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  • छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती: राज्यपाल श्री डेका ने किया नमन, वीरता और राष्ट्रभक्ति को किया याद

    छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती: राज्यपाल श्री डेका ने किया नमन, वीरता और राष्ट्रभक्ति को किया याद

    रायपुर

    राज्यपाल  डेका ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर किया नमन

    राज्यपाल  रमेन डेका ने आज छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन किया। उन्होंने समस्त देशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल ने आज रायपुर के तात्यापारा में शिवाजी की प्रतिमा के समक्ष द्वीप प्रज्जवलन और माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
         
    राज्यपाल  डेका ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने सीमित संसाधनों के बावजूद अदम्य साहस, दूरदृष्टि और संगठन क्षमता के बल पर एक सुदृढ़ एवं लोककल्याणकारी राज्य की स्थापना की। उनका प्रशासनिक ढांचा न्याय, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व पर आधारित था। आयोजन समिति द्वारा इस अवसर पर राज्यपाल को मराठा योद्धा सम्मान स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।

    इस अवसर पर विधायक  पुरंदर मिश्रा,  सुनील सोनी एवं आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित थे।

  • बीजापुर के डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके निलंबित, महिला आरक्षक ने यौन शोषण और ठगी के लगाए गंभीर आरोप

    बीजापुर के डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके निलंबित, महिला आरक्षक ने यौन शोषण और ठगी के लगाए गंभीर आरोप

    बालोद

    छत्तीसगढ़ शासन ने बीजापुर में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई बालोद जिले की एक महिला आरक्षक द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद की गई है। महिला ने यौन शोषण, तीन बार जबरन गर्भपात और लाखों रुपये की आर्थिक धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं।

    पीड़िता ने मुख्य सचिव को साक्ष्यों सहित 12 बिंदुओं वाली विस्तृत शिकायत भेजी थी। राज्य सरकार ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए निलंबन का आदेश जारी किया। शिकायत के अनुसार, उइके और पीड़िता का परिचय वर्ष 2017 में बालोद के डौंडी में पढ़ाई के दौरान हुआ था। महिला का आरोप है कि उइके ने शादी का वादा कर उसके साथ संबंध बनाए। पीड़िता ने, जो स्वयं 2017 में पुलिस आरक्षक बनी थी, उइके की पढ़ाई और कोचिंग के लिए हर महीने चार से पांच हजार रुपये भेजे। वर्ष 2020 में उइके का चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ, जिसके बाद कथित तौर पर उनका व्यवहार बदल गया।

    गंभीर आरोप और धोखाधड़ी
    महिला ने अपनी शिकायत में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोप है कि शादी का आश्वासन देकर आरोपी ने पीड़िता का 2017 से 2025 के बीच तीन बार जबरन गर्भपात कराया। इसके अतिरिक्त, पीड़िता ने बैंक से कर्ज लेकर लगभग तीन लाख तीस हजार रुपये उइके के खाते में हस्तांतरित किए थे। बीजापुर में पदस्थापना के दौरान भी जनवरी से मई 2025 के बीच आरोपी ने महिला का शारीरिक शोषण जारी रखा।

    प्रशासनिक तंत्र पर सवाल और जांच
    पीड़िता ने केवल उइके पर ही नहीं, बल्कि बीजापुर जिला प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी को बचाने के लिए नियमों के विरुद्ध अवकाश दिया गया। साथ ही, फर्जी प्रमाण पत्र भी जारी किए गए। मुख्य सचिव के निर्देश पर उइके का निलंबन मुख्यालय संभागीय आयुक्त कार्यालय, बस्तर नियत किया गया है। बालोद के डौंडी थाने में मामला दर्ज होने के बाद अब विभागीय जांच की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

  • 22 फरवरी से पहले ईरान पर अमेरिकी हमला? ट्रंप के फैसले पर टिकी दुनिया की नजरें, तेल बाजार में हड़कंप

    22 फरवरी से पहले ईरान पर अमेरिकी हमला? ट्रंप के फैसले पर टिकी दुनिया की नजरें, तेल बाजार में हड़कंप

    वॉशिंगटन
     अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ा सैन्य कदम उठाया जा सकता है. CNN की खबर के मुताबिक सूत्रों ने बताया कि अमेरिकी सेना इस वीकेंड तक (22 फरवरी तक) ईरान पर हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार है, हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी अंतिम फैसला नहीं लिया है. सूत्रों ने बताया कि व्हाइट हाउस को जानकारी दे दी गई है कि अगर आदेश मिलता है तो अमेरिकी सेना कुछ ही घंटों में कार्रवाई कर सकती है. पिछले कुछ दिनों में मिडिल ईस्ट में अमेरिकी वायु और नौसैनिक ताकत में भारी बढ़ोतरी की गई है. दुनिया का सबसे आधुनिक विमानवाहक पोत USS गेराल्ड आर फोर्ड क्षेत्र में पहुंच सकता है.
    ईरान और अमेरिका में नहीं हो सकी डील

