहकर भी विरोध नहीं कर सकी। रिटायर्ड डॉक्टर ने इसी का फायदा उठाया और रेप किया। महिला की शिकायत पर एमपी नगर पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ रेप का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    हाउस वाइफ है महिला
    दरअसल, पीड़ित 30 वर्षीय महिला हाउस वाइफ है। आरोपी डॉक्टर का नाम अमरीश सेंगर है। महिला चर्मरोग से पीड़ित थी। वह डॉक्टर के पास इलाज कराने गई थी। अमरीश पहले सरकारी अस्पताल में कार्यरत रहे हैं। रिटायर्ड होने के बाद वह क्लिनिक चलाते हैं। महिला की बीमारी में कोई सुधार नहीं हो रहा था और स्किन की बीमारी और फैलने लगी।

    चर्म रोग का इलाज चल रहा था

    भोपाल में एक होटल में रुके और खाने में नशीली दवा खिलाकर दुष्कर्म किया। डॉक्टर अमरीश सेंगर से पिछले 7 महीने से महिला का चर्म रोग का इलाज चल रहा था। पीड़िता ने एमपी नगर थाने में शिकायत की है। घटना के बाद आरोपी डॉक्टर फरार है। पुलिस डॉक्टर की तलाश और मामले की जांच में जुटी है।

    स्पेशलिस्ट दिखाने की बात कहकर आया भोपाल
    इसके बाद रिटायर्ड डॉक्टर ने महिला से कहा कि उसे भोपाल में स्पेशलिस्ट डॉक्टर से सलाह लेने होगी। उसने दावा किया कि वहां कुछ टेस्ट होंगे जो ग्वालियर में नहीं हो सकते हैं।

    होटल में कोई दूसरा कमरा नहीं
    आरोपी डॉक्टर 14 फरवरी को महिला को लेकर भोपाल आया। इस दौरान एमपी नगर स्थित होटल में लाया। महिला ने डॉक्टर से कहा कि मुझे अलग कमरा चाहिए। इस पर डॉक्टर ने कहा कि इस होटल में कोई दूसरा कमरा खाली नहीं है। 14 फरवरी की रात ही आरोपी ने होटल में उसके साथ रेप किया है।

    पुलिस महिला की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। वहीं, डॉक्टर की तलाश की जा रही है। घटना के बाद महिला ने अपने पति को सारी बात बताई थी। इसके बाद थाने में शिकायत दर्ज हुई है।

  • ऑपरेशन ‘ब्लैक फॉरेस्ट-2’ में बड़ी सफलता: मुठभेड़ में 5 नक्सली ढेर, सुरक्षा बलों का दबदबा कायम

    ऑपरेशन ‘ब्लैक फॉरेस्ट-2’ में बड़ी सफलता: मुठभेड़ में 5 नक्सली ढेर, सुरक्षा बलों का दबदबा कायम

    बीजापुर

    कर्रेगुट्टा क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन “ब्लैक फॉरेस्ट-2” के दौरान आज एक बड़ी मुठभेड़ में पांच नक्सली मारे गए है। यह कार्रवाई जिले में जारी नक्सल विरोधी अभियान, सर्च ऑपरेशन और एरिया डोमिनेशन के तहत की गई है।

    शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है। घटनास्थल से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को इस सफलता की सूचना दे दी गई है।

    सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च और सैनिटाइजेशन अभियान जारी रखा है। मुठभेड़ के दौरान और बरामदगी से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी प्रतीक्षित है।

    यह कार्रवाई क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे लगातार अभियान में एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है और स्थानीय सुरक्षा बलों की तत्परता और तैयारियों को दर्शाती है।

  • दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति को उम्रकैद, देश में लगाया था मार्शल लॉ

    दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति को उम्रकैद, देश में लगाया था मार्शल लॉ

    सियोल
    दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को उम्रकैद की सजा सुनाई है. अदालत ने उन्हें 2024 में देश में मार्शल लॉ लागू करने, सत्ता के दुरुपयोग और विद्रोह की साजिश रचने का दोषी पाया. इस मामले में उन्हें मृत्युदंड तक की सजा हो सकती थी, लेकिन अदालत ने आजीवन कारावास का फैसला सुनाया.

