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  • तारा सुतारिया ने खरीदी अपनी सपनों की हवेली, घर की पहली झलक साझा की

    तारा सुतारिया ने खरीदी अपनी सपनों की हवेली, घर की पहली झलक साझा की

    मुंबई 
     अभिनेत्री तारा सुतारिया अपने काम से ज्यादा निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों का हिस्सा रहती हैं। उन्होंने हाल ही में नया घर ले लिया है। सोमवार को अभिनेत्री ने इसकी कुछ झलक अपने इंस्टाग्राम पर शेयर की। तस्वीरों में वे अपने आलिशान घर में बैठी और शानदार अंदाज में पोज देती दिख रही हैं। अभिनेत्री ने अपने घर के रंग से मैच करते हुए साड़ी पहन रखी है। अभिनेत्री ने लिखा, "नई शुरुआत के नाम…अपने पहले घर में ढेर सारी हंसी और प्यार के साथ और साल 2026 का खुले दिल और बाहों के साथ स्वागत करते हुए।" अभिनेत्री का पोस्ट सभी को पसंद आ रहा है। उनके फैंस और दोस्त कमेंट सेक्शन पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कृष्णा श्रॉफ ने लिखा, "ब्यूटिफुल।"
    अभिनेत्री का करियर काफी शानदार रहा है। भले ही तारा कम फिल्मों में नजर आई हैं, लेकिन वह अपनी मौजूदगी से दर्शकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ती हैं।

    तारा अभिनेत्री होने के साथ कमाल की गायिका भी हैं। उन्होंने अपना करियर गायिकी से ही शुरू किया था। सबसे पहले वे एक टीवी शो में गायिकी के लिए नजर आई थीं और फिर 'द सूट लाइफ ऑफ करण एंड कबीर' व 'ओए जस्सी' में अभिनय किया। फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2' के जरिए तारा ने बॉलीवुड में कदम रखा था, जिसके लिए फिल्मफेयर ने उन्हें बेस्ट डेब्यूडेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया।
    अभिनेत्री जल्द ही साउथ सुपरस्टार यश की फिल्म 'टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप' में नजर आई थी। यह फिल्म 19 मार्च 2026 को रिलीज होने वाली है।

    इसी दिन रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर 2' भी रिलीज होगी। दोनों फिल्मों के बीच बॉक्स ऑफिस पर कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी।
    फिल्म का ट्रेलर जारी कर दिया गया है, जिसे देखकर फैंस काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। फिल्म को अंग्रेजी और कन्नड़ भाषा में शूट किया गया है, लेकिन वैश्विक स्तर पर फिल्म को रिलीज करने के लिए हिंदी, तेलुगु, तमिल और मलयालम में डब किया जाएगा।

  • बजट पर तीखा हमला: चरणदास महंत का आरोप—यह विकास नहीं, भ्रष्टाचार का दस्तावेज़

    बजट पर तीखा हमला: चरणदास महंत का आरोप—यह विकास नहीं, भ्रष्टाचार का दस्तावेज़

    रायपुर

    वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आज विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए SANKALP थीम पर आधारित 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बजट पेश होते ही राजनेताओं की प्रतिक्रिया भी आनी शुरू हो गई है। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने बजट पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार पर जमकर निशाना साधा है।

    नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि यह बजट ‘गति’ का नहीं, बल्कि ‘दुर्गति’ का बजट है। उन्होंने कहा कि यह संकल्प का नहीं, भ्रष्टाचार का बजट है। नई-नई योजनाएं भ्रष्टाचार करने के लिए लाई गई हैं।

    उन्होंने कहा कि शब्दों का मायाजाल बुना गया है। इस बजट में प्रदेश के युवाओं के लिए कुछ नहीं है। प्रदेश की महिलाओं के लिए कुछ नहीं है। नौकरी के नाम पर झुनझुना पकड़ा दिया गया है। जो हड़ताल कर रहे हैं, उनकी छोटी-छोटी मांगें हैं, लेकिन सरकार उन्हें भी पूरा नहीं कर पा रही है।

  • बारिश बनेगी पाकिस्तान की सबसे बड़ी दुश्मन? सेमीफाइनल का गणित आज हो सकता है खत्म

