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  • सीएम धामी ने स्कूल के बच्चों के साथ सुनी पीएम मोदी के मन की बात

    सीएम धामी ने स्कूल के बच्चों के साथ सुनी पीएम मोदी के मन की बात

    देहरादून
    सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस एपिसोड में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर वैश्विक शिखर सम्मेलन, अंगदान की प्रेरणादायक कहानियां तथा डिजिटल अरेस्ट जैसी धोखाधड़ी से सावधानी बरतने पर जोर दिया।

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में जन प्रतिनिधियों और संस्कृति स्कूल के बच्चों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के 131वें एपिसोड को सुना। मुख्यमंत्री  ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम जन-जन को प्रेरित करने वाला माध्यम है, जो नवाचारों, सामाजिक एकता और राष्ट्र निर्माण में योगदान को प्रोत्साहित करता है।
     

  • कार्लोस अल्काराज़ को कतर ओपन का खिताब

    कार्लोस अल्काराज़ को कतर ओपन का खिताब

    दोहा
    विश्व के नंबर एक खिलाड़ी कार्लोस अल्काराज़ ने शानदार खेल का नमूना पेश करते हुए आर्थर फिल्स को केवल 50 मिनट में 6-2, 6-1 से हराकर कतर ओपन टेनिस टूर्नामेंट का खिताब जीता। स्पेन के इस स्टार खिलाड़ी ने इस तरह से 2026 में अपनी जीत का सिलसिला 12 मैच तक पहुंचा दिया है। उन्होंने इस साल ऑस्ट्रेलियाई ओपन का खिताब जीता था।

    इस तरह से उन्होंने करियर ग्रैंड स्लैम पूरा करने यानि चारों ग्रैंड स्लैम जीतने वाला सबसे कम उम्र का खिलाड़ी बनने के 20 दिन बाद कतर ओपन में चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। अल्काराज़ ने कहा, ‘‘साल की शुरुआत वाकई बहुत शानदार रही है।’’ दोहा में खिताब जीतने के साथ ही अल्काराज़ के टूर-स्तरीय खिताबों की संख्या 26 हो गई है।

     

  • कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी की ऐतिहासिक पदयात्रा: रत्नावली कौशल

    कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी की ऐतिहासिक पदयात्रा: रत्नावली कौशल

    राष्ट्रव्यापी एकता की पुकार है

    बोल रहा अब हिंदुस्तान मनखे मनखे एक समान के नारे की गूंज चारों ओर व्याप्त

    छत्तीसगढ़

    भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण छत्तीसगढ़ शासन पूर्व सदस्य रत्नावली कौशल ने कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी की गरिमामयी पदयात्रा को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि "यह पदयात्रा छत्तीसगढ़ के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ रही है।"यह पदयात्रा हजारों समर्थकों, कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी के साथ आगे बढ़ रही है।

    सतनामी समाज, किसान संगठनों, युवा ब्रिगेड और महिला मोर्चा के कार्यकर्ताओं की अभूतपूर्व उपस्थिति ने इसे एक विशाल जन-आंदोलन का रूप दे दिया है। नारे "बोल रहा अब हिंदुस्तान मनखे मनखे एक समान" की गूंज चारों ओर व्याप्त है, जो समानता और एकता का संदेश दे रही है।पदयात्रा के दौरान गुरु खुशवंत साहेब जी ने अपने ओजस्वी भाषणों से उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रेरित किया। उन्होंने राज्य के विकास, जनकल्याण योजनाओं, किसानों की आर्थिक समृद्धि, युवाओं के रोजगार-सशक्तिकरण, महिलाओं के सम्मानजनक उत्थान तथा ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास पर बल दिया। साहेब जी की नेतृत्व क्षमता, सहज जनसंपर्क और दूरदर्शी सोच ने हर व्यक्ति को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "यह पदयात्रा केवल एक यात्रा नहीं, अपितु छत्तीसगढ़ की प्रगति का अटल संकल्प है। हम सबके सामूहिक प्रयासों से राज्य को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएंगे।" उनके इन वचनों ने कार्यकर्ताओं के मनों में नई ऊर्जा का संचार किया तथा संगठन की एकजुटता को और सशक्त बनाया।

