भोपाल
प्रदेश के 1317 यूजी कॉलेजों में प्रवेश लेने के लिए विद्यार्थी दो से तीन विषयों में दांव लगा रहे हैं। वे मेडिकल, इंजीनियरिंग, फार्मेसी, लॉ सहित अन्य प्रोफेशनल कोर्स में प्रवेश लेने यूजी की सीटों को ब्लाक कर रहे हैं। अभी तक दो लाख चार हजार विद्यार्थियों ने अपनी सीटें पर प्रवेश लिए हैं। अभी भी करीब चार लाख सीटें रिक्त हैं।  

मेडिकल, इंजीनियरिंग, फार्मेसी, लॉ सहित अन्य प्रोफेशनल कोर्स में प्रवेश लेने के लिए विद्यार्थियों ने नीट, जेईई मैंस, क्लेट सहित अन्य प्रवेश परीक्षाएं होना शेष है। प्रोफेशनल कोर्स की काउंसलिंग का कार्यक्रम ही तय नहीं हुआ है।

उन्हें भय है कि उन्हें प्रोफेशनल कोर्स में प्रवेश नहीं मिलता, तो वे उच्च शिक्षा विभाग के बेहतर कॉलेज में भी प्रवेश लेने से वंचित रह जाएंगे। इसलिए उन्होंने यूजी की सीटों को ब्लॉक करना शुरू कर दिया है। यही कारण है कि अभी तक दो लाख विद्यार्थियों का प्रवेश हुआ है। प्रवेश प्रक्रिया में बने रहने के लिए प्रथम काउंसलिंग के बाद प्रथम और द्वितीय सीएलसी में अपनी पसंद की सीट पर अलॉटमेंट मिलने के बाद विद्यार्थियों ने प्रवेश लेना उचित नहीं समझा। अभी तक करीब एक लाख 50 हजार विद्यार्थी ऐसे थे, जिन्हें प्रथम च्वाइस के हिसाब से कॉलेज आवंटित किए गए थे।
 
उन्होंने अब अंतिम राउंड में भी दांव लगा दिया है। इसके तहत विभाग ने उन्हें अलॉटमेंट भी कर दिया है। प्राचार्यों को विभाग ने डाटा मिलने के बाद अंतिम सीएलसी की मेरिट 11 जुलाई को जारी करेंगे। विद्यार्थी 13 जुलाई तक प्रवेश ले पाएंगे, जिसके बाद प्रवेश प्रक्रिया पर विराम लगा दिया जाएगा और कॉलेजों में पढाई शुरू हो जाएगी।  

नहीं मिलना चाहिए प्रवेश
शिक्षाविदों का कहना है कि सीटों को ब्लाक करने वाले विद्यार्थियों पर विभाग को कार्रवाई करना चाहिए। क्योंकि उनके कारण दूसरे विद्यार्थी प्रवेश से वंचित बने रहते हैं। वे मेरिट में अपना स्थान नहीं बना पाते हैं। प्रथम राउंड में प्रथम च्वाइस पर प्रवेश नहीं लेने पर उन्हें काउंसलिंग से ही बाहर करना देना चाहिए। उन्हें सीएलसी के आखिरी राउंड में सप्लीमेंट्री विद्यार्थियों के साथ प्रवेश देने की व्यवस्था करना चाहिए। इससे प्रवेश को बेसब्र विद्यार्थी अपने पसंदीदा कॉलेज में प्रवेश ले सकेंगे।

12 से शुरू होंगी आरजीपीवी की एग्जाम
भोपाल। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने बीटेक, बीफार्मा, एमबीए, एमटेक, एमफार्मा, एमसीए सहित अन्य परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी कर दिया है। ये परीक्षाएं 12 जुलाई से शुरू होंगी। यूजी और पीजी की उक्त परीक्षाओं में करीब 50 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे। आरजीपीवी ने परीक्षाओं को दो पालियों में कराने का निर्णय लिया है। पहली पाली में यूजी की परीक्षाएं होंगी, जिसका समय सुबह दस से दोपहर एक बजे तक तथा दूसरी पाली में पीजी की परीक्षाएं होंगी। उसका समय दोपहर दो से शाम पांच बजे तक चलेंगी।