    65 वर्षीय यून सुक येओल ने दिसंबर 2024 में सेना और पुलिस बलों को सक्रिय कर संसद पर नियंत्रण की कोशिश की थी. आरोप है कि उन्होंने उदारवादी बहुमत वाली नेशनल असेंबली को अवैध तरीके से कब्जे में लेने की कोशिश की. उन्होंने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि यह कदम "राष्ट्र विरोधी ताकतों" को रोकने के लिए जरूरी था, जो उनके एजेंडे को बाधित कर रही थीं.

    मार्शल लॉ करीब छह घंटे तक लागू रहा था. भारी हथियारों से लैस सैनिकों और पुलिस ने संसद भवन की घेराबंदी कर दी थी. हालांकि सांसदों ने अवरोध तोड़ते हुए भीतर पहुंचकर सर्वसम्मति से मार्शल लॉ हटाने के पक्ष में मतदान किया था, जिसके बाद आपात आदेश वापस लेना पड़ा. इस घटना ने देश में गहरा राजनीतिक संकट खड़ा कर दिया था.

    दक्षिण कोरिया में 1997 के बाद से किसी को फांसी नहीं
    जनवरी में अभियोजकों ने यून के लिए मृत्युदंड की मांग की थी. उनका कहना था कि "असंवैधानिक और अवैध मार्शल लॉ ने नेशनल असेंबली और चुनाव आयोग के कामकाज को कमजोर किया और उदार लोकतांत्रिक संवैधानिक व्यवस्था को नष्ट करने का प्रयास किया." हालांकि दक्षिण कोरिया में 1997 के बाद से किसी को फांसी नहीं दी गई है और इसे व्यवहारिक रूप से मृत्युदंड पर रोक माना जाता है.

    पूर्व राष्ट्रपति का साथ देने वालों पर भी कार्रवाई
    अदालत ने मार्शल लॉ लागू कराने में शामिल कई पूर्व सैन्य और पुलिस अधिकारियों को भी दोषी ठहराया. पूर्व रक्षा मंत्री किम योंग ह्यून को इस योजना की केंद्रीय भूमिका और सेना को सक्रिय करने के लिए 30 साल की जेल की सजा दी गई.

    यून को पिछले महीने गिरफ्तारी का विरोध करने, मार्शल लॉ की घोषणा से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर करने और कानूनी रूप से अनिवार्य पूर्ण कैबिनेट बैठक किए बिना आपात आदेश जारी करने के मामले में पांच साल की सजा भी सुनाई गई थी.

    पूर्व प्रधानमंत्री को अन्य केस में पाया गया दोषी
    सियोल सेंट्रल कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री हान डक सू समेत दो अन्य कैबिनेट सदस्यों को भी अलग मामलों में दोषी ठहराया. हान डक सू को 23 साल की सजा दी गई है. उन पर आरोप था कि उन्होंने कैबिनेट बैठक के जरिए आदेश को वैध ठहराने, रिकॉर्ड में हेरफेर करने और शपथ के तहत झूठ बोलने की कोशिश की. उन्होंने फैसले के खिलाफ अपील दायर की है.

  • ‘घूसखोर पंडत’ विवाद खत्म, मेकर्स ने टाइटल वापस लिया; SC में कहा- किसी समुदाय का अपमान नहीं

    ‘घूसखोर पंडत’ विवाद खत्म, मेकर्स ने टाइटल वापस लिया; SC में कहा- किसी समुदाय का अपमान नहीं

    मुंबई 
    नीरज पांडे की अपकमिंग फिल्म 'घूसखोर पंडत' को लेकर कानूनी विवाद खत्म हो गया है. ब्राह्मण समाज और बाकी संगठनों से मिली आलोचनाओं के बाद फिल्ममेकर ने घूसखोर पंडत टाइटल वापस ले लिया है. उनकी इस पहल को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म के खिलाफ दाखिला की गई याचिकाओं को बंद कर दिया है.

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फिल्ममेकर के पॉजिटिव रिस्पॉन्स को देखने के बाद इस विवाद को पूरी तरह खत्म कर देना चाहिए. कोर्ट ने कहा- हम आपके स्टैंड और फिल्म के टाइटल वापस लेने के फैसले की सराहना करते हैं. फिल्ममेकर की तरफ से कोर्ट में कहा गया कि उनका कभी भी किसी समुदाय को अपमानित और उसे बदनाम करने का इरादा नहीं था. 

