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  • जंग का खतरा बढ़ा: ईरान में फंसे भारतीयों को तुरंत निकलने की सलाह

    जंग का खतरा बढ़ा: ईरान में फंसे भारतीयों को तुरंत निकलने की सलाह

    ईरान
    अमेरिका और ईरान के बीच तनाव गहराने के बाद भारत ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। ईरान में स्थित भारतीय दूतावास ने एक बयान जारी कर नागरिकों से देश छोड़ने की अपील की है। इसमें निर्देश दिए गए हैं कि लोग किसी भी तरह से जल्द से जल्द ईरान से बाहर निकल जाए। दूस्तवास ने इस संबंध में कई अन्य निर्देश भी दिए हैं।

    भारत सरकार ने जनवरी में जारी अपनी पिछली एडवाइजरी को दोहराया है जिसमें लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई थी। एडवाइज़री में लिखा था, “सभी भारतीय नागरिकों और PIO को पूरी सावधानी बरतनी चाहिए, विरोध या प्रदर्शन वाली जगहों से बचना चाहिए, ईरान में भारतीय एम्बेसी के संपर्क में रहना चाहिए और किसी भी डेवलपमेंट के लिए लोकल मीडिया पर नजर रखनी चाहिए।”

    हेल्पलाइन नंबर भी जारी
    दूतावास ने नागरिकों को देश छोड़ने की सलाह देते हुए, उनसे अपने इमिग्रेशन और ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स अपने पास रखने और किसी भी मदद के लिए इंडियन एम्बेसी से संपर्क करने को कहा है। भारतीय दूतावास ने इस संबंध में भारतीय नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। फंसे हुए नागरिक इन मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर मदद मांग सकते हैं: +989128109115; +989128109109, +989128109102, +989932179359।

    कभी भी हमला कर सकता है अमेरिका
    गौरतलब है कि बीते महीने ईरान में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद से ही अमेरिका खामेनेई शासन को सैन्य हस्तक्षेप की धमकियां दे रहा है। बीते महीने से लेकर अब तक अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में बड़ी सैन्य तैनाती कर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते सप्ताह एक बार फिर यह बयान दिया है कि वह ईरान पर हमले का विचार कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ दोनों पक्षों के बीच परमाणु वार्ता भी जारी है। हालांकि इससे कोई हल निकलता नजर नहीं आ रहा है।

    अगले दौर की वार्ता कब?
    इन सब के बीच ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता का अगला दौर गुरुवार को जिनेवा में होगा। बद्र अल-बुसैदी ने रविवार को सोशल मीडिया पर कहा कि उन्हें इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए खुशी हो रही है कि 'समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने की दिशा में सकारात्मक पहल की गई है'। ओमान ने इससे पहले जिनेवा में हुई वार्ता की भी मेजबानी की थी।

     

  • राजकोट में अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई: 1400 से अधिक अवैध निर्माण ध्वस्त, लोगों में रोष

    राजकोट में अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई: 1400 से अधिक अवैध निर्माण ध्वस्त, लोगों में रोष

    राजकोट

    गुजरात के राजकोट में रविवार को नगर निगम के अधिकारियों ने शहर में अवैध कब्जे हटाने का एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इस कार्रवाई में 1,489 अवैध इमारतों को गिराया जाएगा। अधिकारियों ने जानकारी दी कि डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी के आदेश मिलने के बाद, राजकोट नगर निगम (आरएमसी) ने जंगलेश्वर इलाके में अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।  

    क्या बोले अधिकारी?
    म्युनिसिपल कमिश्नर तुषार सुमेरा ने बताया कि पुलिस की मदद से जंगलेश्वर में अजी नदी के किनारे और म्युनिसिपल टाउन प्लानिंग रोड पर बनी 1,489 संपत्तियों को हटाया जाएगा। निगम ने शनिवार से ही लोगों से घर खाली करवाना शुरू कर दिया था।

    सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम
    इस अभियान को पूरा करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भक्तिनगर सर्कल के पास सेठ हाई स्कूल में 2,500 से ज्यादा निगम अधिकारी और पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। अधिकारी ने बताया कि कई लोग शांति से घर खाली कर रहे हैं और उन्हें अपना सामान ले जाने की छूट दी गई है। यह काम नियमों के मुताबिक ही किया जाएगा। कमिश्नर सुमेरा ने बताया कि मौके पर एक कंट्रोल रूम बनाया गया है और वे खुद पूरी प्रक्रिया पर नजर रख रहे हैं।