    बारिश बनेगी पाकिस्तान की सबसे बड़ी दुश्मन? सेमीफाइनल का गणित आज हो सकता है खत्म

    पल्लेकेले (कैंडी)
    ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 राउंड में पाकिस्तान की टीम का दूसरा सुपर-8 मुकाबला इंग्लैंड से मंगलवार (24 फरवरी) को पल्लेकेले इंटरनेशल स्टेड‍ियम में खेला जाना है. पाकिस्तान का पहला सुपर-8 मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ इसी मैदान पर बारिश की भेंट चढ़ गया था. ऐसे में तीन मैचों के छोटे से सुपर-8 में सेमीफाइनल की दौड़ को जिंदा रखने के लिए यह मुकाबला बेहद अहम हो गया है. एक वॉशआउट से मिला एक अंक पाकिस्तान की राह पहले ही मुश्किल बना चुका है.

    वैसे यह मैच दुर्भाग्य से बारिश में धुला, तो पाकिस्तान दो अंकों पर रहेगा और क्वालिफिकेशन की लड़ाई पूरी तरह दूसरे नतीजों पर निर्भर हो जाएगी. सीधी बात: जीतेंगे तो राह आसान, हार या बारिश ने रोका तो किस्मत का इंतजार रहेगा.
     
    वैसे पल्लेकेले में पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच सुपर-8 मुकाबले पर बारिश का खतरा लगभग टल गया है. न्यूजीलैंड के खिलाफ वॉशआउट से दबाव में आई पाकिस्तान टीम के लिए यह मैच करो या मरो जैसा है, जीत उन्हें सेमीफाइनल की दौड़ में मजबूती देगी, जबकि हार या एक और धुला मैच उनकी उम्मीदों को दूसरों पर निर्भर कर देगा.

    मौसम विभाग के अनुसार इस बार राहत की खबर है. बारिश की संभावना महज 2 प्रतिशत बताई गई है. तापमान लगभग 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा, जो शाम होते-होते 25 डिग्री तक गिर सकता है. यानी दर्शकों को पूरे 40 ओवर का मुकाबला देखने को मिल सकता है.
     
    कप्तान सलमान अली आगा की अगुवाई वाली पाकिस्तान टीम श्रीलंका की परिस्थितियों में अच्छी तरह ढल चुकी है. अब तक अपने सभी मैच इसी द्वीप पर खेलने का फायदा उन्हें मिल सकता है. खासतौर पर उनका स्पिन अटैक, जिसने यहां की धीमी पिचों पर प्रभाव छोड़ा है, इंग्लैंड के खिलाफ निर्णायक साबित हो सकता है इंग्लैंड की टीम पारंपरिक रूप से उपमहाद्वीप में गुणवत्ता वाली स्पिन के सामने जूझती रही है.

    पाकिस्तान के लिए क्या है गण‍ित
    न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच धुलने के बाद पाकिस्तान ने अपनी किस्मत पर पूरा नियंत्रण खो दिया है, लेकिन तस्वीर अब भी साफ है अगर वे इंग्लैंड को हरा देते हैं तो समीकरण उनके पक्ष में हो जाएंगे. इंग्लैंड पर जीत से पाकिस्तान के तीन अंक हो जाएंगे.इसके बाद आखिरी मैच में श्रीलंका को हराते ही पांच अंकों के साथ सेमीफाइनल का टिकट पक्का हो सकता है, चाहे अन्य नतीजे कुछ भी रहें.

    लेकिन अगर इस मैच में हार मिलती है तो पाकिस्तान सिर्फ एक अंक पर रह जाएगा और उसे इंग्लैंड से न्यूजीलैंड को हराने की उम्मीद करनी होगी. ऐसे में नेट रन रेट भी बड़ा फैक्टर बन सकता है.