    ब्रिटेन में तैनात अमेरिकी फाइटर जेट और ईंधन भरने वाले टैंकर विमानों को मिडिल ईस्ट में भेजा जा रहा है. एक सूत्र ने कहा, ‘राष्ट्रपति इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं. वह सैन्य कार्रवाई के पक्ष और विपक्ष दोनों तर्क सुन रहे हैं.’ मंगलवार को जिनेवा में ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच करीब साढ़े तीन घंटे तक अप्रत्यक्ष बातचीत हुई. ईरान ने कहा कि कुछ ‘मार्गदर्शक सिद्धांतों’ पर सहमति बनी है, लेकिन अमेरिकी पक्ष का कहना है कि अभी कई मुद्दों पर साफ बातचीत होनी बाकी है. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि कूटनीति ट्रंप की पहली पसंद है, लेकिन सैन्य विकल्प भी मेज पर मौजूद है. उन्होंने किसी समयसीमा का ऐलान करने से इनकार किया.
    ईरान पर बढ़ा परमाणु दबाव

    अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 28 फरवरी को इजरायल जाएंगे और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात करेंगे. इजरायल लगातार ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है. उधर सैटेलाइट तस्वीरों से संकेत मिले हैं कि ईरान अपने परमाणु ठिकानों को और मजबूत कर रहा है. कई महत्वपूर्ण स्थलों को कंक्रीट और मिट्टी की मोटी परत से ढका जा रहा है, ताकि संभावित हवाई हमलों से बचाव हो सके.

    एक और वॉर्निंग

    लेविट ने बताया है कि ट्रंप कई लोगों से इस संबंध में बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'राष्ट्रपति कई लोगों से बात कर रहे हैं, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम है। राष्ट्रपति इस मामले को बहुत गंभीरता से लेते हैं। वे हमेशा वही सोचते हैं जो अमेरिका, हमारी सेना और अमेरिकी जनता के हित में हो, और किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई का निर्णय वे इसी आधार पर लेते हैं।'
    ईरान से बातचीत

    लेविट का बयान ऐसे समय में आया है, जब जिनेवा में अमेरिका-ईरान के बीच परमाणु वार्ता फिर से शुरू हुई है, जिसमें अमेरिका के दूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ओमानी मिल रहे हैं। हालांकि दोनों पक्षों ने बात कुछ आगे बढ़ने की बात कही है, लेकिन अधिकारियों ने कहा है कि अभी भी काफी कमियां हैं। इधर, अमेरिका सेना लगातार ऐक्शन मोड में नजर आ रही है।
    ईरान ने भी धमकाया

    एजेंसी वार्ता के अनुसार, विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप की ओर से 2025 की शुरुआत में अपनाई गई अधिकतम दवाब की नीति ने ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव डाला है, जिससे अमेरिका के अधिकारी कूटनीति सफलता के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर पैदा कर रहे हैं। इसके बावजूद ईरान प्रतिबंध में राहत की मांग कर रहा है और उसने चेतावनी दी है कि अमेरिका का कोई भी हमला इस इलाके में अमेरिकी सेना के खिलाफ जवाबी कार्रवाई शुरू कर देगा।

    बात फेल तो शुरू होगा वॉर

    हाल ही में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे डी वेंस के हालिया टिप्पणियों के अनुरूप है, जिन्होंने एक न्यूज चैनल को बताया था कि अमेरिकी प्रशासन को कूटनीति के जरिये समस्या का समाधान बहुत पसंद है, लेकिन अगर बातचीत विफल हो जाती है तो सैन्य कार्रवाई लेने का विकल्प भी उसके पास है।

    ट्रंप क्या करेंगे फैसला?

    फिलहाल राष्ट्रपति ट्रंप ने सार्वजनिक तौर पर साफ टार्गेट नहीं बताया है कि हमला होने की स्थिति में उसका अंतिम उद्देश्य क्या होगा. उन्होंने सिर्फ इतना कहा है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कुछ दिन बेहद अहम होंगे. अगर बातचीत में ठोस प्रगति नहीं होती, तो मिडिल ईस्ट एक बड़े सैन्य टकराव की ओर बढ़ सकता है. वहीं, अगर कूटनीति सफल होती है तो आखिरी वक्त पर युद्ध टल भी सकता है.