        रत्नावली कौशल ने व्यक्त किया कि इस पदयात्रा में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से उन्होंने संगठन की अपार शक्ति, अनुशासनबद्ध एकता और जनाधार का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया। विभिन्न जातियों, वर्गों, क्षेत्रों और समुदायों से एकत्रित कार्यकर्ताओं में व्याप्त उत्साह, समर्पण और सामूहिक जज्बा भविष्य के सभी राजनीतिक-सामाजिक कार्यक्रमों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा। यह आयोजन न केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक सद्भाव, जातिगत एकता और विकासोन्मुखी प्रतिबद्धता का जीवंत प्रतीक भी बन चुका है।

    पदयात्रा के जरिए उठाए जा रहे प्रमुख मुद्दे—भूमि सुधार एवं पट्टे वितरण, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, शिक्षा में गुणवत्ता सुधार, ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर विकास तथा आयुष्मान भारत जैसी कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन—सीधे जनमानस तक पहुंच रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में विश्वास और उत्साह बढ़ा है।"बोल रहा अब हिंदुस्तान मनखे मनखे के एक समान"—यह नारा पदयात्रा का मूल मंत्र बन गया है, जो राष्ट्रव्यापी एकता की पुकार है। गुरु खुशवंत साहेब जी के नेतृत्व में यह पदयात्रा छत्तीसगढ़ को मजबूत, समृद्ध और समावेशी राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुनी ‘मन की बात’ की 131वीं कड़ी

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुनी ‘मन की बात’ की 131वीं कड़ी

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 131वें एपिसोड का श्रवण किया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, विधायक प्रबोध मिंज, छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास मद्दी, छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला, अखिलेश सोनी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कार्यक्रम देशवासियों को सकारात्मक सोच, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करने वाला सशक्त संवाद बन चुका है। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के कोने-कोने में हो रहे प्रेरक प्रयासों और असाधारण उपलब्धियों को सामने लाने वाला मंच है, जो समाज में सेवा, नवाचार और सहभागिता की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि सभी लोग प्रत्येक माह इसके प्रसारण का बेसब्री से इंतजार करते हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने उद्बोधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमता और भविष्य की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए देश को नई दिशा का संदेश दिया है। हाल ही में दिल्ली में आयोजित ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट में भारत की तकनीकी शक्ति को विश्व ने सराहा और ‘मेड इन इंडिया’ के तीन एआई मॉडल लॉन्च होना देश की नवाचार क्षमता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भी नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से तकनीकी नेतृत्व की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कृषि क्षेत्र में देश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि भारत में धान की 500 से अधिक किस्मों की खेती हो रही है और देश विश्व का सबसे बड़ा चावल उत्पादक बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि में छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के किसानों की अथक मेहनत, वैज्ञानिकों के निरंतर अनुसंधान और सरकार की दूरदर्शी नीतियों का महत्वपूर्ण योगदान है। यह आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त करने वाला परिणाम है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा अमूल के माध्यम से पशु चिकित्सा और डेयरी प्रबंधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग तथा ‘सुश्रुत संहिता’ जैसे प्राचीन ग्रंथों के संरक्षण और अनुवाद के प्रयासों का उल्लेख भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीक के उत्कृष्ट समन्वय का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह भारत की परंपरा और तकनीक दोनों की शक्ति को दर्शाता है।

    मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री द्वारा केरल की 10 माह की बालिका आलिन शेरिन अब्राहम के अंगदान के निर्णय का उल्लेख करते हुए उसे मानवता की अनुपम मिसाल बताया। उन्होंने बालिका के माता-पिता को नमन करते हुए कहा कि उनका यह निर्णय कई लोगों को नया जीवन देने वाला है तथा समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में प्रेरणादायी साबित होगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने डिजिटल फ्रॉड और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे साइबर अपराधों से सावधान रहने तथा केवाईसी एवं बैंकिंग सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया है, जो आज के डिजिटल युग में अत्यंत प्रासंगिक है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने टी-20 विश्व कप में भारतीय मूल के खिलाड़ियों की उपलब्धियों, राष्ट्रपति भवन में आयोजित ‘राजाजी उत्सव’ में सी. राजगोपालाचारी की प्रतिमा स्थापना, परीक्षार्थियों के लिए आत्मविश्वास के संदेश तथा रमजान और होली के पावन अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए ‘वोकल फॉर लोकल’ का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि ‘मन की बात’ का प्रत्येक एपिसोड आत्मनिर्भर भारत, तकनीकी सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता की दिशा में देश के बढ़ते कदमों का सशक्त उदाहरण है। यह कार्यक्रम नागरिकों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करता है और जन-जन की सकारात्मक पहल को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है।