  • बिहार बोर्ड 10वीं-12वीं की कॉपियां कब से होंगी चेक? जानिए रिजल्ट की संभावित तारीख

    बिहार बोर्ड 10वीं-12वीं की कॉपियां कब से होंगी चेक? जानिए रिजल्ट की संभावित तारीख

    बिहार बोर्ड मैट्रिक वार्षिक परीक्षा के छठे दिन सोमवार को दोनों पालियों में अंग्रेजी विषय की परीक्षा हुई। राज्य के सभी 1699 केन्द्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इसी के साथ मैट्रिक में सभी मुख्य विषयों की परीक्षा सोमवार को संपन्न हो गई। बिहार बोर्ड इंटर की परीक्षा 13 मार्च 2026 को ही संपन्न हो गई है। अब लाखों परीक्षाओं को अपने रिजल्ट का इंतजार है। बिहार बोर्ड ने भी मैट्रिक व इंटर की कॉपियों की चेकिंग का कार्य तेजी से करने के लिए कमर कस ली है। बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) द्वारा 12वीं की आंसर कॉपियों का मूल्यांकन 27 फरवरी से शुरू किया जाएगा। यह कार्य 10 मार्च तक किया जाएगा।

    मैट्रिक की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन दो से होगा

    बीएसईबी ने वार्षिक माध्यमिक (सैद्धांतिक) परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं निर्धारित मूल्यांकन केन्द्रों पर 2 मार्च से शुरू होगा और 13 मार्च तक चलेगा। बोर्ड ने विषयवार सह-परीक्षकों और प्रधान परीक्षकों का चयन कर नियुक्ति पत्र समिति की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। समिति ने विद्यालयों के प्रधानों से कहा है कि वे डीईओ कार्यालय से विद्यालय में अद्यतन रूप से कार्यरत शिक्षकों के नियुक्ति पत्र स्वयं या प्रतिनिधि के माध्यम से प्राप्त कर संबंधित शिक्षक को उपलब्ध कराते हुए मूल्यांकन कार्य हेतु विरमित करना सुनिश्चित करें।

    कब तक आएगा बिहार बोर्ड 10वीं 12वीं का रिजल्ट
    बिहार बोर्ड (BSEB) हर साल की तरह इस साल भी सबसे पहले मैट्रिक (bihar board 10th result 2026) और इंटर रिजल्ट (bihar board 12th result 2026) जारी करने की तैयारी कर रहा है। मार्च माह के अंत में मैट्रिक व इंटर दोनों का रिजल्ट जारी किया जा सकता है। छात्र बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 और बिहार बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2026 www.livehindustan.com और बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in, biharboardonline.com , onlinebseb.in पर देख सकेंगे। बिहार बोर्ड इंटर की परीक्षा के लिए 1317846 विद्यार्थी और मैट्रिक परीक्षा के लिए 1512963 विद्यार्थी पंजीकृत हैं।

    कैसे चेक कर सकेंगे बिहार बोर्ड 10वीं 12वीं का रिजल्ट

    सबसे पहले biharboardonline.bihar.gov.in पर जाएं।

    मैट्रिक परीक्षार्थी मैट्रिक रिजल्ट 2026 लिंक और इंटर वाले इंटरमीडिएट रिजल्ट 2026 पर क्लिक करें।

    अपना रोल कोड व रोल नंबर डालें। सब्मिट करने पर आपका रिजल्ट स्क्रीन पर आएगा।

    इस डाउनलोड कर प्रिंट आउट ले लें

    पिछले साल के परिणाम की बात करें तो बिहार बोर्ड 10वीं परीक्षा 2025 के नतीजे 29 मार्च 2025 को घोषित किए गए, जहां कुल मिलाकर 82.11 % छात्रों को सफलता मिली। तीन स्टूडेंट्स साक्षी कुमारी, अंशु कुमारी, रंजन वर्मा ने 489 अंक प्राप्त कर टॉप किया है। लड़कियों का पास पर्सेंटेज 80.67 प्रतिशत और लड़कों का पास पर्सेंटेज 83.67 रहा था।

    पिछले साल के बिहार बोर्ड इंटर रिजल्ट 2025 की बात करें तो कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 86.50% था। स्ट्रीम वाइज रिजल्ट की बात करें तो साइंस का रिजल्ट 89.66 फीसदी, कॉमर्स का रिजल्ट 94.77 फीसदी और आर्ट्स का रिजल्ट 82.75 फीसदी रहा। बिहार बोर्ड इंटर रिजल्ट र्ट्स स्ट्रीम में वैशाली की अंकिता कुमारी और बक्सर के शाकिब साह ने 473 – 473 अंक (94.6 फीसदी) अंक हासिल कर टॉप किया था। प. चंपारण की प्रिया जायसवाल ने 484 अंक (96.8 फीसदी) प्राप्त कर साइंस स्ट्रीम में टॉप किया था। कॉमर्स स्ट्रीम में वैशाली की रौशनी कुमारी ने 475 अंक (95.1) हासिल कर टॉप किया था।

