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  • असम चुनाव से पहले कांग्रेस को करारा झटका, भूपेन बोरा ने थामा भाजपा का दामन

    असम चुनाव से पहले कांग्रेस को करारा झटका, भूपेन बोरा ने थामा भाजपा का दामन

    गुवाहाटी

    असम में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्य में कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लगा है। पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा भाजपा में शामिल हो गए हैं। गुवाहाटी में रविवार को भूपेन कुमार बोरा ने भाजपा की सदस्यता ली। यह कार्यक्रम भाजपा के प्रदेश मुख्यालय वाजपेयी भवन में आयोजित किया गया। इस मौके पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया और सांसद बैजयंत पांडा भी मौजूद रहे। भूपेन बोरा के साथ कांग्रेस के पूर्व कार्यकर्ता संजू बोरा भी भाजपा में शामिल हुए।

    इस्तीफे के बाद बदला घटनाक्रम
    भूपेन बोरा ने 16 फरवरी को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, कांग्रेस आलाकमान ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया। कई वरिष्ठ नेता उनसे मिलने उनके घर पहुंचे और राहुल गांधी ने भी उनसे फोन पर बात की थी। बोरा ने अपने फैसले पर फिर से विचार करने के लिए समय मांगा था।

    इसके अगले ही दिन मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा उनके घर गए। मुलाकात के बाद सरमा ने घोषणा की कि भूपेन बोरा 22 फरवरी को भाजपा में शामिल होंगे। इस घोषणा के बाद असम की राजनीति में अटकलों का दौर समाप्त हो गया।

    कांग्रेस में अपमान का लगाया आरोप
    भाजपा में शामिल होने के बाद भूपेन बोरा ने कांग्रेस में अपने साथ हुए व्यवहार पर दुख जताया। उन्होंने कहा, "मैंने कांग्रेस पार्टी को 32 साल दिए। कांग्रेस ने मुझे विधायक से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक बनाया।" उन्होंने बताया कि कैसे पार्टी में उन्हें अपमानित महसूस हुआ।

    बोरा ने कहा, "मैंने गठबंधन के लिए बातचीत शुरू की थी। गौरव गोगोई ने कहा कि अकेले मत जाओ, रकीबुल हुसैन को भी साथ ले जाओ। लेकिन बाद में गौरव गोगोई ने घोषणा कर दी कि भूपेन बोरा ने गलतफहमी पैदा की है। मैंने उनसे पूछा कि उन्होंने सबके सामने मेरा अपमान क्यों किया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।"

    आने वाले चुनाव पर पड़ेगा असर
    भूपेन बोरा ने यह भी बताया कि जब वह 2021 में अध्यक्ष बने थे, तब कांग्रेस का एआईयूडीएफ के साथ गठबंधन था, जिसे उन्होंने तोड़ा था। बाद में उन्होंने इंडिया गठबंधन बनने से पहले 16 दलों के साथ साझेदारी की थी। असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए इस साल मार्च-अप्रैल में चुनाव होने की उम्मीद है।

  • एसआईआर के बाद नौ राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में 1.70 करोड़ मतदाता घटे, चुनाव आयोग के आंकड़े जारी

    एसआईआर के बाद नौ राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में 1.70 करोड़ मतदाता घटे, चुनाव आयोग के आंकड़े जारी

     नई दिल्ली

    भारत के छह राज्यों और कुछ केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम पूरा हो गया है। चुनाव आयोग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे मतदाताओं के नाम हटाए गए, जिन्हें अयोग्य पाया गया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 9 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाताओं की संख्या मिलाकर 1 करोड़ 70 लाख से ज्यादा घट गई है। आयोग ने स्पष्ट किया कि यह हटाए गए मतदाताओं और नए जोड़े गए योग्य मतदाताओं के अंतर के आधार पर नेट बदलाव है।

    कितने घटे मतदाता?
    मुख्य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, गुजरात, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, राजस्थान, छत्तीसगढ़, अंडमान-निकोबार द्वीप, गोवा और केरल समेत कुल नौ राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों में एसआईआर शुरू होने से पहले मतदाताओं की संख्या लगभग 21.45 करोड़ थी। अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद यह घटकर करीब 19.75 करोड़ रह गई, यानी कुल मिलाकर 1.70 करोड़ से अधिक मतदाता कम हो गए।

    गुजरात में 68 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम कटे
    सबसे ज्यादा नाम गुजरात में हटाए गए हैं। यहां कुल 68 लाख 12 हजार 711 मतदाताओं के नाम सूची से हटे, जिससे कुल मतदाता संख्या लगभग 5.08 करोड़ से घटकर 4.40 करोड़ रह गई, यानी करीब 13.40% की कमी दर्ज हुई। इसके बाद मध्य प्रदेश का नंबर रहा, जहां करीब 34.25 लाख नाम हटाए गए और मतदाता संख्या 5.74 करोड़ से घटकर 5.39 करोड़ हो गई।