     

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को मिलीं जन-जन की शुभकामनाएं, जन्मदिन पर मुख्यमंत्री निवास बना उल्लास का केंद्र

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को मिलीं जन-जन की शुभकामनाएं, जन्मदिन पर मुख्यमंत्री निवास बना उल्लास का केंद्र

    रायपुर,

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के जन्मदिन पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास देर रात तक उल्लास और स्नेह के वातावरण से भरा रहा। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, उद्योगपतियों,समाजसेवियों और मीडिया प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री को जन्मदिवस के अवसर पर फलों से तौला गया।

    मुख्यमंत्री साय ने सभी आगंतुकों से आत्मीयता से मुलाकात की और स्नेह, सम्मान और शुभकामनाओं के लिए कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आप सभी के प्रेम और सहयोग से मैं अभिभूत हूँ। छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य के लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना है। आपका निरंतर समर्थन और आशीर्वाद इसी तरह बना रहे, यही मेरी कामना है।

    प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं

    मुख्यमंत्री निवास में मंत्रीगण,विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री साय को बधाई दी। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह,खाद्य मंत्री दयालदास बघेल,वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, वन मंत्री केदार कश्यप,महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं दीं।
    इसके साथ ही विधायकगण धरमलाल कौशिक, अजय चंद्राकर,श्री पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत साहेब, दीपेश साहू और ललित चन्द्राकर सहित विभिन्न आयोग एवं मंडल के अध्यक्षों, सदस्यों ने भी मुख्यमंत्री से भेंट कर जन्मदिन की बधाई दी।

    प्रदेशभर से उमड़ा शुभकामनाओं का सैलाब

    मुख्यमंत्री साय को प्रदेश के उद्योगपतियों,व्यापारी संगठनों, खेल जगत के प्रतिनिधियों,समाजिक संगठन, दिव्यांग  संगठन,अल्पसंख्यक समाज, समाजसेवियों, शिक्षाविदों और मीडिया जगत के वरिष्ठ जनों ने भी शुभकामनाएँ दीं।

    मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर सभी का आभार व्यक्त करते हुए प्रदेश के सर्वांगीण विकास और समृद्धि के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर और विकसित प्रदेश बनाने के लिए सरकार प्रत्येक वर्ग के हित में कार्य कर रही है, और यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा।

    मुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट धड़कन और जिंदगी मुस्कुराएगी के बच्चों संग बांटी खुशियां

    जिला प्रशासन रायपुर एवं स्वास्थ्य विभाग की पहल प्रोजेक्ट धड़कन के तहत हृदय रोग की सर्जरी के बाद बच्चे पारुल, नमन शर्मा और हिमांशु ध्रुव और प्रोजेक्ट जिंदगी मुस्कुराएगी के तहत नाक की सर्जरी के बाद नन्ही प्रेमिन साहू ने भी अपने प्रिय मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें जन्मदिवस की बधाई दी। मुख्यमंत्री बड़ी ही आत्मीयता से इन बच्चों से मिले और उन्हें दुलारते हुए नन्हे नमन शर्मा को अपनी गोद में उठा लिया। मुख्यमंत्री ने छोटी सी उम्र में गंभीर बीमारियों का मुकाबला कर रहे बहादुर बच्चों का खूब हौसला बढ़ाया और बच्चों को गिफ्ट में प्रेरक किताबें भेंट की।

