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  • अखिलेश ने आंबेडकर और दलितों को मिटाया, योगी जी ने दिया सम्मान: एमएलसी

    अखिलेश ने आंबेडकर और दलितों को मिटाया, योगी जी ने दिया सम्मान: एमएलसी

    लखनऊ
    विधान परिषद सदस्य व उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने 2012 से 2017 तक अखिलेश यादव की सपा सरकार के कार्यकाल को सबसे घटिया बताया, कहा-इसमें खूब दलित उत्पीड़न हुए। इनके कार्यकाल में दो लाख दलित अधिकारी रिवर्ट कर दिए गए थे। इन्होंने नई राजस्व संहिता बनाकर दलितों को जमीन आवंटन में मिलने वाली प्राथमिकता को समाप्त कर दिया और इनके सजातीय बंधुओं ने दलितों की जमीनों पर कब्जा कर लिया।

    डॉ. निर्मल ने आरोप लगाया कि सपा शासन में डॉ. आंबेडकर की मूर्तियों को तोड़ा गया। लखनऊ में इनके कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की प्रतिमा की गर्दन उड़ा दी थी। गाजियाबाद में हज हाउस के उद्घाटन में इनके चहेते मंत्री आजम खान ने डॉ. आंबेडकर को भूमाफिया कहा और रामपुर तारामंडल से डॉ. आंबेडकर का नाम मिटा दिया।

    एमएलसी ने कहा कि सपा स्थापना काल से ही दलित विरोधी रही है, इसीलिए इन्होंने सार्वजनिक रूप से दलितों के प्रोन्नति में आरक्षण का विरोध किया और लोकसभा में आरक्षण का बिल फाड़ डाला। अपनी सरकार में इन्होंने ठेकेदारी और आउटसोर्स में दलितों का आरक्षण समाप्त कर दिया।

    डॉ. निर्मल ने सपा और भाजपा सरकार की तुलना की। कहा कि अखिलेश यादव ने आंबेडकर और दलितों को मिटाया तो योगी जी ने उन्हें इन्हें सम्मान दिलाया और दलितों का सशक्तिकरण किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव द्वारा समाप्त किए गए  संत रविदास नगर भदोही की बहाली की। कन्नौज मेडिकल कालेज का नाम पुनः डॉ. आंबेडकर के नाम से बहाल किया। उनकी प्रतिमाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए 403 करोड़ रुपये का बजट अवमुक्त किया।  योगी जी ने दलितों की मांग पर ऐशबाग में डॉ. आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना भी की ।

  • बलूचिस्तान में सेना की बड़ी कार्रवाई, 5 उग्रवादी ढेर; 23 बंधकों को कराया गया मुक्त

    बलूचिस्तान में सेना की बड़ी कार्रवाई, 5 उग्रवादी ढेर; 23 बंधकों को कराया गया मुक्त

    क्वेटा
    बलूचिस्तान में लगातार हालात बिगड़ रहे हैं। स्थानीय लड़ाकों से संघर्ष कर रही पाकिस्तानी सेना ने एक अभियान के दौरान 5 उग्रवादियों को मार गिराया है। पाकिस्तान सेना के मुताबिक, यह उग्रवादी करीब 23 लोगों को बंधक बनाने की कोशिश कर रहे हैं। सुरक्षा बलों ने फुर्ती दिखाते हुए इनकी चाल को नाकाम कर दिया। पाकिस्तान सेना ने एक बयान में कहा कि आतंकवादियों ने फिरौती के लिए अपहरण, जबरन वसूली और गाड़ियां छीनने के मकसद से एक चेक पोस्ट बनाया था।

    पाकिस्तानी सेना के मुताबिक यह घटना 18 सितंबर को रात में उस वक्त हुई जब उग्रवादियों ने कलात के पास चमन-कराची एन-25 राजमार्ग पर लोगों की शांतिपूर्ण आवाजाही में बाधा डालने की कोशिश की। इसके बाद सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में करीब 5 उग्रवादी मारे गए। इसके साथ ही उनके द्वारा अगवा किए गए 23 लोगों को भी छुड़ा लिया गया।

