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  • सेवा संकल्प अभियान: रायगढ़ का पंजीयन कार्यालय बना नागरिक सुविधा का मॉडल

    सेवा संकल्प अभियान: रायगढ़ का पंजीयन कार्यालय बना नागरिक सुविधा का मॉडल

    सेवा संकल्प अभियान: नागरिक सुविधा का मॉडल बना रायगढ़ का पंजीयन कार्यालय

    हेल्प डेस्क से लेकर डिजिटल भुगतान तक, पूरी व्यवस्था हुई नागरिक-केंद्रित

    औसत प्रतीक्षा समय 15.33 मिनट, प्रतिदिन 64 नागरिकों को मिल रही सेवा

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री ओपी चौधरी की पहल से नागरिकों को मिल रही बेहतर पंजीयन सुविधा

    रायपुर, 
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री ओपी चौधरी की पहल से रायगढ़ के पंजीयन कार्यालय को आधुनिक सुविधाओं से युक्त मॉडल पंजीयन कार्यालय के रूप में विकसित किया गया है। सेवा संकल्प अभियान के तहत विकसित इस कार्यालय में पंजीयन प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाया गया है। अब व्यवस्था का केंद्र कार्यालय की प्रक्रिया नहीं, बल्कि नागरिक की सुविधा और आवश्यकता को बनाया गया है।

    संपत्ति की रजिस्ट्री किसी भी व्यक्ति और परिवार के लिए महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। इसे ध्यान में रखते हुए पंजीयन कार्यालय में नागरिकों को अनावश्यक परेशानी और बार-बार कार्यालय आने की स्थिति से बचाने के लिए प्रक्रिया के विभिन्न चरणों को व्यवस्थित किया गया है।

    प्रवेश से पंजीयन तक हर चरण में सुविधा

    कार्यालय में प्रवेश करते ही नागरिकों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए हेल्प डेस्क एवं रिसेप्शन की व्यवस्था की गई है। दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच की सुविधा होने से कमियों की जानकारी प्रक्रिया के शुरुआती चरण में ही मिल जाती है। इससे अंतिम चरण में होने वाली परेशानी और अनावश्यक समय की बचत होती है। भीड़ और कतार की व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए टोकन आधारित कतार प्रबंधन प्रणाली लागू की गई है।

    मुद्रांक शुल्क, पंजीयन शुल्क और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी बोर्ड एवं डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से प्रदर्शित की जा रही है। डिजिटल एवं कैशलेस भुगतान की सुविधा से लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ी है। मॉडल पंजीयन कार्यालय में प्रतिदिन औसतन 64 नागरिक सेवाएं प्राप्त कर रहे हैं, जबकि प्रतिदिन औसतन 16 दस्तावेजों का पंजीयन हो रहा है। नागरिकों का औसत प्रतीक्षा समय 15.33 मिनट दर्ज किया गया है। अब तक प्राप्त फीडबैक में 105 सकारात्मक नागरिक प्रतिक्रियाएं भी दर्ज की गई हैं।

    मॉडल पंजीयन कार्यालय में नागरिकों की पूरी प्रक्रिया को 9 चरणों में व्यवस्थित किया गया है। इसमें कार्यालय में प्रवेश, हेल्प डेस्क से मार्गदर्शन, दस्तावेजों का प्री-चेक, टोकन प्राप्त करना, व्यवस्थित प्रतीक्षा, निर्धारित पंजीयन प्रक्रिया, डिजिटल अथवा कैशलेस भुगतान, दस्तावेज एवं स्टेटस की जानकारी और कार्य पूर्ण होने के बाद सम्मानजनक निकास शामिल है।

    वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए विशेष व्यवस्था

    नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वातानुकूलित प्रतीक्षालय, आरामदायक लाउंज, चार्जिंग स्टेशन, स्वच्छ पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सहायता की व्यवस्था भी की गई है। नागरिक अपने अनुभव और सुझाव क्यूआर कोड के माध्यम से सीधे साझा कर सकते हैं।

    तकनीक के साथ कार्यसंस्कृति में भी बदलाव

    सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने के लिए कार्यालय में समर्पित सर्वर रूम और मजबूत आईटी अधोसंरचना विकसित की गई है। मॉडल पंजीयन कार्यालय की व्यवस्था केवल आधुनिक सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि सरल प्रक्रिया, तकनीकी व्यवस्था, पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिकों के प्रति संवेदनशील व्यवहार को भी इसका हिस्सा बनाया गया है।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देने की दिशा में तथा वित्त मंत्री ओपी चौधरी की पहल से विकसित रायगढ़ का मॉडल पंजीयन कार्यालय इस बात का उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है कि तकनीक, सुव्यवस्थित प्रक्रियाओं और संवेदनशील कार्यसंस्कृति के माध्यम से सरकारी सेवाओं को नागरिकों के लिए अधिक सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया जा सकता है। यह व्यवस्था नागरिकों के समय का सम्मान करने और उन्हें बेहतर सेवा अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक प्रभावी पहल के रूप में सामने आई है।

  • ममता बनर्जी की पार्टी को झटका, नंदीग्राम के बाद रेजीनगर से भी उम्मीदवार ने वापस लिया नाम

    ममता बनर्जी की पार्टी को झटका, नंदीग्राम के बाद रेजीनगर से भी उम्मीदवार ने वापस लिया नाम

    कोलकाता
     विधानसभा उपचुनाव में नंदीग्राम के बाद अब रेजीनगर में भी ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी ने नामांकन वापस लेने का फैसला किया है। रेजीनगर से ममता तृणमूल के प्रत्याशी रबिउल आलम चौधरी ने शनिवार को नामांकन वापस लेने की घोषणा की। इसके साथ ही नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों विधानसभा सीटों के उपचुनाव में ममता तृणमूल का कोई प्रत्याशी नहीं रहेगा।

    रबिउल ने नामांकन वापस लेने की वजह नया चुनाव चिह्न लोगों के बीच पहचान बनाने में कठिनाई और कार्यकर्ताओं पर दबाव को बताया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता चुनाव मैदान में उतरने को तैयार नहीं हैं। रबिउल के अनुसार, उन्होंने ममता बनर्जी से भी इस संबंध में बात की है।