    राजस्थान में 31 लाख तो छत्तीसगढ में 25 लाख मतदाता के नाम हटे
    अन्य राज्यों में भी बड़ी कटौती देखी गई। राजस्थान में लगभग 31.36 लाख मतदाताओं के नाम हटे, छत्तीसगढ़ में करीब 24.99 लाख, जबकि केरल में करीब 8.97 लाख नाम कम हुए। छोटे राज्यों में गोवा में लगभग 1.27 लाख नाम हटे। केंद्र शासित प्रदेशों में अंडमान-निकोबार, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में भी मतदाताओं की संख्या में कमी दर्ज की गई।

    किस वजह से हटाए गए मतदाताओं के नाम?
    चुनाव आयोग के अनुसार मतदाता सूची से नाम हटाने के मुख्य कारणों में मौत, स्थायी रूप से दूसरी जगह चले जाना, एक से अधिक जगह पंजीकरण होना या पात्रता से जुड़े अन्य मुद्दे शामिल हैं। आयोग ने कहा कि मतदाता सूची को अपडेट करना लगातार चलने वाली प्रक्रिया है और पात्र नागरिक अब भी नाम जुड़वाने, हटवाने या सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं।

    यूपी, बंगाल और तमिलनाडु में SIR जारी
    आयोग ने बताया कि पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के आंकड़े इस महीने के अंत तक जारी किए जाएंगे। देशभर में 12 राज्यों में चल रहे इस अभियान का अगला चरण अप्रैल से शुरू होगा, जिसके तहत पूरे देश में मतदाता सूचियों का सत्यापन जारी रहेगा।

    विवाद और कानूनी चुनौती,  असम में अलग प्रक्रिया
    इस पूरे अभियान के दौरान कई जगह शेड्यूल में बदलाव भी किए गए। बिहार की तरह ही तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में राजनीतिक दलों ने इस प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। चुनाव आयोग का कहना है कि यह अभियान मतदाता सूची को अधिक सटीक और अपडेट रखने के लिए किया जा रहा है। असम में एसआईआर की जगह स्पेशल रिविजन प्रक्रिया अपनाई गई थी, जो 10 फरवरी को पूरी हो चुकी है।

    देशभर में चल रहा है अभियान
    चुनाव आयोग का यह विशेष पुनरीक्षण अभियान देश के कई हिस्सों में जारी है। बिहार में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि अभी 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में यह काम चल रहा है, जहां लगभग 60 करोड़ मतदाता शामिल हैं। इसके बाद अगले चरण में 17 राज्यों और 5 केंद्रशासित प्रदेशों के करीब 40 करोड़ मतदाताओं को कवर किया जाएगा।

  • T20 में भारत का दबदबा! दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 60% जीत, रन-छक्कों और विकेट के असली हीरो कौन?

    T20 में भारत का दबदबा! दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 60% जीत, रन-छक्कों और विकेट के असली हीरो कौन?

    अहमदाबाद

    भारत और दक्षिण अफ्रीका की टीमें आज सुपर-8 चरण में आमने-सामने होंगी। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में होने वाले इस मुकाबले को लेकर फैंस बेहद उत्साहित हैं, क्योंकि 2024 टी20 विश्वकप फाइनल में भारत की जीत ने इस प्रतिद्वंद्विता को और रोमांचक बना दिया है।इतिहास और मौजूदा फॉर्म दोनों ही इस मुकाबले को खास बना रहे हैं।

    भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टी20 मुकाबले हमेशा रोमांच से भरे रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि इस फॉर्मेट में टीम इंडिया का पलड़ा थोड़ा भारी रहा है। दोनों टीमों के बीच 2006 से अब तक 35 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं, जिनमें भारत ने 21 मुकाबले जीते, दक्षिण अफ्रीका ने 13 मैच अपने नाम किए, जबकि एक मुकाबला बेनतीजा रहा। यानी जीत का प्रतिशत करीब 60 फीसदी भारत के पक्ष में रहा है।

    टी20 वर्ल्ड कप में भारत का रिकॉर्ड
    टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में भी भारत का प्रदर्शन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बेहतर रहा है। दोनों टीमों के बीच विश्व कप में अब तक सात मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें से पांच भारत ने जीते हैं। दक्षिण अफ्रीका ने सिर्फ दो मैच जीते हैं। भारत और दक्षिण अफ्रीका टी20 विश्वकप में पिछली बार साल 2024 टी20 विश्वकप के फाइनल में आमने-सामने आए थे। इस मुकाबले को भारत ने सात रन से जीता था।

    भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच सात टी20 विश्वकप मुकाबले
         2007: भारत ने 37 रन से जीत दर्ज की
        2009: भारत की 12 रन से हार
        2010: भारत की 14 रन से जीत
        2012: भारत की 1 रन से रोमांचक जीत
        2014: भारत की 6 विकेट से जीत
        2022: भारत की 5 विकेट से हार
        2024 फाइनल: भारत 7 रन से जीता

