मनेन्द्रगढ़

नशा मुक्त भारत अभियान के तहत चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए वार्ड क्रमांक 28 में 15 बेड के अत्याधुनिक नशा मुक्ति केंद्र का भव्य शुभारंभ किया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा स्थापित यह केंद्र नशा पीड़ित व्यक्तियों के उपचार, काउंसलिंग और पुनर्वास के लिए समर्पित रहेगा। इस पहल को समाज में बढ़ते नशे के दुष्प्रभावों के खिलाफ एक मजबूत और दूरदर्शी कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल शामिल हुए। उनके साथ चिरमिरी महापौर रामनरेश राय, समाज कल्याण विभाग के संचालक प्रभाकर कुमार द्विवेदी, उपसंचालक अंजना बैग और केंद्र के अधीक्षक अंकित खटीक सहित अनेक जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद अतिथियों ने नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण कर इसकी सुविधाओं का अवलोकन किया।
अपने संबोधन में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह केंद्र केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि समाज को नई दिशा देने वाला अभियान है। उन्होंने कहा कि नशा एक ऐसी सामाजिक बुराई है, जो व्यक्ति के साथ-साथ पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करती है। खासतौर पर युवाओं के भविष्य को यह बुरी तरह प्रभावित करता है।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा को खेल, शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार जैसे सकारात्मक कार्यों में लगाएं। उन्होंने कहा कि नशा किसी समस्या का समाधान नहीं, बल्कि समस्याओं को और गंभीर बना देता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महापौर रामनरेश राय ने कहा कि यह केंद्र नगर निगम क्षेत्र में नशा मुक्त वातावरण बनाने में अहम भूमिका निभाएगा और जागरूकता अभियानों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जाएगा।
इस अवसर पर विभिन्न वार्डों के पार्षद, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी ने नशा मुक्ति का संकल्प लिया और समाज को नशे से मुक्त बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। इस नशा मुक्ति केंद्र के शुरू होने से चिरमिरी और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को अब बेहतर उपचार, परामर्श और पुनर्वास की सुविधा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगी, जिससे नशा मुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण को नई गति मिलेगी।