    सैन्य जमावड़ा और 'आर्मडा' की तैनाती

    अमेरिका ने ईरान के तट के पास अपनी सैन्य शक्ति को अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ा दिया है।

    नौसेना: ईरान के करीब इस समय दो एयरक्राफ्ट कैरियर (विमान वाहक पोत) और एक दर्जन युद्धपोत तैनात हैं।

    वायुसेना: सैकड़ों लड़ाकू विमान, जिनमें F-35, F-22 और F-16 शामिल हैं, क्षेत्र में पहुंच चुके हैं।

    रसद और हथियार: पिछले 24 घंटों में 150 से अधिक सैन्य कार्गो उड़ानों के जरिए भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद अमेरिकी ठिकानों पर पहुंचाया गया है।

    निगरानी: जापान, जर्मनी और हवाई से विशेष E-3 अर्ली वार्निंग विमानों को सऊदी अरब भेजा गया है, जो बड़े पैमाने पर हवाई हमलों के समन्वय में मदद करेंगे।
    कूटनीतिक विफलता और कारण

    इस संभावित हमले का मुख्य कारण कूटनीतिक बातचीत का विफल होना बताया जा रहा है।

    परमाणु विवाद: जेरेड कुश्नर और स्टीव विटकॉफ के नेतृत्व में बातचीत का प्रयास विफल रहा क्योंकि ईरान ने परमाणु विकास रोकने की ट्रंप की मांग को खारिज कर दिया।

    शासन परिवर्तन: सूत्रों के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य केवल सैन्य ठिकानों को तबाह करना नहीं, बल्कि ईरान में 'सत्ता परिवर्तन' लाना भी हो सकता है। इसमें इजरायल और अमेरिका मिलकर ऑपरेशन चला सकते हैं।
    ईरान की जवाबी कार्रवाई और वैश्विक प्रभाव

    हॉर्मुज जलडमरूमध्य की बंदी: ईरान ने सैन्य अभ्यास के नाम पर इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को आंशिक रूप से बंद कर दिया है। दुनिया का 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है।

    धमकी: ईरानी नेतृत्व और अयातुल्ला ने अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने की धमकी दी है। यदि यह मार्ग पूरी तरह बंद होता है, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतों पर विनाशकारी असर पड़ सकता है।
    अमेरिकी घरेलू राजनीति पर असर

    रिपब्लिकन: आगामी मध्यावधि चुनावों से पहले इस कदम को राष्ट्रपति की स्थिति मजबूत करने या जोखिम में डालने वाले मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।

    डेमोक्रेट्स: हाउस माइनॉरिटी लीडर हकीम जेफरीज ने चेतावनी दी है कि ट्रंप अकेले युद्ध का फैसला नहीं ले सकते। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए कांग्रेस की मंजूरी अनिवार्य है।

    यदि यह हमला होता है, तो यह 2003 के इराक युद्ध के बाद सबसे बड़ा और सबसे परिणामी सैन्य आक्रमण होगा। दुनिया की नजरें अब व्हाइट हाउस पर टिकी हैं कि क्या ट्रंप शांति का रास्ता चुनेंगे या 'ऑल-आउट वार' का आदेश देंगे।

    कुछ जरूरी सवालों के जवाब
    1. क्या अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू हो गया है?

    अभी युद्ध शुरू नहीं हुआ है, लेकिन हालात बहुत गंभीर हैं। अमेरिकी सेना 'स्टैंडबाय' पर है और ट्रंप किसी भी वक्त अंतिम फैसला ले सकते हैं। राजनयिक कोशिशें अभी भी जारी हैं, लेकिन उनमें खास सफलता नहीं मिली है।
    2. ईरान ने समुद्र का रास्ता क्यों बंद किया?

    ईरान ने इसे एक चेतावनी के तौर पर किया है। वह दुनिया को दिखाना चाहता है कि अगर अमेरिका उस पर हमला करता है, तो वह वैश्विक तेल सप्लाई को रोक सकता है। इससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान पहुँच सकता है।
    3. इस युद्ध का बाकी दुनिया पर क्या असर होगा?

    अगर यह युद्ध छिड़ता है, तो सबसे पहला असर पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ेगा। चूंकि ईरान और उसके पड़ोसी देश तेल के बड़े उत्पादक हैं, इसलिए सप्लाई रुकने से महंगाई बहुत बढ़ सकती है। साथ ही, यह एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है जिसमें कई और देश शामिल हो सकते हैं।

  • फ्रीबीज पर CJI का गुस्सा: सुप्रीम कोर्ट ने सरकारों को दी नसीहत, कहा- खैरात नहीं, रोजगार दो

    फ्रीबीज पर CJI का गुस्सा: सुप्रीम कोर्ट ने सरकारों को दी नसीहत, कहा- खैरात नहीं, रोजगार दो

    नई दिल्ली

    भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने फ्रीबीज बांट रहे राज्यों को कड़ी फटकार लगाई है। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि आखिर करदाता के अलावा इन योजनाओं का खर्च और कौन उठाएगा। उन्होंने का कि भोजन और बिजली के बाद अब सीधा कैश ट्रांसफर होने लगा है। साथ ही अदालत ने कहा है कि सरकार को रोजगार पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास पर अब कम खर्च किया जा रहा है।

