भोपाल
उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार के मुख्य आतिथ्य में "सेवा संकल्प अभियान" के अंतर्गत शाजापुर जिले के शुजालपुर के फ्रीगंज राघवगंज आंगनवाड़ी केंद्र 20/1 में “आंगन मिलन” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत रूप से दीप प्रज्ज्वलन एवं कन्या पूजन के साथ किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थितजनों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के "मन की बात" कार्यक्रम के 138वें संस्करण एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उद्बोधन का एलईडी के माध्यम से सीधा प्रसारण हुआ।
कार्यक्रम में मंत्री परमार ने आंगनवाड़ी केंद्र में उपस्थित नन्हे-मुन्ने बच्चों एवं माताओं के साथ आत्मीय संवाद किया। इस दौरान मंत्री परमार ने माताओं एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा एवं दैनिक गतिविधियों के संबंध में जानकारी भी ली। मंत्री परमार ने बच्चों के साथ समय बिताया तथा उनकी गतिविधियों में सहभागिता की। इस दौरान बच्चों की मासूमियत और उत्साह ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। बच्चो को खिलोने की किट वितरित की गई ।
मंत्री परमार ने कहा कि बच्चे हमारे समाज और राष्ट्र का भविष्य हैं। उनके स्वस्थ शरीर, संस्कारित मन और उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रारंभिक वर्षों में विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यहां बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और संस्कारों से जोड़ने का कार्य किया जाता है।
मंत्री परमार ने कहा कि आंगनवाड़ी केवल बच्चों की देखभाल और पोषण का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने वाला महत्वपूर्ण केंद्र है। बच्चों के सर्वांगीण विकास में परिवार के साथ समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। जब समाज संवेदनशील होकर बच्चों और माताओं के साथ खड़ा होता है, तो सेवा की भावना और अधिक मजबूत होती है।
मंत्री परमार ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचकर सेवा और सहभागिता की भावना को मजबूत करने का प्रयास है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक संवेदना और सहयोग पहुंचाना तथा जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना ही सेवा का वास्तविक उद्देश्य है।
मंत्री परमार ने माताओं से भी बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य को लेकर जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए पौष्टिक आहार, स्वच्छता, नियमित स्वास्थ्य देखभाल तथा अच्छे संस्कार अत्यंत आवश्यक हैं। बच्चों के प्रारंभिक विकास में माता-पिता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने केंद्र में संचालित गतिविधियों तथा बच्चों के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उपस्थित माताओं ने भी बच्चों से जुड़े विषयों पर संवाद किया। कार्यक्रम में बच्चों के साथ आत्मीय वातावरण में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं, जिसमें सभी ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय त्रिपाठी ने बताया कि “आंगन मिलन” कार्यक्रम का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों से जनभागीदारी को जोड़ना, बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा माताओं और बच्चों के साथ आत्मीय संवाद के माध्यम से सेवा एवं संवेदना की भावना को मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम में बच्चों की मुस्कान और माताओं के स्नेह के बीच सेवा के संकल्प को दोहराया गया। उपस्थितजनों ने कहा कि समाज के नन्हे बच्चों के स्वस्थ, संस्कारित और उज्ज्वल भविष्य के लिए ऐसे आयोजन जनभागीदारी को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने समाज के प्रबुद्धजनों से आंगनवाडी केन्द्रों को गोद लेने के लिये आहवान किया। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा दीदी का भी सम्मान किया गया।
सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से बच्चों के चेहरे पर मुस्कान, माताओं के मन में विश्वास और प्रत्येक आंगन में खुशहाली का संकल्प निरंतर आगे बढ़ाने की भावना कार्यक्रम में देखने को मिली। इस अवसर पर जिले का नवाचार "घर में पकायेगे घर का खायेंगे" अंतर्गत पोषण प्रदर्शनी लगाई गई एवं स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया जिसका मत्री एवं अतिथियों द्वारा अवलोकन किया गया।
कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष शुजालपुर बबीता परमार, डॉ. रवि पांडे, सेवा संकल्प अभियान जिला प्रभारी नरेन्द्र सिंह यादव, देवेन्द्र सिसोदिया, देवेन्द्र तिवारी, अंजू खत्री, युवराज रामडिया, योगेश शिवहरे, अनुविभागीय अधिकारी शुजालपुर अंकिता पाटकर, प्रभारी परियोजना अधिकारी शुजालपुर ममता परमार सहित जनप्रतिनिधिगण, पार्षदगण एवं गणमान्य नागरिक, महिलाऐं, बच्चे उपस्थित रहे।
