    सबसे ज्यादा रन: मिलर और डिकॉक का जलवा
    भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टी20 मुकाबलों में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के विस्फोटक बल्लेबाज डेविड मिलर के नाम है। उन्होंने 28 मैचों में 563 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं। दूसरे स्थान पर क्विंटन डिकॉक हैं, जिन्होंने 15 मैचों में 507 रन बनाए। ये दोनों बल्लेबाज 500+ रन बनाने वाले इकलौते खिलाड़ी हैं।

    भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड तिलक वर्मा (496 रन) के नाम है। इसके बाद रोहित शर्मा (429 रन) और मौजूदा कप्तान सूर्यकुमार यादव (406 रन) का नाम आता है। सूर्यकुमार ने एक शतक और चार अर्धशतक लगाए हैं, जो दर्शाता है कि उन्हें प्रोटियाज गेंदबाजी रास आती है।

  • स्केलेबिलिटी और स्पीड से बदला उत्तर प्रदेश का औद्योगिक परिदृश्यः सीएम योगी

    स्केलेबिलिटी और स्पीड से बदला उत्तर प्रदेश का औद्योगिक परिदृश्यः सीएम योगी

    पीएम मोदी का कथन याद दिलाया सीएम योगी ने- “ऑयल वाज ब्लैक गोल्ड, बट चिप इज डिजिटल डायमंड”

    2017 से पहले अराजकता व असुरक्षा के लिए जाना जाता था जेवर क्षेत्र, आज पूरे भारत का ‘जेवर’ बनकर उभर रहा: सीएम योगी

    उत्तर प्रदेश आज डी-रेगुलेशन में और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में देश के अग्रणी राज्य के रूप में हुआ स्थापितः मुख्यमंत्री

    जेवर (ग्रेटर नोएडा)

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप भारत समग्र विकास के नए प्रतिमान स्थापित करते हुए वैश्विक आर्थिक महाशक्ति के रूप में आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में स्थित जेवर में 3700 करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर परियोजना इंडिया चिप का शिलान्यास प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से होना प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश ने “स्केल और स्पीड” के साथ विकास सुनिश्चित किया है। वर्ष 2014 में पद संभालने के बाद प्रधानमंत्री जी ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की अवधारणा को आगे बढ़ाया, जिससे राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण बना। इसी तरह, उत्तर प्रदेश में 2017 में सरकार बनाने के बाद ‘फियरलेस बिजनेस’ और ‘ट्रस्ट ऑफ डूइंग बिजनेस’ का मजबूत इकोसिस्टम स्थापित किया गया है।

    पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत बन रहा इमर्जिंग टेक्नोलॉजी का हब
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत इमर्जिंग टेक्नोलॉजी का वैश्विक हब बन रहा है। भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में 110 से अधिक देशों की सहभागिता और लगभग 10 लाख लोगों की भागीदारी ने यह सिद्ध किया है कि भारत तकनीकी नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ चुका है। सीएम योगी ने स्मरण कराया कि सेमीकॉन इंडिया 2025 में प्रधानमंत्री जी ने कहा था कि “ऑयल वॉज ब्लैक गोल्ड, बट चिप्स इज डिजिटल डायमंड”। मुख्यमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था की सुरक्षा और विकास, चिप आधारित तकनीक पर निर्भर है और यह दूरदर्शी सोच आज भारत को नई दिशा दे रही है। हर भारतवासी और उत्तर प्रदेशवासी प्रधानमंत्री जी के इस विजन के लिए कृतज्ञता ज्ञापित करता है।

    जेवर बना देश का ‘जेवर’
    मुख्यमंत्री ने कहा कि एचसीएल और फॉक्सकॉन का यह संयुक्त उपक्रम, जिसके अंतर्गत प्रथम डिस्प्ले ड्राइवर सेमीकंडक्टर ओसैट यूनिट स्थापित हो रही है, अत्यंत महत्वपूर्ण है। पूर्ववर्ती सरकारों के समय यही क्षेत्र अराजकता और असुरक्षा के लिए जाना जाता था, जहां सूर्यास्त के बाद लोग घरों से निकलने में संकोच करते थे। आज वही जेवर क्षेत्र, प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और विजनरी नेतृत्व में न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे भारत का ‘जेवर’ बनकर उभर रहा है। आज यह प्रदेश की प्रथम डिस्प्ले ड्राइवर सेमीकंडक्टर ओसैट यूनिट यहां स्थापित होकर इस नए विजन को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है।  

    जनप्रतिनिधियों और किसानों के सकारात्मन रुख का रहा अहम योगदान
    मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और जितिन प्रसाद के योगदान की सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही, जनप्रतिनिधियों, सांसदों, विधायकों और अन्नदाता किसानों द्वारा यमुना प्राधिकरण के साथ मिलकर दिए गए सहयोग को इस परियोजना की सफलता का आधार बताया। उन्होंने कहा कि यह सकारात्मक भूमिका ही है, जिसके कारण आज यह क्षेत्र मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के बड़े हब के रूप में स्थापित हो रहा है। प्रधानमंत्री जी के विजन के कारण हम सबने उत्तर प्रदेश के स्केल को स्किल और स्पीड के साथ जोड़ने का जो कार्य किया है, उसका परिणाम हमें आज जमीन पर दिखाई दे रहा है।  