    प्रोजेक्ट दिव्य धुन और कला केंद्र के बच्चों ने बांधा समां

    मुख्यमंत्री के जन्मदिवस पर प्रोजेक्ट दिव्य धुन के तहत शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधित विद्यालय मठपुरैना के बच्चों के बच्चों ने गीतों की मधुर प्रस्तुति दी। बच्चों ने बार बार दिन ये आए, अंगना म भारत माता के चिरैया सहित जसजीत, करमा और देवार गीत से समां बांध दिया। मुख्यमंत्री साय बहुत प्रेम से बच्चों से मिले और उनकी कला को सराहा। उन्होंने बच्चों को ट्रैक सूट, लोवर टीशर्ट और प्रोत्साहन राशि भेंट की।

    कला केंद्र रायपुर के बच्चे भी अपने चहेते मुख्यमंत्री को जन्मदिन की बधाई देने पहुंचे। कक्षा आठवीं के विद्यार्थी नन्हे आदित्य शर्मा ने अपने द्वारा बनाया मुख्यमंत्री का स्केच उन्हें भेंट किया। वायलिन वादक बच्चे आरीव झा और अमायरा अग्रवाल, तबला वादक योगेश सिंह सहित सभी बच्चों को मुख्यमंत्री ने खूब दुलारा और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

    जन्मदिन की बधाई देने सामाजिक संगठनों और नागरिकों का लगा तांता

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को उनके जन्मदिवस पर बधाई देने बड़ी संख्या में सामाजिक संगठन और नागरिकगण पहुंचे। महिला अधिवक्ताओं ने पगड़ी पहनाकर मुख्यमंत्री का सम्मान किया। सिख समाज ने मुख्यमंत्री को पवित्र कृपाण भेंटकर उन्हें जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं। शदाणी दरबार रायपुर द्वारा मुख्यमंत्री को पवित्र सरोपा भेंट किया गया।

    छत्तीसगढ़ रामनामी राम राम भजन संस्था के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को रामनामी मुकुट और शॉल भेंट कर उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री को प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्विद्यालय की बहनों तथा रायपुर प्रेस क्लब, राज्य प्रशासनिक सेवा संघ और छत्तीसगढ़ किसान मोर्चा के सदस्यों ने भी जन्मदिन की बधाई की। हमर चिन्हारी साहित्य समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को उनका एक पोट्रेट भेंट किया।

     

  • वैश्नवी अडकर ने रचा इतिहास, आईटीएफ डब्ल्यू100 फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बनीं

    वैश्नवी अडकर ने रचा इतिहास, आईटीएफ डब्ल्यू100 फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बनीं

    बेंगलुरु
     भारत की युवा टेनिस खिलाड़ी वैश्नवी अडकर ने केपीबी ट्रस्ट आईटीएफ विमेंस ओपन डब्ल्यू100 बेंगलुरु 2026 में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए डब्ल्यू100 स्तर के टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनने का गौरव प्राप्त किया है। 21 वर्षीय पुणे की खिलाड़ी ने सेमीफाइनल में थाईलैंड की दूसरी वरीयता प्राप्त और विश्व नंबर 126 लैनलाना तारारुडी को सीधे सेटों में 6-3, 6-3 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई।

    विश्व रैंकिंग में 690वें स्थान पर काबिज और वाइल्डकार्ड के रूप में खेल रहीं अडकर का यह अभियान बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने फाइनल तक पहुंचने के दौरान दो शीर्ष-150 और एक शीर्ष-250 रैंकिंग वाली खिलाड़ी को मात दी। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले सानिया मिर्जा 2009 में पटाया में डब्ल्यूटीए इंटरनेशनल (बाद में डब्ल्यूटीए 250) टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची थीं।

    सेमीफाइनल मुकाबले की शुरुआत संतुलित रही, लेकिन पहले सेट के सातवें गेम में अडकर ने गहरे बेसलाइन रिटर्न के जरिए दबाव बनाया, जिससे तारारुडी ने डबल फॉल्ट सहित कई गलतियां कीं और भारतीय खिलाड़ी को महत्वपूर्ण ब्रेक मिल गया। आत्मविश्वास से भरी अडकर ने 6-3 से पहला सेट अपने नाम किया।