     

  • केरल स्टोरी 2 विवाद के बाद केरल हाईकोर्ट ने फिल्म देखने का लिया फैसला

    केरल स्टोरी 2 विवाद के बाद केरल हाईकोर्ट ने फिल्म देखने का लिया फैसला

    तिरुवनंतपुरम

    द केरल स्टोरी 2 विवाद के बीच अब केरल हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है। रिलीज से पहले अदालत यह फिल्म देखेगी। बता दें कि मूवी 27 फरवरी 2026 को रिलीज हो रही है। कोर्ट ने यह फैसला एक याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। याचिका में कहा गया था कि केरल को बेवजह बदनाम किया जा रहा है और मूवी का कॉन्टेंट देश की अखंडता के लिए ठीक नहीं है। जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस का कहना है कि केरल के लोगों की चिंता को अनदेखा नहीं किया जा सकता। खबर है कि प्रोड्यूसर्स को केरल हाईकोर्ट के समक्ष उपस्थित होना पड़ेगा।

    क्या है फिल्म पर आपत्ति

    केरल के एक 26 साल के बायोलॉजिस्ट श्रीदेव नांबूदीरी फिल्म केरल स्टोरी 2 के खिलाफ केरल हाईकोर्ट में याचिका दी थी। उन्होंने जानकारी दी कि वह एक मलयाली ब्राह्मण हैं। श्रीदेव ने फिल्म के टाइटल और कॉन्टेंट दोनों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि केरल और यहां के लोगों को टारगेट करना ठीक नहीं है। याचिकाकर्ता ने सीबीएफसी पर भी सवाल किया है। श्रीदेव का आरोप है कि बोर्ड ने ठीक से मूल्यांक तक नहीं किया कि फिल्म का कॉन्टेंट सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता या देश की एकता को खतरा पहुंचा सकता है या नहीं। उन्होंने सीबीएफसी के U/A सर्टिफिकेट को चुनौती दी है।

    'फिल्म से खराब हो रही छवि'

    याचिका में लिखा है, 'फिल्म के ट्रेलर को देखने से पता चलता है कि कहानी तीन अलग-अलग राज्यों की महिलाओं पर आधारित है। मुख्य रूप से घटनाएं भारत के उत्तरी भागों की हैं फिर भी टाइटल और सीन में केरल राज्य की छवि खराब करने की कोशिश की गई है। यह फिल्म केरल और केरलवासियों को बाकी भारत से अलग-थलग करने वाली है, जबकि सच्चाई यह है कि केरलवासी पूरे भारत और विश्व में काम करते हैं, भारतीय अर्थव्यवस्था में योगदान देते हैं और भारत के अन्य हिस्सों से आए कई प्रवासी श्रमिकों को निवास और रोजगार प्रदान करते हैं।' याचिकाकर्ता ने टाइटल चेंज, डिस्क्लेमर ऐड करने और रिलीज रोकने की मांग की है।

    क्या दिखाया गया है विवादित ट्रेलर में

    द केरल स्टोरी 2 का ट्रेलर आने के बाद से ही इसका विरोध चल रहा है। कई लोगों का आरोप है कि फिल्म से समुदाय विशेष के लोगों की छवि खराब करने की कोशिश की गई है। वहीं केरल के लोगों की आपत्ति है कि उनके राज्य को नेगेटिव तरीके से दिखाया गया है। ट्रेलर में अलग-अलग राज्यों की कहानी दिखाई है। इसमें मुस्लिम युवक हिंदू लड़कियों को फंसाकर शादी करते हैं फिर उनका शोषण होता है। फिल्म में कुछ सीन्स और डायलॉग्स पर भी विवाद है जैसे- ब्राह्मण की बेटी के 12 लाख। एक सीन में हिंदू लड़की को जबरन बीफ खिलाया गया है।