    उत्तर प्रदेश बना निवेश का ड्रीम डेस्टिनेशन
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में सरकार बनाने के बाद प्रदेश के अंदर डबल इंजन सरकार ने लगातार विकास के कार्यक्रम आगे बढ़ाए हैं। उत्तर प्रदेश ने 34 से अधिक सेक्टोरल नीतियों के माध्यम से प्रदेश को निवेश का ड्रीम डेस्टिनेशन बनाया है। उत्तर प्रदेश आज डी-रेगुलेशन और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में देश के अंदर अग्रणी राज्य के रूप में खुद को स्थापित कर रहा है। डी-क्रिमिनलाइजेशन के तहत 99 राज्य अधिनियमों में 13 प्रतिशत से अधिक आपराधिक प्रावधानों को उत्तर प्रदेश में समाप्त किया गया है। प्रधानमंत्री जी का विजन हर सेक्टर में प्रभावी रूप से धरातल पर उतरता दिखाई दे रहा है।

    सेमीकंडक्टर परियोजना नए युग की आधारशिला
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जब एचसीएल-फॉक्सकॉन की पहली सेमीकंडक्टर परियोजना की आधारशिला रखी जा रही है, तब यह केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि नए भारत और नए उत्तर प्रदेश की तकनीकी आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश को वैश्विक सेमीकंडक्टर मानचित्र पर स्थापित करेगी।

    इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअली उपस्थित रहे, जबकि भारत सरकार में रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, उत्तर प्रदेश के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, प्रभारी मंत्री ब्रजेश सिंह और सांसद डॉ महेश शर्मा व सुरेंद्र नागर, स्थानीय विधायक धीरेंद्र सिंह, तेजपाल नागर, पंकज सिंह, श्रीचंद शर्मा तथा एचसीएल ग्रुप की चेयरपर्सन रोशनी नाडर मल्होत्रा और सेमीकंडक्टर बिजनेस ग्रुप (फॉक्सकॉन) के अध्यक्ष बॉब चेन भी उपस्थित रहे।

    सीएम योगी ने बदली उत्तर प्रदेश की तस्वीरः अश्विनी वैष्णव
    केंद्रीय आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह ऐतिहासिक अवसर है जब उत्तर प्रदेश में सबसे पहला सेमीकंडक्टर प्लांट का शिलान्यास जेवर की इस पवित्र भूमि में किया जा रहा है। इस प्लांट में एक महीने में 3 करोड़ 60 लाख चिप का उत्पादन होगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश लॉ एंड ऑर्डर, कनेक्टिविटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर में अग्रणी राज्य है। मुख्यमंत्री ने अपने प्रयासों से उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदलकर रख दी है।

    एचसीएल और फॉक्सकॉन ने प्रदेश सरकार का जताया आभार
    एचसीएल ग्रुप की चेयरपर्सन रोशनी नाडर मल्होत्रा ने इस मौके पर कहा कि हम भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के अटूट समर्थन के लिए अत्यंत आभारी हैं। यह परियोजना एचसीएल ग्रुप की विकास यात्रा में एक नया अध्याय है और भारत की तकनीकी एवं विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र में हमारे योगदान को और मज़बूत करती है। हम उत्तर प्रदेश में अपनी प्रतिबद्धता को और गहरा करने पर गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने दिखाया है कि निर्णायक कदम उठाने से कैसे बदलाव लाया जा सकता है। उत्तर प्रदेश इसका उदाहरण है।
    अपने संबोधन में फॉक्सकॉन के सेमीकंडक्टर बिजनेस ग्रुप के अध्यक्ष बॉब चेन ने कहा कि यह संयुक्त उद्यम भारत में हमारे द्वारा निर्माण, संचालन और स्थानीयकरण का एक बेहतरीन उदाहरण है। हमारा बीओएल व्यापार मॉडल स्थानीय समुदाय का समर्थन करता है। हम अपने साझेदार एचसीएल के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं और इस उपलब्धि के लिए भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित किए जाने पर खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं।

  • सहकार से समृद्धि : ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगे डेढ़ हजार हाईटेक एम-पैक्स

    सहकार से समृद्धि : ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगे डेढ़ हजार हाईटेक एम-पैक्स

    बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती वित्तीय और कृषि सुविधाएं उपलब्ध करा रही योगी सरकार

    एम-पैक्स में बड़े पैमाने पर लगाए जा रहे सोलर हाइब्रिड सिस्टम

    माइक्रो-एटीएम, कंप्यूटर, प्रिंटर, सर्वर से किए जा रहे लैस, निर्बाध विद्युत आपूर्ति से मिलेंगी निरंतर सुविधाएं