    बलूचिस्तान से 23 लोगों को रिहा कराया गया- पाकिस्तान सेना
    पाकिस्तान सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने कहा, ''सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई की और जबरदस्त गोलीबारी के बाद सशस्त्र बलों की प्रभावी जवाबी कार्रवाई में पांच उग्रवादी मारे गए।'' उग्रवादियों के ठिकाने से छह ट्रक, तीन बस और दो कार सहित भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक भी बरामद किए गए।

    आतंक विरोधी अभियान लगातार जारी- पाकिस्तान सेना
    आईएसपीआर ने कहा कि इलाके में बचे हुए किसी भी उग्रवादी को खत्म करने और स्थानीय आबादी तथा महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान जारी है। बता दें, पाकिस्तान आतंकवाद-विरोधी अभियान चला रहा है। बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा समेत कई इलाकों में पाकिस्तानी सेना पूरी तरह से घिरी हुई है। लगातार होते संघर्ष के बीच बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सेना के जवान भी मारे जा रहे हैं।

    बलूचिस्तान की आजादी के लिए लड़ रहे लड़ाके लगातार पाकिस्तानी सेना के लिए चुनौतियां बढ़ा रहे हैं, जिसके कारण पाकिस्तानी सेना ने ने आतंकवाद-विरोधी अभियानों को तेज कर दिया है। हालांकि, इस अभियान के बीच पाकिस्तानी सेना लगातार वहां के आम नागरिकों के ऊपर भी अत्याचार करती हुई नजर आता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक आजादी के बाद से लेकर अभी तक पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान क्षेत्र में लाखों लोगों को मौत के घाट उतार दिया है।

  • उत्तर कोरिया ने फिर दागी बैलिस्टिक मिसाइल, जापान के स्पेशल इकोनॉमिक जोन के बाहर गिरी

    उत्तर कोरिया ने फिर दागी बैलिस्टिक मिसाइल, जापान के स्पेशल इकोनॉमिक जोन के बाहर गिरी

    प्योंगयांग
    उत्तर कोरिया ने रविवार को कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्व में समुद्र की ओर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी. जापान के रक्षा मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी. दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उत्तर कोरिया ने एक अननोन प्रोजेक्टाइल दागा. जापान की सरकारी मीडिया एजेंसी NHK के मुताबिक, यह जापान के स्पेशल इकोनॉमिक जोन के बाहर जाकर गिरा.

    रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इससे एक दिन पहले उत्तर कोरिया ने प्योंगयांग के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निगरानी संगठन के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था. यह बयान सरकारी मीडिया पर पढ़कर सुनाया गया. पिछले सप्ताह उत्तर कोरिया ने अमेरिका की अगुवाई में हुए नौसैनिक अभ्यास की भी निंदा की थी. इस अभ्यास में दक्षिण कोरिया और जापान शामिल थे और यह 29 अगस्त से 10 सितंबर तक गुआम के पास चला था.

    उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने शुक्रवार को अमेरिका की अगुवाई वाले सैन्य अभ्यासों को कोरियाई प्रायद्वीप में लगातार बिगड़ते तनाव के लिए जिम्मेदार ठहराया था. उन्होंने कहा था कि देश अपने परमाणु हथियारों को मजबूत करने की दिशा में अपनी नीति में कोई बदलाव नहीं करेगा.

    सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई
    उत्तर कोरिया के मिसाइल लॉन्च की खबरों के बाद दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने रविवार को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (NSC) की बैठक बुलाई. रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने वॉनसान इलाके से पूर्वी सागर की ओर कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं.

    दक्षिण कोरिया ने इस लॉन्च की निंदा की. यह करीब एक सप्ताह में उत्तर कोरिया का दूसरा मिसाइल परीक्षण था. इससे पहले 12 सितंबर को भी परीक्षण किया गया था. NSC ने प्योंगयांग से तुरंत मिसाइल गतिविधियां रोकने की अपील की और कहा कि यह परीक्षण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का सीधा उल्लंघन है.

  • ‘मां राजनीति का विषय नहीं’, राहुल गांधी के वीडियो पर BJP का पलटवार

    ‘मां राजनीति का विषय नहीं’, राहुल गांधी के वीडियो पर BJP का पलटवार

    इंदौर/नई दिल्ली.