  • केरल बना ‘केरलम’ : केंद्र सरकार ने नाम बदलने के प्रस्ताव को दी मंजूरी

    केरल बना ‘केरलम’ : केंद्र सरकार ने नाम बदलने के प्रस्ताव को दी मंजूरी

    केरल
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को बड़ा फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 'सेवातीर्थ' में हुई मंत्रिमंडल की पहली बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री अश्चिनी वैष्णव ने पत्रकारों को बताया कि भाषाई आधार पर राज्यों के गठन के बाद से ही केरल के नाम को बदलने की मांग की जा रही थी।

    उन्होंने कहा कि केन्द्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद राष्ट्रपति 'केरल नाम परिवर्तन विधेयक, 2026' के मसौदे को केरल विधानसभा की स्वीकृति के लिए भेजेंगी। इसके बाद संविधान के अनुच्छेद तीन के तहत राष्ट्रपति इस विधेयक पर केरल विधानसभा का मत प्राप्त करेंगी। केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि राज्य विधानसभा की स्वीकृति के बाद केंद्र सरकार इस पर आगे कार्रवाई करेगी और इस विधेयक को संसद में पारित कराने के लिए पेश किया जायेगा।

    इससे पहले केरल विधानसभा ने 24 जून 2024 को केरल का नाम केरलम् करने का प्रस्ताव पारित किया गया था। इसमें कहा गया था कि मलयालम भाषा में राज्य का नाम केरलम् है। एक नवंबर 1956 को राज्यों का गठन भाषाई आधार पर किया गया था। बता दें कि 1 नवंबर को केरल परिवार दिवस मनाया जाता है। इस प्रस्ताव में कहा गया कि राष्ट्र के स्वाधीनता संग्राम के समय से ही मलयालम भाषी लोगों के लिए एक एकीकृत राज्य के गठन की मांग थी, लेकिन संविधान की पहली अनुसूची में हमारे राज्य का नाम केरल अंकित किया गया।

    केरल विधानसभा के प्रस्ताव में कहा गया है, " यह सभा केन्द्र सरकार से सर्वसम्मति से आग्रह करती है कि वह संविधान के अनुच्छेद तीन के तहत केरल के नाम को केरलम् करने के लिए तत्काल कदम उठाए।" गौरतलब है कि केरल में इस साल चुनाव भी होने हैं।

    इसके बाद केरल सरकार ने केन्द्र सरकार से इस संबंध में कार्रवाई का अनुरोध किया था। इस पर केन्द्रीय गृह मंत्रालय में विचार किया गया और प्रस्ताव को गृहमंत्री अमित शाह के अनुमोदन के बाद इस पर कैबिनेट के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया। इस प्रस्ताव पर कानून और न्याय मंत्रालय के कानूनी और विधायी विभाग की राय के बाद इसे मंत्रिमंडल के समक्ष लाया गया था।

     

  • राहुल गांधी से रबी और खरीफ फसल का अंतर जानना चाहते हैं सीएम मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष को घेरा

    राहुल गांधी से रबी और खरीफ फसल का अंतर जानना चाहते हैं सीएम मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष को घेरा

    भोपाल 

    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज भोपाल में हैं। वे भारत अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में कांग्रेस द्वारा आयोजित किसान चौपाल में शिरकत कर रहे हैं। कार्यक्रम में ​शामिल होने प्रदेशभर से हजारों किसाए आए हैं। कांग्रेस की किसान चौपाल की गूंज विधानसभा में भी सुनाई दी। सीएम मोहन यादव ने इस मुद्दे पर राहुल गांधी को घेरा। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी Rahul Gandhi की कृषि संबंधी समझ पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे बताएं कि रबी और खरीफ की फसल क्या होती है! सीएम मोहन यादव ने कहा कि राहुल गांधी को फसल उत्पादन में बढ़ोत्तरी करने का सुझाव देना चाहिए।

    मध्यप्रदेश में विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। मंगलवार को सत्र का सातवां दिन है। सदन में प्रदेश के आगामी वित्त वर्ष के बजट की अनुदान मांगों पर चर्चा हुई। कुछ अन्य मामलों में चर्चा के बाद सदन की कार्यवाही 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

