मुंबई
 महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बुधवार रात राजभवन में राज्य के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। राजभवन के सूत्रों ने बताया कि राज्यपाल ने ठाकरे का इस्तीफा स्वीकार कर लिया और उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था होने तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहने को कहा।

ठाकरे मर्सिडीज कार चलाते हुए राजभवन पहुंचे। ठाकरे के साथ उनके बेटे आदित्य और तेजस के साथ-साथ शिवसेना नेता नीलम गोरहे और अरविंद सावंत व अन्य लोग भी थे। ठाकरे रात 11 बजकर 44 मिनट पर राजभवन में राज्यपाल कोश्यारी से मिले। ठाकरे के साथ पहुंचे शिवसेना कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले के राजभवन पहुंचने पर नारेबाजी की। बाद में ठाकरे उपनगरीय बांद्रा स्थित अपने आवास 'मातोश्री' लौट गए।

राज्य की भाजपा इकाई ने अपने सभी विधायकों को मुंबई में एकत्रित होने को कहा है। महाराष्ट्र विधानसभा में मुख्य विपक्षी पार्टी होने के नाते भाजपा के अगले कदम के बारे में पूछे जाने पर पाटिल ने कहा, 'अगला कदम फडणवीस और एकनाथ शिंदे तय करेंगे।'

उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को जीत के समय संयम बरतना चाहिए। फडणवीस ने कहा, 'मैं पार्टी का रुख कल पक्के तौर पर बताऊंगा।' सूत्रों ने बताया कि बुधवार और बृहस्पतिवार की दरम्यानी रात को फडणवीस के आधिकारिक आवास पर अगले दौर की बैठक हो सकती है।

सूत्रों के मुताबिक, अब उद्धव के इस्पीफे के बाद भाजपा के देवेंद्र फडणवीस सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं. शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे जिन्होंने इस सियासी संकट की शुरुआत की, वो डिप्टी सीएम बन सकते हैं.

ऐसी चर्चा पहले से ही थी कि अगर सुप्रीम कोर्ट का फैसला शिवसेना के पक्ष में नहीं जाता है तो उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं. बुधवार शाम को हुई महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक में अटकलों को हवा दी गई, जहां सरकार ने तीन शहरों का नाम बदल दिया और ठाकरे ने औपचारिक रूप से मंत्रियों को सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया.

ठाकरे ने फेसबुक पर लाइव आकर इस्तीफे का ऐलान करते हुए कहा, 'जिन लोगों को हमने बढ़ा किया, और बनाया, उन्होंने हमारे साथ धोखा किया. मैं अप्रत्याशित रूप से सत्ता में आया और मैं इसी तरह से बाहर निकल रहा हूं. शिवसेना एक परिवार है, इसे टूटने नहीं देंगे. मैं कहीं नहीं जा रहा.'