    शनिवार को इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में एक कॉमेडियन द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नकल करने को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच जुबानी जंग हुई. छात्रों पर केंद्रित इस कार्यक्रम में स्टैंडअप कॉमेडियन पुलकित मणि मंच पर आए और मोदी के हाव-भाव और विदेशी नेताओं से बात करने के उनके अंदाज की नकल की.

    इस प्रस्तुति में मोदी की विदेश नीति, उनकी मां और बच्चों के साथ प्रधानमंत्री द्वारा किए गए सिक्के के एक ट्रिक का ज़िक्र किया गया. मणि ने मोदी के विदेशी नेताओं के साथ बातचीत की नकल करते हुए बार-बार “my friend” का इस्तेमाल किया. उन्होंने प्रधानमंत्री का नाम लिए बिना कहा, “My friend, how are you?” लोकसभा में विपक्ष के नेता ने जवाब दिया, “I am fine, how are you Modi ji?” मणि ने जवाब दिया, “Great harassment” और मोदी के हाव-भाव को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाते हुए “my friend” का इस्तेमाल जारी रखा. इस प्रस्तुति में गलगोटियास यूनिवर्सिटी और इंडिया ग्लोबल AI समिट में यूनिवर्सिटी द्वारा दिखाई गई चीनी ह्यूमनॉइड रोबोट को लेकर हुए विवाद का भी ज़िक्र किया गया.
    इसके बाद गांधी ने कहा, “Very nice to meet you,” और मणि से कहा कि “tell me more”. इसके बाद कॉमेडियन ने प्रधानमंत्री की मां का ज़िक्र करते हुए हंसते हुए और मोदी की नकल करते हुए कहा, “मां को कुर्सी दो, मां.” इसके बाद उन्होंने कहा, “Setting, my friend.”

    मणि ने बच्चों के साथ बातचीत के दौरान मोदी द्वारा किए गए सिक्के के एक ट्रिक की भी नकल की. उन्होंने सिक्का अपने माथे पर रखा, जिस पर दर्शकों ने जोरदार तालियां और आवाज़ें लगाईं. कांग्रेस ने इस बातचीत के वीडियो क्लिप एक्स पर बड़े पैमाने पर शेयर किए. इसके आधिकारिक हैंडल ने एक वीडियो को “Narendra Modi ki Foreign Policy” कैप्शन के साथ पोस्ट किया, जबकि दूसरे पर लिखा था, “My friend!! Great Harassment!!” कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने भी वीडियो शेयर किया और लिखा: “इंदौर में हंसने वाला स्मार्ट व्यक्ति आया, माथे पर सिक्का चिपकाया और ‘great harassment’ का शानदार शो किया.” इसके बाद BJP ने गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा,

    खासकर मोदी की दिवंगत मां के जिक्र को लेकर. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर लिखा: “माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की दिवंगत मां के बारे में आपत्तिजनक शब्द बोले जाना और राहुल गांधी का उस पर हंसना बेहद शर्मनाक और दुखद है.” उन्होंने कहा, “मां राजनीति का विषय नहीं है. किसी मां का अपमान किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता.” धामी ने आगे कहा, “प्रधानमंत्री जी की दिवंगत मां के बारे में की गई अभद्र टिप्पणियों पर हंसना आपकी अपनी राजनीतिक संस्कृति को उजागर करता है. राहुल गांधी जी, राजनीतिक विरोध में शालीनता की सभी सीमाएं पार करना न तो लोकतंत्र है, न सेवा है और न संस्कृति. देश की मातृशक्ति सब कुछ देख रही है. ऐसी संवेदनहीनता और मजाक किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता.”