    दलहन, तिलहन फसल उत्पादन में बढ़ोत्तरी का सुझाव दें

    विधानसभा में राजधानी भोपाल में आयोजित कांग्रेस की किसान चौपाल का भी जिक्र हुआ। इस कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी शामिल हुए हैं। विधानसभा परिसर में मीडिया से बात करते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भोपाल आ रहे हैं, उनका स्वागत है… यदि वह चौपाल में किसानों की बात करें तो अच्छा है।

    सीएम मोहन यादव ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की खेती किसानी के संबंध में जमीनी जानकारी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रबी और खरीफ की फसल क्या होती है, राहुल गांधी यह बताएं! दलहन, तिलहन में कौन-कौन सी फसल हो…उनका उत्पादन किस प्रकार बढ़ाएं…यह सुझाव दें। सीएम ने राहुल गांधी से दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के उपाय सुझाने की भी अपेक्षा की।

    विधानसभा भवन के बाहर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य सरकार द्वारा लिए किए अहम फैसलों की भी जानकारी दी। उन्होंने दलहन, तिलहनों के उत्पादन और नीतियों के बारे में विस्तार से बताया।

    भोपाल में मोदी सरकार पर जमकर बरसे राहुल गांधी

    भोपाल के 'किसान महा चौपाल' में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर हमला किया. उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा से लेकर अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों तक, प्रधानमंत्री मोदी को सीधे कटघरे में खड़ा किया. राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की किताब का हवाला देते हुए दावा किया कि जब चीन की सेना भारतीय सीमा में घुस रही थी, तब सरकार ने सेना को उसके हाल पर छोड़ दिया था.

    राहुल गांधी ने कहा, "नरवणे जी ने अपनी किताब में साफ लिखा है कि जब चीन के टैंक हिंदुस्तान के अंदर आ रहे थे, तब उन्होंने रक्षा मंत्री, एनएसए और विदेश मंत्री को फोन किया, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया. 2 घंटे बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि जो उचित लगे वो करो. उस वक्त प्रधानमंत्री सेना प्रमुख से बात करने के बजाय अपने कमरे में छिपे थे."

    राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि लोकसभा में उनका भाषण खत्म होते ही पीएम मोदी सदन से भाग गए और उसी शाम राष्ट्रपति ट्रंप को फोन कर उस व्यापारिक समझौते (India-US Trade Deal) पर सहमति दे दी जो 4 महीने से रुका हुआ था. राहुल ने आरोप लगाया कि इस डील से अमेरिका की बड़ी कंपनियां भारत में सोया, कपास और दालें बेच सकेंगी, जिससे भारतीय किसान बर्बाद हो जाएंगे.

    उन्होंने कहा कि भारत को हर साल अमेरिका से 9 लाख करोड़ रुपये का माल खरीदना होगा, जिससे हमारी टेक्सटाइल इंडस्ट्री खत्म हो जाएगी. इतना ही नहीं राहुल ने आरोप लगाया कि यह सब दबाव में किया गया क्योंकि मोदी 'कंप्रोमाइज्ड' हैं. राहुल गांधी ने कहा,  'हिंदुस्तान के पास दुनिया में सबसे ज़्यादा डेटा है. ⁠दूसरे नंबर पर चाइना है. ⁠आपके डेटा के बिना अमेरिका चाइना का मुक़ाबला नहीं कर सकता है.'

     'एपस्टीन फाइल्स' का जिक्र

    राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका में “एपस्टीन फाइल्स” से जुड़े लाखों दस्तावेज अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं. उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम दबाव बनाने के लिए उजागर किया गया.

    उन्होंने उद्योगपति अनिल अंबानी और गौतम अडाणी का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को अपने संबंध स्पष्ट करने चाहिए. राहुल ने आरोप लगाया कि अडाणी समूह पर अमेरिका में आपराधिक मामले चल रहे हैं और इस पूरे प्रकरण का असली निशाना प्रधानमंत्री हैं, न कि अडाणी.

    उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका में 'एपस्टीन फाइल्स' (Epstein Files) के रिलीज होने से सरकार दबाव में है. राहुल ने चुनौती देते हुए कहा, "मैं मोदी जी को चुनौती देता हूं कि अगर आपमें दम है तो अमेरिका के साथ इस जनविरोधी डील को रद्द करके दिखाएं."

    रैली में राहुल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान किया और कहा कि “देश के किसान और युवा दबाव में लिए गए फैसलों को स्वीकार नहीं करेंगे.” भोपाल की इस रैली ने आने वाले राजनीतिक महीनों में केंद्र और कांग्रेस के बीच टकराव को और तेज करने के संकेत दे दिए हैं.

  • एमपी में किसानों के लिए बड़ा फैसला, 10,520 करोड़ की 5 योजनाएं अगले 5 साल तक जारी, सीएम यादव की कैबिनेट का एलान

    एमपी में किसानों के लिए बड़ा फैसला, 10,520 करोड़ की 5 योजनाएं अगले 5 साल तक जारी, सीएम यादव की कैबिनेट का एलान

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 24 फरवरी को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों के लिए बड़ा फैसला लिया गया। सरकार ने अगले पांच साल तक (1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक) पांच प्रमुख कृषि योजनाओं को जारी रखने की मंजूरी दी है। इन योजनाओं पर कुल 10,520 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि ;किसान कल्याण वर्ष” के तहत यह निर्णय लिया गया है, ताकि किसानों की आय बढ़े, खेती की लागत घटे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो। 

    कौन-कौन सी योजनाएं जारी रहेंगी?
    राष्ट्रीय कृषि विकास योजना 2010 करोड़ रुपये- इस योजना के तहत कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों के विकास के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे खेती में नई तकनीक और सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा।

    प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पर ड्रॉप मोर क्रॉप)  2400 करोड़ रुपये- किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी माइक्रो इरिगेशन तकनीक लगाने पर अनुदान मिलता रहेगा। इससे पानी की बचत होगी और फसल उत्पादन बढ़ेगा।

    राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन 3300 करोड़ रुपये-  इस योजना के तहत धान, गेहूं, दलहन, मोटा अनाज और नगदी फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए किसानों को सहयोग दिया जाएगा। मिट्टी की उर्वरता सुधारने पर भी जोर रहेगा।

    नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग 1010 करोड़ रुपये-  इस योजना के तहत प्रदेश में प्राकृतिक खेती का दायरा बढ़ाया जाएगा। इससे रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा मिलेगा, मिट्टी की सेहत सुधरेगी और लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री मिलेगी।

    राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन (ऑयल सीड योजना)  1800 करोड़ रुपये की लागत की इस योजना का लाभ तिलहन उत्पादन करने वाले किसानों को मिलेगा, जिससे तेल उत्पादन में बढ़ोतरी होगी।

    क्या होगा फायदा?
    किसानों को अगले पांच साल तक योजनाओं का लगातार लाभ मिलेगा।

    सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा।

    प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा।

    उत्पादन बढ़ेगा और लागत घटेगी।

    ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

    सरकार का दावा है कि इन योजनाओं के जरिए खेती को ज्यादा लाभकारी और टिकाऊ बनाया जाएगा। 

  • बजट पर भूपेश बघेल का तीखा प्रहार: ‘अज्ञान और दुर्गति विनाश का दस्तावेज’

    बजट पर भूपेश बघेल का तीखा प्रहार: ‘अज्ञान और दुर्गति विनाश का दस्तावेज’

    रायपुर

    वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आज विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए SANKALP थीम पर आधारित 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बजट को लेकर विपक्षी दलों के नेता सरकार पर हमला बोल रहे हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बजट को लेकर ने कहा कि यह अज्ञान और दुर्गति विनाश का बजट है।

