भोपाल

राजधानी में आधी रात से अभी तक हो रही जोरदार बारिश से शहर की 250 से अधिक कालोनियों में पानी भर गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अभी और बारिश होगी, यदि लगातार और तेज बारिश होती है तो शहर में समस्या विकराल हो जायेगी। क्योंकि, राजधानी होने और कई योजनाएं होने के बाद 75 प्रतिशत इलाके ऐसे हैं जहां बारिश के पानी निकलने का पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। क्येंकिं नाले जहां अतिक्रमण की जद में हैं तो वहीं सीवेज सिस्टम फेल हो गया है। जबकि, इन पर करोड़ों रुपए खर्च हो गये हैं।

इन इलाकों में ज्यादा परेशानी

बैरागढ, होशंगाबाद रोड, सिंधी कॉलोनी, कोहेफिजा, भोपाल टॉकीज, आकृति इको सिटी, लालघाटी गुफा मंदिर रोड, अयोध्या नगर, करोंद बाणगंगा रोड, बोर्ड आॅफिस चौराहा से ज्योति टॉकीज के बीच, लिंक रोड नंबर एक पर व्यापमं चौराहा, सेंट मेरी स्कूल के सामने और चिनार पार्क के बीच सडकों पर और वार्ड- 39 की ऐशबाग हाउिसंग बोर्ड कॉलोनी केऔर रायसेन रोड, नेहरू नगर, शहर के चारों तरफ के इन इलाकों की 200 से ज्यादा कॉलोनियों में पानी भरा हुआ है। कोलार के सभी निचले इलाकों में पानी  भर गया है। कुल मिलाकर शहर की वे कालोनियां जिनकी बसाहट उँची है, वही जल भराव से बची हैं। शेष कालोनियों में पानी भरने की समस्या सामने आई है। छोला के शिवनगर में तो कई घरों में तक पानी भर गया। निचले यानि कि झुग्गी क्ष्ेत्रोंं में पानी और कीचड़ ने निकलना मुश्किल कर दिया है।

कोलार सड़कों पर कीचड़ बना आफत

बारिश के होते ही कोलार की 3 लाख आबादी के लिए कीचड़ आफत बन गई है। ललिता नगर, अंकित परिसर समेत अन्य अंदुरुनी कॉलोनियों में कीचड़ के कारण सड़क पर राहगीरों को चलना मुश्किल हो गया है। क्षेत्र में सबसे ज्यादा खराब सड़कें उक्त वार्ड 83 में आती है। जिनकी खुदाई के बाद न निर्माण हुआ और न रेस्टोरेशन। ज्ञात हो कि पूरे कोलार में पहले केरवा प्रोजेक्ट और इसके बाद सीवेज नेटवर्क बिछाने के लिए सड़कों को खोदा गया था। सड़कों को खोदने के बाद उनकी मरम्मत नहीं की गई। इस वजह से कोलार की 70 फीसदी सड़कें आज भी उधड़ी हुई हैं। जिनमें बारिश के बाद बहताशहा कीचड़ होता है।  

कोलार में वार्ड 81, वार्ड 82, वार्ड 83 और वार्ड 84 की अंदुरुनी कॉलोनियों की सड़कें कीचड़ से पटी हुई है। उक्त चारों वार्ड की सड़कों पर पग-पग पर कीचड़ मिलता है। रहवासी कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन बीते 5 साल से शिकायतों पर सुनवाई नहीं हुई।  कोलार में अंदुरुनी कॉलोनियों की सड़कें पहले से ही खराब हैं। मेन रोड की बात करें तो सीआई तिराहे से लेकर बैरागढ़ चीचली तक सड़क बेहद खराब है। इधर से निकले वाले वाहन आए दिन अनियंत्रित होते हैं। कीचड़ में फिसल कर कई बार लोगों को गंभीर चोट लगी है।

गरज चमक से बरसे बदरा, 24 घंटों में पांच इंच

राजधानी में अब मानसून पूरी तरह से अपने मूड में आ गया है।  बंगाल की खाड़ी के ओडिशा कोस्ट में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अलावा अलग-अलग स्थानों पर भी तीन मौसम प्रणालियां सक्रिय होने से आज सुबह तक राजधानी में करीब पांच इंच  (46.4 एमएम) बारिश दर्ज की गई। इससे निचली बस्तियों में जलभराव होने से अफरातफरी मच गई  है।

चलेगा भारी वर्षा का दौर
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक राजधानी और उसके आसपास  नर्मदापुरम, जबलपुर एवं शहडोल संभागों के जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन संभागों के जिलों में मध्यम वर्षा हो सकती है।

जारी है नमी का सिलसिला
 वर्तमान में मानसून ट्रफ गुना, जबलपुर से होकर गुजर रही है। ओडिशा में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इस वजह से बंगाल की खाड़ी से बड़े पैमाने पर नमी आने का सिलसिला बना हुआ है। आज सुबह शहर का अधिकतम तापमान 32.3    डिग्री और न्यूनतम 22.0 डिग्री दर्ज किया गया।  अगले 24 घंटों के बारे में मौसम विभाग का अनुमान है कि  आसमान में बादल छाये रहेंगे और गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।