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका “गैर-जिम्मेदार रवैया बेहद शर्मनाक, निंदनीय और अनुचित है”. यादव ने कहा, “हमारे देश की संस्कृति और माताओं के सम्मान का अपमान करके उन्होंने युवाओं के भविष्य को गलत दिशा में ले जाने को बढ़ावा दिया है.” CM ने कहा कि प्रधानमंत्री की मां का “अपमान” देश की सभी माताओं का “अपमान” है और उन्होंने गांधी से माफी मांगने की मांग की. यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी की सार्वजनिक छवि का इस्तेमाल व्यंग्य के लिए किया है. अगस्त में कांग्रेस के एक कार्यक्रम में गांधी ने मोदी की विदेश नीति पर निशाना साधते हुए पार्टी नेता संदीप दीक्षित को गले लगाया था. दीक्षित ने मज़ाक करते हुए कहा था, “आप मुझे गले लगाते समय यह तो नहीं सोच रहे थे कि मैं मेलोनी हूं?” गांधी ने जवाब दिया था, “मैं अभी उस स्तर तक नहीं पहुंचा हूं.” BJP ने इस बातचीत की आलोचना की थी.

    दोनों पार्टियों के बीच सोशल मीडिया पर भी व्यापक लड़ाई चल रही है, जिसमें AI से बनाई गई तस्वीरों को लेकर विवाद भी शामिल है. इस महीने की शुरुआत में कांग्रेस की केरल इकाई ने BJP नेताओं को निशाना बनाते हुए AI से बनाई गई तस्वीरें शेयर की थीं. इनमें एक तस्वीर में अमित शाह जैसे दिखने वाले व्यक्ति को Maruti Omni में बैठे हुए दिखाया गया था और दूसरी में मोदी को रेलवे स्टेशन पर दिखाया गया था. इसके बाद गुजरात, केरल और तेलंगाना की BJP इकाइयों ने सोनिया गांधी को निशाना बनाते हुए AI से बनाई गई कई तस्वीरें शेयर कीं. तेलंगाना BJP की एक पोस्ट में एक महिला को बार में दिखाया गया था और कैप्शन था, “Lusiana, Italy. Circa-1970s”, जिसमें सोनिया गांधी के जन्मस्थान का जिक्र किया गया था. इसके बाद कांग्रेस ने कहा है कि वह कुछ पोस्ट के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है.

  • ‘हिंदी-चीनी भाई-भाई’ से दुश्मनी तक, तिब्बत और दलाई लामा ने कैसे बदले भारत-चीन रिश्ते?

    ‘हिंदी-चीनी भाई-भाई’ से दुश्मनी तक, तिब्बत और दलाई लामा ने कैसे बदले भारत-चीन रिश्ते?

    नई दिल्ली
     एक दौर था जब 'हिंदी-चीनी भाई-भाई' के नारे दिए जाते थे। आज के समय में परिस्थिति बिल्कुल बदल चुकी है। दोनों ही देशों के संबंध काफी खराब हो चुके हैं। आखिर ऐसी क्या वजह रही जिसके कारण दोनों देशों के रिश्ते ऐसे हो गए कि सात वर्षों के बाद चीन के राष्ट्रपति अपने पड़ोसी देश की यात्रा पर आए। ऐसा कहा जाता है कि दोनों देशों के संबंधों में खटास की शुरुआत दलाई लामा की वजह से होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि दलाई लामा (Dalai Lama) ने दुनिभर के मंचों से तिब्बत की आवाज बुलंद की है। यह बात चीन को रास नहीं आती है।

    यूट्यूबर शुभांकर मिश्रा के साथ एक पॉडकास्ट के दौरान भारत के पूर्व डिप्लोमैट रिटायर आईएफएस ऑफिसर अशोक सज्जनहार ने इस मुद्दे को विस्तार से समझाया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या तिब्बत के कारण से भारत और चीन के संबंध बिगड़े हैं तो उन्होंने विस्तार से जवाब दिया है। उन्होंने कहा, भारत-चीन के रिश्ते पहले ऐसे नहीं थे। तिब्बत कभी भी चीन का हिस्सा नहीं था। 1954 में एक समझौते के तहत चीन ने इसे हथिया लिया। आज भी वह अरुणाचल प्रदेश के एक बड़े हिस्से को तिब्बत का बताकर उसपर अपना अधिकार जमाने की कोशिश करता है।