    नंदीग्राम के बाद रेजीनगर में भी वापसी
    नंदीग्राम में ममता तृणमूल की प्रत्याशी संचिता प्रधान दे ने शुक्रवार को नामांकन वापस लिया था। इसके बाद ममता बनर्जी ने वहां कांग्रेस को समर्थन देने की बात कही थी।

    रेजीनगर को लेकर उन्होंने कहा था कि इस पर बाद में फैसला किया जाएगा। इसके बाद से ही रबिउल के नामांकन वापस लेने की अटकलें लग रही थीं। शनिवार को नामांकन वापसी की अंतिम तारीख पर उन्होंने यह फैसला कर लिया।

    आयोग ने बदला नाम और चिह्न
    निर्वाचन आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और ‘घासफूल’ चिह्न को फिलहाल स्थगित किया है। इसके बाद ममता तृणमूल को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉलर’ चिह्न दिया गया है।

    नए चिह्न के साथ चुनाव लड़ने में आ रही दिक्कत का हवाला देते हुए दोनों सीटों पर ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशियों ने नामांकन वापस ले लिया है। अब दोनों उपचुनाव में ममता तृणमूल का कोई उम्मीदवार नहीं होगा।

    प्रतीक को लेकर हुमायूं के बेटे की बढ़ी मुश्किल
    वहीं, रेजीनगर में आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर के बेटे गोलाम नबी आजाद रबिन के सामने भी प्रतीक को लेकर पेच फंस गया है।

    वह अपने पिता के पुराने ‘बांसुरी’ प्रतीक पर चुनाव लड़ना चाहते हैं, लेकिन आयोग ने स्पष्ट किया है कि उपचुनाव के लिए किसी प्रतीक को पहले से आरक्षित नहीं किया जाता।

     

  • कॉलेजों में सीटें खाली रह गईं, अब इस सत्र में नहीं मिलेगा प्रवेश

    कॉलेजों में सीटें खाली रह गईं, अब इस सत्र में नहीं मिलेगा प्रवेश

    राजनांदगांव.

    नए शिक्षा सत्र में कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में पहुंचने के साथ ही बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गई हैं। प्रवेश के लिए निर्धारित समय और काउंसलिंग के दौर के बाद भी जिन सीटों पर विद्यार्थियों ने रुचि नहीं दिखाई, उनके इस सत्र में खाली रहने की स्थिति बन गई है। निजी महाविद्यालयों में भी सीटें नहीं भर पाई है।

    ज्ञात हो कि राजनांदगांव जिले में 25 से अधिक महाविद्यालय संचालित हो रहे हैं। राजनांदगांव जिला मुख्यालय में शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय से लेकर शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय कमला देवी महिला महाविद्यालय के साथ-साथ 6 से अधिक निजी महाविद्यालयों का भी संचालन किया जा रहा है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़े केंद्रों में महाविद्यालय संचालित हो रहे हैं। उसके बाद भी प्रवेश के समय सेट फूल नहीं हो पाई। निजी महाविद्यालयों में भी कई पाठ्यक्रमों की सीटें विद्यार्थियों का इंतजार करती रह गईं। कॉलेज प्रबंधन द्वारा प्रवेश के लिए प्रचार-प्रसार और विद्यार्थियों से संपर्क के प्रयास किए गए, लेकिन अपेक्षित संख्या में प्रवेश नहीं हो पाया। ऐसे में अब शेष विद्यार्थी प्राइवेट परीक्षा की तैयारी में जुट गए हैं। प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट कॉलेजों में निर्धारित प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब रिक्त सीटों की स्थिति स्पष्ट हो गई है।

    विद्यार्थियों को प्रवेश का अवसर देने के लिए अलग-अलग चरणों में प्रक्रिया चलाए जाने के बावजूद जो सीटें नहीं भर सकीं, उनके इस शैक्षणिक सत्र में रिक्त रहने की संभावना है। इससे कॉलेज प्रबंधन के सामने भी अगले सत्र में विद्यार्थियों को आकर्षित करने और पाठ्यक्रमों के प्रति रुचि बढ़ाने की चुनौती रहेगी। शासकीय कॉलेजों में भी सीटें रिक्त शासकीय महाविद्यालय भी खाली सीटों की समस्या से अछूते नहीं हैं। विशेष रूप से बीकॉम तथा बीएससी गणित और बायो जैसे पाठ्यक्रमों में कुछ सीटें रिक्त रह गई हैं। प्रवेश प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी पसंद के विषय और पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता दी, जिसके कारण कुछ पाठ्यक्रमों में सीटें भर गईं तो कुछ में सीटें खाली रह गईं। यही स्थिति निजी महाविद्यालय में भी बनी हुई है।

  • विद्यार्थियों के सपनों को पूरा करने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने को सरकार है संकल्पित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    विद्यार्थियों के सपनों को पूरा करने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने को सरकार है संकल्पित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    विद्यार्थियों के सपनों को पूरा करने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने को सरकार है संकल्पित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    स्कूटी केवल वाहन नहीं, विद्यार्थियों की प्रतिभा, परिश्रम और आत्मविश्वास का है पुरस्कार
    सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को मिल रहे आगे बढ़ने के बेहतर अवसर
    बेटियों को अवसर मिलने से परिवार और समाज दोनों होते हैं सशक्त
    प्रदेश में शिक्षा का बजट बढ़कर हुआ 38 हजार करोड़ रुपये
    युवाओं के सामर्थ्य से साकार होगा विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत का सपना
    मुख्यमंत्री स्कूटी योजना अंतर्गत 7,400 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को मिली स्कूटी की सौगात
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेधावी विद्यार्थियों से किया संवाद

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विद्यार्थियों की मेहनत और उपलब्धियों को पुरस्कृत करना परिवार , समाज और सरकार का दायित्व है। विद्यार्थियों के सपनों को पूरा करने के लिए आवश्यक संसाधन और अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। आर्थिक कठिनाइयों अथवा संसाधनों की कमी के कारण किसी भी प्रतिभावान विद्यार्थी की प्रगति नहीं रुकनी चाहिए। मेधावी विद्यार्थियों को प्रदान की जा रही स्कूटी केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा और परिश्रम के पुरस्कार के साथ आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रोत्साहन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल के सुभाष स्कूल में शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों में कक्षा-12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री स्कूटी योजना अंतर्गत स्कूटी वितरण के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को कक्षा 12 वीं में प्रथम प्रयास में ही 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक के साथ स्कूल में प्रथम स्थान पर आना जरूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शनिवार को समारोहपूर्वक प्रदेश के 7400 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी वितरित की गई।