    कोर्ट में हुआ क्या दलीलें?
    फिल्ममेकर की तरफ से सीनियर वकील एन के कौल ने कोर्ट में दलील देते हुए कहा कि हमने टाइटल पूरी तरह वापस ले लिया है. किसी समुदाय को अपमानित करने का कोई इरादा कभी नहीं था. 'पंडत' शब्द फिल्म के मेन कैरेक्टर के निकनेम से आया था. जिसमें दिखाया गया कैसे एक बुरा पुलिसवाला अच्छा पुलिस अफसर बनता है. ये क्राइम ड्रामा है.

    जस्टिस नागरत्ना ने कहा– हम 'पंडित्य' और 'पंडित' शब्द समझते हैं. इसे 'घूसखोर' से जोड़ने पर गलत मैसेज जाता.

    एन के कौल– हमने टाइटल वापस ले लिया है.

    याचिकाकर्ता- टाइटल बदलना चाहिए. उन्होंने नया टाइटल तय नहीं किया है.

    सुप्रीम कोर्ट- उन्होंने कहा है कि टाइटल बदल रहे हैं.

    याचिकाकर्ता- मूवी के अंदर पंडित समुदाय को बदनाम करने वाला कोई कंटेंट नहीं होना चाहिए.

    एन के कौल– क्या आपने फिल्म देखी है? मूवी किसी को ठेस नहीं पहुंचाती, ना अपमानित करती है.

    याचिकाकर्ता- उन्हें ऐसा ऐलान करना चाहिए कि इस फिल्म में कुछ भी अपमानित करने वाला नहीं होगा.

    एन के कौल– हमने कहा है कि टाइटल बदल दिया है.

    जस्टिस नागरत्ना- फिल्म अभी एडिटिंग स्टेज पर है. उन्होंने पॉजिटिवि जवाब दिया है. अब क्या बचा है आगे??

    एन के कौल– मैं क्लियर करना चाहता हूं कि टाइटल पूरी तरह वापस ले लिया गया. नया टाइटल अभी फाइनल नहीं हुआ, लेकिन मेरा वादा है कि नया टाइटल पुराने जैसा नहीं होगा.

    याचिकाकर्ता- कंटेंट का क्या होगा? ट्रेलर में तो इस शब्द का इस्तेमाल होता हुआ दिख रहा है.

    सुप्रीम कोर्ट- वो टाइटल वापस ले रहे हैं. क्या आपने बिना नाम वाली कोई तस्वीर देखी है?

    एन के कौल– हमने मूवी का नाम बदल दिया है. फिल्म के खिलाफ कोई याचिका दायर कर रहा है. कहीं FIR हो रही है. इस उत्पीड़न पर रोक लगनी चाहिए.

    जस्टिस नागरत्ना- डायरेक्टर-प्रोड्यूसर ने हलफनामा दाखिल कर दिया है. वरिष्ठ वकील ने बताया कि टाइटल पूरी तरह वापस लेने के बाद ये मामला खत्म हो गया. हलफनामे को रिकॉर्ड पर लिया जाए. काउंसिल ने बताया कि याचिकाकर्ता की शिकायतों का समाधान हो गया है. मूवी का नया टाइटल पुराने विवादित नाम जैसा बिल्कुल नहीं होगा.

    बात करें मूवी की तो, इसमें मनोज बाजपेयी, अजय दीक्षित का रोल प्ले रहे हैं. वो एक ऐसा पुलिस अफसर है जो करप्ट है. फिल्म को रितेश शाह ने डायरेक्ट किया है और नीरज पांडे ने लिखा है. मूवी में नुशरत भरुचा, साकिब सलीम, कीकू शारदा अहम रोल में दिखेंगे. 