    इसके पीछे के कारणों के समझाते हुए उन्होंने कहा कि जब-जब चीन की आर्थिक स्थिति मजबूत होती जाती है, तब-तब वह अपनी विस्तारवाद की नीति को बढ़ावा देता है। आज के समय में चीन की जीडीपी भारत की तुलना में पांच गुना अधिक है।

    असुरक्षित महसूस करता है चीन
    अशोक सज्जनहार कहते हैं कि- दोनों देशों के बीच तिब्बत एक मसला है। भारत ने दलाई लामा को पनाह दी हुई है। चीन दलाई लामा को अलगाववादी नेता मानता है। चीन का मानना है कि दलाई लामा तिब्बत को चीन से अलग करना चाहते हैं। जबकि दलाई लामा ने साफ शब्दों में कहा है कि उनका ऐसा कोई इरादा नहीं है। दलाई लामा बस चाहते हैं कि उनकी सभ्यता, संस्कृति और भाषा को संरक्षित किया जाए जो कि ऐसा हो नहीं हो रहा है। चीन तिब्बत की पहचान को ही खत्म करना चाहता है चीन। दलाई लामा इसका विरोध कर रहे हैं। चीन खुद को लेकर बहुत असुरक्षित महसूस करता है। इसलिए वह विस्तारवाद की नीति अपनाए हुए है।

    जिनपिंग और मोदी में क्या हुई बात?
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात को लेकर उन्होंने कहा कि यह समय की मांग थी और तीनों ही देशों को इसकी जरूरत थी। जब उनसे पूछा गया कि जब बड़े कार्यक्रमों में दुनिया के दिग्गज नेताओं की मुलाकात होती है तो कैसा माहौल होता है। उन्होंने समझाते हुए कहा- जब कार्यक्रम की शुरुआत होती है तो होस्ट ओपनिग स्टेटमेंट देता है। इसके बाद आगंतुकों को बुलाया जाता है। मुद्दों पर निर्भर करता है कि आखिर माहौल कैसा होता है। सामान्य रूप से तो दोनों देशों के मंत्रियों और अधिकारियों के स्तर पर आपसी सहमति बन जाती है। अगर उनसे कुछ मुद्दों का समाधान नहीं हो पाता है तो दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्ष उसपर बात करते हैं और समाधान निकालने की कोशिश करते हैं। उसमें सियासी पहलुओं पर भी ध्यान देना पड़ता है

    उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि अगर ट्रंप जैसे नेताओं के साथ बैठक होती हैं तो उस दौरान कुछ भी हो सकता है। सामान्यत: बैठक काफी शांति माहौल में होती है। मुद्दों को सुलझाने की कोशिश की जाती है।

    डिनर में क्यों नहीं आए जिनपिंग?
    शी जिनपिंग की यात्रा पर उन्होंने कहा कि डिनर में नहीं आना सामान्य बात है। वह थके हुए थे। वह उसी दिन आए और सीधे ही भारत मंडपम गए। उन्हें आराम का मौका नहीं मिला। दिनभर मीटिंग चलती रही। मैसेजिंग देने की बात होती तो चीन की तरफ से कुछ न कुछ कहा जाता। अगर ऐसा होता तो वह भारत की यात्रा पर ही नहीं आते।

  • CM योगी ने 912 युवाओं को बांटे नियुक्ति पत्र, बोले- अगले 6 महीने में 1 लाख नौकरियां देंगे

    CM योगी ने 912 युवाओं को बांटे नियुक्ति पत्र, बोले- अगले 6 महीने में 1 लाख नौकरियां देंगे

    लखनऊ
    यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज 912 युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटें। रविवार को कार्यक्रम राजधानी लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित किया गया। सीएम योगी ने पुलिस विभाग के 912 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए। इन अभ्यर्थियों को यूपी पुलिस में नौकरी मिली है। इस कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना समेत अन्य मौजूद रहे। चयनित अभ्यर्थियों में पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय), पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) और पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) के पद शामिल हैं। नियुक्ति पत्र पाने वाले चयनित युवा यूपी पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं देंगे।