    क्या बोले लोग?
    हालांकि, प्रशासन के इस कदम से वहां दशकों से रह रहे लोगों में काफी गुस्सा है। जंगलेश्वर गली नंबर तीन के रहने वाले हारुनभाई सुमरा ने बताया कि वे 43 साल से इस इलाके में रह रहे हैं। वे और उनकी बहन दोनों दिव्यांग हैं और मजदूरी करके पेट पालते हैं। उन्होंने कहा, 'हमें सिर्फ दो दिन पहले बताया गया कि हमारा घर गिरा दिया जाएगा। अब हम कहां जाएंगे? हमें शायद सड़कों पर रहना पड़े।'

    वहीं, एक अन्य निवासी हालिनबेन ने कहा कि उनका परिवार 50 साल से यहां रह रहा है और उन्हें घर खाली करने का आदेश मिला है। उन्होंने कहा, 'आठ लोगों के परिवार को कोई भी किराए पर घर देने के लिए तैयार नहीं है। हम सड़क पर रहने की तैयारी कर रहे हैं।'

  • बाफ्टा अवॉर्ड्स के रेड कार्पेट पर छाईं आलिया भट्ट

    बाफ्टा अवॉर्ड्स के रेड कार्पेट पर छाईं आलिया भट्ट

    मुंबई,

     बाफ्टा अवॉर्ड्स 2026 के रेड कार्पेट पर इस बार भारतीय सिनेमा की चमक साफ नजर आई, जब अभिनेत्री आलिया भट्ट ने अपनी मौजूदगी से अंतरराष्ट्रीय मंच पर खास पहचान बनाई। लंदन के रॉयल फेस्टिवल हॉल में आयोजित इस प्रतिष्ठित समारोह में आलिया बतौर प्रेजेंटर शामिल हुईं और अपने एलिगेंट अंदाज से सबका ध्यान खींच लिया। सिल्वर गाउन में सजी आलिया की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। उनके आत्मविश्वास और ग्लैमरस लुक ने रेड कार्पेट पर उन्हें चर्चा का केंद्र बना दिया।

    मीडिया से बातचीत के दौरान आलिया ने अपनी बेटी राहा को अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि राहा को बढ़ते और खिलते हुए देखना उनके लिए किसी जादू से कम नहीं है। आलिया के मुताबिक, वह अपने अभिनय से बेहद प्यार करती हैं, लेकिन घर पर राहा की मौजूदगी उन्हें और बेहतर करने और अपनी सीमाओं को पार करने की प्रेरणा देती है।

    समारोह के दौरान आलिया ने 'बेस्ट फिल्म नॉट इन द इंग्लिश लैंग्वेज' श्रेणी में विजेता के नाम की घोषणा की, जिसमें नॉर्वे की फिल्म 'सेंटिमेंटल वैल्यू' ने बाजी मारी। मंच पर उनकी गरिमामयी प्रस्तुति और आत्मविश्वास ने दर्शकों का दिल जीत लिया।

    अंतरराष्ट्रीय मंच पर आलिया का यह डेब्यू बेहद यादगार साबित हुआ, जिसने एक बार फिर साबित किया कि भारतीय कलाकार अब वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं।

     

  • अडानी-अंबानी की ‘बेंच’ वाली टिप्पणी पर भड़के CJI सूर्यकांत, वकील को लगाई कड़ी फटकार

    अडानी-अंबानी की ‘बेंच’ वाली टिप्पणी पर भड़के CJI सूर्यकांत, वकील को लगाई कड़ी फटकार

    नई दिल्ली
    भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान नाराज हो गए। खबर है कि इसकी वजह वकील की तरफ से पेश की गई दलील थी, जिसमें उन्होंने अदालत पर सुनवाई नहीं करने के आरोप लगाए थे। नौबत यहां तक आ गई कि सीजेआई ने वकील को दो टूक कह दिया कि वह अदालत में पेश होने और सामग्री पेश करने के दौरान सावधान रहें। वाकया सोमवार का है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का दौर चल रहा था। उस दौरान एडवोकेट मैथ्यूज नेदुम्पारा की बात पर सीजेआई ने आपत्ति जताई थी। लाइव लॉ के अनुसार, एडवोकेट नेदुम्पारा ने कहा अडानी और अंबानी के लिए बेंच बन रहीं हैं, लेकिन NJAC की चुनौती पर सुनवाई नहीं हो रही है। इतना कहते ही सीजेआई ने उन्हें जमकर फटकार लगाई और चेतावनी भी दे दी।