    कक्षा की सफलता से कैरियर के सपनों तक, विद्यार्थियों को सतत प्रोत्साहन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री स्कूटी योजना उन विद्यार्थियों के परिश्रम और प्रतिभा का सम्मान है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में अध्ययन कर के बीच अपने परिवार और समाज को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार विद्यार्थियों को नि:शुल्क किताबें, गणवेश और साइकिलें भी उपलब्ध करा रही है, ताकि आर्थिक परिस्थितियां उनकी पढ़ाई में बाधा न बनें। आज प्रदेश के बच्चे पढ़-लिखकर पारंपरिक व्यवसायों और खेती-किसानी में भी नई संभावनाएं तलाश रहे हैं। कई विद्यार्थी एग्रीकल्चर स्टार्ट-अप शुरू कर परिवार की आय बढ़ाने का सपना देख रहे हैं। आधुनिक तकनीक और नवाचार से कृषि को लाभ का बेहतर माध्यम बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति उनकी स्पष्ट सोच की सराहना करते हुए कहा , हमारे लिए प्रसन्नता की बात है कि किसान और सामान्य परिवारों से आने वाले विद्यार्थी भी आज चार्टेड एकांटेंट, चिकित्सक, अधिवक्ता, कृषि वैज्ञानिक और उद्यमी बनने के सपने देख रहे हैं। विद्यार्थियों की यह सोच नए और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की पहचान है। देश और प्रदेश का भविष्य युवाओं के हाथों में है। विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने के साथ उन्हें साकार करने के लिए परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

    बेटियों को स्कूटी मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेटियों को शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसर मिलने से केवल उनका जीवन नहीं बदलता, बल्कि पूरे परिवार और समाज का वातावरण सकारात्मक बनता है। मेधावी बेटियों को स्कूटी मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और उच्च शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ने की राह अधिक सुगम होगी। राज्य सरकार विद्यार्थियों को न्यूनतम आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर और समर्थ बनाना चाहती है।

    राज्य सरकार शिक्षा, विद्यार्थियों और प्रदेश के सर्वांगीण विकास को दे रही है सर्वोच्च प्राथमिकता

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के विस्तार और गुणवत्ता सुधार के लिए बजट में अभूतपूर्व वृद्धि की गई है। आजादी के बाद 1956 में मध्यप्रदेश की स्थापना हुई। राज्य का कुल बजट 55 साल में केवल 22 हजार करोड़ रुपए था और वर्ष 2002-03 तक स्कूल शिक्षा विभाग का बजट मात्र 2600 करोड़ रुपए था। हमारी सरकार ने वर्ष 2025-26 में कुल 4 लाख 38 हजार करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया , इसमें स्कूल शिक्षा के लिए 38 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान है। यह वृद्धि बताती है कि राज्य सरकार शिक्षा, विद्यार्थियों और प्रदेश के समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर काम कर रही है।

    सांदीपनि विद्यालय सुविधाओं और पढ़ाई में निजी स्कूलों को पीछे छोड़ रहें हैं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 2002-03 तक प्राथमिक स्कूलों में ड्रॉप आउट दर 16 प्रतिशत थी, जो वर्तमान में शून्य हो चुकी है। प्रदेश में सर्वसुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालय खोले जा रहे हैं, जो सुविधाओं और पढ़ाई के मामले में निजी स्कूलों को भी पीछे छोड़ रहे हैं। इन विद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा रहा है। अब बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट लिस्ट में 50 प्रतिशत विद्यार्थी सांदीपनि और शासकीय स्कूलों से आ रहे हैं। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए तैयार करना और उन्हें उनकी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने के अवसर देना है।

    प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हो रहा है डिजिटल सुविधाओं का विस्तार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कठिनाई के दौर से निकले और तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने। हम सबने 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री मोदी का ऐतिहासिक जन्मोत्सव मनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जनधन खातों, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी), डिजिटल भुगतान व्यवस्था और कोविड-19 टीकाकरण के क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि डीबीटी के माध्यम से सरकारी योजनाओं की सहायता सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।

    सभी चुनौतियों से निपटने के लिए सक्षम है भारत की युवा शक्ति

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश-प्रदेश का भविष्य युवाओं के हाथों में है। हमारे बच्चे पढ़-लिखकर सीए बनना चाहते हैं, यह देश की निरंतर बेहतर होती अर्थव्यवस्था का संकेत है। भारत आज दुनिया में चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है, कुछ वर्षों में भारत, दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनकर उभरेगा। दुनिया के समाने बड़ी से बड़ी चुनौती से निपटने के लिए भारतवासी पूरी तरह सक्षम हैं। राज्य सरकार युवाओं की शक्ति और प्रतिभा का सम्मान करते हुए अमृतकाल में विकसित भारत @2047 के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।

    सभी स्कूली बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत है मेधावी विद्यार्थियों को मिली स्कूटी

    स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि आज शासकीय स्कूलों के 7400 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी मिल रही है। बच्चों ने अपने अथक परिश्रम से अपने परिवार और समाज को गौरवान्वित किया है। यह प्रदेशभर के अन्य स्कूली बच्चों के लिए एक प्रेरणा भी है। यह स्कूटी बच्चों के भविष्य को पंख लगाएगी और उनके सपनों को पूरा करने में सहायक बनेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव निरंतर कार्य कर रहे हैं। वे बच्चों के बीच किसी कार्यक्रम में आने और संवाद के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हमारी कोशिश सदैव बच्चों के चेहरे पर खुशी लाने की रही है। राज्य सरकार प्रदेश के सभी बच्चों के स्वर्णिम भविष्य के लिए दृढ़ संकल्पित है।

    युवाओं का चार्टर्ड अकाउंटेंट, डॉक्टर, वकील और सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का है सपना