    ऊर्जा आत्मनिर्भरता, सस्ती कृषि सेवाएं और डिजिटल सुविधाएं बन रहीं ग्रामीणों का मजबूत सहारा

    लखनऊ,

    प्रदेश में सहकारिता तंत्र को आधुनिक रूप देते हुए योगी सरकार बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (एम-पैक्स) को ग्रामीण विकास का मजबूत आधार बना रही है। प्रदेशभर में लगभग डेढ़ हजार एम-पैक्स को हाईटेक सुविधाओं से तैयार किया जा रहा है। यही नहीं इन सभी को सोलर हाइब्रिड सिस्टम से लैस कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने की तैयारी है।
    योगी सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों और ग्रामीणों को गांव स्तर पर ही सस्ती वित्तीय सेवाएं, फसली ऋण, उन्नत बीज और उर्वरक उपलब्ध हों। इसी रणनीति के तहत एम-पैक्स को डिजिटल और ऊर्जा के लिहाज से पूरी तरह सक्षम बनाया जा रहा है।

    सोलर रूफटॉप से ऊर्जा आत्मनिर्भर बन रहे एम-पैक्स
    सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एम-पैक्स भवनों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर सोलर रूफटॉप योजना लागू की गई है। प्रत्येक चयनित भवन की छत पर दो किलोवाट क्षमता का आधुनिक सोलर हाइब्रिड सिस्टम लगाया जा रहा है। अभी लगभग डेढ़ हजार एम-पैक्स में इन संयंत्रों की स्थापना की जा रही है। इससे बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। फिलहाल 500 से अधिक आधुनिक सोलर हाइब्रिड सिस्टम सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं जबकि शेष लगाए जा रहे हैं।

    डिजिटल सेवाओं को मिल रहा 24×7 पावर सपोर्ट
    सोलर हाइब्रिड सिस्टम लगने के बाद एम-पैक्स पूरी तरह डिजिटल सेवा केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। यहां कंप्यूटर, प्रिंटर, सर्वर, माइक्रो-एटीएम
    क्यूआर और यूपीआई  भुगतान प्रणाली अब बिना रुकावट संचालित की जा रही हैं। इससे ग्रामीणों को बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं गांव में ही आसानी से मिल रहीं हैं और काम में होने वाली देरी समाप्त हो जाएगी।

    किसानों को कम दरों पर मिल रहीं अहम सुविधाएं
    योगी सरकार अभियान चलाकर एम-पैक्स के जरिए किसानों को फसली ऋण, उन्नत बीज, गुणवत्तापूर्ण उर्वरक, कम दरों पर उपलब्ध करा रही है। ग्रामीण आबादी को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने के लिए सदस्यता प्रक्रिया को डिजिटल पोर्टल और मोबाइल आधारित पंजीकरण से सरल बनाया गया है।
    हाईटेक एम-पैक्स मॉडल के जरिए प्रदेश में सहकार से समृद्धि का विजन तेजी से जमीन पर उतर रहा है। ऊर्जा आत्मनिर्भरता और डिजिटल सशक्तीकरण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।

  • यूपी को ‘मैन्युफैक्चरिंग हब ऑफ इंडिया’ बनाने के मिशन के साथ आज सिंगापुर-जापान रवाना होंगे सीएम योगी

    यूपी को ‘मैन्युफैक्चरिंग हब ऑफ इंडिया’ बनाने के मिशन के साथ आज सिंगापुर-जापान रवाना होंगे सीएम योगी

    सिंगापुर की 25 और जापान की 8 कंपनियों के शीर्ष प्रतिनिधियों से करेंगे मुलाकात

    जी-टू-बी संवाद और राउंड टेबल मीटिंग में निवेशकों से होगा सीधा संवाद

    प्रवासी भारतीयों और स्कूली बच्चों से बातचीत कर साझा करेंगे बदले यूपी की कहानी

    डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, ऑटोमोबाइल और ग्रीन एनर्जी निवेश पर रहेगा जोर

    वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में अहम पहल

    लखनऊ

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों के उत्तर प्रदेश को ‘मैन्युफैक्चरिंग हब ऑफ इंडिया’ बनाने के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंगापुर और जापान के चार दिवसीय दौरे पर आज रवाना होंगे। 2017 की म्यांमार यात्रा के बाद यह मुख्यमंत्री का पहला विदेशी दौरा होगा, जिसे प्रदेश की निवेश कूटनीति और औद्योगिक विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 23-24 फरवरी को सिंगापुर और 25-26 फरवरी को जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री 33 वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर प्रदेश में निवेश, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विस्तार के नए अवसरों पर चर्चा करेंगे।