    सीजेआई ने कहा, 'मिस्टर नेदुम्पारा, आप जो भी मेरी कोर्ट में पेश कर रहे हैं, उसे लेकर जरा सावधान रहें। आपने मुझे चंडीगढ़ में देखा है, दिल्ली में देखा है…। मैं आपको चेतावनी दे रहा हूं, सावधान रहें। ऐसा बिल्कुल भी मत सोचिएगा कि आप जिस तरह की बदतमीजी कर रहे हैं, वैसा ही करते रहेंगे। मैं आपको चेतावनी दे रहा हूं।'

    इससे पहले एक जनहित याचिका पर जताई थी आपत्ति
    बीते गुरुवार को सीजेआई एक जनहित याचिका देखकर भी नाराज हुए थे। उन्होंने कहा था, 'अगर भारत के शीर्ष न्यायालय के सामने याचिकाओं का ऐसा स्तर है, तो भगवान याचिका के कानून को बचाए।' साथ ही उन्होंने इसपर सुनवाई करने से भी इनकार कर दिया था। इससे पहले वह वकीलों की तरफ से AI यानी आर्टिफिशिलय इंटेलिजेंस की मदद से याचिकाएं लिखने पर भी नाराज हो गए थे।

    आज इन मामलों पर होगी सुनवाई
    सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में कई महत्वपूर्ण मामलों पर सुनवाई होनी है। कोर्ट दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति पर विचार करेगा। इसके साथ ही, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर भी सुनवाई की जाएगी। एक अन्य प्रमुख मामले में, अदालत मेटा और व्हाट्सएप की उन याचिकाओं पर गौर करेगी जिसमें भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) द्वारा उनकी गोपनीयता नीति के कारण लगाए गए 213.14 करोड़ रुपये के जुर्माने को चुनौती दी गई है।

     

  • महानगरों की तर्ज पर रायपुर को मिली सौगात: शहर की पहली मैकेनाइज्ड मल्टीलेवल पार्किंग तैयार, 12 कारों की होगी एक साथ पार्किंग

    महानगरों की तर्ज पर रायपुर को मिली सौगात: शहर की पहली मैकेनाइज्ड मल्टीलेवल पार्किंग तैयार, 12 कारों की होगी एक साथ पार्किंग

    रायपुर

    राजधानी रायपुर में बढ़ती वाहनों की संख्या और पार्किंग की समस्या को देखते हुए नगर निगम ने महानगरों की तर्ज पर पहला मैकेनाइज्ड मल्टीलेवल पार्किंग तैयार कर लिया है। यह पार्किंग निगम मुख्यालय परिसर में बनाई गई है। इस अत्याधुनिक पार्किंग सिस्टम को एक सप्ताह के भीतर शुरू भी कर दिया जाएगा। फिलहाल इसमें नगर निगम की गाड़ियां ही खड़ी की जाएंगी।

    बता दें कि निगम मुख्यालय परिसर में बनाई गई यह पार्किंग करीब 20 लाख रुपये की लागत से बनकर तैयार हुई है, जहां एक समय में 12 कारों को पार्क करने की सुविधा होगी। पूरी तरह से तैयार हो चुके इस पार्किंग सिस्टम में हाइड्रोलिक सिस्टम लगाया गया है, जिससे कम जगह में अधिक वाहनों को सुरक्षित तरीके से खड़ा किया जा सकेगा।

    नगर निगम के अधीक्षक अभियंता इमरान खान ने बताया कि मैकेनाइज्ड पार्किंग पूरी तरह बनकर तैयार है और एक सप्ताह के भीतर इसे निगम को हैंडओवर कर दिया जाएगा। प्रारंभिक चरण में यहां केवल निगम की गाड़ियां ही पार्क की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से परिसर में जगह की बचत होगी और वाहन सुरक्षित भी रहेंगे।

    पंडरी स्थित महालक्ष्मी मार्केट के पास बन रही दूसरी पार्किंग
    गौरतलब है कि निगम मुख्यालय परिसर के अलावा पंडरी स्थित महालक्ष्मी मार्केट के पास भी मैकेनाइज्ड मल्टीलेवल पार्किंग तैयार की जा रही है, जिसकी क्षमता 16 कारों की होगी। शहर में स्मार्ट और व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नगर निगम का मानना है कि भविष्य में ऐसे और भी मैकेनाइज्ड पार्किंग सिस्टम विकसित किए जा सकते हैं, जिससे शहर में पार्किंग की समस्या को प्रभावी ढंग से कम किया जा सके।