    दूसरे सेट में भी उन्होंने आक्रामक रुख बरकरार रखा। छठे गेम में शानदार बैकहैंड विनर्स के सहारे ब्रेक हासिल कर 4-2 की बढ़त बनाई। दबाव की स्थिति में संयम दिखाते हुए अडकर ने 6-3 से सेट और मैच अपने नाम कर लिया।

    मैच के बाद अडकर ने कहा कि वह अब भी फाइनल में पहुंचने की उपलब्धि को आत्मसात करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने बताया कि उनका ध्यान केवल एक-एक अंक पर केंद्रित रहने पर था और वह मिले अवसर का पूरा फायदा उठाना चाहती थीं।

    दूसरे सेमीफाइनल में बेल्जियम की तीसरी वरीयता प्राप्त हैने वैंडविंकेल ने पोलिना इयात्सेंको को 6-4, 7-6 (5) से हराकर फाइनल में प्रवेश किया, जहां उनका मुकाबला अडकर से होगा।

    डबल्स वर्ग में जापान की जोड़ी मिसाकी मत्सुदा और एरी शिमिज़ु ने भारत की अंकिता रैना और इंडोनेशिया की प्रिस्का मेडेलिन नुग्रोहो की जोड़ी को 6-4, 3-6, 10-5 से हराकर खिताब जीता। विजेता जोड़ी को 100 डब्ल्यूटीए रैंकिंग अंक और 5,573 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। बेंगलुरु में खेले जा रहे इस टूर्नामेंट में अडकर की उपलब्धि भारतीय महिला टेनिस के लिए एक नई उम्मीद के रूप में देखी जा रही है।

     

  • पुराने प्रिंट रेट के तंबाकू गुटका व सिगरेट बड़े रेट में बेच रहे व्यापारी

    पुराने प्रिंट रेट के तंबाकू गुटका व सिगरेट बड़े रेट में बेच रहे व्यापारी

    राजेन्द्रग्राम

    पान दुकानदारों का आरोप है कि यहां राजश्री गुटखा और सिगरेट का दाम प्रिंट रेट से अधिक पर बेचा जा रहा है जिस पाउज में कीमत 8 रुपए है वह अभी तक 10 रुपए में बिकती थी उसे 15 रुपए में बड़े व्यापारी पहले 185 रुपए पूडा देते थे उसे अब 200 रुपए में दे रहे हैं वहीं जिस पाउज  में कीमत 17 रुपए थी वह 20 रुपए में बिकती थी उसे अब 25 रुपए में पहले 225 रुपए पूडा मिलती थी उससे अब 290 रुपए में दिया जा रहा है वहीं 34 रुपए की कीमत की राजश्री 40 रुपए में मिलती थी।उसे अब 45 रुपए या 50 रुपए में बेचा जा रहा है व्यापारी इसे 315 रुपए पूडा देते थे उसे अब 400 रुपए  पूडा दिया जा रहा है।

    जिसे छोटे व्यापारी यदि महंगे रेट में ग्राहकों को देते हैं। तो प्राय बेवजह विवाद की स्थिति बनती है। दुकानदारों का आरोप है। कि पुराने प्रिंट रेट की राजश्री को ही बड़े रेट में दिया जा रहा है जिससे छोटे दुकानदारों की फजीहत हो रही है राजेन्द्र ग्राम व छोटे-छोटे गांव में स्थित पान दुकान चलाने वाले दुकानदारों के द्वारा बताया गया है।की यहां राजश्री गुटखा और सिगरेट के थोक व्यापारी पुराने प्रिंट रेट का माल बड़े हुए रेट में बेच रहे हैं। और अपनी तिजोरी भर रहे हैं। यदि यहां के कुछ चेहित राजश्री के थोक व्यापारियों के गोदाम में दबिस दी जाए तो इनकी गोदाम में कई ट्रैक राजश्री गुटखा सिगरेट मिलने की बात बताई जा रही है। कच्चे बिल पर्ची में चल रहा लाखों का व्यापार कालाबाजारी को बढ़ावा दे रहे राजेन्द्रग्राम के कुछ थोक व्यापारी। प्रशासन से उचित  जांच कर कार्यवाही करने की मांग की है।

  • किश्तवाड़ में सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी, मुठभेड़ में जैश के दो आतंकी ढेर