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूटी वितरण कार्यक्रम में विद्यार्थियों से संवाद कर उनके भावी लक्ष्यों के बारे में जाना। प्रदेश की की मेरिट सूची में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाली टॉपर खुशी राय ने बताया कि स्कूटी मिलने से उन्हें कॉलेज आने-जाने में सुविधा होगी। वे चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने की तैयारी कर रही हैं। किसान परिवार के आकाश साहू ने एग्रीकल्चर स्टार्ट-अप शुरू करने की इच्छा जताई। उन्होंने बताया कि इसके लिए आवश्यक लाइसेंस और अन्य तैयारियां जारी हैं। रवि केवट और मरियम खान ने भी बताया कि वह भी सीए बनने का लक्ष्य लेकर तैयारी कर रहे हैं। मिनी जैन ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण कर न्यूरो सर्जन बनने की इच्छा व्यक्त की। छात्रा रानी सांपले ने उच्च शिक्षा हासिल कर वकील बनने की बात कही, जबकि खुशी यादव ने एमबीबीएस कर डॉक्टर बनने की इच्छा व्यक्त की। छात्र शिव कुमार कौल ने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में आगे बढ़कर विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने की इच्छा व्यक्त की। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग की राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक विष्णु खत्री, महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, जिलाध्यक्ष रवींद्र यति सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सचिव स्कूल शिक्षा संजय गोयल, आयुक्त अभिषेक सिंह सहित स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं।

     

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिले अभ्यर्थियों के चेहरे, बोले- बिना भेदभाव मिली नौकरी

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिले अभ्यर्थियों के चेहरे, बोले- बिना भेदभाव मिली नौकरी

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिले अभ्यर्थियों के चेहरे, बोले- बिना भेदभाव मिली नौकरी

    योगी सरकार में मेहनत को मिला मुकाम, लगनशील अभ्यर्थियों को मिले नियुक्ति पत्र

    अभ्यर्थियों ने एक स्वर में कहा- निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती से साकार हुआ सरकारी नौकरी का सपना

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए युवाओं को सरकारी नौकरी मिलने का सिलसिला जारी है। शनिवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से विभिन्न विभागों में चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर अभ्यर्थियों के चेहरे खिल उठे। युवाओं ने एक स्वर में भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत का फल आज उन्हें मिला है।

    नियुक्ति पत्र पाने वाले अभ्यर्थियों ने कहा कि इस सरकार में बिना किसी भेदभाव और लेनदेन के चयन प्रक्रिया पूरी हुई है। युवाओं ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सरकारी नौकरी का उनका सपना साकार हुआ है।

    फॉर्म भरने में खर्च हुए मात्र 150 रुपये, मिल गई सरकारी नौकरी

    अयोध्या निवासी एक्सरे टेक्नीशियन पद पर चयनित प्रिंस सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना उनके और परिवार के लिए सौभाग्य की बात है। पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष रही और किसी तरह का भेदभाव या लेनदेन नहीं हुआ। फॉर्म भरने में केवल 150 रुपये खर्च हुए थे, इसके अलावा एक भी रुपया नहीं लगा। उन्होंने कहा कि मात्र 150 रुपये में नौकरी मिलना योगी सरकार में ही संभव है।

    मेहनत करने वालों को मिल रहा हक

    होम्योपैथिक फार्मासिस्ट पद पर चयनित आकाश शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर बेहद खुशी हो रही है। पिछली बार 400 और इस बार 393 रिक्तियां निकलना बड़ी बात है। इससे दूसरे अभ्यर्थियों को भी प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि अब भर्तियों की जानकारी समय से मिल रही है, जिससे युवा आवेदन कर तैयारी कर पा रहे हैं। यह नियुक्ति उन लोगों के लिए सबक है जो पहले नियुक्तियों में गड़बड़ी कर अभ्यर्थियों का हक मारते थे। वाराणसी निवासी होम्योपैथिक फार्मासिस्ट साक्षी सिंह ने कहा कि पूरी पारदर्शिता के साथ नियुक्ति हुई है। जिन्होंने मेहनत की, उन्हें नौकरी मिली है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना उनके लिए बड़ी उपलब्धि और सपना साकार होने जैसा है।

     योगी सरकार में दूसरी बार नियुक्ति पत्र पाने का सौभाग्य मिला

    बलरामपुर निवासी एक्सरे टेक्नीशियन पद पर चयनित शिव शंकर ने कहा कि योगी सरकार में दूसरी बार नियुक्ति पत्र पाने का सौभाग्य मिला है। इस प्रक्रिया में किसी तरह का पैसा नहीं लगा। शिव शंकर ने बताया कि वर्ष 2015 में भी उनका चयन हुआ था, लेकिन इंटरव्यू में छांट दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय इंटरव्यू में पैसे चले थे, जिसके कारण उनकी नियुक्ति नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने इंटरव्यू हटा दिया है और पूरी ईमानदारी से नियुक्तियां हो रही हैं। पहले की सरकारों में पैसे देने वालों को नौकरी मिलती थी, जबकि आज पढ़ने-लिखने वाले छात्रों को अवसर मिल रहा है।

    मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर परिवार गौरवान्वित

    सहारनपुर निवासी होम्योपैथिक फार्मासिस्ट आराधना चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर उनका पूरा परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है। पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष रही और कहीं भी गलत तरीके से काम नहीं हुआ। इसी पर चयनित प्रिंसी गुप्ता ने कहा कि उन्हें मेहनत के आधार पर नौकरी मिली है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना बेहद खास पल है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। वहीं होम्योपैथिक फार्मासिस्ट पल्लवी देवी ने कहा कि वह दो साल से तैयारी कर रही थीं। आज उनकी मेहनत का फल मिल गया है। उन्होंने पूरी नियुक्ति प्रक्रिया को निष्पक्ष बताया।

    योगी सरकार में ईमानदारी से काम हो रहा

    गोरखपुर निवासी डॉ. सफिया बानो का चयन प्रवक्ता यूनानी के पद पर हुआ है। उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया 15 महीने में पूरी हो गई। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में ईमानदारी से काम हो रहा है और नियुक्तियां पूरी निष्पक्षता के साथ संपन्न हो रही हैं।

  • मेरठ में गरजे 9 हॉक जेट, सूर्यकिरण के एयर शो ने हजारों दर्शकों को किया रोमांचित

    मेरठ में गरजे 9 हॉक जेट, सूर्यकिरण के एयर शो ने हजारों दर्शकों को किया रोमांचित

    गरजा आसमान, थम गईं निगाहें, सूर्यकिरण ने मेरठ में लिखी शौर्य की नई इबारत

    सेवा संकल्प अभियान के तहत पहली बार क्रांतिधरा में हुआ एयर शो, नौ हॉक जेट की कलाबाजियों ने हजारों दर्शकों को किया रोमांचित