  • उज्जैन से जावरा ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड परियोजना स्थानीय क्षेत्र के समग्र विकास की बनेगी नई पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    उज्जैन से जावरा ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड परियोजना स्थानीय क्षेत्र के समग्र विकास की बनेगी नई पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    किसानों की बेहतरी के लिये कर रहे तेज गति से कार्य

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विकास की बात पर हम सब एक हैं। सबके साझा प्रयासों से हम मध्यप्रदेश को देश के विकसित प्रदेशों की श्रेणी में लेकर आएंगे। प्रदेश में गरीब, युवा, अन्नदाता और नारियों के कल्याण के लिए मिशन मोड पर काम जारी है। इसी कड़ी में हमने जीवाईएएन में आई फॉर इंडस्ट्रियलाइजेशन और आई फॉर इंफ्रास्ट्रक्चर को जोड़कर इसे ज्ञानी (GYANII) बना दिया है। अब विकास की दिशा में यही हमारा मूल मंत्र है। किसानों की बेहतरी के लिए हम तेजी से कार्य कर रहे हैं। किसानों को अपने उत्पाद देश की बड़ी मंडियों तक पहुंचाने के लिए पहली जरूरत कनेक्टिविटी होती है। किसानों की इस जरूरत को पूरा करने के लिये हमने प्रदेश में सड़क मार्गों और राजमार्गों का जाल बिछाने का बीड़ा उठाया है। उज्जैन से जावरा तक बनने वाली ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड परियोजना (हाई-वे) भी इसी दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। करीब 5017 करोड़ रूपए से अधिक लागत से बनने वाला यह ग्रीनफील्ड हाई-वे इस क्षेत्र के समग्र विकास की एक नई पहचान बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर आए किसान प्रतिनिधिमंडल को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उज्जैन जिले के घट्टिया और नागदा विधानसभा क्षेत्र से बड़ी संख्या में आए किसानों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड परियोजना को जमीन स्तर (नॉन एलीवेटेड पैटर्न) पर त्वरित मंजूरी देने के लिए स्वागत एवं अभिनंदन कर आभार माना। इस अवसर पर घट्टिया विधायक डॉ. सतीश मालवीय, नागदा विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को विकास पुरूष बताकर जिले की जनता को यह सौगात देने के लिए गजमाला से अभिनंदन किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान प्रतिनिधि मंडल को संबोधित करते हुए कहा कि कम समय में ही प्रदेश में बड़ा उल्लेखनीय विकास हुआ है। प्रदेश में विकास से नागरिकों की जिंदगी बेहतर हुई है। प्रदेश में चल रही विभिन्न सड़क परियोजनाओं का लाभ सबसे पहले हमारे किसानों, व्यापारियों के साथ भावी पीढ़ियों को भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि इंदौर मेट्रोपॉलिटिन सिटी एरिया में शामिल हो जाने से उज्जैन-नागदा-खाचरौद-रतलाम सहित पूरे क्षेत्र का समग्र विकास होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में हमने गंभीर नदी पर बने बांध को जोड़ते हुए एक नए सड़क मार्ग को मंजूरी दी है। इससे उज्जैन और रतलाम के बीच तीन अलग-अलग पहुंच मार्गों से दोनों जिलों का सड़क सम्पर्क और भी सुदृढ़ होगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार किसान हितैषी निर्णय ले रही है। हमारी सरकार ग्रीष्मकालीन उड़द पर हर किसान को 600 रूपए प्रति क्विंटल बोनस देने का निर्णय लेने जा रही है। सरसों की फसल को भी हम भावांतर भुगतान योजना के दायरे में लेकर आ रहे हैं। चना, मसूर, तुअर और अन्य सभी दलहन और तिलहन उत्पादन में वृद्धि के लिए हम ठोस कदम उठा रहे हैं। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन फिलहाल देश के कुल दूध उत्पादन का केवल 9 प्रतिशत है, इसे बढ़ाकर हम 20 प्रतिशत तक ले जाने के लिए प्रयासरत हैं। दूध का उत्पादन बढ़ेगा तो बच्चों को भी दूध का पोषण मिलेगा। हमारी सरकार आने वाले इसी शैक्षणिक सत्र से प्रदेश के कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों को टेट्रा पैक में दूध मुहैया कराएगी। इससे दूध के उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के किसानों की आर्थिक मजबूती और उनके खेत-खलिहान घरों में समृद्धि लाने के लिए हमारी सरकार किसानों को अन्नदाता से ऊर्जादाता और ऊर्जादाता से उद्यमी बनाने का प्रयास कर रही है। आने वाले तीन वित्त वर्षों में हम प्रदेश के एक लाख किसानों को सोलर पॉवर पम्प देंगे। इससे उनकी सिंचाई की कठिनाई दूरी होगी। अतिरिक्त बिजली ये किसान दूसरों को बेच भी सकेंगे। इससे उनमें उद्यमिता का भी विकास होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि आधारित उद्योगों के विकास के लिए प्रदेश में तरह-तरह की खाद्य प्रसंस्करण इकाईयां और फूड पार्क भी विकसित करेंगे, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित दाम स्थानीय स्तर पर ही मिल सके। इस मौके पर समाजसेवी श्री राजेश धाकड़ सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसान उपस्थित थे।