    किश्तवाड़ में सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी, मुठभेड़ में जैश के दो आतंकी ढेर

    किश्तवाड़
    जम्मू-कश्मीर पुलिस, आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) और अपने इंटेलिजेंस सोर्स से मिली भरोसेमंद इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर, किश्तवाड़ इलाके में ऑपरेशन त्राशी-I के तहत एक सोचा-समझा जॉइंट ऑपरेशन शुरू किया गया ताकि इलाके में एक्टिव आतंकवादियों को ट्रैक और न्यूट्रलाइज किया जा सके। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के एक दूर-दराज के इलाके में रविवार को सुरक्षाबलों के साथ एनकाउंटर में पाकिस्तान के जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े दो आतंकवादी मारे गए। सेना ने कहा कि आतंकवादी चटरू बेल्ट के पासेरकुट इलाके में 'त्राशी-I' ऑपरेशन के दौरान मारे गए और उनके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया, जिसमें दो एके-47 राइफलें भी शामिल हैं।

    जम्मू-कश्मीर पुलिस, आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) और अपने इंटेलिजेंस सोर्स से मिली भरोसेमंद इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर, किश्तवाड़ इलाके में ऑपरेशन त्राशी-I के तहत एक सोचा-समझा जॉइंट ऑपरेशन शुरू किया गया ताकि इलाके में एक्टिव आतंकवादियों को ट्रैक और न्यूट्रलाइज किया जा सके। सेना की व्हाइट नाइट कोर ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "पहले हुए सफल कॉन्टैक्ट के बाद, CIF (काउंटर-इंटेलिजेंस फोर्स) डेल्टा की टुकड़ियों ने पुलिस और सीआरपीएफ के साथ मिलकर आज सुबह लगभग 11 बजे मुश्किल इलाके में आतंकवादियों से फिर से भिड़ंत हुई।"

    सेना ने कहा कि टैक्टिकल सटीकता, बिना रुकावट तालमेल और पक्के इरादे का परिचय देते हुए, टुकड़ियों ने एनकाउंटर साइट पर कब्ज़ा कर लिया, जहाँ दो आतंकवादियों को सफलतापूर्वक न्यूट्रलाइज़ कर दिया गया है। इसमें कहा गया, "शिकार जारी है – जो लोग शांति भंग करना चाहते हैं, उन्हें कोई पनाह नहीं मिलेगी।" शुरुआती जानकारी का हवाला देते हुए, अधिकारियों ने कहा कि मारे गए दोनों आतंकवादी पाकिस्तानी नागरिक हैं और प्रतिबंधित जैश के सदस्य हैं।

    आतंकवादी पहाड़ियों की तलहटी में एक मिट्टी के घर के अंदर छिपे हुए पाए गए। उन्होंने बताया कि एक पहाड़ी पर हमला किया और पास आ रही सर्च पार्टी पर गोलियां चला दीं, जिससे जोरदार गोलीबारी हुई। अधिकारियों ने बताया कि इलाके में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। पिछले महीने चटरू जंगल इलाके में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच करीब आधा दर्जन बार गोलीबारी हुई, जिसमें एक सैनिक और एक आतंकवादी मारा गया। रविवार को दो आतंकवादियों के मारे जाने के साथ, इस साल जम्मू इलाके में अलग-अलग मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों ने कुल छह JeM आतंकवादियों को मार गिराया है। इससे पहले, उधमपुर में दो और कठुआ जिले में एक आतंकवादी मारा गया था।

     

  • विनिसियस जूनियर ने फिर गोल किया लेकिन रियाल मैड्रिड हारा

    विनिसियस जूनियर ने फिर गोल किया लेकिन रियाल मैड्रिड हारा

    मैड्रिड
    विनीसियस जूनियर ने रियाल मैड्रिड के लिए एक बार फिर गोल किया, लेकिन ब्राजील का यह खिलाड़ी स्पेनिश लीग फुटबॉल टूर्नामेंट ला लिगा में शीर्ष पर काबिज अपनी टीम को ओसासुना के हाथों 2-1 की अप्रत्याशित हार से नहीं बचा सका।