    गुरुवार को सीजेआई ने कर्ज के बाद भी राज्यों की तरफ से मुफ्त में चीजें बांटने पर चिंता जाहिर की। उन्होंने सवाल किया, 'आखिर करदाता नहीं, तो इन योजनाओं के लिए भुगतान कौन करेगा?' सुप्रीम कोर्ट ने नकद बांटने और मुफ्त की सुविधाएं देने को लेकर वित्तीय समझदारी पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने का कोर्ट का कहना है कि राज्यों को मुफ्त की रेवड़ियां या 'डोल्स' बांटने के बजाय रोजगार पैदा करने को प्राथमिकता देनी चाहिए।

    सीजेआई ने चेताया है कि विकास पर अब कम खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'अगर आप मुफ्त खाना…, मुफ्त साइकिल…, मुफ्त बिजली देने लगेंगे… और अब तक सीधा कैश ट्रांसफर हो रहा है।' सुप्रीम कोर्ट बेंच ने कहा है कि कई राज्य राजस्व घाटे का सामना कर रहे हैं, लेकिन फिर भी कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार किए हुए हैं। कोर्ट का मानना है कि कर्मचारियों के वेतन और 'मुफ्त की सुविधाओं' का बोझ इतना बढ़ गया है कि वे विकास के लिए जरूरी फंड को खत्म कर रहे हैं।

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक साल में जुटाए गए राजस्व का 25 प्रतिशत हिस्सा…, इसे विकास में क्यों नहीं लगाया जा सकता?

    सुप्रीम कोर्ट तमिलनाडु विद्युत वितरण निगम बनाम भारत सरकार केस की सुनवाई कर रहा था। अदालत ने निगम को उपभोक्ता की वित्तीय स्थिति पर गौर किए बिना हर किसी को मुफ्त बिजली देने का वादा करने के लिए फटकार लगाई। कोर्ट ने मुफ्त की सेवा के कल्चर की कड़ी आलोचना की। साथ ही कहा कि यह आर्थिक विकास में बाधा डालती है।

    क्या है फ्रीबीज वाला मामला?

    दरअसल, सुप्रीम कोर्ट आज तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट रूल्स 2024 के रूल 23 को चुनौती दी गई थी. इस याचिका पर सुनवाई के दौरान ही सीजेआई सूर्यकांत फ्रीबीज पर भड़क गए. उन्होंने तमिलनाडु के साथ-साथ अन्य राज्यों को भी इस मामले में अच्छे से सुना दिया. सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन लिमिटेड की उस याचिका पर आई, जिसमें सभी को मुफ्त बिजली देने का प्रस्ताव रखा गया था, चाहे उपभोक्ता की आर्थिक स्थिति कुछ भी हो.

    चलिए सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई सूर्यकांत ने क्या-क्या कहा?

        सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव से पहले फ्रीबी कल्चर पर सख्त टिप्पणी की और कहा कि अब ऐसे नीतियों पर फिर से विचार करने का समय आ गया है, क्योंकि इससे देश का आर्थिक विकास रुक जाता है. तमिलनाडु सरकार द्वारा चुनाव से पहले ‘फ्रीबी’ बांटने पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया, ‘आप किस तरह की संस्कृति विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं?’

        सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने कहा, ‘देश के ज्यादातर राज्य राजस्व की कमी से जूझ रहे हैं, फिर भी वे विकास को नजरअंदाज कर इस तरह की मुफ्त चीजें बांट रहे हैं.’

        पीठ ने कहा कि इस तरह की मुफ्त चीजों की बांटने से देश का आर्थिक विकास प्रभावित होता है और राज्यों को सभी को मुफ्त भोजन, साइकिल, बिजली देने के बजाय रोजगार के अवसर खोलने चाहिए.

        हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने डीएमके सरकार के नेतृत्व वाली पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी की याचिका पर केंद्र और अन्य को नोटिस जारी किया है, जिसमें मुफ्त बिजली देने का प्रस्ताव रखा गया है.

        पीठ ने पूछा, “हम भारत में किस तरह की संस्कृति विकसित कर रहे हैं? यह समझ में आता है कि आप कल्याणकारी योजना के तहत उन लोगों को मुफ्त बिजली देना चाहते हैं जो बिजली का बिल चुकाने में असमर्थ हैं. लेकिन बिना यह फर्क किए कि कौन भुगतान कर सकता है और कौन नहीं, आप सबको बांटने लगते हैं. क्या यह तुष्टिकरण नीति नहीं है?’