     

  • राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में प्रतिदिन सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का संकल्प : साक्षी राणा

    राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में प्रतिदिन सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का संकल्प : साक्षी राणा

    बेंगलुरु
    भारतीय महिला हॉकी टीम का राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर इस समय कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में चल रहा है। यहां खिलाड़ियों का ध्यान कौशल विकास और सामरिक अनुशासन को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है। मुख्य प्रशिक्षक सजोर्ड मारिजने तथा खेल वैज्ञानिक सलाहकार वेन लोम्बार्ड के मार्गदर्शन में 18 वर्षीय मध्य पंक्ति की खिलाड़ी साक्षी राणा अपने खेल को निखारने में जुटी हैं। पिछले वर्ष वरिष्ठ भारतीय टीम में पदार्पण करते हुए स्पेन के विरुद्ध गोल करने वाली साक्षी के लिए यह प्रशिक्षण शिविर निरंतर सीखने और शारीरिक सुदृढ़ता बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है।

    साक्षी ने हॉकी इंडिया के हवाले से कहा, “हमारी जो भी कमियां हैं, उन पर प्रतिदिन कार्य कराया जा रहा है। शारीरिक शक्ति, सहनशक्ति और पुनर्बहाली पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशिक्षक प्रत्येक बात को सरल और स्पष्ट ढंग से समझाते हैं। वरिष्ठ खिलाड़ी भी हमें अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित करती रहती हैं।” साक्षी की तेज और आक्रामक खेल शैली का विकास हरियाणा के सोनीपत स्थित प्रीतम सिवाच खेल अकादमी में कोच कुलदीप के मार्गदर्शन में हुआ। अब वरिष्ठ स्तर पर उन्हें अपनी गति के साथ सामरिक समझ, पूर्व अवलोकन और मैदान पर संवाद को बेहतर बनाने पर विशेष अभ्यास कराया जा रहा है।

    साक्षी ने बताया, “व्यक्तिगत चर्चा में प्रशिक्षक ने कहा कि मैं अपना स्वाभाविक खेल जारी रखूं, लेकिन मध्य क्षेत्र में खेलने के कारण पहले से मैदान का निरीक्षण करना और साथियों से स्पष्ट संवाद बनाए रखना आवश्यक है। सामूहिक बैठकों में हमें यह समझाया जा रहा है कि गेंद को कब अपने पास रखना है और कब साथी खिलाड़ी को पास देना है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बहुत तेजी से बनता है।”

    हाल ही में राष्ट्रीय हॉकी लीग में खेलने से उनका आत्मविश्वास और बढ़ा है। वहां शीर्ष विदेशी खिलाड़ियों के साथ खेलने का अनुभव उन्हें उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा को समझने में सहायक रहा। साक्षी ने कहा, “इस प्रतियोगिता में खेलने के बाद संवाद और आत्मविश्वास दोनों में वृद्धि हुई है। विदेशी खिलाड़ी यिब्बी जानसेन को मध्य क्षेत्र में खेलते देख मुझे काफी सीखने को मिला।”

    भारतीय टीम अब 8 से 14 मार्च तक तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ महिला विश्व कप 2026 चयन प्रतियोगिता की तैयारियों में व्यस्त है। भारत अपने अभियान की शुरुआत 8 मार्च को उरुग्वे के विरुद्ध करेगा। इसके बाद 9 मार्च को स्कॉटलैंड तथा 11 मार्च को वेल्स से मुकाबला होगा।