  • इस नक्षत्र में जन्म लेने वालों पर हमेशा रहती है किस्मत मेहरबान, शनि देते हैं विशेष कृपा

    इस नक्षत्र में जन्म लेने वालों पर हमेशा रहती है किस्मत मेहरबान, शनि देते हैं विशेष कृपा

    ज्योतिष शास्त्र में ग्रह और नक्षत्रों का वर्णन विस्तार पूर्वक किया गया है. ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि नौ ग्रह हैं. ज्योतिष शास्त्र में ग्रह और नक्षत्र का बहुत महत्व है. ज्योतिषविद ग्रह और नक्षत्र देखकर ही कुंडली बनाते हैं. लोगों के भविष्य भाग्य और स्वभाव आदि के बारे में ग्रह, नक्षत्र और राशि देखकर ही अंदाजा लगया जाता है. ज्योतिष शास्त्र में कुल 27 नक्षत्र बताए गए हैं.

    सभी नक्षत्रों का स्वामित्व किसी न किसी ग्रह के पास है. ज्योतिष शास्त्र में बताए गए हर नक्षत्र का अपनी एक विशेषता है. 27 में से कुछ नक्षत्र अति विशेष और महत्वपूर्ण माने गए हैं. आज हम आपको उस नक्षत्र के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसमें जन्मे बच्चों को हमेशा भाग्य का साथ मिलता है. साथ ही इन पर शनि देव का विशेष आशीर्वाद बना रहता है. आइए जानते हैं इस नक्षत्र के बारे में.

    अनुराधा नक्षत्र में जन्मे बच्चे
    ज्योतिष शास्त्र में ऐसी मान्यता है कि अनुराधा नक्षत्र में जन्में बच्चे बहुत ही भाग्यशाली होते हैं. अनुराधा ज्योतिष शास्त्र का 17वां नक्षत्र माना जाता है. अनुराधा नक्षत्र के स्वामी शनि देव हैं. शनि को देवताओं में न्यायाधीश का दर्जा प्राप्त है. शनि देव लोगों को उनके कर्मों के अनुसार, फल और दंड प्रदान करते हैं. इस नक्षत्र में जन्मे बच्चों का साथ किस्मत कभी नहीं छोड़ती.

    मंगल की भी रहती है कृपा
    अनुराधा नक्षत्र में जन्मे बच्चों पर ग्रहों के सेनापति मंगल की भी कृपा देखने को मिलती है. इसके कारण इस नक्षत्र में जन्मे बच्चे बहुत साहसी, उत्साही और ऊर्जावान होते हैं. इस नक्षत्र में जन्मे बच्चे दूसरों के सामने अपनी बातों को बिना किसी डर के रखते हैं. इन्हें कोई बात घुमा फिराकर कहना नहीं आता है. इनका स्वभाव बहुत धार्मिक होता है.

    ये अवसर का पूरा लाभ उठाते हैं. ये अनुशासन के पक्के होते हैं, इसलिए बड़ी सफलता हासिल करते हैं. ये दूसरी की सहायता करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं.

  • NHM के तहत CHO और टेक्नीशियन समेत 87 पदों पर भर्ती, अभ्यर्थी 28 फ़रवरी तक कर सकते हैं आवेदन

    NHM के तहत CHO और टेक्नीशियन समेत 87 पदों पर भर्ती, अभ्यर्थी 28 फ़रवरी तक कर सकते हैं आवेदन

    बलौदा बाजार.

    रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए सुनहरा अवसर है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कुल 87 रिक्त संविदा पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 28 फरवरी 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

    जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) के 17 पद, नर्सिंग ऑफिसर 4 पद, स्टॉफ नर्स 36 पद, एएनएम 2 पद, काउंसलर 2 पद, सपोर्ट स्टॉफ 3 पद जूनियर सेक्रेट्रीयल असिस्टेंट 6 पद, लैब असिस्टेंट 2, साइकोलॉजिस्ट 5 पद, काउंसलर 2 पद, फिजियोथेरेपिस्ट, ऑडियोलॉजिस्ट, लैब टेक्नीशियन, डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (डेटा), फीडिंग डिमांस्ट्रेटर, अटेंडेंट, कुक कम केयर टेकर,एवं सिक्योरीटी गार्ड के 1-1 के पदों पर संविदा भर्ती की जाएगी।

    संविदा पदों पर नियुक्ति के लिए समस्त अर्हताधारी इच्छुक छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों से आवेदन पत्र निर्धारित प्रपत्र में कार्यालय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा (छ.ग.) को दिनांक 28 फ़रवरी 2026 शाम 5 बजे तक केवल पंजीकृत डाक अथवा स्पीड पोस्ट के माध्यम् से प्रेषित कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए https://balodabazar.gov.in/ का अवलोकन किया जा सकता है।

