मुंह से बदबू आना, दांतों-मसूड़ों से खून आना, कमजोर होना, दांतों का पीलापन या दांतों में कीड़ा लगना। दांत-मसूड़ों से जुड़ी ऐसी आम समस्याएं हैं जिनसे आए दिन हर कोई परेशान रहता है। जाहिर है मुंह से जुड़ी कोई भी समस्या आपके लिए शर्मिंदगी का कारण बन सकती है।

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि बावजूद ओरल हाइजीन पर ध्यान देने के बावजूद अगर आप इन समस्याओं से पीड़ित रहते हैं, तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए। दांतों को सफेद कैसे करें? अगर तमाम तरह के पेस्ट यूज करने के बाद भी आपके दांत पीले और कमजोर हैं, तो आपको कुछ तरीका आजमाने चाहिए। इसके लिए आप बबूल का पौधा इस्तेमाल कर सकते हैं।

दांतों को सफेद करने के घरेलू उपाय क्या है? इसके लिए बबूल एक बढ़िया उपाय है। यह एक बेशकीमती आयुर्वेदिक पौधा है, जिसे कई औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। बबूल का पौधा भारत के शुष्क और रेतीले हिस्सों में पाया जाता है। यह मुख्य रूप से दांतों की सफाई के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके नियमित उपयोग से मसूड़ों, दांतों को मजबूत बनाने और प्लाक और सूजन को कम करने में मदद मिलती है।

बबूल मतलब पैसा वसूल
इस पौधे को कई अन्य नामों से भी पहचाना जाता है जैसे गोंद अरबी का पेड़, बबूल कीकर, मिस्र का कांटा, संत का पेड़, कांटेदार बबूल। बबूल के पेड़ की छाल, गोंद, पत्ते, बीज और फली में शक्तिशाली औषधीय गुण होते हैं। बबूल के पेड़ में एंटीबैक्टीरियल, एंटीहिस्टामिनिक, एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी हेमोस्टेटिक गुण पाए जाते हैं।

बबूल के पोषक तत्व
एक रिपोर्ट के अनुसार, बबूल विटामिन और मिनरल्स का एक बड़ा स्रोत है। बबूल में पोषक तत्वों के खजाने में आयरन, मैंगनीज, प्रोटीन, जिंक और वेलिन, हिस्टिडाइन, आइसोल्यूसीन, थ्रेओनीन, लाइसिन और ल्यूसीन सहित आवश्यक अमीनो एसिड शामिल हैं। बबूल की छाल और फली टैनिन और पॉलीफेनोलिक यौगिकों से भरपूर होती है। पौधे के गोंद में गैलेक्टोज, एल्डोबियो यूरोनिक एसिड और अरबिनोबायोस और मिनरल कैल्शियम और मैग्नीशियम सहित कई यौगिक होते हैं।

पीले दांतों को करता है सफेद और मजबूत
एक रिपोर्ट के अनुसार, टूथपेस्ट बनाने में बबूल के पेड़ का बड़े लेवल पर उपयोग किया जाता है। बबूल मौखिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। अगर आप अपने पीले दांतों से परेशान हैं या किसी तरह का इन्फेक्शन है, तो आपका इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

कैसे करें बबूल का इस्तेमाल
बबूल की फली और छिलके को जला लें और इसकी राख का उपयोग दांतों को ब्रश करने और दांत दर्द का इलाज करने के लिए करें। इसके अलावा इसकी कोमल टहनियों का उपयोग ब्रश के रूप में किया जा सकता है जो दांतों को मजबूत करता है और दांत या मसूड़े का संक्रमण ठीक करता है।

बबूल के अन्य फायदे
बबूल की छाल शीतल, कामोत्तेजक और कफनाशक प्रकृति की होती है। बबूल का गोंद भी गुणकारी, कफनाशक, विषनाशक, कामोत्तेजक और ज्वरनाशक प्रकृति का होता है। बबूल का पेड़ कफ और पित्त के उपचार में मूल्यवान है, गोंद वात, पित्त को शांत करता है। यह यूटीआई, दर्द और गर्भाशय के रक्तस्राव जैसी मूत्र संबंधी समस्याओं का भी इलाज करता है।