    साक्षी ने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा, “मैं प्रतिदिन यही सोचकर मैदान पर उतरती हूं कि मुझे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है। यदि चयन प्रतियोगिता में खेलने का अवसर मिला तो लक्ष्य केवल विजय प्राप्त करना होगा। अभी हमारा ध्यान प्रतिदिन कठोर अभ्यास करना और प्रशिक्षक की रणनीति को पूरी निष्ठा से लागू करना है।”

     

  • विधानसभा के सदस्यों के लिए ब्रह्मा भोजन का आयोजन सुंदर और प्रेरणादायी परंपरा : मुख्यमंत्री साय

    विधानसभा के सदस्यों के लिए ब्रह्मा भोजन का आयोजन सुंदर और प्रेरणादायी परंपरा : मुख्यमंत्री साय

    कैबिनेट मंत्रीगण, नेता प्रतिपक्ष और विधानसभा के सदस्य भी रहे मौजूद

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नया रायपुर स्थित शांति सरोवर में छत्तीसगढ़ विधानसभा के सम्मानित सदस्यों के लिए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित स्नेह मिलन एवं ब्रह्मा भोजन कार्यक्रम में शामिल हुए।           

    मुख्यमंत्री साय ने ब्रह्माकुमारी बहनों के स्नेह, आत्मीयता और सेवा भाव की सराहना करते हुए कहा कि बहनों के प्रेम और आदर से हम सब अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बड़े स्नेह के साथ विधानसभा के सदस्यों के लिए ब्रह्मा भोजन का आयोजन एक सुंदर और प्रेरणादायी परंपरा है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा समाज में नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक जागरूकता और आत्मिक शांति के प्रसार की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शांति सरोवर और शांति शिखर जैसे आध्यात्मिक केंद्रों में सदैव सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक शांति की अनुभूति होती है। संस्था का 137 से अधिक देशों में विस्तार होना अत्यंत सुखद और प्रेरक है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय अनेक जनकल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों में जनजागृति लाने का कार्य कर रहा है। महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने में संस्था की भूमिका उल्लेखनीय है। जनजातीय क्षेत्रों में भी संस्था द्वारा सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों से स्थानीय लोगों को व्यापक लाभ मिला है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ब्रह्माकुमारी बहनों के अतिथि बने और पवित्र ब्रह्मा भोजन ग्रहण किया। कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित कैबिनेट मंत्रीगण और सभी विधायकगणों ने भी ब्रह्मा भोजन का आनंद लिया।

    कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बहनों ने मुख्यमंत्री एवं विधानसभा के सभी सदस्यों को माउंट आबू आने का आग्रह किया, जिसे मुख्यमंत्री साय ने सहर्ष स्वीकार करते हुए वहां आने की सहमति दी। इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

    कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक धरमलाल कौशिक सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। ब्रह्माकुमारी परिवार की ओर से मृत्युंजय भाई, आत्म प्रकाश भाई, हेमलता दीदी, लता दीदी, आशा दीदी, सरिता दीदी एवं सविता दीदी सहित अन्य सदस्य कार्यक्रम में सहभागी रहे।

     

  • पारिस्थितिकी तंत्र में सहयोगी पशु पक्षियों के संरक्षण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री डॉ यादव

    पारिस्थितिकी तंत्र में सहयोगी पशु पक्षियों के संरक्षण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री डॉ यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लुप्तप्राय प्रजातियों के 5 गिद्धों को हलाली डेम जल क्षेत्र में किया मुक्त
    मध्यप्रदेश में उपग्रह टेलीमेट्री जैसे नवाचारों से निरंतर बढ़ रही गिद्ध संख्या

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को हलाली डेम क्षेत्र में लुप्तप्राय प्रजाति के 5 गिद्ध को प्राकृतिक आवास में मुक्त किया। इनमें चार भारतीय गिद्ध (जिप्स इंडिकस) और एक सिनेरियस गिद्ध (एजिपीयस मोनाकस) शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पारिस्थितिकी तंत्र में सहयोगी पशु पक्षियों के संरक्षण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश जहां बाघ, तेंदुआ और अन्य वन्य प्राणियों की सर्वाधिक संख्या वाला राज्य है वहीं गिद्ध संरक्षण में भी देश में प्रथम है। मध्यप्रदेश में सभी प्रांतों से अधिक संख्या में गिद्ध पाए जाते हैं। इनमें प्रवासी गिद्ध भी शामिल हैं। पारस्थितिकी तंत्र में इन पक्षियों का विशेष योगदान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को गिद्ध पक्षी संरक्षण के प्रयासों के लिए बधाई दी।