  • अनिल अंबानी ने सुप्रीम कोर्ट को लिखा: ‘बिना इजाजत भारत नहीं छोड़ूंगा, मिलॉर्ड’

    अनिल अंबानी ने सुप्रीम कोर्ट को लिखा: ‘बिना इजाजत भारत नहीं छोड़ूंगा, मिलॉर्ड’

    मुंबई 

    देश के प्रमुख उद्योगपति अनिल अंबानी ने सुप्रीम कोर्ट में एक औपचारिक हलफनामा दायर किया है कि वे सर्वोच्च न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना भारत छोड़कर नहीं जाएंगे। अंबानी ने यह भी आश्वासन दिया है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) और उसकी समूह संस्थाओं द्वारा कथित तौर पर किए गए बड़े पैमाने के बैंक फ्रॉड मामले की जांच में वे जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करना जारी रखेंगे। यह मामला ईएएस सरमा बनाम भारत सरकार के तहत चल रहा है। अंबानी फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच के घेरे में हैं।

    अंबानी द्वारा यह हलफनामा ईएएस सरमा द्वारा दायर एक जनहित याचिका (PIL) के जवाब में आया है। इससे पहले 4 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने अंबानी के वकील, वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी के उस बयान को रिकॉर्ड में लिया था कि अंबानी अदालत की अनुमति के बिना विदेश यात्रा नहीं करेंगे।

    अपने हलफनामे में अनिल अंबानी ने इस आश्वासन को औपचारिक रूप से रिकॉर्ड पर रखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब से मौजूदा जांच शुरू हुई है वे जुलाई 2025 से भारत से बाहर नहीं गए हैं और फिलहाल उनकी विदेश यात्रा की कोई योजना नहीं है। उन्होंने अंडरटेकिंग दी है कि यदि विदेश यात्रा की आवश्यकता पड़ती है, तो वे ऐसा करने से पहले अदालत से अनुमति लेंगे।
    जांच एजेंसियों के साथ सहयोग का वादा

    हलफनामे में इस बात पर जोर दिया गया है कि अंबानी जांच एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। उन्होंने बताया कि उन्हें प्रवर्तन निदेशालय द्वारा समन भेजा गया है और उन्होंने निर्धारित तिथि पर जांच में शामिल होने का आश्वासन दिया है। हलफनामे में यह भी कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट में कार्यवाही लंबित रहने के दौरान धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (PMLA) की धारा 50 के तहत उनकी जांच चल रही है।
    31,580 करोड़ रुपये के फ्रॉड का आरोप

    अदालत के समक्ष दायर याचिका के अनुसार, RCOM और उसकी सहायक कंपनियों रिलायंस इन्फ्राटेल और रिलायंस टेलीकॉम ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम से 2013 और 2017 के बीच 31,580 करोड़ रुपये का ऋण प्राप्त किया था। याचिका के अनुसार, SBI की एक फोरेंसिक ऑडिट से पता चला कि फंडा का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया था। इसमें हजारों करोड़ रुपये का उपयोग असंबंधित ऋणों को चुकाने, संबंधित पक्षों को हस्तांतरण, म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश और ऋणों को छिपाने के लिए पैसे का जटिल सर्कुलर रूटिंग शामिल है।
    SIT जांच का आदेश

    याचिका में दावा किया गया है कि CBI द्वारा 21 अगस्त, 2025 को दर्ज की गई FIR और संबंधित ED की कार्यवाही कथित गलत कामों के केवल एक अंश को कवर करती है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि जांच एजेंसियां विस्तृत फोरेंसिक ऑडिट और स्वतंत्र रिपोर्टों के बावजूद बैंक अधिकारियों और नियामकों की भूमिका की जांच नहीं कर रही हैं।

    याचिकाकर्ता के अनुसार, केवल न्यायिक निगरानी ही यह सुनिश्चित कर सकती है कि सार्वजनिक धन से जुड़े ऐसे बड़े मामले की गहन जांच हो। 4 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय को आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का निर्देश दिया था। अदालत ने CBI को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि कथित घोटाले में बैंक अधिकारियों की किसी भी संभावित मिलीभगत की जांच की जाए।