    इस यात्रा की खास बात यह होगी कि मुख्यमंत्री जी-टू-बी (गवर्नमेंट टू बिजनेस) बैठकों और राउंड टेबल मीटिंग के जरिए निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे। यूपी के सीईओ की तरह वे निवेशकों से प्रदेश के औद्योगिक रोडमैप, नीति स्थिरता और कारोबारी संभावनाओं पर स्पष्ट और परिणाम केंद्रित बातचीत करेंगे। प्रवासी भारतीयों और उत्तर प्रदेश वासियों को संबोधित करने के साथ वे स्कूली बच्चों से भी संवाद करेंगे और प्रदेश की विकास यात्रा साझा करेंगे।
    सरकार का मानना है कि 25 करोड़ नागरिकों की शक्ति उत्तर प्रदेश को उत्पादन और उपभोग दोनों का केंद्र बनाती है। विशाल श्रमबल, बड़ा बाजार और तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर ‘मैन्युफैक्चरिंग हब ऑफ इंडिया’ के विजन की मजबूत आधारशिला हैं।

    सिंगापुर की 25 कंपनियों के प्रतिनिधियों से मिलेंगे सीएम योगी
    सिंगापुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री 25 कंपनियों के प्रतिनिधियों से मिलेंगे। गूगल और एसटीटी ग्लोबल जैसे निवेशकों के साथ डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर, जापफा ग्रुप और ओलम इंटरनेशनल के साथ एग्रीबिजनेस, मैपलट्री और एआई सैट्स के साथ लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तथा एवीपीएन, जीएससी ग्रीन्स और ईडीपीआर सनसीप के साथ क्लीन व सौर ऊर्जा निवेश पर चर्चा होगी।

    ग्रीनफील्ड वेंचर्स और ड्रीमट्रस्ट के साथ हॉस्पिटैलिटी व थीम पार्क, यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप के साथ पैकेजिंग, सेम्बकॉर्प के साथ इंडस्ट्रियल पार्क और सिंगापुर एयरलाइंस इंजीनियरिंग कंपनी के साथ एविएशन क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। टेमासेक, जीआईसी और ब्लैकस्टोन जैसे वैश्विक निवेश फंड्स के साथ पूंजी निवेश, जबकि फुलर्टन फाइनेंशियल, डीबीएस बैंक और वर्टेक्स वेंचर्स के साथ फिनटेक व स्टार्टअप सहयोग पर भी बातचीत होगी।

    जापान में आठ प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे मुख्यमंत्री
    जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री आठ प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। कुबोटा और सुजुकी के साथ ऑटोमोबाइल निवेश, टोक्यो इलेक्ट्रॉन के साथ सेमीकंडक्टर, तोशिबा के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग तथा टोयो डेंसो, जापान एविएशन इलेक्ट्रॉनिक्स और नागासे एंड कंपनी के साथ ऑटोमोबाइल सप्लाई चेन सहयोग प्रमुख एजेंडा रहेंगे। कनाडेविया के साथ ग्रीन हाइड्रोजन और मारुबेनी के साथ हॉस्पिटैलिटी व रियल एस्टेट निवेश पर भी चर्चा होगी।

    जी-टू-बी और राउंड टेबल बैठकों के जरिए करेंगे संवाद
    दौरे के दौरान आयोजित जी-टू-बी और राउंड टेबल बैठकों में मुख्यमंत्री प्रदेश की औद्योगिक नीति, भूमि बैंक, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स व्यवस्था और कौशल विकास से जुड़े पहलुओं पर निवेशकों के साथ संवाद करेंगे। सरकार को उम्मीद है कि इन बैठकों से निवेश प्रस्तावों को गति मिलेगी और संयुक्त परियोजनाओं का रास्ता साफ होगा। मुख्यमंत्री की यह यात्रा न केवल निवेश आकर्षित करने का प्रयास है, बल्कि वैश्विक मंच पर ‘ब्रांड यूपी’ को सशक्त रूप से स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

    प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने में अहम कदम
    चार दिन के इस दौरे में मुख्यमंत्री निवेशकों के सामने नए उत्तर प्रदेश की तस्वीर रखेंगे, जहां मजबूत कानून व्यवस्था, नीति स्थिरता और तेज कनेक्टिविटी निवेश के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री का यह दौरा प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने और ‘मेक इन यूपीवन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था’ को वैश्विक स्तर पर मजबूती देने में अहम साबित हो सकता है।

  • प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में उत्तर प्रदेश का बेहतर प्रदर्शन

    प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में उत्तर प्रदेश का बेहतर प्रदर्शन

    अगस्त 2025 से जनवरी 2026 के बीच सोलर संयंत्र स्थापना में देश में दूसरा स्थान, घरेलू रूफटॉप सोलर में निरंतर वृद्धि