    इस अवसर पर बताया गया कि उच्च परिशुद्धता वाले जीपीएस-जीएसएम उपग्रह ट्रांसमीटरों से सुसज्जित पाँच दुर्लभ प्रजाति के गिद्धों को भोपाल स्थित गिद्ध संरक्षण प्रजनन केंद्र में व्यवस्थित अनुकूलन और अवलोकन अवधि के बाद मुक्त किया गया है। टैगिंग प्रक्रिया सभी संबंधित संस्थाओं एवं वन विभाग के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में वाइल्डलाइफ एसओएस के वन्यजीव पशु चिकित्सक की देख-रेख में हुई है। यह पहल मध्य भारत के विकसित होते ‘गिद्ध परिदृश्य’ को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जहाँ भारतीय गिद्ध सामान्यतः एक ही क्षेत्र में रहते हैं, वहीं सिनेरियस गिद्ध मध्य एशियाई फ्लाई-वे के अंतर्गत लंबी दूरी का प्रवास करते हैं, जो 30 से अधिक देशों तक फैला विश्व का एक प्रमुख प्रवासी पक्षी गलियारा है।

    गिद्ध संरक्षण एवं पक्षी संरक्षण के प्रयास
    पक्षी संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मध्यप्रदेश के वन विभाग ने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी के सहयोग से गिद्धों की गतिविधियों और निगरानी के लिए उपग्रह टेलीमेट्री कार्यक्रम प्रारंभ किया है। टेलीमेट्री से प्राप्त आंकड़ों के माध्यम से गिद्धों के भू-दृश्य उपयोग, आवागमन पैटर्न और मानव-जनित दबावों के प्रति उनकी प्रतिक्रिया के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होती है। इससे प्रमुख पड़ाव स्थलों और भोजन क्षेत्रों की पहचान, संरक्षित एवं मानव-प्रधान क्षेत्रों में उनकी पारिस्थितिकी को समझने तथा बिजली के झटके, विषाक्तता और आवास क्षरण जैसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान करने में सहायता मिल रही है। इस प्रक्रिया में संग्रहित वैज्ञानिक प्रमाण अधिक प्रभावी खतरा-निवारण रणनीतियाँ विकसित करने और सीमा-पार सहयोग सहित भू-दृश्य स्तर पर संरक्षण योजनाओं को सशक्त बनाने में सहायक होंगे।

    मध्यप्रदेश में उपग्रह टेलीमेट्री से गिद्ध संरक्षण की एकीकृत डेटा-आधारित एवं भू-दृश्य स्तरीय संरक्षण का पारस्थितिकी तंत्र विकसित हुआ है। इससे लुप्तप्राय गिद्ध प्रजातियों का संरक्षण होगा और पर्यावरणीय स्वास्थ्य के प्रहरी के रूप में उनकी भूमिका भी दीर्घकालिक रूप से सुनिश्चित होगी।

    भारतीय परंपरा में गिद्धों को शक्ति और सम्मान का प्रतीक माना गया है। रामायण में उल्लेख है कि जटायु ने रावण से माता सीता की रक्षा के प्रयास में आत्मोत्सर्ग कर दिया। रामायण में ही उसके भाई सम्पाती की भी कथा है, जिसने अपने छोटे भाई जटायु को सूर्य की तपन से बचाते हुए बलिदान दे दिया था। पर्यावरण पारिस्थितिकी तंत्र में गिद्ध प्रकृति के सफाईकर्मी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गिद्ध पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में सहायक हैं, साथ ही बीमारियों के प्रसार को रोकने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। मध्यप्रदेश लंबे समय से देश में गिद्धों की समृद्ध आबादी का केंद्र रहा है। प्रदेश में भारतीय गिद्ध (लॉन्ग-बिल्ड वल्चर), सिनेरियस गिद्ध (ब्लैक वल्चर), मिस्र गिद्ध (व्हाइट स्कैवेंजेर वल्चर) और हिमालयन ग्रिफॉन जैसी प्रजातियाँ पाई जाती हैं। हाल ही में वल्चर एस्टिमेशन-2026 के पहले दिन दक्षिण पन्ना वन प्रभाग में एक हजार से अधिक गिद्धों का अवलोकन किया गया, जो हाल के वर्षों में सर्वाधिक संख्या है।