    भूपेश बघेल ने कहा कि इस बजट में किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए कुछ भी नहीं है। दो घंटे सिर्फ शब्दों का जाल बुना गया। मैं भी पांच साल बजट पेश किया हूं। एक-एक सड़क, चौक-चौराहों के नाम गिनाए जा रहे थे। धान खरीदी के नाम पर धोखा हुआ है। किसान का रकबा बढ़ा है, उत्पादन बढ़ा है, लेकिन खरीदी कम हुई है। बजट में कुछ नहीं है, सिर्फ शब्दों का खेल खेला गया है। मंत्रियों के बोलने के लिए कुछ नहीं है। मान्य परंपरा के विपरीत जा रहे हैं, परंपराओं को तोड़ रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि हमारे समय की घोषणाओं को बार-बार पढ़ा जा रहा है। रेलवे ट्रैक सिर्फ यहां के खनिज को लूटने के लिए है। कोई स्टॉपेज नहीं होगा। यह सरकार का तीसरा बजट है, लेकिन मोदी की गारंटी का कोई जिक्र नहीं है। भूपेश बघेल ने कहा कि आज क्या एक लाख बीस हजार में घर बन सकता है? जिसने बनाया है, वह साहूकार के कर्ज में लद गया है।

  • क्रियान्वयन में पारदर्शिता, तत्परता और संवेदनशीलता जरूरी : राज्यपाल  पटेल

    क्रियान्वयन में पारदर्शिता, तत्परता और संवेदनशीलता जरूरी : राज्यपाल पटेल

    क्रियान्वयन में पारदर्शिता, तत्परता और संवेदनशीलता जरूरी : राज्यपाल  पटेल

    दुधारू पशुप्रदाय योजना सबसे गरीब के जीवन में खुशहाली का प्रयास
    राज्यपाल  पटेल द्वारा मुख्यमंत्री दुधारू पशुप्रदाय योजना की समीक्षा की

    भोपाल

    राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मुख्यमंत्री दुधारू पशुप्रदाय योजना सबसे गरीब के जीवन में खुशहाली लाने का उपक्रम है। योजना की प्रक्रियाओं और क्रियान्वयन में गरीब के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उनके हितों की अनदेखी सहन नहीं की जाएगी।

    राज्यपाल  पटेल मंगलवार को पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री दुधारू पशुप्रदाय योजना के संबंध में लोकभवन में चर्चा कर रहे थे। बैठक का आयोजन जनजातीय प्रकोष्ठ द्वारा किया गया था। इस अवसर पर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पशुपालन एवं डेयरी विकास  लखन पटेल, जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष  दीपक खांडेकर, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी विकास  उमाकांत उमराव, जनजातीय प्रकोष्ठ के सदस्य एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।      

    राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री दुधारू पशुप्रदाय योजना अति पिछड़ी और गरीब पी.वी.टी.जी. जनजातियों बैगा, भारिया एवं सहरिया के कल्याण के लिए क्रियान्वित है। इस योजना की प्रक्रियाओं और क्रियान्वयन में पारदर्शिता, तत्परता के साथ ही संवेदनशील मनोभाव का होना भी जरूरी है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के पी.वी.टी.जी. जनजातीय जनसंख्या वाले सभी जिलों को योजना के दायरे में लाया जाना चाहिए। राज्यपाल को बताया गया कि योजना के तहत पशु वितरण कार्य की सामुदायिक निगरानी के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। सभी दुग्ध समितियों तथा संघों के द्वारा माह में 10-10 दिन के अंतराल पर तीन निश्चित तिथियों पर भुगतान की व्यवस्था को सुनिश्चित किया गया है। दूध के मूल्य में भी 2 से साढ़े 8 रुपए तक की वृद्धि की गई है। योजना में आवश्यक संशोधन किए गए हैं। मिल्क रूट तथा परिवहन की सुगमता वाले ग्रामों में प्राथमिकता के आधार पर हितग्राहियों के चयन के साथ ही आवश्यकतानुसार अन्य ग्रामों में भी हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा सकेगा। चयनित हितग्राहियों को प्रदाय पूर्व तीन दिवस प्रशिक्षण दिया जाता है। वितरण के बाद 21 दिवस, तीन माह एवं छ माह पर हितग्राही-वार समीक्षा की जाएगी और हितग्राही को परिचयात्मक दौरा भी कराया जाएगा। प्रथमतः एक ही पशु की अंशदान राशि जमा कराकर हितग्राही को एक ही पशु वितरित किया जाएगा। पहले पशु का रखरखाव संतोषजनक पाए जाने पर ही उसे दूसरा पशु 3 माह बाद प्रदाय किये जाने की व्यवस्था की गई है।