नई दिल्ली
राष्ट्रपति चुनाव में जीत दर्ज करने वाली द्रौपदी मुर्मू को यशवंत सिन्हा ने जीत की बधाई दी है. विपक्ष की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने कहा कि देश के नागरिकों के साथ मैं भी द्रौपदी मुर्मू को उनकी जीत पर बधाई देता हूं. यशवंत सिन्हा ने कहा कि पूरा देश उम्मीद करता है कि गणतंत्र के 15वें राष्ट्रपति के रूप में द्रौपदी मुर्मू बिना किसी भय या पक्षपात के संविधान के संरक्षक के रूप में कार्य करेंगी.

यशवंत सिन्हा ने कहा कि मैं राष्ट्रपति चुनाव 2022 में उनकी जीत पर द्रौपदी मुर्मू को दिल से बधाई देता हूं. मुझे उम्मीद है कि वास्तव में हर भारतीय उम्मीद है कि 15 वें राष्ट्रपति के रूप में वह बिना किसी डर या पक्षपात के संविधान के संरक्षक के रूप में काम करेंगी. मैं देशवासियों के साथ उन्हें शुभकामनाएं देता हूं.

सिन्हा ने कहा कि इस चुनाव में मुझे अपने सर्वसम्मति के उम्मीदवार के रूप में चुनने के लिए मैं विपक्षी राजनीतिक दलों के नेताओं का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं. मैं इलेक्टोरल कॉलेज के सभी सदस्यों को भी धन्यवाद देता हूं जिन्होंने मुझे वोट दिया। मैंने विपक्षी दलों के प्रस्ताव को पूरी तरह से भगवद गीता में भगवान कृष्ण द्वारा प्रचारित कर्म योग के दर्शन को मानते हुए कि फल की उम्मीद के बिना अपना कर्तव्य करो. मैंने अपने देश के प्रति अपने प्रेम के कारण ईमानदारी से अपना कर्तव्य निभाया है. मैंने अपने अभियान के दौरान जो मुद्दे उठाए थे, वे प्रासंगिक हैं.
 

यशवंत सिन्हा ने कहा कि चुनाव के परिणाम के बावजूद मेरा मानना है कि राष्ट्रपति चुनाव ने भारतीय लोकतंत्र को 2 महत्वपूर्ण तरीकों से लाभान्वित किया है. सबसे पहले इसने अधिकांश विपक्षी दलों को एक साझा मंच पर लाया. यह वास्तव में समय की आवश्यकता है और मैं उनसे राष्ट्रपति चुनाव से परे विपक्षी एकता जारी रखने की अपील करता हूं.

सिन्हा ने कहा कि दूसरा लाभ ये है कि अपने चुनाव अभियान के दौरान मैंने देश और आम लोगों के सामने प्रमुख मुद्दों पर विपक्ष के विचारों और चिंताओं को उजागर करने का प्रयास किया. विशेष रूप से मैंने ईडी, सीबीआई, आईटी और यहां तक कि राज्यपाल के कार्यालय के खुले और बड़े पैमाने पर इस्तेमाल पर कड़ी चिंता व्यक्त की.