    तिरंगे की लकीरों से सजा आसमान, मेरठ के तीन जांबाजों ने वायुसेना के प्रदर्शन में जोड़ा शहर का गौरव

    मेरठ, 
     एक साथ नौ लड़ाकू विमान। देखते ही देखते बदलते फॉर्मेशन। कभी जमीन को छू लेने जैसी उड़ान तो कभी आसमान में उल्टी कलाबाजी। फिर दो विमान आमने-सामने बढ़े और पलक झपकते एक-दूसरे को क्रास करते निकल गए। शनिवार को मोहिउद्दीनपुर स्थित न्यू इंटीग्रेटिड टाउनशिप में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एयरोबैटिक टीम ने पहली बार मेरठ के आसमान को अपना प्रदर्शन मंच बनाया तो हजारों लोगों की निगाहें ऊपर टिक गईं। हॉक एमके-132 विमानों की गर्जना के बीच आसमान में केसरिया, सफेद और हरे रंग की लकीरें उभरीं और पूरा माहौल वंदेमातरम् के उद्घोष के साथ राष्ट्रभक्ति से भर उठा। केंद्र और प्रदेश की योगी सरकार की पहल पर सेवा संकल्प अभियान के तहत हुए इस ऐतिहासिक एयर शो में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई रोमांच से भर गया।

    हिंडन एयरबेस से उड़ान भरकर नौ हॉक जेट विमान सुबह करीब 10 बजकर 25 मिनट पर मेरठ के आसमान में पहुंचे। मैदान में मौजूद दर्शकों ने तालियों तथा जय हिंद और वंदेमातरम के उद्घोष से इन विमानों का स्वागत किया। इससे पहले सुबह साढ़े सात बजे से ही न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप में लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। दर्जनभर से अधिक स्कूलों के छात्र, एनसीसी कैडेट्स और एनएसएस स्वयंसेवक इस रोमांचकारी क्षण का साक्षी बनने पहुंचे। परिवारों के साथ चिकित्सक, व्यापारी और उद्यमियों ने भी इस ऐतिहासिक प्रदर्शन का आनंद लिया।

    पलक झपकते बदलते रहे फॉर्मेशन
    सूर्यकिरण के विमानों ने आसमान में ऐसा तालमेल दिखाया कि हर करतब के साथ दर्शकों की तालियां तेज होती गईं। नौ विमानों ने पहले वी-आकार में उड़ान भरी, फिर अलग-अलग दिशाओं में बिखरते हुए अगले ही पल दोबारा सटीक फॉर्मेशन बना लिया। लूप, बैरल रोल, उल्टी उड़ान और डीएनए मैन्यूवर ने रोमांच बढ़ाया। करीब 100 से 150 फीट की ऊंचाई पर विमानों की सटीक उड़ान देखकर लोग सांस थामे रहे। दो जेट आमने-सामने बढ़े और ऐन वक्त पर एक-दूसरे को क्रास करते हुए निकल गए तो मैदान तालियों से गूंज उठा। विमानों के पीछे केसरिया, सफेद और हरे रंग की लकीरों ने आसमान को तिरंगे में रंग दिया। इन स्मोक पॉड्स को नासिक स्थित वायुसेना के बेस रिपेयर डिपो में विकसित किया गया है। हवाई करतबों के बीच तिरंगे की यह छटा बच्चों के लिए खास आकर्षण रही।

    तिरंगे की छटा के साथ मेरठ के तीन जांबाजों ने बढ़ाया गौरव
    मेरठ में हुए इस एयर शो का शहर से सीधा जुड़ाव भी रहा। सूर्यकिरण एयरोबैटिक टीम में मेरठ के तीन स्क्वाड्रन लीडर शामिल हैं। स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल और राहुल सिंह ने आसमान में हॉक जेट उड़ाते हुए करतब दिखाए, जबकि स्क्वाड्रन लीडर शरद गोयल ने जमीन से पूरे प्रदर्शन के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाली। अपने शहर के तीन जांबाजों को इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बना देखकर दर्शकों का उत्साह और बढ़ गया। योगी सरकार के सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस आयोजन ने मनोरंजन से आगे बढ़कर युवाओं को राष्ट्रसेवा और अनुशासन का संदेश दिया। स्कूली बच्चों ने भारतीय वायुसेना की क्षमता, साहस और तकनीकी दक्षता को प्रत्यक्ष देखा। ऐसे आयोजनों के जरिए युवाओं में देश के प्रति जिम्मेदारी और रक्षा सेवाओं के प्रति रुचि बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

    1996 में बनी सूर्यकिरण, 52वें स्क्वाड्रन का हिस्सा
    सूर्यकिरण भारतीय वायुसेना की एयरोबैटिक प्रदर्शन टीम है और 52वें स्क्वाड्रन का हिस्सा है। इसकी स्थापना 1996 में हुई थी। टीम में 13 पायलट होते हैं, जबकि प्रदर्शन के दौरान नौ पायलट एक साथ उड़ान भरते हैं। लड़ाकू विमान उड़ाने का अनुभव रखने वाले पायलटों को टीम के लिए चुना जाता है। देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी हवाई कलाबाजियों से दर्शकों को रोमांचित कर चुकी सूर्यकिरण का मेरठ में यह पहला प्रदर्शन था। राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के अनुसार, मेरठ में एयर शो के आयोजन का प्रस्ताव 13 मई को भेजा गया था और 8 सितंबर को इसे आधिकारिक मंजूरी मिली।

    छात्र-छात्राओं में रोमांच, हर पल मोबाइल में कैद करने की होड़
    सूर्य किरण के विमानों ने जैसे ही आसमान में फॉर्मेशन बदला, स्कूली बच्चों में उत्साह की लहर दौड़ गई। कोई हाथ हिलाकर पायलटों का अभिवादन कर रहा था तो कोई मोबाइल कैमरा आसमान की ओर किए हर करतब रिकॉर्ड करने में जुटा था। एयर शो देखने आए अनुभव ने कहा, पहली बार इतनी नजदीक से लड़ाकू विमानों को उड़ते देखा। जब दो विमान आमने-सामने आए तो सच में सांस रुक गई। अब वह भी वायुसेना में कैरियर बनाना चाहते हैं। छात्रा अनन्या बोलीं, योगी सरकार ने युवाओं को वायुसेना से परिचित कराकर उनमें जोश भर दिया है। तिरंगे के रंगों वाली लकीरों के बीच विमानों की उड़ान देखकर बहुत गर्व हुआ। यह दिन स्कूल में पढ़े किसी भी अध्याय से ज्यादा याद रहेगा। युवाओं में हर रोमांचक पल को कैमरे में सहेजने की होड़ रही।

