दुर्ग
रविवार की अलसुबह तीन बजे के करीब दुर्ग रेलवे स्टेशन के यार्ड क्षेत्र में ट्रेन इंजन के शटिंग के दौरान एक-एक करके तीन इंजन पटरी से उतर गए। हालांकि कोई भी बड़ा हादसा नहीं हुआ क्योंकि ट्रेन की स्पीड कम थी। फिलहाल इंजन को हटाने का कार्य चल रहा हैं साथ ही जो तीन पोल क्षतिग्रस्त हुए थे उन्हें भी सुधारा जा रहा हैं।

दुर्ग रेलवे के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार रेलवे स्टेशन के यार्ड क्षेत्र में रात 3 बजे के करीब इंजन के शटिंग का कार्य चल रहा था। छह इंजन को एक साथ शंटिंग किया जा रहा था। इस दौरान ही प्वाइंट के पास पहुंचते ही इंजन एक-एक कर तीन इंजन पटरी से उतरते चले गए। ट्रेन ड्राइवर ने ब्रेक लगाने का प्रयास किया परंतु तब तक देरी हो चुकी थी। इंजन की स्पीड कम होने की वजह से बड़ा हादसा टल गया अन्यथा इंजन पलट भी सकता था। रेलवे अधिकारियों ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक तौर पर यह दुर्घटना मानवीय भूल से हुई या कोई तकनीकी खामी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। रविवार की सुबह मंडल रेल प्रबंधक श्याम सुंदर गुप्ता सहित अन्य आला अफसर भी मौके पर पहुंच गए थे। रेलवे का इंजीनियरिंग, मैकेनिकल, ओएचई विभाग का अमला मरम्मत कार्य में लगा हुआ था। दोपहर 12:00 बजे तक इंजन को पटरी पर नहीं लाया जा सका था। इस दौरान बारिश की वजह से भी कुछ देर तक मरम्मत कार्य प्रभावित रहा। बताया जाता है कि दुर्घटना में रेलवे की इलेक्ट्रिक लाइन के तीन पोल भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। दुर्घटना यार्ड क्षेत्र में होने की वजह से यात्री ट्रेनों अथवा मालगाड़ी के आवागमन पर कोई असर नहीं पड़ा है।