    ब्राजील के इस खिलाड़ी ने इस सप्ताह के शुरू में चैंपियंस लीग मैच में प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी पर नस्लीय अपमान करने का आरोप लगाया था लेकिन उन्होंने चार मैचों में अपना पांचवां गोल करके यह साबित कर दिया कि इस घटना का उनके प्रदर्शन पर कोई असर नहीं पड़ा है।

    लेकिन रियाल मैड्रिड की हार से खिताब जीतने की उसकी उम्मीदों को झटका लगा है। इससे दूसरे स्थान पर काबिज बार्सिलोना को तालिका में शीर्ष पर पहुंचने का मौका मिल गया है। रियाल मैड्रिड के 25 मैच में 60 अंक जबकि बार्सिलोना के 24 मैच में 58 अंक हैं।

     

  • छोड़ी हुई गेंद पर छक्का! बल्लेबाज का अनोखा कारनामा देख हैरान रह गए सब

    छोड़ी हुई गेंद पर छक्का! बल्लेबाज का अनोखा कारनामा देख हैरान रह गए सब

    नई दिल्ली
    ऑस्ट्रेलिया के घरेलू वनडे कप में वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के ओपनर सैम फैनिंग ने गेंद छोड़ने की कोशिश की, लेकिन वह सीधा छक्के के लिए चली गई, जिसे देख सभी हैरान रह गए। ऑस्ट्रेलिया के घरेलू वनडे कप में एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने क्रिकेट फैंस को चौंका दिया। टी20 क्रिकेट के आने के बाद बल्लेबाजी में कई नए शॉट्स देखने को मिले हैं, जिनका असर टेस्ट और वनडे प्रारूप में भी साफ दिखता है। हालांकि शायद ही कभी ऐसा हुआ हो कि कोई बल्लेबाज गेंद को छोड़ने की कोशिश करे और वह सीधे छक्के में बदल जाए। वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया और विक्टोरिया के बीच खेले गए मुकाबले में कुछ ऐसा ही हुआ।

    छोड़ने गए थे गेंद, हो गया छक्का
    वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया को मैच में 231 रनों का लक्ष्य मिला था। टीम की ओर से ओपनिंग करने सैम फैनिंग और जोएल कर्टिस उतरे। पारी के पहले ओवर की पांचवीं गेंद विक्टोरिया के गेंदबाज कैमरून मैक्लोयरे ने ऑफ स्टंप के बाहर डाली। गेंद को देखकर सैम फैनिंग ने उसे छोड़ने का फैसला किया, लेकिन तभी बल्ले का हल्का सा किनारा लग गया। यह किनारा इतना सही टाइमिंग के साथ लगा कि गेंद विकेटकीपर के ऊपर से निकलते हुए सीधे बाउंड्री पार कर छक्के में बदल गई। फैनिंग खुद इस घटना से हैरान रह गए, जबकि मैदान पर मौजूद खिलाड़ी और दर्शक भी अवाक रह गए। जिस गेंद को डॉट बॉल माना जा रहा था, वह अचानक छह रन में तब्दील हो गई।

    वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया की शानदार जीत
    इस मुकाबले में वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया ने लक्ष्य का पीछा करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। 232 रनों के टारगेट को टीम ने महज 39.5 ओवर में दो विकेट खोकर हासिल कर लिया। जोएल कर्टिस ने 91 रन की अहम पारी खेली, जबकि कैमरून बेनक्रॉफ्ट ने नाबाद 70 रन बनाकर टीम को जीत तक पहुंचाया। यह वनडे कप में दोनों टीमों का आखिरी लीग मुकाबला था। इस सीजन वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया ने कुल 7 मैच खेले, जिनमें से 4 में जीत और 3 में हार का सामना किया। टीम का प्रदर्शन संतुलित रहा और उसने अहम मौकों पर बेहतर खेल दिखाया।

    अब नजर फाइनल मुकाबले पर
    टूर्नामेंट का फाइनल 11 मार्च को तस्मानिया और न्यू साउथ वेल्स के बीच होबार्ट में खेला जाएगा। लीग चरण में कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले और सैम फैनिंग का यह अनोखा छक्का इस सीजन की सबसे चर्चित घटनाओं में से एक बन गया है।