        पीठ ने पूछा कि बिजली दरें घोषित होने के बाद तमिलनाडु कंपनी ने अचानक मुफ्त बांटने का फैसला क्यों किया. मुख्य न्यायाधीश ने कहा, ‘राज्यों को रोजगार के अवसर खोलने चाहिए. अगर आप सुबह से शाम तक मुफ्त भोजन, फिर मुफ्त साइकिल, फिर मुफ्त बिजली देने लगेंगे तो कौन काम करेगा और फिर काम करने की संस्कृति का क्या होगा?’

        पीठ ने कहा कि राज्य विकास परियोजनाओं पर खर्च करने के बजाय दो काम करते हैं- वेतन देना और इस तरह की मुफ्त चीजें बांटना.

     

  • केरला स्टोरी 2 को मिला CBFC U/A सर्टिफिकेट, निर्माता बोले- ‘हमारा मकसद है जागरूकता’

    केरला स्टोरी 2 को मिला CBFC U/A सर्टिफिकेट, निर्माता बोले- ‘हमारा मकसद है जागरूकता’

    मुंबई 

    ‘द केरला स्टोरी 2’ रिलीज से पहले सुर्खियों में हैं. फिल्म के ट्रेलर के बाद फिल्म को लेकर बवाल हो रहा है, लेकिन इस बवाल के बीच सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन से यूए सर्टिफिकेट मिल गया है. इसका मतलब है कि 14 साल से ज्यादा उम्र के दर्शक यह फिल्म सिनेमाघरों में देख सकेंगे. आमतौर पर संवेदनशील विषयों वाली फिल्मों को ‘ए’ सर्टिफिकेट दिया जाता है, लेकिन इस फिल्म को यूए सर्टिफिकेट मिलना मेकर्स के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है. फिल्म के निर्माता विपुल अमृतलाल शाह ने सेंसर बोर्ड के इस फैसले पर खुशी जताई है. फिल्म 27 फरवरी 2026 को रिलीज होगी.

    फिल्म जबरन धर्मांतरण रैकेट्स में फंसी लड़कियों की कहानी बयां करती है. मेकर्स का दावा है कि यह भारतीय कानूनी प्रणाली से सच्ची घटनाओं पर आधारित है. इसके साथ ‘सनशाइन पिक्चर्स’ ने अब ये एलान कर दिया है कि ‘द केरल स्टोरी 2- गोज बियॉन्ड’ को इसकी हिंदी भाषा के साथ-साथ तेलुगु और कन्नड़ में भी रिलीज किया जाएगा.

    मैं सेंसर बोर्ड का आभारी हूं:  प्रोड्यूसर

     सूत्र के हवाले से बताया कि फिल्म अगले हफ्ते रिलीज होने वाली फिल्म को सीबीएफसी ने यूए सर्टिफिकेट दिया है. प्रोड्यूसर विपुल अमृतलाल शाह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘मैं सेंसर बोर्ड का आभारी हूं कि उन्होंने हमारी फिल्म को यूए सर्टिफिकेट दिया. यह उनके विश्वास को दर्शाता है कि हमने इस कहानी को ईमानदारी और इंटेंट के साथ बताया है. यह फैसला खास इसलिए है क्योंकि इससे हम पूरे देश की युवा लड़कियों और परिवारों तक पहुंच सकेंगे.’ उन्होंने आगे कहा कि फिल्म का उद्देश्य हमेशा से जागरूकता फैलाना रहा है.

    निर्देशक बोले, ‘यह सच्चाई है’

    फिल्म के निर्देशक कामाख्या नारायण सिंह ने भी यूए सर्टिफिकेट मिलने पर खुशी जताई. इंडिया टुडे से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘हमने कट्स के बाद सर्टिफिकेट प्राप्त किया है. यह यूए सर्टिफिकेट है और मैं बोर्ड का आभारी हूं कि उन्होंने यह रेटिंग दी ताकि युवा बहनें और बेटियां सिनेमा हॉल में जाकर फिल्म देख सकें.’ फिल्म की कहानी पर बोलते हुए उन्होंने कहा, ‘यह एक तथ्य-आधारित फिल्म है. देशभर में ऐसा हो रहा है जहां प्यार का इस्तेमाल लड़कियों को फंसाने के लिए किया जा रहा है. हमारा देश इस बारे में सच्चाई जाने, यही हमारा उद्देश्य है.’
    तेलुगु और कन्नड़ में भी रिलीज होगी फिल्म

    हिंदी भाषा के साथ-साथ तेलुगु और कन्नड़ में भी रिलीज किया जाएगा. फिल्म को कन्नड़ और तेलुगु भाषाओं में रिलीज करने का फैसला इसके पहले पार्ट के उस तगड़े असर को देखते हुए लिया गया है, जिसने हर क्षेत्र और भाषा के लोगों के बीच एक बड़ी बहस छेड़ दी थी. दक्षिण भारतीय मार्केट्स में दर्शकों की बढ़ती मांग को पहचानते हुए, मेकर्स ने इसे कई भाषाओं में रिलीज करने का रास्ता चुना है ताकि फिल्म की यह दमदार कहानी ज्यादा से ज्यादा और अलग-अलग तरह के लोगों तक पहुंच सके.