    इस दौरान सीएम योगी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 2017 से पहले भर्ती प्रक्रिया को लेकर युवाओं में निराशा थी। हर जगह भाई-भतीजावाद हावी था। भर्ती में बिना शामिल हुए भी नौकरी मिल जाती थी। 2017 के बाद हमारी सरकार ने इसमें बदलाव किया। ग्रुप सी और डी पर हमने साक्षात्कार की व्यवस्था खत्म कर दी। पहले साक्षात्कार में खेल कर दिया जाता था। हमने इस चरण को ही खत्म कर दिया। सारे पद पहले जैसे ही हैं, सिर्फ काम करने का तरीका बदला है। पहले हर दूसरे दिन दंगे होते थे। महीनो-महीनो कर्फ्यू रहता था। मुजफ्फरनगर में तो छह महीने दंगे होते रहे। कोसीकलां से शुरू होता था दंगा। माफिया का काफिला आने पर ज्यूडिशरी के अधिकारियों का भी काफिला रोक दिया जाता था। पहले माफिया निकलता था। आज भला कोई असलहा लहरा सकता है, आज कोई त्योहारों के पहले दंगा कर सकता है।

    सीएम योगी ने महाकुंभ का जिक्र करते हुए कहा कि 66 करोड़ श्रद्धालु आए। लोग उनसे बोलते थे कुछ तो गलत बोलिए, वो लोग कहते थे खाक कुछ बोले, इतनी अच्छी व्यवस्था है। 2017 से पहले जिनके पास क्षमता थी, वो यूपी से बाहर बेटियों को रखते थे। जिनके पास क्षमता नहीं होती थी, वो घर में ही रखते थे। आज कोई शोहदा बेटी को छेड़ नहीं सकता। उसको अंजाम पता है। यदि वह ऐसी हरकत करता है तो वह अपने डेथ सेंटेंस पर खुद साइन कर रहा है। आज यूपी पुलिस के मॉडल की चर्चा होती है। लोग कहते हैं कि अब दंगा नहीं होता है। सीएम ने सपा पर तंज कसा कि आज हम दंगों की मॉक ड्रिल कराते हैं, ताकि लोग भूल न जाएं।

    सीएम योगी ने अंत में ये भी कहा कि यूपी सरकार अगले छह महीने में एक लाख नौकरियां देगी। सीएम योगी ने कहा कि आज यूपी उन राज्यों में शामिल है जो कह सकता है कि वह रेवेन्यू सरप्लस है। हमने 9.5 साल में 9.5 लाख युवाओं को नौकरी दी है। आज यूपी के नागरिकों के सामने पहचान का संकट नहीं है।

  • ट्रंप ने अचानक कैंप डेविड दौरा बीच में छोड़ा, वॉशिंगटन लौटे; पश्चिम एशिया में बढ़ी हलचल

    ट्रंप ने अचानक कैंप डेविड दौरा बीच में छोड़ा, वॉशिंगटन लौटे; पश्चिम एशिया में बढ़ी हलचल

     वॉशिंगटन
    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपना वीकेंड ट्रिप एक दिन पहले ही बीच में ही रद कर दिया और शनिवार शाम को अचानक वॉशिंगटन डीसी लौट आए।

    व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक वीडियो में उन्हें मरीन वन से उतरते हुए देखा गया। हालांकि, उनके अचानक लौटने की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है, क्योंकि उनका कैंप डेविड में रविवार तक रुकने का कार्यक्रम था।

    समझिए क्यों मचा है हड़कंप?
    बता दें कि राष्ट्रपति ट्रंप की यह वापसी ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिकी विदेश विभाग ने शनिवार को पश्चिम एशिया को लेकर एक नया सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। विभाग ने वहां मौजूद अमेरिकी नागरिकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने और संभावित यात्रा बाधाओं के लिए तैयार रहने की सलाह दी है।

    सऊदी अरब पर मिसाइल हमला
    दूसरी तरफ शनिवार को ही सऊदी अरब ने इस बात की पुष्टि की कि यमन के हूती विद्रोही गुट ने उसकी राजधानी रियाद को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाने की कोशिश की थी।

    हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने दावा किया कि उन्होंने सऊदी राजधानी रियाद और यानबू में स्थित तेल कंपनी अरामको की सुविधाओं को निशाना बनाने के लिए कई मिसाइलों और ड्रोन्स का इस्तेमाल किया। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के साथ चल रहे संघर्ष के बीच रियाद को निशाना बनाने की यह हालिया घटना है।