    ट्रैफिक-पार्किंग-पेयजल समेत पुख्ता रही समस्त व्यवस्था
    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने को देखते हुए जिला प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विशेष इंतजाम किए। वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई, जबकि दर्शकों की सुविधा के लिए पेयजल उपलब्ध कराया गया। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए मोहिउद्दीनपुर के आसपास 10 नॉटिकल मील यानी करीब 18.5 किलोमीटर क्षेत्र को 21 सितंबर तक अस्थायी रेड और नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में ड्रोन, रिमोट संचालित विमान, हॉट एयर बैलून और अन्य यूएवी उड़ाने पर प्रतिबंध रहेगा।

    एयर शो के दौरान राज्यसभा सांसद डॉ लक्ष्मीकांत वाजपेयी, जिलाधिकारी डॉ वीके सिंह, सीडीओ नुपूर गोयल, एडीएम सिटी, नगरायुक्त समेत सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

  • नियुक्ति पत्र पाकर खिले अभ्यर्थियों के चेहरे, मुख्यमंत्री योगी का जताया आभार

    नियुक्ति पत्र पाकर खिले अभ्यर्थियों के चेहरे, मुख्यमंत्री योगी का जताया आभार

    नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरे, अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री योगी का जताया आभार
     
    किसान की बेटी बनी प्रोफेसर, बोलीं- निष्पक्ष और पारदर्शी चयन ने युवाओं में भरा नया भरोसा
     
    फार्मासिस्ट और एक्स-रे टेक्नीशियन ने कहा- योग्यता के आधार पर मिली नौकरी, पूरी निष्ठा से निभाएंगे जिम्मेदारी
     
    लखनऊ

     लोकभवन सभागार में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) एवं उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा विभिन्न विभागीय पदों पर चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर नवचयनित अभ्यर्थियों के चेहरे खिल उठे। मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान अभ्यर्थियों ने निष्पक्ष और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के लिए उनका आभार जताया। किसी ने किसान परिवार से निकलकर प्रोफेसर बनने की अपनी यात्रा साझा की तो किसी ने बेटियों को सुरक्षा, सम्मान और रोजगार का अवसर मिलने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। अभ्यर्थियों ने कहा कि योग्यता के आधार पर हुए चयन से युवाओं में मेहनत के बल पर सरकारी सेवा में आने का भरोसा बढ़ा है।
     
    किसान की बेटी बोलीं- निष्पक्ष चयन से युवाओं में नई ऊर्जा
    हाथरस की डॉ. रेखा पलावत का लोक सेवा आयोग से प्रोफेसर शल्य तंत्र के पद पर चयन हुआ है। मुख्यमंत्री से संवाद में उन्होंने कहा कि उनके पिता किसान हैं और वह मध्यमवर्गीय परिवार से आती हैं। माता-पिता के कठिन परिश्रम से वह इस मुकाम तक पहुंची हैं। उन्होंने आवेदन से चयन और नियुक्ति तक की प्रक्रिया कम समय में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी और आयुष मंत्री का आभार जताया।
     
    डॉ. रेखा ने कहा कि मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशन में योग्यता के आधार पर परिणाम आने से अभ्यर्थियों में नई ऊर्जा और उत्साह आया है। अब युवाओं में यह विश्वास है कि सच्चे मन से मेहनत करेंगे तो सफलता जरूर मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि मिली जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाएंगी।
     
    अंशु ने मुख्यमंत्री को दिया पारदर्शी परीक्षा प्रणाली का श्रेय

    लखनऊ की अंशु गुप्ता का चयन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट के पद पर हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने अपनी खुशी साझा करते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली का श्रेय उन्हें दिया। अंशु ने कहा कि वर्ष 2022 से 2026 तक 800 से अधिक होम्योपैथिक फार्मासिस्टों का चयन हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री को विश्वास दिलाया कि अपने कर्तव्य का पूरी निष्ठा और ईमानदारी से पालन करेंगी।
     
    बेटियों को सुरक्षा, सम्मान और रोजगार के लिए जताया आभार
    एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर चयनित सरिता सोनी ने मुख्यमंत्री योगी और प्रदेश सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उनकी नियुक्ति निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया से हुई है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बेटियों को न केवल सुरक्षा और सम्मान से जीने का अवसर मिला है, बल्कि आगे बढ़ने के लिए रोजगार का अवसर भी मिला है। उन्होंने अपने दायित्व का निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन करने की बात कही।
     
    लखनऊ के अनुराग गौतम का भी एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर चयन हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री को दिल से धन्यवाद देते हुए पूरी निष्ठा से सेवा करने का भरोसा दिलाया।
     
    निष्पक्ष चयन पर सचिन ने मुख्यमंत्री को कहा धन्यवाद

    भदोही के सचिन कुमार सिंह का उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से वायरमैन अनुदेशक के पद पर चयन हुआ है। उन्हें आलापुर, अंबेडकरनगर में तैनाती मिली है। उन्होंने निष्पक्ष और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया और मिली जिम्मेदारी को ईमानदारी से निभाने की बात कही।
     
    प्रयागराज के महेश कुमार यादव का चयन प्लंबर अनुदेशक के पद पर हुआ है। उन्हें गोंडा में तैनाती मिली है। उन्होंने भी नियुक्ति मिलने पर आभार जताते हुए अपने दायित्व का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने का भरोसा दिया।
     
    पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया को दिया सफलता का श्रेय
    उद्योग विभाग में सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर चयनित दिलीप कुमार पांडे ने कहा कि उनकी सफलता केवल उनकी मेहनत का परिणाम नहीं है। इसमें माता-पिता, शिक्षकों और उत्तर प्रदेश सरकार की पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया का भी योगदान है। उन्होंने इस दिन को अपने लिए ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री का हृदय से आभार जताया।
     
    सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर चयनित यशवंत सिंह ने भी नियुक्ति मिलने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
     
