शाह, जयशंकर समेत केंद्र में नई सरकार के विभिन्न मंत्रियों ने कार्यभार संभाला

खुद को काम में झोंकने की प्रवृत्ति हमारे लिए सामान्य होनी चाहिए: अभिनेत्री-सांसद कंगना रनौत

संख्या बल के आधार पर एक-दूसरे को नीचा दिखाने की जरूरत नहीं: संसदीय कार्यमंत्री रीजीजू

नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीसरी मंत्रिपरिषद में शामिल किए गए मंत्रियों में अमित शाह, डॉ. एस जयशंकर, किरन रिजिजू और सर्बानंद सोनोवाल समेत विभिन्न मंत्रियों ने अपने-अपने कार्यभार संभाल लिए हैं।
अमित शाह समेत कई मंत्रियों ने मंगलवार को कार्यभार संभालने के बाद अपने विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें कीं।
आज कार्यभार ग्रहण करने वाले मंत्रियों में जगत प्रकाश नड्डा, मनोहर लाल, अर्जुन राम मेघवाल, ज्योतिरादित्य सिंधिया, शिवराज सिंह चौहान, गिरिराज सिंह और अश्विनी वैष्णव भी शामिल हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रधानमंत्री की सिफारिश पर कल नई सरकार के मंत्रियों के विभागों की अधिसूचना जारी की। रविवार को प्रधानमंत्री, उनकी सरकार के 30 नए कैबिनेट मंत्रियों, पांच राज्य मंत्रियों (स्वतंत्र प्रभार) और 36 राज्य मंत्रियों को शपथ दिलायी गयी थी।
शाह ने लगातार दूसरी बार केन्द्रीय गृह मंत्री का कार्यभार संभाला है।
शाह गृह मंत्रालय के नार्थ ब्लॉक स्थित कार्यालय में कार्यभार संभालने से पहले सुबह साढे दस बजे यहां चाणक्यपुरी स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक गये। उन्होंने वहां शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके साथ गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और गृह सचिव अजय कुमार भल्ला भी थे।
नड्डा को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय का कार्यभार भी संभाला।
विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने आज विदेश मंत्रालय का कार्यभार संभाला। उन्होंने मंत्रालय में पहली बार राज्य मंत्री का पदभार संभालने वाले गोंडा (उत्तर प्रदेश) के सांसद कीर्तिवर्धन सिंह तथा पवित्र मार्ग़ेरीटा का मंत्रालय में स्वागत किया। मार्गेरीटा को कपड़ा मंत्रालय में राज्य मंत्री की भी जिम्मेदारी दी गयी है।
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने अपना कार्यभार संभालने के बाद कहा कि देशवासियों ने चुनाव के माध्यम से सत्ता पक्ष तथा विपक्ष की भूमिका तय कर दी है। उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री के तौर पर उनकी कोशिश रहेगी कि विपक्ष को साथ लेकर संसद को सुचारू रूप से चलाया जाये।
सोनोवाल को पुन: बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय विभाग दिया गया है। उन्होंने मंत्रालय का कार्यभार संभाला और अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा जनता की सेवा की सोच के साथ मंत्रालय के लक्ष्य एवं उद्देश्यों को पूरा करने के प्रति टीम भावना से काम करने पर बल दिया।
शिवराज सिंह चौहान ने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय तथा ग्रामीण विकास मंत्रालय, अर्जुन राम मेघवाल ने कानून मंत्री (स्वतंत्र प्रभाव) एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री, माधवराव सिंधिया ने दूरसंचार मंत्री, अश्विन वैष्णव ने रेल और सूचना प्रसारण मंत्री, मनोहर लाल ने शहरी विकास एवं बिजली मंत्री, प्रताप राव गणपत राव जाधव और श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने स्वास्थ्य मंत्रालय में राज्य मंत्री तथा एल मुरुगन ने संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री का पदभार संभाला।
कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने संस्कृति मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद अधिकारियों को संबोधित किया।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री बनाए गए डा मनसुख मंडाविया और इसी मंत्रालय में राज्य मंत्री शोभा करांदलाजे ने भी कार्य भार सभाल लिया है।
गिरिराज सिंह ने कपड़ा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली है।
कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डा जितेंद्र सिंह ने भी अपने कार्यालय में जा कर कार्यभार ग्रहण किया और कुछ पत्रावलियों पर हस्ताक्षर किए।