    कार्यक्रम में वरिष्ठ विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी, जिला पंचायत पदाधिकारी श्री यशवंत मीणा, श्री राकेश शर्मा के अलावा सुश्री राजो मालवीय सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन श्री कमलेश बहादुर सिंह ने किया।

     

  • इस्लाम की दुहाई देने वाला पाकिस्तान बेनकाब, अफगानिस्तान में मस्जिद-मदरसे पर बरसाए बम

    इस्लाम की दुहाई देने वाला पाकिस्तान बेनकाब, अफगानिस्तान में मस्जिद-मदरसे पर बरसाए बम

    इस्लामाबाद
    पाकिस्तान अकसर इस्लाम के नाम पर पूरी दुनिया को कश्मीर मसले पर साथ लाने की कोशिश करता है। इसके अलावा फिलिस्तीन विवाद पर भी वह ऐसी ही बातें करता रहा है, लेकिन अफगानिस्तान पर हमले के दौरान उसने सारी मर्यादाएं तार-तार कर दीं। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से चल रहे तनाव के बीच बमबारी की है। इस दौरान उसने अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत के बरमाल जिले में बम गिराए हैं। ये बम मस्जिद और मदरसों पर भी गिरे हैं। अफगानिस्तान का कहना है कि पाकिस्तान के इन हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ है, लेकिन माली नुकसान काफी अधिक है। पाकिस्तान ने एक मस्जिद और मदरसे को भी निशाना बनाया है और बमबारी की है।

    खबर के मुताबिक अब्दुल्ला जान नाम के शख्स ने बताया, 'पाकिस्तान ने बीती रात हमला किया था। उसके लड़ाकू विमानों ने हमारे घर पर हमला किया। घर खाली था और वहां अंदर कोई नहीं था। उन्होंने घर बर्बाद कर दिया। कोई मरा नहीं है, लेकिन हमें 5 से 6 मिलियन अफगानी करेंसी का नुकसान हुआ है।' अफगानिस्तान की मुद्रा अफगानी कहलाती है। अरगोन के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर मिर्जा अली खान सईद ने कहा कि पहले आधी रात को हमला हुआ। फिर रात को करीब 2 बजे पाकिस्तान ने अटैक किए। इन हमलों में किसी की मौत नहीं हुआ है। लेकिन घर पूरी तरह बर्बाद हो गया। बरमाल जिले में एक मदरसे को भी टारगेट किया गया।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि पाकिस्तान का यह हमला पूरी तरह से युद्ध अपराध है। उन्होंने कहा कि इस इलाके में ना ही कोई मिलिट्री बेस है और ना ही सेना की कोई मूवमेंट है। इसके बाद भी पाकिस्तान ने हमारे एयरस्पेस का उल्लंघन किया। आम नागरिकों को निशाना बनाने की कोशिश हुई और मजहबी ढांचे भी टारगेट हुए हैं। मौके पर रहे एक शख्स मोहम्मद जुबैर ने कहा कि हालात बहुत बुरे हैं। महिलाएं और बच्चे खौफजदा है। हवा में धूल और धुआँ फैल चुके हैं। हर जगह लोग बस यही चाहते हैं कि किसी तरह सुरक्षित ठिकाने में चले जाएं।

    पहले भी किए थे ऐसे हमले, 8 क्रिकेटर भी आए थे निशाने पर
    एक अन्य शख्स नसीम गुल ने कहा कि यह हमला बहुत भीषण और बर्बर था। हम अफगानिस्तानी लीडरशिप से कहेंगे कि पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब दिया जाए। वह हमारे ऊपर ऐसे हमले कई बार कर चुका है। एक अन्य शख्स शाहिदुल्लाह ने कहा कि यह हमला क्रूर था। बच्चे चिल्ला रहे थे और यहां-वहां भाग रहे थे। घर पर कोई नहीं था, लेकिन उन्होंने खाली मकान पर भी बम बरसा दिए। दरअसल यह पहला मौका नहीं है, जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के रिहायशी इलाकों को भी टारगेट किया है। 5 महीने पहले भी उसने ऐसे ही हमले किए थे। इन हमलों में 11 अफगानिस्तानी नागरिक मारे गए थे। इसके अलावा 12 लोग घायल हुए थे, जिनमें से 8 क्रिकेट खिलाड़ी थे।