    इन्हें मुख्यमंत्री के हाथों मिले नियुक्ति पत्र
    आयुष विभाग में डॉ. सुधीर चौहान को प्रोफेसर होम्योपैथ, आराधना चौधरी, रोशनी, प्रिंसी गुप्ता, साक्षी सिंह, पल्लवी देवी और आकाश शुक्ला को फार्मासिस्ट होम्योपैथ, डॉ. हिमानी और डॉ. रोमा आनंद को रीडर आयुर्वेद तथा डॉ. सफिया बानो और डॉ. मोहम्मद कासिफ को प्रवक्ता यूनानी के पद पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
     
    चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में प्रिंस सिंह, पंकज कुमार वर्मा, शिवानंद शुक्ल, मोहम्मद अफरोज, ट्विंकल पटेल, सरिता सोनी, सविता देवी और अनुराग गौतम को एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर नियुक्ति पत्र मिले। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग में तृप्ति श्रीवास्तव और ललित कुमार वर्मा को सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।

  • यूपी में आपदा प्रभावितों को 249.76 करोड़ की राहत, 1 अप्रैल से 18 सितंबर तक दी गई सहायता

    यूपी में आपदा प्रभावितों को 249.76 करोड़ की राहत, 1 अप्रैल से 18 सितंबर तक दी गई सहायता

    01 अप्रैल से 18 सितंबर तक आपदाओं से प्रभावित लोगों को दी गई 249.76 करोड़ रुपये की सहायता

    आपदा प्रभावितों को शीघ्र राहत देने के लिए योगी सरकार की संवेदनशील पहल

    किसानों की फसल, क्षतिग्रस्त मकानों और पशुहानि के मामलों में भी प्रभावित परिवारों को जल्द मिली आर्थिक मदद

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश में विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों और परिवारों को समय पर राहत पहुंचाने के लिए योगी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। प्रदेश में अतिवृष्टि, वज्रपात, सर्पदंश, बाढ़, मानव-वन्यजीव द्वंद्व, ओलावृष्टि, डूबने की घटनाओं, अग्निकांड और आंधी-तूफान जैसी विभिन्न आपदाओं से प्रभावित लोगों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, 01 अप्रैल 2026 से 18 सितंबर 2026 तक विभिन्न आपदाओं से बचाव और राहत के लिए उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों को अलग-अलग मदों में कुल 249.76 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। 

    राज्य सरकार की ओर से घोषित विभिन्न आपदाओं में राहत के लिए अब तक 206.19 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। वहीं, ओलावृष्टि से हुए नुकसान के सापेक्ष राहत के लिए 111.67 करोड़ रुपये, बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 114.04 करोड़ रुपये और अग्निकांड से प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए 36.85 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। सरकार की ओर से अलग-अलग आपदाओं की प्रकृति और नुकसान के अनुसार राहत राशि उपलब्ध कराई जा रही है।

    जनहानि से प्रभावित परिवारों को 156.92 करोड़ रुपये की सहायता

    वज्रपात, सर्पदंश, डूबने, आंधी-तूफान, मानव-वन्यजीव द्वंद्व, अग्निकांड और अतिवृष्टि से हुई जनहानि के मामलों में प्रभावित परिवारों और परिजनों को भी राहत सहायता दी गई है। ऐसे मामलों में अब तक 156.92 करोड़ रुपये की राहत सहायता वितरित की जा चुकी है।

    फसल क्षति के लिए 1.16 लाख किसानों को 72.31 करोड़ रुपये वितरित

    योगी सरकार की राहत व्यवस्था में किसानों को भी प्रमुखता से शामिल किया गया है। ओलावृष्टि, बाढ़, अतिवृष्टि और अग्निकांड से प्रभावित 1,16,000 किसानों की फसल क्षति के सापेक्ष अब तक 72.31 करोड़ रुपये की राहत सहायता वितरित की जा चुकी है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल बर्बाद होने से प्रभावित किसानों को इस सहायता से आर्थिक राहत मिली है।

    इसी तरह बाढ़, अतिवृष्टि, अग्निकांड, आंधी-तूफान और वज्रपात से क्षतिग्रस्त 23,595 मकानों के सापेक्ष प्रभावित लोगों को 15.09 करोड़ रुपये की राहत सहायता दी जा चुकी है। सरकार ने पशुहानि के मामलों में भी प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है। अग्निकांड, वज्रपात, आंधी-तूफान, सर्पदंश और अतिवृष्टि से हुई कुल 1,519 पशुहानि के सापेक्ष 5.25 करोड़ रुपये की राहत सहायता वितरित की गई है।

    आपदाओं के दौरान घायल हुए लोगों को भी राहत सहायता प्रदान की गई है। आंधी-तूफान, ओलावृष्टि, अग्निकांड, वज्रपात और मानव-वन्यजीव द्वंद्व से घायल हुए कुल 183 लोगों को 19.90 लाख रुपये की राहत सहायता वितरित की जा चुकी है। इस प्रकार, 01 अप्रैल से 18 सितंबर 2026 तक प्रदेश में विभिन्न आपदाओं से प्रभावित लोगों और परिवारों को कुल 249.76 करोड़ रुपये की राहत सहायता वितरित की जा चुकी है। इसमें जनहानि से प्रभावित परिवारों, फसल क्षति झेलने वाले किसानों, मकान क्षति के मामलों, पशुहानि से प्रभावित लोगों और आपदाओं में घायल हुए लोगों को शामिल किया गया है।

    योगी सरकार की ओर से आपदा प्रभावितों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे इन प्रयासों का उद्देश्य संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहारा देना है। विभिन्न प्रकार की आपदाओं के लिए अलग-अलग मदों में धनराशि जारी करने और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने की व्यवस्था के माध्यम से सरकार ने आपदा के बाद लोगों को संभालने और उनके नुकसान को कम करने पर जोर दिया है।

  • PM सूर्य घर योजना में ऋण वितरण की रफ्तार बढ़ाने पर जोर, आवेदनों का समयबद्ध निपटारा

    PM सूर्य घर योजना में ऋण वितरण की रफ्तार बढ़ाने पर जोर, आवेदनों का समयबद्ध निपटारा