    लखनऊ समेत 10 जनपदों में सर्वाधिक रूफटॉप सोलर स्थापित

    सीएम योगी के नेतृत्व में सौर ऊर्जा के प्रति जनजागरूकता और स्वीकार्यता में तेजी

    लखनऊ,

    ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अगस्त 2025 से जनवरी 2026 की अवधि में राज्य सोलर संयंत्र स्थापना के मामले में देशभर में दूसरे स्थान पर रहा। इस दौरान घरेलू रूफटॉप सोलर संयंत्रों की मासिक स्थापना में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। प्रदेश के 10 प्रमुख जनपद लखनऊ, वाराणसी, कानपुर नगर, बरेली, प्रयागराज, आगरा, झांसी, रायबरेली, शाहजहांपुर और सहारनपुर में सबसे अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए गए हैं। यह राज्य में सौर ऊर्जा के प्रति बढ़ती जनजागरूकता और स्वीकार्यता को दर्शाता है।

    महाराष्ट्र से प्रतिस्पर्धा, गुजरात को पीछे छोड़ा
    इस अवधि में उत्तर प्रदेश का सीधा मुकाबला महाराष्ट्र और गुजरात से रहा। सौर ऊर्जा क्षेत्र में लंबे समय से अग्रणी रहे गुजरात को पीछे छोड़ते हुए उत्तर प्रदेश ने शीर्ष दो राज्यों में अपनी स्थिति मजबूत की है। यूपीनेडा के निदेशक इंद्रजीत सिंह का कहना है कि यह उपलब्धि राज्य सरकार की सौर नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, जिलावार निगरानी और समयबद्ध लक्ष्य निर्धारण का परिणाम है। देश में कुल रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में उत्तर प्रदेश वर्तमान में तीसरे स्थान पर है, जबकि पीएमएसजीवाई के तहत आवेदनों की संख्या में प्रदेश दूसरे स्थान पर है।

    इंस्टॉलेशन में हर माह वृद्धि
    अगस्त 2025 से जनवरी 2026 के बीच हर माह घरेलू सोलर कनेक्शनों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाना, सब्सिडी का सीधे उपभोक्ताओं के खातों में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरण और डिस्कॉम स्तर पर त्वरित स्वीकृति प्रणाली ने योजना को गति दी है। बढ़ते बिजली बिल और पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता ने भी लोगों को रूफटॉप सोलर अपनाने के लिए प्रेरित किया है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में योजना का सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

    ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
    प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का उद्देश्य देश के एक करोड़ घरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कर प्रत्येक परिवार को स्वच्छ एवं मुफ्त ऊर्जा का लाभ दिलाना है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में इस योजना की सफलता से उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिलने के साथ-साथ राज्य की ऊर्जा आवश्यकताओं में आत्मनिर्भरता भी बढ़ रही है। सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से पारंपरिक विद्युत उत्पादन पर दबाव कम होगा और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, जिससे हरित ऊर्जा लक्ष्यों की प्राप्ति में मदद मिलेगी।

    पहले स्थान की ओर अग्रसर उत्तर प्रदेश
    ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वर्तमान गति बनी रही तो आने वाले महीनों में उत्तर प्रदेश देश में पहला स्थान भी हासिल कर सकता है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत सोलर इंस्टॉलेशन में विगत सात माह से लगातार शीर्ष दो स्थान में बने रहना राज्य के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। घरेलू सोलर अपनाने की बढ़ती प्रवृत्ति उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत देने के साथ-साथ प्रदेश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता और हरित विकास की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ा रही है।

  • अनियंत्रित होकर पलटा तेज रफ्तार ट्रैक्टर, चालक की मौत, पांच गंभीर

    अनियंत्रित होकर पलटा तेज रफ्तार ट्रैक्टर, चालक की मौत, पांच गंभीर

    बालोद

    छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर खेत में पलट गया, जिससे चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।यह हादसा राजहरा थाना क्षेत्र के पत्थराटोला गांव के पास हुआ।

    बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर में 20 से अधिक ग्रामीण सवार थे, जो रजही डेम किनारे खटला खाने गए थे। खाना खाने के बाद सभी लोग पथरकटोला होते हुए अपने गांव लौट रहे थे, तभी रास्ते में ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर खेत में पलट गया। हादसे में ट्रैक्टर चालक गौकरण दर्रो (40 वर्ष) ट्रैक्टर के नीचे दब गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं ट्रैक्टर में सवार पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    घायलों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। ग्रामीणों के अनुसार ट्रैक्टर में क्षमता से अधिक लोग सवार थे, जिससे हादसे की आशंका और बढ़ गई थी। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

  • मुख्यमंत्री की उपस्थिति में फसल बीमा व कृषक दुर्घटना योजना के लाभार्थियों को मिला मुआवज़ा

    मुख्यमंत्री की उपस्थिति में फसल बीमा व कृषक दुर्घटना योजना के लाभार्थियों को मिला मुआवज़ा