  • लोकभवन में ई-लाइब्रेरी के उपयोग पर दिया गया प्रशिक्षण

    लोकभवन में ई-लाइब्रेरी के उपयोग पर दिया गया प्रशिक्षण

    रायपुर

    लोकभवन में ई-लाइब्रेरी के उपयोग के संबंध में आज अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। राज्यपाल के विधिक सलाहकार श्री भीष्म प्रसाद पाण्डेय की विशेष उपस्थिति में लोकभवन के विभिन्न शाखाओं के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इसके उपयोग की जानकारी दी गई। 

    ई-लाइब्रेरी के अंतर्गत  कानून संबंधी पुस्तकें, कमेंट्री, अधिनियम पढ़ने की सुविधाएँ प्रदान रहती है तथा यह मोबाइल, टैबलेट और डेस्कटॉप पर उपलब्ध है, जो ऑफलाइन पढने नोट्स बनाने, हाईलाईट करने, सर्च एवं प्रिंट करने जैसी सुविधाएँ प्रदान करता है। 

     

  • टीम इंडिया ने T20 वर्ल्ड कप में 17 साल का रिकॉर्ड तोड़ा, इतिहास में पहली बार ऐसा कारनामा

    टीम इंडिया ने T20 वर्ल्ड कप में 17 साल का रिकॉर्ड तोड़ा, इतिहास में पहली बार ऐसा कारनामा

    अहमदाबाद 

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच खिलाफ आखिरी ग्रुप ए मैच खेला गया। भारत ने अहमदाबाद के नरेंद मोदी स्टेडिमय में नीदरलैंड को 17 रनों से मात दी। सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टीम ने 193/6 का स्कोर बनाया था। जवाब में नीदरलैंड ने निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट पर 176 रन बटोरे। स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने तीन विकेट चटकाए। ऑलराउंडर शिवम दुबे ने दो और हार्दिक बांड्या ने जबकि पेसर जसप्रीत बुमराह ने एक-एक शिकार किया। अर्शदीप सिंह, वॉशिंगटन सुंदर और अभिषेक शर्मा ने भी गेंदबाजी की लेकिन विकेट नहीं मिला। भारत ने मैच में सात गेंदबाजों का इस्तेमाल किया। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में भी सात बॉलर को आजमाया था।

    भारत ने तोड़ा अपना 17 साल पुराना रिकॉर्ड
    डिफेंडिंग चैंपियन भारत जारी टूर्नामेंट में अब तक 12 गेंदबाजों का इस्तेमाल कर चुका है। भारत ने पहली बार एक T20 वर्ल्ड कप संस्करण में इतने गेंदबाजों का इस्तेमाल किया है। टीम इंडिया ने अपना 17 साल पुरना रिकॉर्ड तोड़ा है। भारत ने इससे पहले 2009 में इंग्लैंड में आयोजित टूर्नामेंट में 11 बॉलर्स का इस्तेमाल किया गया था। भारत द्वारा टी20 वर्ल्ड कप के एक मैच में सबसे ज्यादा 8 गेंदबाजों को आजमाया गया है। भारत ने दो बार ऐसा किया। भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2009 में साउथ अफ्रीका और 2012 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले में 8 बॉलर्स को गेंद थमाई थी।

    एक T20 WC मैच में भारत द्वारा इस्तेमाल किए गए सर्वाधिक बॉलर

    8 बनाम साउथ अफ्रीका, ट्रेंट ब्रिज, 2009

    8 बनाम ऑस्ट्रेलिया, कोलंबो, 2012

    7 बनाम अफगानिस्तान, ग्रोस आइलेट, 2010

    7 बनाम पाकिस्तान, कोलंबो, 2026

    7 बनाम नीदरलैंड, अहमदाबाद, 2026

    शिवम दुबे चुने गए प्लेयर ऑफ द मैच

    नीदरलैंड के खिलाफ शिवम दुबे प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। उन्होंने गेंद के अलावा बल्ले से भी प्रभावी प्रदर्शन किया। दुबे ने 31 गेंद में छह छक्कों और चार चौकों से 66 रन की करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली। उन्होंने हार्दिक पंड्या (21 गेंद में 30 रन, तीन छक्के) के साथ पांचवें विकेट के लिए 35 गेंद में 76 रन की साझेदारी की जिससे भारत ने चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। दुबे और पंड्या 14वें ओवर में उस समय साथ आए जब भारत 110 रन पर चार विकेट गंवाकर संकट में था। इन दोनों की पारियों से भारत अंतिम पांच ओवर में 75 रन जोड़ने में सफल रहा।कप्तान सूर्यकुमार यादव (34) और तिलक वर्मा (31) ने भी उपयोगी पारियां खेली। भारत ने नीदरलैंड को हराकर टूर्नामेंट में लगातार चौथी जीत दर्ज की। भारत चार मैच में आठ अंक के साथ ग्रुप में शीर्ष पर रहा जबकि नीदरलैंड ने अपने अभियान का अंत चार मैच में एक जीत से दो अंक के साथ किया।

  • भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट: छत्तीसगढ़ का स्टॉल बना आकर्षण केंद्र

    भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट: छत्तीसगढ़ का स्टॉल बना आकर्षण केंद्र

    रायपुर

    भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट: छत्तीसगढ़ का स्टॉल बना आकर्षण केंद्र

    भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में छत्तीसगढ़ द्वारा स्थापित स्टॉल देश-विदेश से आए निवेशकों, तकनीकी विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों और आगंतुकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 

    “छत्तीसगढ़ ड्रिवन बाय इंटेलिजेंस” थीम पर आधारित इस स्टॉल में राज्य की उभरती कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) क्षमता, अत्याधुनिक डिजिटल अधोसंरचना और निवेश संभावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया जा रहा है। स्टॉल में डिजिटल प्रस्तुति, सूचना पैनल और इंटरैक्टिव माध्यमों के जरिए छत्तीसगढ़ को उभरते टेक्नोलॉजी हब के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जिससे निवेशकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

    स्टॉल में विशेष रूप से नवा रायपुर में स्थापित किए जा रहे देश के पहले एआई डाटा सेंटर पार्क की जानकारी प्रमुखता से दी जा रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में लगभग 1000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है तथा इसमें एक लाख तक ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) स्थापित किए जाने की क्षमता विकसित की जाएगी। यह परियोजना देश में एआई आधारित सेवाओं, उच्च क्षमता डाटा प्रोसेसिंग और डिजिटल नवाचार को नई गति प्रदान करते हुए छत्तीसगढ़ को भविष्य की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक होगी।

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि एआई इम्पैक्ट समिट में छत्तीसगढ़ का स्टॉल देश-विदेश के निवेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए आकर्षण का केंद्र बनना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में देश के पहले एआई डाटा सेंटर पार्क के माध्यम से राज्य को डिजिटल नवाचार, उच्च तकनीकी निवेश और भविष्य की अर्थव्यवस्था का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा जा रहा है। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल प्रदेश के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने, नवाचार और उद्यमिता को नई ऊर्जा प्रदान करने तथा छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दृढ़ संकल्प और दूरदर्शी नीति के साथ छत्तीसगढ़ को नए भारत की डिजिटल क्रांति के अग्रणी राज्यों में स्थापित किया जाएगा।

    स्टॉल पर औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के अंतर्गत एआई, रोबोटिक्स और उन्नत प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के लिए उपलब्ध विशेष प्रोत्साहनों, अनुदानों और निवेश-अनुकूल वातावरण की जानकारी भी निवेशकों को दी जा रही है। राज्य में निर्बाध विद्युत आपूर्ति, विकसित हो रहा नवा रायपुर स्मार्ट सिटी, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी और उद्योग-हितैषी नीतियों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। स्टॉल पर मौजूद अधिकारियों द्वारा निवेशकों और आगंतुकों को राज्य में उपलब्ध अधोसंरचना, निवेश अवसरों और नीतिगत प्रोत्साहनों की विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है।

    इस दौरान कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों तथा तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ में एआई और डाटा सेंटर क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं में विशेष रुचि दिखाई तथा राज्य सरकार की दूरदर्शी पहल की सराहना की। यह सहभागिता न केवल निवेश संभावनाओं को सशक्त करने वाली है, बल्कि छत्तीसगढ़ को उभरते टेक्नोलॉजी और इनोवेशन इकोसिस्टम के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगी।

  • पूर्व प्रेमी के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचीं महुआ मोइत्रा, कुत्ते को लेकर विवाद हुआ सुर्खियों में

    पूर्व प्रेमी के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचीं महुआ मोइत्रा, कुत्ते को लेकर विवाद हुआ सुर्खियों में

    कलकत्ता

    तृणमूल कांग्रेस (TMC) की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा और उनके पूर्व प्रेमी जय अनंत देहाद्रई के बीच कानूनी लड़ाई अब उनके पालतू कुत्ते 'हेनरी' (रॉटवीलर नस्ल) की कस्टडी तक पहुंच गई है। महुआ मोइत्रा ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने साकेत कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसने उन्हें उनके पालतू कुत्ते हेनरी की अंतरिम कस्टडी देने से इनकार कर दिया था।