    पीएम सूर्य घर योजना में ऋण वितरण की गति बढ़ाने पर जोर

    पात्र उपभोक्ताओं के आवेदनों का समयबद्ध प्रक्रिया को किया जाए सुनिश्चित

    यूपी नेडा निदेशक ने पीएसयू बैंकों को दिए निर्देश

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सोलर रूफटॉप उपभोक्ताओं को समयबद्ध ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यूपी नेडा के निदेशक की अध्यक्षता में प्रमुख पीएसयू बैंकों, आरईसी, एसएलबीसी एवं संबंधित हितधारकों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
        यूपी नेडा के निदेशक रविन्दर सिंह ने सभी बैंकों को निर्देशित किया कि ऋण आवेदनों के अनावश्यक रिजेक्शन को न्यूनतम किया जाए। पात्र उपभोक्ताओं के आवेदनों का समयबद्ध प्रक्रिया एवं स्वीकृति सुनिश्चित किया जाए। स्वीकृत ऋण का शीघ्र वितरण किया जाए, ताकि रूफटॉप सोलर की स्थापना में देरी न हो। लंबित मामलों की नियमित बैंकवार समीक्षा कर उनका शीघ्र निस्तारण किया जाए। बैठक में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत लंबित ऋण आवेदनों, ऋण स्वीकृति, दस्तावेजी प्रक्रिया एवं ऋण वितरण की स्थिति की समीक्षा की गई।
         पीएम सूर्य घर योजना के पोर्टल एवं जन सार्मथ्य से संबंधित प्रक्रियात्मक समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाए। बैठक में एसएलबीसी के माध्यम से बैंकों के साथ नियमित समन्वय एवं लंबित प्रकरणों की मॉनिटरिंग को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। आरईसी एवं संबंधित हितधारकों से बैंकिंग प्रक्रिया में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के समाधान में सहयोग का आग्रह किया गया।
        इससे पूर्व,  बैठक में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत लंबित ऋण आवेदनों, ऋण स्वीकृति, दस्तावेजी प्रक्रिया एवं ऋण वितरण की स्थिति की समीक्षा की गई। यूपी नेडा का उद्देश्य है कि सौर ऊर्जा अपनाने के इच्छुक प्रत्येक पात्र परिवार को आसान, पारदर्शी और समयबद्ध ऋण सुविधा उपलब्ध हो, जिससे उत्तर प्रदेश में पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर स्थापना की गति और तेज हो सके।
        बैठक में भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया,.इंडियन बैंक, यूको बैंक सहित प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों तथा एसएलबीसी एवं आरईसी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

  • नंदीग्राम से कांग्रेस प्रत्याशी को झटका, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

    नंदीग्राम से कांग्रेस प्रत्याशी को झटका, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

    कलकत्ता

    पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम हुआ है। नंदीग्राम से कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। कल ममता बनर्जी द्वारा कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन दिए जाने के बाद गिरफ्तारी की गई थी। अब इस मामले में अदालत ने कांग्रेस प्रत्याशी को 3 अक्तूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। बता दें, पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के लिए 6 अक्तूबर को वोटिंग होगी।

    पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा उप चुनाव के लिए ममता गुट की तरफ से पहले संचिता प्रधान डे ने नामांकन दाखिल किया था। लेकिन शुक्रवार को सीएम शुभेंदु अधिकारी के साथ मुलाकात करने के बाद संचिता ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद ममता बनर्जी ने खुलकर कांग्रेस प्रत्याशी को अपना समर्थन देने का ऐलान किया। हालांकि, कुछ देर बाद ही कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को एक 2007 के मर्डर के केस में गिरफ्तार कर लिया गया। ममता बनर्जी और कांग्रेस ने गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाया और इसे भाजपा की बदले की राजनीति करार दिया।

    प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर पीटीआई से बात करते हुए एक पुलिस अधिकारी ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया, "प्रधान को 2007 में दर्ज चार मामलों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था… ये मामले दंगा, हत्या और आपराधिक धमकी से जुड़े हैं। इनमें तीन नंदीग्राम और एक खेजुरी थाने में दर्ज मामले शामिल हैं। ये मामले भारतीय दंड संहिता (IPC) और शस्त्र अधिनियम की धाराओं के तहत दर्ज किए गए थे। उन्हें आज हल्दिया के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा।''

    फरार थे मिलन प्रधान- पश्चिम बंगाल पुलिस
    पश्चिम बंगाल पुलिस ने शनिवार को कहा कि प्रधान ''फरार'' थे और उन्हें काफी समय से लंबित चार गैर-जमानती वारंट के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है। राज्य पुलिस ने एक बयान में कहा, ''गिरफ्तार व्यक्ति के खिलाफ दर्ज मामलों में हत्या, हत्या की कोशिश, हत्या के इरादे से अपहरण, सबूत मिटाना, घर में जबरन घुसना और घातक हथियारों का इस्तेमाल कर दंगा करने जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। कुछ मामलों में शस्त्र अधिनियम के प्रावधान भी लगाए गए हैं।''

    पुलिस ने कहा, ''प्रधान 2007 से फरार थे और इन मामलों में उन्हें फरार घोषित करते हुए आरोप-पत्र दायर किया गया था। वारंट तामील करने के संबंध में पूर्व में बार-बार किए गए प्रयास विफल रहने और समय-समय पर अदालतों में वारंट तामील नहीं होने की रिपोर्ट दी जाती रही है।'' पुलिस ने बताया कि यह गिरफ्तारी काफी समय से लंबित गैर-जमानती वारंट को तामील कराने के लिए चलाए गए एक विशेष अभियान के दौरान की गई।

    नंदीग्राम उप चुनाव के दौरान ही क्यों किया गया गिरफ्तार?
    पुलिस के अनुसार, ''चुनाव और उपचुनाव के दौरान भारत निर्वाचन आयोग की ओर से इस तरह की कार्रवाई के लिए स्थायी निर्देश जारी होते हैं। एक विशेष अभियान के तहत इन निर्देशों का पालन करते हुए प्रधान की गिरफ्तारी होना एक कानूनी कार्रवाई है।''

    प्रधान को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने छह अक्टूबर को होने वाले नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस को अपनी पार्टी का समर्थन देने की घोषणा की थी, क्योंकि उनके उम्मीदवार ने चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया था। प्रधान की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष शुभांकर सरकार ने कहा कि पार्टी को इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया और उन्हें कहां रखा गया है। सरकार ने शुक्रवार शाम कहा, ''हमें पता चला कि उन्हें हत्या के एक मामले में हिरासत में लिया गया है, लेकिन हमें इसके बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। मिलन (प्रधान) उन नेताओं में शामिल थे, जो नंदीग्राम आंदोलन में सबसे आगे थे और उनपर कई मामले दर्ज किए गए थे। लेकिन, आज उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया?''