    लखनऊ

    प्रदेश में कृषि विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना योजना के संबंधित बीमा योजनाओं के लाभार्थी किसानों को सहायता राशि प्रदान किए जाने के लिए आज मा0 मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में क्षतिपूर्ति वितरण समारोह का आयोजन लखनऊ में किया गया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जनपद बुलंदशहर में एनआईसी में किया गया जिसमें जनपद के लाभार्थी किसानों द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यक्रम में मा0 मुख्यमंत्री द्वारा डीबीटी के माध्यम से योजना के लाभार्थी किसानों के खातों में धनराशि भेजी गई। प्रदेश में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के 9270 लाभार्थियों को धनराशि 175.5 करोड़ सीधे खातों में हस्तान्तरित की गयी, जिसके अन्तर्गत जनपद बुलंदशहर में 41 लाभार्थियों के सापेक्ष 02 करोड़ रूपये की धनराशि खातों में हस्तान्तरित की गयी। एनआईसी में आयोजित कार्यक्रम में मा0 विधायक सिकंदराबाद लक्ष्मी राज सिंह, सीडीओ निशा ग्रेवाल द्वारा योजनाओं के लाभार्थी किसानों/परिजनों को संकेतिक चेक का वितरण किया गया।

    जनपद में 41 लाभार्थियों में से एक लाभार्थी नीरज सिंह ग्राम नौसाना तहसील सदर जनपद बुलंदशहर की पुत्री की आज 21 फरवरी 2026 को शादी है ।मृतक किसान की पत्नी नीरज सिंह के खाते में 05 लाख रुपए की धनराशि आज हस्तांतरित हुई । जिला प्रशासन की ओर से ग्राम नोसाना में लाभार्थी के घर पहुंचकर परिवारजनों को मा0 मुख्यमंत्री द्वारा आज दिए गए आर्थिक सहायता धनराशि के खाते में अंतरित होने के बारे में अवगत कराया गया ।शादी के दिन ही आर्थिक सहायता की धनराशि मिलने पर परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई, परिवार के सदस्यों के द्वारा मा0 मुख्यमंत्री का विशेष धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त किया गया। योजना का लाभ तत्परता से दिलाए जाने के लिए जिलाधिकारी महोदया का भी आभार जताया।

     

  • हार्दिक पांड्या ने बेटे को दिया रॉयल गिफ्ट, जानिए इसकी कीमत कितनी है!

    हार्दिक पांड्या ने बेटे को दिया रॉयल गिफ्ट, जानिए इसकी कीमत कितनी है!

    नई दिल्ली
    खिलौनों से खेलने की उम्र में बेटे अगस्त्या को हार्दिक पांड्या ने एक 'रॉयल' गिफ्ट दिया है। करोड़ों की SUV मां और बेटे को हार्दिक पांड्या ने गिफ्ट में दी है। इसकी कीमत करीब पौने 4 करोड़ रुपये है। भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या और नताशा स्टैनकोविक का भले ही तलाक हो चुका है, लेकिन दोनों बेटे के को-पैरेंट हैं। नताशा के पास अगस्त्या रहते हैं, लेकिन फिर भी हार्दिक पांड्या का अपने बेटे के प्रति प्यार कम नहीं हुआ है। इसका जीता-जागता उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब अपने बेटे को करोड़ों की एसयूवी कार गिफ्ट में दी। जिस बेटे की उम्र अभी खिलौनों से खेलने की है, लेकिन हार्दिक पांड्या ने उसे करोड़ों की लग्जरी एसयूवी कार गिफ्ट में दी है।

    सोशल मीडिया पर हार्दिक पांड्या द्वारा अपने बेटे अगस्त्या और एक्स वाइफ नताशा स्टैनकोविक को दिए गए गिफ्ट की तस्वीर वायरल हो रही है। इसमें हार्दिक का बेटा और एक्स-वाइस साथ में लैंड रोवर डिफेंडर कार की डिलीवरी लेते नजर आ रहे हैं। तस्वीर के दाएं तरफ आप देख सकते हैं कि वेलकम नोट पर साफ-साफ लिखा हुआ है पापा टू अगस्त्या।

    कितना ही इस कार की कीमत?
    हार्दिक पांड्या ने लैंड रोवर डिफेंडर का कौन सा मॉडल अगस्त्या को गिफ्ट किया है, यह तो अभी कन्फर्म नहीं है, लेकिन ऑन रोड प्राइस डिफेंडर की एक करोड़ से लेकर 4 करोड़ के बीत है। ऐसे में इसे करोड़ों की एसयूवी कार लिखना सही रहेगा। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि लैंड रोवर डिफेंडर का ये टॉप एंड मॉडल है, जिसकी कीमत करीब 4 करोड़ रुपये है।

    हार्दिक पांड्या के पास पहले से ही डिफेंडर कार है। इस बार भी उसी शोरूम से उन्होंने यह डिफेंडर खरीदी है, जिससे पहले वे इस ब्रांड की कार खरीद चुके हैं। मुंबई के नवनीत मोटर्स ने इस बात की जानकारी आधिकारिक तौर पर साझा की है कि मुंबई में अगस्त्या पांड्या और नताशा स्टैनकोविक को यह कार सौंपी गई है।