    गुरुवार को जस्टिस मनोज कुमार ओहरी ने इस याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने महुआ के पूर्व प्रेमी और वकील जय अनंत देहाद्रई को नोटिस जारी कर उनका जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल को तय की गई है। सुनवाई के दौरान देहाद्रई व्यक्तिगत रूप से पेश हुए और उन्होंने तर्क दिया कि मोइत्रा की इस याचिका को शुरुआत में ही खारिज कर दिया जाना चाहिए।
    कैश-फॉर-क्वेरी मामला

    यह पालतू कुत्ते का विवाद दोनों के बीच चल रही एक बड़ी कानूनी और राजनीतिक जंग का हिस्सा है। विवाद की शुरुआत तब हुई जब देहाद्रई ने आरोप लगाया कि महुआ मोइत्रा ने संसद में सवाल पूछने के बदले व्यवसायी दर्शन हिरानंदानी से रिश्वत ली थी।

    गंभीर आरोप: देहाद्रई और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने दावा किया था कि मोइत्रा ने अपने लोकसभा के लॉगिन क्रेडेंशियल हिरानंदानी को दिए थे, ताकि वह अपनी पसंद के सवाल सीधे पोस्ट कर सकें। आरोप है कि उनके द्वारा पूछे गए 61 सवालों में से 50 हिरानंदानी से संबंधित थे।

    संसद से निष्कासन: इन आरोपों के आधार पर लोकसभा की आचार समिति ने जांच की और उन्हें निष्कासित करने की सिफारिश की। परिणामस्वरूप, 8 दिसंबर, 2023 को महुआ मोइत्रा को संसद से निष्कासित कर दिया गया।

    मोइत्रा का बचाव: उन्होंने सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया। उन्होंने स्वीकार किया कि हिरानंदानी उनके मित्र हैं, लेकिन किसी भी तरह के 'क्विड प्रो क्वो' (लेन-देन) से इनकार किया।
    मानहानि का मुकदमा और कोर्ट की टिप्पणी

    महुआ मोइत्रा ने देहाद्रई और निशिकांत दुबे के खिलाफ मानहानि का मुकदमा भी दायर किया था। हालांकि, मार्च 2024 में दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्हें अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने तब कहा था कि यह आरोप पूरी तरह से गलत नहीं हैं कि मोइत्रा ने अपने लॉगिन क्रेडेंशियल शेयर किए और उपहार स्वीकार किए। फिलहाल यह मुख्य मामला अभी भी अदालत में लंबित है।

  • AI की दुनिया में राष्ट्रीय मंच पर लहराया छत्तीसगढ़ का परचम : इंडिया AI इंपैक्ट बिल्डथॉन में रायपुर के अनुराग मानिक और आस्था मानिक ने हासिल किया प्रथम स्थान

    AI की दुनिया में राष्ट्रीय मंच पर लहराया छत्तीसगढ़ का परचम : इंडिया AI इंपैक्ट बिल्डथॉन में रायपुर के अनुराग मानिक और आस्था मानिक ने हासिल किया प्रथम स्थान

    रायपुर

    नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित प्रतिष्ठित “AI इंपैक्ट समिट” में छत्तीसगढ़ के युवाओं ने अपनी प्रतिभा का परचम राष्ट्रीय स्तर पर लहराया है।

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने  रायपुर के प्रतिभाशाली सिबलिंग अनुराग मानिक और आस्था मानिक को इंडिया AI इंपैक्ट बिल्डथॉन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेश को गौरवान्वित करने के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि 40,000 से अधिक प्रतिभागियों के बीच तीन कठिन चरणों को सफलतापूर्वक पार करते हुए शीर्ष स्थान हासिल करना उनकी असाधारण प्रतिभा, परिश्रम और नवाचार क्षमता का प्रमाण है।

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि यह सफलता छत्तीसगढ़ के युवाओं की क्षमता, आत्मविश्वास और उभरती तकनीकी शक्ति का प्रतीक है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगिता में प्रस्तुत उनका “कर्तव्य” AI ऐप विशेष रूप से सराहना का केंद्र रहा। यह एप्लिकेशन AI-जनित आवाज और वास्तविक आवाज में अंतर पहचानकर लोगों को डिजिटल धोखाधड़ी से सुरक्षित रखने में सहायक होगा। तकनीक को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का यह प्रयास आज के डिजिटल युग में अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा अपनी परंपराओं और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए आधुनिक तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। यह उपलब्धि प्रदेश में शिक्षा, नवाचार और अवसरों के विस्तार की दिशा में हो रहे समग्र विकास का सशक्त प्रमाण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य के युवा इसी प्रकार नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करते हुए छत्तीसगढ़ को देश और दुनिया में नई पहचान दिलाएंगे। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रोत्साहन और अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।