    यात्रियों के लिए जारी की चेतावनी
    इसके अलावा विदेश विभाग की चेतावनी में कहा गया है कि यह सैन्य संघर्ष तेजी से बढ़ सकता है, इसलिए अमेरिकी नागरिकों को पश्चिम एशिया की यात्रा पर जाने से बचना चाहिए। साथ ही, जो लोग पहले से वहां हैं, उन्हें एयरपोर्ट और उड़ानों से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

     

  • सीधी में धर्म परिवर्तन के आरोप में 3 लोगों पर केस, प्रचार सामग्री जब्त

    सीधी में धर्म परिवर्तन के आरोप में 3 लोगों पर केस, प्रचार सामग्री जब्त

    सीधी.

    धर्म परिवर्तन को लेकर मिली शिकायत के बाद बहरी थाना पुलिस ने जांच तेज करते हुए तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस टीम शिकायत की तस्दीक के लिए मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर राजेन्द्र बहादुर सिंह, राजपति सिंह और गिब्सन थोमस के खिलाफ मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3 एवं 5 के तहत अपराध दर्ज किया गया।

    बतादें कि मामला आज 19 सितंबर का है। फरियादी ने बहरी थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि तीनों लोगों द्वारा कथित तौर पर प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास किया जा रहा था। शिकायत मिलते ही बहरी थाना प्रभारी राजेश पाण्डेय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर पहुंचकर स्थिति की जांच की और जांच के दौरान पुलिस ने मौके से प्रचार-प्रसार में इस्तेमाल की जा रही सामग्री जब्त की।

    पुलिस ने जब्त सामग्री और मौके से मिले तथ्यों को विवेचना का हिस्सा बनाया है। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के पीछे वास्तविक तथ्य क्या हैं और मामले में अन्य कोई व्यक्ति या गतिविधि सामने आती है या नहीं। हरी थाना प्रभारी राजेश पाण्डेय ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। 

  • फरक्का जल संधि पर भारत का बड़ा फैसला संभव, दिसंबर 2026 में खत्म हो रहा समझौता

    फरक्का जल संधि पर भारत का बड़ा फैसला संभव, दिसंबर 2026 में खत्म हो रहा समझौता

    नई दिल्ली
    पाकिस्तान के बाद अब बांग्लादेश को भी जल का मुद्दा भारी पड़ सकता है। इस साल के आखिर में पूरी हो रही फरक्का जल संधि को भारत अपने हितों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ा सकता है। इससे पड़ोसी को दिक्कत हो सकती हैं। दरअसल, भारत की नीति पड़ोसी देशों के साथ समन्वय की रही है, लेकिन कई देशों की राजनीति ने अक्सर भारत के लिए दिक्कतें खड़ी की हैं। इनमें बांग्लादेश भी शामिल है, जिसने कई मुद्दों पर टकराव की स्थिति पैदा की है।

    तड़प रहा है पाकिस्तान
    ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौता स्थगित कर दिया था। इसके बाद से पाक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गुहार लगा रहा है। वहीं, अब बांग्लादेश का भारत के प्रति रुख रक्षात्मकहै। इसकी वजह फरक्का जल संधि है। गंगा पर भारत, बांग्लादेश के बीच यह संधि बेहद खास है। संधि पर 12 दिसंबर, 1996 को हस्ताक्षर हुए थे, जो एक जनवरी से 31 मई के दौरान फरक्का बैराज से गंगाजल का वितरण तय करती है। यह संधि दिसंबर 2026 में खत्म हो रही है। अब भारत पर निर्भर है कि वह इसे कैसे आगे बढ़ाएगा, क्योंकि बिहार में इस संधि का विरोध हो रहा है।