 

खुद को काम में झोंकने की प्रवृत्ति हमारे लिए सामान्य होनी चाहिए: अभिनेत्री-सांसद कंगना रनौत

अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद कंगना रनौत ने मंगलवार को ‘खुद को काम में झोंक देने की प्रवृत्ति’ को सामान्य बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि भारतीय आलसी नहीं हो सकते, क्योंकि देश को अभी विकसित राष्ट्र बनाना है।

कंगना रनौत ने ‘इंस्टाग्राम स्टोरी’ में अपने विचार साझा किए, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सोमवार को अपना तीसरा कार्यकाल शुरू करने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के कर्मियों को दिए गए संबोधन का एक वीडियो क्लिप पोस्ट किया।

इस वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी को कहते सुना जा सकता है, ‘मेरा हर क्षण देश के लिए है।’ मोदी ने कहा कि उन्होंने 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए चौबीस घंटे काम करने का वादा किया है।

अपने पोस्ट में कंगना रनौत ने कहा कि ‘वीकेंड’ (सप्ताहांत) की अवधारणा कुछ और नहीं बल्कि ‘पश्चिमी मानसिकता’ है।

अपनी पोस्ट के कैप्शन में कंगना ने लिखा, ‘हमें जुनूनी कार्य संस्कृति को सामान्य रूप से अपनाना होगा और सप्ताहांत का इंतजार करना तथा सोमवार के बारे में ‘मीम’ को लेकर शिकायत करना रोकना होगा। यह सब पश्चिमी मानसिकता वाले लोगों का छलावा है। हम अभी तक विकसित राष्ट्र नहीं हैं, और हम काम को लेकर बिल्कुल भी आलसी नहीं हो सकते।’

बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और लंबे समय से मोदी समर्थक रहीं रनौत हिमाचल प्रदेश के मंडी से पहली बार लोकसभा चुनाव जीती हैं। उन्होंने छह बार मुख्यमंत्री रह चुके वीरभद्र सिंह और राज्य कांग्रेस प्रमुख प्रतिभा सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह को हराया है।

 

संख्या बल के आधार पर एक-दूसरे को नीचा दिखाने की जरूरत नहीं: संसदीय कार्यमंत्री रीजीजू

 केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने मंगलवार को कहा कि वह संसद की कार्यवाही के सुचारू संचालन के लिए सभी को साथ लेकर चलने की पूरी कोशिश करेंगे। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संख्या बल के आधार पर संसद में एक-दूसरे को नीचा दिखाने की जरूरत नहीं होनी चाहिए।

रीजीजू ने अपने पूर्ववर्ती प्रह्लाद जोशी और राज्य मंत्रियों अर्जुन राम मेघवाल और एल मुरुगन की मौजूदगी में संसदीय कार्य मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा, ‘‘हमें संख्या बल के आधार पर एक-दूसरे को नीचा दिखाने की जरूरत नहीं है। लोग संसद के बाहर बाहुबल का इस्तेमाल करते हैं लेकिन सदन के अंदर हमें अच्छी बहस करनी चाहिए और मुखरता से अपनी बात रखनी चाहिए।’’

रीजीजू ने सभी राजनीतिक दलों से संसद की गरिमा बनाए रखने में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यहां सकारात्मक भाव से आया हूं। हम सभी को साथ लेकर चलने और संसद चलाने का पूरा प्रयास करेंगे।’’