    बिहार बाढ़ और सूखा दोनों झेल रहा
    बिहार सरकार और भाजपा की सहयोगी जेडीयू का तर्क है कि फरक्का बैराज की वजह से गंगा में गाद जमा हो गई है, जिससे नदी का तल ऊंचा हो गया है। इससे मानसून में बिहार में बाढ़ का खतरा रहता है। गर्मियों में जलस्तर घटने से जल की कमी का सामना करना पड़ता है। जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा का कहना है कि संधि खत्म होने के बाद बिहार सहित गंगा बेसिन के राज्यों की वर्ष 2050 तक की जल की जरूरतों का आकलन कर नई व्यवस्था बनाई जाए। संसद के मानसून सत्र में यह मुद्दा उठा था। तब विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा था कि सरकार बिहार की जरूरतों-चिंताओं को ध्यान में रखते हुए सही फैसला लेगी।

    जदयू के प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले कई वर्षों से गाद प्रबंधन, फरक्का बराज, गंगा की अविरलता और बिहार के जल अधिकारों का मुद्दा उठाते रहे हैं। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा की ओर से हाल में राज्यसभा में फरक्का जल संधि के नवीनीकरण के विरोध में दिए गए बयान के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में आया है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार गंगा में गाद के जमाव को बिहार में बाढ़ की गंभीर समस्या के प्रमुख कारणों में एक मानते रहे हैं। गाद के कारण नदी की जलधारण क्षमता और प्रवाह की गहराई घटती है, जिससे अधिक पानी आने पर नदी के आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि श्री कुमार ने अगस्त 2016 में भी स्पष्ट किया था कि गाद प्रबंधन की समस्या का समाधान किए बिना नमामि गंगे जैसी योजनाओं का उद्देश्य पूरी तरह हासिल नहीं किया जा सकता।

  • दुर्ग में अवैध कीटनाशक बनाते-बेचते आरोपी पकड़े गए, कृषि टीम ने की कार्रवाई

    दुर्ग में अवैध कीटनाशक बनाते-बेचते आरोपी पकड़े गए, कृषि टीम ने की कार्रवाई

    दुर्ग.

    जिले में फिर अवैध कीटनाशक निर्माण का मामला पकड़ में आया आया है। कृषि विभाग की टीम ने दुर्ग के गंजपारा में अवैध कीटनाशक निर्माण के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। महीने भर पहले ग्राम अमलेश्वर में भी करोड़ों के कीटनाशक का अवैध भंडारण पकड़ा गया था इसमें अवैध निर्माण की आशंका को लेकर विभाग ने मामले में नोटिस भी जारी किया था।

    उपसंचालक कृषि संदीप कोई के अनुसार कृषि विभाग की टीम ने जांच के दौरान बिना स्रोत लाइसेंस के एक कृषि केन्द्र में कीटनाशकों का विक्रय करना पाया था। इस पर उक्त कीटनाशक कहां से क्रय किया इसका पता लगाने विभाग की टीम लगाई तो पता चला निर्माणकर्ता इसकी रायपुर से विक्रय कर बिल में डोंगरगढ़ से मार्केटिंग करने का उल्लेख था। बाद में विभाग ने तह तक जाकर जांच की तो पता चला उक्त कीटनाशक का अवैध रूप से निर्माण गंजपारा दुर्ग में किया जा रहा है।

    कृषि विभाग की टीम द्वारा मामले में प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। यहां यह बताना लाजिमी है पूर्व में भी विभाग की काईवाई रायपुर नाका क्षेत्र अवैध कीटनाशक निर्माण को लेकर कार्रवाई हुई थी। वहीं 8 एवं 9 अगस्त को पाटन विकासखंड के ग्राम अमलेश्वर में कृषि विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये के कीटनाशकों एवं जैव उत्प्रेरकों के अवैध भंडारण और विक्रय का मामला पकड़ा था।

    दो दिनों तक चली कार्रवाई में दो कंपनियों के अलग- अलग गोदामों से 50 से अधिक प्रकार के करीब 9 हजार 50 लीटर कीटनाशक तथा 4 हजार 56 किलो जैव उत्प्रेरक एवं संबंधित सामग्री जब्त की गई थी। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में अवसान तिथि के बाद की सामग्री, खाली कंटेनर, इस्तेमाल किए गए बोरे और 34 बोरी खाली रैपर भी बरामद हुए थे। उपसंचालक कृषि का कहना कि विभाग की टीम लगातार जांच की कार्रवाई कर रही है।